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सोने के दाम 1 अक्टूबर को भी बढ़े, त्योहारी खरीदारी में ग्राहकों को राहत नहीं मिली

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नई दिल्ली सोने में गिरावट का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए आज भी राहत की खबर नहीं आई है। फेस्टिव सीजन में सोना नया रिकॉर्ड बना रहे है और यह आम लोगों के पहुंच से दूर होता जा रहै हे। अक्टूबर माह की शुरुआत में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। MCX पर सोना 1,17,500 रुपए प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी की कीमत 1,43,640 रुपए प्रति किग्रा के आसपास है।  दिल्ली में सोना, चांदी के भाव नए शिखर पर राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सोना 500 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1.20 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोने का भाव सोमवार को 1,500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,500 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा था।  स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह 500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,400 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले बाजार सत्र में इसकी कीमत 1,18,900 रुपए प्रति 10 ग्राम रही थी। इसके अलावा मंगलवार को चांदी की कीमत 500 रुपए बढ़कर 1,50,500 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के नए शिखर पर पहुंच गई। सोमवार को यह 7,000 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1,50,000 रुपए प्रति किलोग्राम रही थी।    

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को स्वास्थ्य समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया

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 बेंगलुरु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया है, जहां कम्प्लीट चेकअप के लिए उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा है. वे इलाज के लिए बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे (88) एक सीनियर सांसद और कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं. अक्टूबर 2022 से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई चुनावी मुकाबलों में पार्टी का नेतृत्व किया है और राष्ट्रीय रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं.  1942 में जन्मे खड़गे का राजनीतिक सफर दशकों लंबा है, इस दौरान उन्होंने एक सांसद, केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया है. उनके करियर की पहचान एक ज़मीनी नेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा है, जिसमें मज़बूत संगठनात्मक कौशल भी शामिल है. पार्टी अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने कांग्रेस को उसके सबसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर से उबारने का भार उठाया है.

फिलीपींस में भूकंप का कहर, 6.9 तीव्रता के झटकों से 60 लोगों की मौत, भारी नुकसान

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मनीला फिलीपींस में  6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने देश के कई हिस्सों में तबाही मचाई. इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई इमारतें ढह गईं और 60 लोगों की मौत हो गई. एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये जानकारी दी है. भूकंप के केंद्र और प्रभावित क्षेत्रों का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में भारी नुकसान और हताहतों की पुष्टि हुई है. अधिकारी ने बताया कि स्थानीय समयानुसार दोपहर बाद कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों-ऑफिस से बाहर निकल आए. भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि कई इमारतें, खासकर पुरानी संरचनाएं, पूरी तरह ढह गईं. इससे कई लोग मलबे में दब गए.  बढ़ सकती है मृतकों की संख्या फिलीपींस के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव टीमें दिन-रात काम कर रही हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं. जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है, जहां चिकित्सा टीमें उनकी देखभाल में जुटी हैं. बचाव एवं राहत कार्य शुरू एक वरिष्ठ आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा, '6.9 तीव्रता का भूकंप बेहद शक्तिशाली था. कई इमारतें ढह गईं और 60 लोगों की जान चली गई. हम प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों को तेज कर रहे हैं.' उन्होंने ये भी बताया कि बिजली और संचार सेवाएं कुछ क्षेत्रों में बाधित हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां आ रही हैं. हमेशा बना रहता है भूकंप का खतरा फिलीपींस में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां बार-बार भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट का कारण बनती हैं. हाल के सालों में फिलीपींस में कई बड़े भूकंपों आए हैं, जिनमें 2013 का बोहोल भूकंप (7.2 तीव्रता) शामिल है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.

