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भारत के ‘आधार’ की तर्ज पर ब्रिटेन लाएगा नया ID कार्ड सिस्टम, क्या है पीएम स्टारमर का प्लान?

नई दिल्ली ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर बुधवार को मुंबई पहुंचे। भारत पहुंचाते ही सबसे पहले उन्होंने इंफोसिस के सह-संस्थापक और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि से मुलाकात की। दरअसल कीर आधार कि तर्ज पर ही ब्रिटेन में डिजिटल पहचान प्रणाली कि योजना पर विचार कर रहे हैं। स्टार्मर के प्रवक्ता ने बताया कि नीलेकणी के साथ उनकी बैठक इंफोसिस के साथ किसी वाणिज्यिक समझौते के बारे में नहीं थी, बल्कि ब्रिटेन सरकार का लक्ष्य आधार योजना कि तर्ज पर अपना डिजिटल संस्करण तैयार करना है। क्या चाहते हैं पीएम स्टारमर ? ब्रिटिश पीएम स्टारमर ने अपनी मंशा जाहिर की है कि वे अपने देश में भी आधार की तर्ज पर स्मार्टफोन आधारित डिजिटल पहचान आईडी शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। ब्रिटेन में ये शुरुआत पूरी तरीके से भारतीय तकनीक पर आधारित होगी। इस पहचान आईडी को बनाने का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन में गैरकानूनी रूप से आने वाले अप्रवासियों पर बंदिश लगाना है। स्टारमर के प्रवक्ता ने बताया इसलिए वो भारत जैसे देशों से बात कर रहे हैं जो पहले से इस तरह की डिजिटल आईडी सेवा को शुरू कर चुके हैं। बता दें भारत में 2009 में आधार सेवा शुरू की गई थी।   ब्रिटेन में हो रहा जमकर विरोध जहां एक ओर ब्रिटिश पीएम स्टारमर भारत में आधार सेवा पर चर्चा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन में डिजिटल पहचान पत्र के प्रति समर्थन में भारी गिरावट आ रही है। विपक्षी दलों ने कहा है कि वे इस योजना का विरोध करेंगे। हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अपनी योजना को लेकर बेहद उत्साहित हैं। मुंबई रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से कहा, "हम भारत जा रहे हैं, जहां पहले से ही पहचान पत्र जारी किया जा रहा है जहां उसे भारी सफलता मिली है। इसलिए मेरी एक बैठक पहचान पत्र से संबंधित होगी।"  

महिलाओं के लिए राहत भरी खबर, कर्नाटक में अब हर महीने मिलेगा ‘मासिक धर्म अवकाश’

बेंगलुरु  कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को सभी क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं को हर महीने पेड पीरियड लीव देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद बेंगलुरु स्थित विधान सौध में मीडिया से बात करते हुए, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने इसका ऐलान किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंत्री पाटिल ने बताया कि मासिक धर्म अवकाश राज्य भर के सरकारी कार्यालयों, कारखानों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी), आईटी फर्मों और निजी औद्योगिक क्षेत्रों में लागू होगा। चार राज्यों में अपनाई जा रही इस नीति के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री पाटिल ने कहा कि सरकार द्वारा कोई अध्ययन नहीं किया गया है। चूंकि यह नीति अन्य राज्यों में उपयोगी और सफल रही है, इसलिए इसे कर्नाटक में भी अपनाया गया है। राज्य के श्रम मंत्री संतोष लाड ने कहा, "हम पिछले एक साल से मासिक धर्म अवकाश देने का नियम लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। महिलाओं पर कई जिम्मेदारियां होती हैं। घर के काम के साथ-साथ वे बच्चों की देखभाल भी करती हैं। मासिक धर्म के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का तनाव होता है। इसलिए, हमने मासिक धर्म अवकाश देने पर विचार-विमर्श के लिए एक समिति बनाई। समिति ने सालाना छह दिन की छुट्टी की सिफारिश की थी। सरकार ने अब सालाना 12 दिन की छुट्टी देने का फैसला किया है।" श्रम मंत्री ने आगे कहा, "हमें नहीं पता कि इसे दूसरे राज्यों में कैसे लागू किया गया, लेकिन कर्नाटक में हम इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सरकारी और निजी, सभी क्षेत्रों में लागू होगा।" मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उर्वरक भंडारण के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित करने पर भी सहमति व्यक्त की। राज्य सरकार ने बताया कि 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुलों के पुनर्निर्माण और नवीनीकरण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। कर्नाटक भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए दूसरे चरण में 405.55 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 11 श्रमिक आवासीय विद्यालय स्थापित करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

