जबलपुर
देश के किसानों के लिए खुशखबरी है. दिवाली से पहले उन्हें बड़ा तोहफा मिलने वाला है. दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत दलहन को मिनिमम सपोर्ट प्राइज पर खरीदा जाएगा. यह कहना है केंद्र सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का. उन्होंने बताया, ''भारत दालों के मामले में अभी भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं है और हमें विदेशों से दाल का आयात करना पड़ता है. भले ही हम दाल के दुनिया में सबसे बड़े उत्पादक देश हैं लेकिन हमारी जरूरतें भी ज्यादा हैं.''
11 अक्टूबर को दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का ऐलान
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''वे किसानों की दाल का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदने को तैयार हैं.'' दिल्ली स्थित पूसा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को "दलहन आत्मनिर्भरता मिशन" ऐलान करेंगे. 47 हजार करोड़ रुपये की दाल को विदेशों में इंपोर्ट किया जाएगा. इससे देश के लगभग 2 करोड़ किसानों को फायदा होगा.
शिवराज सिंह चौहान ने बताया दलहन प्लान के बारे में
वहीं प्रधानमंत्री आवास से वंचित लोगों के लिए शिवराज सिंह चौहान ने एक खुशखबरी दी है. उन्होंने कहा, जल्द ही नया सर्वे होगा और जिन लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास से छूट गए हैं उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास दिया जाएगा.'' मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को जबलपुर पहुंचे थे.
समर्थन मूल्य में दलहन खरीदी
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''भारत दलहन के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है. दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक देश भी हम ही हैं और दुनिया के सबसे बड़े आयातक देश भी हम ही हैं. मतलब भारत के लोग सबसे ज्यादा दाल का इस्तेमाल करते हैं.'' शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''किसानों के लिए ऐसी स्कीम बनाई जा रही हैं जिसमें पूरी दलहन की फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद सके. इससे किसान ज्यादा से ज्यादा दालों की फसलों का उत्पादन करेंगे और हमारी विदेश से निर्भरता कम होगी.''
भारत में सबसे ज्यादा अरहर की दाल उत्पादित होती है, लेकिन इसके बावजूद हमें दक्षिण अफ्रीका से दाल का आयात करना पड़ता है. तब जाकर हमारी घरेलू जरूरत पूरी हो पाती है. शिवराज सिंह का कहना है, ''वे पहले लगातार जबलपुर आते थे लेकिन इस बार उनका दौरा लंबे अंतराल बाद हुआ है. वह भी मध्य प्रदेश के लोगों से मिलना जुलना चाहते हैं, लेकिन अब उनकी मजबूरियां हैं.'' शिवराज सिंह चौहान जबलपुर से होते हुए गोटेगांव गए जहां उन्होंने मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात की.
प्रधानमंत्री आवास को लेकर घोषणा
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''पिछले सवा साल में मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 19 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता दी गई है. लेकिन इसके बावजूद लोगों का कहना है कि उनके नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में शामिल नहीं हुए हैं. इसलिए सरकार ने एक बार फिर से सर्वे करवाया है इस सर्वे में छूटे हुए लोगों के नाम जोड़े गए हैं. इन सभी का एक बार वेरीफिकेशन होगा और यदि वेरिफिकेशन में लोग पात्र पाए जाएंगे तो इन्हें नए सिरे से प्रधानमंत्री आवास दिया जाएगा.''













