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ईरान में करेंसी सुधार, 0000 हटाने वाला ऐतिहासिक कदम, जानिए सरकार की मंशा

तेहरान ईरान की संसद ने एक ऐत‍िहास‍िक बिल पास क‍िया है. और अब उनकी करेंसी रियाल में चार शून्य हट जाएंगे. मतलब, 10,000 पुराने रियाल बराबर अब एक नया रियाल होगा. ये सिर्फ नंबरों का खेल लगता है, लेकिन इसके पीछे महंगाई, पाबंद‍ियां, और इकॉनमी की बदहाली की कहानी है. तो ईरान ऐसा कर क्‍यों रहा है? इससे क्‍या फायदा होगा? और क्‍या इससे पहले क‍िसी और देश ने ऐसा क‍िया है? अगर क‍िया है तो क्‍या उसकी अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार आया? सबसे पहले, समझें कि ईरान की करेंसी की हालत इन द‍िनों खराब है. रियाल 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही जूझ रहा है, यह अब कागज से भी सस्ता हो गया. आप इसे ऐसे समझ‍िए क‍ि एक अमेरिकी डॉलर अगर आपको खरीदना तो 11,50,000 रियाल चाहिए. मतलब, एक रोटी खरीदने के लिए लाखों के नोट गिनने पड़ते हैं. दूसरी बात, महंगाई पिछले कई सालों से 35% से ऊपर है. कभी यह 40%, कभी 50% तक भी पहुंच जाती है. 2022 में इंटरनेशनल मॉन‍िटरी फंड की एक रिपोर्ट आई, जिससे ईरान की खस्‍ता हालत को बयां क‍िया. ईरान तेल निर्यात पर निर्भर है, लेकिन अमेरिका की पाबंदियों की वजह से चीन को छोड़कर कोई उससे तेल नहीं खरीदता. वर्ल्‍ड बैंक कहता है क‍ि तेल एक्‍सपोर्ट न होने से उसके खजाने पर भारी असर पड़ा. नतीजा महंगाई चार साल तक 40% से ऊपर रही. महंगाई चरम पर पीछे मुड़कर देखें तो ये नई बात नहीं. 1979 के बाद से ईरान में महंगाई दर 10 फीसदी से ज्‍यादा ही रही है. इस्‍लामिक क्रांत‍ि के बाद बाहर से मंगाई गई चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं. इंपोर्ट ज्‍यादा है और एक्‍सपोर्ट कम है, इसकी वजह से करेंसी का मूल्‍य ग‍िरता जा रहा है. 2023 में तो रियाल का पतन इस कदर हुआ क‍ि महंगाई ने इतना बुरा था कि मुद्रास्फीति ने मुद्रा अवमूल्यन को पछाड़ दिया. पाबंद‍ियों की वजह से विदेशी मुद्रा आई नहीं, दुन‍िया से संबंध तनावपूर्ण हो गए. राजनीत‍िक अलगाव ने अर्थव्‍यवस्‍था का दम घोट द‍िया. जीरो घटाने से होगा क्‍या? अब सवाल ये कि शून्य हटाने से क्या होगा? ईरान की सरकारी मीडिया IRNA ने बताया क‍ि रियाल वही रहेगा, सिर्फ करेंसी से चार शून्य हटाए जाएंगे. केंद्रीय बैंक को तैयारी के ल‍िए दो साल मिलेंगे. फिर तीन साल का बदलाव दौर होगा, जहां पुराने और नए दोनों नोट चलेंगे. 10,000 पुराना रियाल अब 1 नया रियाल बन जाएगा. इससे लेनदेन आसान हो जाएगा. बिल जमा करने में ग‍िनती में मुश्क‍िल होती थी, वो द‍िक्‍कत खत्‍म हो जाएगी. इसे ऐसे समझें क‍ि पहले रोटी के ल‍िए जहां 10000 रियाल देने पड़ते थे, अब एक रियाल देना होगा. लाखों की बजाय अब सैकड़ों ग‍िनना होगा. दूसरे देशों ने क्या किया     वेनेजुएला: महंगाई चरम पर हुई तो 2018 में 5 शून्य हटाए, फ‍िर 2021 में भी ऐसा क‍िया. लेकिन महंगाई अभी भी ऊंची.     जिम्बाब्वे: 2000 के दशक में ऐसा क‍िया. 10 खरब डॉलर के नोट से जीरो हटाए. लेकिन व्‍यवस्‍था नहीं सुधरी.     तुर्की: सफल कहानी. 2005 में तुर्की ने 6 शून्य हटाए, नया लिरा लाया. विश्वसनीयता लौटी, मुद्रास्फीति नियंत्रण में आई.     ब्राजील: 1994 में रियाल योजना से महंगाई रोकी. नतीजा काफी बदलाव हुआ और ब्राजील कंपटीशन कर रहा है.     घाना: 2007 में सिस्टी हटाई, लेकिन विदेशी निवेश पर मिला-जुला असर रहा. सोशल मीडिया में उड़ा मजाक सोशल मीडिया में लोग इसका मजाक उड़ा रहे हैं. एक शख्‍स ने लिखा, ईरानी रियाल कागज से भी सस्ता है. 1 मिलियन रियाल प्रति डॉलर. सेंट्रल बैंक जीरो हटाने की योजना बना रहा. दूसरे ने तंज कसा, रियाल को बदल दो ‘ईरानी धुंध’ से. जनता का मूड कैसे बदलोगे? यह हताशा है, क्योंकि 80% लोग अब जरूरी चीजों पर ज्‍यादा खर्च कर रहे हैं. उनकी खरीदने की क्षमता कम हो गई है.

