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पूर्वोत्तर भारत से निवेश को आकर्षित करता मध्यप्रदेश – विकास और अवसरों का संगम

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भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संकल्पबद्धता मध्यप्रदेश को देश के हर राज्य के निवेशक के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और अनंत अवसरों का केंद्र बना रही है। मध्यप्रदेश में निवेशकों को अब व्यापार के अवसर के साथ ही स्थायी विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी उन्नति का भी भरोसा मिलता है। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए एक अनूठा केंद्र बनाती है। मध्यप्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन सेक्टरों में निवेश केवल व्यवसाय का निर्णय नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्यप्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दृष्टिकोण भी है कि राज्य में निवेश करना न केवल लाभकारी हो साथ ही यह औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाए। राज्य बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को भी समान अवसर देता है। वन-स्टॉप निवेश सुविधा, क्लस्टर आधारित विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियां सुनिश्चित करती हैं कि निवेशक यहां तेजी से अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें और नए साझेदारी के अवसर हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम में निवेशकों से करेंगे वन टू वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को Royal Bhutanese Consulate के कांसुल जनरल  Jigme Thinlye Namgyal भी सेशन को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के संसाधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा।  

उद्योग और निवेश पर फोकस: 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में सीएम मोहन यादव का संवाद कार्यक्रम

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भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेश बढ़ाने के लिए अब उत्तर–पूर्व भारत की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। वे 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज में उत्तर–पूर्व के उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। इस सत्र में फार्मास्यूटिकल, चाय, सीमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और खाद्य प्रसंस्करण सहित कई क्षेत्रों के उद्योगपति भाग लेंगे। गुवाहाटी फार्मा उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां सन फार्मा, अल्केम और अजंता जैसी कंपनियां सक्रिय हैं। इसके अलावा सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, चाय उद्योग, पर्यटन, वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और कृषि–प्रसंस्करण के क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। डिब्रूगढ़ में ऑयल इंडिया का मुख्यालय और बीपीसीएल के बड़े प्रोजेक्ट हैं, तिनसुकिया चाय बागानों और लॉजिस्टिक्स का केंद्र है, जोरहाट चाय अनुसंधान का हब है, जबकि शिवसागर और नाज़िरा में ONGC की संपत्तियां हैं। नामरूप में असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड भी सक्रिय है। मध्य प्रदेश देगा बेहतर निवेश माहौल मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियां, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी इन क्षेत्रों के उद्योगपतियों को आकर्षित करने में सहायक होंगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह साझेदारी निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलेगी। गुवाहाटी के अलावा डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट, शिवसागर और नामरूप से प्रतिनिधि इस सत्र में शामिल होंगे। साथ ही शिलांग, अगरतला, आइजोल, इंफाल, कोहिमा और दीमापुर जैसे राज्यों से भी उद्योगपति भाग लेंगे। नई संभावनाओं की राह इस संवाद के जरिए मध्यप्रदेश और उत्तर–पूर्व दोनों क्षेत्रों के बीच भरोसे और साझेदारी की नई नींव रखी जाएगी। फार्मा, सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, पर्यटन और कृषि–प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग से नई संभावनाएं और रोजगार के अवसर सामने आएंगे। गुवाहाटी का यह इंटरैक्टिव सेशन 5 अक्टूबर को रेडिसन ब्लू होटल में होगा, जिसमें विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के प्रमुख निर्णयकर्ता और निवेशक मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री की यह पहल मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश का भरोसेमंद और प्रगतिशील गंतव्य बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी। 

