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हत्या के मामले मे बमीठा पुलिस ने 6 लोगो को किया गिरफ्तार

हत्या के मामले मे बमीठा पुलिस ने 6 लोगो को किया गिरफ्तार 2 दिन पूर्व कामता आदिवासी की गयी थी हत्या छतरपुर  2 दिन पूर्व बमीठा थाना अंतर्गत ग्राम झमटुली मे जादू टोना के शक मे एक 55 वर्षीय वृद्ध की हाथ पैर बांध कर पीट पीट कर हत्या का मामला सामने आया था जिसमे बमीठा पुलिस ने कुल 6 लोगो पर हत्या का मामला दर्ज किया था जिसमे बमीठा पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यालय भेज दिया है

राजस्थान से यूपी तक फैला ब्लैकमेलिंग का जाल, पुलिस ने झालावाड़ से गिरफ्तार किया गैंग , 3 लग्जरी कारें जब्त

  जयपुर झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े संगठित अपराध रैकेट का पर्दाफाश करते हुए हेमराज सुमन हिस्ट्रीशीटर द्वारा संचालित गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह गैंग पिछले 10 वर्षों से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश राज्यों में सक्रिय थी और धोखाधड़ी, वाहनों की चोरी और खुर्द-बुर्द करने के साथ-साथ हनीट्रैप के जरिए व्यापारियों को ब्लैकमेल करने में संलिप्त थी। पुलिस ने इस गिरोह के तीन और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग दो मुख्य तरीकों से वारदातों को अंजाम देती थी: 1. ट्रेक्टर खुर्द-बुर्द: गैंग के सदस्य गरीब व्यक्तियों को झांसे में फंसाकर उनकी जमीन पर लोन/फाइनेंस करवाकर नए ट्रेक्टर उठवाते थे। इसके बाद वे ट्रेक्टरों को खुर्द-बुर्द करके झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाते थे और बीमा कंपनी से क्लेम की राशि हड़प लेते थे। अवैध बेचान के लिए फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी भी तैयार की जाती थी। 2. हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग: गैंग में 10 से अधिक महिला सदस्य शामिल थीं। ये महिलाएं कारोबारी और व्यापारी वर्ग के लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। गैंग के सदस्य, जिनमें कुछ पुलिस की वर्दी में भी होते थे, फिर झूठे बलात्कार, छेड़छाड़ के मुकदमे दर्ज करवाने या धमकी देकर लोगों से लाखों रुपये की मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस का शिकंजा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर संगठित अपराधों में सक्रिय हेमराज सुमन गैंग के कुल 13 सदस्यों को पहले गिरफ्तार किया गया था। उनसे गहन पूछताछ के बाद वाहन खुर्द-बुर्द की वारदातों में शामिल तीन इनामी अभियुक्तों सुनील माली (25) निवासी सारोला, गोलू बंजारा (23) निवासी सांगोद और प्रदीप धाकड (32) निवासी तेजगढ़ थाना सदर बारां को रविवार 05 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इन अभियुक्तों की निशानदेही पर 3 लग्जरी कारें (स्विफ्ट और आई-20) भी जब्त की गई हैं। इस मामले में अब तक कुल 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें गैंग लीडर हेमराज सुमन और मुख्य महिला आरोपी सीमा मीणा शामिल हैं। गैंग की संलिप्तता को देखते हुए गहन जांच के लिए एक एस.आई.टी. विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जाँच में यह भी पुष्टि हुई है कि गैंग ने अवैध आय से कई स्थानों पर सम्पत्ति खरीदने और अन्य धंधों में निवेश करने का काम भी किया है। गैंग की 10 महिला सदस्य सीमा शर्मा उर्फ सीमा मीणा निवासी बारां हाल अकलेरा, सीमा राजपूत निवासी मध्य प्रदेश, हेमलता मीणा निवासी कोटा शहर, भूरी बाई उर्फ सुनीता निवासी झालावाड़ हाल मध्य प्रदेश, मुस्कान राजपूत निवासी इंदौर मध्य प्रदेश हाल सारोला, संध्या उर्फ गोलू वाल्मीकि निवासी इंदौर मध्य प्रदेश लीलाबाई भील निवासी मध्य प्रदेश और मनीषा ढोली, छोटी बाई माली और लाड बाई माली निवासी सारोला जिला झालावाड़ पूर्व में अलग-अलग थानों (कोटा, बारां, खानपुर) में हनीट्रैप के मामलों में गिरफ्तार हो चुकी हैं, जिससे गैंग के बड़े और संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

