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यूपी के शामली में पारिवारिक त्रासदी: प्रेम प्रसंग में पति और बच्चों की गई जान, महिला गिरफ्तार

शामली  यूपी में शामली जिले पति ने जिस पत्नी की बेवफाई से तंग आकर चार मासूम बच्चों के साथ यमुना नदी में कूदकर जान दे दी थी उसे प्रेमी के साथ गिरफ्तार कर दिया गया है.इन दोनों की वजह से ही 38 साल के सलमान ने यह भयावह कदम उठाया था. पुलिस ने पत्नी खुशनुमा और उसके कथित प्रेमी साबिर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.यह वही खुशनुमा है, जो पिछले सात महीनों में अपने प्रेमी के साथ पांच बार घर छोड़ चुकी थी. और हर बार पति सलमान उसे बच्चों की खातिर वापस घर लाता रहा.लेकिन इस बार उसकी सहनशक्ति टूट गई और उसने अपनी जिंदगी के साथ अपने बच्चों का भी अंत कर दिया. प्यार में अंधी पत्नी, टूटा हुआ पति सलमान मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले का निवासी था, लेकिन कई वर्षों से शामली जिले के कैराना में मजदूरी कर अपना परिवार पालता था.उसकी पत्नी खुशनुमा और चार छोटे-छोटे बच्चे महक, आयान, अल्ताफ और रेहान उसकी दुनिया थे.लेकिन खुशनुमा की जिंदगी में साबिर नाम का व्यक्ति आया, जिसने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं.साबिर पास के गांव का रहने वाला था और अकसर मोहल्ले में आता-जाता रहता था.इसी दौरान उसका खुशनुमा से संपर्क हुआ, जो धीरे-धीरे अवैध संबंधों में बदल गया.शुरुआत में सलमान ने पत्नी के व्यवहार में आए बदलाव को अनदेखा किया.लेकिन जब खुशनुमा पहली बार साबिर के साथ घर छोड़कर भागी, तो मानो उसकी दुनिया उजड़ गई.कई दिनों की मशक्कत के बाद जब वह वापस आई, तो सलमान ने बच्चों की खातिर सब कुछ भुलाकर उसे माफ कर दिया. नहीं थमा सिलसिला  लेकिन ये सिलसिला यहीं नहीं थमा.सात महीनों में वह पांच बार घर छोड़कर उसी प्रेमी के पास भागी.हर बार सलमान उसे खोजकर लाता, मिन्नतें करता, घर बसाने की कोशिश करता.मगर जब पांचवीं बार वह फिर चली गई, तो सलमान अंदर से पूरी तरह टूट गया. हमारी मौत के जिम्मेदार हैं तेरी अम्मी  घटना से एक दिन पहले सलमान ने अपनी बहन को एक वीडियो भेजा था.वीडियो में वह यमुना किनारे चारों बच्चों के साथ बैठा था.उसकी आंखों में आंसू थे और आवाज में कंपकंपी.उसने कहा, हम अब जीना नहीं चाहते.हमारी मौत के लिए जिम्मेदार कौन है बेटा? तेरी अम्मी है.  यह वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.सलमान ने अपने चारों बच्चों के साथ यमुना नदी में छलांग लगा दी. नदी में चला दो दिन का सर्च ऑपरेशन 3 अक्टूबर की रात यह घटना हुई.स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि किसी ने नदी में कूदने से पहले वीडियो बनाया है.सूचना मिलते ही कैराना पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया.दो दिन तक यमुना के किनारों और धारा में तलाशी चली.5 अक्टूबर को बागपत जिले के टांडा क्षेत्र के पास सलमान का शव मिला.उसके साथ बड़ी बेटी महक का शव भी बरामद हुआ.बाकी तीन बच्चों की तलाश अब भी जारी है.पुलिस और परिवार को आशंका है कि बच्चों के शव नदी की तेज धारा में बह चुके होंगे.इस घटना से पूरा इलाका शोक में डूब गया.सलमान के पड़ोसी और साथी मजदूरों के अनुसार, वह बेहद शांत स्वभाव का आदमी था, जो परिवार के लिए दिन-रात मेहनत करता था.किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा. पुलिस जांच में सामने आई बेवफाई की कहानी वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की.सलमान के रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि खुशनुमा का प्रेमी साबिर पिछले कई महीनों से उसके संपर्क में था.दोनों के बीच लगातार बातचीत और मुलाकातें होती थीं.कई बार मोहल्ले वालों ने भी सलमान को चेताया, लेकिन उसने हमेशा यही कहा कि बच्चों की मां है, इसे संभाल लूंगा.मगर खुशनुमा की हरकतें नहीं बदलीं.कैराना के एसएचओ रवि चौहान ने बताया कि सबूतों के आधार पर खुशनुमा और साबिर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.दोनों ने शुरू में आरोपों से इनकार किया, लेकिन बाद में मोबाइल चैट्स और गवाहों के बयानों के सामने सच उगलना पड़ा. गिरफ्तारी और अदालत में पेशी कैराना पुलिस ने देर रात दोनों को गिरफ्तार किया.जांच में यह भी सामने आया कि खुशनुमा ने सलमान के साथ झगड़े के बाद उसे अपमानित करते हुए घर से निकाल दिया था और प्रेमी साबिर के साथ फरार हो गई थी.इसी के बाद सलमान ने अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला किया.पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाना और षड्यंत्र के तहत केस दर्ज किया है.दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खुशनुमा पूछताछ के दौरान बच्चों की मौत पर तो रो पड़ी, लेकिन पति सलमान की मौत को लेकर उसने कोई पछतावा नहीं जताया.वहीं साबिर ने कहा कि उसका खुशनुमा से कोई रिश्ता नहीं था, लेकिन मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और फोटो ने उसकी बात झूठी साबित कर दी.

