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उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य

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प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 20 अक्टूबर तक शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य  योगी सरकार की पहल पर युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत पूरे प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण प्रारम्भ कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित किए हैं। 20 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से शुरू होंगे बैच कौशल विकास मिशन की ओर से निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाता नियमानुसार प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की अनुमोदन प्रक्रिया के बाद 20 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण बैच प्रारम्भ करें। इस अवसर पर पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की जाएगी। वितरण की प्रक्रिया जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को पाठ्य सामग्री वितरण और बैच प्रारम्भ संबंधी न्यूनतम तीन फोटोग्राफ तथा वितरण पावती रसीद को जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से सत्यापित कराकर मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर योगी सरकार का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख कौशल युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत न केवल माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।   इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के पंजीकरण की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ी  उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने शुक्रवार को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के अंतर्गत चल रहे पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) के साथ बैठक कर युवाओं के पंजीकरण की गति तेज करने के निर्देश दिए। अपर मिशन निदेशक ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा  कि युवाओं को कौशल प्रतियोगिता से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, परामर्श शिविर और संस्थागत समन्वय की कार्यवाही शीघ्र बढ़ाई जाए। पंजीकरण की अंतिम तिथि अब 15 अक्टूबर 2025 तक बढ़ने पर उन्होंने सभी जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों को निर्देशित किया कि वे लक्षित युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करें तथा पंजीकरण संख्या में  वृद्धि सुनिश्चित करें। प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं पंजीकरण की सुविधा https://www.skillindiadigital.gov.in पर उपलब्ध है।  

शिवहरे परिवार की संपत्ति पर ईडी की नजर, भोपाल से पहुंची टीम ने की छानबीन

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छतरपुर मध्‍य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगौता में तिराहे पर स्थित शिवहरे परिवार के निवास पर आज सुबह करीब 7 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा है. जानकारी के अनुसार, भोपाल से आई ED की 5 सदस्यीय टीम 4 पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवी दीन शिवहरे के परिवार के घर पर जाँच कर रही है. परिवार से जुड़े लोगों में रियल एस्टेट और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन व्यवसायी अनंत राम शिवहरे और मुकेश शिवहरे (सब इंजीनियर, पूर्व में पन्ना में कार्यरत) शामिल हैं. फिलहाल ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस मामले में जाँच की जा रही है. सुबह 7 बजे से चल रही कार्रवाई शिवहरे परिवार के यहां ED की 5 सदस्यीय टीम ने करीब सुबह 7 बजे छापा मारा था. तभी से ठेकेदार अनंतराम शिवहरे और उनके पुत्र सब इंजीनियर मुकेश शिवहरे के यहां ED की कार्यवाही चल रही है. ED की टीम ने अभी तक किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है. वहीं घर के बाहर पुलिस के जवान को भी तैनात किया गया है. पाल से आई टीम, बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले भोपाल से आई ईडी की पांच सदस्यीय टीम सुबह चार पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवीदीन शिवहरे के निवास पर पहुंची और जांच शुरू की। यह घर सागर-कानपुर रोड पर बगौता तिराहे के पास स्थित है। छापेमारी के दौरान ईडी टीम के साथ आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने संबंधित बैंक खातों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई। परिवार का ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़ाव जांच जिन लोगों को केंद्र में रखकर की जा रही है, उनमें अनंतराम शिवहरे और मुकेश शिवहरे शामिल हैं। अनंतराम पहले नल फिटिंग के ठेकेदार रहे हैं, जबकि मुकेश शिवहरे पन्ना में सब इंजीनियर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उनकी पत्नी डॉ. सोनल शिवहरे वर्तमान में ईसानगर में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि शिवहरे परिवार ठेकेदारी के साथ-साथ जमीन की खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से भी जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ लेन-देन संदिग्ध हैं, जिन्हें लेकर दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने की पुष्टि सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह ने भी ईडी की इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की है और पुलिस टीम सहयोग के लिए मौके पर मौजूद रही। ED की कार्रवाई जारी जानकारी के मुताबिक, ED की टीम शिवहरे परिवार के यहां कार्यलायों के दस्‍तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड्स और जरुरी अन्‍य समानों की जांच कर रही है. दरअसल, अनंत राम शिवहरे रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में कॉफी सक्रिय माने जाते हैं. इनकी बिल्डिंग कंस्‍ट्रक्‍शन प्रोजेक्‍ट्स में भी अहम भुमिका मानी जाती है. ED द्धारा शिवहरे परिवार के यहां छापा मारने के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है.

