Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

शरद पूर्णिमा स्पेशल: रातभर चांदनी में रखी खीर क्यों होती है अमृत समान? जानिए इसके 5 लाभ

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा 2025 का त्योहार मनाया जाता है। इस साल शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को पड़ रही है। शरद पूर्णिमा के दिन खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से खीर में अमृत के सामान गुण शामिल हो जाते हैं। इस गुण का सेवन करने से व्यक्ति को सेहत से जुड़े कई लाभ मिलते हैं। आइए जानते है शरद पूर्णिमा की खीर से जुड़े धार्मिक और सेहत से जुड़े कई कारण। शरद पूर्णिमा की खीर से जुड़ा धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन भगवान श्री कृष्ण ने द्वापर युग में चांदनी रात में महारास किया था। जिससे प्रसन्‍न होकर चंद्रमा ने अमृत वर्षा की थी। मान्‍यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करते हैं। यही वजह है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में खीर रखने से उसमें अमृत घुल जाता है। इसके अलावा शरद पूर्णिमा यानी कि मां लक्ष्‍मी के जन्‍मोत्‍सव पर उन्हें उनकी प्रिय खीर का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में खाने से मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होकर आशीर्वाद प्रदान करती हैं। शरद पूर्णिमा की खीर खाने से सेहत को मिलते हैं ये फायदे मजबूत पाचन तंत्र खीर में मौजूद दूध और चावल हल्के और सुपाच्य होते हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखते हैं। दरअसल, दूध में मौजूद लैक्टोज और प्रोटीन, पेट को शांत रखते हैं और चावल में मौजूद स्टार्च आसानी से पचकर कब्ज या अपच जैसी समस्याओं को दूर रखता है। प्रतिरक्षा प्रणाली रखें अच्छी खीर में डाले जाने वाले मेवे जैसे बादाम, काजू, पिस्ता और केसर इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं। बता दें, मेवों में मौजूद विटामिन ई, जिंक और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखते हैं। जबकि केसर में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण रोगों से लड़ने में मदद करते हैं। एनर्जी खीर एक हाई एनर्जी फूड है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है। खीर बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले चावल में कार्बोहाइड्रेट और दूध में प्रोटीन और फैट होता है, जो शरीर को ताकत और ऊर्जा देता है। चीनी तुरंत ग्लूकोज प्रदान करती है, जिससे थकान कम होती है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद खीर में मौजूद दूध और मेवे त्वचा को ग्लोइंग और बालों को मजबूत बनाते हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन त्वचा को पोषण देते हैं, जबकि मेवों में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ई त्वचा को नमी और बालों को मजबूती प्रदान करते हैं। मानसिक स्वास्थ्य में सुधार खीर का सेवन तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। दूध में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो सेरोटोनिन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे मूड बेहतर होता है। केसर भी मूड को बेहतर करने और अवसाद को कम करने में मदद करता है।  

‘टोकन मनी’ का ट्रेंड या ठगी का नया तरीका? पेपर लीक कांड के बाद सरकार हुई अलर्ट

देहरादून उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में पेपर लीक कांड के बाद अब प्रदेश में 'टोकन मनी' की अफवाह है। शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया में इस तरह की अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। कहा कि ऐसा कर विभाग की छवि को धूमिल किया जा रहा है। मामला प्रधानाचार्य भर्ती और शिक्षक तबादलों में ‘टोकन मनी’ की अफवाह से जुड़ा है। विभाग ने प्रधानाचार्य सीधी भर्ती, शिक्षक भर्ती और स्थानांतरण को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ.मुकुल कुमार सती ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 'टोकन मनी' की खबरों को दुष्प्रचार करार दिया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व केवल विभाग की छवि धूमिल करने के लिए ऐसी भ्रामक सूचनाएं फैला रहे हैं। मालूम हो कि सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से प्रधानाचार्य भर्ती में 'टोकन मनी' या 'पैसे के लेन-देन' को लेकर लगातार पोस्टें की जा रही हैं। डॉ.सती ने कहा कि प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के तहत 692 पद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से भरे जाने हैं। आयोग ने अभी सिर्फ परीक्षा की तिथि तय की है। आयोग पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली के लिए जाना जाता है। परीक्षा आयोजित होने से पहले ही लेन-देन की अफवाहें फैला कर प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों का स्थानांतरण को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा सत्र में कोई स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किए गए हैं।