महिला चला रही थी OYO होटल, पड़ोसियों ने की संदिग्ध कामकाज की रिपोर्ट

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बिलासपुर सरकंडा के बहतराई रोड स्थित एक मकान में ओयो होटल का संचालन किया जा रहा था, जिसके खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई की है। इसमे आवासीय परिसर का व्यवसायिक उपयोग करने का आरोप लगाते हुए मकान को सील कर दिया गया है। मालूम हो कि मोहल्लेवासियों ने भी इसकी शिकायत जिला प्रशासन व नगर निगम से की थी, जिसमे बताया गया था कि इस मकान में ओयो होटल के आड़ संदिग्ध गतिविधियों का संचालन हो रहा है। जानकारी के अनुसार इस मकान में ओयो होटल का संचालन गायत्री केडिया नाम की महिला कर रही थी, जिससे आसपास के रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लोगों का कहना था कि यहां रोजाना संदिग्ध लोग पहुंचते है और संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देते है, यह सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर रात तक चलता रहता है। कई बार इसे होट को बंद कराने की कोशिश की गई, लेकिन संचालन करने वाली महिला नहीं मानी। ऐसे में अंत में मोहल्लेवासियों को शिकायत करने के लिए बाध्य होना पड़ा। इधर नगर निगम ने मिली शिकायत के बाद जांच किया तो पता चला कि यह तो आवासीय मकान है, इसमे किसी भी स्थिति में होटल नहीं खोला जा सकता है। वहीं गुरुवार को नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी दस्ता के प्रभारी प्रमिल शर्मा और शिव जायसवाल अपनी टीम के साथ उक्त मकान पर पहुंच गए, जहां जांच में ओयो होटल का संचालन करते हुए संबंधित को पाया गया। इसके बाद टीम ने तत्काल मकान को सील करने की कार्रवाई की। जहां साफ किया गया कि आवासीय में व्यवासियक गतिविधि नहीं किया जा सकता है। त्रस्त थे मोहल्लेवासी, जगह-जगह चिपकाया पोस्टर बताया जा रहा है कि इस अवैध ओयो होटल से मोहल्लेवासी त्रस्त हो गए थे। बार-बार कहने के बाद भी इस होटल का संचालन को बंद नहीं किया जा रहा था। त्रस्त होकर ही मोहल्लेवासियों ने ओयो होटल बंद करो का पाम्पेल्ट छपवाकर जगह-जगह चस्पा कर दिया। इसके बाद भी होटल संचालक महिला को इसका कोई भी असर नहीं हो रहा था, लेकिन मोहल्ले वालों की यह युक्ति काम आई और इसी के बाद प्रशासन स्तर पर रहवासियों की शिकायत को गंभीरता से लिया और इसी के बाद सील करने की कार्रवाई की गई है। शहर के कई मोहल्लों में संचालित हो रहा ओयो होटल शहर के कई मोहल्लों में ओयो होटल का संचालन बेखौफ किया जा रहा है, जबकि यह भी आवासीय क्षेत्र में आता है, जिसका उपयोग व्यवसायिक रूप से नहीं किया जा सकता है।इसके बाद भी नियम विरुद्व ओयो होटल का संचालन किया जा रहा है। जिससे मोहल्लेवासी त्रस्त चल रहे है और क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है।  

दुर्घटना में महिला की मौके पर मौत, आक्रोशित लोगों ने जताया विरोध

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कोरबा कोरबा के पाली थाना क्षेत्र के चैतमा चौकी के पास एक सड़क दुर्घटना हुई है। एक अज्ञात वाहन ने महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना कपोट गांव में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग की। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। मृतक महिला की पहचान नवाडीह कपोट निवासी जमुना बाई पोर्ते के रूप में हुई है। परिजनों की माने तो रोज की तरह गुरुवार की सुबह घर से चाय नाश्ता कर गांव से लगे खेत को देखने के लिए जा रही थी इस दौरान तेज रफ्तार वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं, चक्का जाम की सूचना पर कटघोरा थाना पाली थाना और चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जहां तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करा पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की बात कही।