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लव ट्रायंगल में जानलेवा अंजाम: रायपुर में नर्स की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर राजधानी रायपुर में नर्स की हत्या होने से शहर में सनसनी फैल गई है. खून से लथपथ युवती की लाश घर के कमरे में मिली है. यह घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के लालपुर पटेल चौक की है. लव ट्रायंगल में हत्या होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. जानकारी के मुताबिक, युवती की दोस्ती दुर्गेश नामक युवक से थी. चिरमिरी के सन्नी नामक युवक से भी पिछले 7 साल से फ्रेंडशिप थी. युवती का बॉयफ्रेंड से विवाद चल रहा था. युवती के सीने में चाकू मारकर मौत के घाट उतारा गया है. मृतका के हाथ में भी चाकू मिला है. कमरे में संघर्ष होने के बाद वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है. चिरमिरी जिले की रहने वाली थी युवती मृतका की पहचान प्रियंका दास (23) के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. जानकारी के मुताबिक, प्रियंका दास पिछले एक माह से पचपेड़ी नाका स्थित किराए के रूम में रह रही थी. वह एमएमआई अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर काम कर रही थी. प्रियंका दास मूलतः चिरमिरी जिले की रहने वाली है. हत्या की वारदात देर रात्रि होने की आशंका जताई जा रही है. मृतका के सीने पर चाकू के वार के निशान आज सुबह जब प्रियंका की रूम मेट उनसे मिलने उसके कमरे पहुंची तो प्रियंका के हत्या की जानकारी सामने आई. मृतका के सीने पर चाकू के तीन वार पाए गए हैं. टिकरापारा पुलिस और फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है.

अब 8 घंटे काम के बाद ही वेतन: रायपुर सफाईकर्मियों के लिए नया नियम

 रायपुर शहर की सफाई में काम करने वाले कर्मियों का अब आठ घंटे की पूरी ड्यूटी करनी पड़ेगी। प्रतिदिन आठ घंटे की ड्यूटी होने पर ही उन्हें सैलरी मिलेगी। नगर निगम द्वारा जोन स्तर अनुबंधित किए जाने वाले ठेका सिस्टम को भी खत्म करने जा रहा है। अब निगम हेड ऑफिस से ठेका एजेंसी नियुक्त की जाएगी, जो पूरे शहर में सफाई के लिए कर्मचारी, उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराएगी। नगर निगम की शहरी सरकार ने हाल ही में एमआइसी की बैठक में इस प्रस्ताव पर प्रारंभिक चर्चा की। बैठक में यह भी तय किया गया कि शहर की सफाई व्यवस्था को सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर के वार्डों में सफाई कर्मचारी अक्सर निर्धारित संख्या से कम ड्यूटी पर मिलते थे, जिससे सफाई कार्य में कोताही होती है। इससे शहर की सफाई का स्तर अपेक्षित नहीं रह पाया। अन्य नगर निगमों जैसे भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, जगदलपुर और अंबिकापुर में सेंट्रलाइज्ड टेंडर से बेहतर परिणाम मिले हैं। इस नए सिस्टम के तहत पूरे शहर की सफाई के लिए एक बड़ी एजेंसी को आनलाइन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से चुना जाएगा। वार्डवार मानिटरिंग संबंधित जेडएचओ के माध्यम से होगी। हर वार्ड में अलग ठेकेदार की जगह अब एक सेंट्रलाइज्ड ठेका होगा, जिसमें पापुलेशन और वार्ड वाइज सफाई प्लान तैयार किया जाएगा। निगम प्रशासन की चुनौती वर्तमान में नगर निगम हर महीने लगभग 7 करोड़ रुपये 70 वार्डों की सफाई के एवज में अलग-अलग ठेका एजेंसियों को भुगतान करता है। इसके बावजूद कई वार्डों में सफाई पर्याप्त नहीं हो पा रही थी। इस समस्या का समाधान करने के लिए अब केंद्रीकृत सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से शहरवासियों को साफ-सुथरी गलियां, व्यवस्थित सफाई और बेहतर सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध होगी। निगम प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में सेंट्रलाइज्ड टेंडर प्रक्रिया पूरी कर नई प्रणाली लागू कर दी जाएगी। सेंट्रलाइज्ड टेंडर से मिलने वाले फायदे     कर्मचारी को 8 घंटे ड्यूटी करनी होगी और हाजिरी लगाना अनिवार्य होगा।     सफाईकर्मी एक समान वर्दी पहनेंगे, जिससे पहचान आसान होगी।     सफाई के लिए स्पष्ट रूट चार्ट तैयार होगा।     ठेका एजेंसी के काम में मनमानी और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।     10 जोन के 70 वार्ड पूरे शहर में एक ही एजेंसी कवर करेगी।     भुगतान में पारदर्शिता और मानिटरिंग में आसानी होगी।

