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विकास और पर्यावरण में संतुलन को लेकर योगी सरकार की प्रतिबद्धता का बनेगा प्रतीक

पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेगा पीएम मित्र पार्क- मुख्यमंत्री योगी उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ योगी सरकार का हरियाली पर भी विशेष फोकस लखनऊ में बन रहे पीएम मित्र पार्क में 11% भूमि होगी हरियाली और फलदार वृक्षारोपण को समर्पित विकास और पर्यावरण में संतुलन को लेकर योगी सरकार की प्रतिबद्धता का बनेगा प्रतीक   प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और वाटर रिजर्वायर से होगा प्राकृतिक संतुलन 55% भूमि पर होगी इंडस्ट्रियल यूनिट्स की स्थापना, 3 फीसदी भूमि पर बनेंगे रेसीडेंस पीएम मित्र पार्क के माध्यम से 1000 करोड़ से अधिक निवेश और एक लाख रोजगार का लक्ष्य   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार एक नए औद्योगिक युग की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य में प्रस्तावित पीएम मित्र (पीएम मित्र) पार्क न केवल उद्योगों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी एक आदर्श उदाहरण बनेगा। सरकार की नीति “विकास के साथ पर्यावरण” को साकार करने की दिशा में यह पार्क एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी औद्योगिक विकास परियोजना में हरियाली और पारिस्थितिक संतुलन से कोई समझौता नहीं होगा। यही कारण है कि लखनऊ और हरदोई जिलों में प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क का लेआउट प्लान पर्यावरणीय दृष्टि से पूरी तरह संतुलित रखा गया है। 11 फीसदी भूमि होगी ग्रीनरी को समर्पित ड्राफ्ट लेआउट प्लान के अनुसार, 55 फीसदी भूमि पर इंडस्ट्रियल यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। वहीं, 3 फीसदी भूमि को रेसीडेंशियल उपयोग, 4 फीसदी इंस्टीट्यूशनल, 2 फीसदी ट्रांसपोर्ट हब, और 4 फीसदी यूटिलिटीज व एमेनिटीज के लिए आरक्षित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि पूरे पार्क की 11 फीसदी भूमि ग्रीनरी और फ्रूट प्लांटेशन के लिए सुरक्षित रखी गई है, जिसमें ग्रीन एरिया, ग्रीन बेल्ट और बफर जोन विकसित किए जाएंगे। यह कदम न केवल प्रदूषण कम करेगा बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी संरक्षित रखेगा। इसके अलावा, 13 फीसदी क्षेत्र में नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जबकि 0.1 फीसदी हिस्से में मौजूदा सड़कों को सुदृढ़ किया जाएगा। जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 2 फीसदी भूमि नाला और वाटर रिजर्वायर के लिए और 0.5 फीसदी भूमि रीक्रिएशनल उपयोग के लिए निर्धारित की गई है। प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 1680 करोड़ रुपए सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर 1,680 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। यह पार्क कुल 100 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक रोजगार सृजन और 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। पार्क में पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री, ऊर्जा-संवेदनशील डिजाइन, वर्षा जल संचयन, सोलर पावर और ई-वेस्ट मैनेजमेंट जैसे प्रावधान भी शामिल किए जाएंगे। इस पहल के माध्यम से उत्तर प्रदेश न सिर्फ“भारत का ग्रोथ इंजन” बनेगा, बल्कि“ग्रीन स्टेट मॉडल” के रूप में भी विकसित होगा।   

मिशन रोजगार के तहत योगी सरकार युवाओं को लगातार दे रही है विदेशों में रोजगार के अवसर

