Art & Culture Museum of Manav Special Exhibition on Traditional Cultural Heritage of Punjab
भोपाल। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय विभिन्न भारतीय समुदायों की लोक–संस्कृति, पारम्परिक तकनीक और जीवन–शैली को प्रदर्शित करने हेतु एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थान के रूप में जाना जाता है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत संग्रहालय में आगामी दिनों में पंजाब की बहुआयामी सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित एक विशेष प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।
विशेषताओं से परिचय
संग्रहालय में इस प्रदर्शनी का उद्घाटन आज 29 नवंबर को शाम 4 बजे भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी सरबजीत सिंह द्वारा किया जायेगाI यह कार्यक्रम संग्रहालय के आवृति प्रांगण में संपन्न होगा, जिसका उद्देश्य दर्शकों को पंजाब के ग्रामीण जीवन, कृषि–आधारित अर्थव्यवस्था, धार्मिक–आध्यात्मिक परंपराओं तथा सामाजिक–सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित कराना है।
मुख्य विशेषताएँ
- पारम्परिक पंजाबी संस्कृति का जीवंत चित्रण
इस प्रदर्शनी में पंजाब में प्रयोग किए जाने वाले पारम्परिक दैनिक जीवन के उपकरण, कृषि–कर्म के औज़ार, घरेलू वस्तुएँ, लोक–संगीत व वाद्य, धार्मिक प्रतीक तथा पारंपरिक परिधान आदि शामिल किए जाएंगे। जिनमे लगभग 100 से अधिक विरासत–वस्तुओं को प्रदर्शित किए जाने की तैयारी है। - पारम्परिक भोजन एवं पाक–संस्कृति का परिचय
कार्यक्रम में पंजाब के पाँच प्रमुख पारंपरिक व्यंजनों को भी प्रस्तुत किया जाएगा—छोले चावल, राजमा चावल, कड़ी चावल, मक्के की रोटी, सरसों का साग, पिन्नी, पंजाबी मट्ठे आदि पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध रहेंगेI ये व्यंजन पंजाब की कृषि–आधारित जीवनशैली और स्थानीय खाद्य–संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। - धार्मिक–आध्यात्मिक परंपराएँ और लोक–आस्थाएँ
संग्रहालय के प्राकृतिक परिदृश्य को पंजाब का रूप दिया गया है जहा झूले और सेल्फी पॉइंट के अलावा पंजाबी संगीत की प्रस्तुतियां जैसे शबद कीर्तन, गिद्धा , भांगड़ा का प्रदर्शन होगाI संग्रहालय के निदेशक प्रो डा अमिताभ पांडे ने बताया कि, भारत के लोग “Peoples of India” नामक संग्रहालय की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित इस कड़ी में पंजाब राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के इस कार्यक्रम में स्थानीय सिख एवं पंजाबी समुदाय सहित सभी दर्शको की सहभागिता एक भारत श्रेष्ट भारत और संग्रहालय के मूल उद्देश्य, सांस्कृतिक चेतना के प्रसार की प्राप्ति में उपयोगी सिद्ध होगाI जिससे दर्शक पंजाब की आध्यात्मिक विरासत की गहराई को समझ सकेंगे।
सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा
संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए बताया कि भारतीय सांस्कृतिक विविधता का व्यापक परिचय कराना,पारम्परिक ज्ञान–प्रणालियों और जीवन–शैली को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना,स्थानीय समुदायों की भागीदारी के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना,एवं पंजाब की कृषि, संस्कृति और सामाजिक संरचना को व्यापक रूप से प्रदर्शित करना।













