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भ्रष्टाचार के संदेह में लोकायुक्त की कार्रवाई, जेपी मेहरा के ठिकानों पर तलाशी

भोपाल  Bhopal में लोकायुक्त (Lokayukta ) की टीम ने गुरुवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर जेपी मेहरा के घर पर छापा मारा। ये छापा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत मारा गया था, जिसमें कहा जा रहा है कि मेहरा ने विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां की थीं। छापे की वजह लोकायुक्त की टीम ने इस छापे को गोपनीय सूचना के आधार पर मारा। जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त की टीम ने पुलिस बल के साथ जेपी मेहरा के भोपाल स्थित मणिपुरम आवास पर तलाशी शुरू की। जेपी मेहरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पीडब्ल्यूडी में विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां कीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने जांच की प्रक्रिया शुरू की, और अब तक की कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जो भ्रष्टाचार के मामलों को और ज्यादा मजबूत कर सकते हैं। बता दें मेहरा इसी साल रिटायर हुए हैं। छापे में मिली संपत्ति से जुड़ी जानकारी छापे (Lokayukta raid in MP) के दौरान अधिकारियों को बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले, जिनमें केस और प्रॉपर्टी से संबंधित कागजात शामिल थे। जेपी मेहरा के घर लोकायुक्त का छापा में मुंबई में खरीदी गई संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है, और इससे जुड़ी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक हो सकती है। केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले जानकारी के अनुसार, छापे के दौरान लोकायुक्त की टीम को बड़ी संख्या में केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें मुंबई में खरीदी गई संपत्ति से जुड़े प्रमाण भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह छापा गोपनीय सूचना के आधार पर मारा गया है। मेहरा इसी साल फरवरी में रिटायर हुए थे। फिलहाल मणिपुरम स्थित उनके आवास में लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।

दिल्ली टेस्ट में कौन खेलेगा-कौन बाहर? असिस्टेंट कोच ने बताया पूरा प्लान

नई दिल्ली दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार 10 अक्टूबर से दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है। टीम इंडिया इस दो मैचों की सीरीज में पहले से ही 1-0 से आगे हैं। ऐसे में मेहमान टीम पर सीरीज गंवाने का दबाव है। इस मुकाबले के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन कैसी होगी? इससे पर्दा उठ चुका है, क्योंकि भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उसी प्लेइंग इलेवन के साथ उतरने का फैसला किया है, जो अहमदाबाद में 2 अक्टूबर से खेले गए पहले टेस्ट मैच में थी। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोएशे ने बताया है कि भारत संभावित तौर पर बिना किसी बदलाव के दिल्ली टेस्ट मैच में उतरेगा। असिस्टेंट कोच ने ये भी कहा है कि वे सीम बॉलिंग ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को और भी मौके ग्रूम होने के लिए देंगे। उनका कहना है कि ओवरशीज टेस्ट मैचों में नितीश ने अच्छा प्रदर्शन किया है और ऐसे में उनको टीम मैनेजमेंट बैक कर रहा है। प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में रायन टेन डोएशे ने कहा, "मैं कहूंगा कि हम संयोजन में बदलाव की संभावना नहीं रखते। हमारा एक उद्देश्य, मध्यम अवधि का एक उद्देश्य, भारत के लिए एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर तैयार करना है। जब हम विदेशी दौरे पर जाते हैं तो यह बहुत जरूरी होता है कि हमारे पास वह पोजिशन हो। पिछले हफ्ते हमने नितीश पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया था, इसलिए मुझे लगता है कि यह उसे एक और मौका देने और टीम के संतुलन को बिगाड़े बिना खेलने का एक अच्छा मौका है। हमें लगता है कि वह एक शानदार तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं।" कोच ने आगे कहा है कि नितीश इस सीरीज से अपने गेंदबाजी स्किल को अच्छा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि नितीश ने ऑस्ट्रेलिया में सबको दिखा दिया है कि एक बल्लेबाज के तौर पर वह कितने बेहतरीन हैं। उनके लिए चुनौती यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें विदेशी सीरीज के बीच में खेलने का मौका मिले। आगे देखना ज्यादा जरूरी यह है कि उन्हें खेलने का समय कैसे मिलता है और अपनी गेंदबाजी को निखारने का मौका कैसे मिलता है।" टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज  

