Origami Workshop Special Programme for Mentally Retarded – Intellectually Disabled Students
भोपाल। क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय भोपाल (राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, नई दिल्ली का क्षेत्रीय केंद्र) द्वारा मानसिकमंद/बौद्धिक दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए “ऑरीगेमी कार्यशाला एवं प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मीरियम स्कूल फॉर द मेंटली हैंडीकैप्ड, भोपाल और उमंग गौरवदीप वेल्फेयर सोसाइटी के कुल 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण दिया
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें प्राणी-जगत की विविधता और उसके महत्व से परिचित कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत में संग्रहालय की कार्यालय अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक-डी, डॉ. बीनिश रफ़त ने ऑरीगेमी विशेषज्ञ विनय सप्रे (सेवानिवृत्त वरिष्ठ अनुदेशक, जवाहर बाल भवन, भोपाल) तथा उपस्थित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यशाला के दौरान श्री सप्रे ने विद्यार्थियों को ऑरीगेमी कला के माध्यम से विभिन्न प्राणियों जैसे—सारस और बतख—बनाने का प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न आकृतियाँ तैयार कीं।
प्रतियोगिता में:
- रोली मिंज (मीरियम स्कूल फॉर द मेंटली हैंडीकैप्ड) – प्रथम पुरस्कार
- अथर्व मोहिते (उमंग गौरवदीप वेल्फेयर सोसाइटी) – द्वितीय पुरस्कार
- नीतिशा कुजूर (मीरियम स्कूल फॉर द मेंटली हैंडीकैप्ड) – तृतीय पुरस्कार
विजेता घोषित किए गए। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन संग्रहालय के वैज्ञानिक-सी एवं कार्यक्रम समन्वयक श्री मानिक लाल गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।













