ABVP Minister residence surrounded Section 54 implemented in RGPV
भोपाल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) मध्यप्रदेश ने आज तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंद्र सिंह परमार के आवास का घेराव कर RGPV और VIT विश्वविद्यालय में चल रही वित्तीय, प्रशासनिक और अकादमिक अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। परिषद ने दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
RGPV विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर अभाविप ने कहा कि वर्ष 2019–20 से 2023–24 तक की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक न करना गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका पैदा करता है। परिषद द्वारा प्रस्तुत प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—
- बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएँ।
- भारी वित्तीय लेनदेन बिना अधिकृत आदेश के।
- बैंक खातों का उचित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं।
- विश्वविद्यालय की एफ.डी. का मनमाना संचालन और समयपूर्व एफ.डी. तुड़वाना।
- 100 करोड़ रुपए से अधिक के कॉरपस फंड में गड़बड़ी की आशंका।
- इंटरनल कंट्रोल और SOP का अभाव।
ABVP की प्रमुख मांगें—
- वर्ष 2019–20 से 2023–24 तक की पूरी ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- सभी वित्तीय अनियमितताओं की CBI जांच कराई जाए।
- RGPV में धारा 54 लागू कर प्रशासन सरकार अपने हाथ में ले।
- विश्वविद्यालय को तीन भागों में विभाजित कर संचालन सुचारू किया जाए।
परिषद ने घोषणा की कि मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
VIT विश्वविद्यालय भोपाल से जुड़े मुद्दों पर अभाविप ने बताया कि—
- छात्रों को खराब भोजन और दूषित पानी दिया गया।
- विरोध करने वाले छात्रों से मारपीट और धमकी दी गई।
- परीक्षा में फेल करने की धमकियाँ देकर छात्रों पर दबाव बनाया गया।
- प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं।
अभाविप की मांगें—
- VIT में तत्काल प्रशासक नियुक्त किया जाए।
- विश्वविद्यालय का पूर्ण नियंत्रण सरकार अपने हाथ में ले।
- उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत जांच कराई जाए।
प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि RGPV में फैल रहे आर्थिक और अकादमिक भ्रष्टाचार को लेकर परिषद पहले भी सरकार को चेतावनी दे चुकी है। चार दिन पूर्व भी मंत्री जी को अवगत कराया गया था। जब तक धारा 54 लागू नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।