ड्रोन-विरोधी क्रांति: ‘सक्षम’ से बदलने वाली है युद्धभूमि की ताकत

नई दिल्ली राष्ट्रीय सुरक्षा और बदलते हवाई खतरों से निपटने की दिशा में सेना ने एक अहम कदम उठाया है। भारतीय सेना ने स्वदेशी रूप से विकसित 'सक्षम' काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (यूएएस) ग्रिड सिस्टम के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अत्याधुनिक प्रणाली वास्तविक समय में दुश्मन ड्रोन और अनमैन्ड एरियल सिस्टम की पहचान, ट्रैकिंग और उसे निष्प्रभावी करने में सक्षम होगी। इस परियोजना को फास्ट ट्रैक प्रोक्योरमेंट मार्ग के तहत मंजूरी दी गई है ताकि इसे अगले एक वर्ष के भीतर सभी फील्ड फॉर्मेशन में लागू किया जा सके। इससे टैक्टिकल बैटलफील्ड स्पेस की हवाई सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। यह टैक्टिकल बैटलफील्ड अब जमीनी क्षेत्र से लेकर 3,000 मीटर (10,000 फीट) ऊंचाई तक के एयर लिटोरल को शामिल करता है। ‘सक्षम’ प्रणाली की आवश्यकता 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान स्पष्ट रूप से महसूस की गई। इसके बाद भारतीय सेना ने अपने पारंपरिक टैक्टिकल बैटल एरिया की अवधारणा को बदलकर टैक्टिकल बैटलफील्ड स्पेस के रूप में विस्तारित किया है, जिसमें जमीन के ऊपर का हवाई क्षेत्र भी शामिल किया गया है। सेना के मुताबिक इस नए दृष्टिकोण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीन से 3,000 मीटर की ऊंचाई तक का हवाई क्षेत्र थलसेना के नियंत्रण में रहे। इस क्षेत्र को एयर लिटोरल कहा जाता है। यह क्षेत्र सेना के नियंत्रण में होने से मित्रवत हवाई संपत्तियां स्वतंत्र रूप से संचालित हो सकेंगी और दुश्मन ड्रोन की शीघ्र पहचान एवं उसकी निष्क्रियता संभव हो सकेगी। ‘सक्षम’ एक उच्च तकनीकी, मॉड्यूलर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम है। इसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड गाजियाबाद के सहयोग से विकसित किया गया है। यह प्रणाली आर्मी डेटा नेटवर्क पर काम करती है और वास्तविक समय में संपूर्ण हवाई क्षेत्र की समेकित जानकारी सभी सेना को प्रदान करती है। प्रणाली के प्रमुख उद्देश्य की बात की जाए तो यह काउंटर-यूएएस प्रबंधन के लिए एकीकृत जानकारी प्रदान करती है। अपने और दुश्मन दोनों के यूएएस डेटा, सेंसर और हथियार प्रणालियों को एक सामान्य जीआईएस-आधारित प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करती है। फील्ड कमांडरों के लिए रियल टाइम विजुअलाइजेशन उपलब्ध कराती है। विकसित हो रहे यूएएस खतरों के अनुसार लचीली, स्केलेबल और मॉड्यूलर संरचना प्रदान करने में सहायक है। इसके अलावा, यह प्रणाली 'अकाशीर सिस्टम' से भी इनपुट प्राप्त करेगी, जिससे युद्धक्षेत्र के भीतर सभी हवाई गतिविधियों की रियल टाइम मैपिंग संभव होगी। यह प्रणाली सेंसर और हथियार प्रणालियों के समन्वित उपयोग द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया देती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खतरों का विश्लेषण और त्वरित निर्णय लेने में मदद करती है। युद्धक्षेत्र का सटीक दृश्य देती है। निशाना साधने में अधिक सटीकता आती है। इससे भारतीय सेना की अन्य परिचालन और हवाई प्रबंधन प्रणालियों के साथ संपूर्ण इंटरऑपरेबिलिटी भी संभव होती है। 'सक्षम' पूरी तरह से स्वदेशी रक्षा प्रणाली है, जो सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को सशक्त बनाती है। बीईएल द्वारा विकसित यह प्रणाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा फ्यूजन तकनीक का उपयोग करती है, जिससे इसे भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं के अनुरूप अपग्रेड किया जा सकेगा। प्रणाली के पूरी तरह संचालन में आने के बाद 'सक्षम' भारतीय सेना के काउंटर-यूएएस नेटवर्क की रीढ़ बनेगी। यह ग्राउंड और हवाई दोनों खतरों की एकीकृत तस्वीर कमांडरों को प्रदान करेगी। इससे निर्णय लेने की गति बढ़ेगी। त्वरित कार्रवाई संभव होगी और एयर लिटोरल क्षेत्र में नियंत्रण सुनिश्चित रहेगा। यह पहल भारतीय सेना के 'डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन (2023–2032)' के तहत डिजिटली सक्षम, तकनीक-आधारित युद्धक्षेत्र की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

