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38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के लिये नवनियुक्त अधिकारियों का प्रशिक्षण सत्र

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भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में आईबीपीएस के माध्यम से चयनित प्रदेश के 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के नवनियुक्त अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, प्रबंधक (प्रशासन/लेखा) एवं नोडल अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र का समापन करते हुए कहा कि आप सभी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि आपको अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के दौरान प्रदेश के सहकारी साख आंदोलन से जुड़े जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के त्रि-स्तरीय सहकारी ढांचे में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां अधिकारी के रूप में आपको ईश्वर ने प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में रहने वाले अंतिम छोर के व्यक्ति की सेवा का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि अपेक्स बैंक द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण के आधार पर यदि आप अपनी ऊर्जा, ज्ञान, कौशल और विवेक के साथ पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो जहां एक ओर आप जरूरतमंद लोगों की बेहतर सेवा कर पाएंगे, वहीं दूसरी ओर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण भी कर सकेंगे। मंत्री श्री सारंग ने श्री शिव खेड़ा, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, गौतम बुद्ध एवं अन्य दार्शनिकों के दृष्टांतों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी कार्य नया नहीं होता, लेकिन किसी कार्य को नवाचार और कौशल के साथ संपन्न करना ही उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिलों में अच्छे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर आप स्वयं को सोने के समान चमकदार साबित करें। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि पैक्स हमारी आधारशिला हैं, अतः इनकी कार्यप्रणाली का पूर्ण कंप्यूटरीकरण आपकी प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद व्यवसाय के विविधीकरण के लक्ष्य पर भी विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि पैक्स पर ही जिला बैंकों और अपेक्स बैंक की मजबूती निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सभी जिला बैंक वर्तमान में क्रेडिट, उर्वरक, उपार्जन एवं पीडीएस का कार्य कर रही हैं, किंतु प्रतिस्पर्धा के इस दौर में स्वयं को अधिक सशक्त बनाने के लिए व्यवसाय के अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान देना होगा। विशेषकर छोटे ऋण, कम ब्याज दरों पर, सरल शर्तों और आवश्यक कार्यालयीन औपचारिकताओं के साथ वितरित किए जाने चाहिए। साथ ही जिले में स्थित 54 विभागों के सभी अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर इस दिशा में कार्य करना होगा। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री सारंग ने नवनियुक्त अधिकारियों को अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज, भोपाल में आयोजित 12 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता, ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य श्री पी.एस. तिवारी, श्री मनोज सिन्हा, श्रीमती अरुणा दुबे, श्री अरुण मिश्र, श्री के.टी. सज्जन, श्री अरविंद बौद्ध, श्री अरुण माथुर सहित अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

कजाकिस्तान में हुई 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों ने जीते 17 पदक

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता खिलाड़ियों ने की सौजन्य भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप के 9 पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने इन सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप इन सभी खिलाड़ियों को 10.81 लाख रूपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट में श्री ऐश्वर्य प्रताप सिंह (1 स्वर्ण, 1 रजत पदक), सुश्री आशी चौकसे (1 स्वर्ण पदक), श्री कुशाग्र सिंह राजावत (1 स्वर्ण पदक), श्री शमी उल्लाह खान (1 स्वर्ण पदक), सुश्री नीरू ढाडा (2 स्वर्ण पदक), सुश्री मानसी रघुवंशी (1 स्वर्ण, 1 रजत पदक), श्री ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया (1 कांस्य पदक), श्री सैय्यद अहयान अली (1 कांस्य पदक) और श्री सूरज शर्मा (4 स्वर्ण, एक रजत) शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त 2025 तक 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप सम्पन्न हुई। इस चैम्पियनशिप में म.प्र. राज्य शूटिंग एकेडमी, भोपाल के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों के दल में से 9 खिलाड़ियों ने कुल 17 पदक अर्जित किए। इनमें 12 स्वर्ण पदक, 3 रजत पदक और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेताओं की भेंट के दौरान प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनीष सिंह, संचालक खेल श्री राकेश कुमार गुप्ता सहित खेल विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।  

CM योगी बोले: यूपी में महिलाओं के खिलाफ अपराध कम, कानून तेजी से लागू

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गोरखपुर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की महानवमी एवं बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि नारी शक्ति के बगैर संसार की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है तथा दोषसिद्धि एवं सजा में भी यह राज्य अग्रणी है। एक बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं तथा मातृ शक्ति एवं नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व उन्हें नयी प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है तथा उनका सौभाग्य है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है तथा उनकी सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं एवं मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा, जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित होती है, वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं।'' उन्होंने देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में नारी शक्ति का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून बनाये जाने का स्वागत किया।  