भारत का गौरव बढ़ाया Mirabai Chanu ने, वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल पर कब्जा

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टोक्यो भारत की वेटलिफ्टिंग सनसनी मीराबाई चानू एक बार फिर देश के लिए गौरव की प्रतीक बनकर उभरी हैं। टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर लाने वाली मीराबाई ने नॉर्वे के फोर्डे में आयोजित 2025 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। ये उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि भारत के लिए एक बड़ी वापसी भी है — इस प्रतियोगिता में तीन साल बाद देश को कोई पदक मिला है। 199 किलो का कमाल, 12 किलो से गोल्ड से चूकीं चानू ने कुल 199 किलोग्राम भार (84 किग्रा स्नैच और 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर रजत पदक पर निशाना साधा। हालांकि, नॉर्थ कोरिया की रि सोंग गुम ने 213 किलोग्राम के विशाल भार के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। चीन की थान्याथन ने कांस्य पदक हासिल किया। दमदार शुरुआत, कुछ चूके मौके  चानू ने स्नैच में 84 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाकर मजबूत आगाज़ किया, जो उन्हें इस वर्ग में कांस्य पदक तक ले गया। हालांकि इसके बाद के दोनों प्रयासों में वो 87 किलोग्राम के भार को सफलतापूर्वक नहीं उठा सकीं। दूसरी ओर, क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 109 किग्रा से शुरुआत करते हुए 112 और फिर 115 किग्रा तक सफलता हासिल की, जिससे उनका कुल स्कोर 199 किग्रा पहुंच गया और सिल्वर मेडल पक्का हो गया। तीसरा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल, नया कीर्तिमान इस मेडल के साथ मीराबाई अब उन चुनिंदा भारतीय वेटलिफ्टरों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीन बार पोडियम फिनिश किया है। इससे पहले वो 2017 में गोल्ड और 2022 में सिल्वर जीत चुकी हैं। इस तरह वे कुंजारानी देवी (7 मेडल) और कर्णम मल्लेश्वरी (4 मेडल) के बाद तीसरी सबसे अधिक बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली भारतीय बन गई हैं। भारत का कुल खाता अब 18 पदकों तक पहुंचा इस जीत के साथ भारत का वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कुल पदकों का आंकड़ा 18 हो गया है — जिनमें 3 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य शामिल हैं। खास बात ये है कि ये सभी मेडल भारत की महिला खिलाड़ियों ने ही अर्जित किए हैं, जो देश की बेटियों की कड़ी मेहनत और लगन का प्रमाण है। हाल ही में जीता था कॉमनवेल्थ गोल्ड इससे ठीक एक महीने पहले, मीराबाई ने अहमदाबाद में आयोजित 2025 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीतकर धूम मचाई थी। उन्होंने 193 किलोग्राम (84 किग्रा स्नैच + 109 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर न केवल पोडियम के टॉप पर जगह बनाई बल्कि 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया।

खंडवा त्रासदी: विसर्जन के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले 11 श्रद्धालुओं का अंतिम संस्कार