Flipkart विवाद: प्री-बुकिंग में 5000 लिए, यूजर्स बोले—फोन भी नहीं मिला, पैसे भी गए

मुंबई  अमेरिकी कंपनी Wallmart की स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart पर यूजर्स आरोप लगा रहे हैं. कंपनी पर आरोप है कि सेल के दौरान Pre Researve पास 5,000 रुपये में बेचा गया. कंपनी ने दावा किया कि 5000 रुपये का पास खरीदने वाले को iPhone 16 Pro सस्ते में मिलेगा.  दरअसल Big Billion Days सेल से कुछ ही दिन पहले Flipkart ने iPhone 16 Pro के लिए Pre Pass बेचना शुरू कर दिया था. अच्छी बात ये है कि कई लोगों ने ये पास खरीदा और उन्हें लगभग 70 हजार रुपये में iPhone 16 Pro मिला भी. लेकिन जिन्हें iPhone 16 Pro नहीं मिल पाया उन्हें कंपनी पैसे वापस नहीं कर रही है.  जाहिर है कंपनी ने iPhone 16 Pro के लिमिटेड युनिट्स ही कम क़ीमत पर बेचे हैं. इसलिए उन सभी लोगों को iPhone 16 Pro नहीं मिल पाया जिन्होंने 5000 रुपये का पास खरीदा था.  इतना ही नहीं, कुछ यूजर्स ने iPhone 16 Pro बुक भी कर लिया था, लेकिन बाद में फ्लिपकार्ट ने ख़ुद ही उसे कैंसिल कर दिया. यहां तक कि कुछ यूजर्स ने फ्लिपकार्ट पर ये भी आरोप लगाए हैं कि उनका ऑर्डर उनके नजदीकी हब तक पहुंचने के बाद कंपनी ने उसे कैंसिल कर दिया है.  अभिषेक यादव नाम के एक X यूजर ने एक पोस्ट में लिखा है कि जिन लोगों को iPhone 16 Pro नहीं मिल पाया उनका 5000 रुपये का नुक़सान हो गया. क्योंकि कंपनी के टर्म्स में साफ़ लिखा है कि ये 5000 रुपये का प्री पास नॉन रिफंडेबल है.  चूंकि Flipkart ने अपने टर्म्स एंड कंडीशन में पहले ही साफ़ कर दिया था कि 5000 रुपये का ये पास नॉन कैंसिलेबल और नॉन रिफंडेबल है. अगर पहले 48 घंटों के अंदर कस्टम iPhone 16 Pro (128GB) खरीदने में असमर्थ रहता है तो पास कैंसिल हो जाएगा और पैसे वापस नहीं मिलेंगे.  अब सोचिए, लाखों यूजर्स ने 5000 रुपये का पास लिया होगा, लेकिन iPhone 16 Pro कितने यूजर्स को मिला ये साफ़ नहीं है. हालांकि X पर ज़्यादातर पोस्ट ऐसे ही मिलेंगे जिनमे ये दावा किया जा रहा है कि 5000 रुपये का पास खरीदने के बावजूद उन्हें iPhone 16 Pro डिस्काउंटेड रेट में नहीं मिला. ऐसे में कंपनी ने यूजर्स के 5000-5000 रुपये ले कर काफी पैसा बनाया.  बेहतर प्रैक्टिस ये होता कि 5,000 में प्री पास अगर कंपनी बेच रही है और iPhone 16 Pro डिस्काउंटेड रेट में यूजर को नहीं मिला. ऐसे में  कस्टमर्स को 5000 रुपये या तो रिफंड कर दिए जाने चाहिए थे या किसी दूसरे प्रोडक्ट को खरीदने पर एडजस्ट हो जाने चाहिए था. लेकिन कंपनी ने दूसरा रूख अपनाना बेहतर समझा. कुल मिला कर ये कि जिन्हें किसी भी रीजन से iPhone 16 Pro 128GB नहीं मिल पाया उनके 5,000 रुपये डूब गए.  X पर कई यूजर्स Flipkart के ख़िलाफ़ कंज्यूमर कोर्ट में मुकदमा करने की भी बात कह रहे हैं. उनका दावा है कि ऐसे हजारों यूजर्स हैं जिनके 5,000 रुपये डूबे हैं और इससे Flipkart ने अनफेयर तरीके से पैसे बना रही है. 

