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भोपाल में खुला राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का कैंपस, साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक में शुरू हुई पढ़ाई

भोपाल  एजुकेशन हब भोपाल को अब राष्ट्रीय सुरक्षा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने जा रही है। राजधानी में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर (आरआरयू) का क्षेत्रीय कैंपस शुरू हो गया है। यह आरआरयू का छठा कैंपस है, जो फिलहाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में संचालित हो रहा है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा आरआरयू की स्थापना के लिए आरजीपीवी कैंपस में ही दस एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां अगले दो-तीन साल में आरआरयू का अपना कैंपस होगा। दो कोर्सों की शुरुआत इसी सत्र से कर दी गई है और दो कोर्स अगले सत्र से शुरू होंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आरआरयू भोपाल केंद्र के संचालन और प्रशासनिक समन्वय के लिए आरजीपीवी के डिप्टी रजिस्ट्रार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। भोपाल में कैंपस की स्थापना के साथ ही सत्र 2025-2026 में चार वर्षीय बीटेक इन कंप्यूटर साइंस (साइबर सिक्योरिटी स्पेशलाइजेशन) और एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फोरेंसिक कोर्स का संचालन शुरू हो गया है। अगले सत्र से पीजी डिप्लोमा इन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग और पीजी डिप्लोमा इन पुलिस साइंस एंड मैनेजमेंट कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में जेईई और अन्य मेरिट योग्यताओं के आधार पर प्रवेश होगा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीटेक इन कंप्यूटर साइंस को छोड़कर अन्य कोर्स में केवल 20- 20 सीटें रखी गई हैं। आरआरयू का क्षेत्रीय कैंपस शुरू होने से मध्य प्रदेश के युवाओं को सुनहरा अवसर मिलेगा, वे भारत की आंतरिक सुरक्षा में योगदान दे सकेंगे। साथ ही मप्र पुलिस व सुरक्षा बलों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सभी संस्थानों के अधिकारियों के स्किल डेवलपमेंट में भी यह सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सितंबर से शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत हो गई है। दो कोर्स में देशभर के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। -डॉ. राकेश सिंह कुंवर, निदेशक, आरआरयू भोपाल कैंपस।

डॉ. मोहन यादव ने वाल्मीकि जयंती पर दी बधाई, कहा– महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के प्रतीक

वाल्मीकि समाज ने मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आदिकवि, महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनका नमन किया। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के आदर्शों एवं मूल्यों को पवित्र रामायण के माध्यम से उन्होंने समूची दुनिया को मनुष्यता एवं मर्यादा की नई राह दिखाई। उनकी शिक्षाएं समर्थ समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने  राम और रामायण को देश के घर-घर पहुंचाकर अमर कर दिया। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के वरिष्ठजन भी उपस्थित थे। समाजजनों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्प गुच्छ, शाल फल, रामायण और महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र भेंटकर स्वागत अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी समाज-जनों से कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामभक्ति से आत्म विभोर होकर रामायण की रचना की। वही रामायण आज देश की जीवनधारा है। समाजजनों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।  

MP SI और सूबेदार भर्ती 2025: 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, ईएसबी 9 जनवरी को लेगा परीक्षा