यूपीपीएससी पीसीएस प्रीलिम्स 2025 एडमिट कार्ड जारी, डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक यहां

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लखनऊ  यूपीपीएससी ने 2025 पीसीएस और एसीएफ/आरएफओ प्रारंभिक परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिंक जारी कर दिए हैं. इस लिंक से आप 12 अक्टूबर तक एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.  इसे प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को अपने डिटेल्स दर्ज कर लॉग इन करना होगा.  दो शिफ्ट में होगी परीक्षा UPPSC PCS प्रारंभिक परीक्षा एडमिट कार्ड 2025 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने संयुक्त राज्य / ऊपरी अधीनस्थ सेवा (PCS) और सहायक वन संरक्षक (ACF) / रेंज वन अधिकारी (RFO) प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. अगर आपने इस पोस्ट के लिए आवेदन किया है तो आप आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं. 12 अक्टूबर, 2025 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की लास्ट डेट है. यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी- पहली पाली सुबह 9.30 बजे से 11.30 बजे तक और दूसरी दोपहर 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक.  दर्ज करने होंगे ये डिटेल  एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए , उम्मीदवारों को अपना ओटीआर नंबर, जन्मतिथि और लिंग दर्ज करके लॉग इन करना होगा. आवेदन पत्र में बताई गई जानकारी दर्ज करना जरूरी है. एडमिट कार्ड तभी उपलब्ध होंगे जब आवेदन अस्वीकार न किया गया हो और उम्मीदवार के लिए परीक्षा निर्धारित हो गई हो.  यूपीपीएससी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा एडमिट कार्ड 2025 डाउनलोड करने के चरण:     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं.     होमपेज पर “UPPSC PCS Prelims Admit Card 2025” लिंक पर क्लिक करें.      अपना लॉगिन विवरण दर्ज करें (ओटीआर नंबर, जन्म तिथि, लिंग)     “एडमिट कार्ड डाउनलोड करें” पर क्लिक करें     हॉल टिकट पर क्लिक करें, अपने डिटेल दर्ज करें.      भविष्य में उपयोग के लिए डाउनलोड कर प्रिंटआउट कर लें. 12 अक्टूबर को होगी परीक्षा यूपीपीएससी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2025, 12 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के 1,435 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें लगभग 6.26 लाख उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है.  इस भर्ती अभियान का उद्देश्य 210 पदों को भरना है. अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा क्योंकि परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा. अभ्यर्थियों को अपने साथ दो हाल ही में खींची गई पासपोर्ट आकार की तस्वीरें, साथ ही एक वैध फोटो पहचान पत्र की मूल प्रति और एक फोटो कॉपी भी लानी होगी. 

अमेरिका-ताइवान चिप साझेदारी पर खिंची रेखा, ताइवान ने 50-50 फॉर्मूले को ठुकराया

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न्यूयॉर्क ताइवान ने अमेरिका के साथ चिप प्रोडक्शन को लेकर 50 फीसदी हिस्सेदारी के समझौते पर असहमति जताई है. यह ऐलान बुधवार को ताइवान के शीर्ष टैरिफ वार्ताकार ने घर लौटने के बाद हुआ है. अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने सुझाव दिया था कि चिप निर्माण में 50-50 का विभाजन हो, जिसका ज्यादातर हिस्सा मौजूदा वक्त में ताइवान में बनता है. ताइवान की उप-प्रीमियर चेंग ली-चियुन ने साफ किया है कि उनकी टीम ने ऐसी किसी भी शर्त पर न तो चर्चा की और न ही वे सहमति देंगे. अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने वीकेंड में यूएस टेलीविजन नेटवर्क न्यूज़ नेशन को बताया था कि वॉशिंगटन का प्रस्ताव चिप बनाने में 50-50 का विभाजन होगा.  ताइवान की उप-प्रीमियर चेंग ली-चियुन ने वापस देश लौटने पर पत्रकारों को बताया कि उन्होंने वार्ता के दौरान अमेरिका द्वारा सुझाए गए 50-50 के विचार पर चर्चा नहीं की थी. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम ऐसी शर्तों पर सहमत नहीं होगी. TSMC का निवेश और टैरिफ छूट की उम्मीद ताइवान दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिपमेकर टीएसएमसी (TSMC) का हब है. टीएसएमसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लीकेशन्स की मजबूत मांग की वजह से तेजी से आगे बढ़ रही है. टीएसएमसी मौजूदा वक्त में अमेरिका के एरिजोना स्टेट में चिप कारखाने बनाने के लिए $165 बिलियन का इन्वेस्टमेंट कर रही है.  हालांकि, कंपनी का ज्यादातर प्रोडक्शन ताइवान में ही रहेगा. ताइवान की सरकार ने पिछले महीने उम्मीद जताई थी कि टैरिफ वार्ता में 'कुछ प्रगति' हासिल होने के बाद अमेरिका से ज्यादा अनुकूल टैरिफ दर मिलेगी. कृषि खरीद और राजनयिक मुलाकात… ताइवान के प्रधानमंत्री चो जुंग-ताई ने मंगलवार को ताइपे में संसद में कहा था कि चेंग ने टैरिफ मुद्दों पर अमेरिका के साथ कई बार बातचीत की है. चेंग ने एयरपोर्ट पर कहा कि विस्तृत चर्चा हुई है, जिससे कुछ प्रगति हुई है. इस बीच, ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने मंगलवार देर रात यूएस कृषि विभाग के अंडर सेक्रेटरी फॉर ट्रेड एंड फॉरेन एग्रीकल्चरल अफेयर्स ल्यूक जे. लिंडबर्ग से मुलाकात की. लाइ ने कहा कि सितंबर में अमेरिका का दौरा करने वाले ताइवान के कृषि प्रतिनिधिमंडल ने अगले चार वर्षों में $10 बिलियन के अमेरिकी कृषि सामान खरीदने की योजना बनाई है, जिसमें सोयाबीन, गेहूं, मक्का और बीफ शामिल हैं.

सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के नेतृत्व में दिशा की बैठक का सफल आयोजन, रायपुर

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रायपुर : सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्न सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश रायपुर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में आज गरियाबंद जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न हुई। सांसद श्रीमती चौधरी ने बैठक में शासन के जनहितकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने एवं समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केन्द्र सरकार प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की दिशा में कार्यरत है। क्षेत्र के विकास के लिए हम सभी जनप्रतिनिधियों को भी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में भागीदार होना होगा। योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। समीक्षा के दौरान सांसद श्रीमती चौधरी ने अधूरे सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य शासन की अन्य विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की।      बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मनरेगा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रमीण, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, खनिज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम कार्यक्रम, पशुपालन, समेकित बाल विकास योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, राष्ट्रीय भू-रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विकास योजना, एकीकृत विद्युत विकास, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खेल, मत्स्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं खाद्य सुरक्षा क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभान्वित स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।         बैठक में मौजूद राजिम विधायक श्री रोहित साहू ने कहा कि हम सभी का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि अधिक से अधिक नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाए ताकि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति को अधिकतम लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।  बैठक में राजिम विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका परिषद गरियाबंद के अध्यक्ष श्री रिखीराम यादव, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., उप निदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व श्री वरूण जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, श्री नवीन भगत और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी सहित दिशा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ बना नेशनल रोल मॉडल

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई 'स्मार्ट', नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू नवा रायपुर के अटल नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया अध्याय: नवा रायपुर में देश का पहला स्मार्ट पंजीयन कार्यालय आज से शुरू मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ बना नेशनल रोल मॉडल 15 से 20 मिनट में पूरी होगी पंजीकरण प्रक्रिया, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से नागरिकों को मिलेगा आरामदायक अनुभव “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मंत्र से साकार हुआ स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का सपना 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य मुफ्त वाई-फाई, डिजिटल डिस्प्ले, हेल्पडेस्क और कैशलेस भुगतान जैसी बड़ी क्रांतियों से बदलेगा रजिस्ट्री का अनुभव रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल और  स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर रायपुर की मती वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया। पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है। उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।

ओबीसी आरक्षण पर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत हलफनामा: मध्यप्रदेश सरकार का पक्ष सामने आया

