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लहर खबरों की

Aastha Pandey

Writer News & Blogger

मध्यप्रदेश ESB भर्ती परीक्षाएं 2025 टलीं — युवाओं की बढ़ी चिंता

मध्यप्रदेश के लाखों युवा, जो 2025 में होने वाली बड़ी भर्तियों की तैयारी में महीनों से जुटे थे, अब निराश नज़र आ रहे हैं। वजह साफ है—मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने साल 2025 की चार प्रमुख भर्ती और पात्रता परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं। जिन परीक्षाओं का इंतजार सबसे ज्यादा था, जैसे उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा, वनरक्षक-क्षेत्ररक्षक और जेल प्रहरी भर्ती, समूह-03 उपयंत्री परीक्षा और आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा—ये सभी अब 2026 में आयोजित होंगी। ये खबर भी पढ़े…एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर भर्ती — जानिए पूरा प्रोसेस और योग्यता उदेश्य मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की भर्ती परीक्षाएँ हमेशा से लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का बड़ा माध्यम रही हैं। लेकिन 2025 का साल उन अभ्यर्थियों के लिए कठिन साबित हुआ है, जो सालभर तैयारी करते रहे और अब परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। ESB के आधिकारिक कैलेंडर में शामिल चार बड़ी भर्ती और पात्रता परीक्षाएँ इस साल आयोजित नहीं हो पाएंगी, जिससे लाखों उम्मीदवारों की चिंता और बढ़ गई है। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी इन परीक्षाओं में— उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (HSTET) वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक और जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा समूह-03 उपयंत्री भर्ती परीक्षा आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती परीक्षा शामिल हैं। मंडल अब इन परीक्षाओं को 2026 के शेड्यूल में शामिल करेगा। यह जानकारी ESB की कार्ययोजना और विभागीय प्राथमिकताओं की समीक्षा से सामने आई है। ये खबर भी पढ़े…उत्तराखंड में UKMSSB ने निकाली नर्सिंग अधिकारी भर्ती: 587 पदों के लिए 2025 में अवसर क्यों टलीं MP ESB 2025 की मुख्य भर्ती परीक्षाएं? ESB ने इन परीक्षाओं को आगे बढ़ाने के दो प्रमुख कारण बताए हैं। पूरी कहानी इस प्रकार है— मंडल ने सबसे पहले उन परीक्षाओं को प्राथमिकता दी जो मूल वार्षिक कैलेंडर में शामिल नहीं थीं, लेकिन विभागों द्वारा तुरंत भर्ती की आवश्यकता बताई गई थी। इनमें शामिल हैं— आबकारी आरक्षक भर्ती पुलिस आरक्षक भर्ती सूबेदार (स्टेनो) ASI SI भर्ती परीक्षा इन नई व महत्वपूर्ण परीक्षाओं की वजह से ESB का पूरा शेड्यूल बदल गया। ऐसे में जो परीक्षाएं पहले से तय थीं, वे पीछे चली गईं। कितने आवेदन आए थे पिछली बार? चारों प्रमुख