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सरकारी तंत्र हुआ ठप, कर्मचारियों की तनख्वाह रुकी, टूरिस्ट स्पॉट भी बंद — पूरी कहानी यहाँ

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वाशिंगटन  दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में संघीय सरकार का कामकाज ठप हो गया है। इसे तकनीकी भाषा में 'गवर्नमेंट शटडाउन' कहा जाता है। यह संकट इसलिए पैदा हुआ क्योंकि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष के लिए सरकार को फंड देने वाला खर्च विधेयक (फंडिंग बिल) पास नहीं कर पाई। दरअसल रिपब्लिकन सांसदों ने एक ऐसा विधेयक पेश किया था जो सरकार को 21 नवंबर तक अल्पकालिक (शॉर्ट-टर्म) फंडिंग दे सकता था ताकि शटडाउन को टाला जा सके लेकिन मंगलवार शाम को हुए महत्वपूर्ण मतदान में यह बिल 55-45 के अंतर से पारित नहीं हो सका। सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी को इसे पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी। विपक्ष में बैठी डेमोक्रेट पार्टी ने इस बिल का विरोध किया जिसके कारण राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पहली बार सरकारी खजाना खाली हो गया और शटडाउन शुरू हो गया। क्या होता है 'शटडाउन'? शटडाउन का सीधा मतलब है कि संघीय सरकार के पास खर्च करने के लिए पैसा नहीं है। अमेरिका में हर साल 1 अक्टूबर को नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है। इससे पहले सरकार को अपना वार्षिक बजट और खर्च की योजना संसद से पास करानी होती है। जब डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसद किसी कारण से इस खर्च विधेयक पर सहमत नहीं हो पाते और बिल पास नहीं होता तो कानूनन सरकार को गैर-जरूरी (Non-Essential) कामकाज बंद करना पड़ता है। यह कोई नई बात नहीं है। अमेरिकी राजनीति में बजट पर इस तरह का राजनीतिक गतिरोध सामान्य है। पिछले 50 सालों में अमेरिका में 20 बार सरकारी कामकाज फंडिंग की कमी के कारण अटक चुका है। विवाद की जड़ क्या है? राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार लंबे समय से संघीय सरकार के खर्चों में कटौती करना चाहती है। हालाँकि विपक्षी डेमोक्रेट सांसद पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा शुरू किए गए 'ओबामा हेल्थ केयर सब्सिडी' कार्यक्रम को जारी रखने और बढ़ाने पर अड़े हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी खर्चों में कटौती करने के अपने एजेंडे पर कायम है और इस सब्सिडी को बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। दोनों प्रमुख पार्टियों के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण फंडिंग बिल पर सहमति नहीं बन पाई और बातचीत विफल होने के बाद शटडाउन की स्थिति आ गई।   बंद होने वाली सेवाएं: नेशनल पार्क और कई संघीय म्यूजियम बंद हो जाएंगे। सरकारी खाद्य मदद संबंधी कार्यक्रम रुक सकते हैं। संघीय मदद से चलने वाले स्कूल और छात्र ऋण से जुड़े काम भी बाधित होंगे। कई सरकारी दफ्तरों में काम रुकने से वीजा, पासपोर्ट जैसे जरूरी काम में देरी हो सकती है। जारी रहने वाली आपात सेवाएं: कुछ सेवाएं शटडाउन के बावजूद चलती रहती हैं क्योंकि वे जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक मानी जाती हैं: मेडिकल आपात सेवाएं। सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था। हवाई सेवाएं (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) और सेना (Military)। हालांकि इन सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को भी शटडाउन खत्म होने तक सैलरी नहीं मिलती। आर्थिक नुकसान जानकारों का मानना है कि इस सरकारी बंदी का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार शटडाउन के चलते देश की आर्थिक विकास दर (GDP) में हर हफ्ते 0.1 से लेकर 0.2 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। पिछला सबसे लंबा शटडाउन साल 2018 में हुआ था जो 35 दिनों तक चला था और उसने अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचाया था।  

