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सिंदूर के घावों का इलाज नहीं, मुरीदके एयरबेस और ऑपरेशन सिंदूर की छुपी हुई सच्चाई

इस्लामाबाद  मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के मुरीदके एयरबेस पर किए गए हमलों के निशान आज भी साफ दिख रहे हैं. गूगल अर्थ की नई तस्वीरों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तक हमले वाली दोनों जगहें अभी भी ढकी हुई हैं. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान अब भी मरम्मत कर रहा है. यह खुलासा भारत की सैन्य ताकत और पाकिस्तान की कमजोरी को दिखाता है. ऑपरेशन सिंदूर: मई 2025 का बड़ा हमला 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. यह पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम था. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर सटीक हमले किए. इनमें मुरीदके एयरबेस भी शामिल था, जो पाकिस्तान का महत्वपूर्ण हवाई अड्डा है. मई के अंत में जारी सैटेलाइट तस्वीरों से साफ दिखा कि हमले ने भारी नुकसान पहुंचाया. मुरीदके एयरबेस पर हमले का मुख्य निशान एक बड़ा गड्ढा था. यह गड्ढा करीब तीन मीटर चौड़ा था और एयरबेस सुविधा से सिर्फ 30 मीटर दूर था. यह सुविधा पाक वायुसेना के लिए बहुत गोपनीय मानी जाती है. हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों से पुष्टि हुई कि भारत ने सटीक निशाना साधा. हमले से एयरबेस की संरचना को गहरा नुकसान हुआ, जिसमें छतें उड़ गईं और इमारतें टूट गईं. सितंबर 2025 की गूगल अर्थ तस्वीरें: मरम्मत के संकेत अब सितंबर 2025 की गूगल अर्थ तस्वीरों से नया खुलासा हुआ है. हमले वाली दोनों जगहें – गड्ढा और क्षतिग्रस्त हिस्से – अभी भी ढकी हुई दिख रही हैं. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने तिरपाल या अन्य सामग्री से इन्हें छिपाया है, ताकि मरम्मत जारी रख सके. अन्य पाकिस्तानी एयरबेस जैसे सरगोधा में जून 2025 तक रनवे की मरम्मत हो चुकी थी, लेकिन मुरीदके में काम धीमा चल रहा है. यह ढकाव नुकसान की गहराई दिखाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अंडरग्राउंड सुविधा को ठीक करने में महीनों लग सकते हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मई के हमलों से पाकिस्तानी सुविधाओं को सीमित लेकिन साफ नुकसान हुआ. पाकिस्तान की हवाई ताकत पर सवाल ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की हवाई ताकत को कमजोर कर दिया. मुरीदके एयरबेस पर हमला न सिर्फ बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान के आत्मविश्वास को भी झकझोर दिया. भारत ने न्यूनतम नुकसान के साथ सटीक हमले किए, जो वायुसेना की क्षमता दिखाता है. पाकिस्तान ने शुरुआत में नुकसान को कम बताया, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने सच्चाई उजागर कर दी. नूर खान और सरगोधा जैसे अन्य बेस भी प्रभावित हुए. मुरीदके पर फोकस इसलिए, क्योंकि यह अंडरग्राउंड हथियार भंडारण का केंद्र था. भारत की सतर्कता बरकरार यह तस्वीरें दिखाती हैं कि मई के हमले का असर आज भी है. पाकिस्तान मरम्मत में जुटा है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा. भारत के लिए यह चेतावनी है कि सीमा पर सतर्कता जरूरी है. ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा. विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी तस्वीरें निगरानी के लिए महत्वपूर्ण हैं. गूगल अर्थ जैसी तकनीक से दुनिया को सच्चाई पता चलती है.