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भोपाल     राज्य शासन के संज्ञान में यह आया है कि कतिपय शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर यह कहते हुए कुछ टिप्पणियां/सामग्री वायरल की जा रही है कि वह टिप्पणियां माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है।     शासन द्वारा उक्त शरारती सामग्री का गंभीरता से परीक्षण कराया गया है I माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पिछड़ा वर्ग आरक्षण के प्रचलित प्रकरण में अभिलेख के प्रारंभिक परीक्षण से यह तथ्य सामने आया है कि उल्लेखित सोशल मीडिया की टिप्पणियां एवं कथन पूर्णतः असत्य, मिथ्या एवं भ्रामक है एवं दुष्प्रचार की भावना से किए गए हैं।     यह स्पष्ट किया जाता है कि वायरल की जा रही सामग्री मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य की किसी घोषित या स्वीकृत नीति अथवा निर्णय का भाग हैं ।     प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वस्तुतः उल्लेखित सामग्री मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष श्री रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। उक्त आयोग का गठन दिनांक 17-11-1980 को किया गया था। आयोग द्वारा दिनांक 22-12-1983 को अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य शासन को प्रेषित किया था।     राज्य शासन ने माननीय उच्चतम न्यायालय में ओबीसी आरक्षण संबंधित प्रकरण में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के विभिन्न प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए हैं, जो शासन के अभिलेखों में सुरक्षित हैं। इन प्रतिवेदनों में महाजन आयोग की रिपोर्ट के साथ-साथ 1994 से 2011 तक के वार्षिक प्रतिवेदन तथा वर्ष 2022 का राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का प्रतिवेदन भी सम्मिलित है।     महाजन आयोग का उक्त प्रतिवेदन माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी अभिलेख का भाग रहा है। अतः माननीय उच्चतम न्यायालय में भी उक्त प्रतिवेदन स्वतः ही न्यायिक अभिलेख का हिस्सा है।     मध्यप्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ एवं सामाजिक सद्भावना के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शासन स्पष्ट करता है कि वायरल की जा रही सामग्री शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य शासन के किसी स्वीकृत या आधिकारिक नीति या निर्णय का हिस्सा है। यह उल्लेखनीय है कि महाजन रिपोर्ट में 35% आरक्षण की अनुशंसा की गई थी, जबकि राज्य शासन ने 27% आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।     भारतवर्ष में आरक्षण को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के प्रतिवेदन, समय-समय पर गठित आयोग के रिपोर्ट एवं वार्षिक प्रतिवेदन तथा अन्य आधिकारिक सामग्री जो पूर्व से ही शासकीय अभिलेखों का भाग है एवं विभिन्न प्रकरणों में अभिलेखों का भी भाग है, माननीय न्यायालय के समक्ष हमेशा से प्रस्तुत की जाती रही हैं I     ऐसे एकेडमिक विश्लेषण एवं समय-समय पर गठित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के अत्यंत विस्तृत प्रतिवेदनों एवं रिपोर्ट के किसी एक भाग को, बिना किसी संदर्भ के स्पष्ट किए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के रूप में प्रस्तुत किया जाना एक निंदनीय प्रयास है I इसके संबंध में राज्य शासन द्वारा गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।    

कैबिनेट मीटिंग अपडेट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले

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रायपुर    मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरूद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग द्वारा प्रक्रिया में पात्र पाए जाने वाले बैंक/वित्तीय संस्था से सम्पादित किए जाने वाले एमओयू के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया।      मंत्रिपरिषद द्वारा दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि रूपये 24,50,05,457/- (रूपये चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन मात्र) एकमुश्त वापस किये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा हेतु न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण प्रदाय किया जाता है।      मंत्रिपरिषद द्वारा स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों में एक बार के लिये छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई है। शिक्षा विभाग के भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर करने का अनुमोदन मंत्रिपरिषद ने प्रदान किया।      मंत्रिपरिषद की बैठक में आज मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अमिताभ जैन को भावभीनी  विदाई दी गई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव श्री विकास शील (भारतीय प्रशासनिक सेवा 1994 बैच) का स्वागत किया गया। 

हमास को 4 दिन का टाइमलाइन, ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई तनाव की आशंका

