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लक्ष्य साधने वालों के राज़: सफलता की 5 सुनहरी आदतें

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन इसे हासिल करने का सही रास्ता बहुत कम ही लोगों को पता होता है। कई लोग अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर बीच में ही थककर हार मानकर अपना रास्ता बदलने की गलती कर बैठते हैं। जिसकी वजह से वो सफलता से और दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्य को हासिल करके जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो ये 5 खूबियां अपने भीतर तुरंत उतार लें। अपना फैसला खुद लें अगर आप जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं तो अपने लिए फैसले दूसरों की मदद से नहीं बल्कि खुद के विवेक से लें। अपने जीवन में शामिल दोस्तों और रिश्तेदारों को अहमियत दें लेकिन अपना हर फैसला लेने के लिए उन पर निर्भर न रहें। अपनी जरूरतों को देखते हुए अपने फैसले खुद लेने का प्रयास करें। आत्मविश्वास की ना होने दें कमी सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज, व्यक्ति का खुद पर आत्मविश्वास का होना है। जो व्यक्ति के भीतर जीवन से मिले अनुभवों से पैदा होता है। याद रखें खुद में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए आपके पास जीवन में एक मकसद का होना जरूरी होता है। जिसे पूरा करने के लिए आप पूरे विश्वास के साथ मेहनत करते हैं। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी कई बार व्यक्ति दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत दिशा में मेहनत करना। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को करने के लिए कम समय लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको अपने काम करने के तरीके पर गौर करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार सफलता हार्ड वर्क से नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क से भी मिल जाया करती है। अपनी कमियों को भी स्वीकार करें सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों की जानकारी भी पूरी होनी चाहिए। अगर आप जीवन में आगे बढ़कर नई उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं, तो अपनी कमियों का पता करके न सिर्फ उन्हें स्वीकार करें बल्कि उन्हें सुधारने की दिशा में भी काम करें। समय की कीमत समझें जो व्यक्ति अपने जीवन में समय की कदर नहीं करता, उसे सफलता कभी नहीं मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी होता है।  

सफलता की कुंजी: मुश्किल हालात में भी खुद को रखें शांत

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किसी भी परिस्थिति में कंट्रोल करना जरूरी है। पर ये कंट्रोल दूसरों पर ना होकर खुद पर होना जरूरी है। अपने आप को और दिमाग को इस तरह से ट्रेनिंग दे कि मुश्किल, विपरीत और बिल्कुल अलग तरह की सिचुएशन में कैसे खुद को शांत रखें। क्योंकि ज्यादातर गलतियां हम तभी करते हैं जब हमारी सोच, फिजिकल एक्टीविटी और हमारे शब्द जल्दी से रिएक्ट कर देते हैं। जब अपने दिमाग पर हमारा कंट्रोल होगा तो इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना आसान होगा। जानें कैसे विपरीत सिचुएशन में खुद को कूल रखें। खुद पर कंट्रोल खोने से बचाना जब भी सामने वाला आपको प्रोवोक करे, नीचा दिखाए तो खुद से यहीं कहना है कि मेरा रिएक्शन मेरी ताकत है और मैं इसे ऐसे ही नहीं दूंगा। क्योंकि गुस्से में खुद पर कंट्रोल खो देने से पावर भी चली जाती है। धीरे से रिएक्ट करें जब भी बहुत ही गंभीर, डिप्रेशन और स्ट्रेसफुल सिचुएशन आए तो तीन बार गहरी सांस लें और सोचें क्या मेरा इस जगह पर रिस्पांड करना जरूरी है। जो इंसान शांत रहते हैं वो अपनी प्रतिक्रिया देने के मामले में जल्दीबाजी नहीं दिखाते। और, जो लोग जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं अक्सर वो कमजोर ही होती है। सिचुएशन नहीं माइंड पर कंट्रोल करें अक्सर लोग सिचुएशन को कंट्रोल करने में लग जाते हैं लेकिन सिचुएशन नहीं खुद के माइंड पर कंट्रोल करने की जरूरत होती है। मेंटली स्ट्रांग लोगों से इन बातों को सीखें। जैसे ही कोई निगेटिव सिचुएशन आए तो सोचें कि हर समस्या का समाधान होता है। इससे पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियां संभाली हैं। इसे भी संभाल लेंगे और ज्यादा सोचने से नहीं बल्कि अपने ऐक्शन में क्लियरिटी लाएं। जिससे प्रॉब्लम सॉल्व की जा सके। बॉडी लैंग्वेज पर कंट्रोल जब भी निगेटिव सिचुएशन आती है तो अपने बॉडी लैंग्वेज पर भी कंट्रोल करें। स्पाइन को सीधा करें, चेस्ट को ओपन करें और सांसों को धीरे से लें। ऐसा करने से बॉडी लैंग्वेज कंट्रोल में दिखेगी। निगेटिव विचारों को रोकें मन में जैसे ही निगेटिव विचार आएं तो खुद से बात करें कि क्या जो मैं सोच रहा हूं वो सही है या केवल मन का भ्रम। अपने विचारों को लिखें, ऐसा करने से ज्यादा क्लियर होगा माइंड।  

रात में अपनाएँ ये 5 आदतें, घर आएगी खुद-ब-खुद समृद्

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जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।  

कामयाबी के लिए सेल्फ मैनेजमेंट जरुरी

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तनाव भरी जिंदगी से छुटकारा पाना चाहते हैं और करियर में एक कामयाब इंसान बनने के इच्छुक हैं, तो सीखें सेल्फ मैनेजमेंट की स्किल… सेल्फ अवेयरनेस सेल्फ अवेयरनेस की स्किल सीखने से जीवन की उलझनें खुद-ब-खुद आसान हो जाएंगी। आपको बस यह समझने की जरूरत है कि आखिर जीवन में इतनी कुंठा या निराशा क्यों घर कर गई है। ऐसी स्थितियों में मोटिवेशन बढ़ाने वाले तौर-तरीके सीखने जरूरी होते हैं। खुद के बारे में विचार मंथन कर हर समय पॉजिटिव बने रहने की कला आनी चाहिए। इमोशनल मैनेजमेंट सेल्फ कॉन्फिडेंस के बिना तो जीवन में सफल होना संभव नहीं है। अपनी ताकत का एहसास हर किसी को होना चाहिए। खुद पर भरोसा ही आगे बढ़ाएगा। इसी तरह इमोशन का भी हमारे जीवन में अहम रोल होता है। हमारी सोच ही हमें एक सफल या असफल इंसान बनाती है। स्ट्रेस मैनेजमेंट कामयाबी के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट भी जरूरी है। इसलिए हर परिस्थिति में मन को शांत, संतुलित और स्वस्थ रखने की कला आनी चाहिए। स्ट्रेस लेवल को काबू करके ही हम वर्कप्लेस पर अपनी प्रोडक्टिविटी बनाए रख सकते हैं। सब साधने की सक्षमता सेल्फ मैनेजमेंट के गुर सीखकर आप करियर, परिवार, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत व पेशेवर संबंधों को और प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम बन सकते हैं। सही स्ट्रैटेजी के जरिए उपलब्धियां कदम चूमेंगी। पर यह तभी होगा, जब आप क्रोध, ईष्र्या और राग-द्वेष पर नियंत्रण पा लेंगे। आपको सेल्फ कॉन्फिडेंस और सेल्फ मोटिवेशन के जरिए ढूंढ़ने होंगे। आत्म-प्रबंधन के जरिए यह खुद-ब-खुद आ जाएगा।