PM मोदी ने बताया भारत-यूके समझौते से दोनों देशों के लिए क्या हैं फायदे

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत-यूके के बीच व्यापार समझौता दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझा विकास और समृद्धि रोडमैप है। यह मार्केट एक्सेस के साथ दोनों देशों के एमएसएमई को मजबूती देगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा। देश की आर्थिक राजधानी में भारत-यूके सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आज हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 56 अरब डॉलर का है। हमने 2050 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुझे विश्वास है कि हम इस लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लेंगे। भारत राजनीतिक स्थिरता और व्यापक मांग प्रदान करता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्त से लेकर फार्मास्यूटिकल्स तक, यहां हर क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं।" उन्होंने महत्वपूर्ण सेक्टर्स में भारत की बढ़ती क्षमता का जिक्र करते हुए कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था सुधारों की राह पर है और स्थिरता एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।" प्रधानमंत्री ने भविष्य के व्यापार और विकास के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक सेक्टर्स के रूप में रेयर अर्थ मिनरल के महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम इन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे, क्योंकि ये हमारे औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।" प्रधानमंत्री मोदी और अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर ने संयुक्त रूप से सीईओ फोरम में भाग लिया, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक और वित्तीय नेता एक साथ आए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों के उद्योग जगत के नेताओं और नीति निर्माताओं के अथक प्रयासों की बदौलत भारत और ब्रिटेन ने व्यापार और आर्थिक सहयोग की एक मजबूत नींव रखी है। प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र राजभवन में प्रधानमंत्री स्टारमर से मुलाकात के बाद कहा, "भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं। हमारी बढ़ती साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।" प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्षरत क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए समर्थन की पुष्टि की।

मंत्री टेटवाल ने कहा- कौशल आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 राष्ट्रीय स्तरीय एवं 14 राज्य स्तरीय टॉपर्स को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन समारोह 2025 में कौशल उत्कृष्टता, नारी शक्ति और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह उन प्रतिभाशाली प्रशिक्षणार्थियों को समर्पित रहा जिन्होंने वर्ष 2025 की राष्ट्र स्तरीय आईटीआई परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया। प्रशिक्षणार्थियों के साथ उनके प्रशिक्षण अधिकारी एवं प्राचार्य को भी कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। मंत्री श्री टेटवाल ने राष्ट्र स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाली त्रिशा तावड़े का किया पूजन कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को समर्पित एक प्रेरक क्षण देखने को मिला जब राज्यमंत्री श्री गौतम टेटवाल ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कुमारी त्रिशा तावड़े को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करने के साथ ही टीका लगाकर एवं आरती कर पूजन किया। साथ ही पौधा भी भेंट किया। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण समाज को नई दिशा दे रहा है और यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 4 अक्टूबर-2025 को शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई बैतूल की प्रशिक्षणार्थी त्रिशा तवडे को कौशल दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया था। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि प्रदेश की कौशल शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का प्रतीक भी है। राज्य मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि छात्रों ने विभिन्न ट्रेडों में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया है कि कौशल का कोई बंधन नहीं होता और मेहनत, समर्पण तथा आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। कौशल आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि कौशल केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है। प्रदेश के प्रशिक्षणार्थी अपने हुनर से सीमाओं को तोड़ रहे हैं, और समाज में नई संवेदनशीलता तथा समावेशन का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास संचालनालय द्वारा आयोजित समारोह केवल प्रतिभा और परिश्रम का उत्सव नहीं, बल्कि समानता, आत्मनिर्भरता और प्रेरणा का प्रतीक है। आईटीआई में लगातार बढ़ रहा प्रवेश, महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी पहल राज्य मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में आईटीआई संस्थानों में प्रवेश की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष कुल 49,133 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो वर्ष 2024 की 42,152 सीटों की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है, जिससे महिला विद्यार्थियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या बढ़कर 12,118 हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि समाज में महिला सशक्तिकरण और कौशल आधारित शिक्षा की स्वीकृति को दर्शाती है। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आईटीआई में प्रशिक्षण लेने के लिए अब बड़ी संख्या में युवा, विशेष रूप से महिलाएं, आगे आ रही हैं। कौशल विकास में मध्यप्रदेश अग्रणी कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन समारोह- 2025 ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बना रहा है। प्रशिक्षार्थियों की उपलब्धियां यह प्रमाणित करती हैं कि राज्य में तकनीकी शिक्षा का आधार सशक्त हो रहा है और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल के नेतृत्व में विभाग द्वारा संचालित पहल न केवल युवाओं के कौशल को निखार रही हैं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार कर प्रदेश को औद्योगिक दृष्टि से भी मजबूत बना रही हैं।  