बरेली से संजय सिंह का संदेश: तानाशाही के खिलाफ हमारी आवाज नहीं रुकेगी, पुलिस ने AAP नेताओं पर दबाव डाला

लखनऊ आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राजधानी लखनऊ से बरेली जाने के लिए निकला तो कार्यालय गेट पर पुलिस से सामना हुआ। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें जाने से रोका। लेकिन, आप कार्यकर्ता जाने पर अड़े रहे। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान देखी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने आप नेता नदीम अशरफ और सरबजीत मक्कड़ को हाउस अरेस्ट किया। जबकि, इमरान लतीफ को गोमती नगर स्थित पार्टी कार्यालय पर रोक लिया गया। पार्टी नेताओं के बरेली जाने की सूचना पर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। पार्टी कार्यालय पर सुबह से ही पुलिस तैनात हो गई। दूसरी तरफ पूर्व विधायक दिलीप पांडेय अपने दिल्ली आवास से दोपहर 2 बजे बरेली के लिए निकलेंगे। हालांकि, उनको भी पुलिस जाने देगी, इसकी कम संभावना है। वहीं पार्टी ने इस मामले में प्रदेश सरकार की नीति को दमनकारी बताते हुए, आगे भी अपना विरोध जारी रखने की घोषणा की है। नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट-सजंय सिंह आप कार्यकर्ताओं को कार्यालय और घर में रोका गया तो सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि 'न कोई आदेश है, न कोई कानून। यूपी पुलिस मनमानी तरीके से लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाना भी बंद कर रही है। बरेली के पीड़ितों से मिलने की भी इजाजत नहीं है। यहां नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट है।' सजंय सिंह ने आगे लिखा कि 'बौद्ध प्रांत के अध्यक्ष इमरान लतीफ, अयोध्या प्रांत के अध्यक्ष विनय पटेल और मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे, अभिषेक सिंह को पुलिस ने बिना किसी आदेश के रोका है। तानाशाही के खिलाफ AAP की आवाज को रोका नहीं जा सकता है।'   पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका बताते चलें कि बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के बाद सूबे में सियासत जारी है। इसको लेकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आप के प्रतिनिधिमंडल के बरेली जाने का एलान किया था। तय समय के अनुसार 7 अक्तूबर को कार्यकर्ता निकले। लेकिन, गोमती नगर के विवेकखंड स्थित कार्यालय के बाहर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इससे पहले कानून व्यवस्था का हवाला देकर सपा के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बरेली जाने से रोक दिया था।  

दुर्ग पुलिस के 5 थानों के टीआई और 2 चौकी प्रभारी बदले गए, अफसरों की नई लिस्ट जारी

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रविवार देर रात सीनियर एसपी ने पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। इस आदेश के तहत 5 थानों के टीआई और 2 पुलिस चौकियों के प्रभारी सहित कुल 11 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक— जितेंद्र वर्मा बने भिलाई नगर टीआई रामेंद्र कुमार सिंह को जामुल थाना प्रभारी की जिम्मेदारी बसंत कुमार बघेल अमलेश्वर थाना प्रभारी नियुक्त प्रशांत मिश्रा अब वैशाली नगर टीआई राजेश मिश्रा को भेजा गया रक्षित केंद्र दुर्ग प्रकाशकांत को भी रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ किया गया अमित अंदानी बने पुलगांव थाना प्रभारी खेलन साहू को अंजोरा चौकी प्रभारी बनाया गया संतोष साहू साइबर सेल दुर्ग भेजे गए मनोज यादव को भिलाई-3 में पदस्थ किया गया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। त्योहारी सीजन और कानून-व्यवस्था की तैयारियों को देखते हुए यह तबादले किए गए हैं। पुलिस विभाग का दावा है कि इस कदम से पुलिसिंग की कार्यकुशलता, बेहतर समन्वय और क्षेत्रीय नियंत्रण मजबूत होगा। दुर्ग जिले में यह फेरबदल सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सहारनपुर एनकाउंटर: पुलिस ने एक लाख के इनामी इमरान को किया ढेर