संपत्ति जब्ती के बाद सहारनपुर में गैंगेस्टर पूजा किन्नर की मुश्किलें बढ़ीं

सहारनपुर  यूपी के सहारनपुर में पुलिस टीम ने गैंगस्टर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर की लगभग 2 करोड़ 74 लाख रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर ली. जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(A) के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई. अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ जिले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है.  पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि शाहिद उर्फ पूजा किन्नर ने ये संपत्ति अपराध के जरिए अर्जित की थी. इसलिए उसे राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस संपत्ति की सर्किल दर लगभग 68 लाख 85 हजार रुपये और बाजार मूल्य 2.74 करोड़ रुपये आंका गया है.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि शाहिद के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज था, जिसकी विवेचना थाना कुतुबशेर से चल रही थी. जांच में सामने आया कि आरोपी की संपत्ति में 9 प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिन्हें अब प्रशासनिक आदेश के तहत कुर्क कर लिया गया है.  एसपी सिटी ने आगे कहा कि यह कार्रवाई एसएसपी महोदय के निर्देशन में अपराधियों को सख्त चेतावनी है कि अब न केवल जेल और चार्जशीट, बल्कि आर्थिक दंड और संपत्ति कुर्की जैसी कार्यवाहियां भी लगातार होंगी. उन्होंने साफ संदेश दिया कि सहारनपुर अपराधियों के लिए अब सुरक्षित ठिकाना नहीं है, उनका समय यहां सीमित है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे सभी माफिया और गैंगस्टरों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कोतवाली नगर थाना पर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ ही, डीएम के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(A) के तहत कार्रवाई करते हुए अभियुक्त की संपत्ति जब्त की गई है. जब्त की गई संपत्ति में एक प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ 74 लाख है.  एसपी सिटी ने यह संदेश दिया कि अपराधियों के विरुद्ध जेल और चार्जशीट के अतिरिक्त आर्थिक दंड और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी होगी. उन्होंने कहा कि सहारनपुर अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है. 

जिन संतों के हर श्वास में ‘राम’, उनकी प्रतिमाओं को अयोध्या में स्थान मिलना केवल योग से नहीं, श्रीराम की इच्छा से संभव हुआ : निर्मला सीतारमण