रायपुर में कुलियों का प्रदर्शन जारी, क्रांति सेना और जोहार पार्टी ने किया समर्थन

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बैटरी चलित वाहन शुरू करने के फैसले के खिलाफ कुलियों का विरोध नहीं थम रहा है. इस कदम को अपनी आजीविका पर बड़ा संकट बताते हुए बड़ी संख्या में कुलि आज प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लामबंद हुए. रेलवे लाइसेंसी पोर्टर्स के बैनर तले कुली प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे कुलियों का कहना है कि रेलवे में आधुनिकीकरण और निजीकरण के कारण उनकी आजीविका पर भीषण संकट मंडरा रहा है. महंगाई के दौर में उनकी सीमित आमदनी से परिवार का पालन-पोषण करना लगभग असंभव हो गया है. रेलवे ने कुलियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई आदेश जारी किए थे, जैसे उनके बच्चों को रेलवे विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा, परिवार के सदस्यों के लिए निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था, प्रतिवर्ष चार वर्दी प्रदान करना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्रामालय उपलब्ध कराना. ये सभी प्रावधान अभी तक जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाए हैं. विशेष रूप से रायपुर मंडल में कुलियों की उपस्थितिऔर स्टेशनों पर बैटरी चालित वाहनों की निःशुल्क सेवा उपलब्ध होने के बावजूद सामान ढोने का ठेकेदारी कार्य एक निजी कंपनी को सौंप दिया है—प्रति यात्री 50 रुपये तथा प्रति लगेज 30 रुपये की दर से. यह कुलियों की आजीविका का हनन है. गौरतलब है कि रेल्वे लायसेंसी पोर्टर्स मजदूर सहकारी संस्था मर्यादित, रायपुर ने 22 सितंबर को मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन दिया था. जिसमें उन्हें आश्वसन मिला था कि उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन कुछ घण्टों बाद बताया गया कि निविदा निरस्त हो सकती है. उन्होंने मांग की है कि निविदा को निरस्त कर कुलियों के रोजी-रोजगार को बचाने की व्यवस्था की जाए. नहीं तो जिस प्रकार 2003 में कुलियों को रेलवे में समायोजित किया गया था, उसी प्रकार पुनः किया जाए. छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की एंट्री कुलियों ने बताया कि वह आगे की लड़ाई छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के साथ मिलकर लड़ेंगे. ज्ञापन, प्रेस वार्ता, धरना, शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे.