परीक्षाओं में पहले आए भारी आवेदन बताते हैं कि इन पर युवाओं की कितनी निर्भरता है— परीक्षा आवेदन पद फॉरेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड/जेल प्रहरी परीक्षा 2022 10,13,529 2,285 समूह-03 उपयंत्री भर्ती 2024 32,606 243 ITI प्रशिक्षण अधिकारी 2024 1,21,923 326 उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 1,85,118 योग्यता आधारित मध्यप्रदेश में ESB लगभग 50 ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षाएं आयोजित कराता है।इन केंद्रों की क्षमता सीमित है— रोजाना अधिकतम 25–30 हजार उम्मीदवार ही परीक्षा दे पाते हैं। कई केंद्र अभी भी आधुनिक तकनीकी मानकों पर खरे नहीं उतरते। सुरक्षा और सर्वर क्षमता की समस्याएँ भी सामने आती हैं। इस वजह से जिन भर्ती परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार आवेदन करते हैं, उन्हें सुरक्षित और सुचारू रूप से आयोजित करना चुनौती बन जाता है। कितने आवेदन आए थे पिछली बार? चारों प्रमुख परीक्षाओं में पहले आए भारी आवेदन बताते हैं कि इन पर युवाओं की कितनी निर्भरता है— परीक्षाआवेदन पद फॉरेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड/जेल प्रहरी परीक्षा 2022 10,13,529 2,285समूह-03 उपयंत्री भर्ती 2024 32,606 243ITI प्रशिक्षण अधिकारी 2024 1,21,923 326उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 1,85,118 योग्यता आधारित युवाओं की प्रतिक्रिया: इंतजार अब और लंबा कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। छात्र कहते हैं कि— परीक्षा कैलेंडर पर भरोसा करके तैयारी की जाती है। लेकिन बार-बार तिथियाँ बदली जाने से भविष्य योजना प्रभावित होती है। आर्थिक दबाव भी बढ़ता है क्योंकि तैयारी लंबी चलती जाती है। सरकार और ESB का कहना है कि सभी परीक्षाएं 2026 में बेहतर व्यवस्था, अधिक केंद्रों और सुरक्षित सिस्टम के साथ कराई जाएंगी। 2026 में क्या बेहतर होगा? सूत्रों के अनुसार: कई नए डिजिटल परीक्षा केंद्रों का प्रस्ताव तैयार है। तकनीकी अपग्रेडेशन पर तेजी से काम चल रहा है। ESB नए सर्टिफाइड परीक्षा केंद्र जोड़ने की प्रक्रिया में है। इन सुधारों के बाद बड़ी परीक्षाओं के आयोजन में परेशानी कम होगी। मुख्य कारण यह है कि ESB ने इस साल उन परीक्षाओं को प्राथमिकता दी जो पहले कैलेंडर में नहीं थीं। साथ ही सीमित ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की वजह से बड़े स्तर की परीक्षाएं आयोजित करना मुश्किल था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ये सभी 4 प्रमुख परीक्षाएं अब 2026 के शेड्यूल में शामिल की जाएंगी। नोटिफिकेशन और रूलबुक भी अगले साल जारी होंगे। चारों परीक्षाओं में कुल मिलाकर 13 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे, जिसके कारण इन परीक्षाओं के लिए बड़े स्तर की व्यवस्थाओं की जरूरत पड़ती है।