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. मध्य प्रदेश में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार पदों पर सीधी भर्ती के लिए ESB ने अधिसूचना जारी की है, जिसके मुताबिक कुल 500 पदों पर भर्ती होनी है, यह खबर उन युवाओं को उत्साह भर देगा, जो लगातार पुलिस में भर्ती के लिए ट्रेनिंग कर रहे हैं. सीधी भर्ती के लिए 27 अक्टूबर से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ECB) की अधिसूचना के मुताबिक 500 पदों के लिए होने वाली सीधी भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन 27 अक्टूबर से शुरू होगी, जो आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2025 तक जारी रहेगी.हालांकि आवेदनकर्ताओं को आवेदन में संशोधन का मौका मिलेगा, जो 15 अक्तूबर तक कर सकेंगे.  ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर करना होगा आवेदन इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी सब इंस्पेक्टर और सुबेदार पदों के लिए होने वाली सीधी भर्ती में भाग लेने के लिए तय तिथियों में ईसीबी की ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा. सब इंस्पेक्टर और सुबेदार पदों के लिए आवेदन, पात्रता, फीस इत्यादि की पूरी डिटेल आप इसी पेज से चेक कर सकते हैं. कौन कर सकता है सब-इंस्पेक्टर और सुबेदार के लिए आवेदन? एमपी एसआई एवं सूबेदार भर्ती (MP Police Bharti 2025) में आवेदन के लिए अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से स्नातक (ग्रेजुएशन) उत्तीर्ण होना जरूरी है.आवेदनकर्ता की अधिकतम आयु वर्ग के अनुसार 33/ 38 साल से ज्यादा न होना चाहिए. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को वर्ग अनुसार मिलेगी उम्र में छूट  सब इंस्पेक्टर और सुबेदार की सीधी भर्ती में आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में छूट मिलेगी. उम्मीदवारों की उम्र की गणना 10 नवंबर 2025 के अनुसार होगी. आवेदनकर्ता पद के लिए शैक्षिक योग्यता व उम्र की डिटेल की नोटिफिकेशन पोर्टल पर विजिट कर देख सकते हैं. मध्य प्रदेश पुलिस की सीधी भर्ती में भाग लेने के लिए पुरुष उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई 167.5 सेंटीमीटर एवं महिला उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई 152.4 सेंटीमीटर होनी चाहिए। पुरुष उम्मीदवारों का चेस्ट बिना फुलाए 81 सेंटीमीटर और फुलाकर 86 सेंटीमीटर होना चाहिए. सब इंस्पक्टर और सुबेदार पद के लिए क्या है शारीरिक योग्यता? मध्य प्रदेश पुलिस की सीधी भर्ती में भाग लेने के लिए पुरुष उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई 167.5 सेंटीमीटर एवं महिला उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई 152.4 सेंटीमीटर होनी चाहिए। पुरुष उम्मीदवारों का चेस्ट बिना फुलाए 81 सेंटीमीटर और फुलाकर 86 सेंटीमीटर होना चाहिए.  9 जनवरी को  सब-इंस्पेक्टर और सुबेदार पद के लिए होगी परीक्षा जारी अधिसूचना के मुताबिक 500 पदों पर होने वाली सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी 27 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन कर  सकेंगे, जबकि 10 नवम्बर आवेदन करने की अंतिम तारीख. आवेदनकर्ता 15 नवंबर तक आवेदन में संशोधन करने का मौका मिलेगा.जबकि  9 जनवरी को दो पालियों में सब-इंस्पेक्टर और सुबेदार पद के लिए परीक्षा कराई जाएगी.