करूर भगदड़ में लापरवाही पर मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई विजय की पार्टी को चेतावनी

नई दिल्ली मद्रास उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते करूर में हुई भगदड़ को लेकर दक्षिण के सुपरस्टार विजय की TVK पार्टी को कड़ी फटकार लगाई है। अभिनेता के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के नेता, जिन्होंने करूर में रैली का आयोजन किया था घटनास्थल से भाग गए और 41 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के बाद उन्हें कोई पछतावा नहीं हुआ। न्यायाधीश ने एक हिट एंड रन मामले में टीवीके की प्रचार बस को जब्त करने का आदेश दिया और वीडियो का हवाला देते हुए बताया कि बस एक दुर्घटना में शामिल थी। उन्होंने पुलिस को रैली के सभी सीसीटीवी कैमरे, खासकर विजय की बस के अंदर और बाहर के कैमरे, जब्त करने का भी आदेश दिया।   अदालत ने दिया एसआईटी गठन का आदेश अदालत ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) असरा गर्ग की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया है और राज्य सरकार से एसआईटी के साथ सहयोग करने को कहा है। अदालत ने कहा कि रैली आयोजकों ने उन लोगों को छोड़ दिया जो अभिनेता की एक झलक पाने आए थे, लेकिन अंततः अपनी जान गंवा बैठे और पार्टी को उनकी मदद करनी चाहिए थी। अदालत ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने कोई पछतावा, कोई जिम्मेदारी या कोई खेद नहीं दिखाया। 'विजय के खिलाफ क्यों दर्ज नहीं किया मामला' अदालत ने स्थानीय पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य टीवीके नेताओं के प्रति उदारता दिखा रहा है। यह भी पूछा गया कि विजय के खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया। अब तक टीवीके के दो नेताओं पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। इनमें विजय के करीबी सहयोगी और उनके दूसरे नंबर के अधिकारी एन 'बुस्सी' आनंद और सीटी निर्मल कुमार शामिल हैं। भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने विजय से किया संपर्क सूत्रों के अनुसार, करूर भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने दक्षिण के सुपरस्टार विजय की पार्टी से संपर्क किया है। इससे संकेत मिलता है कि भगवा पार्टी 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अपनी संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनेता के विशाल प्रशंसक आधार का उपयोग करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने टीवीके नेतृत्व को बताया है कि अगर डीएमके द्वारा विजय को गलत तरीके से निशाना बनाया गया तो वह अकेले नहीं होंगे। नेता ने टीवीके को बताया कि वह भी डीएमके को घेरना चाहती है और विजय को धैर्य रखना चाहिए। भाजपा के अलावा कांग्रेस ने भी टीवीके से संपर्क किया था, जिससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय पार्टियां इसे द्रविड़ प्रमुखों डीएमके और एआईएडीएमके के प्रभुत्व वाली राज्य की राजनीति में अपनी छाप छोड़ने के अवसर के रूप में देख रही हैं।  

उम्मीदवारों के लिए राहत: यूपीएससी जल्द जारी करेगा प्रीलिम्स अंतरिम उत्तर कुंजी

नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने प्रारंभिक परीक्षा के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। आयोग सिविल सेवा परीक्षा समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। अभी तक अंतिम परिणाम जारी होने के बाद ही उत्तर कुंजी जारी होती थी। यूपीएससी ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी। यह हलफनामा सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित लंबित याचिका पर दाखिल किया गया था। यूपीएससी ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान उसने अदालत द्वारा नियुक्त न्याय मित्र के सुझाव समेत विभिन्न कारकों पर विचार-विमर्श किया है। अधिवक्ता वर्धमान कौशिक के माध्यम से दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, व्यापक विचार-विमर्श और संवैधानिक निकाय के रूप में यूपीएससी को सौंपी गई भूमिका के मद्देनजर आयोग इस निर्णय पर पहुंचा है कि प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होने के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित किया जाए। हलफनामे में कहा गया है कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से अभ्यावेदन या आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रत्येक ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति के समर्थन में तीन प्रामाणिक स्त्रोत्र देना होगा तथा जिन आपत्तियों के पक्ष में प्रामाणिक स्त्रोत्र नहीं हो, उन्हें शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाएगा। आयोग तय करेगा कि प्रस्तुत स्त्रोत प्रामाणिक हैं या नहीं। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि अंतरिम उत्तर कुंजी तथा प्रश्न पत्र एवं उत्तर कुंजी पर उम्मीदवारों से प्राप्त आपत्तियों या अभ्यावेदन को संबंधित विषय के विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा, जो सभी पहलुओं पर विचार करेगी और उत्तर कुंजी को अंतिम रूप देगी। विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार की गई ऐसी अंतिम उत्तर कुंजी प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों की घोषणा का आधार बनेगी। हलफनामे में कहा गया है कि आयोग इन प्रक्रियाओं का पालन यथाशीघ्र शुरू करना चाहता है। यूपीएससी द्वारा लिया गया निर्णय याचिका में उठाई गई शिकायतों का प्रभावी और पर्याप्त निवारण माना जाए।  