धर्मेंद्र का आख़िरी सफर: बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ एक युग छोड़कर चला गया

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बॉलीवुड के अमर सितारे और हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र देओल अब हमारे बीच नहीं रहे। 24 नवंबर 2025 की सुबह, मुंबई स्थित अपने निवास पर 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके जाने की खबर फैलते ही पूरे देश में गहरा दुख छा गया—सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक हर जगह शोक और भावुक संदेशों की बाढ़ आ गई। पीढ़ियों तक लोगों के दिलों पर राज करने वाले धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की आत्मा थे, जिनकी मुस्कान, सादगी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें एक अनमोल कलाकार बनाया। धर्मेंद्र का जीवन और उनकी विरासत मृत्यु की खबर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र देओल का 24 नवंबर 2025 की सुबह मुंबई में निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलने पर देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम संस्कार का आयोजन जुहू, मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में किया गया, जहाँ अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान जैसे बड़े सितारे शामिल हुए। सादा शुरुआत धर्मेंद्र का जन्म पंजाब के एक गाँव में हुआ था। उन्होंने एक बेहद सरल परिवार में पले-बढ़े। शुरुआती समय में उन्होंने नौकरी करते हुए ऑडिशन दिए। उनका पहला बड़ा ब्रेक 1960 की फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से आया। कैरियर की ऊँचाइयाँ धर्मेंद्र ने लगभग 300 फिल्मों में काम किया और छह दशकों का बड़ा करियर बनाया। उनकी फिट बॉडी और दमदार आवाज़ ने उन्हें “ही-मैन” का खिताब दिलाया। उनकी फिल्मों में रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और ड्रामा सभी का शानदार मिश्रण था। शोले (1975) उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है, जहाँ उन्होंने वीरू का किरदार निभाया, जिसे आज भी लोगों की यादों में बसा हुआ है। उनकी और हेमा मालिनी की ऑन-स्क्रीन जोड़ी बेहद लोकप्रिय थी, और दोनों ने 1980 में शादी की। उनके दो बच्चे, ईशा देओल और आहाना देओल, भी बॉलीवुड में जाने जाते हैं। मानवता का चेहरा धर्मेंद्र न सिर्फ़ बड़े अभिनेता थे, बल्कि एक बहुत ही दयालु इंसान भी थे। उनके भीतर विनम्रता और अपनापन था। उनके इस अंदाज ने उन्हें सिर्फ कलाकार नहीं, बल्कि लोगों के दिल का हीरो बना दिया। एक वीडियो में हाल ही में उन्होंने कहा था, “नेकी की किताब से बड़ा कोई ग्रंथ नहीं।” राजनीति और दूसरा अध्याय धर्मेंद्र राजनीति में भी सक्रिय रहे। वे 2004 से 2009 तक सांसद रहे।उनकी स्थिरता और प्रभाव ने उन्हें फिल्मों के अलावा पॉलिटिक्स में भी एक अहम चेहरा बना दिया। शोक और श्रद्धांजलि उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह “भारतीय सिनेमा का एक युग समाप्त होना” है।कई अन्य नेता, जैसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विपक्षी नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी सरलता, प्रतिभा और इंसानियत की तारीफ की। धर्मेंद्र की यादों का सफर शोले जैसी क्लासिक फिल्मों ने उन्हें फिल्मों के इतिहास में एक अमिट स्थान दिलाया। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री हेमा मालिनी के साथ बेहद लोकप्रिय थी, और उनका ये रिश्ता पर्दे के बाहर भी सच्चा रहा। उन्होंने अपने करियर में दिखाया कि असल हीरो केवल शक्ति नहीं, बल्कि सादगी और दिल से भी बनता है। उनके फैन्स और बॉलीवुड साथी उन्हें “ही-मैन” के अलावा “सपोर्टिव, इंसानियत वाला सितारा” भी याद करेंगे। धर्मेंद्र की सबसे मशहूर फिल्म कौन-सी है? शोले उनकी सबसे मशहूर फिल्मों में से एक है, जिसमें उन्होंने वीरू का यादगार किरदार निभाया। धर्मेंद्र कब और कहाँ का जन्मे थे? उनका जन्म पंजाब के एक गाँव में हुआ था और उन्होंने बेहद साधारण परिवार में पनाह पाई। धर्मेंद्र का निधन क्यों हुआ? रिपोर्ट्स के अनुसार वे कुछ समय से बीमार थे और मुंबई में घर पर ही उनका निधन हुआ। उन्होंने राजनीति में भी भूमिका निभाई थी? हां, वे 2004–2009 के बीच सांसद भी रहे। उनके आखिरी फिल्म कौन सी होगी?उनकी आखिरी फिल्म Ikkis है, जिसे उनकी मृत्यु के बाद रिलीज़ किया जाना प्रस्तावित है।