त्योहार के जश्न में मातम: महाअष्टमी की रात गोलीबारी, शहर में दहशत

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नई दिल्ली महाअष्टमी की देर रात हावड़ा के संध्या बाजार इलाके में फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ। घायल को हावड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर हावड़ा सिटी पुलिस पहुंच मामले की जांच कर रही है। वहीं, अष्टमी की रात गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे बिहार के गोपालगंज के ग्राम पंचायत क्षेत्र के मुखिया सुरेश यादव (50) हावड़ा थाने के बिहारी बसु लेन पर टहल रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने कथित तौर पर उन्हें पीछे से तीन राउंड गोली मार दी। सुरेश मौके पर ही लहूलुहान अवस्था में गिर पड़े। सूचना मिलते ही हावड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्हें गंभीर हालत में हावड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि सुरेश हावड़ा थाना क्षेत्र में घूमने आए थे। इसी मौके पर बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बदमाशों का बिहार से कोई संबंध तो नहीं है। घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं।  

भारत की संवेदनाएँ फिलीपींस के साथ: PM मोदी ने प्राकृतिक आपदा पर जताया समर्थन

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फिलीपींस  फिलीपींस के सेंट्रल द्वीप प्रांत सेबू में मंगलवार रात एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.9 मापी गई। इस भूकंप के कारण कम से कम 69 लोगों की मौत हुई और लगभग 150 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद क्षेत्र में चार और झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 5 या उससे अधिक थी।भूकंप की केंद्रित स्थिति सेबू द्वीप के उत्तरी सिरे, बोगो शहर के पास थी, जो लगभग 90,000 लोगों का घर है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई भवन ढह गए और विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। सेबू प्रांत की सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में "आपदा की स्थिति" घोषित की है और जनता से आपातकालीन सहायता में सहयोग करने की अपील की है। गवर्नर पामेला बारिकुआत्रो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा, "हम अभी भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, लेकिन स्थिति सोची गई से अधिक गंभीर हो सकती है। हमने राष्ट्रपति कार्यालय से संपर्क किया है और राहत सामग्री तथा मदद का अनुरोध किया है।" उन्होंने बताया कि कई घरों और अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है और आपातकालीन मेडिकल टीमों को घायल लोगों के इलाज के लिए तैनात किया गया है।    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुःख जताया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "फिलिपींस में भूकंप से हुई जनहानि और व्यापक नुकसान के बारे में जानकर अत्यंत दुःख हुआ। मेरी प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। इस कठिन समय में भारत फिलीपींस के साथ खड़ा है।"इस भूकंप के कारण कई सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की चेतावनी दी है।    

ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार को लेकर दी चेतावनी, कहा: मुझे नहीं दिया तो देश का होगा अपमान