हनुमान चालीसा से नशामुक्ति की राह: इंदौर में जुटेंगे 1 लाख युवा, कैलाश विजयवर्गीय की अनोखी पहल

इंदौर  नशाखोरी से युवाओं को बचाने के लिए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर में नई पहल करेंगे. युवाओं को धर्म से जोड़कर नशा से दूर रखा जाएगा. इसके लिए शहर भर में युवा, बच्चे और छात्र-छात्राओं की टोलियां नशाखोरी के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. बताया गया कि इस आयोजन की शुरुआत करीब 1 लाख युवाओं के साथ होगी. नाबालिग भी नशीले पदार्थ की तस्करी में शामिल शहर में नशा मुक्ति के तमाम अभियान और प्रयास किए जा रहे हैं. इसके बावजूद क्राइम ब्रांच, इंदौर के अनुसार यहां सालाना नशे की सामग्री की खपत 10,000 किलो हो चुकी है. जिसमें स्मैक, अफीम, गांजा, डोडा चूरा, केमिकल ड्रग, ब्राउन शुगर और तरह-तरह की सिगरेट शामिल हैं. इन नशीले पदार्थों का शहर में बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. जिसके चलते स्थिति यह है कि नशे की सामग्री की तस्करी के धंधे में महिलाओं के अलावा नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं. शहर में 6 गुना बढ़ी डोडा चूरा की स्मगलिंग इंदौर शहर में नशे की सामग्री की बिक्री का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल की अपेक्षा यहां डोडा चूरा की स्मगलिंग 6 गुना तक बढ़ चुकी है. इसका उपयोग करने वालों में स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं सहित महिलाएं भी शामिल हैं. पिछले साल नशाखोरी के खिलाफ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को खुद मोर्चा संभालना पड़ा था. इसके बाद पुलिस को नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी पड़ी थी. नशा मुक्ति अभियान से भी नहीं थम रही नशाखोरी इस साल (2025) भी 15 से 30 जुलाई तक नशा मुक्ति अभियान चलाया गया. इसके बावजूद पिछले माह (सितंबर 2025) नशाखोरी के चलते ट्रक ड्राइवर ने 3 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. जबकि 10 से ज्यादा लोग घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस बीच हाल ही में यहां पुलिस ने ड्रग माफिया सीमा नाथ के ड्रग के धंधे को एक्सपोज किया है. जिसके नेटवर्क में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल मिले हैं. इसके साथ ही शहर में खुले गार्डन, प्लॉट और बंद इमारतों में समूह में लोग नशा करते पाए जाते हैं. सामूहिक हनुमान चालीसा का होगा आयोजन कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने युवाओं को नशाखोरी से बचाने के लिए अब उन्हें सामूहिक हनुमान चालीसा के आयोजनों में शामिल करने का ऐलान किया है. विजयवर्गीय का कहना है कि "युवाओं को हनुमान चालीसा के जरिए नशे के खिलाफ धर्म से जोड़ना होगा. इसके लिए जल्द ही एक लाख युवाओं का जुटाकर आयोजन शहर में कराया जाएगा. इसके लिए स्थान का चयन किया जा रहा है." धर्म से जुड़ छोड़ेंगे नशाखोरी  उन्होंने आगे कहा, "आयोजन में सुंदरकांड करने वाली मंडलियों के अलावा स्कूल कॉलेज के छात्र और नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने वाले जन संगठन और उनसे जुड़े लोग भी शामिल होंगे. हनुमान चालीसा का पाठ करने से युवा मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर नशाखोरी के खिलाफ खड़े हो सकेंगे, क्योंकि हनुमान चालीसा का अपना अलग प्रभाव होता है."  

