Cyber crackdown: ₹22 lakh returned to victims
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता बरत रही है। हाल ही में तथा पिछले माह के दौरान राज्य में साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने तीव्र कार्रवाई कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस की इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप पीड़ित नागरिकों की लाखों रुपये की राशि तकनीकी साधनों की सहायता से सुरक्षित वापस कराई गई है।
ठगी के प्रकरणों में कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के हाल ही निर्देशन में राज्य के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने साइबर ठगी के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल ₹22,34,162 की राशि पीड़ितों को वापस कराई। इनमें पन्ना जिले में ₹16,70,000, देवास जिले में ₹3,28,962, शिवपुरी जिले में ₹1,60,000, टीकमगढ़ जिले में ₹44,700 तथा उज्जैन जिले में ₹30,500 की राशि वापस दिलाई गई।
इन प्रकरणों में ठगी की राशि CyberOne App सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ट्रांजैक्ट की गई थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय, ऑनलाइन ट्रेसिंग, सी-डैक प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल की सहायता से यह राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित तकनीकी दक्षता और नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
पुलिस की तकनीकी निपुणता
उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। ग्वालियर जिले में ₹50,00,000, बालाघाट में ₹40,00,000, देवास में ₹1,79,500 तथा खरगोन जिले में ₹5,59,441 की राशि साइबर ठगी के प्रकरणों में वापस कराई गई थी। यह सफलता पुलिस की तकनीकी निपुणता, बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम रही है।
साथ ही साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने वाले फर्जी मोबाइल सिम कार्डों के विरुद्ध “ऑपरेशन फास्ट” के तहत विशेष अभियान भी संचालित किया गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल लगभग 2,204 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए, जिनमें छतरपुर से 1,220, अनूपपुर से 500, उज्जैन से 352 और कटनी से 132 सिम कार्ड शामिल हैं। इस अभियान के माध्यम से साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने तथा भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं।
बैंकिंग जानकारी साझा न करें
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों को सलाह देती है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या कॉल के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा एवं डिजिटल विश्वास सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की सघन कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।













