मध्यप्रदेश ESB भर्ती परीक्षाएं 2025 टलीं — युवाओं की बढ़ी चिंता
मध्यप्रदेश के लाखों युवा, जो 2025 में होने वाली बड़ी भर्तियों की तैयारी में महीनों से जुटे थे, अब निराश नज़र आ रहे हैं। वजह साफ है—मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने साल 2025 की चार प्रमुख भर्ती और पात्रता परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं। जिन परीक्षाओं का इंतजार सबसे ज्यादा था, जैसे उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा, वनरक्षक-क्षेत्ररक्षक और जेल प्रहरी भर्ती, समूह-03 उपयंत्री परीक्षा और आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा—ये सभी अब 2026 में आयोजित होंगी। ये खबर भी पढ़े…एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर भर्ती — जानिए पूरा प्रोसेस और योग्यता उदेश्य मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की भर्ती परीक्षाएँ हमेशा से लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का बड़ा माध्यम रही हैं। लेकिन 2025 का साल उन अभ्यर्थियों के लिए कठिन साबित हुआ है, जो सालभर तैयारी करते रहे और अब परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। ESB के आधिकारिक कैलेंडर में शामिल चार बड़ी भर्ती और पात्रता परीक्षाएँ इस साल आयोजित नहीं हो पाएंगी, जिससे लाखों उम्मीदवारों की चिंता और बढ़ गई है। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी इन परीक्षाओं में— उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (HSTET) वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक और जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा समूह-03 उपयंत्री भर्ती परीक्षा आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती परीक्षा शामिल हैं। मंडल अब इन परीक्षाओं को 2026 के शेड्यूल में शामिल करेगा। यह जानकारी ESB की कार्ययोजना और विभागीय प्राथमिकताओं की समीक्षा से सामने आई है। ये खबर भी पढ़े…उत्तराखंड में UKMSSB ने निकाली नर्सिंग अधिकारी भर्ती: 587 पदों के लिए 2025 में अवसर क्यों टलीं MP ESB 2025 की मुख्य भर्ती परीक्षाएं? ESB ने इन परीक्षाओं को आगे बढ़ाने के दो प्रमुख कारण बताए हैं। पूरी कहानी इस प्रकार है— मंडल ने सबसे पहले उन परीक्षाओं को प्राथमिकता दी जो मूल वार्षिक कैलेंडर में शामिल नहीं थीं, लेकिन विभागों द्वारा तुरंत भर्ती की आवश्यकता बताई गई थी। इनमें शामिल हैं— आबकारी आरक्षक भर्ती पुलिस आरक्षक भर्ती सूबेदार (स्टेनो) ASI SI भर्ती परीक्षा इन नई व महत्वपूर्ण परीक्षाओं की वजह से ESB का पूरा शेड्यूल बदल गया। ऐसे में जो परीक्षाएं पहले से तय थीं, वे पीछे चली गईं। कितने आवेदन आए थे पिछली बार? चारों प्रमुख परीक्षाओं में पहले आए भारी आवेदन बताते हैं कि इन पर युवाओं की कितनी निर्भरता है— परीक्षा आवेदन पद फॉरेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड/जेल प्रहरी परीक्षा 2022 10,13,529 2,285 समूह-03 उपयंत्री भर्ती 2024 32,606 243 ITI प्रशिक्षण अधिकारी 2024 1,21,923 326 उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 1,85,118 योग्यता आधारित मध्यप्रदेश में ESB लगभग 50 ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षाएं आयोजित कराता है।इन केंद्रों की क्षमता सीमित है— रोजाना अधिकतम 25–30 हजार उम्मीदवार ही परीक्षा दे पाते हैं। कई केंद्र अभी भी आधुनिक तकनीकी मानकों पर खरे नहीं उतरते। सुरक्षा और सर्वर क्षमता की समस्याएँ भी सामने आती हैं। इस वजह से जिन भर्ती परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार आवेदन करते हैं, उन्हें सुरक्षित और सुचारू रूप से आयोजित करना चुनौती बन जाता है। कितने आवेदन आए थे पिछली बार? चारों प्रमुख परीक्षाओं में पहले आए भारी आवेदन बताते हैं कि इन पर युवाओं की कितनी निर्भरता है— परीक्षाआवेदन पद फॉरेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड/जेल प्रहरी परीक्षा 2022 10,13,529 2,285समूह-03 उपयंत्री भर्ती 2024 32,606 243ITI प्रशिक्षण अधिकारी 2024 1,21,923 326उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 1,85,118 योग्यता आधारित युवाओं की प्रतिक्रिया: इंतजार अब और लंबा कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। छात्र कहते हैं कि— परीक्षा कैलेंडर पर भरोसा करके तैयारी की जाती है। लेकिन बार-बार तिथियाँ बदली जाने से भविष्य योजना प्रभावित होती है। आर्थिक दबाव भी बढ़ता है क्योंकि तैयारी लंबी चलती जाती है। सरकार और ESB का कहना है कि सभी परीक्षाएं 2026 में बेहतर व्यवस्था, अधिक केंद्रों और सुरक्षित सिस्टम के साथ कराई जाएंगी। 2026 में क्या बेहतर होगा? सूत्रों के अनुसार: कई नए डिजिटल परीक्षा केंद्रों का प्रस्ताव तैयार है। तकनीकी अपग्रेडेशन पर तेजी से काम चल रहा है। ESB नए सर्टिफाइड परीक्षा केंद्र जोड़ने की प्रक्रिया में है। इन सुधारों के बाद बड़ी परीक्षाओं के आयोजन में परेशानी कम होगी। मुख्य कारण यह है कि ESB ने इस साल उन परीक्षाओं को प्राथमिकता दी जो पहले कैलेंडर में नहीं थीं। साथ ही सीमित ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की वजह से बड़े स्तर की परीक्षाएं आयोजित करना मुश्किल था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ये सभी 4 प्रमुख परीक्षाएं अब 2026 के शेड्यूल में शामिल की जाएंगी। नोटिफिकेशन और रूलबुक भी अगले साल जारी होंगे। चारों परीक्षाओं में कुल मिलाकर 13 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे, जिसके कारण इन परीक्षाओं के लिए बड़े स्तर की व्यवस्थाओं की जरूरत पड़ती है।