अब नजरें गिनती पर: PM मोदी ने आबादी में बदलाव को बताया देश के लिए बड़ा खतरा

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नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरा से पहले देशवासियों को चेतावनी दी है कि घुसपैठ और बाहरी ताकतों से भी बड़ा खतरा आबादी में बदलाव यानी जनसांख्यिकी परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि हालांकि, अवैध घुसपैठिए और बाहरी खतरे लंबे समय से देश की एकता के लिए चुनौती रहे हैं लेकिन आज बड़ी चुनौतियां आबादी में बदलाव से आ रही हैं क्योंकि ये सामाजिक बराबरी को कमजोर कर रहे हैं। बुधवार (01 अक्टूबर) को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 'विविधता में एकता' भारत की आत्मा है, लेकिन जाति, भाषा, क्षेत्रवाद और अतिवादी सोच से प्रेरित विभाजन का अगर सामना नहीं किया गया तो यह राष्ट्र को कमजोर कर सकता है। उन्होंने कहा, "सामाजिक बराबरी का अर्थ है वंचितों को प्राथमिकता देकर सामाजिक न्याय की स्थापना करना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना। आज, ऐसे संकट उभर रहे हैं जो हमारी एकता, संस्कृति और सुरक्षा पर सीधा प्रहार करते हैं। अतिवादी सोच, क्षेत्रवाद, जाति-भाषा पर विवाद और बाहरी ताकतों द्वारा भड़काए गए विभाजन। ये सभी अनगिनत चुनौतियाँ हमारे सामने खड़ी हैं।" उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा सदैव विविधता में एकता रही है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिद्धांत टूट गया तो राष्ट्र की ताकत भी कमजोर हो जाएगी। PM ने RSS पर डाक टिकट भी जारी किया प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम करता है, लेकिन इसकी विभिन्न शाखाओं के बीच कभी अंतर्विरोध नहीं होता क्योंकि ये सभी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करते हैं। आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक डाक टिकट जारी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक राष्ट्र की सेवा और समाज को सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास करते रहे हैं। राष्ट्र प्रथम का सिद्धांत उन्होंने कहा, ‘‘आज जारी किया गया स्मारक डाक टिकट एक श्रद्धांजलि है, जो 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में गर्व से मार्च करने वाले आरएसएस स्वयंसेवकों की याद दिलाता है। अपनी स्थापना के बाद से आरएसएस ने राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। आरएसएस समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम करता है, लेकिन इसकी विभिन्न शाखाओं के बीच कभी कोई अंतर्विरोध नहीं होता क्योंकि ये सभी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करते हैं।’’ RSS का विचार ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ मोदी ने कहा कि आरएसएस ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विचार में विश्वास करता है, हालांकि आजादी के बाद इसे राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोकने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा, ‘‘विविधता में एकता हमेशा से भारत की आत्मा रही है, अगर यह सिद्धांत टूटा तो भारत कमजोर हो जाएगा। चुनौतियों के बावजूद आरएसएस मजबूती से खड़ा है और निरंतर राष्ट्र की अथक सेवा कर रहा है।’’ 1925 में संघ की हुई थी स्थापना बता दें कि केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में आरएसएस की स्थापना एक स्वयंसेवी संगठन के रूप में की थी जिसका उद्देश्य नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना था। मोदी खुद संघ प्रचारक थे और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से पहले एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। भाजपा की वैचारिक प्रेरणा हिंदुत्ववादी संगठन से मिलती है।