भारत में ऊर्जा क्रांति! पीएम मोदी ने प्राइवेट सेक्टर को परमाणु क्षेत्र में प्रवेश का दिया संकेत

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि भारत अपना परमाणु ऊर्जा क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खोल रहा है, और इसे भारत-यूके संबंधों को मजबूत करने का एक स्वर्णिम मौका बताया। मुंबई में आयोजित भारत-ब्रिटेन सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है कि हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए खोल रहे हैं। इससे भारत-ब्रिटेन के सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के कई अवसर सृजित होंगे। मैं आपको भारत की इस विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित करता हूं। बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। हम अगली पीढ़ी के आधुनिक भौतिक बुनियादी ढांचे में भारी निवेश कर रहे हैं। 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में हम तेज कदम उठा रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आइये, भारत और ब्रिटेन मिलकर वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट मानक स्थापित करें। अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलावों पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने बुनियादी ढांचे व सुधारों पर केंद्रित नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार हो रहे हैं। अनुपालन बोझ कम करने और व्यापार करने की आसानी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विकास को गति देने वाले हालिया टैक्स सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ताजा जीएसटी सुधारों से मध्यम वर्ग और एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति को नई रफ्तार मिलेगी, साथ ही सभी के लिए अवसरों का दायरा विस्तृत होगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों और सौर ऊर्जा उपकरणों पर करों में कटौती कर आम जनता को बड़ी राहत प्रदान की है। एयर कंडीशनर, टेलीविजन व डिशवॉशर जैसे सामानों पर जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह, मॉनिटर व प्रोजेक्टर पर भी जीएसटी को 18 प्रतिशत पर संशोधित किया गया। इन बदलावों से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन को प्रोत्साहन प्राप्त होगा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलेगी। इसके अलावा सौर पैनल व फोटोवोल्टिक सेल जैसे नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों पर कर को 12 प्रतिशत से घटाकर मात्र 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस छूट से आवासीय व औद्योगिक उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए स्थापना खर्च में कमी आएगी, जिससे सतत व किफायती ऊर्जा विकल्पों तक पहुंच आसान हो जाएगी।  