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने लगाया आरोप, कहा– इज़राइल में बाल पकड़कर घसीटा गया

 फ्लोटिला गाजा में फिलिस्तीनियों के लिए राहत सामग्री ले जा रहे फ्लोटिला जहाज से हिरासत में ली गईं ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को लेकर बड़ा दावा किया गया है। मलेशिया की ऐक्टिविस्ट हाजवानी हेलमी और वाइंडफील्ड बेवर ने दावा किया है कि उन्होंने खुद देखा है कि ग्रेटा थनबर्ग के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने कहा, ग्रेटा को धक्का दिया गया और जबरन इजरायली झंडे में लपेटा गया। बता दें कि शनिवार को इजरायली नौसेना ने फ्लोटिला से लगभग 137 ऐक्टिविस्ट को गिरफ्तार कर लिया था। अब उन्हें डिपोर्ट करने की तैयारी है। एक अन्य ऐक्टिविस्ट एरसिन सीलिक ने कहा कि ग्रेटा के बाल पकड़कर घसीटा गया और गाली-गलौज की गई। उन्होंने कहा, हारी आंखों के सामने ग्रेटा को बाल पकड़कर घसीटा गया। उनसे जबरन इजरायली फ्लैग को किस करवाया गया। वहीं इरायली विदेश मंत्रालय का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ बदसलूकी की खबरें झूठी हैं। कम से कम 36 ऐक्टिविस्ट को अब तक डिपोर्ट कर दिया गया है। ये ऐक्टिविस्ट पहले इन्स्तांबुल एयरपोर्ट पहुंचे हैं। इसमें अमेरिका, यूएई, अल्जीरिया, मोरक्को, इटली, कुवैत, लीबिया, मलेशइया, मॉरिटानिया, स्विट्जरलैंड, ट्यूनीशिया और जॉर्डन के नागरिक शामिल हैं। हाजवानी हेलमी और वाइंडफील्ड बेवर ने बताया, ग्रेटा थनबर्ग से आतंकियों की तरह ऐक्ट करने को कहा गया। यह बड़ा ही भयावह था। उनके साथ जानवरों की तरह का बर्ताव किया गया। इजरायली सेना ने ऐक्टिविस्ट को साफ पानी और साफ खाना तक नहीं दिया। ‘द ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ नामक इस काफिले में लगभग 50 छोटे जहाज शामिल थे, जिन पर करीब 500 लोग सवार थे। यह काफिला गाजा के घेराबंदी वाले क्षेत्र में फंसे फलस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता ले जा रहा था, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं। इजराइल ने यह हमला ऐसे वक्त किया है जब हमास ने लगभग दो साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव की कुछ शर्तें मानी हैं। ट्रंप ने जो योजना पेश की है उसके तहत हमास को सभी 48 बंधकों को वापस करना होगा और सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की रिहाई और लड़ाई समाप्त करने के बदले में सत्ता छोड़नी होगी और निरस्त्रीकरण करना होगा। ट्रंप के इस प्रस्ताव को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वीकार कर लिया है लेकिन इस प्रस्ताव में फलस्तीन को देश के तौर पर मान्यता देने के बारे में कोई बात नहीं कही गई है।  

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: बिहार चुनाव के बाद बीजेपी में बड़े बदलाव की संभावना