राम केवल उत्तर भारत में नहीं, दक्षिण के हर घर में विराजते हैं : निर्मला सीतारमण अयोध्या के बृहस्पति कुंड पर तीन दक्षिण भारतीय संतों की प्रतिमाओं के भव्य अनावरण में बोलीं केंद्रीय वित्त मंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश कैबिनेट के मंत्रिगण और दक्षिण से आए भक्तगण रहे उपस्थित – जिन संतों के हर श्वास में ‘राम’, उनकी प्रतिमाओं को अयोध्या में स्थान मिलना केवल योग से नहीं, श्रीराम की इच्छा से संभव हुआ : निर्मला सीतारमण – पहले दक्षिण भारत में भाषाई भेदभाव नहीं था, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, संस्कृत सभी भाषाओं में कर्नाटक संगीत गाया जाता था – त्यागराज स्वामी ने गरीबी में भी केवल श्रीराम के लिए गाये गीत : निर्मला सीतारमण – लोग कहते है कि हनुमान जी ने ही कवि त्यागराज के रूप में लिया था जन्म : वित्त मंत्री  – केरल में पूरे अषाढ़ मास हर घर में शाम को दीप जलाकर होती है श्रीराम की आराधना : निर्मला सीतारमण – रामभक्ति भारत की अमूर्त आत्मा, जो हर भाषा में झलकती है : निर्मला सीतारमण  – तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम हर भाषा में श्रीराम की महिमा का गान हुआ है : वित्त मंत्री  – अयोध्या का यह आयोजन उत्तर-दक्षिण की एकता का सजीव उदाहरण : निर्मला सीतरमण अयोध्या अयोध्या के पवित्र बृहस्पति कुंड पर बुधवार को आयोजित ऐतिहासिक समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों श्री त्यागराज स्वामीगल, श्री पुरंदरदास और श्री अरुणाचल कवि की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर निर्मला सीतारमण का उद्बोधन भावनाओं और भक्ति से ओतप्रोत रहा। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में श्रीराम भक्ति केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। पहले दक्षिण भारत में भाषाई भेदभाव नहीं था निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दक्षिण भारत के संतों के बारे में जिस विस्तार से बताया, वह अद्भुत है। उन्होंने कहा कि पहले दक्षिण भारत में भाषाई भेदभाव नहीं था, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और संस्कृत, सभी भाषाओं में कर्नाटक संगीत गाया जाता था, जो एकता का प्रतीक है। त्यागराज जी के हर गीत में श्रीराम की ऊर्जा प्रवाहित होती थी वित्त मंत्री ने कहा कि त्यागराज स्वामी ने जीवनभर गरीबी में रहते हुए भी श्रीराम भक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने राजा के श्रेय में गीत गाने से इनकार कर केवल श्रीराम के लिए गीत गाये। उनकी भक्ति ऐसी थी कि हर गीत में श्रीराम की ऊर्जा प्रवाहित होती थी। लोग कहते हैं कि शायद हनुमान जी ने ही त्यागराज के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने बताया कि त्यागराज स्वामी का गीत 'सीता कल्याण' दक्षिण भारत में हर विवाह समारोह में गाये जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी की शादी में भी वही गीत गाये गये थे। केरल में पूरे अषाढ़ मास में होता है वाल्मीकि रामायण का पाठ  निर्मला सीतारमण ने कहा कि “रामभक्ति केवल हिन्दी भाषी क्षेत्रों की नहीं है। केरल में आज भी पूरे सिंह मास (अषाढ़) में हर घर में शाम के समय दीप जलाकर भगवान श्रीराम की आराधना की जाती है। पूरे महीने वाल्मीकि रामायण पढ़ी जाती है। यह मूर्त रूप नहीं, बल्कि अमूर्त भक्ति की परंपरा है। यह  हमारे देश की सच्ची आत्मा है। उन्होंने तमिल कवि अरुणाचल कवि का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रसिद्ध तमिल काव्य रामनाटकम् में माता सीता के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा था, एक लाख आंखों से सीता माता को देखो, उनसे सुंदर कोई नहीं। तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम हर भाषा में श्रीराम की महिमा का गान हुआ है निर्मला सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राम जन्मभूमि के लोकार्पण से पहले दक्षिण भारत के श्रीराम से जुड़े मंदिरों की यात्रा की थी। वे श्रीरंगम मंदिर में गए, जहां कंबरामायणम् की रचना हुई थी। यही नहीं, अरुणाचल कवि को भी श्रीराम ने सपने में आदेश दिया था कि वे श्रीरंगम में रामनाटकम् प्रस्तुत करें। वित्त मंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत में न केवल पुरुष संत ही नहीं बल्कि एक कुम्हार समुदाय की महिला ने भी तेलुगु में मोल्लरामायणम् लिखकर भक्ति की मिसाल कायम की। 'तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम हर भाषा में श्रीराम की महिमा का गान हुआ है। यही भारत की आत्मा है। हमें लगा ही नहीं कि हम उत्तर भारत में हैं, ऐसा लगा जैसे अपने घर में समारोह कर रहे हों अपने उद्बोधन के अंत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। जिन संतों की हर श्वास में ‘राम’ था, उनकी प्रतिमाओं को अयोध्या में स्थान मिलना केवल योग से नहीं, श्रीराम की इच्छा से संभव हुआ है। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच यह भक्ति से जुड़ी एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया और कहा कि हमें लगा ही नहीं कि हम उत्तर भारत में हैं, ऐसा लगा जैसे अपने घर में समारोह कर रहे हों।

निर्मला सीतारमण बोलीं अयोध्या भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक

अयोध्या में गूंजी दक्षिण की भक्ति स्वर लहरियां   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया दक्षिण के तीन संतों की मूर्तियों का अनावरण  उत्तर-दक्षिण संस्कृति का संगम बना बृहस्पति कुंड, भक्ति और संगीत की बिखरी अनोखी छटा  निर्मला सीतारमण बोलीं अयोध्या भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक योगी आदित्यनाथ ने कहा अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली  त्यागराज, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों से अयोध्या में बसा कर्नाटक का संगीत भाव अयोध्या उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बुधवार को अयोध्या की पावन भूमि पर देखने को मिला। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों का बृहस्पति कुंड में भव्य अनावरण किया। भक्ति और संगीत की मधुर लहरों में डूबा बृहस्पति कुंड टेढ़ी बाजार स्थित बृहस्पति कुंड का वातावरण उस समय भक्तिरस और संगीत की पवित्र भावना से सरोबार हो उठा जब केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर अनावरण समारोह की शुरुआत की। इस दौरान सीतारमण के माता-पिता भी मौजूद रहे, जिससे यह पल और भी भावनात्मक हो गया। अयोध्या की परंपरा में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक अयोध्या शैली में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बृहस्पति कुंड केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है, जहां उत्तर भारत की श्रद्धा और दक्षिण भारत की भक्ति का संगम होता है। तीनों संतों के योगदान को किया नमन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने तीनों संतों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और भक्ति परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनके काव्य और रचनाओं ने समाज को प्रेम, भक्ति और एकता के सूत्र में पिरोया। कर्नाटक और अयोध्या के सांस्कृतिक रिश्ते को मिला नया आयाम सीतारमण ने बृहस्पति कुंड की भव्यता और शांति देखकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अयोध्या और कर्नाटक के सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं। आज इन संतों की मूर्तियों के अनावरण के माध्यम से भारत की उत्तर-दक्षिण परंपरा एक सूत्र में बंधी है। सीएम योगी ने बोल अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की धुरी इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम की नगरी अयोध्या अब केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली बन रही है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण का यह दौरा भारत की सांस्कृतिक एकता और समरसता का सशक्त प्रतीक है। बृहस्पति कुंड की शांति में खोए सीएम योगी, मंत्रियों संग पत्थर की बेंच पर लिया सौंदर्य का आनंद बृहस्पति कुंड परिसर में स्थापित सुंदर पत्थर की बेंचों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह कुछ देर के लिए विराम लेते हुए बैठे। शांत सरोवर, मधुर वातावरण और सुव्यवस्थित परिसर को निहारते हुए तीनों जनप्रतिनिधियों ने उस पल में अयोध्या की सौंदर्य व सांस्कृतिक गरिमा का आनंद अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने बेंचों की कलात्मक बनावट और परिसर के सौंदर्यीकरण की सराहना करते हुए कहा कि बृहस्पति कुंड अब श्रद्धा और सौंदर्य का आदर्श संगम बन चुका है।

लोक निर्माण में पारदर्शिता के लिए जारी हैं अचानक निरीक्षण की कार्रवाइयाँ

लोक निर्माण से लोक कल्याण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के ‍लिए औचक निरीक्षण की कार्रवाई जारी दो ठेकदारों पर कार्यवाही एवं संबंधित अधिकारियों को नोटिस भोपाल प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के ‍लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा माह में दो बार औचक निरीक्षण किया जाता है इसी क्रम में 06 अक्टूबर को मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा रायसेन, कटनी, श्योपुर, खरगौन, मैहर, नीमच एवं दमोह जिलों में कुल 34 कार्यों का रेंडम आधार पर निरीक्षण किया गया। इनमें 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल), 6 कार्य पीआईयू (भवन), 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के अंतर्गत सम्मिलित थे। निरीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा बैठक वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम श्री भारत यादव ने की। बैठक में प्रमुख अभियंता श्री केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता श्री एसआर बघेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान रायसेन जिले में मुआर मगरमोली-समनापुर-झामर रोड की खराब स्थिति पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स आदित्य कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई। श्योपुर जिले के सेमई-विजयपुर मार्ग के खराब कार्य पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस तथा ठेकेदार मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई। 19 कार्यों में आंशिक सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं, खरगोन जिले के बोंद्रानिया-वामनपुरी रोड (लंबाई 12.18 किमी) एवं भिकरखेड़ी-दमखेड़ा रोड के उत्कृष्ट कार्य के लिए कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री एवं ठेकेदार की सराहना की गई। बैठक में यह निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का निराकरण शिकायतकर्ता की संतुष्टि तक किया जाए। सड़क मरम्मत के साथ यातायात सुरक्षा, जंगल सफाई, रोड मार्किंग एवं ब्लैकस्पॉट सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं। लोकपथ ऐप में दर्ज शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए तथा न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत कर न्यायालय निर्देशों का पालन किया जाए।  