दुश्मनों को मिलेगा करारा जवाब, पाक बॉर्डर पर तैनात होंगी AK-630

नई दिल्ली पाकिस्तान सीमा से सटे आबादी वाले इलाकों और आस्था के केंद्रों को सुरक्षा देने के इरादे से मिशन सुदर्शन चक्र के तहत भारतीय सेना ने एक स्वदेशी कंपनी से छह एके-630 एमएम बंदूकें खरीदने की तैयारी की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिले सबक पर काम करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। सशस्त्र संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में नागरिक ठिकानों और धार्मिक इमारतों पर सीधे हमले किए थे। आगे ऐसा न होने देने के लिए सेना पहले से तैयारी कर लेना चाहती है। छह एके630 एयर डिफेंस गन सिस्टम की होगी खरीद  रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सेना वायु रक्षा (एएडी) ने एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआइएल) के साथ छह एके630 एयर डिफेंस गन सिस्टम की खरीद के लिए एक आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) जारी किया है। ये एक 30 मिमी मल्टी-बैरल मोबाइल एयर डिफेंस गन सिस्टम है जिसमें लगातार हाई लेवल की फायरिंग की जा सकती है। बंदूक प्रणाली को एक ट्रेलर पर लगाया जाएगा और हाई मोबिलिटी वाहन से ले जाया जाएगा।   जानिए इस एयर डिफेंस सिस्टम की खासियत उन्होंने बताया कि एके630 का उपयोग यूआरएएम (ड्रोन, राकेट, तोपखाने और मोर्टार) से पैदा हुए खतरे को विफल करने के लिए किया जाएगा। इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के निकट स्थित प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों और आस्था के केंद्रों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। ये गन सिस्टम 3000 राउंड प्रति मिनट की दर से चार किलोमीटर तक लक्ष्य भेद सकता है। इसमें सभी मौसमों में काम करने वाले इलेक्ट्रो-आप्टिकल फायर कंट्रोल सिस्टम लगा होगा, जो किसी भी मौसम में लक्ष्य की पहचान कर सकता है। इसे सुदर्शन चक्र कवच के तौर पर विकसित किया जा रहा है और इसे पूरे वायु रक्षा संरचना से जोड़ा जाएगा। बता दें कि भारतीय सेना के एएडी ने पाकिस्तान के ड्रोन और विमानों के जरिये हवाई हमलों को विफल करने में अहम भूमिका निभाई है। एएडी सैनिकों से राजनाथ सिंह ने की थी मुलाकात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में गुजरात के भुज में एएडी सैनिकों से मुलाकात की थी, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के बहुस्तरीय हमलों को विफल कर दिया था। भारत का आयरन डोम है मिशन सुदर्शन चक्र मिशन सुदर्शन चक्र भारत की 2035 तक एक व्यापक, बहुस्तरीय, स्वदेशी सुरक्षा कवच तैयार करने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें निगरानी, साइबर सुरक्षा और वायु रक्षा प्रणालियों को एकसाथ जोड़ा जाएगा ताकि देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों को दुश्मनों के हमलों से बचाया जा सके। पीएम मोदी ने की थी इस मिशन की शुरुआत इजरायल की तर्ज पर इसे तैयार किया जाएगा, जिसकी वजह से इसे भारत का आयरन डोम कहा जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस मिशन की शुरुआत की है। इसके तहत स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देते हुए रक्षात्मक अवरोध और संभावित आक्रामक क्षमता विकसित करना लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को भारत में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ पाकिस्तान को चेतावनी दी थी और कहा था कि भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में कोई संयम नहीं बरता जाएगा।  