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में आजकल बहुत चर्चा हो रही है। पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पहले ही बढ़ाया जा चुका है। अब पार्टी के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि नया अध्यक्ष कब चुना जाएगा और इस महत्वपूर्ण पद पर कौन बैठेगा। उधर बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही होने की संभावना है। हालांकि पहले बीजेपी की तरफ से ऐसे संकेत थे कि बिहार चुनाव से पहले ही नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन अब यह संभव नहीं लग रहा है। दरअसल अब चुनाव आयोग की टीम बिहार में है और आने वाले हफ्ते में चुनाव की घोषणा की उम्मीद है। ऐसे में अब इस पर कोई फैसला मुश्किल लगता है। भारत निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए सीईसी ज्ञानेश कुमार और ईसी डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में ईसीआई प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पटना पहुंच गया है। वहीं, इससे पहले चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के आगामी आम चुनाव और कुछ राज्यों के उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात किए जाने वाले सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के लिए एक ब्रीफिंग का आयोजन किया। बैठक में 287 आईएएस अधिकारी, 58 आईपीएस अधिकारी और आईआरएस, आईआरएएस, आईसीएएस तथा अन्य सेवाओं के 80 अधिकारियों सहित 425 अधिकारियों ने भाग लिया। यह ब्रीफिंग बैठक आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। जेपी नड्डा जनवरी 2020 से हैं अध्यक्ष बीजेपी में इस समय अध्यक्ष पद को लेकर काफी गहमागहमी है। पार्टी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं। उनका कार्यकाल पहले ही बढ़ाया जा चुका है। जेपी नड्डा जनवरी 2020 से इस पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कार्यकाल 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बढ़ाया गया था। इस विस्तार ने पार्टी के भीतर कई सवाल खड़े किए थे। अब एक बार फिर से यह सवाल उठ रहा है कि पार्टी अपना नया अध्यक्ष कब चुनेगी। और इस बड़े और महत्वपूर्ण पद पर आखिर किसे मौका मिलेगा। यह फैसला बीजेपी के भविष्य की दिशा तय करेगा। राजनीतिक गलियारों में कई बड़े नेताओं के नाम चल रहे हैं। हर कोई जानना चाहता है कि अगला अध्यक्ष कौन होगा। यह पद बीजेपी में बहुत ताकतवर माना जाता है। इसलिए इस पर सबकी नजर है।

सावधान रहें! उत्तर भारत में फिर बदलेंगे मौसम के मिज़ाज, बारिश-आंधी का अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश के विभिन्न हिस्सों में आज और कल जोरदार बारिश होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, ओडिशा के आंतरिक हिस्सों में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। यह झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास मौजूद है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के बिहार में 5 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहने की आशंका है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, चक्रवात शक्ति के प्रभाव से कोंकण, गोवा, सौराष्ट्र, कच्छ और गुजरात में 8 और 9 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखा रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी के प्रवाह के कारण 5 से 7 अक्टूबर तक भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। नई दिल्ली में रविवार के लिए आंधी-तूफान राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में रविवार के लिए आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुछ जगहों पर भारी बरसात भी हो सकती है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया गया है। हवाओं की तेज रफ्तार के चलते कुछ जगहों पर नुकसान भी पहंचने की आशंका है। आईएमडी के अनुसार, शनिवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 0.7 डिग्री कम था और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो औसत से 2.3 डिग्री अधिक था। शाम साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 64 प्रतिशत था। आईएमडी ने रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई है। दिल्ली में शाम छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 114 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट आईएमडी ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव होने की चेतावनी दी है। 9 अक्टूबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है। कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। राज्य में 5 और 6 अक्टूबर को कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी दी गई है। सबसे तीव्र मौसम गतिविधियां 6 अक्टूबर को होने के आसार हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में 7 अक्टूबर को और बदलाव आएगा, जब ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। उस दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