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वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सात वैश्विक संघर्षों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है, इसके बावजूद अगर नोबेल पुरस्कार उन्हें नहीं दिया जाता है तो यह अमेरिका के लिए ‘‘बड़े अपमान की बात'' होगी। गाजा संघर्ष को समाप्त कराने की योजना का जिक्र करते हुए ट्रंप ने मंगलवार को क्वांटिको में सैन्य अधिकारियों को अपने संबोधन में कहा, ‘‘मुझे लगता है, हमने इसे सुलझा लिया है। अब, हमास को सहमत होना होगा और अगर वे नहीं मानते, तो उनके लिए बहुत मुश्किल होगा। सभी अरब, मुस्लिम राष्ट्र इससे सहमत हैं। इजराइल सहमत है। यह एक अद्भुत बात है कि सभी साथ आ गए हैं।'' ट्रंप ने कहा कि अगर सोमवार को घोषित गाजा संघर्ष को समाप्त कराने की उनकी योजना कामयाब हो जाती है तो उन्होंने कुछ ही महीनों में आठ संघर्षों को सुलझा लिया है। ट्रंप ने कहा, ‘‘यह शानदार है। कोई ऐसा कभी नहीं कर पाया। फिर भी, ‘क्या आपको नोबेल पुरस्कार मिलेगा?' बिल्कुल नहीं। वे इसे किसी ऐसे व्यक्ति को देंगे जिसने कुछ भी नहीं किया। वे इसे ऐसे व्यक्ति को देंगे जिसने डोनाल्ड ट्रंप के विचारों और युद्ध को सुलझाने के लिए क्या किया गया, इस पर कोई किताब लिखी है… जी हां, नोबेल पुरस्कार किसी लेखक को मिलेगा।   लेकिन देखते हैं क्या होता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए बड़े अपमान की बात होगी। मैं आपको बता दूं कि मैं ऐसा नहीं चाहता। मैं चाहता हूं कि यह देश को मिले। यह सम्मान देश को मिलना ही चाहिए क्योंकि ऐसा कुछ पहले कभी नहीं हुआ। इस बारे में सोचिएगा जरूर। मुझे लगता है कि यह (गाजा संघर्ष को समाप्त करने की योजना) सफल होगा। मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा, क्योंकि मैं समझौतों के बारे में किसी से भी ज्यादा जानता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, आठ समझौते करना वाकई सम्मान की बात है।''    

महिला क्रिकेट की शान: दीप्ति शर्मा ने वनडे में दोबारा लिखा इतिहास

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गुवाहाटी भारत ने श्रीलंका के खिलाफ मंगलवार को गुवाहाटी में खेले गए ‘महिला विश्व कप 2025’ के पहले मुकाबले में डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 59 रन से जीत दर्ज की। दीप्ति शर्मा को इस मुकाबले में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जिन्होंने बल्ले के बाद गेंद से अपनी चमक बिखेरते हुए ‘अनूठा कारनामा’ दोहराया। दीप्ति शर्मा ने वनडे क्रिकेट में दूसरी बार 50+ स्कोर के साथ 3 विकेट हासिल किए। उनके अलावा, इस लिस्ट में सिर्फ दो ही भारतीय महिला खिलाड़ियों का नाम शामिल है। छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरीं दीप्ति शर्मा ने 53 गेंदों में तीन चौकों के साथ 53 रन की पारी खेली। इसके बाद उन्होंने 10 ओवरों में 54 रन देकर 3 विकेट हासिल करते हुए भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले, साल 2017 में दीप्ति ने आयरलैंड के विरुद्ध नाबाद 51 रन बनाने के साथ 20 रन देकर 3 विकेट हासिल किए थे। दीप्ति के अलावा, जेमिमा रोड्रिग्स और शिखा पांडे यह कारनामा करने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। जेमिमा ने साल 2023 में बांग्लादेश के विरुद्ध 86 रन बनाने के साथ महज 3 रन देकर 4 विकेट हासिल किए थे। वहीं, शिखा पांडे साल 2014 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 59 रन बनाने के अलावा, 19 रन देकर 3 विकेट ले चुकी हैं। मंगलवार को बारसापरा क्रिकेट स्टेडियम में टॉस हारकर बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में 47 ओवरों में 8 विकेट खोकर 269 रन बनाए। टीम के लिए अमनजोत कौर ने सर्वाधिक 57 रन बनाए, जबकि दाप्ति शर्मा ने 53 रन की पारी खेली। इनके अलावा, हरलीन देओल ने 48 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से इनोका रणवीरा ने सर्वाधिक 4 विकेट हासिल किए। डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर श्रीलंका को जीत के लिए 271 रन का टारगेट मिला, लेकिन श्रीलंकाई टीम 45.4 ओवरों में महज 211 रन पर सिमट गई। कप्तान चामरी अथापथु ने सर्वाधिक 43 रन बनाए, लेकिन श्रीलंका को जीत नहीं दिला सकीं। भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने सर्वाधिक 3 विकेट झटके, जबकि स्नेह राणा और श्री चरणी को 2-2 सफलताएं हाथ लगीं।  