7 अक्टूबर 2025: मेष से मीन तक जानिए किस राशि के लिए कैसा रहेगा मंगलवार का दिन

मेष आज के दिन आप स्ट्रांग और कॉन्फिडेंट महसूस करेंगे। धन को स्मार्ट तरीके से हैन्डल करें। याद रखें की आपके पास हर वह पावर है, जिससे आप किसी भी मुश्किल को आसानी से सॉल्व कर सकते हैं। आपको मदद की जरूरत हो तो मदद मांगने से न डरें। वृषभ आज के दिन विद्यार्थियों को पढ़ाई पर फोकस करने की जरूरत है। बिजनेस में थोड़ी बहुत दिक्कतें आ सकती हैं, जिसे आप अपनी सूझबूझ के साथ आसानी से निपटा लेंगे। अपने इंट्यूशन को फॉलो करें और ओपन माइंडेड रहें। मिथुन आज के दिन लव लाइफ में चल रही उथल पुथल को सुलझाना बेहतर रहेगा। आज कार्यक्षेत्र में आप अपनी प्रतिभा चमकाएंगे। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं, जिनका आप आसानी से हल निकाल लेंगे। कर्क आज के दिन खुद के प्रति सच्चे रहकर और अपने प्राकृतिक उपहारों को अपनाने से, कर्क राशि वालों को पता चलेगा की आज आकाश ही उनकी सीमा है। आज का दिन आपके लिए आश्चर्य, चुनौतियों और विकास के अवसरों से भरा रहेगा। सिंह आज के दिन सेहत दुरुस्त रहने वाली है। उत्साह और अप्रत्याशित मोड़ से भरे दिन के लिए तैयार हो जाइए। आपका इंट्यूशन हाई रहने वाला है। इसलिए अपनी गट को ट्रस्ट करें और रिस्क लें। आप रिजल्ट्स से सरप्राइज हो सकते हैं। कन्या आज के दिन रिश्तों में छोटी-मोटी समस्याएं आ सकती हैं लेकिन बात-चीत कर इन दिक्कतों को सुलझाना बेहतर रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए चुनौतियों का बखूबी सामना करें। तुला आज के दिन पूरे दृढ़ संकल्प के साथ सफलता की राह पर चलें। चाहे वह प्यार, काम या वित्त का मामला हो, तुला राशि वालों को आत्मविश्वास और ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सितारे एक साथ हैं। खर्चों को कम करने की कोशिश करें। वृश्चिक आज के दिन स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। आप चीजों में जल्दबाजी करने की इच्छा महसूस कर रहे होंगे, लेकिन अपना समय लेना और धैर्य बनाए रखना महत्वपूर्ण है। प्रक्रिया पर भरोसा करना और धैर्य बनाए रखना जरूरी है। धनु आज के दिन चाहे कुछ नया प्रयास करना हो या नया रास्ता अपनाना हो, आज का दिन बदलाव को अपनाने और नए अवसरों का स्वागत करने का है। सरप्राइज के लिए तैयार रहें और अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। मकर आज के दिन आपकी सेहत और आर्थिक स्थिति दोनों दमदार रहने वाली हैं। आप टॉप पर आएंगे। दूसरों से जुड़ने के अवसरों पर नजर रखें, चाहे वह प्यार, करियर या वित्त ही क्यों न हो। आपका दयालु स्वभाव संबंधों को बनाए रखने में मदद करेगा। कुंभ आज के दिन आपको अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करना होगा। भले ही ऐसा लगे कि चीजें धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। आपका दृढ़ संकल्प आखिरकार रंग लाएगा। मीन आज के दिन जीवन को खुशहाल बनाने के लिए लव लाइफ में आ रही दिक्कतों को सुलझाएं। जहां, रोमांस में कुछ लोग डूबे रहेंगे वहीं, व्यावसायिक सफलता का आभास भी करेंगे। आपके जीवन में छोटी-मोटी आर्थिक परेशानियां भी रहेंगी।