गोरखपुर में रोजगार महाकुम्भ-2025 यूएई-ओमान में 10 हजार से अधिक नौकरियां देगी योगी सरकार  युवाओं को मुफ्त आवास-भोजन के साथ मिलेगा ₹24 हजार से ₹1.20 लाख तक का आकर्षक पैकेज  मिशन रोजगार के तहत योगी सरकार युवाओं को लगातार दे रही है विदेशों में रोजगार के अवसर  रोजगार महाकुम्भ में श्रमिक से सुपरवाइज़र तक, हर स्किल्ड युवाओं को मिलेगा मौका  – पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी भर्ती, एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड होगा अनिवार्य – सेवायोजन विभाग ने युवाओं से की तत्काल पंजीकरण करने की अपील लखनऊ योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के बाद अब सेवायोजन विभाग द्वारा गोरखपुर में आगामी 14 से 15 अक्टूबर तक मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 'रोजगार महाकुम्भ-2025' का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा जॉब फेयर के माध्यम से यूएई और ओमान जैसे देशों में कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में 10,855 रिक्तियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिसमें मासिक वेतन 24,000 रुपये से लेकर 1,20,769 रुपये तक निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि रेमिटेंस के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। गोरखपुर में आयोजित यह रोजगार महाकुम्भ पूर्वांचल के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, जो अपने कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए हर युवा को रोजगार के योग्य बनाना है।  बता दें कि अगस्त महीने में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ 2025 में 10 हजार युवाओं को देश व विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किये जाने का लक्ष्य था, परन्तु इस महाकुम्भ में कुल 16897 युवाओं को विभिन्न संस्थानों एवं कम्पनियों के माध्यम से चयन किया गया है। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पर प्रदान कर रही है। गोरखपुर में लगने वाले रोजगार महाकुम्भ में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10,855 रिक्तियों पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें निर्माण श्रमिकों, सुपरवाइजर्स, ड्राइवर्स और कार्पेंटर्स जैसे कुशल व अकुशल पदों पर भर्ती का विशेष जोर रहेगा। प्रमुख पदों में शामिल हैं- •    कंस्ट्रक्शन वर्कर्स सहित सुपरवाइजर रिगिंग: 6 पद (यूएई व ओमान), वेतनमान 1,20,760 रुपये प्रतिमाह। •    मोबाइल पंप ऑपरेटर: 50 पद, वेतनमान 90,643 रुपये प्रतिमाह। •    ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 72,514 रुपये प्रतिमाह। •    फोरमैन सिविल: 15 पद, वेतनमान 66,422 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी ट्रक ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 58,011 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी बस चालक (यूएई लाइसेंस): 50 पद, वेतनमान 53,177 रुपये प्रतिमाह। •    शटरिंग कार्पेंटर: 1,000 पद, वेतनमान 28,800 रुपये प्रतिमाह। •    कंस्ट्रक्शन हेल्पर: 4,500 पद, वेतनमान 24,000 रुपये प्रतिमाह। सेवायोजन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सभी रिक्तियों का विवरण अपने आधिकारिक पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर अपलोड किया है। इच्छुक अभ्यर्थी इस पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को क्यूआर कोड लिंक्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड करना जरूरी होगा। यह डिजिटल व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को सुगम बनाएगी, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित करेगी। रोजगार महाकुम्भ में भाग लेने के लिए सेवायोजन विभाग ने युवाओं से तत्काल पंजीकरण करने की अपील की है। सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पीके पुन्डीर ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए न केवल रोजगार का सुनहरा अवसर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

गोरखपुर में रोजगार महाकुम्भ-2025, मिशन रोजगार के तहत योगी सरकार युवाओं को लगातार दे रही है विदेशों में रोजगार के अवसर