Mitchell Marsh की पहली T20I सेंचुरी, ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को मात देकर 2-0 से सीरीज अपने नाम की

नई दिल्ली NZ vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने शानदार शतक जड़कर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20I मैच में अपनी टीम को 3 विकेट से जीत दिलाई और 2-0 से सीरीज अपने नाम की। मार्श ने 52 गेंदों में नाबाद 103 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभाले रखा, जबकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। मिचेल मार्श का पहला T20I शतक दरअसल, न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी (NZ vs AUS) करते हुए 9 विकेट पर 156 रन बनाए। टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन (48) टिम सिफर्ट ने बनाए। इसके बाद माइकल ब्रेसवेल (26) और जिम्मी नीशम (25) ने आखिर में तेज खेल दिखाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कंगारू टीम की ओर से शॉन ऐबट ने तीन विकेट, जबकि जोश हेजलवुड, जेवियर बार्टलेट को दो-दो सफलता मिली। एडम जम्पा और मार्कस स्टोइनिस को एक-एक विकेट मिला। इसके जवाब में, ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल मार्श की दमदार बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य को 18 ओवर में ही हासिल कर लिया। उनके अलावा मिचेल ओवेन ने (14 रन) थोड़ा योगदान किया। न्यूजीलैंड की तरफ से जिमी नशीम ने 4 ओवर में 26 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके अलावा जेकब डफी ने द विकेट और बेन सीयर्स ने एक विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की टी20आई सीरीज का पहला मैच 6 विकेट से जीता था। उस मैच में भी कप्तान मिचेल मार्श ने 85रन की मैच विनिंग पारी खेली थी। दूसरा मैच जो कि 3 अक्टूबर को होना था, लेकिन बारिश की वजह से मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। तीसरे टी20आई मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 12 गेंद बाकी रहते हुए 157 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए टी20 सीरीज 2-0 से अपने नाम की।  