ज़हरीले कफ सिरप का मामला: मध्य प्रदेश में डॉक्टर गिरफ़्तार, दवा कंपनी पर एफआईआर

भोपाल मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कथित तौर पर कफ सिरप पीने की वजह से एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार अब ऐक्शन मोड में है। 'कोल्डरिफ' कफ सिरप को बैन किए जाने के बाद छिंदवाड़ा जिले में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि मारे गए अधिकतर बच्चों को इसी डॉक्टर ने वह कफ सिरप लिखी थी। परासिया में सरकारी डॉक्टर प्रवीण सोनी पर आरोप है कि वह प्राइवेट प्रैक्टिस भी कर रहे थे और उन्होंने निजी क्लिनिक में यह दवा लिखी थी। राज्य सरकार ने दवा कंपनी के खिलाफ भी मकुदमा दर्ज कराया है। बाल रोग विशेषज्ञ प्रवीण सोनी परासिया में सरकारी डॉक्टर हैं। आरोप है कि वह यहां एक निजी क्लिनिक भी चला रहे थे। बताया जा रहा है कि जिन बच्चों की मौत हुई है उनमें से अधिकतर को सर्दी-खांसी जैसी शिकायतों के बाद डॉ. प्रवीण सोनी के क्लिनिक में लाया गया था और उन्होंने अन्य दवाओं के साथ 'कोल्डरिफ' लेने की सलाह दी थी। दवा में एक खतरनाक रसायन की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने इसे पूरे राज्य में बैन कर दिया है। परासिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर सोनी और कोल्डरिफ कफ सिरप को बनाने वाली कंपनी 'श्रीसन फार्मास्युटिकल्स' के खिलाफ केस दर्ज कराया है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स ऐक्ट की धारा 27(ए) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि दवा के नमूनों में 48.6 प्रतिशत 'डाईथिलीन ग्लाइकॉल' पाया गया, जो एक जहरीला रसायन है। मध्यप्रदेश सरकार ने छिंदवाड़ा में जिन 14 बच्चों की मौत हुई है उन्हें शुरुआत में सर्दी-खांसी और बुखार जैसे साधारण लक्षण थे। आरोप है कि कफ सिरप लेने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई और उनकी मौत हो गई। 6 बच्चों का अब भी इलाज चल रहा है। मृतकों में सबसे अधिक 11 परासिया उपमंडल के हैं। दो छिंदवाड़ा शहर के और एक चौरई तहसील के थे। बैन के साथ CM का आदेश- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक दिन पहले ही कोल्डरिफ को बैन करने का आदेश देते हुए सख्त ऐक्शन की बात कही। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है। सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।'  