रोजगार महाकुम्भ में श्रमिक से सुपरवाइज़र तक, हर स्किल्ड युवाओं को मिलेगा मौका पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी भर्ती, एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड होगा अनिवार्य सेवायोजन विभाग ने युवाओं से की तत्काल पंजीकरण करने की अपील लखनऊ,  योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के बाद अब सेवायोजन विभाग द्वारा गोरखपुर में आगामी 14 से 15 अक्टूबर तक मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 'रोजगार महाकुम्भ-2025' का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा जॉब फेयर के माध्यम से यूएई और ओमान जैसे देशों में कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में 10,855 रिक्तियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिसमें मासिक वेतन 24,000 रुपये से लेकर 1,20,769 रुपये तक निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि रेमिटेंस के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। गोरखपुर में आयोजित यह रोजगार महाकुम्भ पूर्वांचल के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, जो अपने कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए हर युवा को रोजगार के योग्य बनाना है। बता दें कि अगस्त महीने में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ 2025 में 10 हजार युवाओं को देश व विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किये जाने का लक्ष्य था, परन्तु इस महाकुम्भ में कुल 16897 युवाओं को विभिन्न संस्थानों एवं कम्पनियों के माध्यम से चयन किया गया है। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पर प्रदान कर रही है। गोरखपुर में लगने वाले रोजगार महाकुम्भ में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10,855 रिक्तियों पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें निर्माण श्रमिकों, सुपरवाइजर्स, ड्राइवर्स और कार्पेंटर्स जैसे कुशल व अकुशल पदों पर भर्ती का विशेष जोर रहेगा। प्रमुख पदों में शामिल हैं- •    कंस्ट्रक्शन वर्कर्स सहित सुपरवाइजर रिगिंग: 6 पद (यूएई व ओमान), वेतनमान 1,20,760 रुपये प्रतिमाह। •    मोबाइल पंप ऑपरेटर: 50 पद, वेतनमान 90,643 रुपये प्रतिमाह। •    ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 72,514 रुपये प्रतिमाह। •    फोरमैन सिविल: 15 पद, वेतनमान 66,422 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी ट्रक ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 58,011 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी बस चालक (यूएई लाइसेंस): 50 पद, वेतनमान 53,177 रुपये प्रतिमाह। •    शटरिंग कार्पेंटर: 1,000 पद, वेतनमान 28,800 रुपये प्रतिमाह। •    कंस्ट्रक्शन हेल्पर: 4,500 पद, वेतनमान 24,000 रुपये प्रतिमाह। सेवायोजन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सभी रिक्तियों का विवरण अपने आधिकारिक पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर अपलोड किया है। इच्छुक अभ्यर्थी इस पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को क्यूआर कोड लिंक्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड करना जरूरी होगा। यह डिजिटल व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को सुगम बनाएगी, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित करेगी। रोजगार महाकुम्भ में भाग लेने के लिए सेवायोजन विभाग ने युवाओं से तत्काल पंजीकरण करने की अपील की है। सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पीके पुन्डीर ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए न केवल रोजगार का सुनहरा अवसर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

महर्षि वाल्मीकि जयंती : योगी सरकार का निर्देश- जनपद, तहसील व विकासखंड स्तर पर कराए जाएं कार्यक्रम

महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर, चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने किया कलाकारों का चयन सभी देव मंदिरों व महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों पर होंगे महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक आयोजन, भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन/दीपदान आदि कार्यक्रम लखनऊ,  योगी सरकार 7 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से वाल्मीकि जयंती मनाएगी। इस दौरान अनेक भव्य कार्यक्रम होंगे। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों में महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन आदि कराए जाएंगे। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली चित्रकूट में वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। योगी सरकार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ जनसहभागिता पर विशेष जोर रहे।   यूपी के सभी जनपदों में होंगे आयोजन योगी सरकार के निर्देशानुसार 7 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों आदि पर दीप प्रज्ज्वलन, दीपदान के साथ-साथ रामायण पाठ कराए जाएंगे। यह कार्यक्रम जनपद, तहसील व विकास खंड स्तर पर होंगे। सीएम योगी ने हर आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, ध्वनि, प्रकाश व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था का निर्देश दिया है। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन योगी सरकार महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में वृहद आयोजन कराएगी। उप निदेशक (पर्यटन) आरके रावत को कार्यक्रम का नोडल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि लालापुर में महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ सुबह 11 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत विराट महाराज व संस्कृत के अध्ययनरत बच्चों द्वारा रामायण पाठ होगा। दयाराम रैकवाड़ व टीम की तरफ से आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पूजन-हवन, भजन, वाल्मीकि रामायण पाठ, लवकुश प्रसंग समेत अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और जनसहभागिता भी रहेगी। इसके अलावा तुलसीदास आश्रम राजापुर चित्रकूट, वाल्मीकि आश्रम बिठूर कानपुर, वालमीकि आश्रम श्रावस्ती, अयोध्या, प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में आयोजन होगा। स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार देव मंदिरों में होने वाले रामायण पाठ समेत अन्य कार्यक्रमों में योगी सरकार स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच उपलब्ध कराएगी। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जनपद में चयनित मंदिरों व स्थलों पर कार्यक्रम के लिए कलाकारों का चयन किया गया है। इसका समन्वय संस्कृति विभाग, सूचना-जनसंपर्क विभाग, जिला पर्यटन व संस्कृति परिषद द्वारा किया जाएगा। हर जनपद में आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। योगी सरकार का कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जनसहभागिता पर जोर है।

