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Aastha Pandey

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क्या वीकेंड पर देर तक सोना शरीर को नुकसान पहुंचा रहा है? जानिए हार्वर्ड की Sleep Science क्या कहती है

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हम में से ज़्यादातर लोग पूरे हफ्ते अलार्म से लड़ते रहते हैं। सोमवार से शुक्रवार तक नींद पूरी नहीं हो पाती, थकान बनी रहती है। फिर आता है वीकेंड, जब हम सोचते हैं देर तक सोकर सब ठीक हो जाएगा। लेकिन यहीं हम एक बड़ी और अनजानी गलती कर बैठते हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की Sleep Science बताती है कि वीकेंड पर देर तक सोना आराम नहीं, बल्कि शरीर के लिए झटका होता है। साइंस इसे Social Jet Lag कहती है, जो हमारी बॉडी क्लॉक को बिगाड़ देता है।

जब हमारा उठने का समय रोज बदलता है, तो शरीर कन्फ्यूज हो जाता है। इस कन्फ्यूजन का असर नींद, वजन, मूड और एनर्जी पर पड़ता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के मुताबिक, सोने से ज्यादा जरूरी होता है रोज एक तय समय पर जागना। यही आदत हमारी Circadian Rhythm को सही रखती है।

जब यह रिदम बिगड़ती है, तो शरीर धीरे-धीरे बीमारियों की ओर बढ़ता है। इस आर्टिकल में हम आसान, बोलचाल वाली हिंदी-हिंग्लिश में समझेंगे। वीकेंड पर देर तक सोना क्यों नुकसानदेह है। Circadian Rhythm क्या होती है और क्यों जरूरी है। और रोज एक ही समय पर उठने से शरीर को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं।

हार्वर्ड Sleep Science क्या कहती है?

  1. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, नींद का सबसे अहम हिस्सा टाइमिंग होती है।
  2. कितनी देर सोए, यह जरूरी है, लेकिन कब जागे, यह उससे भी ज्यादा जरूरी है।
  3. रोज अलग-अलग समय पर उठने से शरीर की इंटरनल क्लॉक बिगड़ जाती है।
  4. हार्वर्ड की रिसर्च बताती है कि वीकेंड पर देर तक सोने से Social Jet Lag होता है।
  5. यह वही स्थिति है, जैसे बिना यात्रा किए जेट लैग महसूस होना।
  6. शरीर को लगता है कि टाइम ज़ोन बदल गया है।
  7. इसका असर धीरे-धीरे मेटाबॉलिज्म, हार्मोन और दिमाग पर पड़ता है।
  8. लंबे समय तक ऐसा करने से थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।

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Social Jet Lag क्या होता है?

  1. Social Jet Lag तब होता है, जब हमारी बॉडी क्लॉक और लाइफस्टाइल मेल नहीं खाती।
  2. हफ्ते में जल्दी उठना और वीकेंड पर बहुत देर से उठना इसका उदाहरण है।
  3. इससे शरीर का नेचुरल स्लीप-वेक साइकल बिगड़ जाता है।
  4. रिसर्च बताती है कि Social Jet Lag मोटापा और डायबिटीज से जुड़ा है।
  5. यह हार्ट हेल्थ और मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर डालता है।
  6. सबसे बड़ी बात, शरीर इसे रिकवरी नहीं बल्कि स्ट्रेस की तरह लेता है।

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Circadian Rhythm क्या है

  1. Circadian Rhythm हमारे शरीर की एक नेचुरल घड़ी होती है।
  2. यह 24 घंटे के साइकल में काम करती है।
  3. यही घड़ी तय करती है कि कब जागना और कब सोना है।
  4. सुबह की रोशनी आंखों पर पड़ते ही दिमाग एक्टिव हो जाता है।
  5. शरीर को सिग्नल मिलता है कि अब काम करने का समय है।
  6. रात में अंधेरा होते ही मेलाटोनिन हार्मोन बनता है।
  7. मेलाटोनिन हमें नींद लाने में मदद करता है।
  8. अगर उठने का समय रोज बदल जाए, तो यह सिस्टम गड़बड़ा जाता है।
  9. नतीजा होता है थकान, तनाव और नींद की समस्या।

