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चाणक्य के 5 मंत्र: महीने के अंत तक पैसों की किल्लत से छुटकारा

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नौकरीपेशा लोगों की अकसर खुद से यह शिकायत रहती है कि महीना खत्म होने से पहले ही उनकी जेब के पैसे खत्म हो जाते हैं। पूरे महीने मेहनत करके कमाया हुआ धन, खर्चों की कटौती करने के भी नहीं बच पाता है। अगर आपका हाल भी कुछ ऐसा ही है तो चाणक्य नीति में आपकी परेशानी का हल मौजूद है। चाणक्य नीति में धन के प्रबंधन और बचत के लिए कई उपयोगी सिद्धांत बताए गए हैं, जो आज के समय में भी बेहद असरदार हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य के ये 5 सिद्धांत व्यक्ति को को आर्थिक सुरक्षा देकर सम्मानित जीवन जीने में भी मदद करते हैं। धन की बचत से जुड़े चाणक्य नीति के 5 सिद्धांत आय का एक हिस्सा अवश्य बचाएं चाणक्य के अनुसार, जिस तरह बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही छोटी-छोटी बचत से धन संचय होता है। व्यक्ति को चाहिए कि अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा, चाहे वह कितना भी कम क्यों ना हो, नियमित रूप से बचत के लिए अलग निकालकर रखें। यह धन भविष्य में आपातकाल या बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के काम आता है। अनावश्यक खर्चों से बचें चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अपनी आय से अधिक खर्च करता है, वह शीघ्र ही दरिद्र हो जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार, दिखावे के लिए अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए। केवल जरूरी और उपयोगी चीजों पर ही धन खर्च करें। उदाहरण के लिए ब्रांडेड कपड़ों या लग्जरी वस्तुओं पर खर्च करने के बजाय, गुणवत्तापूर्ण और किफायती विकल्प चुनें। धन का विवेकपूर्ण निवेश करें धन को केवल वहां उपयोग करें, जहां सुरक्षित रहते हुए वह अधिक बढ़ सके। चाणक्य की इस सलाह का मतलब है कि धन को बेकार एक जगह न पड़ा रहने दें, बल्कि जोखिम का आकलन करते हुए उसे ऐसी जगह निवेश करें जहां वह समय के साथ बढ़े, जैसे व्यापार, संपत्ति, या सुरक्षित निवेश योजनाएं। म्यूचुअल फंड, या सोने में निवेश धन को बढ़ाने का सुरक्षित तरीका हो सकता है। भविष्य के लिए योजना बनाएं जो व्यक्ति भविष्य की चिंता नहीं करता, वह एक दिन संकट में पड़ जाता है। चाणक्य के अनुसार, भविष्य की जरूरतों, जैसे शिक्षा, विवाह, या आपातकाल के लिए धन संचय करना चाहिए। इसके लिए नियमित बचत और दीर्घकालिक योजना बनाना जरूरी है। लालच और जोखिम से बचें लालच में आकर धन का दुरुपयोग करने वाला व्यक्ति अपना सर्वनाश कर लेता है। चाणक्य सलाह देते हैं कि जल्दी अमीर बनने की चाह में जोखिम भरे निवेश या जुआ जैसी गतिविधियों से बचें। धन को सुरक्षित और समझदारी से प्रबंधित करें।

सागर पर भारत का दबदबा: INS निस्तार की मौजूदगी ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