मेगा ई-नीलामी में हुई 992 संपत्तियों की बिक्री से ₹1168.43 करोड़ की आय संभावित

 ई-नीलामी में लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 7 से अधिक जिलों की संपत्तियां शामिल पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा, ई-नीलामी में जमकर लिया हिस्सा विकास कार्यों और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा धन का उपयोग लखनऊ, विजयदशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने योगी सरकार के कुशल नेतृत्व में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। परिषद द्वारा 30 सितंबर 2025 को आयोजित मेगा ई-नीलामी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस नीलामी के माध्यम से परिषद को लगभग ₹1168.43 करोड़ की आय प्राप्त होने की संभावना है, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह सफलता योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों और निवेशकों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इस मेगा ई-नीलामी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, गाजियाबाद, और कासगंज आदि महत्वपूर्ण जिलों में स्थित कुल 992 संपत्तियों (391 आवासीय और 601 अनावासीय) को प्रस्तावित किया गया था। इनमें व्यावसायिक भूखंड, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट्स, संस्थागत भूखंड, और आईटी सिटी प्लॉट्स के साथ-साथ आवासीय संपत्तियां शामिल थीं। नीलामी की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। पंजीकरण प्रक्रिया 18 सितंबर 2025 से शुरू होकर डिजिटल ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से सुगम बनाई गई थी। योगी सरकार के प्रभावी प्रचार-प्रसार और तकनीकी पारदर्शिता के कारण निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां लगाईं। इस नीलामी में निवेशकों का भारी उत्साह न केवल परिषद की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल को भी दर्शाता है। मेगा ई-नीलामी से प्राप्त होने वाली ₹1168.43 करोड़ की संभावित आय का उपयोग परिषद द्वारा नई आवासीय योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस नीति को बल देती है, जो प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उत्तर प्रदेश में निवेशकों का बढ़ रहा विश्वास नीलामी न केवल परिषद की आम जनमानस एवं निवेशकों के बीच लोकप्रियता एवं विश्वास का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में निवेश वातावरण को और अधिक प्रोत्साहन देने वाली है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी आवासीय / अनावासीय योजनाएं अब निवेशकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बन चुकी हैं। इस प्रकार उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा विजयदशमी के अवसर पर संपन्न कराई गई यह मेगा ई-नीलामी आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक सफलता है, जिससे संभावित ₹1168 करोड़ की आय परिषद और प्रदेश दोनों की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी । प्रदेश में दिख रहा योगी सरकार की नीतियों का असर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल नीतियों का असर साफ दिख रहा है। यह वजह है कि योगी सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। यह मेगा ई-नीलामी न केवल परिषद की लोकप्रियता का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और विकास के नए द्वार खोलने वाली है। विजयदशमी के अवसर पर प्राप्त यह उपलब्धि योगी सरकार की प्रतिबद्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का एक और उदाहरण है। यह नीलामी न केवल परिषद के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा प्रदान करेगा।

मंत्री जेपीएस राठौर बोले – किसी को भी बरेली का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी

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बरेली में अब अमन-चैन, विपक्षी नेता सिर्फ माहौल बिगाड़ना चाहते हैंः जेपीएस राठौर  विपक्षी सांसदों और नेताओं के बरेली दौरे को लेकर योगी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर का बड़ा बयान मंत्री जेपीएस राठौर बोले – किसी को भी बरेली का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी बरेली जाकर माहौल खराब कर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं विपक्षी सांसद और नेताः राठौर   कहाः ‘सर तन से जुदा’ के नारे और हिंसा के बाद पुलिस ने लिया उचित एक्शन  पुलिस ने ससमय कार्रवाई कर उपद्रव फैलाने की साजिश नाकाम कीः मंत्री   लखनऊ योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा है कि बरेली में अब पूरी तरह अमन और चैन है, पुलिस ने जिस तरह से ससमय कार्रवाई की, उसने उपद्रव फैलाने की हर साजिश को विफल कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो भी विपक्षी सांसद या नेता बरेली जाने की बात कर रहे हैं, वे सिर्फ माहौल खराब करने की साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं। सरकार किसी को भी बरेली का अमन चैन बिगाड़ने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद और नेता अब बरेली जाकर उन्हीं उपद्रवियों के लिए आंसू बहाने की तैयारी में हैं, जिन्होंने पुलिस और निर्दोष लोगों की जान लेने की कोशिश की। उन्होंने सवाल किया कि वे किसके लिए बरेली जा रहे हैं, उन लोगों के लिए जिन्होंने कानून तोड़ा, पत्थर फेंके और पुलिस पर हमला किया? उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ, केवल कानून तोड़ने वालों को जेल भेजा गया है।  कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा राठौर ने कहा कि विपक्षी दलों को लगा था कि बरेली आग में झुलसेगा और उन्हें राजनीतिक फायदा मिलेगा, लेकिन प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों की लाशों पर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं, अब जनता उन्हें अच्छी तरह पहचान चुकी है। जो पहले संविधान की दुहाई देते थे, वही आज संविधान तोड़ने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति साफ है,“कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि बरेली के लोग शांति और सद्भाव के साथ अपने घरों में अमन चैन से हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बाहरी ताकत उस माहौल को खराब न कर सके। वर्तमान में बरेली में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बाजार खुले हैं, यातायात सामान्य है और पुलिस सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में पूरा माहौल पूर्णतः शांत हो जाएगा। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया राज्य मंत्री राठौर ने बताया कि जिस तरह से कुछ लोगों ने रातों-रात माहौल को भड़काने की कोशिश की, उसमें मुख्य रूप से तौकीर रजा और उनके समर्थकों का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि लगातार प्रशासन उनसे बातचीत करता रहा, लेकिन रात करीब 11 बजे एक लेटर वायरल किया गया, जिसमें कहा गया कि आंदोलन नहीं होगा, जुलूस नहीं निकलेगा। फिर देर रात डेढ़ बजे दावा किया गया कि पत्र फर्जी है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए और ‘आई लव मुहम्मद’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने लगे। राठौर ने कहा कि इसके बाद उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर और पेट्रोल बम चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया, जिससे किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो हालात और बिगड़ सकते थे। पुलिस ने उपद्रवियों को रोका, निर्दोषों की जान बचाई उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में ऐसे ही अराजक तत्व शहरों को जलाने का काम करते थे। 2010 में बरेली में महीनों कर्फ्यू जलता रहा था, लेकिन आज हमारी सरकार में ऐसी अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा। जो ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। योगी सरकार में शांति और कानून सर्वोपरि है। जेपीएस राठौर ने बताया कि उपद्रवियों के पास से पेट्रोल बम, असलहा और विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उन्होंने पहले से घरों में जमा कर रखा था, ताकि पुलिस और निर्दोष लोगों पर हमला किया जा सके, लेकिन पुलिस ने न केवल उपद्रवियों को रोका बल्कि आम नागरिकों की जान भी बचाई।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य

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प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 20 अक्टूबर तक शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण और पाठ्य सामग्री उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किए लक्ष्य  योगी सरकार की पहल पर युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत पूरे प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कौशल प्रशिक्षण प्रारम्भ कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इसके लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित किए हैं। 20 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से शुरू होंगे बैच कौशल विकास मिशन की ओर से निर्देश दिया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाता नियमानुसार प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की अनुमोदन प्रक्रिया के बाद 20 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण बैच प्रारम्भ करें। इस अवसर पर पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की जाएगी। वितरण की प्रक्रिया जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शिता यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को पाठ्य सामग्री वितरण और बैच प्रारम्भ संबंधी न्यूनतम तीन फोटोग्राफ तथा वितरण पावती रसीद को जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से सत्यापित कराकर मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर योगी सरकार का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख कौशल युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत न केवल माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।   इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के पंजीकरण की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ी  उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने शुक्रवार को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता-2025 के अंतर्गत चल रहे पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) के साथ बैठक कर युवाओं के पंजीकरण की गति तेज करने के निर्देश दिए। अपर मिशन निदेशक ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा  कि युवाओं को कौशल प्रतियोगिता से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, परामर्श शिविर और संस्थागत समन्वय की कार्यवाही शीघ्र बढ़ाई जाए। पंजीकरण की अंतिम तिथि अब 15 अक्टूबर 2025 तक बढ़ने पर उन्होंने सभी जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों को निर्देशित किया कि वे लक्षित युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करें तथा पंजीकरण संख्या में  वृद्धि सुनिश्चित करें। प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी एवं पंजीकरण की सुविधा https://www.skillindiadigital.gov.in पर उपलब्ध है।  

मुख्यमंत्री की पहल से प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों को मिला नया स्वरूप, भक्तों को मिली बेहतर सुविधाएं