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रोज एक ही समय पर उठने के 6 बड़े फायदे

1. Circadian Rhythm पूरी तरह बैलेंस रहती है

रोज तय समय पर उठने से बॉडी क्लॉक स्टेबल रहती है।
इससे नींद के हार्मोन सही समय पर एक्टिव होते हैं।
रात को नींद अपने आप और गहरी आने लगती है।

2. दिनभर बनी रहती है नेचुरल एनर्जी

अनियमित नींद से दिनभर सुस्ती महसूस होती है।
लेकिन नियमित उठने से शरीर अलर्ट और फ्रेश रहता है।
ऐसे लोग बिना कॉफी भी ज्यादा एक्टिव महसूस करते हैं।

3. वजन और मेटाबॉलिज्म कंट्रोल में रहता है

हार्वर्ड रिसर्च बताती है कि अनियमित नींद मेटाबॉलिज्म स्लो करती है।
सही समय पर उठने से पाचन बेहतर रहता है।
इससे मोटापा और डायबिटीज का खतरा कम होता है।

4. मेंटल हेल्थ और फोकस बेहतर होता है

नियमित स्लीप पैटर्न से दिमाग को पूरा आराम मिलता है।
इससे तनाव और एंग्जायटी कम होती है।
काम पर फोकस और याददाश्त भी बेहतर होती है।

5. हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद आदत

स्टडीज बताती हैं कि अनियमित नींद से ब्लड प्रेशर बढ़ता है।
रोज एक समय पर उठने वाले लोगों का हार्ट ज्यादा हेल्दी रहता है।
यह आदत उम्र बढ़ाने में भी मदद करती है।

6. हार्मोन बैलेंस और ग्लोइंग स्किन

नियमित रूटीन से कोर्टिसोल और मेलाटोनिन बैलेंस रहते हैं।
इससे स्किन हेल्दी और चमकदार दिखती है।
साथ ही उम्र बढ़ने की प्रक्रिया भी धीमी होती है।

7. वीकेंड पर देर तक सोने से क्या नुकसान हो सकता है?

वीकेंड पर ज्यादा देर तक सोने से बॉडी क्लॉक पीछे हो जाती है।
सोमवार को जल्दी उठना फिर मुश्किल लगता है।
इसे ही “Monday Blues” का बड़ा कारण माना जाता है।

बार-बार ऐसा करने से नींद की क्वालिटी गिरती है।
दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन बना रहता है।
लंबे समय में यह लाइफस्टाइल बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है।

सही तरीका क्या है, हार्वर्ड की सलाह

  1. हार्वर्ड एक्सपर्ट्स कहते हैं कि वीकेंड पर भी उठने का समय बदलें नहीं।
  2. अगर नींद पूरी करनी है, तो जल्दी सोने की कोशिश करें।
  3. वीकेंड पर भी सुबह की धूप जरूर लें।
  4. दिन में बहुत देर तक झपकी लेने से बचें।
  5. रात को स्क्रीन टाइम कम करें।
  6. इन छोटी आदतों से नींद खुद-ब-खुद सुधरने लगती है।

FAQs

प्रश्न 1: क्या वीकेंड पर देर तक सोना सच में नुकसानदेह है?

हाँ, हार्वर्ड Sleep Science के अनुसार यह Social Jet Lag पैदा करता है।
इससे Circadian Rhythm बिगड़ती है और शरीर स्ट्रेस महसूस करता है।

प्रश्न 2: रोज एक ही समय पर उठना क्यों जरूरी माना जाता है?

क्योंकि उठने का समय बॉडी क्लॉक को कंट्रोल करता है।
इससे नींद, हार्मोन और मेटाबॉलिज्म सही रहते हैं।

प्रश्न 3: क्या नींद पूरी करने के लिए वीकेंड पर सोना गलत है?

नींद पूरी करना जरूरी है, लेकिन तरीका सही होना चाहिए।
हार्वर्ड के अनुसार जल्दी सोना, देर से उठने से बेहतर विकल्प है।

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