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MP Police: वाहन चोरो पर लगातार कार्रवाई, 44 मोटरसाइकिलें बरामद

MP Police

MP Police Continuous action against vehicle thieves 44 motorcycles recovered भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने विभिन्न जिलों में सतत निगरानी और प्रभावी अन्वेषण के माध्यम से विगत एक सप्‍ताह में वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए चोरी की कुल 44 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। साथ ही पुलिस ने शातिर चोरों को भी गिरफ्तार किया है। यह अभियान प्रदेशभर में वाहन चोरी पर सख्त नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की दिशा में पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गिरोह का भंडाफोड़ छिंदवाड़ा जिले की कुण्डीपुरा पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए चार आरोपी संतोष खरपूसे, प्रमोद पुरी गोस्वामी, गगन नेवारे और सुधांशु भूषण को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने छिंदवाड़ा व बालाघाट जिलों से 20 मोटरसाइकिलें (4 बुलेट) चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक खंडहरनुमा कमरे से लगभग 17 लाख रूपए मूल्य की मोटरसाइकिलें बरामद की है। 11 मोटरसाइकिलें बरामद गुना की जिले में चलाए जा रहे सघन वाहन चैकिंग अभियान के दौरान कोतवाली पुलिस ने भुल्लनपुरा रोड पर लाखन कुशवाह और सोनू राठौर को चोरी की मोटरसाइकिल सहित पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने अलग-अलग स्‍थानों से 11 मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। जिनकी कीमत लगभग 5 लाख 50 हजार रूपए है। इसी प्रकार उज्‍जैन के नीलगंगा पुलिस ने चोरी हुई 1 बुलेट, सागर के थाना खुरई पुलिस ने 4 मोटरसाइकिलें, कटनी में कोतवाली पुलिस 6 मोटरसाइकिल और एनकेजे पुलिस ने 1 मोटरसाइकिल तथा शाजापुर में शुजालपुर मंडी थाना पुलिस ने 1 मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 13 मोटरसाइकिलें बरामद की है। सुरक्षा एवं विश्वास की भावना पुलिस की इन कार्रवाईयों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की संपत्ति सुरक्षा, अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्यरत है। तकनीकी संसाधनों, निगरानी तंत्र और तत्पर फील्ड टीमों के समन्वय से पुलिस ने वाहन चोरी जैसे अपराधों पर निर्णायक अंकुश लगाया है। यह सतत और संगठित कार्रवाई न केवल अपराधियों के मनोबल को तोड़ रही है, बल्कि आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को भी सुदृढ़ कर रही है।

नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: छापने के उपकरण बरामद, मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार

Fake currency racket

Fake currency racket busted Printing equipment recovered mastermind and three others arrested भोपाल। खंडवा पुलिस ने नकली नोटों की छपाई और प्रसार में सक्रिय एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे सहित तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। 19 लाख 78 हजार रुपये थाना जावर क्षेत्र के ग्राम पेठिया में विगत 2 नवंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर मौलाना जुबेर के कमरे में दबिश दी गई थी। पुलिस ने वहां से 19 लाख 78 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए थे। प्रकरण दर्ज कर इसकी विवेचना थाना प्रभारी जावर निरीक्षक श्याम सिंह भादले द्वारा लगातार की जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खंडवा मनोज कुमार राय ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारनेकर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT ने लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर विवेचना लगातार जारी की जा रही थी। किराए के मकान में छिपे पुलिस को विवेचना के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी मौलाना जुबेर को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी बुरहानपुर निवासी डॉ. प्रतीक नवलखे है। इसके बाद मुखबिर से पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मामले में शामिल आरोपी भोपाल के बागमुगलिया क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान में छिपे हुए हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए जावर थाना पुलिस टीम ने आज 23 नवंबर 2025 को भोपाल में दबिश दी और तीन आरोपी प्रतीक नवलखे (निवासी बुरहानपुर, उम्र 43), गोपाल उर्फ राहुल (निवासी हरदा, हाल निवासी बागमुगलिया भोपाल, उम्र 35) तथा दिनेश गोरे (निवासी अमरावती, महाराष्ट्र, उम्र 43) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है। पुलिस सदैव प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई त्वरित और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप नकली मुद्रा के प्रसार में सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क से प्रदेश में आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रकरणों में कठोर और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

MP Police: नक्‍सल विरोधी अभियान, मुठभेड़ में हथियार बरामद

weapons

MP Police Success in anti-Naxal operation cache of weapons recovered in encounter with Naxalites भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में लगातार सफलताएं मिल रही है। इसी तारतम्‍य में दिनांक 03-04 नवंबर 2025 की मध्‍य रात्रि के दौरान बालाघाट जिले के थाना रुपझर क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता संबंधी गुप्त सूचना प्राप्त होने पर हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा तथा स्थानीय पुलिस थानों और चौकियों के बल द्वारा एम.एम.सी.(मध्‍यप्रदेश-महाराष्‍ट्र-छत्‍तीसगढ़) जोन के जीआरबी (गोंदिया-राजनांदगांव-बालाघाट) डिवीजन के घने जंगलों में सर्च अभियान संचालित किया गया। सर्चिंग के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी का पता लगने पर सशस्त्र माओवादी समूह ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग प्रारंभ कर दी। सुरक्षा बलों ने आत्मरक्षा में संयमित और प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। कुछ समय तक चली मुठभेड़ के उपरांत नक्सली जंगल के भीतर की दिशा में भाग निकले। घटनास्थल पर की गई सघन सर्चिंग में एक नक्सली रायफल, दैनिक उपयोग की वस्तुओं से भरा पिट्टू बैग, पाँच बड़े थैले, टेंट बनाने का सामान, खून से सने जूते तथा दवाओं के रूप में उपयोग किए गए इंजेक्शन और मेडिसिन बरामद किए गए। घटनास्थल से प्राप्त खून सनी मिट्टी और अन्य साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान पहुँचा है। लंबे समय से सक्रिय बरामद सामग्री से यह भी स्पष्ट होता है कि नक्सली समूह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और जंगल में ही अस्थायी ठिकाने बनाकर रह रहा था। घटनास्थल से बरामद सभी वस्तुओं का विधिवत दस्तावेजीकरण कर आवश्यक जांच प्रारंभ कर दी गई है। फरार नक्सलियों की तलाश में हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें निरंतर सघन सर्चिंग और कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं। पूरे क्षेत्र में उच्च सतर्कता रखी गई है तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। महिला नक्सली “सुनीता” बालाघाट जिले में 1 नवंबर 2025 को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंतर्गत महिला नक्सली सुनीता पिता बिसरू ओयाम, निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष अपने हथियार इंसास राइफल, 3 मैगज़ीन, 30 जिंदा राउंड एवं शेल के साथ आत्मसमर्पण किया। नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में थी और मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुनीता वर्ष 2022 में माओवादी संगठन से जुड़ी थी तथा छत्तीसगढ़ के माड़ क्षेत्र में छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सीसी सदस्य रामदेर की गार्ड के रूप में कार्यरत रही। यह मध्य प्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है। राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित उल्‍लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने बालाघाट सहित अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में सात दिन या उससे अधिक अवधि वाले कई सघन अभियानों के माध्यम से नक्सली नेटवर्क को लगातार कमजोर किया है। इन अभियानों ने स्थानीय समुदाय में सुरक्षा का विश्वास और विकास के प्रति नई आशा को सुदृढ़ किया है। मध्यप्रदेश पुलिस नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्पित है। नक्सलवाद केवल कानून और व्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति, विकास और मानवीय मूल्यों के लिए भी गंभीर चुनौती है। अपने साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और जनसहयोग के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय नियंत्रण स्थापित किया है।यह सतत अभियान न केवल नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष का प्रतीक है, बल्कि राज्य की जनता के प्रति पुलिस संगठन की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण भी है।