ATS की चार्जशीट में खुला राज: धर्मांतरण के लिए मिली विदेशी फंडिंग, छांगुर शामिल

लखनऊ  एटीएस ने अवैध धर्मांतरण के मामले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, उसकी करीबी नीतू समेत छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। इसमें लिखा है कि छांगुर लखनऊ से मुम्बई तक अवैध धर्मांतरण करा रहा था। विदेशी फंडिंग के जरिए नीतू उर्फ परवीन और उसके पति नवीन रोहरा के खातों में करोड़ों रुपये जमा हुए। चार्जशीट में बलरामपुर की कोर्ट में कार्यरत राजेश उपाध्याय का नाम भी शामिल है। एसटीएफ ने पिछले साल छांगुर की करतूतों की जांच कर साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद छांगुर, बेटे महबूब, नवीन रोहरा, नवीन की पत्नी नीतू उर्फ परवीन, सबरोज, सहाबुद्दीन समेत कई को नामजद कराया था। यह एफआईआर एटीएस ने की थी। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद एक-एक कर कई बड़े खुलासे हुए थे। ईडी ने भी छांगुर, नीतू और नवीन की कई सम्पत्तियां चिन्हित कर जब्त कर ली थी। एटीएस ने विवेचना में कई साक्ष्य जुटाए। इसके बाद छांगुर, नवीन, नीतू, सबरोज, महबूब, सहाबुद्दीन और राजेश उपाध्याय के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कई अन्य के खिलाफ भी जल्दी चार्जशीट दाखिल होगी। तीन और आरोपियों की तलाश जारी है। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर का साम्राज्य कितना बड़ा? धर्मांतरण के खुलासे के बाद देश भर में चर्चा का विषय बने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के गिरोह ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति बनाई। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा का साम्राज्य कितना बड़ा है? यह पता लगाने में जुटी पुलिस और प्रशासन को बाकायदा दस्तावेज मिले हैं। छांगुर गिरोह के साथ तीन हजार से अधिक लोग जुड़े होने के साक्ष्य मिले है पर इसमें करीब 400 लोग ऐसे है जो मुख्य रूप से इस गिरोह के लिए ही पिछले कई सालों से काम करते रहे। पाकिस्तान, दुबई, कनाडा, नेपाल और सऊदी अरब से छांगुर को फंडिंग की जाती रही। पांच जुलाई से 31 जुलाई के बीच एटीएस, ईडी और बलरामपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में ऐसे ही कई तथ्य साक्ष्यों के साथ सामने आए है। छांगुर के धर्मांतरण गिरोह को लेकर शासन बेहद गम्भीर रहा। वह रोजाना जांच एजेन्सियों से प्रगति रिपोर्ट लेता रहा। शासन ने बलरामपुर पुलिस व प्रशासन के साथ ही एटीएस व एसटीएफ को भी जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा था।

EOW की जांच में शिल्पा शेट्टी से 4.5 घंटे तक सवाल-जवाब, 60 करोड़ के घोटाले से जुड़ी पूछताछ

मुंबई  मुंबई पुलिस की EOW ने 60 करोड़ के कथित फ्रॉड मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का बयान दर्ज किया. मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिल्पा शेट्टी से लगभग 4 घंटे 30 मिनट तक पूछताछ की गई और उनका बयान दर्ज किया गया. EOW के अधिकारी ने कहा कि पूछताछ शिल्पा के घर पर की गई. इस दौरान शिल्पा ने अपनी एडवरटाइजिंग कंपनी के बैंक अकाउंट से जुड़े कथित लेनदेन की जानकारी पुलिस को दी. उन्होंने कई दस्तावेज भी पेश किए, जिन्हें पुलिस जांच रही है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था. कपल LOC (लुकआउट सर्कुलर) के निलंबन की याचिका लेकर कोर्ट गया था. यह LOC उनके थाईलैंड के फुकेत में लीजर ट्रिप के लिए यात्रा करने पर जारी की गई थी. 60 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का मामला कपल की तरफ से एडवोकेट निरंजन मुंडारगी और केरल मेहता ने बताया कि अक्टूबर 2 से 5 तक फुकेत की यात्रा के लिए उनके पास ट्रैवल और स्टे की बुकिंग है. कपल ने कहा कि पिछले मामले के बावजूद वे हमेशा EOW के साथ सहयोग करते हुए विदेश यात्रा करते रहे हैं. मामला 60 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें कपल की अब बंद हुई कंपनी Best Deal TV Pvt. Ltd. शामिल है. यह केस दीपक कोठारी, डायरेक्टर UY Industries Pvt. Ltd. ने दर्ज कराया. उन्होंने दावा किया कि 2015 से 2023 के बीच राज कुंद्रा और शिल्पा ने उन्हें कंपनी में निवेश के लिए प्रेरित किया और उन्होंने 60,48,98,700 रुपये का निवेश किया. शिल्पा ने इस निवेश के लिए व्यक्तिगत गारंटी भी दी थी. अपनी आगे की यात्रा की भी शिल्पा ने दी जानकारी राज कुंद्रा ने बताया कि उन्होंने 15 सितंबर को EOW के समन पर उपस्थित होकर पूछताछ में भाग लिया. मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड़ की बेंच ने राज्य की ओर से पेश पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मंकुनवार देशमुख को कपल की याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. कपल ने कोर्ट को बताया कि अक्टूबर 21-24 को उन्हें लॉस एंजेल्स, 26-29 अक्टूबर को कोलंबो और मालदीव, और 20 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक दुबई और लंदन यात्रा करनी है. EOW का जवाब 8 अक्टूबर तक दाखिल किया जाएगा, जब कोर्ट दोबारा याचिका पर सुनवाई करेगा.

कृषि मंत्री नेताम का बयान – सम्मेलन के सुझावों के आधार पर नीतियों में होगा सुधार

रायपुर : राष्ट्रीय सम्मेलन के सुझाव पर क्रियान्वयन करेगी राज्य सरकार: कृषि मंत्री  नेताम इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में वन हेल्थ सिनर्जी (एक स्वास्थ्य तालमेल) को मज़बूत करना- ’अंतर-क्षेत्रीय नवाचार और एकीकरण के माध्यम से एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध) का मुकाबला’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। दुर्ग के पृथ्वी पैलेस पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में आयोजित है। कृषि मंत्री  नेताम व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं  ललित चंद्राकर और जिला पंचायत की अध्यक्ष मती सरस्वती बंजारे उपस्थित थे।  समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि यह दो दिवसीय सम्मेलन पशु एवं मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्य जीवों के बीच बहुक्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। जिसका उद्देश्य वन हेल्थ फ्रेमवर्क के अंतर्गत एन्टीमाइक्रोबियल रेसिसटेंस (एएमआर) की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निराकरण करना है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि इस सम्मेलन में दिए गए सुझाव को केन्द्र व राज्य सरकार को अवगत कराएं। ताकि इसका क्रियान्यन सरकार द्वारा और बेहतर ढ़ंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय के साथ दवाईयों पर अनुसंधान भी बढ़े है। इनके उपयोग पर मानव आज उलझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग हेतु बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना आज भी एक चुनौती है।  कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से पशु पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही कृषि के मामले में जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे आना चाहिए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे जैविक खेती को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और वैज्ञानिक तकनीको को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करें। कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण के लिए कृषि एवं पशुपालन विभाग के माध्यम से किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने दुर्ग ग्रामीण विधायक  चंद्राकर की मांग पर कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा की। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय की स्मारिका, सोवेनियर बकरी प्रशिक्षण कैलेण्डर 2026 का विमोचन किया। सांसद  विजय बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में दुर्ग में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सम्मेलन के दौरान विषय विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का सुझाव शासन को प्रेषित किया जाए, जिससे राज्य के नीति निर्धारण में इन सुझावों को समावेशित किया जा सके।  दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर और विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। कामधेनु विश्वविद्यालय के प्रभारी डीन डॉ. संजय शाक्य अपने स्वागत उद्बोधन में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।  इस अवसर पर भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक, कार्यपालन निर्देशक एवं एम्स रायपुर के सीईओ लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति लुआस, हिसार (हरियाणा) डॉ. विनोद कुमार वर्मा, निर्देशक एनआईओएच नागपुर डॉ. प्रज्ञा यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ. जी. मणि, अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसिएशन डॉ. सुधिर कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं निर्देशक शिक्षक उपस्थित थे।