अखिलेश यादव का बड़ा फैसला: यूपी MLC चुनाव में सपा के चुने गए प्रत्याशी

लखनऊ   यूपी में स्नातक और शिक्षक विधानपरिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए प्रत्याशियों के ऐलान के मामले में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने बाजी मार ली है। पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों का गुरुवार को ऐलान कर दिया गया। शिक्षक एमएलसी के लिए दो और स्नातक एमएलसी के लिए तीन प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया गया। यूपी में कुल 11 सीटें खाली हो रही हैं। इन सीटों पर फरवरी में चुनाव संभावित है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। सपा ने शिक्षक एमएलसी के लिए वाराणसी-मिर्जापुर से लाल बिहारी यादव को टिकट दिया है। लाल बिहारी यादव इस समय विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। इसी तरह गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र से कमलेश को मैदान में उतारा गया है। स्नातक एमएलसी के लिए इलाहाबाद-झांसी से डॉक्टर मान सिंह को उतारा गया है। वाराणसी-मिर्जापुर से आशुतोष सिन्हा को दोबारा मौका दिया गया है। लखनऊ से श्रीमति कांति सिंह को टिकट मिला है। यूपी में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव अगले साल फरवरी में संभावित है। इसके लिए वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण 30 सितंबर से शुरू हो चुका है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह एमएलसी सीटें खाली हो रही हैं। विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आठ व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की आठ सीटें हैं। जिन पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए एमएलसी का कार्यकाल पूरा होगा उनमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी निर्वाचन क्षेत्र शामिल है। ऐसे ही छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए एमएलसी का कार्यकाल पूरा होगा, उनमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद एवं गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पुनरीक्षण के लिए अर्हता की तारीख एक नवंबर 2025 तय की गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उन्हीं लोगों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने इस अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पूर्व किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की हो। शिक्षक निर्वाचन मतदाता सूची में उन्हीं लोगों का नाम शामिल किया जाएगा जो माध्यमिक स्कूलों में विगत छह वर्षों के भीतर शिक्षण कार्य में न्यूनतम तीन वर्ष की अवधि से कार्यरत हों। निर्वाचन आयोग के मानक के अनुसार अधिकतम 16 किलोमीटर की दूरी का पालन करते हुए मतदान केंद्र निर्धारित किए जाएंगे। मतदेय स्थलों का चयन इस प्रकार किया जाएगा जिससे मतदाताओं को कम से कम दूरी तय करनी पड़े। अगर दोनों के ही मतदाता तो मतदान केंद्र एक ऐसे लोग जो स्नातक व शिक्षण निर्वाचन क्षेत्र दोनों के मतदाता हैं तो उनका मतदान केंद्र एक ही जगह होगा। ऐसा नहीं किया जाएगा कि उन्हें अलग-अलग वोट डालना पड़े। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही मतदान केंद्र बनाएं। किस सीट पर कौन-कौन से जिले लखनऊ स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली व प्रतापगढ़ जिले शामिल हैं। ऐसे ही वाराणसी स्नातक व निर्वाचन क्षेत्र में बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर व सोनभद्र जिले हैं। आगरा स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जिले हैं। मेरठ स्नातक व शिक्षक स्नातक क्षेत्र में बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली व हापुड़ जिले हैं। इलाहाबाद-झांसी स्नातक व शिक्षक क्षेत्र में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी व ललितपुर जिले हैं। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर व संभल जिले हैं। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी व अंबेडकरनगर जिले शामिल हैं।  

विशेष अनुमति के बाद भारत पहुंचे तालिबानी विदेश मंत्री: आमिर मुत्तकी की 4 साल बाद की पहली यात्रा

अफगानिस्तान अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्तकी गुरुवार को छह दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। यह यात्रा खास इसलिए है क्योंकि तालिबान शासन के चार साल बाद किसी वरिष्ठ अफगान मंत्री की भारत में यह पहली उच्चस्तरीय आधिकारिक यात्रा है। पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के सत्ता से हटने और तालिबान द्वारा शासन संभालने के बाद से अब तक भारत और तालिबान के बीच सीधा संवाद सीमित था। मुत्तकी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया कूटनीतिक अध्याय जोड़ सकती है।   जयशंकर और  डोभाल से  वार्ता तय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुत्तकी की व्यापक वार्ता तय है। बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद विरोधी कदमों पर चर्चा होने की संभावना है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा- “अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्तकी का नयी दिल्ली आगमन पर हार्दिक स्वागत है। हम द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनके साथ चर्चा को लेकर उत्सुक हैं।” सूत्रों के अनुसार, मुत्तकी के कार्यक्रमों में दारुल उलूम देवबंद की यात्रा और आगरा में ताजमहल का दौरा भी शामिल है। यह कदम भारत और अफगानिस्तान के सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंधों को नए सिरे से उजागर करने का संकेत माना जा रहा है।   संयुक्त राष्ट्र से लेनी पड़ी विशेष अनुमति  मुत्तकी की यह यात्रा पहले सितंबर में तय थी, लेकिन यूएनएससी के यात्रा प्रतिबंधों के कारण रद्द करनी पड़ी थी। अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति ने 30 सितंबर को 9 से 16 अक्टूबर तक के लिए अस्थायी छूट दी, जिससे उनका भारत दौरा संभव हो सका। यूएन ने तालिबान के सभी वरिष्ठ नेताओं पर यात्रा और आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिनके लिए विदेश यात्राओं हेतु विशेष अनुमति आवश्यक होती है। भारत ने अब तक तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन व्यावहारिक संवाद जारी रखा है।15 मई को विदेश मंत्री जयशंकर और मुत्तकी के बीच फोन पर पहली बातचीत हुई थी जो तालिबान शासन के बाद भारत-अफगानिस्तान के बीच सबसे उच्च स्तर का संपर्क माना गया। भारत का पक्ष भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि: अफगानिस्तान की भूमि का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए और काबुल में एक समावेशी सरकार का गठन होना चाहिए, जो सभी जातीय और धार्मिक समूहों को प्रतिनिधित्व दे। अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी ने जनवरी में भारत को “एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और आर्थिक शक्ति”बताते हुए सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई थी। काबुल की सरकार अब भारत के साथ शिक्षा, व्यापार और मानवतावादी परियोजनाओं पर सहयोग चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और तालिबान के बीच सावधानीपूर्वक लेकिन सकारात्मक संवाद की शुरुआत है।भारत अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देते हुए अफगानिस्तान में स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम बढ़ा रहा है।  