 सहारनपुर  उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। रविवार देर रात सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और एक लाख के इनामी बदमाश इमरान के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने इमरान को मार गिराया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब इमरान एक बाइक लूटकर फरार हो रहा था। पुलिस टीम ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से इमरान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान गागलहेड़ी के इंस्पेक्टर परवेश शर्मा और थानाध्यक्ष सरसावा विनोद कुमार भी घायल हुए। एसएसपी आशीष तिवारी के अनुसार, इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी, जबकि थानाध्यक्ष की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली फंसी, जिससे उनकी जान बच गई। दोनों अधिकारियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इमरान पर थे कई संगीन मामले मारा गया बदमाश इमरान पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधियों में से एक था। सहारनपुर, मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में उसके खिलाफ लूट, डकैती, अवैध हथियारबंदी और हमले के कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। इमरान पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंटर स्थल से पुलिस ने दो 32 बोर की पिस्टल, 18 खोखे, 10 जिंदा कारतूस और लूटी गई बाइक बरामद की है। यूपी पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी इमरान का एनकाउंटर शनिवार रात फिरोजाबाद में मारे गए बदमाश नरेश पंडित उर्फ पंकज के मारे जाने के महज छह घंटे बाद हुआ। नरेश पर भी कई गंभीर अपराधों के केस दर्ज थे। लगातार हो रही मुठभेड़ों से साफ है कि यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल कर रही है। इमरान का साथी मेहताब पहले ही ढेर हो चुका था बताया जा रहा है कि इमरान का साथी मेहताब पहले ही तीन अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका था। उस समय मेहताब पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसी दौरान इमरान मौके से फरार हो गया था।  

सिंगरौली में बच्चे की अनोखी शिकायत, कहा – कुरकुरे नहीं दिए, मां ने बांधा और पीटा

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सिंगरौली मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सुनने में जितनी मजेदार है, उतनी ही दिल को छूने वाली भी। एक छोटे से बच्चे ने अपनी मां और बहन की शिकायत करने के लिए पुलिस की इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल कर दिया, क्योंकि उन्होंने उसे 20 रुपये के कुरकुरे मांगने पर रस्सी से बांधकर पिटाई कर दी। बच्चे की शिकायत का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। क्या है पूरा माजरा? यह मजेदार वाकया सिंगरौली के खुटार चौकी के अंतर्गत आने वाले चितरवई कला गांव का है। मासूम बच्चे ने जब अपनी मां से 20 रुपये मांगे ताकि वह अपने पसंदीदा कुरकुरे खरीद सके, तो मां और बहन को गुस्सा आ गया। गुस्से में दोनों ने बच्चे को रस्सी से बांध दिया और उसकी पिटाई कर दी। लेकिन इस छोटे से शेर ने हार नहीं मानी और सीधे पुलिस को फोन ठोक दिया। फोन पर बच्चे की शिकायत सुनकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। बच्चा फोन पर रोने लगा, तो पुलिस ने बड़े ही प्यार से उसे ढांढस बंधाया और जल्दी पहुंचने का वादा किया। पुलिस का दिल जीतने वाला रिस्पॉन्स शिकायत मिलते ही डायल 112 के पुलिसकर्मी उमेश विश्वकर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चे और उसकी मां को बुलाकर दोनों की काउंसलिंग की। उमेश ने मां को समझाया कि बच्चे को मारना-पीटना सही नहीं है और उसे प्यार से समझाना चाहिए। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिसकर्मी ने अपने दिलदार अंदाज में बच्चे के लिए कुरकुरे खरीदकर उसे दे दिए। बस, फिर क्या था, बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और यह प्यारा सा किस्सा कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर छाया वीडियो इस घटना का वीडियो, जिसमें बच्चा अपनी शिकायत दर्ज कराता है और पुलिसकर्मी उसे प्यार से समझाते हैं अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को देखकर हंस भी रहे हैं और पुलिस की संवेदनशीलता की तारीफ भी कर रहे हैं। कोई कह रहा है, 'ये बच्चा तो बड़ा होकर कुछ बड़ा करेगा।' तो कोई पुलिस के इस प्यारे अंदाज का कायल हो गया।

इंदौर में शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख, पुलिस को दिए गए सख्त एक्शन के निर्देश