रायपुर में बोले मुख्यमंत्री साय – पारदर्शी भर्ती प्रणाली से युवाओं को मिल रहा न्याय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर चयनित 233 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और विश्वसनीय भर्ती प्रक्रियाओं से प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने बताया कि विगत 20 महीनों में विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आदिम जाति विकास विभाग सहित कई अन्य विभागों में नियुक्तियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उच्च शिक्षा विभाग में 700 सहायक प्राध्यापकों और स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज का यह अवसर ऐतिहासिक और अत्यंत हर्ष का विषय है — पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र एक साथ प्रदान किए जा रहे हैं। यह निश्चित रूप से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अपने कर्तव्यों का शत-प्रतिशत निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति को अपनाया है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस नई उद्योग नीति के तहत अब तक लगभग ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, और इनमें से कई प्रस्तावों के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का कार्य प्रारंभ भी हो गया है। इन उद्योगों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की जनता को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले 20 महीनों में छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन हुए हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ प्रत्येक विभाग की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने नवचयनित प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी निश्चित रूप से अपने महाविद्यालयों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी सराहना की और कहा कि मात्र तीन माह की अवधि में बिना किसी विवाद के तीन चरणों में संपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से पूर्ण करना अत्यंत सराहनीय उपलब्धि है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभागीय अधिकारी एवं नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राज्यमंत्री जायसवाल का संदेश – स्वदेशी वस्तुओं को दें प्राथमिकता

स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दें : राज्यमंत्री  जायसवाल खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की वेबसाइट का शुभारंभ भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज हम सब एक ऐसी पहल का शुभारंभ कर रहे हैं जो न केवल तकनीकी दृष्टि से आधुनिक है बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। राज्य शासन के कुटीर एवं प्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विकसित यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म – mpkhadigramodyog.com हमारे राज्य के लाखों कारीगरों, बुनकरों, उद्यमियों और उपभोक्ताओं के लिए एक नया डिजिटल पुल है। यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को मजबूत करेगी। राज्य मंत्री  जायसवाल ने यह बात भोपाल हाट में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विकसित की गई वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर कही। इस अवसर पर खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक  माल सिंह, शिल्पी, बुनकर, उपभोक्ता, आमजन उपस्थित थे। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि यह पोर्टल खादी, हाथकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में कार्यरत सभी हितधारकों को एक ही मंच पर जोड़ता है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कलाकार, स्व-सहायता समूह, उद्यमी और एम्पोरियम प्रबंधक अब अपने उत्पादों को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित कर सकते हैं। यहीं उपभोक्ताओं को स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों तक सीधी पहुँच प्राप्त होगी। वेबसाइट पर कलाकार पंजीकरण, एम्पोरियम जानकारी, प्रीमियम उत्पाद प्रदर्शन, ऑन-डिमांड शोकेस जैसी नागरिक उन्मुख सेवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह केवल एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम है,जहाँ खादी की आत्मा और आधुनिक तकनीक का समन्वय दिखाई देता है। इस प्लेटफ़ॉर्म की एक और महत्वपूर्ण विशेषता है हमारे दो गौरवशाली ब्रांड "कबीरा बाय खादी" और "विंध्य वैली", जिनके माध्यम से हम खादी की परंपरा और प्रामोद्योग की शुद्धता को वैश्विक पहचान दे रहे हैं। कबीरा बाय खादी हमारे प्रदेश के हैंडलूम वस्त्रों, सिल्क साड़ियों, और डिजाइनर परिधानों को एक नई पहचान दे रहा है। यह खादी को युवाओं की फैशन संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है। वहीं विंध्य वेली ग्रांड हमारे एफएमसीजी उत्पादों जैसे हर्बल तेल, अगरबत्ती, एलोवेरा जेल, प्राकृतिक शहद और ग्रामीण घरेलू उत्पादों को गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के साथ उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहा है। यह वेबसाइट तकनीकी दक्षता और नागरिक केंद्रित कार्यप्रणाली का उदाहरण है। अधिकारी और प्रबंधक वास्तविक समय में पंजीकृत कलाकारों, समूहों और एम्पोरियमों की स्थिति देख सकते हैं तथा सभी अभिलेखों का डिजिटल प्रबंधन कर सकते हैं। राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि मुझे गर्व है कि मध्यप्रदेश खादी तथा प्रामोद्योग बोर्ड ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसे पूरे देश में अनुकरणीय कहा जा सकता है। उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, तकनीकी साझेदारों, और हमारी टेक्निकल टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर खादी की परंपरा को नई तकनीक, नई सोच और नए उत्साह के साथ आगे बढ़ाएँ। खादी केवल वस्त्र नहीं, यह आत्मनिर्भर भारत की पहचान है। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं एवं खादी उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया। राज्यमंत्री  जायसवाल ने भोपाल हाट में 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय खादी उत्सव की स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।  