नंगे पैर दौड़ते मुलायम और धूमधाम वाला जनाजा: आजम खान के बयानों ने मचाई हलचल

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नई दिल्ली करीब दो साल बाद जेल से बाहर निकले आजम खान एक बार फिर से अपने पुराने तेवरों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे 5 साल तक जेल में रखा गया। तनहाई जेल थी और दुनिया से मेरा संपर्क ही कट गया। आजम खान ने कहा कि गर्मी में भीषण गर्मी और सर्दियों के मौसम में बहुत ठंड झेलनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे कोई मलाल नहीं है बल्कि शर्म आती है। आजम खान ने कहा कि मैं हमेशा मजबूती से डटा रहा हूं और डटा रहूंगा। सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने कहा कि हथौड़ा तो फौलाद पर ही चलता है। आग में भी उसे ही जलाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुझे फिर से जेल भेजा गया तो जाऊंगा और तैयार हूं। जिंदगी रही तो लौटकर आऊंगा और मर गए तो हमारा जनाजा और धूम से जाएगा। आजम खान ने कहा कि मैंने मुलायम सिंह से कुछ और नहीं मांगा बस एक यूनिवर्सिटी मांगी। उस आदमी ने कुछ रोका नहीं। उस जैसे इंसान अब पैदा नहीं हो सकेंगे। सैकड़ों सालों में भी कोई मुलायम सिंह यादव पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लोग जानते ही नहीं हैं कि मुलायम सिंह क्या थे और क्या खूबियां थीं। वह अलग ही मिट्टी के बने इंसान थे और अब तो ऐसे लोग पैदा ही नहीं होते। 'कोई मेरे खिलाफ एक लफ्ज मुलायम के आगे नहीं बोल सकता था' आजम खान ने कहा कि किसी की हिम्मत नहीं थी कि मुलायम सिंह यादव से मेरे खिलाफ कोई एक लफ्ज कह दे। यदि मैं दौरे पर हूं और 4 घंटे लेट आता था तो कैबिनेट की मीटिंग तभी होती थी। उन्होंने कहा कि यदि मैं नहीं जाता था तो कैबिनेट की मीटिंग नहीं होती थी। मेरे लिए कोई ऐसा करेगा क्या। मैंने शुगर मिल के लिए प्रस्ताव रखा तो सब कहने लगे कि हमारी बात भी सुनी जाए। हमारे इलाके में क्यों नहीं मिल चलेगी। इस पर मैंने कहा कि पहले मेरा बनेगा और यदि ऐसा नहीं हुआ तो आत्मदाह कर लूंगा। आजम खान बोले- मेरे आशिक थे मुलायम सिंह यादव रामपुर के सीनियर नेता ने कहा, 'मैं निकल पड़ा तो मुलायम सिंह यादव नंगे पैर मेरे पीछे आए। एक तमाशा था और मैंने कहा कि जाकर रिजाइन करूंगा। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। यही लोग पास करेंगे। मुझे सबसे बात तो करने दो। आखिर कौन ऐसा करेगा।' आजम खान ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तो मेरे आशिक और माशूक थे, जो चले गए। मैंने एक दिन कहा कि कितना अच्छा होता यदि आप मुसलमान होते। इस पर उन्होंने कहा कि अरे मैं मुसलमान ही तो हूं। कोई जानता है कि उनका कितना वक्त पूजा में गुजरता था। उन्होंने कहा कि क्या इसलिए आप कह रहे हैं कि मैं मुसलमान होता तो कैसा होता। इस पर मैंने कहा नहीं कि नहीं आप एक अच्छे हिंदू हैं और इससे बेहतर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।  

शिल्पा शिंदे के शो छोड़ने की असली वजह आई सामने, तिवारी जी बोले – अंदर से हिल गया था सबकुछ

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मुंबई  'भाबी जी घर पर हैं' टेलीविजन का पॉपुलर शो है. शो को लेकर कई विवाद भी सामने आते रहते हैं. एक विवाद शिल्पा शिंदे को लेकर भी हुआ था.  शिल्पा ने शो में अंगूरी भाबी का किरदार निभाया था. उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग थी, लेकिन उनके अचानक शो छोड़ने के फैसले ने सबको हैरान कर दिया था. आज तक लोग ये नहीं जान पाए कि आखिर एक्ट्रेस ने करियर के पीक पर शो क्यों छोड़ा. 'भाबीजी घर पर हैं' में मनमोहन तिवारी का किरदार निभाने वाले रोहिताश्व गौड़ ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है.  शिल्पा शिंदे पर बोले रोहिताश्व गौड़ रोहिताश्व गौड़ से पूछा गया कि क्या जब शिल्पा शिंदे ने शो छोड़ा था, तो सिस्टम हिल गया था? सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- बहुत बड़ा सिस्टम हिल गया था. ऐसा लग रहा था कि शो बंद हो जाएगा. उनकी इतनी तगड़ी फैन फॉलोइंग थी कि दिल्ली की पॉलिटिकल पार्टीज उन्हें अपनी तरफ खींच रही थीं. उस समय स्मृति ईरानी के लेवल का क्रेज था. उन्होंने शो छोड़ा तो हम लोग हिल गए थे. लग रहा था प्रभु एक ओर राज योग दे रहा है. दूसरी तरफ चीजें खींच रहा है. मैं बहुत अपसेट हो गया था.  सलमान-प्रेम चोपड़ा ने की थी तारीफ  रोहिताश्व कहते हैं कि शिल्पा ने उस समय 'भाबीजी घर पर हैं' छोड़ा जब फिल्म स्टार्स तक शो की तारीफ कर रहे थे. उन्होंने कहा कि फिल्म एक्टर फोन करते थे. सलमान खान, जॉनी लिवर, प्रेम चोपड़ा और अनिल धवन ने आसिफ शेख को फोन करके शो की तारीफ की थी. भाबी जी सीरियल में भाभी जी शो छोड़ दें, तो क्या रह गया.  शिल्पा ने क्यों छोड़ा था शो आगे उन्होंने कहा कि उस समय जो गंदगी फैली. वो अलग था. वो किसी और पॉलिटिकल पार्टी के पास चली गईं कि मेरे साथ अनन्याय हुआ. जमाने भर का वो जो फैला ना उससे मन और खट्टा हो गया. रोहिताश्व ने शिल्पा के शो छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि प्रोड्यूसर और उनके बीच तनातनी हुई थी डेट्स को लेकर. शायद उनको कोई और प्रोजेक्ट भी करना था. वो शो के साथ दूसरा प्रोजेक्ट भी करना चाह रही थीं, लेकिन वो संभव नहीं था. क्योंकि भाबी जी चल रहा था और महीने में 22 दिन शूट करना है. तो ऐसे में कोई कैसे उन्हें दूसरा शो करने देगा. रोहिताश्व ने कहा कि शिल्पा ने भनक भी नहीं लगने दी कि वो शो छोड़ रही हैं और अगले दिन पता चला कि उन्होंने शो छोड़ दिया. ये हम सबके लिए बहुत शॉकिंग था. 