भारत के ODI कप्तानों की पूरी कहानी: शुरुआत से शुभमन गिल तक

नई दिल्ली शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कमान सौंप दी गई है। शनिवार, 4 अक्टूबर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए स्क्वॉड का ऐलान करते हुए नए कप्तान का भी ऐलान किया। रोहित शर्मा के बाद गिल भारत के 28वें वनडे कप्तान बनें। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला वनडे कप्तान कौन था? टीम इंडिया ने पहला वनडे मैच कब खेला था? अगर आपके जहन में भी कुछ ऐसे ही सवाल है तो आईए आपको इनका जवाब देते हैं। भारत ने पहला वनडे 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, उस मैच में टीम इंडिया की अगुवाई अजीत वाडेकर ने की थी, वो ही भारतीय वनडे टीम के पहले कप्तान थे। हालांकि भारत को उस मैच में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि वाडेकर का कैप्टेंसी करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और दो मैच के बाद ही भारतीय वनडे टीम का कप्तान बदल गया। उनके बाद यह जिम्मेदारी श्रीनिवास वेंकटराघवन को मिली और वह भारत के दूसरे वनडे कप्तान थे। वेंकटराघवन ने 7 मैच में टीम इंडिया को लीड किया, इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी बिशन सिंह बेदी को सौंपी गई जिन्होंने 4 वनडे मैचों में भारत की अगुवाई की। वनडे कैप्टेंसी में हो रहे लगातार बदलाव के बाद भारत को सुनील गावस्कर मिले, जिन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम की अगुवाई की। गावस्कर ने 37 मैचों में टीम इंडिया को लीड किया। गावस्कर के बाद एक मैच के लिए गुंडप्पा विश्वनाथ को कप्तान बनाया गया, इसके बाद 1983 से पहले यह जिम्मेदारी कपिल देव को सौंप दी गई। कपिल देव ने 74 मैचों में भारतीय टीम की अगुवाई की और इस दौरान उन्होंने 1983 का वर्ल्ड कप भी जिताया। गावस्कर के बाद भारतीय वनडे टीम के 5 कप्तान बदले, मगर किसी में लीडरशिप क्वालिटी नजर नहीं आई। इसके बाद 1990 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की एंट्री हुई। अजहरुद्दीन 100 से ज्यादा वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने कुल 175 मैचों में टीम को लीड किया। सचिन तेंदुलकर भी भारतीय वनडे टीम की कमान संभाल चुके हैं, अजहरुद्दीन के बाद 72 मैचों में वह टीम इंडिया के कप्तान रहे। 1999 में आकर सौरव गांगुली ने आकर भारतीय वनडे टीम की तस्वीर बदली और उन्होंने देश के साथ-साथ विदेशी सरजमीं पर भी भारतीय टीम को जीतना सिखाया। गांगुली के बाद द्रविड़, सहवाग, कुंबले जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने कुछ मैचों में कप्तानी की, फिर एमएस धोनी की एंट्री हुई जिन्होंने भारतीय टीम को अलग स्तर पर पहुंचाया। एमएस धोनी 200 वनडे मैचों में कप्तानी करने वाले एकमात्र भारतीय हैं। उनकी अगुवाई में भारत 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीता था। इसके बाद दो खिलाड़ियों ने बतौर वनडे कप्तान नाम कमाया, विराट कोहली और रोहित शर्मा। कोहली ने 95 तो रोहित ने 56 मैचों में टीम को लीड किया। अब कमान शुभमन गिल के हाथों में है, देखना होगा कि वह कितने लंबे समय तक टीम को लीड कर पाएंगे। भारतीय वनडे कप्तानों की लिस्ट– प्लेयर पहला मैच मैच जीत हार अजीत वाडेकर 13/07/1974 2 0 (0.00%) 2 (100.00%) एस वेंकटराघवन 07/06/1975 7 1 (14.29%) 6 (85.71%) बिशन सिंह बेदी 21/02/1976 4 1 (25.00%) 3 (75.00%) सुनील गावस्कर 06/12/1980 37 14 (37.84%) 21 (56.76%) गुंडप्पा विश्वनाथ 15/02/1981 1 0 (0.00%) 1 (100.00%) कपिल देव 12/09/1982 74 39 (52.70%) 33 (44.59%) सैयद किरमानी 17/12/1983 1 0 (0.00%) 1 (100.00%) मोहिंदर अमरनाथ 31/10/1984 1 0 (0.00%) 0 (0.00%) रवि शास्त्री 27/01/1987 11 4 (36.36%) 7 (63.64%) दिलीप वेंगसरकर 08/12/1987 18 8 (44.44%) 10 (55.56%) के श्रीकांत 13/10/1989 13 4 (30.77%) 8 (61.54%) मोहम्मद अज़हरुद्दीन 01/03/1990 175 90 (51.43%) 77 (44.00%) सचिन तेंदुलकर 28/08/1996 72 23 (31.94%) 42 (58.33%) अजय जडेजा 20/05/1998 13 8 (61.54%) 5 (38.46%) सौरव गांगुली 05/09/1999 147 76 (51.70%) 66 (44.90%) राहुल द्रविड़ 14/12/2000 79 42 (53.16%) 33 (41.77%) अनिल कुंबले 25/01/2002 1 1 (100.00%) 0 (0.00%) वीरेंद्र सहवाग 16/04/2003 12 7 (58.33%) 5 (41.67%) एमएस धोनी 29/09/2007 200 110 (55.00%) 74 (37.00%) सुरेश रैना 28/05/2010 12 6 (50.00%) 5 (41.67%) गौतम गंभीर 28/11/2010 6 6 (100.00%) 0 (0.00%) विराट कोहली 02/07/2013 95 65 (68.42%) 27 (28.42%) अजिंक्य रहाणे 10/07/2015 3 3 (100.00%) 0 (0.00%) रोहित शर्मा 10/12/2017 56 42 (75.00%) 12 (21.43%) शिखर धवन 18/07/2021 12 7 (58.33%) 3 (25.00%) केएल राहुल 19/01/2022 12 8 (66.67%) 4 (33.33%) हार्दिक पांड्या 17/03/2023 3 2 (66.67%) 1 (33.33%)  