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खंडवा पंधाना क्षेत्र के ग्राम जामली के निकट अर्दला तालाब में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए हादसे में मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। दोपहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शोक संतप्त आदिवासी परिवारों के बीच संवेदना व्यक्त करने पहुंचेंगे। सुबह से जनजातीय कार्य मंत्री डॉ विजय शाह ने घटना स्थल अर्दला तालाब पहुंच कर जानकारी ली। यहां से पाडलाफाटा पहुंचकर अंतिम संस्कार की तैयारी का जायजा लेकर शोकाकुल परिवारों से चर्चा की। पंधाना क्षेत्र में एक ही गांव से एक साथ 11 अर्थियां निकलने की घटना से सभी विचलित है। पंधाना सहित पूरे जिले में इस घटना को लेकर शोक व्याप्त है। दशहरे पर हुए इस हादसे को लेकर गांव मे मातम और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत द्वारा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है। मृतकों के स्वजन और ग्रामीण घटना के बाद से गमगीन है। कल से गांव में अधिकांश परिवारों के यहां चूल्हा भी नहीं जला है।   मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों को चार-चार लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा हो चुकी है। हादसे में घायल तीन लोगों का खंडवा जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। इनमें एक गंभीर है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि मुख्यमंत्री के आने की सूचना है। अभी समय तय नहीं है। गांव में मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। इस हादसे के लिए जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक के विरुद्ध पंधाना थाने में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस द्वारा जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

9 साल का इंतजार खत्म! केएल राहुल ने घर में किया शानदार शतक, मैच में छाया

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नई दिल्ली  एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के शानदार फॉर्म को वेस्टइंडीज के खिलाफ होम सीरीज में बरकरार रखते हुए केएल राहुल ने शानदार शतक जड़ा अहमदाबाद टेस्ट के दूसरे दिन लंच से पहले उन्होंने अपना शतक पूरा किया। हालांकि लंच के बाद जब खेल शुरू हुआ तब वह पहले ही ओवर में बिना कोई रन और जोड़े आउट हो गए। यह उनके करियर का 11वां टेस्ट शतक है। दिलचस्प बात ये है कि यह घरेलू सरजमीं पर उनके करियर का महज दूसरा टेस्ट शतक है जो 9 साल बाद आया है।   केएल राहुल की जबरदस्त पारी की बदौलत भारत ने दूसरे दिन लंच तक 3 विकेट के नुकसान पर 218 रन बनाए। लंच तक पहली पारी के आधार पर वेस्टइंडीज पर उसकी बढ़त 56 रन की हो चुकी थी। दूसरे दिन के पहले सत्र तक केएल राहुल 100 रन और ध्रुव जुरेल 14 रन बनाकर नाबाद लौटे। उसके बाद दूसरे सत्र के पहले ही ओवर में केएल अपना विकेट गंवा बैठे। इससे पहले शुक्रवार सुबह भारत ने 2 विकेट के नुकसान पर 121 रन से आगे अपनी पारी शुरू की। तब केएल राहुल 53 और कप्तान शुभमन गिल 18 रन पर थे। दूसरे दिन पहले सत्र में भारत को कप्तान गिल के तौर पर बहुत बड़ा झटका लगा। वह 100 गेंद में 50 रन बनाकर रोस्टन चेज का शिकार बने। उसके बाद ध्रुव जुरेल बल्लेबाजी के लिए आए। केएल राहुल और जुरेल ने ये सुनिश्चित किया कि लंच तक भारत को कोई और झटका न लगे। लंच से 2 ओवर पहले केएल राहुल ने 190 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की। यह टेस्ट क्रिकेट में उनकी 11वीं सेंचुरी है। इस दौरान उन्होंने 12 चौके जड़े। केएल राहुल का घरेलू सरजमीं पर यह महज दूसरा टेस्ट शतक है जो करीब 9 साल बाद आया है। इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेपक में टेस्ट शतक लगाया था। उस मैच में उन्होंने 199 रन की पारी खेली थी। खास बात ये है कि उस वक्त टीम इंडिया के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों में उनके अलावा सिर्फ उपकप्तान रविंद्र जडेजा ही हैं जो अभी प्लेइंग इलेवन में हैं।  

स्टालिन का BJP पर हमला: करूर हादसे की जांच तो बनी, पर मणिपुर और कुंभ की अनदेखी क्यों?