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नई दिल्ली भारत की नौसेना ने अपनी पनडुब्बी बचाव क्षमता में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। नौसेना ने पहली बार अपने डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (DSRV) 'टाइगर एक्स' का सफल इस्तेमाल सिंगापुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'XPR-25' के दौरान किया। इस अभ्यास में भारतीय बचाव प्रणाली ने हिंद महासागर से बाहर जाकर दक्षिण चीन सागर में काम किया और सहयोगी देशों की पनडुब्बियों से जुड़कर पूर्ण बचाव ड्रिल पूरी की। अभ्यास 'XPR-25' यह अभ्यास 15 से 25 सितंबर तक चला, जिसमें 40 से अधिक देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया। इसे दो चरणों में किया गया-     तटीय चरण ( 15 से 20 सितंबर)     समुद्री चरण (21 से 25 सितंबर) समुद्री चरण में तीन देशों की पनडुब्बी बचाव इकाइयां शामिल हुईं-     सिंगापुर का MV Swift Rescue     जापान का JS Chiyoda     भारत का INS निस्तार इनके साथ साउथ कोरिया, जापान और सिंगापुर की पनडुब्बियों को 'डिसेबल्ड सबमरीन' के रूप में प्रयोग किया गया। भारत ने समुद्र में दिखाई अपनी ताकत 23 सितंबर को भारत के DSRV टाइगर एक्स ने पहली बार हिंद महासागर से बाहर गोता लगाया। इसने पहले साउथ कोरिया की पनडुब्बी शिन डोल-सिओक (S-082) से जुड़ाव किया और उसके बाद सिंगापुर की RSS Invincible से भी सफलतापूर्वक जुड़ा।  

श्रेयस अय्यर का शतक: ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के खिलाफ खेल में चमकते ही मैच पर किया कब्जा

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कानपुर ग्रीन पार्क स्टेडियम और श्रेयस अय्यर का पुराना याराना है। जब-जब इस मैदान में अय्यर उतरे, तब-तब उनकी श्रेष्ठ पारियों ने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। बुधवार को भी ग्रीन पार्क में प्रियांश आर्या की शतकीय पारी के बाद अय्यर की आतिशी पारी ने खूब रंग जमाया। रणजी, आईपीएल, टेस्ट के बाद श्रेयस ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ वनडे मुकाबले में शतक लगाकर भारतीय सीनियर टीम के लिए दावा पेश किया। टीम इंडिया में वापसी की राह तलाश रहे भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने बुधवार को ग्रीन पार्क में ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ तूफानी शतकीय पारी खेलकर चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। भारत ए की कप्तानी कर रहे अय्यर ने लखनऊ में दूसरे चार दिवसीय मुकाबले से खुद को हटाकर लाल गेंद से ब्रेक ले लिया था। इसके बाद बीसीसीआई ने भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज का कप्तान बनाया था। 83 गेंद पर जड़ा शतक अय्यर ने ग्रीन पार्क में खेले गए पहले वनडे मैच में 83 गेंद में 12 चौकों व चार छक्कों की मदद से 110 रनों की शतकीय पारी खेली। भारतीय टीम को 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया दौरे में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलने जाना है, ऐसे में अय्यर ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इस प्रकार की धमाकेदार पारी खेलकर टीम में चयन का दावा पेश कर रहे हैं। अय्यर को खूब भाता ग्रीन पार्क टीम इंडिया के शीर्ष बल्लेबाज श्रेयस ग्रीन पार्क में वर्ष 2014 में हुए रणजी मुकाबले में मुंबई की ओर से खेल रहे थे और संकट में 75 रनों की जुझारू पारी खेलकर मुंबई को संकट से निकाला था। इसके बाद वर्ष 2017 में ग्रीन पार्क की मेजबानी में हुए आईपीएल मैच में श्रेयस ने दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात लायंस के खिलाफ 57 गेंदों पर 96 रनों की तूफानी पारी खेली थी। साल 2021 में भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रीन पार्क में हुए ऐतिहासिक 500वें टेस्ट मैच भी श्रेयस का बल्ला खूब चला था। ग्रीन पार्क में हुए डेब्यू टेस्ट मैच में भी अय्यर ने पहली पारी में 105 रनों की शतकीय पारी और दूसरी पारी में 65 रन की अर्धशतकीय पारी खेली थी।