समझौते के बीच प्रतिबद्धता — नेतन्याहू ने कहा: हमास से हथियार वापस नहीं रहने देंगे

इजरायल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि हमास को या तो आसान तरीके से या कठिन तरीके से निशस्त्र किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब फिलस्तीनी संगठन हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के कुछ हिस्सों को स्वीकार कर लिया है, जिसमें सभी बंधकों की रिहाई भी शामिल है। नेतन्याहू ने कहा कि गाजा से इजरायल की पूर्ण सैन्य वापसी नहीं होगी और यह क्षेत्र अब भी इजरायली नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने कहा, “इजरायली सेना गाजा में जिन इलाकों पर नियंत्रण रखती है, उन्हें बनाए रखेगी। योजना के दूसरे चरण में हमास को या तो कूटनीतिक रूप से या हमारी सैन्य कार्रवाई के जरिए निशस्त्र किया जाएगा। या तो आसान रास्ते से या कठिन रास्ते से, निपटा दिया जाएगा।'' नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में गाजा से सभी इजरायली बंधकों की रिहाई की घोषणा की जा सकेगी। उन्होंने कहा, “हम एक बहुत बड़ी उपलब्धि के कगार पर हैं। यह अभी अंतिम नहीं है, लेकिन हम दिन-रात काम कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि सुक्कोत पर्व के दौरान मैं सभी बंधकों की वापसी की घोषणा कर सकूंगा।” उन्होंने यह भी बताया कि इजरायली सेना (IDF) अभी भी गाजा पट्टी के गहरे हिस्सों में तैनात है और वहां नियंत्रण बनाए हुए है। हमास ने ट्रंप की योजना के हिस्से किए स्वीकार शुक्रवार रात हमास ने ट्रंप की गाजा शांति योजना के कुछ हिस्सों को मंजूरी दी, जिनमें युद्ध समाप्ति, इजरायल की चरणबद्ध वापसी, इजरायली बंधकों और फिलस्तीनी कैदियों की रिहाई, गाजा में राहत और पुनर्निर्माण कार्य और फिलस्तीनियों को क्षेत्र से निष्कासन के विरोध का वचन शामिल है। ट्रंप ने इससे पहले हमास को अंतिम चेतावनी दी थी कि वह रविवार शाम 6 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक प्रस्ताव स्वीकार करे, वरना नरक टूट पड़ेगा। ट्रंप ने हमास को जल्द से जल्द शांति समझौते पर सहमत होने की सलाह दी, साथ ही इजरायल को भी गाजा पर बमबारी रोकने की चेतावनी दी थी। हालांकि, चेतावनी के कुछ ही घंटे बाद इजरायल ने गाजा पर हवाई हमले किए, जिनमें छह लोगों की मौत हो गई। रॉयटर्स के मुताबिक, एक हमले में गाजा सिटी में चार और खान यूनिस में दो लोगों की जान गई। रविवार को ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमत हो गया है और जैसे ही हमास इसकी पुष्टि करेगा, तुरंत युद्धविराम लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने जो रेखा तय की है, उस पर इजरायल सहमत हो गया है। जब हमास पुष्टि करेगा, युद्धविराम तुरंत लागू होगा, बंधक और कैदी वापसी शुरू होगा और यह 3,000 साल पुराने संघर्ष के अंत की दिशा में बड़ा कदम होगा।” मिस्र में सोमवार से वार्ता शुरू इजरायल और हमास की प्रतिनिधि टीमें सोमवार से मिस्र में होने वाली वार्ता में हिस्सा लेंगी जहां युद्धविराम और गाजा के भविष्य पर आगे की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।  