सोने के दामों में बदलाव, 10 ग्राम सोने का रेट और शहरों के 22-24 कैरेट भाव की जानकारी

इंदौर  फेस्टिवल सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव का दौर जारी है। अगर आप आज सोमवार को सोना या चांदी खरीदने के लिए बाजार जा रहे है तो पहले ताजा भाव जान लीजिए। आज मंडे को सोने की कीमतों में 1370 रूपए प्रति दस ग्राम और चांदी के भाव में 1000 रूपए प्रति किलो का उछाल आया है। आज 22 कैरेट सोने के दाम (Gold Rate Today) 1,10,850 , 24 कैरेट का भाव 1,20,920 और 18 ग्राम सोने का रेट 90,730 रुपए पर ट्रेंड कर रहे है। वहीं 1 किलो चांदी का रेट (Silver Rate Today) 1, 56, 000 रुपए चल रहा है। आईए जानते है आपके शहर का 18, 22 और 24 कैरेट सोने का भाव……… सोमवार का 18 कैरेट सोने का ताजा भाव     दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 90,730/- रुपये।     कोलकाता और मुंबई सराफा बाजार में 90,580/- रुपये।     इंदौर और भोपाल में सोने का भाव 90, 630 चल रहा है।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 91, 600/- रुपये पर ट्रेड कर रही है। सोमवार का 22 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 1,10 750/- रुपये ।     जयपुर, लखनऊ, दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold price Today) 1,10,850/- रुपये ।     हैदराबाद, केरल, कोलकाता, मुंबई सराफा बाजार में 1 10,700/- रुपये ट्रेंड कर रहा है। सोमवार का 24 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1,20, 820 रुपये     दिल्ली जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1,20, 920 /- रुपये।     हैदराबाद, केरल, बैंगलुरू और मुंबई सराफा बाजार में 1,20, 770 /- रुपये ।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 1,20, 660 /- रुपये पर ट्रेंड कर रहा है। पढ़िए सोमवार का आपके शहर का चांदी का लेटेस्ट रेट     जयपुर कोलकाता अहमदाबाद लखनऊ मुंबई दिल्ली सराफा बाजार में 01 किलोग्राम चांदी की कीमत (Silver Rate Today) 1,56,000 /- रुपये     चेन्नई, मदुरै , हैदराबाद,और केरल सराफा बाजार में कीमत 1,66,000/- रुपये।     भोपाल और इंदौर में 1 किलो चांदी की कीमत 1,56,000/ रुपए ट्रेंड कर रही है। कैसे चेक करें प्योरिटी? सोना खरा है या नहीं?     ISO (Indian Standard Organization) द्वारा सोने की शुद्धता पहचानने के लिए हॉल मार्क दिए जाते हैं।     24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट लगभग 91 प्रतिशत शुद्धता होती है।24 कैरेट सोने में 1.0 शुद्धता (24/24 = 1.00) होनी चाहिए।     22 कैरेट गोल्ड में 9% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर जेवर तैयार किए जाते हैं।     22 कैरेट सोने में 0.916 शुद्धता (22/24 = 0.916) होनी चाहिए।     24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।     24 कैरेट में कोई मिलावट नहीं होती, इसके सिक्के मिलते है, लेकिन 24 कैरेट सोने के आभूषण नहीं बनाए जा सकते, इसलिए ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट सोना बेचते हैं। चांदी पर हॉलमार्किंग का नियम     सोने के बाद अब 1 सितंबर 2025 से चांदी की ज्यूलरी पर हॉलमार्किंग का नियम लागू कर दिया है। हालांकि चांदी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। आप बिना हॉलमार्क वाली चांदी भी खरीद सकते हैं।     हॉलमार्किंग के नियमों के तहत, चांदी पर 6 अंकों का यूनिक HUID कोड होगा। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि गहना किस शुद्धता का है और वह असली है या नहीं।     भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चांदी की शुद्धता के लिए 6 नए स्टैंडर्ड 800, 835, 900, 925, 970 और 990 तय किए हैं। 925 या 9250 अंक का मतलब है कि चांदी 92.5% शुद्ध है।