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जौनपुर का शीतला चौकिया धाम नवरात्रि का प्रमुख केंद्र बना, जहां नौ दिनों में 10 लाख से अधिक भक्त पहुंचे सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 20 लाख भक्तों ने किया दर्शन बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, 9 लाख श्रद्धालुओं ने किया पूजन भदोही के सीता समाहित स्थल, महाराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर और औरैया के देवी मंदिरों में 9 लाख से ज्यादा भक्तों ने जताई आस्था मिशन शक्ति 5.0 ने इस नवरात्रि को बनाया खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की झलक हर जगह देखने को मिली लखनऊ, उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का विराट स्वरूप बनकर उभरा है। इस बार पूरे प्रदेश में देवी मंदिरों की तस्वीर देखें, तो यह साफ झलकता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते आठ वर्षों में न केवल प्राचीन धरोहर को संजोया है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं को नया अनुभव भी दिया है। यही कारण है कि पूर्वांचल के विंध्यवासिनी धाम से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाकम्भरी मंदिर तक समस्त देवी मंदिरों में नवरात्रि के नौ दिनों में ही लगभग 2 करोड़ भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इनमें से केवल विंध्यवासिनी धाम में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। मां विंध्यवासिनी धाम : रोजाना लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी का मंदिर प्रदेश का सबसे प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन औसतन 4 से 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई। सरकार द्वारा बनाए गए विंध्याचल कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं को नई सहूलियत दी है। नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां रोज़ाना 6 से 7 लाख श्रद्धालु माता की आराधना में शामिल हुए। वाराणसी : विशालाक्षी शक्तिपीठ में दक्षिण भारत से उमड़ी आस्था 51 शक्तिपीठों में गिने जाने वाले मां विशालाक्षी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में नवरात्रि पर भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ गई। सप्तमी से नवमी तक यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु रोज़ाना पहुंचे। वाराणसी के गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में नवमी तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आए, जबकि दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 12 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे। यहां अंतिम तीन दिनों में प्रतिदिन करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आए। सहारनपुर : शाकम्भरी व त्रिपुर बाला सुंदरी धाम बने श्रद्धा के केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला भी आस्था से सराबोर रहा। नवरात्रि के नौ दिनों में शाकम्भरी धाम में लगभग 7 लाख और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। देवीपाटन : मां पाटेश्वरी मंदिर में लाखों भक्त और भव्य मेला बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी मंदिर में इस नवरात्रि करीब 6.50 लाख श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी से नवमी तक यहां सबसे अधिक भीड़ रही। साथ ही मंदिर प्रबंधन ने 15 दिवसीय मेले का भी आयोजन किया, जिसमें आस्था और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला।   प्रयागराज : गंगा तट पर आस्था की गूंज प्रयागराज के मां अलोप शंकरी धाम में नवरात्रि के दौरान करीब 12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर प्रतिदिन ढाई लाख तक भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने आए। मां कल्याणी देवी मंदिर में लगभग 6 लाख और मां ललिता देवी मंदिर में प्रतिदिन 70 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंचे। सरकार ने यहां लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यात्री शेड, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए हैं। गोरखपुर : तरकुलहा व बुढ़िया माई धाम में भव्यता का नया रूप गोरखपुर स्थित तरकुलहा देवी मंदिर इस बार नवरात्रि में प्रमुख आस्था केंद्र बन गया। औसतन 50 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचे, जबकि नवमी पर संख्या 1 लाख पार कर गई। अबतक 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं। वहीं कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में 5 लाख भक्त पहुंचे। यहां नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में रोज़ाना 1 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सरकार ने यहां पर्यटन विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर सुविधाएं बढ़ाई हैं। गाजीपुर : हथियाराम मठ और कामाख्या मंदिर में उमड़ा विश्वास गाजीपुर के हथियाराम मठ में इस बार नवरात्रि पर लगभग 40 हजार लोग पहुंचे। वहीं कामाख्या देवी मंदिर में अबतक 1 लाख से अधिक भक्तों ने माता के चरणों में मत्था टेका। जौनपुर : चौकिया धाम में श्रद्धालुओं का रेला जौनपुर का मां शीतला चौकिया मंदिर नवरात्रि में भक्तों से खचाखच भरा रहा। प्रतिदिन 70 हजार और सप्तमी से नवमी तक करीब 1 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। नैमिषारण्य : महानवमी पर भक्तों का सैलाब नैमिषारण्य की तपोभूमि स्थित ललिता देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। महानवमी पर यहां आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आगरा : चामुंडा देवी मंदिर समेत कई धाम बने आकर्षण आगरा का 300 साल पुराना चामुंडा देवी मंदिर नवरात्रि में विशेष आकर्षण रहा। यहां करीब 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ कैला माता मंदिर में 15 लाख, सती माता मंदिर में 2 लाख, काली माता मंदिर में 1.5 लाख और शीतला माता मंदिर में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे। मथुरा : नरी सेमरी मंदिर में परंपरा का अनोखा स्वरूप मथुरा के छाता स्थित नरी सेमरी माता मंदिर में नवरात्रि पर 3 लाख श्रद्धालु पहुंचे। यहां मूर्ति के खड़े होने की परंपरा और लाठी-डंडे से पूजा की परंपरा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही। झांसी : आल्हा-उदल की गाथा से जुड़े देवी मंदिर झांसी के पंचकुइया, कैमासन, महाकाली और लहर देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 1-1 लाख से अधिक भक्त पहुंचे। यहां के मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व और आस्था दोनों ही देखने को मिले। अन्य प्रमुख धाम : प्रदेशभर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। औरैया के 15 मंदिरों में करीब ढाई लाख लोग दर्शन को आए। हापुड़, सिद्धार्थनगर और अन्य जिलों के मंदिरों में भी लाखों की भीड़ रही। अंततः यह स्पष्ट है कि योगी सरकार ने नवरात्रि पर आस्था और विकास का अद्भुत मेल कर प्रदेश के मंदिरों को … Read more