पीला मोजेक से नुकसान झेल रहे किसानों को राहत, 13 जिलों में ₹653 करोड़ की मदद

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भोपाल  मध्य प्रदेश में पहली बार किसानों को सोयाबीन की फसल में पीला मोजेक रोग लगने से खराब हुई फसलों का भी मुआवजा मिला है. सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 13 जिलों के किसानों को 653 करोड़ रुपए की राहत राशि ट्रांसफर की है, इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज से राज्य में सोयाबीन भावांतर योजना भी शुरू हो गई है जिसका पैसा भी जल्द ही किसानों को मिलेगा, इसलिए सभी किसानों से उन्होंने भावांतर योजना के लिए पंजीयन कराने की सलाह दी है, वहीं उन्होंने राहत राशि ट्रांसफर करने के साथ ही प्रदेश के किसानों से संवाद भी किया है इससे पहले मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित किसानों के खातों में 653.34 करोड़ रुपए की राहत राशि जमा कराई। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद भी किया। सीएम यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सरकार हमेशा प्राथमिकता देती है। उन्होंने किसानों को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि जैसे सीमाओं पर जवान देश की रक्षा करते हैं, वैसे ही खेतों में किसान देशवासियों के लिए अनवरत मेहनत करते हैं। 13 जिलों के किसानों को दी राशि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 13 जिलों की 52 तहसीलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसान अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत राशि जिन जिलों के किसानों को दी गई है उनमें मंदसौर, विदिशा, सिवनी, बड़वानी, नीमच, रतलाम, दमोह, बुरहानपुर, मंडला, उज्जैन, खंडवा और शहडोल शामिल हैं। किसानों के लिए हमने वार-त्योहार नहीं देखा सीएम यादव ने कहा कि जो कहा है वह किया है और जो कहते हैं वह करते हैं। 6 जिलों में 322 करोड़ की राशि सोयाबीन फसल प्रभावित किसानों को बांटी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हमने वार देखा न त्योहार लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। मंदसौर के किसान बोले- दीवाली से पहले सरकार ने कराई दीवाली मंदसौर जिले के किसान रामदास बैरागी ने कहा कि सोयाबीन पीला मोजेक पर पहली बार चिंता की गई और राहत राशि सरकार और प्रशासन ने दिलाई है। सरकार ने ऐसा करके दीवाली से पहले दीवाली कराई है। रेखा देवी ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए दरियादिली दिखाई है। दीवाली के पहले सरकार ने किसानों की बल्ले बल्ले कर दी है। गरोठ निवासी ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार ने बुरे वक्त में मदद की है। 63 हजार रुपए मिले हैं। सुनीता शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए जो सोचा है, उसके लिए वे सीएम मोहन यादव का धन्यवाद करती हैं। रतलाम के किसानों को 171 करोड़ दिए, दस अक्टूबर को किसान सम्मेलन में जाएंगे सीएम रतलाम जिले के किसानों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 171 करोड़ रुपए रतलाम के किसानों को बांटे गए हैं। राजस्व मंत्री करन सिंह वर्मा ने कहा कि किसी भी जिले को एक बार में इतनी राशि पहली बार दी गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि वे 10 अक्टूबर को रतलाम आएंगे और वहां के किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। भाजपा विधायक राजेंद्र पांडेय ने कहा कि बीमा कंपनियों से भी किसानों को राशि सीएम दिला रहे हैं, इसलिए किसान खुश हैं। किसान प्रहलाद पाटीदार ने कहा कि दो बार सोयाबीन की फसल लगाई थी जो बारिश के कारण नष्ट हो गई है। अगले साल सोयाबीन के बीज के लिए भी पैसे नहीं हैं। इस पर सीएम यादव ने कहा कि फसल काटकर आने के पहले किसानों के पास पैसा भेजा है। किसान चरणदास ने कहा कि दीवाली के पहले राहत राशि दे दी है, इसके लिए वे सीएम का धन्यवाद करते हैं। कांग्रेस विरोध करने की तैयारी में थी, उनका मुंह बंद हो गया नीमच जिले के किसानों के साथ चर्चा के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस विरोध करने की तैयारी में थी, लेकिन सरकार ने समय पर राहत देकर कांग्रेसियों का मुंह बंद कर दिया है। अनावारी के आधार पर बीमा कंपनियों से राहत राशि दिलानी की मांग की गई। नीमच जिले को 119 करोड़ रुपए देने की जानकारी इस दौरान सीएम यादव ने दी। राकेश पाटीदार ने कहा कि किसानों को नई फसल के लिए सरकार ने राहत राशि देकर सहयोग किया है। शंभूलाल ने कहा कि राहत राशि देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर दे रहे हैं, इसके लिए किसानों की ट्रेक्टर के साथ रैली निकाली जाए। मंदसौर रतलाम संसदीय करोड़ को 600 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। बुरहानपुर में केले की फसल पर दिया मुआवजा विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर के एक किसान को 3.60 लाख रुपए मिला है। एक माह में ही मुआवजा प्राप्त हो गया है। किसान ने सीएम यादव का धन्यवाद किया। सीएम यादव ने कहा कि केले की फसल नहीं आ पा रही है तो केले के तने, शाखों का उपयोग कपड़े की फैक्ट्री में होगा। उज्जैन, विदिशा के किसान बोले, दशहरे पर मुख्यमंत्री ने दिवाली मनवाई उज्जैन जिले के किसान पवन सिंह और अन्य ने कहा कि दशहरे पर मुख्यमंत्री ने दिवाली मनवा दी। भावांतर के लिए आज से शुरू हुए पंजीयन को लेकर भी सीएम की कार्यशैली की सराहना की। विदिशा जिले के किसानों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बीजेपी की सरकार सदा ही किसानों का ध्यान रखती है। किसान भारत सिंह ने कहा कि किसान खुश हैं। सीएम ने पूछा कितने रुपए मिले, इस पर भारत सिंह ने कहा कि 90 हजार मिले हैं। मनोज सिंह ने कहा कि धान के 40 हजार रुपए मिले हैं। ऐसा लगता है कि सरकार साथ है और हाथ पकड़कर आगे लेकर जा रही है। सीएम यादव ने दमोह, अलीराजपुर, शहडोल, मंडला, बड़वानी समेत अन्य प्रभावित जिलों के किसानों से भी बात की।