नक्सलियों का विस्फोटक जखीरा मिला, सुरक्षा बलों ने बड़ी साजिश की नाकाम

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बीजापुर  जिले के थाना पामेड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले FOB काउरगुट्टा इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोबरा 208 बटालियन द्वारा की गई सर्चिंग कार्रवाई के दौरान नक्सलियों का एक बड़ा डम्प बरामद किया गया। नक्सलियों ने यह विस्फोटक और अन्य सामग्री ग्राम कंचाल के जंगलों में गड्ढा खोदकर छिपा रखी थी, ताकि किसी बड़ी साजिश को अंजाम दिया जा सके। सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह कोशिश समय रहते विफल कर दी गई। बरामद डम्प से नक्सलियों की हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले हथियार, विस्फोटक और रोजमर्रा की वस्तुएं मिली हैं। इनमें शामिल हैं –     विस्फोटक सामग्री : गन पाउडर, आरडीएक्स, बीजीएल सेल, बीजीएल राउंड, कार्डेक्स वायर, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पटाखे, तीर बम (इम्प्रोवाइज्ड), इम्प्रोवाइज्ड ग्रेनेड, क्रिस्टल शुगर।     हथियार व धातु उपकरण : रायफल बैनट, आयरन चिम्टा, आयरन रॉड, आयरन कटर।     बिजली और वायरिंग उपकरण : बैटरी, लिथियम बैटरी, सोलर इन्वर्टर, स्पूल वायर, कॉपर वायर।     स्टोरेज व धातु सामग्री : स्टील कंटेनर, प्लास्टिक ड्रम, स्टील पाईप, आयरन फाइल, स्टील प्लेट (बड़ा-छोटा), स्टील तार।     वर्दी और कपड़े : माओवादी वर्दी, कोबरा पैटर्न की कॉम्बैट ड्रेस, पिट्ठू, लाल और हरे कपड़े, वेलक्रो। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को मिली सफलता कोबरा 208 बटालियन के जवानों ने जंगलों में गश्त के दौरान जब तलाशी अभियान चलाया, तो जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाई गई यह सामग्री मिली। बताया जा रहा है कि नक्सली इन विस्फोटकों और हथियारों का उपयोग सुरक्षाबलों पर बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। सुरक्षा बलों ने बरामद सभी सामग्री को कब्जे में ले लिया है और क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान जारी है।

भोपाल वन विहार में अब बाइक-कार नहीं चलेगी, टूरिस्ट को घुमाएंगी 40 गोल्फ कार्ट

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भोपाल  मध्यप्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण और सह-अस्तित्व के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक "राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह" का आयोजन वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में वृहद स्तर पर किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजन की थीम मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व रखी गई है। वन्यजीव सप्ताह 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वन विहार की गोल्फ ई-कार्ट का फ्लैग ऑफ किया जाएगा। इसके साथ ही वन विहार को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया जाएगा, जिसमें अब निजी वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। पर्यटकों को पार्क में घूमने के लिए गोल्फ कार्ट्स और साइकिल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 1 अक्टूबर को होंगे विशेष आयोजन प्रथम दिवस 1 अक्टूबर को चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:30 बजे से किया जाएगा, जिसमें विद्यालयीन, महाविद्यालयीन और दिव्यांग विद्यार्थी भाग लेंगे। इसके पश्चात 10:50 बजे से “भारत के वन्यजीव, उनका रहवास और आपसी संचार” विषय पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी और प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा। 7 दिवसीय कार्यक्रम में होंगी अनेक गतिविधियां  रन फॉर वाइल्डलाइफ ,बर्ड वॉचिंग,बटरफ्लाई वॉचिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता,युवा संसद,ट्रेजर हंट,फेस पेंटिंग,रंगोली और सृजनात्मक कार्यशालाएं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।  