86 किलो चांदी की चोरी निकली नकली कहानी, कारोबारी ने खुद रचा नाटक

 रायपुर राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके में शुक्रवार रात सराफा कारोबारी राहुल गोयल द्वारा बताई गई 86 किलो चांदी की लूट की कहानी झूठी निकली। पुलिस की सख्त पूछताछ में कारोबारी ने खुद स्वीकार किया कि उसने यह पूरा नाटक अपने आनलाइन सट्टे में 46 लाख रुपये गंवाने के बाद रचा था। ऑनलाइन सट्टे में गंवाए लाखों, बनाई लूट की कहानी पुलिस जांच में राजफाश हुआ कि कारोबारी राहुल गोयल (निवासी अलीगढ़, यूपी) अप्रैल से आनलाइन क्रिकेट सट्टे में लगातार रकम हार रहा था। अब तक उसने करीब 46 लाख रुपये सट्टे में गंवा दिए थे। पैसे की भरपाई के लिए उसने अपनी कंपनी को धोखा देने की योजना बनाई। राहुल रायपुर में शिवा ट्रेडर्स के नाम से फर्म चलाता है, जो आगरा की एक बड़ी कंपनी के लिए सीएफए (क्लियरिंग एंड फारवर्डिंग एजेंट) का काम करता है। 86 किलो चांदी की ‘लूट’ की झूठी कहानी राहुल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि शुक्रवार रात तीन बजे दो नकाबपोश बदमाशों ने उसके घर में धावा बोलकर 86 किलो चांदी के जेवर लूट लिए। उसने बताया कि बदमाशों ने कट्टा तानकर और चाकू दिखाकर उसे बंधक बना लिया, मुंह दबाकर बेहोश कर दिया और डीवीआर भी साथ ले गए। लेकिन पुलिस जांच में न कोई फिंगरप्रिंट मिले, न रस्सी के निशान और न ही जबरन प्रवेश के सबूत। पूछताछ में खुली पोल पुलिस की क्राइम ब्रांच, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने जब कारोबारी से देर रात तक पूछताछ की, तो वह बार-बार बयान बदलता रहा। जब सख्ती बढ़ी, तो आखिरकार राहुल टूट गया। उसने स्वीकार किया कि उसने लूट की झूठी कहानी खुद गढ़ी थी, ताकि कंपनी को माल की रकम लौटाने से बच सके। पुलिस ने पाया कि अपार्टमेंट का सीसीटीवी कैमरा कई दिनों से खराब था। यह बात लुटेरों को कैसे पता चली? इस पर भी सवाल खड़े हुए। चांदी बेची, नुकसान छिपाने की कोशिश जांच में सामने आया कि राहुल ने दीवाली के लिए आगरा से 200 किलो चांदी रायपुर मंगाई थी। इसमें से 100 किलो चांदी वापस भेज दी, 14 किलो बेच चुका था, और 40 लाख रुपये की चांदी निजी तौर पर बेचकर उसका पैसा सट्टे में हार गया। बचे हुए 86 किलो की लूट की झूठी कहानी बनाकर वह कंपनी को धोखा देना चाहता था। सट्टा खिलाने वालों पर कब होगी कार्रवाई? इस पूरे मामले ने आनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस, ईडी और सीबीआइ जैसी एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, तब भी ऐसे सट्टा रैकेट कैसे फल-फूल रहे हैं?। फिलहाल पुलिस ने आगरा के संबंधित कारोबारियों को रायपुर बुलाया है और पूछताछ जारी है।

रायपुर में धर्म की बात: पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया सबसे बड़ा कर्तव्य

रायपुर मंदिर जाना, पूजा-पाठ करना, कथा-भागवत करना-कराना ही सिर्फ धर्म नहीं है। अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना ही सबसे बड़ा धर्म है। मैं हमेशा अधर्म के खिलाफ आवाज उठाता हूं। घटना चाहे प्रदेश में हो या देश में हो, अधर्म के खिलाफ टिप्पणी करता हूं। ये बातें कुछ विधर्मियों को नहीं पचती हैं, इसलिए मेरे खिलाफ कुछ न कुछ अफवाह फैलाते हैं। मैं किसी धर्म का विरोध नहीं करता। मैं तो सिर्फ सनातन धर्म का समर्थन करता हूं। ये बातें बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कही। गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में शनिवार से पांच दिवसीय हनुमंत कथा की शुरुआत हुई है। मंगलाचरण करने के बाद पं. शास्त्री ने कहा कि बड़े भाग्य से मनुष्य तन मिलता है। उसमें भी भारत जैसा वतन मिला और सनातन जैसा धर्म। पाकिस्तान में जन्म होता तो बम बनाते, कथा सुनने का मौका नहीं मिलता। चीन वालों को देखो तो लगता है कि ब्रह्माजी ने सबको फोटोकापी बना दिया है। 84 लाख योनियों के बाद मनुष्य का तन मिलता है। इसको सार्थक बनाओ। सनातन धर्म में जन्म लेने के बाद भी कथा न सुन पाओ, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता है। रामजी की कृपा के बिना सत्संग में नहीं आ सकते हैं। कथा सुनने आ गए ये महत्वपूर्ण नहीं है। इससे भी महत्वपूर्ण है कि कथा को आत्मा में बैठाना चाहिए। जीवन को ठीक करना है तो कथा सुननी चाहिए। कथा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आयोजक बसंत अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