ग्लोबल इकोनॉमी की नजरें टिकीं: मोदी-ट्रंप की मुलाकात तय, जानिए क्या होगा एजेंडा

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नई दिल्ली  टैरिफ वॉर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है। दोनों नेता मलेशिया में इसी महीने आयोजित ASEAN शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं, जहां पीएम मोदी और ट्रंप के बीच एक बैठक संभव है। 47वां आसियान शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित होगा। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 26-27 अक्टूबर को आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया की यात्रा पर करने वाले हैं। वहीं मलेशिया ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्यौता भेजा दिया है। अगर ट्रंप इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरी झंडी दिखाते हैं, तो यहां उनकी PM के साथ मुलाकात संभव हो सकती है। इससे पहले अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा टैरिफ लगा दिया है, जिस कारण दोनों रिश्ते प्रभावित भी प्रभावित हुए। ऐसे में यह मुलाकात बेहद अहम साबित हो सकती है। भारत पर 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने के बाद यह पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप पहली बार आमने-सामने होंगे। ASEAN की अध्यक्षता मलेशिया के पास गौरतलब है कि आसियान (ASEAN) दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 अगस्त 1967 को हुई थी। इसमें कुल 10 देश शामिल हैं, जिनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार, और कंबोडिया का नाम शामिल है। मलेशिया 2025 में समूह की अध्यक्षता कर रहा है। वहीं इस शिखर सम्मेलन में इन देशों के अलावा कई अन्य वैश्विक नेता भी शामिल होंगे।  

आयुध पूजा विशेष: विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की मान्यता और महत्ता

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विजयादशमी का पर्व हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखता है. यह न केवल असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है, बल्कि इस दिन आयुध पूजा यानी अस्त्र-शस्त्र की पूजा का भी विधान है. पंचांग के अनुसार, इस साल विजयादशमी का पर्व 2 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. आइए जानते हैं कि इस दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा क्यों की जाती है, इसका महत्व क्या है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है. क्या है आयुध पूजा और क्यों है इसका महत्व? आयुध पूजा को शस्त्र पूजा के नाम से भी जाना जाता है. यह पूजा विजयादशमी यानी दशहरे के दिन की जाती है. आयुध पूजा को दक्षिण भारत और कई अन्य स्थानों पर “शस्त्र पूजा” या “सरस्वती पूजन” भी कहा जाता है. परंपरा के अनुसार, देवी-देवताओं को पूजने के साथ-साथ इस दिन अस्त्र-शस्त्र, औजारों, मशीनों और वाहनों की भी विशेष पूजा की जाती है. विजय का प्रतीक पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने इसी दिन रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की थी. इसके साथ ही, मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करने के लिए जिन अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग किया था, वे भी पूजनीय हैं. विजयादशमी को विजय का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन शत्रु पर विजय प्राप्त करने और आत्मरक्षा में सहायक अस्त्र-शस्त्र की पूजा की जाती है. यह एक तरह से उन उपकरणों के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम है जो हमें शक्ति और सुरक्षा प्रदान करते हैं. उपकरणों की पूजा आयुध पूजा का महत्व केवल अस्त्र-शस्त्र तक सीमित नहीं है. इसमें जीवन में हमें सफलता दिलाने वाले सभी कर्म के उपकरणों जैसे- विद्यार्थी अपनी पुस्तकों, व्यापारी अपने तराजू-बहीखातों, कलाकार अपने औजारों और सैनिक अपने हथियारों की पूजा करते हैं. यह पूजा इस बात का स्मरण कराती है कि हमारे उपकरण ही हमारी आजीविका और सफलता का माध्यम हैं, और हमें उनका सम्मान और संरक्षण करना चाहिए. क्षत्रिय परंपरा ऐतिहासिक रूप से, यह दिन क्षत्रिय समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण था. प्राचीन काल में, राजा और योद्धा युद्ध पर जाने से पहले इस दिन अपने अस्त्र-शस्त्रों की साफ-सफाई, धार और पूजा करते थे ताकि वे युद्ध में सफलता प्राप्त कर सकें. यह परंपरा आज भी जारी है. विजयादशमी 2025: आयुध पूजा का शुभ मुहूर्त     इस साल विजयादशमी का पर्व 2 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, और इसी दिन आयुध पूजा का विधान है.     दशमी तिथि आरंभ 1 अक्टूबर 2025, शाम 7 बजकर 01 मिनट से.     दशमी तिथि समाप्त 2 अक्टूबर 2025, शाम 7 बजकर 10 मिनट तक.     विजय मुहूर्त : 2 अक्टूबर 2025, दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से 2 बजकर 56 मिनट तक. शस्त्र पूजा शुभ मुहूर्त विजयादशमी के दिन विजय मुहूर्त में पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह समय हर कार्य में सफलता दिलाने वाला होता है. पंचांग के अनुसार, 2 अक्टूबर को आप दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से 2 बजकर 56 मिनट के बीच अपनी शस्त्र और उपकरणों की पूजा कर सकते हैं. यानी पूजा की कुल अवधि 47 मिनट तक रहेगी. कैसे करें आयुध पूजा? आयुध पूजा के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है. सबसे पहले, जिन अस्त्र-शस्त्र या उपकरणों की पूजा करनी है, उन्हें अच्छी तरह साफ करें.पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाकर उन्हें रखें. अस्त्र-शस्त्रों पर गंगाजल छिड़कें, रोली, कुमकुम और चंदन का तिलक लगाएं. उन्हें फूल (विशेषकर गेंदे के फूल), माला और वस्त्र अर्पित करें. इसके बाद मिठाई या नैवेद्य का भोग लगाएं. आखिर में, धूप-दीप जलाकर उनकी आरती करें और प्रार्थना करें कि वे सदैव आपकी रक्षा करें और आपके कर्म में सफलता दें.