समोसे को पचाने में क्यों लगता है 4 घंटे? सेब तो आधे घंटे में ही हो जाता है हजम!

नई दिल्ली सेब खाना सभी को अच्छा लगता है और इसे खाने के बाद लोग कंफर्टेबल महसूस करते हैं. सेब में पोषक तत्वों का खजाना होता है, जिसकी वजह से इसे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद फल भी माना जाता है. कई बार हम जब समोसा खाते हैं, तो उसके बाद पेट भारी लगने लगता है. खाने की कुछ चीजें जल्दी पच जाती हैं, जबकि कुछ चीजों को पचने में ज्यादा समय लगता है. एक ताजा सेब खाकर आपका पेट उसे आसानी से पचा लेता है, लेकिन समोसा को पचाने में शरीर को घंटों लग जाते हैं. अब सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? चलिए जानते हैं कि दोनों को पचने में कितना वक्त लगता है और दोनों के पाचन समय में इतना ज्यादा अंतर किस वजह से है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सेब और समोसा को पचने में लगने वाले समय में काफी अंतर होता है. इसकी वजह दोनों की बनावट और न्यूट्रिशन कंटेंट होता है. सेब एक फल है, जिसमें पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है. इसलिए सेब आसानी से और जल्दी पच जाता है. एक सेब को पचने में लगभग 30 मिनट से 1 घंटे का समय लगता है. जबकि समोसा तला हुआ और भारी भोजन है, जिसमें फैट और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है. ड्रीप फ्राइड समोसा को पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. समोसा को पचने में लगभग 4 से 6 घंटे या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है. सेब में फाइबर, पानी और नेचुरल शुगर होती है, जो आसानी से पच जाती हैं. सेब में कम कैलोरी होती है और यह ताजगी से भरपूर होता है. सेब का फाइबर आपके पाचन तंत्र को साफ करता है और खाने को जल्दी पचाने में मदद करता है. इसके अलावा सेब में मौजूद विटामिन्स और एंजाइम्स खाने को जल्दी ब्रेक करने में मदद करते हैं. इसलिए जब आप सेब खाते हैं, तो आपका शरीर इसे जल्दी से तोड़कर एनर्जी में बदल देता है. यही वजह है कि सेब खाने के कुछ घंटों बाद ही आपको भूख लगने लगती है. अब समोसे की बात कर लेते हैं. समोसा कार्बोहाइड्रेट, ऑयल और मसालों से भरपूर होता है. तला हुआ खाना पचाने में शरीर को ज्यादा वक्त लगता है, क्योंकि उसमें भारी फैट होता है, जो आपके पेट में लंबे समय तक रहता है. पेट के एंजाइम्स को इस फैट को तोड़ने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसके अलावा तला हुआ खाना पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है, जिससे गैस, अपच और भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए समोसे का पाचन समय ज्यादा होता है. पाचन तंत्र का भी फूड्स को बचाने में अहम योगदान होता है. आपकी उम्र, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल पाचन की गति को प्रभावित करते हैं. युवा और हेल्दी व्यक्ति का पाचन तंत्र जल्दी काम करता है, लेकिन अगर किसी को पाचन संबंधी समस्या या कमजोर इम्यूनिटी हो तो पाचन धीमा हो सकता है. इसी वजह से कभी-कभी हल्का भोजन भी कुछ लोगों को देर से पचता है. इसलिए स्वस्थ पाचन के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है. फल, सब्जियां और फाइबर युक्त चीजें खाने से पाचन बेहतर होता है और भारी तले हुए खाने से बचना चाहिए.