योगी बोले- यूपी आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम

यूपी को वैश्विक फूड बास्केट बनाना हमारा संकल्प : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री  योगी बोले- यूपी आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम  2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य, कृषि सेक्टर की अहम भूमिका  – ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर उपकरण का सीएम ने किया लोकार्पण – यूपी अकेले करता है भारत का 21% खाद्यान उत्पादन : सीएम योगी – 8 हजार साल पुराना है यूपी में धान की खेती का इतिहास : मुख्यमंत्री  – यूपी के पास 80% भूमि सिंचित : सीएम योगी – लखनऊ में बनेगा 250 एकड़ में सीड पार्क : मुख्यमंत्री – काला नमक चावल को भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विश्व स्तर पर बढ़ावा : योगी आदित्यनाथ  वाराणसी अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक फूड बास्केट के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तकनीक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तो प्रदेश आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरी (IRRI) और सीआईपी (CIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिव और नंदी करते हैं उन्नत खेती के लिए प्रेरित योगी आदित्यनाथ ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विश्वनाथ की नगरी और उनके सहयोगी वृषभ हमें उन्नत खेती की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि "अन्नं बहु कुर्वीत तद् व्रतम्" की परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा संकल्प है। उर्वरता, सिंचाई और धूप हैं भारतीय कृषि की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी कृषि के लिए उर्वरता, सिंचाई और पर्याप्त धूप सबसे आवश्यक हैं और इन तीनों दृष्टियों से भारत अत्यंत संपन्न है। देश के पास 17 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 60 फीसदी भूमि सिंचित है। यूपी तो अकेले देश का 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। कृषि में हुए हैं क्रांतिकारी बदलाव योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 सालों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, कृषि बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लागत से डेढ़ गुना एमएसपी और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास 11 फीसदी भूभाग और 17 फीसदी जनसंख्या है, लेकिन यह अकेला राज्य 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी है। कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान यूपी के पास राज्य सरकार के चार, केंद्र सरकार के दो और एक निजी कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहायता दे रहे हैं। 2018 में वाराणसी में ईरी का दक्षिण एशिया केंद्र खुलने के बाद धान की विभिन्न वैरायटी पर रिसर्च जारी है। काला नमक चावल और ऐतिहासिक खेती मुख्यमंत्री ने कहा कि काला नमक चावल भगवान बुद्ध द्वारा तीन हजार साल पहले दिया गया था। इसे हम भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में पूरी दुनिया में बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में धान की खेती का 8 हजार साल पुराना इतिहास है। तंजावुर और रामनाथपुरम के शिलालेखों में प्राचीन भारत की उन्नत खेती के प्रमाण मिलते हैं। खाद्यान उत्पादन में हुई है पांच गुना वृद्धि आजादी के बाद यूपी में 11.77 मिलियन टन खाद्यान का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 60 ट्रिलियन टन हो गया है। रकबा भी 170 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 240 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है।  सीड पार्क और नई पहल की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में सीड पार्क स्थापित किया जाएगा। यहां से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बेहतर बीज किसानों को  उपलब्ध कराए जाएंगे। डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आगरा में जल्द ही इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर स्थापित होगा। ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का सीएम ने किया लोकार्पण कॉनक्लेव में आईआरआरआई और जेएनवीवी द्वारा विकसित बैट्री संचालित ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई, जीरो टिलेज गेहूं और समृद्धि धान नेटवर्क पर आधारित प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। लैब टू लैंड मॉडल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वैज्ञानिक अब केवल लैब तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर रिसर्च का डेमॉन्स्ट्रेशन करेंगे ताकि किसानों तक नई तकनीक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 लाख हेक्टेयर में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है। दलहन और तिलहन के लिए भी यहां व्यापक भूमि है। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार, डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक, श्रीलंका के कृषि सचिव डीबी विक्रमसिंघे, डायरेक्टर आईएसएआरसी डॉ सुधांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

जनसुनवाई कार्यक्रम का मंडल मुख्यालय में 6 अक्टूबर को किया गया शुभारंभ, महिला अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं

मिशन शक्ति 5.0  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद के पहले दिन 45 से अधिक महिलाओं ने साझा की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश से खिले चेहरे  सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में हर सोमवार को विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के लिए अायोजित किया जा रहा कार्यक्रम जनसुनवाई कार्यक्रम का मंडल मुख्यालय में 6 अक्टूबर को किया गया शुभारंभ, महिला अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं – मौके पर ही चार महिलाओं की समस्या का किया गया निस्तारण, तुरंत समस्या के निस्तारण से गदगद नजर आईं शिकायतकर्ता  – मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान किया तलब, तत्काल समस्या के निस्तारण के दिये निर्देश  – विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के लिए व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र  – मंडलायुक्त बोले, व्हाट्सएप पर भेजे गये सभी प्रार्थना पत्र को अधिकारी गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करें  लखनऊ/गोंडा  योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में साेमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”, संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंडल के चार जिलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) से आईं 45 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्या साझा की। मंडलायुक्त ने महिलाओं की समस्या सुनने के साथ कई मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिये। इतना ही नहीं अधिकारी महिलाओं की समस्या के निस्तारण के लिए खुद उनके द्वार पर जाएंगे क्योंकि कार्यक्रम में कई महिलाएं ऐसी आईं, जो अपनी समस्या की बेसिक चीजें बताने में असमर्थ थीं। संवाद कार्यक्रम में चार महिलाओं की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं।  मंडलायुक्त ने संवाद कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर फूड को किया तलब देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मंडल की विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर सोमवार को “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 6 अक्टूबर सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें मंडल के चार जिलों क्रमश: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती से 45 से अधिक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विस्तार से अपनी समस्याओं को बताया। इसमें भूमि विवाद, चकरोड मार्ग, राशन कार्ड, आवास समेत अन्य विभागीय मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रूप से सामने आए। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर जल्द से जल्द किया जाए। मंडलायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं काे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर फूड विजय प्रभा को तत्काल आफिस बुलाया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर फूड को निर्देशित किया कि राशन कार्ड से संबधित समस्याओं को दो से तीन दिन के अंदर निस्तारित करें और उन्हे सूचित करें।  महिला अधिकारियों को अपने बीच पा गदगद नजर आईं महिलाएं  महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई थी। यह डेस्क उन महिलाओं के लिए सहायक साबित हुई जो स्वयं प्रार्थना पत्र लिखने में असमर्थ थीं। हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को सुनकर उचित प्रारूप में आवेदन तैयार कराया और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पहल से महिलाओं को बड़ी राहत मिली और वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकीं। जनसुनवाई में नाजरीन, लक्ष्मी देवी, पूनम, सीमा, चंदा देवी, काजल, विनीता, राजकुमारी, मोनिका और उमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखकर त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई। महिला अधिकारी अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने जनसुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं भरोसेमंद बनाया। मंडलायुक्त के आदेश पर समस्या के निस्तारण को व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कई अधिकारियों को फोन पर ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे महिलाओं में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।  विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच मिल गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों के अधिकारियों के व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजे गये ताकि मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। इतना ही नहीं महिलाओं को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 को लेकर अपने सुझाव भी दिये।    

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 सहित प्रमुख आयोजनों की तैयारियों पर मंत्री सारंग ने ली बैठक

मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने की विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, खेलो एमपी यूथ गेम्स और यूनिटी मार्च की तैयारियों की समीक्षा भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी कार्यक्रमों ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, खेलो एमपी यूथ गेम्स तथा यूनिटी मार्च’ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को सभी आयोजनों की समयबद्ध एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का आयोजन आगामी दिसंबर से जनवरी तक किया जाएगा। प्रतियोगिताएं 27 खेलों में होंगी, जो ब्लॉक, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी खेलों का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। संभाग मुख्यालयों पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। एमपी गेम्स के विजेता खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री  सारंग ने कहा कि इन खेलों का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष भी कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना और ‘विकसित भारत’ के विचार को व्यवहारिक रूप देना है। प्रथम चरण के अंतर्गत (डिजिटल) विकसित भारत क्विज़ का आयोजन 1 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक किया जा रहा है, जिसमें 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा भाग ले रहे हैं। अभी तक कुल 64,590 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। इसके पश्चात 16 से 21 अक्टूबर के बीच मूल्यांकन एवं चयन की प्रक्रिया होगी। चयनित कुल प्रतिभागियों के 10 प्रतिशत (अधिकतम 3 लाख प्रतिभागी) द्वितीय चरण में प्रवेश करेंगे, जिसमें 23 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2025 के बीच (डिजिटल) निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस चरण में प्रतिभागियों को 500 शब्दों का निबंध MY Bharat पोर्टल पर अपलोड करना होगा। अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के समक्ष विकसित भारत विषय पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। बैठक में ‘यूनिटी मार्च’ और सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर सभी जिलों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं के माध्यम से युवाओं में ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ एवं ‘स्वदेशी’ के संदेश का प्रसार किया जाएगा। इस अवसर पर सरदार पटेल के जीवन, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया गया। मंत्री  सारंग ने कहा कि ये सभी कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि को बताया भारतीय संस्कृति का आलोक स्तंभ

महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि को बताया भारतीय संस्कृति का आलोक स्तंभ प्रदेशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर श्रद्धालु नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवता की क्रूरता पर विजय का प्रतीक है। वे अद्वितीय विद्वान ऋषि एवं सहृदय कवि थे, जिन्होंने भारतीय समाज में पूजनीय स्थान अर्जित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभ्यता, धर्म एवं आध्यात्म का अद्वितीय समन्वय भारत के अतिरिक्त और कहीं नहीं मिलता। यही कारण है कि 'विश्व गुरु' की उपाधि से सम्मानित भारत, सनातन धर्म की महानता का दिव्य प्रतीक है। महर्षि वाल्मीकि महिमामयी भारतीय सनातन परंपरा के प्रणेता, प्रहरी, प्रचारक ऋषि भारतीय संस्कृति के गौरव हैं। महर्षि वाल्मीकि के जीवन में परिवर्तन की शुरुआत तब हुई, जब उनकी भेंट महान ऋषि नारद से हुई। नारद जी ने उन्हें 'राम' नाम का जप करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि के महान कार्यों में से एक है। इसमें उन्होंने भगवान राम के जीवन से जुड़े आदर्शों को विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया है। उनके रचित 23 हजार से अधिक श्लोकों से युक्त रामायण, भारतीय संस्कृति और आत्म संयम की शिक्षा प्रदान करता है। महर्षि वाल्मीकि ने न केवल रामायण की रचना की, बल्कि माता सीता को अपने आश्रम में शरण दी और उनके पुत्रों लव-कुश को ज्ञान प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने बोध कराया कि जीवन को समझने की सबसे सुंदर यात्रा है रामायण का श्रवण करना। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से यह दिखाया कि सच्चा धर्म सबको साथ लेकर चलता है क्योंकि इसमें करुणा, न्याय और समर्पण शामिल होता है। उन्होंने भगवान राम के जीवन के माध्यम से मानव समाज को मर्यादा, परिवार, समाज और कर्तव्य के महत्व का बोध कराया। महर्षि वाल्मीकि ने यह संदेश दिया कि यदि मनुष्य सच्चे मन से प्रयत्न करे, तो अंधकार से भी प्रकाश की राह बनाई जा सकती है। यही कारण है कि उन्हें आदिकवि कहा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का दर्शन बहुत सरल है — किसी के साथ अन्याय मत करो, और यदि किसी के जीवन में प्रकाश लाने का अवसर मिले तो पीछे मत हटो। यही भाव एक बेहतर समाज की नींव है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को यह सिखाया कि सम्मान किसी जाति या स्थिति से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से मिलता है। यह शिक्षा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने यह सिखाया कि हर व्यक्ति के भीतर अच्छाई का दीप जल सकता है। यही कारण है कि उनका जीवन हर युग में मार्गदर्शक बना रहेगा। वाल्मीकि जी के आदर्शों से प्रेरित होकर हमें भी यह संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज में किसी के साथ भेदभाव न होने दें। हर घर में शिक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का दीप जले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि हमारे लिए केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, वे उस चेतना के प्रतीक हैं जो हर मनुष्य के भीतर मौजूद है। जब तक हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारते रहेंगे, समाज आगे बढ़ता रहेगा और मानवता की यह ज्योति जलती रहेगी।