दुर्ग में राशन कार्ड छानबीन, बड़ी जमीन मालिकों के खिलाफ सख्त कदम

दुर्ग प्रदेश में फर्जी और अपात्र राशन कार्ड धारकों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। विभाग ने 46 लाख से अधिक संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन अभियान चलाया है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कई कार्डधारक ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है, तो कई प्रदेश छोड़कर बाहर जा चुके हैं। ऐसे मामलों में अब तक 53,234 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से निरस्त किए जाने की तैयारी है। इनमें अकेले रायपुर जिले के 9,233 सदस्य शामिल हैं। पहले चरण में 1.93 लाख सदस्य हटाए जा चुके इससे पहले भी विभाग ने राज्यभर में 1 लाख 93 हजार 67 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हटाए थे। इनमें रायपुर जिले के 19,574 सदस्य शामिल थे। भौतिक सत्यापन में यह पाया गया कि इनमें अधिकांश सदस्य मृत हो चुके या अन्य राज्यों में बस चुके हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने सभी राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। समय पर ई-केवाईसी न कराने वाले 46 लाख से अधिक लोगों को संदिग्ध सूची में डाल दिया गया था। इसके बावजूद कई संदिग्ध कार्डधारकों के नाम पर हर महीने खाद्यान्न उठाव जारी था। अब आय, टैक्स और जमीन के आधार पर होगी छंटनी विभाग अब अगला कदम उठाने की तैयारी में है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक है, जो आयकर (इनकम टैक्स) जमा करते हैं, या जिनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, उनके नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि रायपुर जिले में पहले ही 19 हजार से अधिक सदस्यों के नाम निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 9 हजार से अधिक सदस्यों के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद नियमानुसार अन्य अपात्रों की छंटनी जारी रहेगी। इतने-इतने नाम होंगे निरस्त (जिला अनुसार सूची) जिला    निरस्त होने वाले सदस्य रायपुर    9,233 बस्तर    4,879 बीजापुर    7 दंतेवाड़ा    2 कांकेर    1,923 कोंडागांव    735 नारायणपुर    180 सुकमा    58 बिलासपुर    3,000 गौरेला-पेंड्रा-मारवाही    1,005 जांजगीर    281 कोरबा    33 मुंगेली    114 रायगढ़    49 बालोद    879 बेमेतरा    1,248 दुर्ग    6,319 कवर्धा    1,773 राजनांदगांव    247 बलौदाबाजार    2,248 धमतरी    346 गरियाबंद    862 महासमुंद    2,722 बलरामपुर    3,044 जशपुर    6,007 कोरिया    2 सरगुजा    7,178 खैरागढ़    18 मोहला-मानपुर    995 सारंगढ़-बिलाईगढ़    717 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी    1,240 अपात्रों पर विभाग की सख्ती जारी विभाग का कहना है कि सरकार का लक्ष्य वास्तविक गरीब और पात्र परिवारों तक सस्ते राशन की सुविधा पहुंचाना है। ऐसे में जिन लोगों के नाम अपात्र श्रेणी में पाए जा रहे हैं, उनके कार्ड निरस्त कर खाद्यान्न वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा रहा है।  

DAVV इंडोर: रैगिंग में लिप्त छात्रों की रिपोर्टिंग करेगी IET, कंपनियों को दी जाएगी जानकारी