IRCTC Tour Package: सिर्फ इतने रुपए में करें हिमाचल की वादियों का दीदार

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सर्दियों की शुरुआत होते ही हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियाँ पर्यटकों को अपनी ओर खींचने लगती हैं। शिमला की ढलानों पर गिरती ओस, नारकंडा की बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ और हाटू मंदिर के पास फैली शांत प्राकृतिक सुंदरता—इन सबको करीब से देखने का मन हो तो अब जेब ढीली करने की ज़रूरत नहीं। भारतीय रेलवे पर्यटन निगम यानी IRCTC पर्यटकों के लिए एक ऐसा किफायती पैकेज लेकर आया है, जिससे विंटर ट्रिप का सपना बेहद कम बजट में पूरा किया जा सकता है। हिमाचल की ठंडी वादियों का सस्ता सफर IRCTC (भारतीय रेलवे पर्यटन निगम) ने उन लोगों के लिए एक शानदार और किफायती हिमाचल टूर पैकेज पेश किया है, जो ठंड के मौसम में पहाड़ों का नज़ारा लेना चाहते हैं। यह पैकेज “Queen of Shimla with Hatu Temple, Narkanda” (कोड NCH37) नाम से चल रहा है। इसमें 2 रात और 3 दिन की यात्रा शामिल है, जिसमे आप शिमला की खूबसूरती और आसपास के दर्शनीय मंदिर-स्थलों का आनंद ले सकते हैं। पैकेज का रूट और गतिविधियाँ यह टूर शिमला रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से शुरू होकर वहीँ समाप्त होता है। पैकेज में लोकल यात्राओं के लिए नॉन-एसी वाहन की सुविधा दी गई है। पहले दिन, यात्रियों को जाखू मंदिर और हनुमान मंदिर की यात्रा कराई जाती है और फिर होटल में आराम करने का समय मिलता है। दूसरे दिन, नाश्ते के बाद हाटू मंदिर (नारकंडा) के लिए ट्रिप होती है। वापसी में आप खूबसूरत कुफरी घूमने जाएंगे और शाम में मॉल रोड का मज़ा ले सकते हैं। तीसरे दिन, बौद्ध मठ पंथाघाटी का दर्शन किया जाता है और उसके बाद आपको शिमला स्टेशन छोड़ दिया जाएगा। पैकेज कीमत और श्रेणियाँ IRCTC ने दो श्रेणाएं बनाई हैं: Etios / Indigo / Desire जैसी कारों (4 यात्री तक): ₹ 12,890 प्रति व्यक्ति (डबल ऑक्यूपेंसी) Innova / Tavera / Xylo जैसी गाड़ियाँ (5-6 यात्री): ₹ 11,970 प्रति व्यक्ति (डबल ऑक्यूपेंसी) ध्यान दें, यह दरें क्रिसमस जैसे ब्लैक-आउट डेट्स (22 दिसंबर से 2 जनवरी) पर लागू नहीं होंगी। स्टे और सुविधाएं पर्यटकों को Regenta Place Mashobra या CK International (या समकक्ष) होटलों में ठहराया जाएगा। इस पैकेज में 2 नाश्ता + 2 डिनर, होटल में रहने की व्यवस्था, और ट्रैवल इंश्योरेंस शामिल है। लेकिन कुछ खर्चे इसमें शामिल नहीं हैं, जैसे कैमरा फीस, लंच, लाइट-एंड-साउंड शो टिकट, और निजी खर्च (जैसे टेलीफोन, लॉन्ड्री, टिप्स)। कैंसिलेशन पॉलिसीIRCTC ने तय किया है:15 दिन पहले रद्द करने पर: ₹250 प्रति व्यक्ति कटेगा8–14 दिन पहले: 25% चार्ज कटेगा4–7 दिन पहले: 50% चार्ज4 दिन से कम बचे हों तो 100% चार्ज कटेगा ये खबर भी पढ़े…भारत के अनदेखे वेडिंग डेस्टिनेशन जहाँ आपका ड्रीम वेडिंग सच हो सकता है क्यों यह पैकेज खास है? यह पैकेज बहुत बजट-फ्रेंडली है, खासकर उन लोगों के लिए जो हिमाचल की ठंडी वादियों का अनुभव लेना चाहते हैं बिना बहुत अधिक खर्च किए।IRCTC जैसी प्रतिष्ठित संस्था की बुकिंग से सुरक्षा और विश्वसनीयता भी मिलती है।शिमला, हाटू मंदिर, कुफरी और मॉल रोड की सैर के साथ यह पैकेज ‘पहाड़ी सांस्कृतिक टच’ और नज़ारे देता है।यह ट्रिप सिर्फ सैर नहीं, बल्कि माइक्रो-एडवेंचर जैसा अनुभव देती है। FAQs Q1. यह IRCTC हिमाचल टूर पैकेज कौन-कौन सी जगहें कवर करता है?यह पैकेज शिमला रेलवे स्टेशन/बस स्टैंड से शुरू होता है। इसमें जाखू मंदिर, हनुमान मंदिर, हाटू मंदिर (नारकंडा) की यात्रा शामिल है। वापसी में आप कुफरी घूम सकते हैं और तीसरे दिन पंथाघाटी बौद्ध मठ का दर्शन होगा। Q2. पैकेज की कीमत क्या है और कौन-कौन सी सुविधा शामिल है?पैकेज की कीमत दो श्रेणाओं में है: Etios-type कार में ₹12,890 प्रति व्यक्ति और Innova-type में ₹11,970 प्रति व्यक्ति। पैकेज में 2 नाश्ता, 2 डिनर, होटल स्टे और ट्रैवल इंश्योरेंस शामिल है। Q3. अगर मैं पैकेज कैंसिल करना चाहूँ तो पॉलिसी कैसी है?अगर आप 15 दिन पहले रद्द करते हैं, तो ₹250 का चार्ज कटेगा। 8–14 दिन पहले रद्द करने पर 25%, 4–7 दिन पहले 50%, और 4 दिन से कम बचे होने पर पूरा 100% चार्ज किया जाएगा।