अच्छी आदतों से रह सकते हैं फिट

  सेहत और खान-पान की आदतों का चोली दामन का साथ है। अगर हम सही और पौष्टिक खाते हैं तो फिट रहते हैं। जहां हमने सही और पौष्टिक आहार पर अपनी पकड़ ढीली की, वहीं नतीजा सामने आ जाता है। कई लोग वैसे संतुलित चलते हैं पर अपनी पसन्द के खाद्य पदार्थों को देखते ही अपना संतुलन खो बैठते हैं। माह में एक दो बार तो ठीक है पर अक्सर ऐसा होता रहे तो नतीजा खराब होगा ही। अगर खाने में कोई गलत आदतें डल गयी हैं तो समय रहते बदलें उन आदतों को। अपनी आदतों के प्रति सजग रहना बहुत जरूरी है ताकि आप और आपका परिवार सेहतमंद बना रह सके। ज्यादा देर तक भूखा रहना भी ठीक नहीं:- कई लोग प्रातः का नाश्ता नहीं करते कि सुबह भूख नहीं लगती या किसी पार्टी में जाना है तो दिनभर भूखे रहते हैं और खाना सामने आते ही उस पर टूट पड़ते हैं। भूख अधिक लगे रहने के कारण खाया भी ज्यादा जाता है और उस समय कैलरीज की तरफ ध्यान भी नहीं जाता। इसी प्रकार रात के खाने के बाद अगर आप सीधे लंच करेंगे तो अंतराल अधिक हो जायेगा और भूख लगेगी तो जरूरत से ज्यादा खाना खाया जाता है। ऐसा करना सेहत के साथ नाइंसाफी है। इन आदतों से सेहत तो खराब होती है है, गैस भी बनती है, पेट पर भी अत्याचार होता है। उसे कितनी मेहनत करनी पड़ती है भोजन पचाने में। ऐसी आदत से छुटकारा पाना ही ठीक है ताकि सेहत और पेट दुरूस्त रह सकें। लंच, डिनर में आर्डर अपने हिसाब से करें:- आज के युवा, युवतियां अक्सर लंच, डिनर का प्रोग्राम सप्ताहांत पर बनाते रहते हैं और दोस्तों के अनुसार ही खाते हैं जो आपकी सेहत पर कुप्रभाव डालते हैं। दोस्तों के साथ बाहर खाना तो नहीं छोड़ सकते पर इतना कर सकते हैं अपना आर्डर अपने हिसाब से दें। कुछ बीच का रास्ता निकालें। जैसे सूप प्लेन (बिना क्रीम वाला) मंगवा सकते हैं, उसी प्रकार बटर नान, परांठे के स्थान पर सादी तंदूरी रोटी मंगवा सकते हैं। सलाद मंगवा सकते हैं। सब्जियों में दाल मक्खनी या नानवेज के स्थान पर मिक्स वैजिटेबल और तंदूरी चिकन मंगवा सकते हैं। मिक्स सब्जी में आपको रेशा भी भरपूर मिलेगा भी नहीं होगा। कोल्ड ड्रिंक्स के स्थान पर सादा पानी या नींबू पानी लें। अंत में डेजर्ट भी हल्का सा लें। शुगर फ्री चीजों के आदी न बनें:- बहुत से लोग वैसे तो मीठा अवायड करते हैं पर शुगर फ्री मिठाई, आइसीम से परहेज नहीं करते बल्कि ज्यादा खा लेते हैं। सेहत को नुकसान पहुंचता है अधिक शुगर फ्री चीजों के सेवन से। न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार दिन भर में शुगर फ्री की गोलियां 2-3 से ज्यादा न लें। प्रयास कर दूध से बनी खाद्य सामग्री में इसका प्रयोग न करें और स्वयं भी इनका सेवन कम करें। नमक ज्यादा खाना भी खतरनाक:- बहुत से लोगों को खाने के साथ अचार, पापड़, सलाद पर नमक डालकर खाने की आदत होती है। उन्हें खाना इनके बिना स्वाद ही नहीं लगता। कभी-कभी अचार, पापड़ खाना ठीक है पर सलाद पर नमक का सेवन भी कम करें। सब्जी में नमक कम डालें, बिना स्वाद चखे सब्जी में नमक और न डालें। चिप्स व अन्य सनैक्स में नमक का प्रयोग प्रिजर्व करने के चक्कर में अधिक होता है। इनमें मौजूद सोडियम हमारे हृदय को बीमार बनाता है। दिन भर में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। हृदय के अतिरिक्त सोडियम किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है। स्नैक्स को दोस्त न बनाएं:- अक्सर भूख लगने पर, फ्रिज में रखे रहने पर, घर में रखे रहने पर हम रेडिमेड सनैक्स को भूख मिटाने का सहारा बनाते हैं। ये आदतें बिल्कुल गलत है। आपात स्थिति में कहीं आप बाहर हैं, सफर कर रहे हैं तो ठीक है। घर पर रहने पर इनसे दूरी बनाएं। टीवी देखते समय, पिक्चर देखते समय चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, बटर वाले पॉपकार्न न खाएं। न ही कोल्ड ड्रिंक लें। अगर लस्सी, नींबू पानी (नमकीन) आप्शन है तो वही लें।  

