ABVP demands fair investigation Bhanpura incident
मंदसौर। जिले के गरोठ भाग अंतर्गत भानपुरा स्थित शासकीय महाविद्यालय में आयोजित युवा उत्सव कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ता उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने एक कक्ष में पंखा चलता देखकर संदेहवश झाँका, क्योंकि पूर्व में भी महाविद्यालय में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ प्रकाश में आई थीं जिनका अभाविप के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था।
संदेहवश की गई इस सामान्य क्रिया को कुछ लोगों द्वारा गलत अर्थ में प्रस्तुत किया गया, जबकि उक्त कक्ष किसी भी प्रकार का “गर्ल्स कॉमन रूम” नहीं था। जब कुछ छात्राओं को यह भ्रम हुआ कि फोटो या वीडियो बनाए गए हैं, उन्होंने प्राचार्य को सूचना दी। तत्पश्चात प्राचार्य ने सीसीटीवी फुटेज देखकर पुलिस को अवगत कराया।
मोबाइल फोन की जाँच की
पुलिस द्वारा संबंधित चार छात्रों को थाने ले जाकर उनके मोबाइल फोन की जाँच की गई, परंतु किसी भी प्रकार का फोटो, वीडियो या अनुचित सामग्री नहीं मिली। पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि की कि किसी भी छात्र द्वारा कोई अवैधानिक या अनुचित कार्य नहीं किया गया है।इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया।
अभाविप के प्रांत मंत्री दर्शन कहार ने कहा कि, “भानपुरा प्रकरण में लगाए गए आरोप पूरी तरह बे-बुनियाद और तथ्यहीन हैं। अभाविप सदा से नैतिकता, अनुशासन और गरिमा के सिद्धांतों पर कार्य करती आई है।हमारे कार्यकर्ताओं ने न तो किसी की निजता का उल्लंघन किया है और न ही किसी प्रकार का अनुचित कृत्य किया है। पुलिस जाँच में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सिद्ध हो चुका है।विद्यार्थी परिषद निष्पक्ष जाँच में पूर्ण सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित कार्यकर्ताओं को जांच पूर्ण होने तक सभी दायित्वों से मुक्त किया गया है। परिसर में सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना ही परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”