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तमिलनाडु  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को रामनाथपुरम में सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु तीन बड़ी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में था, जिसने हजारों लोगों को प्रभावित किया। तब केंद्रीय वित्त मंत्री न तो यहां आईं और न ही कोई धनराशि मुहैया कराई। लेकिन, इस बार वह तुरंत करूर पहुंच गईं। बीजेपी ने मणिपुर दंगों, गुजरात की घटनाओं या कुंभ मेला में हुई मौतों के लिए कोई जांच आयोग नहीं भेजा। अब करूर में तुरंत एक टीम भेजी जा रही है। ऐसा तमिलनाडु के लिए किसी वास्तविक चिंता के कारण नहीं, बल्कि केवल इसलिए है क्योंकि अगले साल चुनाव होने वाले हैं।' सीएम स्टालिन ने कहा, 'भाजपा सोचती है कि वे इससे (करूर में भगदड़ से हुई मौतों) कुछ राजनीतिक लाभ उठा सकते हैं या इसका इस्तेमाल किसी को धमकाने के लिए किया जा सकता है। बीजेपी ऐसी स्थिति में है जहां वह किसी और का खून चूसकर जीवित रहती है।' उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य के हितों की उपेक्षा करती है, राज्यों के अधिकार छीनती है। वो यहां तक सोचती है कि राज्यों का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। उसे AIADMK का समर्थन प्राप्त है। विपक्ष के रूप में दृढ़ता से खड़े होने के बजाय AIADMK ने बीजेपी के साथ गुलामी का बंधन साइन कर लिया है और खुद को महज एक कठपुतली बना लिया है। AIADMK पर सीएम ने साथा निशाना एमके स्टालिन ने कहा, 'जो लोग दोषी हैं और अपने गलत कामों से बचना चाहते हैं, वे भाजपा को अपने कर्मों को शुद्ध करने का साधन मानते हैं। भाजपा पलानीस्वामी का इस्तेमाल कैसे कर रही है? उन्होंने उन्हें रैली से रैली, मंच से मंच और सड़क से सड़क तक यात्रा करने का काम सौंपा है ताकि और सहयोगी उनके साथ लाए जा सकें।' उन्होंने कहा कि जो लोग वास्तव में तमिलनाडु और तमिल लोगों की चिंता करते हैं, वे कभी भी भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। क्योंकि भाजपा कुछ और नहीं, बल्कि RSS की विभाजनकारी नीतियों को देश भर में लागू करने वाला राजनीतिक अंग और शक्ति केंद्र है। आगामी चुनावों में भी यह फिर से द्रविड़ मॉडल सरकार होगी जो जीतेगी और शासन जारी रखेगी। कच्चातिवु द्वीप का मुद्दा भी उठाया एमके स्टालिन ने कहा, 'हमारे मछुआरों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि श्रीलंकाई नेवी ने उन पर हमला किया है। हम लगातार इसकी निंदा और विरोध करते हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया। हमने तमिलनाडु विधानसभा में कच्चातिवु को वापस लेने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया और उसे केंद्र सरकार को भेजा। उस प्रस्ताव का उपयोग करके केंद्र सरकार को श्रीलंकाई सरकार से अपील करना चाहिए था, लेकिन वो ऐसा करने से इनकार कर रही है।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रीलंका गए और उन्होंने भी इसका अनुरोध करने से मना कर दिया। श्रीलंका के विदेश मंत्री कहते हैं कि वे कच्चातिवु नहीं देंगे।