सैलानी हुए हैरान! कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ-बाघिन की नज़दीकी मुठभेड़ का अनोखा दृश्य

बालाघाट एक अक्टूबर से कान्हा टाइगर रिजर्व के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। इसके बाद से बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटकों को बाघ के दीदार हो रहे हैं। बाघ-बाघिन से जुड़ा एक वीडियो गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित है। इसमें वयस्क बाघ-बाघिन घास के मैदान से निकलकर सैलानियों की जिप्सी के सामने आते हैं। बाघ, बाघिन को रिझाने का प्रयास करता है, लेकिन बाघिन अचानक दहाड़ मारकर अपना रौद्र रूप दिखाती है। तभी बाघ-बाघिन एक ही समय पर कुछ ही सेकंड के लिए दोनों पांव पर खड़े हो जाते हैं। दूसरे वाहन में बैठे पर्यटकों ने इस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। 29 सेकंड के इस वीडियो को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा है।   यह पूरा नजारा बुधवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की जोन में रिकार्ड किया गया। यह वही क्षेत्र है, जहां दो अक्टूबर को दो बाघों के बीच संघर्ष हुआ था। बताया गया कि नर बाघ टी-125 और बाघिन टी-106 एक साथ दिखाई दिए। वीडियो में नर बाघ टी-125 दोनों पैरों पर खड़े होकर बाघिन टी-106 को रिझाने की कोशिश करते दिखाई दे रहा है। इस दृश्य ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे नजारे दुर्लभ होते हैं। पर्यटकों को ऐसे नजारे कम ही देखने मिलते हैं।  

टीम इंडिया की दमदार वापसी, अफ्रीका के सामने 252 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य

नई दिल्ली भारतीय महिला और दक्षिण अफ्रीका महिला टीम गुरुवार को महिला विश्व कप के 10वें मुकाबले में आमने-सामने हैं। भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सभी विकेट खोकर 251 रन बनाए हैं। बीच के ओवरों में लगातार विकेट गंवा रही भारतीय टीम की पारी को ऋचा घोष ने संभाला और टीम को 200 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ऋचा घोष ने 94 रन की पारी खेली। वहीं स्नेह राणा के साथ मिलकर उन्होंने आठवें विकेट के लिए 88 रन जोड़े। दक्षिण अफ्रीका की ओर से ट्रायन ने तीन विकेट चटकाए। गीली आउटफील्ड के कारण टॉस निर्धारित समय पर नहीं हो पाया और करीब एक घंटा विलंब से हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी हुई। मंधाना 32 गेंद में 23 रन बनाकर आउट हुईं। मंधाना ने एक चौका और एक छक्का लगाया। हरलीन 23 गेंद में 13 रन ही बना सकीं। प्रतिका रावल ने 56 गेंद में 37 रन की पारी खेली। जेमिमा खाता भी नहीं खोल सकीं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर 24 गेंद में 9 रन बनाकर आउट हुईं। दीप्ति शर्मा ने 14 गेंद में 4 रन बनाए। अमनजोत 44 गेंद में 13 रन ही बना सकीं। स्नेह राणा ने 24 गेंद में 33 रन की दमदार पारी खेली। राणा ने घोष के साथ 8वें विकेट के लिए 88 रन जोड़े। ऋचा घोष ने 77 गेंद में 11 चौके और चार छक्के की मदद से 94 रन बनाए। श्री खाता नहीं खोल सकीं।