भारत के अनदेखे वेडिंग डेस्टिनेशन जहाँ आपका ड्रीम वेडिंग सच हो सकता है

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आप अपनी शादी को सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि एक खास एहसास बनाना चाहते हैं, तो अब समय है भारत के उन अनदेखे वेडिंग डेस्टिनेशन पर नज़र डालने का, जिनकी खूबसूरती दिल चुरा लेती है। अक्सर हम गोवा, जयपुर या उदयपुर जैसे लोकप्रिय वेन्यू ही सुनते आए हैं, लेकिन बदलते समय के साथ कपल्स अब ऐसी जगहों को तलाश रहे हैं जहाँ भीड़ कम हो, नेचर ज़्यादा हो और हर पल एक खूबसूरत याद बन जाए। देश के अलग-अलग कोनों में छिपे ये डेस्टिनेशन न सिर्फ शांति और सुकून देते हैं, बल्कि हर शादी को एक पर्सनल, रॉयल और ड्रीमी टच भी देते हैं। पहाड़ों की गोद में बसा कोई छोटा-सा हिलटॉप टाउन हो या फिर झीलों और जंगलों के बीच सजता कोई रिज़ॉर्ट—ये जगहें हर कपल को उसकी परफेक्ट फेयरी-टेल वेडिंग का एहसास दिलाती हैं। अगर आप भी अपनी शादी को अलग, यादगार और बिल्कुल फिल्मी अंदाज़ में प्लान करना चाहते हैं, तो ये अनदेखे वेडिंग डेस्टिनेशन आपके लिए ही बने हैं। भारत के अनदेखे वेडिंग डेस्टिनेशन क्यों हो रहे हैं फेमस? आज के कपल्स सिर्फ ग्लैमरस शादी नहीं चाहते, बल्कि एक ऐसी जगह चुनना चाहते हैं जहाँ उनकी कहानी और इमोशंस साफ दिखाई दें।उन्हें एक ऐसा ड्रीम वेडिंग डेस्टिनेशन चाहिए जहाँ शांति, सुंदरता और प्रामाणिकता तीनों एक साथ महसूस हों।ऐसी ही वजह से अब लोग गोवा और उदयपुर जैसी जगहों के बजाय कुछ नए और अनदेखे वेडिंग प्लेसेज़ की ओर जा रहे हैं। भारत के कई राज्यों की पर्यटन वेबसाइटों—जैसे Incredible India, Karnataka Tourism, Kerala Tourism और Uttarakhand Tourism—ने भी माना है कि कपल्स में “nature-based, cultural and intimate weddings” की मांग लगातार बढ़ रही है। अब आइए जानते हैं भारत के ऐसे 7 अंडररेटेड वेडिंग डेस्टिनेशन, जो किसी भी ड्रीम वेडिंग को खास बना सकते हैं। भारत के 7 अनदेखे और खूबसूरत वेडिंग डेस्टिनेशन कूर्ग को “इंडिया का स्कॉटलैंड” कहा जाता है और यह बात यहाँ आते ही सच लगती है।यहाँ की सुबह कोहरे से ढकी होती हैं और चारों तरफ कॉफी के हरे-भरे बागान नजर आते हैं।कूर्ग के बुटीक रिसॉर्ट्स कपल्स को ‘स्लो लग्ज़री’ का शांत अनुभव देते हैं।यह जगह earthy थीम वाली intimate wedding के लिए बिल्कुल परफेक्ट है।यहाँ की greenery और रिसॉर्ट्स का natural décor किसी भी शादी को बेहद soothing बना देते हैं। महाबलीपुरम UNESCO World Heritage Site है और समुद्र किनारे बसा यह शहर weddings के लिए एक ड्रीमी लोकेशन बन चुका है। यहाँ के प्राचीन पत्थर से बने मंदिर और सी- breeze शादी को एक royal yet simple look देते हैं। Incredible India की रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ बीच वेडिंग्स की डिमांड हर साल बढ़ रही है। कलात्मकता और शांति चाहने वाले कपल्स यहाँ शादी का सुंदर अनुभव पा सकते हैं। कंचनजंगा पर्वत की बर्फीली पृष्ठभूमि पेलिंग को बेहद अनोखा बनाती है। यह जगह उन कपल्स के लिए perfect है, जो spiritual और शांत wedding चाहते हैं। यहाँ सूर्योदय के समय फेरे लेना बेहद खूबसूरत और soulful अनुभव माना जाता है। कई कपल मठों में vows exchange करके अपनी शादी को और भी meaningful बनाते हैं। बेकल धीरे-धीरे केरल का नया वेडिंग हॉटस्पॉट बन रहा है।