साइबर ठग ने रिटायर्ड टीचर से ऐशो-आराम छीन लिए, 14 महीने में 97 लाख की ठगी

इंदौर साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षिका से 96 लाख 83 हजार 595 रुपये की ठगी कर ली। वह 14 महीनों तक ठगों के संपर्क में रही और उनके इशारों पर खातों में राशि जमा करवाती रहीं। पुलिस ने शुक्रवार रात अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठग के सभी खाते फर्जी पाए गए हैं। सिम कार्ड भी दूसरों के नाम से मिले हैं। ठगी जूना रिसाला निवासी कुमारी पुष्पा ठाकुर के साथ हुई है। 67 वर्षीय पुष्पा सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक हैं। शिकायत में बताया कि 16 दिसंबर 2023 को राजीव शर्मा नामक व्यक्ति का कॉल आया था। उसने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताया और पुष्पा को दो बीमा पॉलिसी की जानकारी दी। उसने कहा कि एक पॉलिसी चालू है और दूसरी सरेंडर नहीं हुई है। एक लाख रुपये की राशि एनईएफटी कर दें ताकि पॉलिसी की सरेंडर राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।   आरोपी ने महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए आरोपित ने बाकायदा ई-मेल आईडी भेजी और महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए। आरोपित ने सात फरवरी 2025 तक महिला से कुल 96 लाख 83 हजार 595 रुपये जमा करवा लिए। बीमा कंपनी से डेटा लीक, ठग ने पॉलिसी बताकर ठगा महिला ने पुलिस को बताया कि उसने एसबीआई लाइफ से बीमा पॉलिसी ली थी। तीन साल तक 25 हजार रुपये जमा करती थी। बीच में रुपये जमा करना बंद कर दिए। कंपनी के कर्मचारी ने पॉलिसी सरेंडर करने की सलाह दी और 72 हजार रुपये मिले। मार्च 2020 में महिला ने दस वर्ष के लिए दूसरी पॉलिसी ले ली। 16 दिसंबर 2023 को ठग का कॉल आया और कहा कि पॉलिसी सरेंडर नहीं हुई है। उसमें लाखों रुपये जमा हैं। शक है बीमा कंपनी से ही ग्राहकों के डेटा लीक हो रहा है। गिरोह ने 23 बार में 32 खातों में जमा करवा रुपये एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, ठगी का शिकार हुई महिला ने आरोपितों में राजीव शर्मा, अमित शर्मा, आर. गोस्वामी, एसके अहलुवालिया, सुब्रत बास, गुरमीत सिंह चंद्रा के नाम बताए हैं। ठग इनके नाम से ही कॉल लगाते थे। आरोपितों ने 23 बार में 32 खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए हैं। 15 लाख 46 हजार रुपये तो बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से ट्रांसफर किए गए हैं।

मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भाषा एक संपूर्ण संस्कृति है। यह भावों की अभिव्यक्ति के साथ व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है। राज्यपाल श्री पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रचार समिति द्वारा स्थापित पुरस्कारों से लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया और बधाई दीं। समारोह का आयोजन हिन्दी भवन में किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी की लोकप्रियता भारत के साथ संपूर्ण विश्व में बढ़ी है। मोदी जी जब विश्व मंचों पर हिंदी में अपनी बात रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने कहा कि गैर हिन्दी राज्यों और सरकारी नीतियों में भी विगत वर्षों से हिन्दी का प्रसार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2023 में फिजी में विश्व हिन्दी सम्मेलन में दुनिया भर के 50 देशों का शामिल होना, प्रधानमंत्री जी के इन्हीं प्रयासों का सुखद प्रतिफल है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन और प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रावधान, प्रधानमंत्री जी के संकल्पों की सिद्धि की पहल है। प्रदेश सरकार ने भी हिन्दी विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे तकनीकी, वैज्ञानिक विषयों का हिन्दी में अध्ययन-अध्यापन की अनुकरणीय और सराहनीय पहल की है। हिन्दी प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का करें नेतृत्व राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि विश्व मंच पर भारतीय भाषाओं का सम्मान और अधिक बढ़ाने के लिए हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में समन्वय की आवश्यकता है। आप सम्मानित और सभी गैर हिन्दी भाषियों से मेरा अनुरोध है कि हिन्दी और अहिन्दी भाषियों के संवाद सूत्र बनकर, हिन्दी के प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि अहिन्दी भाषी स्वामी दयानंद, महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी के सामर्थ्य के द्वारा हमारी सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोने में सफलता प्राप्त की है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान राज्यपाल श्री पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान प्रदान किया। उन्होंने  विभिन्न  श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसी प्रकार समिति द्वारा स्थापित विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए । राज्यपाल श्री पटेल ने मां सरस्वती का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल श्री पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रचार समिति के संपादक और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने दिया। श्री रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति की उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्री महेश सक्सेना, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे। 

इतिहास से आधुनिकता तक: शीश महल बनेगा सरकारी अतिथि गृह, आम लोगों के लिए खुला कैफेटेरिया