सरकारी कर्मियों की Diwali स्पेशल बूस्ट! महंगाई भत्ता बढ़कर 58% होने की संभावना

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नई दिल्ली   केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि दिवाली से पहले केंद्र सरकार बढ़े हुए DA का ऐलान कर सकती है। आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगने की संभावना है। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो यह 1 जुलाई से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होगा और उनकी दिवाली की खुशियां डबल हो जाएंगी। कितना बढ़ सकता है DA? यह साल 2025 के लिए दूसरा महंगाई भत्ता संशोधन होगा। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि अगर सरकार उम्मीद के मुताबिक फैसला लेती है, तो मौजूदा 55% का महंगाई भत्ता बढ़कर 58% हो जाएगा। यदि ये फैसला लागू होता है तो इससे 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ होगा। उन्हें बढ़े हुए भत्ते के साथ 3 महीने का एरियर भी मिलेगा। सैलरी पर कितना पड़ेगा असर? अगर किसी एंट्री लेवल कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो बढ़ोतरी के बाद उसकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा, आइए समझते हैं- इस बढ़ोतरी के बाद एंट्री लेवल की बेसिक सैलरी पर हर महीने ₹540 का सीधा इजाफा होगा, साथ ही एरियर भी मिलेगा। कैबिनेट में अन्य बड़े फैसले भी संभव केंद्रीय कर्मचारियों के DA Hike के अलावा पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी हो सकती हैं:     एमएसपी (MSP) में वृद्धि: रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी पर फैसला लिया जा सकता है।     इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: असम में चार लेन की राजमार्ग परियोजना को मंजूरी मिल सकती है, जिसमें ₹7,000 करोड़ की लागत वाला 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे शामिल है।     दलहन उत्पादन: दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले छह सालों के लिए ₹11,000 करोड़ की नई स्कीम को हरी झंडी दिखाई जा सकती है।  

5 करोड़ की रंगदारी केस: अतीक अहमद का बेटा अली नैनी जेल से झांसी ट्रांसफर

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लखनऊ  यूपी में केंद्रीय कारागार नैनी में पिछले 38 महीने से बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को आखिरकार बुधवार को झांसी जेल में ट्रांसफर कर दिया। नैनी जेल से सुबह लगभग आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ अली को झांसी जेल ले जाने के लिए टीम रवाना हुई। प्रयागराज के प्रॉपर्टी डीलर से पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में 30 जुलाई 2022 से अली नैनी जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद था। उसका नाम उमेश पाल हत्याकांड में भी आया है। इसी साल 17 जून को डीआईजी जेल के औचक निरीक्षण में अली के बैरक में 1100 रुपये नकदी भी मिली थी। शासन के आदेश पर अली को झांसी जेल भेजा गया है। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने पांच करोड़ की रंगदारी मामले में 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर किया था। प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के बाद अली ने लंबे समय तक फरार रहने के बाद कोर्ट में सरेंडर किया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे हाई सिक्योरिटी बैरक से हाई सिक्योरिटी सेल के आठ बाई दस के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया था। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे और तीन शिफ्ट में दो-दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि 17 जून को डीआईजी राजेश कुमार श्रीवास्तव की औचक जांच में अली के पास 1100 रुपये नकद मिले थे। इस मामले में डिप्टी जेलर और एक हेड वार्डन को निलंबित किया गया था। तभी से अली को दूसरे जिले के जेल में स्थानांतरण किए जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर अली अहमद को बुधवार की सुबह आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ झांसी जेल रवाना किया गया है। कुछ महीने पहले प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस ने अतीक की मौत के बाद अली को गैंग का लीडर घोषित किया था। उसके साथ ही गिरोह के कई बदमाशों पर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की गई थी। सूत्रों की मानें तो अली के नैनी जेल में बंद होने से अतीक गिरोह का गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हो सकी थी। आए दिन रंगदारी, मारपीट व जमीनों पर कब्जा करने के मामले सामने आते रहे हैं।