ललितपुर को राष्ट्रीय-ई-गवर्नेस पुरस्कार 2025 अवार्ड

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ललितपुर राष्ट्रीय ई-गवर्नेस पुरस्कार 2025 (जूरी) के लिए नगर पालिका परिषद, ललितपुर को उत्तर प्रदेश में सतत विकास हेतु स्मार्ट अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चयनित किया गया है, जिसके लिए तत्कालीन #जिलाधिकारी IAS अक्षय त्रिपाठी जो अब बहराइच के #कलेक्टर है और ललितपुर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व #PCS अंकुर श्रीवास्तव, को पुरस्कार कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा आंधप्रदेश के जिला विशाखापट्नम में आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा श्रेणी-राष्ट्रीय ई-गवर्नेस पुरस्कार, प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, अन्य केन्द्रीय मंत्रालयों द्वारा प्रदान किए गए पुरस्कारों जैसी सफल राष्ट्रीय स्तर की पुरस्कृत परियोजनाओं की पुनरावृत्ति और उनके विचार के लिए नगर पालिका परिषद, ललितपुर उत्तर प्रदेश को स्वच्छ भविष्य ललितपुर, उत्तर प्रदेश में सतत विकास हेतु स्मार्ट अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगर पालिका परिषद, ललितपुर को राष्ट्रीय-ई-गवर्नेस पुरस्कार 2025 (जूरी) से सम्मानित किया गया है

सरकारी खजाना हुआ मालामाल! GST से 1.89 लाख करोड़ की वसूली, जानिए कैसे बढ़ा रेवेन्यू

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नई दिल्ली  वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी (GST) कलेक्शन के आंकड़े आ गए हैं। बीते महीने यानी सितंबर 2025 में जीएसटी कलेक्शन एक महीने पहले यानी अगस्त 2025 से भी ज्यादा रहा है। जबकि इस महीने जीएसटी की दरों में काफी कमी की गई। यदि इसकी तुलना एक साल पहले यानी सितंबर 2024 के कलेक्शन से करें तो यह 9.1 फीसदी ज्यादा है। कितना रहा कलेक्शन केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में कुल जीएसटी राजस्व 1.89 लाख करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले इसी महीने में यह 1.73 लाख करोड़ रुपये रहा था। एक महीने पहले यानी कि अगस्त 2025 में यह 1.86 लाख करोड़ रुपये रहा था। टैक्स घटाने का फायदा मिला जीएसटी काउंसिल ने पिछले महीने ही जीएसटी की दरों में भारी कटौती का फैसला किया है। यह निर्णय बीते 22 सितंबर से लागू हुआ है। इस दौरान लोगों ने इतनी खरीदारी की कि सितंबर में सकल घरेलू राजस्व 6.8% बढ़कर ₹1.36 लाख करोड़ रहा, जबकि आयात पर लगने वाले टैक्स कलेक्शन में भी 15.6% की बढ़ोतरी देखी गई। इस मद में ₹52,492 करोड़ रहा। मंत्रालय ने कहा कि लगातार बेहतर कलेक्शन से न सिर्फ सरकारी खजाने को मजबूती मिल रही है बल्कि यह अर्थव्यवस्था में खपत और कारोबारी गतिविधियों की मजबूती को भी दिखाता है।  IGST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) का कलेक्शन इस साल पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के पार गया। सितंबर में IGST की कमाई 1,01,883 करोड़ रुपए रही, जो जनवरी 2025 के रिकॉर्ड 1,01,075 करोड़ रुपए से अधिक है। इससे देश के भीतर व्यापार और वस्तुओं के आदान-प्रदान में तेजी का संकेत मिलता है। हालांकि, सेस कलेक्शन में गिरावट आई है। अप्रैल में यह 13,451 करोड़ रुपए था, जो सितंबर में घटकर 11,652 करोड़ रुपए रह गया। बावजूद इसके, कुल GST संग्रह पर इसका खास असर नहीं पड़ा। अगस्त और सितंबर के त्योहारों के दौरान GST संग्रह 3.8 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 7.8% अधिक है। त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी बढ़ने से सरकार को अधिक टैक्स प्राप्त हुआ। GST परिषद ने सितंबर की शुरुआत में कर प्रणाली में बड़े सुधार किए। चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर अब केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% रह गए हैं। इसके अलावा, सिन और लग्जरी वस्तुओं पर 40% टैक्स लगाया गया। ये बदलाव 22 सितंबर से लागू हैं और इनका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, कारोबारियों के लिए आसान बनाना और आम उपभोक्ताओं को राहत देना है। जीएसटी रिफंड में 40 फीसदी की बढ़ोतरी इस दौरान GST रिफंड में 40.1% की तगड़ी बढ़ोतरी देखने की मिली है। बीते सितंबर में यह ₹28,657 करोड़ रुपये रहा है जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 20,453 करोड़ रुपये रहा था। नेट जीएसटी राजस्व में वृद्धि सितंबर 2025 में नेट जीएसटी राजस्व ₹1.60 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.0% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।

यूपी में कानून-व्यवस्था का कमाल: योगी राज में सांप्रदायिक दंगे शून्य, अपराध दर में रिकॉर्ड गिरावट

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लखनऊ  राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट पेश की है। आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। सीएम योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई। जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है। सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।  

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दिवाली से पहले योगी सरकार ने किया बोनस का ऐलान