राज्यपाल ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

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भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विजयादशमी पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने शुभकामना संदेश में कहा है कि विजयादशमी हर्ष, उल्लास तथा विजय का पर्व है। यह अन्याय पर न्याय, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक और शौर्य की उपासक है। विजयादशमी त्यौहार भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और त्याग से हम सबको जीवन में धैर्य, संयम और सदाचार का पालन कर चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की कामना की है।  

ग्रीव्स, रदरफोर्ड और वारिकन को क्रिकेट वेस्टइंडीज का अनुबंध मिला

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नई दिल्ली क्रिकेट वेस्टइंडीज ने 2025-26 सीजन के लिए पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय रिटेनर कॉन्ट्रैक्ट्स की सूची में तीन बदलाव किए हैं। जस्टिन ग्रीव्स, शेरफेन रदरफोर्ड और जोमेल वारिकन को 15 सदस्यीय सूची में शामिल किया गया है। पूर्व टेस्ट कप्तान क्रेग ब्रैथवेट, विकेटकीपर-बल्लेबाज जोशुआ डी सिल्वा और ऑलराउंडर केवेम हॉज को इस बार सूची में जगह नहीं मिली है। ये कॉन्ट्रैक्ट्स 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे। महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय रिटेनर की सूची में, तेज गेंदबाज जैनिलिया ग्लासगो और शॉनिशा हेक्टर को 13 खिलाड़ियों के साथ शामिल किया गया है, लेकिन शमिलिया कॉनेल, चेरी एन फ्रेजर, चेडियन नेशन और रशदा विलियम्स सूची में अपनी जगह नहीं बना सकीं। पुरुष खिलाड़ियों में शाई होप, शमार जोसेफ, ब्रैंडन किंग, अल्जारी जोसेफ, गुडाकेश मोती और जेडन सील्स को रिटेन किया गया है। वहीं महिलाओं की लिस्ट में हेली मैथ्यूज, स्टेफनी टेलर, डिएंड्रा डॉटिन और शेमाइन कैंपबेल शामिल हैं। इसके अलावा, 15 पुरुष और 14 महिला खिलाड़ियों को एकेडमी अनुबंध दिए गए हैं। वेस्टइंडीज पुरुष अनुबंध 2025-26 : सीनियर पुरुष : एलिक अथानाजे, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, जस्टिन ग्रीव्स, शाई होप, अकील होसेन, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, ब्रैंडन किंग, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड, जोमेल वारिकन। स्टार्टर अनुबंध : ज्वेल एंड्रयू, जेदिया ब्लेड्स, जोहान लेयने। पुरुष एकेडमी : ऐकीम अगस्टे, रयान बंदू, जेडीया ब्लेड्स, रिवाल्डो क्लार्क, मावेंद्र डिंडयाल, जियोवोंटे डेपेइजा, नाथन एडवर्ड, डेमल एवलिन, अमारी गुडरिज, मबेकी जोसेफ, जोहान लेने, जिशान मोटारा, केल्विन पिटमैन, रेनिको स्मिथ, कार्लोन टकेट। वेस्टइंडीज महिला अनुबंध 2025-26 : सीनियर महिला : आलियाह अलीन, शेमाइन कैंपबेल, डिएंड्रा डॉटिन, अफी फ्लेचर, जानिलिया ग्लासगो, शॉनिशा हेक्टर, चिनेले हेनरी, जैदा जेम्स, किआना जोसेफ, हेली मैथ्यूज, अश्मिनी मुनिसर, स्टेफनी टेलर, करिश्मा रामह्रैक। स्टार्टर अनुबंध : जहजारा क्लैक्सटन, रीलेना ग्रिमोंड। महिला एकेडमी : अबीगैल ब्राइस, असाबी कॉलेंडर, नैजानी कंबरबैच, शबिका गजनबी, ब्रायना हरीचरन, त्रिशन होल्डर, जेनाबा जोसेफ, निया लिचमैन, समारा रामनाथ, अमृता रामटहल, सेलेना रॉस, शुनेले सॉह, स्टेफी सोग्रीम, केट विल्मोट।  