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित विवादास्पद सरकारी आवास, जिसे 'शीश महल' के नाम से जाना जाता है, अब एक नए स्वरूप में नजर आएगा। दिल्ली की भाजपा सरकार ने इस बंगले को एक राजकीय अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। इस अतिथि गृह में आम जनता के लिए एक फूड आउटलेट (भोजनालय) भी खोला जाएगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने शनिवार को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सिविल लाइंस स्थित इस बंगले को एक सार्वजनिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव लगभग अंतिम चरण में है। योजना के अनुसार, परिसर में एक कैफेटेरिया स्थापित किया जाएगा, जहाँ अन्य राज्यों के भवनों की तरह पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे और यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सरकार बंगला नंबर 6 को राजकीय अतिथि गृह में बदलने के निर्णय के करीब है। इसका उपयोग अन्य राज्यों के अतिथि गृहों की भांति ही किया जाएगा, जहाँ बैठकें आयोजित हो सकेंगी और प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए आने वाले अधिकारी व मंत्री भुगतान के आधार पर ठहर सकेंगे।" इस प्रस्ताव के तहत परिसर में पार्किंग स्थल, प्रतीक्षा कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। हालांकि, इस योजना को अभी उच्च अधिकारियों से अंतिम मंजूरी मिलनी शेष है। फिलहाल, इस बंगले के रखरखाव के लिए लगभग 10 कर्मचारियों की एक टीम तैनात है, जो नियमित रूप से साफ-सफाई और विद्युत उपकरणों का संचालन सुनिश्चित करती है। गौरतलब है कि यह बंगला अपने नवीनीकरण में हुए कथित अत्यधिक खर्च और अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों के केंद्र में रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाते हुए 'शीश महल' की संज्ञा दी थी। वर्ष 2022 में, दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बंगले के नवीनीकरण में हुई कथित अनियमितताओं और अत्यधिक लागत की जांच भी शुरू की थी। सरकार के इस नए कदम को उस विवादित अध्याय को समाप्त कर संपत्ति का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।  

तोमर-सिंधिया गुटबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य ने संभाली कमान

ग्वालियर भाजपा का सबका साथ-सबका विकास के संकल्प के बीच ग्वालियर में गणित कुछ अलग है। ग्वालियर में 17 दिन बाद फिर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के बिना विकास कार्यों की समीक्षा तीन घंटे समीक्षा की। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी रहे। ग्वालियर में तोमर-सिंधिया गुटबाजी ग्वालियर-चंबल में अलग तेवरों के साथ पिछले माह से सक्रिय हुए सिंधिया अक्टूबर के पहले सप्ताह में फिर मैदान में दिखे। नेताओं की अलग-अलग बैठकों का सीधा कारण किसी से छिपा नहीं है कि ग्वालियर में तोमर-सिंधिया गुटबाजी। मंच साझा करने से लेकर बचने वाले दोनों नेता विकास कार्यों की बैठक में साथ नहीं दिखते। ग्वालियर में विकास कार्यों की बैठक के लिए प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर से आकर यहां खुद की अध्यक्षता में बैठक लेते हैं, हकीकत में जिसे लीड केंद्रीय मंत्री ही करते हैं। प्रोटोकाल के कारण केंद्रीय मंत्री सीधे विकास कार्यों की बैठक नहीं ले सकते।   सिंधिया ने पांच बिंदुओं पर समीक्षा की सिंधिया ने बैठक के बाद सांसद के उपस्थित न होने के सवाल पर कहा कि वे व्यस्त होंगे, वे कहां हैं यह तो उनसे ही पूछा जा सकता है कि वे कहां हैं। सिंधिया ने पांच बिंदु सड़क, सीवर, पेयजल, एलिवेटेड रोड सहित पांच बिंदुओं पर समीक्षा की। ग्वालियर चंबल अंचल में पिछले एक साल दूर सिंधिया ने पिछले माह से अपनी सक्रियता दिखाई है। पिछले माह 15 सितंबर को सिंधिया ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट में ही विकास कार्यों की लंबी चौड़ी बैठक ली थी। बैठक में ग्वालियर में संचालित सभी बड़े प्रोजेक्टों पर चर्चा की और बुनियादी सुविधाओं सीवर, सड़क, पेयजल, पार्किंग आदि पर चर्चा की। सिंधिया ने अफसरों को निर्देश बैठक के बाद सिंधिया ने यह भी स्वीकारा था कि ग्वालियर की सड़कें बदहाल हैं, जिन्हें सिंधिया ने अफसरों को अलग-अलग श्रेणी में बांटने के निर्देश दिए। शुक्रवार की बैठक में अधिकारी यह होमवर्क करके भी लाए और विधानसभावार सिंधिया को सड़कों की हालत दिखाई। सिंधिया बोले-जो दवाब बनवाए उसकी पर्ची खुलवाओ बैठक में सिंधिया ने विकास कार्यों को लेकर कहा कि जो भी ठोस कार्य योजना नेताओं के साथ बैठक बनाई जा रही है उसमें अमल के दौरान जो भी बाधा या दवाब बना रहा है उसके नाम की पर्ची खुलवाई जाए। सिंधिया का इशारा नेताओं को लेकर था। सांसद शिवपुरी में थे, मंत्री नारायण सिंह बोले-वे व्यस्त होंगे पिछली बैठक में भी सांसद भारत सिंह कुशवाह नहीं थे और शुक्रवार को भी वे नहीं दिखे। सांसद शिवुपरी में थे। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भी सांसद के बैठक में न होने पर कहा कि हो सकता है वे व्यस्त हों, इसलिए बैठक में नहीं आ सके हों।