त्योहारी सीजन में सफर सस्ता! यूपी में AC बसों का किराया 10% तक घटाया गया

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दशहरा-दीपावली पर योगी सरकार का तोहफा, यूपीएसआरटीसी की एसी बसों में 10% तक कम होगा किराया एसी बसों में सफर होगा सस्ता, जनरथ, पिंक, शताब्दी और वोल्वो बसों पर छूट लागू अधिक यात्रियों को आकर्षित करने के लिए चालक-परिचालकों को काउंसलिंग के जरिए किया जा रहा प्रेरित यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का योगी सरकार का संकल्प लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को दशहरा और दीपावली पर तोहफ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा संचालित सभी वातानुकूलित बसों के किराए में की गई लगभग 10% की कमी को अग्रिम आदेशों तक जारी रखा जाएगा। यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का संकल्प परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि योगी सरकार जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस निर्णय से यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफ़र की सुविधा मिलेगी। यह छूट जनरथ, पिंक, शताब्दी, वोल्वो, वातानुकूलित शयनयान जैसी सेवाओं पर लागू होगी। हालांकि, 01 जनवरी 2024 के बाद पंजीकृत नई वातानुकूलित बसों पर यह छूट लागू नहीं होगी। किराया संरचना (वातानुकूलित बस सेवाएं) ▪️3*2 बस सेवा – ₹1.45 प्रति किलोमीटर ▪️2*2 बस सेवा – ₹1.60 प्रति किलोमीटर ▪️हाई एंड (वोल्वो) बसें – ₹2.30 प्रति किलोमीटर ▪️वातानुकूलित शयनयान – ₹2.10 प्रति किलोमीटर निगम की आय और सेवाओं पर ध्यान परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि निगम की सकल आय पर असर न पड़े इसके लिए बसों पर तैनात चालक-परिचालकों को प्रेरित कर अधिक यात्रियों को आकर्षित करने हेतु विशेष काउंसिलिंग की जाएगी।  

हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन

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योगी सरकार का किसानों के पंजीकरण पर जोर, सभी जनपदों में 50% कार्य पूर्ण योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योगी सरकार किसानों के पंजीकरण कार्य पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेशभर में किसानों का पंजीकरण तेजी से कराया जा रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में 50 प्रतिशत तक फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया होगा। ऐसे में योगी सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के किसानों के रजिस्ट्रेशन प जोर दे रही है।  हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए 16 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रतिदिन शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक गांव में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। यहां पर किसानों को मौके पर पंजीकरण और विवरण अपडेट करने की सुविधा दी जाएगी। कई जिलों ने 55% से अधिक पंजीकरण कार्य पूरा किया प्रदेश में अब तक 50% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें कई जिले उल्लेखनीय प्रगति कर चुके है। रामपुर – 61.37% बिजनौर – 58.92% हरदोई – 58.31% श्रावस्ती – 58.01% पीलीभीत – 57.58% अंबेडकरनगर – 57.46% मुरादाबाद – 57.17% बरेली – 56.80% गाजियाबाद – 56.79% कौशाम्बी – 56.09% किसानों से की गई अपील योगी सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।