प्रधानमंत्री डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप भारत सरकार की एक प्रतिष्ठित योजना है, लाखों युआओं को इससे लाभ मिलता है। ये फेलोशिप उद्योग-उन्मुख शोध को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत देशभर में हर साल 100 शोधार्थियों को फेलोशिप दी जाती है।
यह स्कीम युवा पीएचडी शोधकर्ताओं को उद्योग के साथ साझेदारी में काम करने का अवसर प्रदान करती है। अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं और रिसर्च में फिल्ड बेहतरीन होना चाहते हैं , तो आपके के लिए ये बेहतर मौका है।
प्रधानमंत्री डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक प्रतिष्ठित पहल है। इसे साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड (SERB) और फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के सहयोग से लागू किया जाता है।
इस फेलोशिप का उद्देश्य उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी बनाकर देश में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
योजना का उद्देश्य
योजना का उद्देश्य युवा भारतीय पीएचडी शोधार्थियों को उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में शोध करने के लिए प्रोत्साहित करना। उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ाना। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कृषि और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक शोध को गति देना।
फेलोशिप की मुख्य विशेषताएं
चयनित फेलो को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेंटरशिप और एक्सपोज़र मिलता है।इंडस्ट्री और अकादमिक गाइड दोनों की निगरानी में शोध कार्य होता है।हर साल 100 नए स्कॉलर्स को फेलोशिप दी जाती है।कुल फेलोशिप राशि का आधा हिस्सा सरकार और आधा हिस्सा इंडस्ट्री पार्टनर देता है।फेलोशिप की अधिकतम अवधि चार वर्ष होती है।
फेलोशिप के लाभ
चयनित स्कॉलर्स को JRF/SRF की राशि से दोगुनी स्कॉलरशिप मिलती है।
रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए इंडस्ट्री पार्टनर से आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिलता है।
फेलो को इंडस्ट्री में काम करने और व्यावहारिक अनुभव पाने का मौका मिलता है।
पात्रता मानदंड
आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय या शोध संस्थान में पूर्णकालिक पीएचडी स्कॉलर होना चाहिए।
आवेदन तिथि तक पीएचडी में रजिस्ट्रेशन 14 महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।
आवेदक के पास एक वैध इंडस्ट्री पार्टनर होना जरूरी है।
शोध विषय नवीन, व्यावहारिक और औद्योगिक रूप से उपयोगी होना चाहिए।
चयन के बाद कोई अन्य फेलोशिप नहीं ली जा सकती।
आवेदन प्रक्रिया
स्टेप 1: www.primeministerfellowshipscheme.in
चयन मानदंड (Selection Parameters)
प्रस्तावित रिसर्च प्रोजेक्ट वैज्ञानिक दृष्टि से मजबूत और नवाचार से भरपूर होना चाहिए।
शोध कार्य में वाणिज्यिक उपयोग की संभावना (Commercial Potential) होनी चाहिए।
आवेदक, अकादमिक गाइड और इंडस्ट्री मेंटर का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)
हाल की पासपोर्ट साइज फोटो
पीएचडी नामांकन व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन व पोस्ट-ग्रेजुएशन मार्कशीट
संस्थान और कंपनी की प्रोफाइल
सुपरवाइजर व इंडस्ट्री मेंटर का बायोडाटा
अंडरटेकिंग लेटर्स और रिसर्च सिंॉप्सिस
FAQs
Q1. प्रधानमंत्री डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप क्या है?
A1. यह भारत सरकार की एक स्कीम है जो पीएचडी शोधार्थियों को उद्योग-संबंधित शोध के लिए वित्तीय सहायता देती है।
Q2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A2. उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच साझेदारी बनाना और शोध को व्यावहारिक रूप देना।
Q3. इस योजना को कौन लागू करता है?
A3. इस स्कीम को SERB (Science & Engineering Research Board) और FICCI मिलकर लागू करते हैं।
Q4. फेलोशिप की अवधि कितनी होती है?
A4. अधिकतम चार वर्ष तक फेलोशिप दी जाती है।
Q5. आवेदन कैसे करें?
A5. छात्र www.primeministerfellowshipscheme.in