बच्चों की मौत से गहराया कफ सिरप विवाद, एमपी और राजस्थान में फैली दहशत

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छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 3 और बच्चों की मौत हो गई है। किडनी फेल होने की वजह से पिछले 28 दिनों में अब तक 9 बच्चों की मौत हो चुकी है। उधर, राजस्थान में भी दो बच्चों की मौत के बाद कफ सिरप को लेकर खौफ बढ़ता जा रहा है। हालांकि, दोनों ही राज्यों में अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि मौत की वजह कफ सिरप ही है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में 4 सितंबर के बाद कई ऐसे बच्चों की मौत हुई है, जिनमें लक्षण एक जैसे पाए गए। जान गंवाने वाले सभी बच्चों में शुरुआत में सर्दी-खांसी और बुखार जैसे लक्षण थे। कहा जा रहा है कि इन बच्चों ने खास किस्म की कफ सिरप ली थी, जिसके बाद इनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में किडनी फेल होने से मौत हो गई। छिंदवाड़ा के एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि बीमार बच्चों की निगरानी की जा रही है और संभावित वजहों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'एहतियात के तौर पर हमने 1420 बच्चों की लिस्ट बनाई है, जो हाल के दिनों में वायरल जैसे लक्षण से ग्रसित रहे हैं। हमने प्रोटोकॉल बनाया है कि जैसे ही कोई बच्चा दो दिन से अधिक बीमार रहता है तो उसे सीधे सिविल अस्पताल लाते हैं। 6 घंटे की मॉनिटरिंग में रखते हैं। केस बिगड़ने की आशंका होती है तो जिला अस्पताल भेजते हैं और ठीक रहता है तो घर भेजते हैं और आशा वर्कर से कहते हैं कि सप्ताह में कम से कम दो दिन घर जाकर फॉलोअप लें।' एसडीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भेजी गईं टीमें सैंपल्स की जांच कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा, 'पानी और मच्छर से संबंधित जांचें टीमों ने की हैं। अभी तक की रिपोर्ट नॉर्मल आई है। एक सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी गई थी, वह भी नॉर्मल है। पानी के कुछ सैंपल सीएसआईआर की नीरी इंस्टीट्यूट में भेजे गए हैं, रिपोर्ट अभी नहीं आई है।' उन्होंने कहा कि जिन 9 बच्चों की मौत हुई है उनमें से 6 के परिवारों से बात हुई है। इनमें से पांच ने एक तरह की और एक ने दूसरी कफ सिरप ली थी। इनके सैंपल की जांच की जा रही है। बाल रोग विभाग के प्रमुख और असोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन नांदुरकर ने एएनआई से बातचीत में कहा, 'जो मौतें हुईं और किडनी में दिक्कत हुई, उनमें एक Coldrif कफ सिरप को जिम्मेदार बताया जा रहा है। लेकिन यह जांच का विषय है। किडनी में दिक्कत कई वजहों से हो सकती है, कोई इंफेक्शन हो सकता है, कोई हैवी मेटल, डिहाड्रेशन, जहर या किसी दवा की वजह से हो सकती है। सभी चीजों के सैंपल ले लिए हैं, रिपोर्ट आनी बाकी है। एक आशंका कफ सिरप को लेकर हैं, क्योंकि सभी बच्चों ने यह ली थी। इसलिए इसके सैंपल को भी जांच के लिए भेजा गया है। जब रिपोर्ट आएगी तभी साफ हो पाएगा कि यह कफ सिरप कितनी जिम्मेदार है।'  

फ्रांस में विरोध की लहर: 200 शहरों में सड़कों पर उतरे लोग, एफिल टावर भी पड़ा खामोश

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पेरिस  फ्रांस में  बड़े पैमाने पर हड़ताल और विरोध प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने खर्चों में कटौती का विरोध करते हुए अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाने की मांग की. इस दौरान राजधानी पेरिस का मशहूर आइफल टॉवर भी बंद रहा. 200 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन फ्रांस के 200 से अधिक शहरों और कस्बों में हजारों कामगार, रिटायर्ड लोग और छात्र सड़कों पर उतरे. पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने प्लेस द’इटली (Place d’Italie) से मार्च की शुरुआत की. आइफल टॉवर प्रशासन ने बयान जारी कर बताया कि हड़ताल की वजह से स्मारक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है. यूनियनों की अगुवाई में विरोध यह देशव्यापी हड़ताल फ्रांस की प्रमुख यूनियनों ने बुलाई है. पिछले महीने से बजट को लेकर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और बहस के बीच यह विरोध प्रदर्शनों की नई कड़ी है. यूनियनों का कहना है कि सरकार को पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री के बजट प्रस्तावों को छोड़ देना चाहिए, जिनमें सामाजिक कल्याण योजनाओं पर रोक और खर्चों में कटौती जैसी बातें शामिल हैं. यूनियनों ने चेतावनी दी है कि ऐसे कदम कम और मध्यम आय वर्ग के लोगों की क्रयशक्ति को और कमजोर करेंगे. वे अमीरों पर टैक्स बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. नई सरकार पर दबाव पिछले महीने ही प्रधानमंत्री बने सेबास्टियन लेकोर्नू ने अभी तक अपने बजट की विस्तृत जानकारी नहीं दी है और न ही अपनी मंत्रिमंडल टीम की घोषणा की है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सरकार का गठन होगा और साल के अंत तक संसद में बजट बिल पर बहस की जाएगी.

