NEET PG में नया सीट चार्ट – हाई कोर्ट की सख्ती के बाद बदला हुआ फैसला
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की सख्ती के बाद 2025 की NEET PG काउंसलिंग में बड़ा बदलाव हुआ है। अब निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50% सीटें ऑल-इंडिया कोटे के लिए होंगी। साथ ही, संस्थागत वरीयता (इंस्टीटूशनल परेफरेंस) को भी सीमित कर दिया गया है, ताकि सिर्फ राज्य के छात्रों को मौका न मिले। इस फैसले से अब दूसरे राज्यों और बाहर के छात्रों को भी MP के कॉलेजों में पढ़ने का मौका मिलेगा। इस सुधार से उम्मीद है कि प्रतियोगिता और योग्यता के आधार पर चयन होगा, और ज़्यादा न्यायपूर्ण अवसर मिलेंगे। अब छात्रों के लिए सीमाओं की बजाय, हुनर और मेहनत मायने रखेंगी। हाई कोर्ट ने क्यों कदम उठाया हाल ही में Madhya Pradesh High Court (MP हाई कोर्ट) ने आदेश दिया कि निजी मेडिकल कॉलेजों में PG-सेट्स पर 100% इंस्टीटूशनल परेफरेंस + In-service + NRI” आरक्षण असंवैधानिक है। कोर्ट ने कहा कि कुल आरक्षण किसी भी तरह से 50% से ज़्यादा नहीं हो सकता। अदालत ने 3 सितंबर 2025 को राज्य सरकार द्वारा बदली गई नियमावली (Rules) को रद्द कर दिया, जिसमें केवल एमपी (Madhya Pradesh) में MBBS पूरा करने वाले छात्रों को PG में प्राथमिकता दी गई थी। ये खबर भी पढ़े…AIBE 20 परीक्षा 2025: पूरी गाइडलाइन व तैयारी की जानकारी 🔹 अब कैसे होंगे PG सीटों का आवंटन स्टेट काउंसलिंग (Directorate of Medical Education, Madhya Pradesh — DME) ने नया सीट चार्ट जारी किया है। इसमें निजी व सरकारी कॉलेजों के लिए सीटें निम्न रूप से तय की गई हैं: ये खबर भी पढ़े…डिज़ाइन + टेक्नोलॉजी: कैसे बन रहा है UI/UX, VFX और XR में भविष्य का सबसे स्मार्ट करियर? निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए 50% सीटें — ऑल इंडिया कोटा (All India Quota / AIQ) 15% — NRI कोटा 30% — इन-सर्विस (In-service) कोटा 5% — इंस्टीटूशनल परेफरेंस (पूर्व MBBS वाले, आदि) — सरकारी कॉलेजों के लिए: 50% — ऑल इंडिया कोटा 30% — इन-सर्विस कोटा 20% — Institutional Preference इसका मतलब है कि पहले की तुलना में Private colleges में इंस्टीटूशनल परेफरेंस की हिस्सेदारी काफी कम हो गई है, और बहुत बड़ी संख्या में सीटें (50%) अब All India Quota में चली गई हैं। ये खबर भी पढ़े…JEE Main 2026: अगर नियम तोड़े-3 साल तक होगी परीक्षा से बैन 🔹 MP में PG सीटों की स्थिति 2025 के लिए MP के private मेडिकल कॉलेजों में कुल 569 + 30 (PWD) + 243 (in-service) सीटें घोषित की गई हैं। 1. सरकारी कॉलेजों में भी स्लॉट उपलब्ध हैं — कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर राज्य में PG की संभावित सीट बढ़ाई गई है।2. क्यों है यह बदलाव — मेडिकल पढ़ने वालों के लिए अहम3, अब वो छात्र जो MP के बाहर MBBS कर चुके हैं, या अन्य राज्यों से हैं — उन्हें MP के PG-काउंसलिंग में प्रयास करने का मौका मिलेगा। पहले केवल MP MBBS ग्रेजुएट्स को फायदा था।4. इंस्टीटूशनल परेफरेंस या domicile-based quota के कारण जो भेदभाव हो रहा था — उसे कोर्ट ने असंवैधानिक माना। अब मेरिट (NEET PG रैंक आदि) के आधार पर अवसर मिलेंगे।5. Private कॉलेजों में सीटें सिर्फ एक ही श्रेणी (इंस्टीटूशनल परेफरेंस आदि) में बाँटना — अब बंद हो गया है; यानी “100% आरक्षण + 0% खुली सीट” नहीं हो पाएगी। छात्रों के लिए क्या करना है — क्या बदल जाएगा अगर आप PG के लिए 2025 counselling में भाग ले रहे हैं — ध्यान रखें कि registration, choice filling आदि निर्देश DME द्वारा तय किए गए हैं। अब All India Quota का अधिक हिस्सा निजी और सरकारी दोनों कॉलेजों में खुल गया है — इसका मतलब है कि मेरिट आधार पर सीटें मिलने की संभावना बढ़ सकती है। इंस्टीटूशनल परेफरेंस पर बहुत निर्भर न रहें — सभी को खुली प्रतियोगिता में भाग लेना पड़ेगा। FAQs Q1: MP NEET PG 2025 में इंस्टीटूशनल परेफरेंस पूरी तरह खत्म हो गई है?नहीं — इंस्टीटूशनल परेफरेंस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। निजी कॉलेजों के लिए इंस्टीटूशनल परेफरेंस अब मात्र 5% सीटों के लिए है, और सरकारी कॉलेजों में लगभग 20% सीटें इंस्टीटूशनल परेफरेंस के लिए आरक्षित हैं। बाकी सीटें All India Quota, NRI quota और In-service quota में बंटी हुई हैं। Q2: क्या अब MP के बाहर MBBS करने वाले छात्र भी PG के लिए आवेदन कर सकते हैं?हाँ — हाई कोर्ट के आदेश और नए सीट चार्ट के अनुसार, अब All India Quota (AIQ) सहित अन्य कोटे में सीटें खुली हैं। इसलिए जो अन्य राज्यों से हैं, वे भी मेरिट (NEET PG रैंक आदि) के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। Q3: इस नए सीट चार्ट से MP के पहले MBBS करने वालों (इंस्टीटूशनल परेफरेंस वाले) को नुकसान होगा?कुछ हद तक — क्योंकि अब निजी कॉलेजों में इंस्टीटूशनल परेफरेंस सिर्फ 5% रह गया है, पहले की तुलना में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। लेकिन सरकारी कॉलेजों में 20% इंस्टीटूशनल परेफरेंस है, तो वहाँ उनका मौका अभी भी बना हुआ है।