यहाँ का 300 साल पुराना बेकल फोर्ट और लंबी बैकवॉटर लाइन शादी की फोटोज को cinematic बनाती है।Kerala Tourism के अनुसार, बेकल के लग्जरी रिसॉर्ट्स अब वेडिंग पैकेज में आयुर्वेदिक स्पा, प्राइवेट जेट्टी एंट्री और cultural welcome शामिल कर रहे हैं।यहाँ शादी करना इतिहास और रोमांस दोनों को साथ लाने जैसा होता है। जोधपुर और नागौर के बीच स्थित खीमसर एक एक्सक्लूसिव और शांत वेडिंग डेस्टिनेशन है।यहाँ पर प्राचीन किला, रेगिस्तान की शाम और कैंडल लाइट डिनर शादी को एक royal frame में बदल देती है।राजस्थान के local folk musicians यहाँ के माहौल को soulful और traditional बना देते हैं।कम भीड़भाड़ की वजह से कपल्स को यहाँ intimate wedding का पूरा आनंद मिलता है। 6. गोकर्ण, कर्नाटक – Goa जैसा Beach, पर ज्यादा Peace अगर आपको beach wedding चाहिए, लेकिन गोवा की भीड़ नहीं चाहिए—तो गोकर्ण सबसे बेहतर जगह है।यहाँ के बीच शैक्स को मांडप में बदला जाता है और sunset के समय फेरे लेना बेहद dreamy लगता है।स्थानीय लोक गायक शादी में sustainable और cultural touch जोड़ते हैं। यहाँ की शांति शादी को बेहद personal और soulful बनाती है। ऋषिकेश, उत्तराखंड – Ganga किनारे Mindful Luxury Wedding ऋषिकेश अब adventure town से आगे बढ़कर “mindful luxury weddings” की नई पहचान बन चुका है। यहाँ गंगा किनारे बने ग्लास डेक रिसॉर्ट्स बेहद photogenic और peaceful हैं।कई कपल sunrise pheras लेना पसंद करते हैं, जिससे शादी एक आध्यात्मिक अनुभव बन जाती है।Uttarakhand Tourism के अनुसार, ऋषिकेश में destination weddings की संख्या लगातार बढ़ रही है। क्यों बढ़ रहा है इन जगहों का क्रेज? कपल्स अब भारी-भरकम ग्लैमरस शादी के बजाय meaning और emotion चाहने लगे हैं।वे ऐसी जगह चाहते हैं जहाँ culture, sustainability और personal touch तीनों दिखाई दें।स्थानीय खाने, eco-friendly décor और nature-based वेडिंग्स की मांग इंडिया में तेजी से बढ़ रही है।ऐसी intimate और soulful weddings अब ट्रेंड नहीं, बल्कि नई पसंद बन चुकी हैं। ये खबर भी पढ़े…IRCTC का ख़ास कश्मीर टूर पैकेज: सिर्फ ₹35,550 में न्यू ईयर में स्वर्ग जैसा सफर FAQsQ1. भारत के अनदेखे वेडिंग डेस्टिनेशन क्यों लोकप्रिय हो रहे हैं? कपल्स अब भीड़भाड़ वाली शादी के बजाय शांत, प्राकृतिक और भावनात्मक जगहें चुन रहे हैं।भारत के ये वेडिंग डेस्टिनेशन खूबसूरती के साथ-साथ personal experience भी देते हैं।इनकी uniqueness शादी को memorable बनाती है। Q2. क्या इन वेडिंग डेस्टिनेशनों में बजट में शादी प्लान की जा सकती है? हाँ, कई जगहों पर बजट से लेकर लग्जरी तक हर तरह के विकल्प मौजूद हैं।कूर्ग, पेलिंग और गोकर्ण जैसी जगहों पर खर्च कम आता है।यहाँ nature-based décor और छोटे गेस्ट लिस्ट से budget काफी manageable रहता है। Q3. सबसे शांत और peaceful वेडिंग लोकेशन कौन सी है? पेलिंग (सिक्किम) और ऋषिकेश (उत्तराखंड) सबसे शांत और soulful शादी के लिए perfect हैं।इन दोनों जगहों पर nature और spirituality मिलकर शादी को खास बना देते हैं।