हेलमेट नियम में बदलाव: अब पुलिसकर्मियों पर भी लागू होगा, सख्त दंड के साथ लाइसेंस रद्द होने का खतरा

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भोपाल   मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं, नियम ना मानने वालों पर बड़ी सख्ती की तैयारी की जा रही है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने हेलमेट लगाने का नियम सभी के लिए कड़ाई से पालन करना होगा। फिर भले ही वो आमजन हो या पुलिस, सभी को वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा। पुलिस विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं। मध्य प्रदेश में अब सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी या निजी काम के दौरान दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने वालों पर न केवल चालानी कार्रवाई होगी बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निरस्ती भी की जाएगी।  पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि कई बार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं। इससे सड़क हादसों में गंभीर चोटें आने के साथ कई मौतें भी हो चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है। राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर पुलिसकर्मी को हेलमेट लगाना जरूरी होगा। नियम की अवहेलना करने पर चालानी कार्रवाई को की ही जाएगी। साथ ही साथ, ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. हेलमेट पर सख्ती  कार्रवाई के बावजूद भी अगर कोई पुलिसकर्मी हेलमेट लगाए बिना टू-व्हीलर वाहन चलाते पाए जाते हैं तो ऐसे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। आपको बता दें कि, नियम का कड़ाई से पालन इसलिए भी नहीं हो पा रहा है क्योकि, कई बार देखा गया है कि, कुद पुलिसकर्मी ही वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं लगाए होते। ऐसे में आमजन के बीच ये भावना उत्पन्न होती है अगर हम हेलमेट नहीं लगाते तो चालानी कार्रवाई होती है और अगर पुलिस हेलमेट न लगाए तो कोई कारर्वाई नहीं। लोगों में बन रही ऐसी भावना से ना सिर्फ लोगों में नियम के प्रति गंभीरता नहीं दिख रही थी तो वहीं पुलिस विभाग की किरकिरी तक हो रही थी। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

DA Hike: आज हो सकता है ऐलान, दशहरा-दीवाली से पहले बढ़ेगी केंद्रीय कर्मियों की सैलरी