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इंदौर शहर का सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन इंदौर भाजपा और उससे जुड़े सांप्रदायिक संगठनों द्वारा शहर की फिजा को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है इसी कड़ी में एकलव्य सिंह गोड ने शीतला माता बाजार से मुस्लिम कर्मचारियों को निकाले जाने का फतवा जारी कर शहर के माहौल को बिगाड़ा है। इसको लेकर वामपंथी समाजवादी दल लगातार अभियान चला रहे हैं। गत दिनों इन दलों ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देकर एकलव्य गोड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग के बाद गांधी जयंती पर इन दलों और अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गांधीपतिमा पर धरना दिया तथा सभा की।  उसके बाद कार्यकर्ता सराफा थाने पहुंचे और वहां पर करीब 1 घंटे तक प्रदर्शन कर एवं नारेबाजी के बाद में थाना प्रभारी और क्षेत्रीय सीएसपी को एकलव्य गोड के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व अरुण चौहान, रामस्वरूप मंत्री, रुद्रपाल यादव ,राहुल निहुरे, राजेंद्र यादव आदि ने किया।धरना प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,सीपीएम  व श्रम संगठनों और अन्य जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लया। विरोध  सभा को सोहनलाल शिंदे ,रुद्रपाल यादव,  अरुण चौहान,  रामस्वरूप मंत्री,राजेंद्र यादव,  कैलाश लिंबोदिया, सीएल सरावत,   हरिओम सूर्यवंशी , विनीत तिवारी, राहुल निहोरे , अजीत केतकर, वास्कल एंथोनी, सफी शेख, परेश टोकेकर ,प्रमोद नामदेव, संदीप शर्मा  कविता सोलंकी ने संबोधित किया ।   सभा का संचालन  अरुण चौहान ने किया । इस मौके पर श्रम संगठन व जनसंगठन, सामाजिक संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए । जिनमे अभय नीमा, भारतीय सामाजिक न्याय संगठन से सलीम शेख, हर्ष मरमट, रमेश झाला, पूनम खंडेलवाल, हरि मरमट, प्रकाश पाठक व अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। तत्पश्चात सभी कार्यकर्ता जत्था बनाकर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री  की प्रतिमा स्थल पर गए और उनके न्याय प्रिय व उनके द्वारा दिए गए जय जवान जय किसान के नारे को बुलंद कर उन्हें याद किया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता सराफा पुलिस थाना पहुंचे और प्रदर्शन किया ।पुलिस थाना प्रभारी आर के लिटोरिया से मिलकर उनके क्षेत्र शीतला माता बाजार वर्ग विशेष के लोगों को कार्य से बंद करने भाजपा नेता एकलव्य सिंह गोड के बयान को शहर के माहौल को खराब करने का बताया और उन पर एफआईआर दर्ज किए जाने कि मांग की।   औकार्यक्रम में मुख्य रूप से भागीरथ कछवाय,यूसुफ खान, काशीराम नायक ,फादर पायस, और अन्य अनेक साथियों ने हिस्सा लिया।

सपा नेताओं पर प्रशासन का शिकंजा: बरेली में एंट्री बैन, संभल में पुलिस मुस्तैद

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बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को यानी आज बरेली जाने वाला है। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रतिनिधिमंडल की बरेली में एंट्री पर रोक लगा दी। प्रशासन का आदेश बरेली के डीएम ने सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए साफ निर्देश दिए कि बिना इजाजत किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि को बरेली की सीमा में प्रवेश न करने दिया जाए। आदेश में कहा गया कि यह कदम जिले की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। लखनऊ में रोके गए नेता प्रतिपक्ष डीएम के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को नोटिस दिया और उनके आवास पर ही रोक दिया। पुलिस ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति बरेली जाने की इजाजत नहीं है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव समेत कई नेता पांडेय के आवास पर पहुंचे, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। ‘अराजकता फैलाने नहीं जा रहे’ समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने ‘आजतक’ से कहा, ”नेताओं-कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि बरेली पहुंचें. हम कोई अराजकता फैलाने नहीं जा रहे हैं. हमको क्यों रोका गया है? हम सभी अधिकारियों से बात करेंगे.” उधर, समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रमान बर्क और मोहिबुल्लाह के भी बरेली पहुंचने की संभावना थी, लेकिन सभी नेताओं की गतिविधियों पर उनके जिलों में पुलिस की कड़ी नजर रखी जा रही है. बर्क के घर भी पुलिस तैनात बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर भी पुलिस तैनात है. सम्भल में दो अलग-अलग स्थानों की पुलिस को सांसद बर्क के घर के बाहर तैनात किया गया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क को पुलिस बरेली जाने से रोकेगी. सीओ कुलदीप सिंह भी इसी इलाके में तैनात नजर रख रहे हैं. बरेली में भी सपा नेता नजरबंद सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले बरेली शहर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है. पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव और सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगाया गया है. संभल में जिया उर रहमान वर्क हाउस अरेस्ट सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क को बरेली जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया ।सपा सांसद बर्क के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है. अखिलेश को सौंपी जाएगी रिपोर्ट सपा नेता बरेली जाकर घटना की जानकारी लेंगे और इसकी  रिपोर्ट अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सपा नेताओं  का उद्देश्य स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्या जानना है. वहीं अपने इस दौरे को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बरेली जाकर जनता की आवाज उठाना चाहते हैं. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकारी है. जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा  बता दें कि कुछ दिन पहले बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद में जुमे की नमाज के बाद हिंसा फैल गई थी. पुलिस को भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पुलिस ने इस हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा के साथ-साथ कई लोगों की गिरफ्तारी की. हिंसा को लेकर पुलिस की जांच जारी है.  माता प्रसाद पांडेय की प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा था। मुझे पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया, और इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे घर पर ही रहना होगा और बाहर नहीं जाना है। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर बरेली के डीएम का पत्र आया। उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए आपको यहां नहीं आना चाहिए। अपनी कमियों को छुपाने के लिए वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। अब हम अपनी पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके बाद ही निर्णय लेंगे।"