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वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि हमास को उनकी गाजा शांति प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए करीब 3-4 दिनों का वक्त दिया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमास इस प्रस्ताव को मानने से इनकार करता है, तो इसका बेहद दर्दनाक परिणाम निकलेगा। ट्रंप ने कहा कि हमास या तो इसे स्वीकार करेगा या नहीं, लेकिन अगर नकार दिया तो नतीजा बहुत ही दुखद होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर चर्चा करने की कोई खास गुंजाइश नहीं बची है। इस प्रस्ताव को इजरायल और अरब देशों के नेताओं ने पहले ही हरी झंडी दे दी है, और अब हमास के फैसले का इंतजार है। वहीं जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या इस प्रस्ताव पर सौदेबाजी की गुंजाइश है, तो ट्रंप ने कहा कि ज्यादा नहीं। क्या है ट्रंप का प्रस्ताव? बता दें कि सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। इसके बाद वाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस प्रस्तावित योजना को जारी किया है, जिसके माध्यम से गाजा में जारी इजरा.ल-हमास युद्ध को समाप्त करने का प्रयास किया गया है। सोमवार को वाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद इजराजल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस योजना का समर्थन किया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या नहीं। ट्रंप की योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं..     गाजा को कट्टरपंथ से मुक्त और आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, जो अपने पड़ोसियों के लिए कोई खतरा नहीं होगा।     गाजा का पुनर्निर्माण वहां के नागरिकों के हित में किया जाएगा, जिन्होंने लंबे समय से पीड़ा सही है।     दोनों पक्षों की सहमति पर युद्ध तत्काल समाप्त होगा; इजरायली सेना पीछे हटेगी और बंधकों की रिहाई की तैयारी की जाएगी। इस दौरान सभी सैन्य गतिविधियां स्थगित रहेंगी।     इजरायल द्वारा समझौता सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए जाने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों ( जीवित और मृत ) को वापस किया जाएगा।     सभी बंधकों की रिहाई के बाद इजरायल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 250 कैदियों और 1700 गाजा वासियों को रिहा करेगा, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल होंगे। मृत इजरायली बंधकों के बदले मृत गाजावासियों के शव भी लौटाए जाएंगे। प्रत्येक इजरायली बंधक के अवशेष की रिहाई के बदले इजराइल 15 मृत गाजावासियों के अवशेष जारी करेगा।     जो हमास सदस्य शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को स्वीकार करेंगे और अपने हथियार त्यागेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी। जो सदस्य गाजा छोड़ना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित निकासी दी जाएगी।     समझौते के तहत गाजा में तुरंत पूर्ण मानवीय सहायता भेजी जाएगी, जिसमें आधारभूत ढांचे का पुनर्निर्माण भी शामिल होगा।     सहायता का वितरण संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रीसेंट और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की निगरानी में होगा। राफा क्रॉसिंग को खोलने का निर्णय 19 जनवरी 2025 के समझौते के तहत तय तंत्र के अनुसार होगा।     गाजा का प्रशासन एक अस्थायी, तकनीकी और गैर-राजनीतिक फिलस्तीनी समिति को सौंपा जाएगा, जिसकी निगरानी 'बोर्ड ऑफ पीस' करेगा। इस निकाय के अध्यक्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होंगे और इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सहित अन्य वैश्विक नेता सदस्य बनाए जाएंगे।     गाजा के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए एक विशेष योजना बनाई जाएगी, जिसमें पश्चिम एशिया की आधुनिक शहर परियोजनाओं में योगदान देने वाले विशेषज्ञ शामिल होंगे।     एक विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना की जाएगी जिसमें व्यापारिक रियायतें और विशेष शुल्क दरें निर्धारित की जाएंगी।     किसी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, और जो लोग जाना या लौटना चाहें, उन्हें स्वतंत्रता दी जाएगी।     हमास और अन्य गुटों को गाजा के शासन में किसी भी प्रकार की भागीदारी की अनुमति नहीं होगी। पूरे क्षेत्र का पूर्ण निरस्त्रीकरण स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में किया जाएगा।     क्षेत्रीय साझेदार गारंटी देंगे कि हमास और अन्य गुट इस समझौते का उल्लंघन नहीं करेंगे और गाजा किसी के लिए खतरा नहीं बनेगा।     अमेरिका, अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (आईएसएफ) तैनात करेगा, जो स्थानीय फिलस्तीनी पुलिस बलों को प्रशिक्षित करेगा और सुरक्षा बनाए रखेगा।     इजरायल गाजा पर कब्जा नहीं करेगा और न ही उसे अपना हिस्सा बनाएगा। आईएसएफ द्वारा स्थिरता सुनिश्चित किए जाने के बाद, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) चरणबद्ध रूप से क्षेत्र से हटेंगे, सिवाय उन सीमावर्ती इलाकों के जो अंतिम सुरक्षा सुनिश्चित होने तक नियंत्रण में रहेंगे।     यदि हमास इस प्रस्ताव को अस्वीकार करता है, तो सहायता और अन्य उपाय उन क्षेत्रों में लागू किए जाएंगे जिन्हें आईडीएफ ने आईएसएफ को सौंप दिया है।     शांति, सह-अस्तित्व और सहिष्णुता पर आधारित एक अंतरधार्मिक संवाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।