Indore Police: महिला से चेन स्नैचिंग के आरोपी धराए, एरोड्रम पुलिस ने की कार्रवाई

Indore Police

Indore Police Accused of chain snatching from woman arrested Aerodrome Police took action इंदौर। एरोड्रम थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई चेन स्नैचिंग की वारदात करने वाले आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी, जिसके बाद पुलिस ने तेज कार्रवाई की।आरोपियों के पास से चैन बरामद कर पुलिस ने महिला को वापस कर दिया है। बीते बुधवार दोपहर एक राह चलती महिला से बाइक सवार बदमाशों ने सोने की चेन छीन ली और देखते-देखते मौके से फरार हो गए। घटना उस समय हुई, जब महिला बाजार से घर लौट रही थी। झपट्टा मारकर खींच ली पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिला श्याम नगर की रहने वाली है। वह आवश्यक सामान लेने के बाद अपने घर वापस जा रही थी। इसी दौरान दो युवक बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक पर आए और पीछे बैठे बदमाश ने झपट्टा मारकर उसकी सोने की चेन खींच ली। महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले ही बदमाश तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाकर मौके से फरार हो गए। युवकों की फुटेज मिली घटना के बाद महिला ने शोर मचाया, लेकिन भीड़ जुटने तक आरोपी काफी दूर निकल चुके थे। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में पुलिस को दो संदिग्ध युवकों की फुटेज मिली, जिनकी पहचान की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है और शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी की गई। पुलिस इस घटना को हाल ही में हुई अन्य स्नैचिंग वारदातों से जोड़कर भी देखते हुए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

Indian Railway: खजुराहो–उदयपुर एक्सप्रेस आगरा केंट तक, 84 फाटक अस्थायी बंद

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Indian Railway Khajuraho-Udaipur Express to Agra Cantt 84 gates temporarily closed झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल अंतर्गत वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर नई गिट्टीरहित पटरी बिछाने के कार्य के चलते कोटा मंडल से गुजरने वाली खजुराहो–उदयपुर–खजुराहो एक्सप्रेस के संचालन में अस्थायी परिवर्तन लागू किए गए हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा आरंभ करने से पूर्व गाड़ियों की स्थिति, समय एवं ठहराव संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप का उपयोग अवश्य करें। समपार फाटक बंद रहेगा मोतीपुरा चौकी–धरनावदा स्टेशनों के मध्य स्थित मानव सहित समपार फाटक संख्या 84 पर आवश्यक रेल पथ अनुरक्षण कार्य किए जाने के कारण यह फाटक 25 नवम्बर 2025 को प्रातः 11:00 बजे से 27 नवम्बर 2025 शाम 05:00 बजे (17:00 बजे) तक सड़क यातायात के लिए बंद रहेगा। इस अवधि में बड़े वाहन छबड़ा–कुम्भराज–गुना मार्ग से गुजरेंगे, जबकि छोटे वाहनों हेतु LHS 84 (अंडरपास) उपलब्ध रहेगा।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

Railway News: टिकट चैकिंग से 75 करोड़ 82 लाख का राजस्व, पमरे को सात माह में अर्जित

Railway News

Railway News 75 crore 82 lakh revenue earned by WCR from ticket checking in seven months भोपाल। पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक के मार्गदर्शन एवं प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश पर तीनों मण्डलों में यात्री गाड़ियों एवं स्टेशनों पर समय-समय पर चलाए गए टिकट जांच अभियानों में चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक कुल 11 लाख मामले पकड़े और अतिरिक्त किराया एवं जुर्माना सहित कुल 75 करोड़ 82 लाख रूपए का राजस्व अर्जित किया है। जो इसी अवधि में पिछले वर्ष वसूले गये जुर्माने (कुल 67 करोड़ 44 लाख रूपए) की तुलना में 12.42 प्रतिशत अधिक है। सात माह में परफॉरमेंस:- भोपाल मण्डल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जाँच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 3 लाख 63 हजार प्रकरण से रेलवे ने 23 करोड़ 29 लाख रुपये का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है। रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि बिना टिकट यात्रा ना करें। उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा ना हो। वाणिज्य विभाग एवं आरपीएफ के समनव्य से पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराने के उद्द्येश्य से ट्रेनों में टिकट चैकिंग अभियान आगे भी चलाये जाते रहेंगे।