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नई दिल्ली दिवाली-दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को कैबिनेट ने महंगाई भत्ता में (DA Hike) 3 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया. इसके साथ ही अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है. यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी माना जाएगा.  जनवरी में कितनी हुई थी DA-DR बढ़ोतरी? इससे पहले, केंद्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी, 2025 से महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी की थी, जिससे लगभग 1.15 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी खुश हुए थे. इस बढ़ोतरी के बाद, महंगाई भत्ता, बेसिक सैलरी के 53% से बढ़कर 55% हो गया था. ये बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर तय फॉर्मूले के अनुसार की गई थी. बता दें क‍ि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से बचाने और उनकी जीवन-यापन लागत को समायोजित करने के लिए दिया जाता है. कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया दिवाली से ठीक पहले अक्टूबर के वेतन के साथ दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ी बढ़ोतरी होगी. इससे कर्मचारी और पेंशनर्स त्‍योहारों पर जमकर खरीदारी करेंगे.यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के तहत आने वाले सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स पर भी लागू होगी. 2025 का दूसरा बड़ा हाइक दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike) और महंगाई राहत (DR Hike) में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान किया जा चुका है. यह इस साल का दूसरा महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी है. बता दें सरकार की ओर से साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है.  कितनी बढ़ेगी सैलरी?  अगर किसी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है तो कर्मचारी को प्रति माह ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि ₹40,000 वेतन वाले कर्मचारी को ₹1,200 अतिरिक्त मिलेंगे. तीन महीनों में, बकाया राशि कुल ₹2,700 से ₹3,600 होगी. यह त्‍योहारों के समय में एक बड़ी राहत होगी. CPI-IW आंकड़े पर निर्भर करता है डीए बढ़ोतरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) द्वारा मापी गई मुद्रास्फीति के रुझानों के आधार पर, महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को वर्ष में दो बार, जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है. हालांकि ऐलान अक्सर देर से होती हैं, लेकिन बकाया राशि इस देरी की भरपाई कर देती है. यह संशोधन सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम होने की उम्मीद है. जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो सकता है.  कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?  फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% है. इसमें करीब 3% की बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है, जिसके बाद DA बढ़कर 58% हो जाएगा. ये बढ़ोतरी जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी. यानी कर्मचरियों को उनकी बेसिक सैलरी का 58% महंगाई भत्ते के तौर पर दिया जाएगा.  जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 60,000 रुपये है, उन्‍हें अभी महंगाई भत्ते के तौर पर 33,000 रुपये मिलता है. 3% की बढ़ोतरी के बाद उन्‍हें महंगाई भत्ते के रूप में 34,800 रुपये मिलेगा. यानी उनकी ग्रॉस सैलरी में 1,800 रुपये बढ़ जाएंगे.  करोड़ों कर्मचारियों को लाभ  कैबिनेट के इस फैसले के बाद महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा. इससे 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों या पूर्व कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.  65 लाख पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदा जानकारी के अनुसार महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और तकरीबन 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। बता दें दोनों लंबे समय से इसके बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अब महानवमी पर केंद्र सरकार के इस ऐलान ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। कब लागू होंगी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जानकारी के अनुसार सातवें वेतन आयोग का अंतिम DA समायोजित होगा, क्योंकि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने वाली हैं। केंद्रीय कर्मचारियों को अब आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार है। बता दें केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की है। यूनियन पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप कर आठवें वेतन आयोग के जल्द गठन की मांग की है।

हीरे की नगरी पन्ना में फिर चमकी किस्मत, मजदूर को मिला 4 कैरेट का कीमती हीरा

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पन्ना  पन्ना जिले में एक बार फिर यह कहावत सच साबित हुई कि यहां की धरती किसी को भी रंक से राजा बना सकती है। पन्ना शहर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेरा माता के दर्शन कर लौट रहे एक मजदूर को सड़क किनारे जैम्स क्वालिटी का 4.04 कैरेट का हीरा पड़ा हुआ मिला। इस हीरे की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। ​रहूंनिया गुर्जर निवासी गोविंद सिंह आदिवासी (59 वर्ष) रोज की तरह सुबह खेरा माता के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय उन्हें सड़क किनारे एक चमचमाता पत्थर दिखा, जिसे जिज्ञासावश उठाकर वह घर ले आए। परिवार को दिखाने पर उन्हें यह हीरे जैसा लगा, जिसके बाद वे इसे लेकर हीरा कार्यालय पहुंचे। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने जब पत्थर की जांच की, तो वह 4.04 कैरेट का जेम्स क्वालिटी का हीरा निकला। ​गोविंद सिंह और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। नीलामी के पैसों से घर बनवाएंगे गोविंद गोविंद सिंह ने बताया कि वे सब्जी की खेती करते हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से वे माता रानी से प्रार्थना कर रहे थे कि वे ट्रैक्टर खरीद सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नीलामी से मिलने वाले पैसों से वे पहले अपना अधूरा मकान बनवाएंगे और अगर अच्छी रकम मिली तो ट्रैक्टर भी खरीदेंगे। हीरो पार्क की अनुपम सिंह ने बताया कि यह जैम्स क्वालिटी का हीरा है जिसकी मार्केट में अच्छी डिमांड होती है इस हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा।