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मालवा मिल और पाटनीपुरा चौराहा कनेक्शन आज से बहाल, शहरवासियों के लिए बड़ी राहत

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इंदौर छह माह के इंतजार के बाद मालवा मिल और पाटनीपुरा चौराहा के बीच निर्माणधीन ब्रिज अंतत: बनकर तैयार हो गया। गुरुवार को इसे लोकार्पित कर दिया जाएगा। ब्रिज से आवागमन शुरू होने से करीब सवा लाख लोगों को सीधा-सीधा लाभ मिलेगा। यह रास्ता बंद होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा था। 6 करोड़ की लागत से तैयार यह नया ब्रिज 30 मीटर चौड़ा और 21 मीटर लंबा है। 30 मार्च 2025 को ब्रिज निर्माण शुरू करते वक्त दावा किया गया था कि नया ब्रिज 100 दिन में तैयार हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कभी अतिक्रमणकारियों के न्यायालय पहुंचने की वजह से तो कभी ठेकेदार की लापरवाही के चलते निर्माण में देरी होती रही। इस दौरान एक दुर्घटना भी हुई जिसमें एक व्यक्ति को जान गंवानी पड़ा। उधर शहर के मौजूदा ब्रिज और फ्लाइओवर की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। रखरखाव के आभाव में कहीं गड्ढों से वाहन चालक परेशान हैं तो कहीं ब्रिज पर निकल आए सरियों की वजह से हादसों का भय वाहन चालकों को बना रहता है।   जाम से मिलेगी मुक्ति मालवा मिल चौराहा-पाटनीपुरा चौराहा के बीच बना ब्रिज करीब 100 वर्ष पुराना था और जीर्ण-शीर्ण हो गया था। यह ब्रिज सिर्फ 40 फीट चौड़ा था। इस कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती थी। सड़क चौड़ीकरण के दौरान भी इस ब्रिज को नया बनाने की मांग की जा रही थी। नया ब्रिज 30 मीटर चौड़ा होने की वजह से यहां जाम की स्थिति नहीं बनेगी। लगभग 17 वर्ष पुराने भंडारी ब्रिज का लोकार्पण 11 अगस्त 2008 को हुआ था। 1548 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ब्रिज रखरखाव के अभाव में दम तोड़ने लगा है। कई जगह सरिए नजर आने लगे हैं। खास बात यह है कि इस ब्रिज पर दोनों ओर सात-सात फीट चौड़े फुटपाथ हैं। फुटपाथ सहित ब्रिज की चौड़ाई महज 18 मीटर है। इस वजह से इस ब्रिज पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन कभी कोई सुधार काम होते हुए नजर नहीं आता। लगातार शिकायतों के बाद अब नगर निगम फुटपाथ की चौड़ाई कम करने और ब्रिज पर सुधार कार्य करवाने की बात कर रहा है। आशंका इस बात की भी है कि समय रहते इस ब्रिज पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसकी हालत ज्यादा बिगड़ जाएगी। तीन इमली ब्रिज : हिचकोले खाते वाहन, कई-कई फीट चौड़े गड्ढे तीन इमली ब्रिज के निर्माण को एक दशक से भी कम समय हुआ है, लेकिन इसकी हालत खराब है। इसकी एक ओर की सड़क धंस रही है, लेकिन जिम्मेदारों के पास रखरखाव का समय नहीं है। कई फीट चौड़े गड्ढों की यजह से दुर्घटना का भय बना रहता है। इस ब्रिज पर 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही होती है, बावजूद इसके न किसी को रखरखाव की चिंता है न यातायात व्यवस्था सुधारने की। तेजाजी नगर ब्रिज : गड्ढों से बड़े वाहन तक पलट जाते हैं इस ब्रिज के निर्माण को भी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन ब्रिज पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं जो वाहन चालकों को डराते हैं। ये गड्ढे सिर्फ डराते ही नहीं बल्कि वाहनों को पलटाने तक में सक्षम हैं। पिछले दिनों ही गड्ढों की वजह से एक टैंकर पलट गया था। ब्रिज की विशेषता यह है कि इस ब्रिज के ठीक बीचो-बीच चौड़ी नालियां हैं। इन नालियों में वाहनों के पहिए फंस जाते हैं। छोटी-मोटी दुर्घटनाएं तो रोजाना होती ही हैं। रखरखाव के अभाव में यह ब्रिज भी दम तोड़ने लगा है।

इंदौर में रावण और लंका का जबरदस्त दहन, दशहरा 2025 का मुख्य आकर्षण

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इंदौर त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की सत्य की शक्ति ने जब रावण के दंभ का अंत किया तो चहुंओर विजय पताका फहरा उठी थी। वही परंपरा आज एक बार फिर देखने को मिलेगी जब बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। शहर में विजयदशमी के अवसर पर दशहरा मैदान, चिमनबाग, विजय नगर, तिलक नगर, छावनी स्नेहलतागंज में भव्य आयोजन होंगे। दशहरा मैदान पर 111 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है और यहां 250 फीट लंबी लंका का निर्माण भी चल रहा है। यहां शाम सात बजे दहन होगा। शोभायात्रा प्रताप चौराहा से निकलकर दशहरा मैदान तक जाएगी, जिसमें राम और हनुमान के वेश में युवा शामिल होंगे। चिमनबाग में रात आठ बजे 111 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। विजय नगर में 61 फीट ऊंचा पुतला रात नौ बजे जलाया जाएगा।   दशहरा मैदान पर रावण के 111 फीट ऊंचा पुतले और 250 फीट लंबी लंका का दहन विजयादशमी की शाम को होगा। दशहरा महोत्सव समिति के संयोजक सत्यनारायण सलवाड़िया ने बताया कि पुतला लालू लाहोरिया, मनोज आर्या, प्रवीण हरगांवकर और मनोज तोमर की टीम ने बनाया है। प्रारंभ में इसका निर्माण रामबाग स्थित गणेश कॉलोनी में किया था। शोभायात्रा में राम व हनुमान के वेश में युवा शामिल होंगे। शहर की सबसे पुरानी दशहरा महोत्सव समिति पिछले 50 वर्षों से हर वर्ष पुतला दहन कर रही है। समिति में पूर्व पार्षद सुरेश मिंडा, नारायणसिंह यादव, प्रह्लाद शर्मा, अरुण माहेश्वरी और जितेंद्र रावरिया भी शामिल हैं। विजय नगर रावण दहन समिति द्वारा विजय नगर चौराहे के पास रात नौ बजे पुतला दहन किया जाएगा। आयोजनकर्ता दीपेश यादव, अंकित यादव, प्रकाश खेतान ने बताया कि पुतला दहन कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला द्वारा किया जाएगा।

डिजिटल पेमेंट किट घोटाले की गूंज हाईकोर्ट तक, राजकॉम्प सहित छह पर नोटिस जारी

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जयपुर डीओआईटी में हुए घोटालों की परतें अब खुलने लगी हैं। डिजिटल पेमेंट किट खरीद घोटाले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से दो सप्ताह में जवाब मांगा है तथा डीओआईटी के अधीन आने वाली कंपनी राजकॉम्प एवं 5 संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई पब्लिक अंगेंस्ट करप्शन संस्था की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पूनम चन्द भंडारी एवं डॉ टी.एन. शर्मा ने बताया कि राजस्थान में ई-मित्र संचालकों को डिजिटल किट बांटने के नाम पर भारी घोटाला किया गया है। ऐसे हुआ घोटाला- अधिवक्ता भंडारी ने बताया कि सितंबर 2017 में डिजिटल पेमेंट किट खरीदने के लिए 19 करोड़ का टेण्डर निकाला गया जिसे बाद में 33 करोड़ कर दिया गया। इस टेण्डर के अंतर्गत 8592 पेमेंट किट खरीदी जानी थी प्रत्येक किट में एक टेबलेट, एक पोस मशीन, एक फिंगरप्रिंट स्केनर आदि थीं। इसके अतिरिक्त प्रत्येक मशीन का एक मासिक सब्स्क्रिप्शन खरीदा जाना था। याचिकाकर्ता के द्वारा आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2019 तक केवल 4964 किट ही एक्टिव हो पाई थीं, उनमें भी प्रतिमाह प्रतिकिट एक भी ट्रांजेक्शन नहीं हो पा रहा था। जबकि सभी किट का भुगतान कर दिया गया था। यहीं नहीं सब्स्क्रिप्शन एवं रख-रखाव के नाम पर संबंधित फर्म को करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इन मामलों में सीएजी ने भी आपत्तियां दर्ज की मगर विभाग ने उन्हें दरकिनार कर दिया। मामले की सुनवाई राजस्थान उच्च न्यायालय के जस्टिस माननीय संजीव प्रकाश शर्मा एवं जस्टिस माननीय संजीत पुरोहित की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के पश्चात उच्च न्यायालय ने आश्चर्य व्यक्त किया कि 2020 की जनहित याचिका में आजतक एसीबी ने कोई जवाब नहीं दिया है। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को 15 दिवस में जवाब पेश करने का अंतिम अवसर देते हुए कहा कि जवाब पेश नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी स्वयं कोर्ट में उपस्थित हों साथ ही राजकॉम्प इन्फो सर्रविसेज लिमिटेड एवं संबंधित अधिकारी  हंसराज यादव, सीताराम स्वरूप, रणवीर सिंह, नीलेश शर्मा और कौशल सुरेश गुप्ता तथा सप्लाई करने वाली फर्म सीआरआईएलपीएल को नोटिस जारी किए।

चेक क्लियरिंग का समय घटा, अब बैंक में सिर्फ 24 घंटे में निपटेंगे लेन-देन

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भोपाल बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब बैंकों में चेक क्लियर होने के लिए ग्राहकों को दो से तीन दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत चेक एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा। राजधानी में इसको लेकर प्रसन्नता है, उनका मानना है कि इसका लंबे समय से इंतजार था। बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि तकनीकी सुधार और डिजिटलीकरण की बदौलत यह संभव हो पाया है। पहले चेक क्लियर होने में कई बार 48 से 72 घंटे तक का समय लग जाता था। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होती थी बल्कि छोटे और बड़े व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होता था। अब इस बदलाव के बाद ग्राहक उसी दिन अपने खाते में पैसा आते हुए आसानी से देख सकेंगे।   व्यापारियों को मिलेगी अधिक सुविधा छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह कदम किसी राहत से कम नहीं है। व्यापारियों को अपने सप्लायर और ग्राहकों से भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई बार देरी होने से नकदी की समस्या खड़ी हो जाती थी। अब चेक उसी दिन क्लियर होने से उनका कैश फ्लो मजबूत होगा और कारोबार सुचारू रूप से चल सकेगा। भोपाल के कारोबारी भगत सिंह जाट ने बताया कि यह वाकई बहुत राहत देने वाला निर्णय है। पहले चेक क्लियर होने में समय लगता था और भुगतान अटक जाता था। अब हमें भरोसा रहेगा कि पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा। एक इवेंट मैनेजर ने बताया कि अब हमे आसानी से समय पर भुगतान मिल जाएगा। चेक देने वाले को भी पता होगा कि सेम डे में क्लियर होना है। निजी काम करने वाले लोकेश मौर्य ने कहा कि बच्चों की फीस या अन्य जरूरी खर्चों के लिए चेक क्लियर होने का इंतजार करना पड़ता था। अगर यह एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा तो बहुत आसानी होगी। साथ ही किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा और धोखाधड़ी होने की संभावना कम हो जाएगी।

नारियल तेल बनाम कैस्टर ऑयल: कौन सा है आपके बालों के लिए सबसे फायदेमंद?

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बालों की देखभाल की बात आती है तो तेल सबसे पहला और जरूरी उपाय माना जाता है। भारतीय परंपरा में तेल मालिश न सिर्फ बालों को पोषण देने के लिए बल्कि रिलैक्सेशन के लिए भी जरूरी रही है। हालांकि, ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि कौन-सा तेल बालों के लिए ज्यादा फायदेमंद है। नारियल तेल और अरंडी का तेल, जिसे कैस्टर ऑयल कहते हैं, दोनों ही अपनी-अपनी खूबियों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इन दोनों में से बालों के लिए क्या ज्यादा अच्छा है? आइए जानते हैं इस बारे में। नारियल तेल के फायदे नारियल तेल में लॉरिक एसिड और मीडियम-चेन फैटी एसिड्स पाए जाते हैं, जो बालों की जड़ों तक गहराई से पहुंचकर उन्हें मजबूत बनाते हैं। यह तेल-     डैंड्रफ कम करने में मददगार।     बालों को मुलायम और शाइनी बनाता है।     प्रोटीन लॉस को रोकता है, जिससे हेयर फॉल कम होता है।     हल्का होने के कारण आसानी से लग जाता है और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए परफेक्ट है। किसके लिए बेहतर- पतले, रूखे और आसानी से झड़ने वाले बालों के लिए नारियल तेल परफेक्ट है। कैस्टर ऑयल के क्या फायदे हैं? अरंडी का तेल अपने गाढ़ेपन और पोषण क्षमता के लिए जाना जाता है। इसमें रिकिनोलिक एसिड और विटामिन-ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सिर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं और बालों की जड़ों को एक्टिव करते हैं। यह तेल-     बालों की ग्रोथ को तेज करने में मदद करता है।     पतले और खाली होते स्कैल्प पर नए बाल आने में सहायक।     एंटी-फंगल गुणों के कारण स्कैल्प इन्फेक्शन से बचाव।     दोमुंहे बालों को कम करने और बालों को घना बनाने में कारगर। किसके लिए बेहतर- बहुत पतले, डैमेज्ड और हेयर थिनिंग से परेशान लोगों के लिए कैस्टर ऑयल बेस्ट माना जाता है। क्या है ज्यादा बेहतर? अगर आपके बाल कमजोर और झड़ने वाले हैं, तो कोकोनट ऑयल आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा। वहीं अगर आप तेजी से बाल बढ़ाना चाहते हैं और घनापन पाना चाहते हैं, तो कैस्टर ऑयल आपके लिए सही ऑप्शन होगा। दरअसल, दोनों ही तेल अपने-अपने गुणों के कारण बालों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। सबसे अच्छा तरीका है कि आप दोनों का मिक्स करके बालों में लगाएं, जिससे बाल मजबूत, लंबे और घने बनेंगे।  

विश्व रिकॉर्ड तोड़ा एलन मस्क ने, अब हैं सबसे अमीर इंसान $500 अरब के साथ

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मुंबई  टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने बुधवार को इतिहास रच दिया, जब उनकी कुल संपत्ति 500 अरब डॉलर के पार पहुंच गई। वे दुनिया के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से टेस्ला के शेयरों की रिकवरी और उनकी अन्य टेक स्टार्टअप्स की तेजी से बढ़ती वैल्यूएशन के चलते हुई है। फोर्ब्स बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक शाम 4:15 ईटी तक उनकी नेटवर्थ 500.1 अरब डॉलर दर्ज की गई। टेस्ला के शेयरों से बढ़ी संपत्ति मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा टेस्ला से जुड़ा है। सितंबर तक कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 12.4% थी। इस साल टेस्ला के शेयरों में अब तक 14% की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को ही स्टॉक 3.3% उछला, जिससे मस्क की नेटवर्थ में 6 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। निवेशकों का मस्क पर बना भरोसा साल की शुरुआत में गिरावट झेलने के बाद टेस्ला शेयरों में अब तेजी देखी जा रही है। निवेशकों का भरोसा तब बढ़ा जब मस्क ने अपने बिज़नेस पर पूरा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। टेस्ला बोर्ड चेयर रॉबिन डेनहॉम ने हाल ही में कहा कि मस्क फिर से कंपनी में "फ्रंट एंड सेंटर" हैं। साथ ही, मस्क ने खुद 1 अरब डॉलर के टेस्ला शेयर खरीदकर कंपनी के भविष्य पर भरोसा जताया। AI और स्पेस एक्सप्लोरेशन से भी बढ़ी वैल्यूएशन टेस्ला के अलावा मस्क के अन्य उपक्रम भी उनकी दौलत का अहम आधार बने हैं। उनकी AI कंपनी xAI की वैल्यूएशन जुलाई तक 75 अरब डॉलर आंकी गई थी और भविष्य में यह 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, SpaceX की वैल्यूएशन 400 अरब डॉलर के आसपास बताई जा रही है। 1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान टेस्ला बोर्ड ने मस्क के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान प्रस्तावित किया है, जिसमें कंपनी के वित्तीय और संचालन संबंधी ऊंचे लक्ष्य तय किए गए हैं। यह मस्क की हिस्सेदारी को और मजबूत करेगा। सबसे अमीरों की सूची में नंबर वन फोर्ब्स के मुताबिक मस्क अब दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं। उनके बाद दूसरे स्थान पर ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन हैं, जिनकी संपत्ति 350.7 अरब डॉलर आंकी गई है।

महानवमी विशेष: दुर्गा पंडालों में उमड़ी भीड़, जयकारों से गूंजा माहौल

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मुजफ्फरपुर नवरात्र के महानवमी की संध्या पर जिले में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जय माता दी और जय दुर्गा मैया के नारे लगाते हुए श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़े। बता दें कि सप्तमी को माता का पट खुला था और कल महाअष्टमी व्रत था। आज भक्तों ने हवन करने के बाद पूरे परिवार के साथ शहर के अलग-अलग दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन किए। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय हो गया और शहर का कोना-कोना भक्तों से भर गया। शाम को बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग ने व्यापक इंतजाम किए। देर शाम तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और माता दुर्गा का दर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला भक्त भी दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूजा पंडाल समितियों के सदस्यों ने मोर्चा संभाला और भक्तों को दर्शन कराए। भक्तों को मंदिर में प्रवेश से पहले पंक्तिबद्ध किया गया, जिससे वे सुरक्षित ढंग से मंदिर में प्रवेश कर सकें। शाम 7 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई और देखते ही देखते मंदिरों में भक्तों की कतारें लग गईं। मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। ब्रह्मपुरा स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर, महामाया मंदिर, जूरन छपरा, बनारस बैंक चौक स्थित दुर्गा मंदिर, अमर सिनेमा रोड बंगलामुखी मंदिर, शिवपुरी मंदिर, दामूचक मंदिर और मां दुर्गा मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और प्रवेश से लेकर निकास तक लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई। बता दें कि कल विजयादशमी है और रावण दहन की तैयारियां भी जोरों पर हैं।  

पुलिस ने किया खुलासा: मुनव्वर फारूकी को मारने की साजिश, दिल्ली से गिरफ्तार हुए आरोपी

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नई दिल्ली गुरुवार को दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग के दो सदस्यों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए दोनों सदस्यों को कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को मारने की जिम्मेदारी दी गई थी। गुरुवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम गश्त पर थी। इस दौरान जैतपुर-कालिंदीकुंज रोड पर पुलिस की मुठभेड़ शुरू हो गई। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने गोल्डी बराड़ गैंग के दो सदस्यों साहिल और राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। साहिल हरियाणा के भिवानी का, जबकि राहुल पानीपत का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद खुलासा करते हुए बताया कि दोनों विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा के इशारे पर चल रहे थे। पुलिस ने बताया कि रोहित गोदारा गोल्डी बराड़ और विरेंदर चरण के साथ काम करता है और इन तीनों ने ही मुनव्वर फारूकी को मारने का प्लान बनाया था। मुनव्वर को मारने के लिए गोल्डी ने साहिल और राहुल को जिम्मेदारी दी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उनकी इस खतरनाक योजना को पूरा नहीं होने दिया।

विश्व क्रिकेट में शर्मनाक मोड़: शुभमन गिल के नाम जुड़ सकता है दुर्भाग्यपूर्ण रिकॉर्ड

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नई दिल्ली  शुभमन गिल के नाम में शुभ शब्द है, लेकिन भारत के नए टेस्ट कप्तान की किस्मत शायद रूठी हुई है। टॉस के मामले में उनके साथ अशुभ ही अशुभ हो रहा है। वे अब तक टेस्ट कप्तान के तौर पर एक भी मैच में टॉस नहीं जीत पाए हैं। हालांकि, अच्छी बात ये है कि वे दो टेस्ट इस दौरान जीते हैं, लेकिन टॉस एक बार भी नहीं जीते हैं। लगातार छठे टेस्ट मैच में उन्होंने टॉस गंवाया है। हालांकि, टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसा नहीं था, जब वे शॉर्ट फॉर्मेट में थोड़े समय के लिए कप्तान बने थे तो पांच में से 4 मैचों में टॉस उन्होंने जीता था।   दाएं हाथ के बल्लेबाज शुभमन गिल को इंग्लैंड के दौरे से पहले टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था। उन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में कप्तानी की और लगातार पांच मैचों में टॉस हारे। हालांकि, उन 5 मैचों में से दो टेस्ट उन्होंने जीते और एक मैच ड्रॉ कराया और दो टेस्ट गंवाए। ऐसे में कहा जा रहा था कि घरेलू सरजमीं पर शुभमन गिल की किस्मत सिक्के के साथ बदल सकती है, लेकिन अहमदाबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ जब वे पहले टेस्ट मैच में टॉस के लिए उतरे तो फिर से मायूस नजर आए, क्योंकि वे लगातार छठा टॉस हार गई थी। सिक्के के साथ हो रही इस आंख-मिचौली के बीच भारतीय कप्तान के नाम अब शर्मनाक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हो सकता है, क्योंकि वे तीसरे ऐसे कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने अपने पहले 6 टेस्ट मैचों में बतौर कप्तान टॉस गंवाया है। वे न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम की बराबरी कर चुके हैं, जबकि न्यूजीलैंड के ही बेवन कॉन्गडॉन ने 7 टेस्ट मैचों में टॉस गंवाया था, जो आज तक शर्मनाक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इसके करीब शुभमन गिल पहुंच गए हैं। अगले मैच में अगर वे टॉस हारे तो यह शर्मनाक विश्व रिकॉर्ड की बराबरी होगी।  

राष्ट्रपिता और पूर्व प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री साय का नमन

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रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से देश की आज़ादी के आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि दृढ़ निष्ठा और सत्याग्रह के मार्ग से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी गांधी जी के विचार समाज को एक बेहतर दिशा देने में उपयोगी हैं और हम सबको उनसे प्रेरणा मिलती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी और सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने जय जवान जय किसान का का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी की निष्ठा और ईमानदारी हमेशा नागरिकों को प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव  उपस्थित थे।