राशन कार्ड घोटाला: रायपुर 19,574 फर्जी कार्डों के साथ पहले, दुर्ग 18,112 के साथ दूसरे स्थान पर

रायपुर छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें रायपुर राजधानी 19,574 फर्जी राशन कार्ड के साथ पहले और दुर्ग 18,112 के साथ दूसरे नंबर पर है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत तैयार आंकड़ों की जांच में पता चला कि 46 लाख से अधिक सदस्य संदिग्ध हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे परिवारों की है, जिन्होंने डुप्लीकेट आधार कार्ड, मृत व्यक्तियों के नाम और फर्जी दस्तावेजों से राशन कार्ड में सदस्य जोड़ रखे थे। खाद्य विभाग की ओर से शुरू किए गए भौतिक सत्यापन अभियान में अब तक 1 लाख 93 हजार 67 फर्जी सदस्य चिन्हांकित कर उनके नाम काट दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि यह कार्रवाई राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बेहद अहम है। जिलावार तस्वीर, रायपुर टॉप पर रायपुर में सबसे ज्यादा में 19,574 फर्जी सदस्य उजागर हुए हैं। दुर्ग में 18,112, जांजगीर-चांपा में 17,529, राजनांदगांव में 17,327 और कोरबा में 16,064 भी गड़बड़ी वाले शीर्ष जिलों में शामिल हैं। सरगुजा में 15,626, बलौदाबाजार में 13,833, महासमुंद में 13,308, धमतरी में 10,937 और कवर्धा में 9,987 में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए। दूसरी ओर गरियाबंद में 7,027 और कांकेर में 7,669 ऐसे जिले रहे, जहां अपेक्षाकृत कम फर्जी सदस्य मिले। जशपुर में 9,727, बालोद 8,925 और बेमेतरा 8,641 में भी गड़बड़ी सामने आई। सबसे ज्यादा फर्जी सदस्य     रायपुर -19,574     दुर्ग – 18,112     जांजगीर-चांपा – 17,529     राजनांदगांव -17,327     कोरबा -16,064 अभी और हटेंगे 53 हजार नाम जांच टीम के मुताबिक अभी करीब 53 हजार संदिग्ध सदस्यों की जांच बाकी है। इनमें मृतक, पलायन कर चुके लोग और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े सदस्य शामिल हैं। इनके सत्यापन के बाद नाम निरस्त कर दिए जाएंगे। सबसे कम फर्जी सदस्य     गरियाबंद -7,027     कांकेर -7,669     बेमेतरा -8,641     बालोद -8,925     जशपुर -9,727 कैसे हो रही जांच खाद्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जिन परिवारों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उनका घर-घर भौतिक सत्यापन कराया जाए। इसके लिए पटवारी, पंचायत सचिव, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। यदि कोई सदस्य गलत या अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम तत्काल हटाया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक सभी जिलों का सत्यापन पूरा कर लिया जाए।  

रायपुर में साहसिक सराफा लूट, व्यापारी के हाथ-पैर बांधकर 86 किलो चांदी चोरी

रायपुर राजधानी में अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए सराफा व्यापारी से करीब 86 किलो चांदी के आभूषण लूट लिए। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार इलाके की है। बदमाशों ने व्यापारी को गन प्वॉइंट पर बंधक बनाया, उसके हाथ-पैर बांध दिए और बेहोश करने के लिए संदिग्ध वस्तु सुंघा दी। इसके बाद ज्वेलरी शॉप से भारी मात्रा में चांदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित व्यापारी का नाम राहुल गोयल है और उनकी दुकान शिवा ट्रेडर्स ज्वेलर्स के नाम से संचालित होती है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे अज्ञात बदमाश दुकान पर पहुंचे और हथियार के बल पर गेट खुलवाया। इसके बाद व्यापारी को बेहोश कर डकैती को अंजाम दिया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।