PoK की जनता का दर्द: 12 मौतों के बीच UN में पहुंचा मामला, पाक सरकार पर बढ़ता दबाव

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इस्लामाबाद  पाकिस्तान ऑक्यूपाइड जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी असंतोष की लहर अब इस्लामाबाद तक पहुंच गई है. नेशनल प्रेस क्लब में पुलिस के बर्बर हमले और लाठीचार्ज की खबर है. यह कार्रवाई कश्मीर एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई. मानवाधिकार समूहों और मीडिया संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है. इस्लामाबाद पुलिस ने गुरुवार को नेशनल प्रेस क्लब (NPC) पर छापा मारा है. पुलिस ने परिसर में जबरन प्रवेश कर पत्रकारों के साथ-साथ PoJK (पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर) के प्रदर्शनकारियों पर हमला किया.  यह घटना PoJK में कथित अत्याचारों और इंटरनेट ब्लैकआउट के विरोध में किए जा रहे एक प्रदर्शन के दौरान हुई. पुलिस ने लाठीचार्ज किया और मीडिया उपकरणों को नष्ट कर दिया. इस कार्रवाई से देश भर में आक्रोश फैल गया है. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का कड़ा प्रहार पुलिस की यह कार्रवाई कश्मीर एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान हुई. यह प्रदर्शन कथित अत्याचारों और अधिकृत कश्मीर में चल रहे इंटरनेट ब्लैकआउट के खिलाफ किया जा रहा था. पीओके में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, सेना के दमन के खिलाफ आवाज़ – pok mass protests against shehbaz sharif government army repression demands for … रिपोर्ट्स के मुताबिक, PoJK के एडवोकेट समुदाय के सदस्य NPC के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान, पुलिस ने हमला किया और उन्हें निशाना बनाया. चश्मदीदों ने पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और मीडिया उपकरणों को नष्ट करने की जानकारी दी. मानवाधिकार संगठनों और पत्रकारों ने की निंदा इस हमले की ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने कड़ी निंदा की. HRCP ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम नेशनल प्रेस क्लब पर छापे और पत्रकारों पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने तत्काल जांच की मांग की और कहा कि जिम्मेदार लोगों को कटघरे में लाया जाना चाहिए. इस घटना ने देशव्यापी आक्रोश और मानवाधिकार समूहों से निंदा को जन्म दिया है. राजनीतिक नेताओं ने मांगी जवाबदेही पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार ज़ाईद गिशकोरी ने भी अधिकारियों को फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद प्रेस क्लब पर पुलिस का बर्बर हमला गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने सवाल किया कि पत्रकारों का घर उन लोगों के लिए असुरक्षित कैसे हो गया, जिनके पास विरोध करने की कोई जगह नहीं है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व दूत मलीहा लोधी ने भी इस छापे को "निंदनीय" बताया और जवाबदेही की मांग की. अवाम बोली- PAK को हमें मारने का कोई हक नहीं पाक अधिकृत कश्मीर में स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना का अत्याचार अब संयुक्त राष्ट्र तक तक पहुंच गया है. पीओके के राजनीति दलों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से मांग की है कि UN तुरंत यहां दखल दे और यहां की जनता को पाकिस्तानी सेना के अत्याचार से बचाए. यहां 29 सितंबर से चल रहे नागरिकों के प्रदर्शन में अब तक 12 लोग मारे जा चुके हैं. स्विटजरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद 60वें सेशन के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की पार्टी (UKPNP-यूनाइटेड कश्मीर पीपुल नेशनल पार्टी) ने इस मुद्दे को उठाया. UKPNP ने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीरियों को मारने, हमारी जमीन और हमारे संसाधनों पर कब्जा करने, हमारे लोगों पर अत्याचार करने और उन्हें खत्म करने का कोई हक नहीं है. UKPNP के प्रवक्ता सरदार नासिर अजीज खान ने जिनेवा में कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में कई लोग गायब हो गए हैं, लेकिन हाल ही में तथाकथित 'आज़ाद कश्मीर' में जो हो रहा है, उससे लोग अपनी जान को लेकर चिंतित हैं क्योंकि 29 सितंबर से अब तक 12 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. नासिर अजीज खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान यहां के लोगों पर क्रूर बल प्रयोग कर रहा है और प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला रहा है जिससे लोग मारे जा रहे हैं. सैकड़ों लोग जेल में हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में इस अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के जमावड़े के माध्यम से हम आग्रह करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र उन कश्मीरियों की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप करे जो पाकिस्तानी कब्जे में रह रहे हैं. कश्मीरियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया जा रहा है. इसके बाद उन्होंने इस्लामाबाद प्रेस क्लब में इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस के एक्शन की निंदा की.  सरदार नासिर अजीज खान ने कहा कि हमारी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार तानिया, पूर्व उपाध्यक्ष सरदार आफ़ताब ख़ान और कई अन्य लोगों को आज मुज़फ़्फ़राबाद में गिरफ़्तार कर लिया गया. वे पाकिस्तान द्वारा की गई इन हत्याओं और गिरफ़्तारियों के खिलाफ इस्लामाबाद प्रेस क्लब के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. और पाकिस्तान का कश्मीर में कोई अधिकार नहीं है. उन्हें कश्मीरियों को मारने, हमारी जमीन और हमारे संसाधनों पर कब्जा करने हमारे लोगों पर अत्याचार करने और उन्हें खत्म करने का कोई हक नहीं है. इस्लामाबाद प्रेस क्लब में क्या हुआ? 2 अक्टूबर 2025 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब में एक गंभीर घटना घटी. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAC) के सदस्य इस्लामाबाद प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान इस्लामाबाद पुलिस प्रेस क्लब में घुस गई. पुलिस ने प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया. पुलिस ने क्लब के अंदर घुसकर पत्रकारों और स्टाफ पर लाठीचार्ज किया, कैफेटेरिया को तोड़ा-फोड़ा, कैमरे और मोबाइल फोन तोड़े और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया.  वीडियो फुटेज में पुलिस को पत्रकारों को घसीटते और पीटते हुए दिखाया गया है. यह घटना PoK में चल रहे पांचवें दिन के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई, जहां बाजार बंद हैं और इंटरनेट कटा हुआ है. 

