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देश के कई हिस्सों में बदलेगा मौसम का मिजाज, IMD ने दी आकाशीय बिजली से सतर्क रहने की सलाह

रायपुर

प्रदेश में पिछले 24 घंटों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं सरगुजा संभाग में कुछ स्थानों पर रिमझिम बरसात का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को राजधानी रायपुर में 8.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम 22.5 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से क्रमशः 1.6 डिग्री और 1.4 डिग्री कम रहा। अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसका सबसे अधिक असर सरगुजा संभाग के जिलों पर पड़ेगा।

रायपुर शहर के लिए विभाग ने बताया है कि मंगलवार को आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, साथ ही बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान लगभग 31डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है।

प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अगले एक दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रह सकता है। 7 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन की संभावना है। आठ अक्टूबर को बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। नौ अक्टूबर से बादल तो रहेंगे पर बारिश नहीं होगी। मौसम शांत रहेगा, हवा हल्की चलेगी। दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी।

प्रमुख बारिश आंकड़े (मिमी में)
नारायणपुर – 60, फरसगांव – 60, हरदी बाजार – 50, मुंगेली – 40, विनोरा – 40, माना रायपुर – 40, देवभोग – 40, सकोला – 40, कुकरेल – 40, मंपदर हसौद – 30, अंमतरढ़ चौकी – 30, खरोरा – 30, रायपुर शहर – 30, महासमुंद – 30, चारामा – 30, मरवाही – 30 मिमी।

तापमान की स्थिति
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम 21.0 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री और पेण्ड्रारोड में 30.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब के कारण बदली परिस्थितियां
मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान का कहना है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां इस साल कम होने के संकेत मिले थे, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने से परिस्थितियां बदल गई। यही कारण है कि इन दिनों मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है।

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