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लखनऊ  केंद्र सरकार के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी राज्य कर्मचारियों को दीपावली के पहले बोनस देने की तैयारी शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार दीपावली से पहले 3400 से 7000 रुपये तक के बोनस का ऐलान कर दिया जाएगा. इसके दस्तावेज तैयार करने के लिए वित्त विभाग सरकार की सहमति लेगा और उसके बाद आदेश जारी होगा. यह आदेश संभवत अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक जारी होने की उम्मीद है. इस बोनस का लाभ और राजपत्रित राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ दैनिक वेतन भोगी व वर्कचार्ज कर्मचारियों को भी मिलेगा. प्रदेश के इतने कर्मचारियों को सौगात उत्तर प्रदेश के लगभग 8 लाख कर्मचारियों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौगात देने का ऐलान कर दिया है. सूत्रों के मुताबकि दीवाली से पहले इस बोनस का ऐलान कर दिया जाएगा. सरकार की तरफ से 3400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक का बोनस इन कर्मचारियों को दिया जाएगा.  इस बोनस के लिए सरकार से वित्त विभाग दस्तावेज तैयार करने के लिए सहमति प्राप्त करेगा. यह दस्तावेज तैयार करने के लिए आदेश जारी करेगा. इस आदेश को अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है. विभाग और सरकार अब इसकी तैयारियों में जुट गया है.  इनको मिलेगा बोनस का लाभ बता दें इस बोनस का राजपत्रित राज्य कर्मचारियों के अलावा रोजमर्रा का वेतन पाने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलने जा रहा है. इस बोनस की रकम कर्मचारियों को उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. सरकार की तरफ से प्रदेश के 8 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को बोनस देने के लिए सरकार की तरफ से 1000 करोड़ रुपये के बजट को जारी किया जाएगा. जिसका सीधा लाभ राज्य के कर्मचारियों को मिलने जा रहा है.   वहीं सूत्रों के जरिए जानकारी आ रही है कि सरकार की तरफ से महंगाई भत्ता और राहत भत्ता बढ़ाने के लिए भी ऐलान किया जा सकता है. वहीं इस बार महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

विकसित यूपी @2047: युवाओं ने उत्साहपूर्वक दिया भविष्य के विकास का रोडमैप

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स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और समाज कल्याण योजनाओं पर बड़ी संख्या में राय कृषि में एआई, आईओटी और मंडियों के आधुनिकीकरण पर जोर संभल, महाराजगंज और सोनभद्र रहे फीडबैक में शीर्ष पर जनता की राय से तैयार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश @2047' का विज़न लखनऊ, योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, किसानों, व्यवसायियों, उद्यमियों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघटनों, मीडिया और आम जनता से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान पिछले 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा करने के साथ ही भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। अबतक प्रदेशभर से तकरीबन 19 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।   सरकारी पोर्टल पर अब तक लगभग 19 लाख फीडबैक प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से अधिकतर सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं, जबकि शहरी इलाकों ने भी बड़ी संख्या में अपनी राय दी है। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की है, खासकर युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जनता का फोकस जनता की राय में शिक्षा क्षेत्र सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। शिक्षा में सुधार, नई तकनीक का इस्तेमाल, व्यावसायिक प्रशिक्षण और विदेशी भाषा सीखने पर जोर दिया गया है। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और समाज कल्याण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं। कृषि क्षेत्र से जुड़े सुझावों में किसानों को नई तकनीक, मंडियों का आधुनिकीकरण, और फसल भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। जिलों की सहभागिता में विविधता सबसे अधिक फीडबैक संभल, महाराजगंज और सोनभद्र जैसे जिलों से प्राप्त हुए हैं, जबकि इटावा, फिरोजाबाद और ललितपुर जैसे जिलों से अपेक्षाकृत कम सुझाव मिले हैं। इससे यह भी साफ होता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इस अभियान को लेकर गहरी दिलचस्पी रही है। जनता की आवाज़ – विशेष सुझाव सुल्तानपुर के कुल श्रेष्ठ सिंह ने शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थी, अभिभावक और अध्यापक तीनों की साझा जिम्मेदारी तय करने की बात कही। साथ ही बच्चों को छोटे स्तर से व्यावसायिक प्रशिक्षण देने और संस्कारों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। मैनपुरी की अंजलि दीक्षित ने किसानों को AI और IoT जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने का सुझाव दिया। जौनपुर के बृजेश सिंह ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और शहरी-ग्रामीण बच्चों के बीच शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा। सरकार इन सुझावों का विश्लेषण कर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगी। इसमें आम जनता की राय सीधे तौर पर शामिल होगी, ताकि विकास योजनाएं ज़मीनी जरूरतों से जुड़कर आगे बढ़ सकें।