बार काउंसिल चुनाव का महंगा सफर: MP में अब 1.25 लाख फीस जमा करना होगी, रिफंड नहीं

जबलपुर मध्य प्रदेश के सवा लाख से अधिक वकीलों का पंजीयन करने वाली सर्वोच्च संस्था एमपी स्टेट बार काउंसिल का चुनाव लड़ना अब आसान नहीं रहा। देश के वकीलों की सर्वोच्च संस्था बार काउंसिल आफ इंडिया ने एक आदेश के जरिए चुनाव नामांकन शुल्क में सीधे पांच गुना बढ़ोत्तरी कर दी है, जो कि वापस नहीं होगा। इससे प्रत्याशियों में खासा रोष है। इसको लेकर विरोध के स्वर भी उठ रहे है। पहले एसबीसी का चुनाव लड़ने के लिये नामांकन फीस महज 25 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर एक लाख पच्चीस हजार रुपये कर दिया गया है। राशि की वापसी न होने का भी विरोध हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर को एक आदेश जारी करके स्टेट बार काउंसिल के चुनावों के लिए सात सदस्यीय चुनाव समितियां गठित करके 31 जनवरी, 2026 तक सभी चुनाव कराने के निर्देश बीसीआई को दिए थे। इसी आदेश के बाद बीसीआई द्वारा स्टेट बार काउंसिल को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि लॉ ग्रेजुएट्स के नामांकन के लिए पहले फीस 16 हजार रुपये थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने घटाकर 600 रुपये कर दिया। स्टेट बार काउंसिल की आय घटने के कारण अब स्टेट बार काउंसिल के पास चुनावी खर्च के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं बच रही। इसके लिए जरूरी है कि नामांकन की फीस 25 हजार से बढ़ाकर एक लाख 25 हजार रुपये की जाए। मप्र स्टेट बार काउंसिल की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल अगले माह पूरा होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में जनवरी 2026 तक नई कार्यकारिणी के चुनाव कराए जाने हैं। वेकेशन में प्रत्याशियों ने शुरू किया जनसंपर्क आगामी कार्यकारिणी को लेकर चुनाव की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने जहां नामांकन शुल्क बढ़ाये जाने पर रोष व्यक्त किया है तो वहीं अपनी जोर आजमाइश भी शुरू कर दी है। दशहरा पर्व पर पड़ी छुट्टियों पर अपना भाग्य आजमा रहे प्रत्याशियों ने वकीलों के घरों में पहुंचकर जन संपर्क करना शुरू कर दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी मतदाताओं से अपने पक्ष में मत का प्रयोग करने की अपील की जा रहीं है। शुल्क बढ़ाया जाना अनुचित : सैनी एसबीसी के वाइस चेयरमेन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि चुनाव में नामांकन शुल्क सीधे पांच गुना बढ़ाया जाना अनुचित है। इसकों लेकर एसबीसी ने बीसीआई को पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज करायी है। जल्द ही बीसीआई की सामान्य सभा की बैठक होने वाली है, जिसमें संभवत: शुल्क घटाने पर विचार विमर्श होगा।