इंदौर  इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (आईईटी) के जूनियर छात्रों से रैगिंग करने के मामले में अब फाइनल ईयर के दो छात्रों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद भंवरकुआं पुलिस जांच में जुटी है। रिपोर्ट में जिन छात्रों के नाम सामने आए हैं, उनमें फाइनल ईयर के दो ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्हें नामी कंपनियों से जाब आफर मिले हैं। संस्थान की प्लेसमेंट सेल अब इस पूरे मामले की जानकारी उन कंपनियों को देने की तैयारी में है, जिन्होंने इन छात्रों को जाब आफर किया है। इस संबंध में कंपनियों को पत्र लिखकर जानकारी देंगे। हालांकि यह भी देखा जाएगा कि विद्यार्थियों का भविष्य पूरी तरह खराब न हो। पत्र भेजने से पहले कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई से चर्चा की जाएगी। करीब दो सप्ताह पहले आईईटी के कुछ सीनियर छात्रों ने फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों को कैंपस के बाहर एक कैफे में बुलाया था। वहां उनसे फर्जी जीमेल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया अकाउंट बनवाकर संस्थान के खिलाफ पोस्ट करने को कहा गया। इसी दौरान कुछ जूनियर्स ने हॉस्टल में तोड़फोड़ भी की। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में यह बात सामने आई कि छात्रों ने नेपाल के जेन-जी आंदोलन की तर्ज पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी। रिपोर्ट में दो दर्जन छात्रों पर संदेह एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में करीब दो दर्जन छात्रों की भूमिका संदिग्ध बताई है। इनमें फर्स्ट ईयर के साथ-साथ थर्ड और फाइनल ईयर के छात्र भी शामिल हैं। फिलहाल भंवरकुआं पुलिस ने होस्टल के सीसीटीवी-डीवीआर तोड़ने के मामले में चार छात्रों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जबकि रैगिंग प्रकरण की जांच अब भी जारी है। प्लेसमेंट सेल के मुताबिक फाइनल ईयर के जिन दो छात्रों के नाम सामने आए हैं, उन्हें कंपनियों से अच्छे पैकेज पर जाब आफर मिल चुके हैं। अगले साल मई में उन्हें ज्वाइनिंग करनी है। लेकिन नियमानुसार कंपनियों को इससे पहले छात्रों की रिपोर्ट भेजनी होती है। ऐसे में रैगिंग मामले का जिक्र नौकरी पाने वाले छात्रों के रिकार्ड में जोड़ा जा सकता है, जिससे उनकी नौकरी पर असर पड़ सकता है। पुलिस जांच: थर्ड ईयर के छात्र अगले साल नहीं बैठ पाएंगे प्लेसमेंट में     रैगिंग में फाइनल ईयर के कुछ विद्यार्थी लिप्त हैं। इन्हें नौकरियां मिल चुकी हैं। इनके बारे में कंपनियों को पत्र लिखकर बताएंगे, क्योंकि प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है। वैसे विद्यार्थियों का भविष्य खराब न हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। पत्र भेजने से पहले कुलगुरु से चर्चा करेंगे। – गोविंद माहेश्वरी, प्लेसमेंट ऑफिसर, आईईटी  

इंदौर में आज वुमेंस वर्ल्ड कप का जोरदार मुकाबला, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की भिड़ंत, स्टेडियम में कैसे करें एंट्री?

 इंदौर  होलकर स्टेडियम में सोमवार को वुमेंस इंटरनेशनल वर्ल्ड कप का दूसरा मैच दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। इस मैच के दौरान यातायात विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। हुकमचंद घंटाघर और पंचम की फेल की ओर से आने वाले दर्शकों का प्रवेश जंजीरावाला चौराहा से होगा। लैंटर्न चौराहा की दिशा से आने वाले दर्शक केवल पैदल ही स्टेडियम तक पहुंच सकते हैं। स्टेडियम में प्रवेश के लिए पासधारी वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। विवेकानंद स्कूल और बास्केटबाल कांप्लेक्स में पार्किंग पास वाले वाहनों का प्रवेश घंटाघर की ओर से होगा। स्टेडियम के अंदर और बाहर आईटीसी अभय प्रशाल में पार्किंग पास वाले वाहनों का प्रवेश लैंटर्न चौराहे/यशवंत क्लब रोड से होगा। बिना पासधारी वाहनों के लिए पार्किंग बाल विनय मंदिर स्कूल, एसजीएसआईटीएस और पंचम की फेल में की गई है। लैंटर्न चौराहा से जंजीरावाला चौराहा की ओर का मार्ग दोपहर एक बजे से मैच समाप्ति तक केवल पासधारी वाहनों और इमरजेंसी वाहनों के लिए खुला रहेगा। मैच समाप्ति के एक घंटे पूर्व से लैंटर्न चौराहा से जंजीरावाला चौराहे की ओर आने-जाने वाले वाहनों के लिए एक साइड पर यातायात सुचारु रहेगा। एमजी रोड, रेसकोर्स रोड, भंडारी ब्रिज और राजकुमार ब्रिज के सर्किल में लोडिंग वाहनों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। पार्किंग स्थल यशवंत क्लब, अभय प्रशाल, आईटीसी, बास्केटबाल कांप्लेक्स, विवेकानंद स्कूल, आईडीए परिसर व बाल विनय मंदिर स्कूल।