गोबर से बने स्वदेशी दीयों की अभिनव सोच पर मुख्यमंत्री की मुहर, इंदौर में नवाचार को मिली सराहना

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में गोबर से स्वदेशी दीये बनाये जाने के नवाचार की सराहना की दीये बनाने की मशीन का किया अवलोकन और ली जानकारी इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर प्रवास के दौरान नेहरू पार्क में राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी में इंदौर में नवाचार के तहत गोबर से स्वदेशी दीये बनाने की मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने दीये बनाये जाने के संबंध में जानकारी ली और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के इंदौर के नवाचार की सराहना की। उल्लेखनीय है कि सेवा पखवाड़े के तहत स्वदेशी से खुशहाली लाने के लिये स्वदेशी अभियान को नई दिशा देते हुए इंदौर में कलेक्टर  शिवम वर्मा ने विशेष पहल की है। दीपावली और अन्य त्यौहारों के लिये इंदौर में पवित्र गाय के गोबर से दीये बनाये जाने का प्रकल्प शुरू किया गया है। इसके लिए नगर निगम की हातोद क्षेत्र स्थित गौशाला में दो मशीनें स्थापित की गई हैं, वहीं अगले कुछ दिनों में और मशीनें लगाई जाएंगी ताकि लाखों की संख्या में दीये समय पर तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुसार स्वदेशी अभियान को इस पहल से नई गति मिलेगी। इन दीयों की पैकिंग कर बाजार में भी उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर  वर्मा स्वयं इस अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को इस कार्य से जोड़ा है तथा पशुपालन विभाग, नगर निगम और जिला आपूर्ति नियंत्रक को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।