गोबर से बने स्वदेशी दीयों की अभिनव सोच पर मुख्यमंत्री की मुहर, इंदौर में नवाचार को मिली सराहना

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में गोबर से स्वदेशी दीये बनाये जाने के नवाचार की सराहना की दीये बनाने की मशीन का किया अवलोकन और ली जानकारी इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर प्रवास के दौरान नेहरू पार्क में राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी में इंदौर में नवाचार के तहत गोबर से स्वदेशी दीये बनाने की मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने दीये बनाये जाने के संबंध में जानकारी ली और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के इंदौर के नवाचार की सराहना की। उल्लेखनीय है कि सेवा पखवाड़े के तहत स्वदेशी से खुशहाली लाने के लिये स्वदेशी अभियान को नई दिशा देते हुए इंदौर में कलेक्टर  शिवम वर्मा ने विशेष पहल की है। दीपावली और अन्य त्यौहारों के लिये इंदौर में पवित्र गाय के गोबर से दीये बनाये जाने का प्रकल्प शुरू किया गया है। इसके लिए नगर निगम की हातोद क्षेत्र स्थित गौशाला में दो मशीनें स्थापित की गई हैं, वहीं अगले कुछ दिनों में और मशीनें लगाई जाएंगी ताकि लाखों की संख्या में दीये समय पर तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुसार स्वदेशी अभियान को इस पहल से नई गति मिलेगी। इन दीयों की पैकिंग कर बाजार में भी उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर  वर्मा स्वयं इस अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को इस कार्य से जोड़ा है तथा पशुपालन विभाग, नगर निगम और जिला आपूर्ति नियंत्रक को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।  

इंदौर पुलिस का चेटबॉट लॉन्च, मुख्यमंत्री ने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर की शुरुआत

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर लांच किया इंदौर पुलिस का चेटबॉट इंदौर पुलिस ने बनाया एआई आधारित सायबर सेफ क्लिक चेटबॉट इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर नागरिकों की सुरक्षा और यातायात सुगमता के लिए इंदौर पुलिस द्वारा तैयार किये गए एआई बेस्ड चेटबॉट सेफ क्लिक को लांच किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर आधिकारिक रूप से नागरिकों के लिए यह सेवा प्रारम्भ की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर बचाव के लिए यह अत्याधुनिक तकनीक नागरिकों को सूचना देने और विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त करने में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। यह सेवा देने वाला मध्यप्रदेश में इंदौर पहला शहर है। अभी इंदौर पुलिस यातायात और सुरक्षा क्षेत्र में इस तकनीक का भी उपयोग करेगी।  आगे इस तकनीक को अन्य क्षेत्र में भी उपयोगी बनाया जाएगा। पुलिस कमिश्नर  संतोष सिंह ने कहा कि एआई आधारित यह चेटबॉट ओपन सोर्स से इनफार्मेशन प्राप्त करेगा। इस चेटबॉट में नागरिक बोलकर या टाइप कर सेवा ले सकेंगे। कार्यक्रम में सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, विधायकगण सर्व महेन्द्र हार्डिया, मती मालिनी गौड़,  मधु वर्मा तथा  गोलू शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीना मालवीय,  प्रताप करोसिया,  सुमित मिश्रा एवं  श्रवण चावड़ा  सहित अनेक जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे।

दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करें, अंतिम तारीख 31 अक्टूबर