GPay-पेेटीएम को मिलेगी कड़ी टक्कर, Zoho उतरा पेमेंट वॉर में

 नई दिल्ली     स्वदेशी कंपनी Zoho इन दिनों सुर्खियों में है. हाल ही में कंपनी का इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप Arattai काफी पॉपुलर हुआ है और सरकार भी इसे प्रोमोट कर रही है. अब कंपनी हार्डवेयर स्पेस के लिए बड़ी तैयारी में दिख रही है.  Zoho ने अब पॉइंट ऑफ सेल डिवाइसेज यानी POS मशीन बेचना शुरू कर दिया है. इसमें इंटीग्रेटेड QR डिवाइसेज और साउंड बॉक्स शामिल हैं. भारत में फिलहाल Paytm और PhonePay के POS डिवाइसेज पॉपुलर हैं और ज्यादर रिटेल स्टोर्स पर यही पेमेंट ऑप्शन देखने को मिलता है. Zoho Payments के तहत लॉन्च किया गया ये POD डिवाइस पेटीएम और फोनपे सहित गूगल पे को कड़ी टक्कर दे सकता है. कंपनी के स्मार्ट POS डिवाइस में टच स्क्रीन इंटरफेस के साथ इनबिल्ट प्रिंटर भी है जो तुरंत रीसीट को प्रिंट कर देता है. Zoho का पेमेंट टर्मिनल 4G, WiFi और ब्लूटूथ सपोर्ट करता है. इस मशीन के जरिए मर्चेंट्स चिप कार्ड्स, UPI और QR कोड से पेमेंट ले सकते हैं. Zoho Payment के सीईओ ने कहा है कि ये कंपनी का नेचुरल एक्सपैंशन है जो 2024 में शुरू किया गया था. हालांकि तब सॉफ्टवेयर बेस्ड पेमेंट सल्यूशन था. कंपनी तब से किसी भी डिवाइसेज में ऑनलाइन पेमेंट सपोर्ट देती थी. अब कंपनी ने हार्डवेयर भी पेश कर दिया है. चूंकि Zoho के पास छोटे बिजनेस मैनेज करने के सभी टूल्स हैं, इसलिए पेमेंट टर्मिनल में भी उनका सपोर्ट देखने को मिलेगा. यानी मर्चेंट्स रियल टाइम पेमेंट ट्रैकिंग से लेकर पूरा लेखा जोखा एक जगह पर पा सकेंगे. बिजनेसेज के लिए युनिफाइड डैशबोर्ड भी है जहां से पेमेंट्स और बिलिंग की तमाम जानकारी रिटेलर्स और मर्चेंट्स को आसानी से मिल सकेगी. एडवांस्ड सिक्योरिटी के लिए Zoho ने PCI DSS सर्टिफाइड रखा है. अरट्टई हो रहा है पॉपुलर WhatsApp भारत में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है. लेकिन अब Zoho का Arattai ऐप आ चुका है जो स्वदेशी है. इस ऐप पर चैटिंग के अलावा कॉलिंग और मीटिंग जैसे फीचर्स दिए गए हैं. अब तक चैटिंग में Arattai ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन नहीं दिया है, लेकिन कंपनी ने कहा है कि जल्द ही Arattai के चैट्स में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन दिया जाएगा. गौरतलब है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन को चैटिंग प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है. इस एन्क्रिप्शन के आ जाने के बाद Arattai पर की गई चैटिंग का डेटा कोई भी ऐक्सेस नहीं कर पाएगा. बिना एन्क्रिप्शन चैटिंग के साथ मुश्किल ये है कि पर्सनल डेटा हैकर्स या खुद कंपनी ऐक्सेस कर सकती है. WhatsApp में काफी पहले से एंड टू एंड एन्क्रिप्शन है जिसे इंडिपेंडेट सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने कई बार ऑडिट भी किया है. देखना दिलचस्प होगा कि स्वदेशी Arattai कैसे WhatsApp को टक्कर देता है.