दुकान पर झाडू लागने की बात को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद , 2 घंटे रहा चक्का जाम

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चंदला चंदला में दो पक्षों में विवाद हो गया विवाद का कारण आपसी बुराई बताया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार बाला वर्मा चंदला के महावीर ऑटो पार्ट्स के सामने एक मिठाई की दुकान संचालित करता है सौरभ जैन अपनी जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह बाला वर्मा का पुत्र अमन वर्मा जब दुकान खोलने आया तो मैं भी अपनी दुकान के बाहर झाड़ू लगा रहा था तभी अमन बुरी बुरी गालियां देने लगा जिसको लेकर विवाद हो गया विवाद इस कदर बढ़ा कि अमन ने फोन लगाकर अपने दोस्तों और भाइयों को मौके पर बुला लिया जिससे अमन और उसके भाई पिता और साथियों ने जैन परिवार के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दे डाला वहीं गुस्साए परिजनों ने मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित कर दी जैसे ही पूरे मामले की जानकारी चंद्ला पुलिस को लगी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटवाने का प्रयास किया मगर जैन समाज के लोग एक नहीं माने और देखते ही देखते सैकड़ो की तादाद में महिलाएं और पुरुष एकत्रित होते गए वहीं जब यह मामला तूल पकड़ता दिखाई दिया तो पुलिस ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीओपी नवीन दुबे और चंदला थाना प्रभारी उदयवीर सिंह तोमर की समझाइए इसके बाद जाम में बैठे लोग मान गए और थाने पहुंचकर पूरे मामले की एफआईआर दर्ज करवाने को तैयार हुए वही चंदला पुलिस ने बताया कि फरियादी राजेश जैन की रिपोर्ट पर बाला वर्मा अमन वर्मा गोलू वर्मा दीपू वर्मा नायक श्रीवास संकल्प मिश्रा शिवकुमार वर्मा सचिन सांसिया  सुमित भुर्जी सहित 9 लोगों पर विभिन्न धाराओं पर मामला पंजीबद्ध किया गया है पूरे मामले पर पांच से अधिक लोग घायल हुए हैं दोनों पक्षों पर विवाद हुआ था दोनों पक्षों के लोग घायल है अभी एक पक्ष के घायलों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई किंतु अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच करके आरोपी गणों को कब तक सलाखों के पीछे धकेला जाएगा जो शासन प्रशासन के लिए चुनौती का विषय बना हुआ है

ड्राई डे उल्लंघन: मालीघोरी गांव से पुलिस ने पकड़ा शराब का स्टॉक

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बालोद ड्राई डे पर भी अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम मालीघोरी में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 498 पव्वा अवैध शराब जब्त की। यह जखीरा गांव के निवासी खिलेश गौतम के घर से बरामद हुआ है। गांव में शराब पकड़े जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ड्राई डे पर भी खुलेआम शराब बेची जा रही थी और बेचने वाला दबंगई कर रहा था। इस बात से नाराज होकर ग्रामीण लामबंद हो गए। देखते ही देखते गांव का माहौल बिगड़ गया और गांव छावनी में तब्दील हो गया। शिकायत मिलते ही बालोद थाने की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने खिलेश गौतम के घर से शराब का जखीरा जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। गांव के लोग इस कार्रवाई को लेकर संतुष्ट नजर आए, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक अवैध शराबखोरी पर रोकथाम को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कारोबार फल-फूल रहा है।