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मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के आवेदन 31 अक्टूबर तक आमंत्रित स्पर्श पोर्टल पर कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन भोपाल  दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये मुख्यमंत्री दिव्‍यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के मूलनिवासी दिव्यांगजन, जिनमें अस्थिबाधित द्वारा गत परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक तथा अन्य श्रेणी में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है उनसे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये है। विद्यार्थी अपना आवेदन 31 अक्टूबर तक स्पर्श पोर्टल पर ऑनलाइन जमा कर सकते है। आवेदन पत्रों की जांच 15 नवम्बर तक होगी और अंतिम सूची का प्रकाशन 30 नवम्बर तक किया जाएगा। स्वीकृत आवेदन पत्रों में पात्रतानुसार छात्रों को लैपटॉप अथवा मोट्रेट ट्राइसाइकल, विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसम्बर 2025 को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वितरित की जायेगी। आयुक्त सामाजिक न्याय ने बताया की स्पर्श पोर्टल ओपन कर दिया गया है। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने जिले से अधिक से अधिक पात्र दिव्‍यांग छात्र/छात्राओं को योजना हेतु आवेदन करने के लिये प्रोत्‍साहित करें एवं जिला अधिकारी आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण करना सुनिश्चित करें।  

आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की शानदार पहल, प्राकृतिक पेंट बनाकर मिला नया आयाम

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आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण-संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' के मंत्र और महिला सशक्तिकरण संकल्प को प्रदेश की महिलाओं ने सार्थक कर दिखाया है। ग्वालियर की आजीविका मिशन से जुड़ीं महिलाओं ने बडी, पापड़, अगरबत्ती और अचार से भी आगे बढ़कर अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की अनूठी पहल कर महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। गोबर से प्राकृतिक पेंट ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड की खेड़ापति स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्यों ने एकजुट होकर गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का कार्य प्रारंभ किया। उनके द्वारा किए गए नवाचार को न केवल सराहा गया, बल्कि उन्हें आर्थिक संबल भी मिला। उनका यह कार्य पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी एक अनुकरणीय पहल है। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर एक अनोखी और सफल पहल की है। इस पहल से महिलाओं को न केवल अतिरिक्त आय का साधन मिला है बल्कि पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान हुआ है। यह पेंट गोबर से बनाया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल का उपयोग नहीं होता। इस कारण यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और दीवारों को आकर्षक रंग भी प्रदान करता है। साथ ही मात्र 4 घंटे में दीवार पर लगा ये पेंट सूख भी जाता है। कलेक्टर मती रुचिका चौहान ने समूह की महिलाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित कर तकनीकी प्रशिक्षण एवं विपणन (मार्केटिंग) में भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। जिले के भितरवार ब्लॉक के ग्राम करहिया में गठित खेड़ापति स्व-सहायता समूह के सक्रिय सदस्यों ने आजीविका मिशन के माध्यम से आत्मनिर्भर की सच्ची मिसाल पेश की है। प्राकृतिक पेंट का उत्पादन स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ पर्यावरण-अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है। और समूह की महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। समूह की सदस्य मती संध्या कहती हैं कि हम पहले केवल घर तक सीमित थे, लेकिन अब अपने हाथों से बने पेंट को बेचकर अच्छा मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद मिल रही है। प्राकृतिक पेंट बनाने की ट्रेनिंग से हमें नया हुनर मिला है। लोग हमारे पेंट की सराहना कर रहे हैं, जिससे हमें आगे और काम करने की प्रेरणा मिलती है। प्रशासन अब इस उत्पाद को सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में भी उपयोग हेतु बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहा है। यह पहल आने वाले दिनों में प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा बनेगी।  

वृद्धजनों की सेवा और सम्मान के लिए समाज को होना होगा संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी हों संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी प्रदेशवासियों से संकल्पित होने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवतुल्य वृद्धजन को नमन करते हुए कहा कि वृद्धजन किसी भी संस्कृति, राष्ट्र, समाज और परिवार के सशक्त आधार होते हैं, उनके विराट अनुभव, ज्ञान और संस्कार से युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा लेते रहना चाहिए। 15 लाख 75 हजार वृद्धजन को प्रतिमाह उपलब्ध कराई जा रही है पेंशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजन के मान-सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से राज्य के 15 लाख 75 हजार से अधिक वृद्धजन नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1143 करोड़ 53 लाख रुपये राशि पेंशन के रूप में अंतरित की गई।