गाजियाबाद में आवारा कुत्तों का आतंक, रोजाना सैकड़ों लोग बन रहे शिकार

गाजियाबाद लावारिस कुत्तों के चलते लोगों में दहशत है। गलियों और पार्कों में ये लोगों को काट रहे हैं। जनपद के 80 इलाकों में सबसे अधिक लावारिस कुत्ते हैं। सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने इन इलाकों के लोग सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। जिले में कॉलोनी और सोसाइटी में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं। घरों से बाहर निकलते ही कुत्ते लोगों को काट रहे हैं। शहरी क्षेत्र के लोग इससे निजात दिलाने की निगम अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में रोजाना 400 मरीज कुत्ते काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार जनपद में 80 इलाके ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा कुत्ते काटने के मामले हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र के कैला भट्टा, नंदग्राम, लाल कुआं, बम्हेटा, अकबरपुर-बहरामपुर, गोविन्दपुरम, लोहियानगर, पंचवटी, भाटिया मोड़, जटवाड़ा, साहिबाबाद, अर्थला, शालीमार गार्डन, पसौंड़ा आदि क्षेत्र हैं। इसके अलावा मोदीनगर, लोनी, मुरादनगर, डासना आदि जगह पर भी कुत्ते काटने के मामले बढ़ रहे हैं। रोजाना 400 मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे : स्वास्थ्य केंद्रों में 90 प्रतिशत मरीज कुत्ते काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आते हैं। इस वजह से एआरवी की सबसे ज्यादा खपत कुत्ते काटने के मामलों में ही हो रही है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 350 से 400 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से बहुत कम मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें कुत्ते के काटने से जख्म हो जाता है। यानि कुत्ते काटने से मांस फट जाता है और उससे खून निकलने लगता है। ऐसे मरीज को एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ सीरम लगाया जाता है। यह सुविधा अभी केवल एमएमजी अस्पताल में है। अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन प्रियादर्शी के मुताबिक रोजाना तीन से चार मरीजों को सीरम लगाया जा रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो मई महीने में 11008, जून में 11213 और जुलाई में 11213 मरीजों को एआरवी लगाई गई। इस साल जुलाई तक 66923 मरीजों को रेबीज का कवच दिया गया। केवल शहरी क्षेत्र में टीकाकरण और नसबंदी हो रही नगर निगम के दो एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर हैं। इसमें एक दिन में लगभग 30 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण हो रहा है। नसबंदी के बाद कुत्तों को तीन दिन सेंटर में रखना होता है। इसके बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ने का नियम है, जहां से उन्हें पकड़ा जाता है। नगर पालिका और नगर पंचायत में लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण नहीं हो रहा।

झांसी में मजबूरी की तस्वीर: बेटे की मौत के बाद चंदा जुटाकर किया गया अंतिम संस्कार

झांसी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां मुंबई से गांव लौट रहे सिद्धार्थनगर जिले के रामोपुर पाठक गांव के रहने वाले अनिल अहिरवार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई. हादसा झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास कानपुर-झांसी रेलवे लाइन पर हुआ. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया, लेकिन शिनाख्त न होने के कारण चार दिनों तक शव वहीं पड़ा रहा. जब मृतक की पहचान हुई तो परिवार के सामने और भी बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई. मृतक के पिता अनिल के पास झांसी तक आने के पैसे तक नहीं थे. गांव में बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार बेसुध हो गया. मुंबई में काम करता था युवक पिता ने बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था. उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे 15 साल की मुस्कान, 9 साल का सनी और 5 साल का छोटू है. इसके अलावा बूढ़े मां-बाप और पत्नी की जिम्मेदारी भी सुनील पर ही थी. तीन महीने पहले वह रोजगार के लिए मुंबई गया था और वहीं एक कंपनी में काम करता था लेकिन तबीयत खराब होने पर वह गांव लौट रहा था. इसी दौरान झांसी में यह दर्दनाक हादसा हो गया. पिता के पास नहीं थे शव लाने के पैसे मृतक के पड़ोसी आनंद कुमार दुबे ने बताया कि परिवार की स्थिति बेहद खराब है. पिता अनिल गांव में रोते हुए घूम रहे थे और कह रहे थे कि बेटे का शव लाने के लिए पैसे भी नहीं हैं. ऐसे में गांव के लोगों ने चंदा कर 23 हजार रुपये एकत्र किए. इन्हीं पैसों से पिता अनिल और परिजन झांसी पहुंचे और बेटे का शव लेकर गांव लौट सके. पूंछ थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम करा दिया गया है. इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है. गरीबी और लाचारी की इस हकीकत ने सबको भावुक कर दिया.