लोगों के दुख-दर्द की पहली फिक्र! दिल्ली में 27 साल बाद नई सरकार पर रेखा गुप्ता की राय

नई दिल्ली दिल्ली में बहुत कुछ पहली बार हो रहा है। 27 साल बाद कोई सनातनी सरकार आई है। दिल्ली के लोगों का दुख-दर्द कम करने की चिंता भी किसी सरकार ने पहली बार की है। यह कहना था दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता था। जिन्होंने दिल्ली सरकार की ओर से की जा रहीं छठ पर्व की तैयारियों के बारे में बताने के दौरान ये कहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांवड़ का त्योहार कितनी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। अभी रामलीला भी सभी ने देखी, कितने जोरों शोरों से हर एक सुविधा दिल्ली सरकार ने दी। ऐसा ही इंतजाम दुर्गा पंडालों को लेकर भी किए गए।  छठ पर्व पर भी उतनी ही भव्यता के साथ सारी सुविधाएं दिल्ली सरकार प्रदान करेगी। सभी विभाग अपने कामों को मुस्तैदी कर रहे हैं। हजारों की संख्या में छठ के घाट तैयार किए जाएंगे और लाखों लोग भक्तजन पूजा करेंगे। उन्होंने कहा कि सालों बाद यमुना किनारे छठ मनाई जाएगी। सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, इस बार छठ व्रतियों को सुंदर और एतिहासिक छठ पर्व मनाने का मौका मिले। पल्ला से लेकर ओखला तक जहां-जहां आबादी है, वहां दिल्ली सरकार छठ घाट तैयार करेगी। इसके अलावा शहर के अंदर भी हजार से ज्यादा प्वाइंट छठ पूजा के लिए बनाए जाएंगे। इस बार सुंदर और विशिष्ट छठ मनाई जाएगी।  छठ पर्व को लेकर किसी भी प्रकार की व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार है, उसके बाद यहां की स्वच्छता की जिम्मेदारी भी दिल्ली सरकार की है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं ये मानती हूं, छठ के अर्घ्य से यमुना किसी भी हाल में गंदी हो ही नहीं सकती। यह एक पवित्र त्योहार है। स्वच्छता का त्योहार है। प्रकृति का त्योहार है, प्रकृति के साथ मिलकर लोग पूजा करें।