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कलेक्टर ने किया जिला कोषालय का निरीक्षण

बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने  कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला कोषालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कोषालय की समस्त व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए डबल लॉक का भौतिक सत्यापन, संबंधित पंजियों का परीक्षण तथा स्टाम्प, टिकट, बिल पासिंग,पेंशन भुगतान एवं लेखा कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कोषालय में अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव, दस्तावेजों के अद्यतन एवं वित्तीय अनुशासन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्य की पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी , डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे, खजांची  ज्ञानू भारद्वाज,  सुरेंद्र देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मनोविकास केंद्र के विद्यार्थियों की पर्पल फेस्ट 2025 में एंट्री, कलेक्टर ने दी शुभकामनाएँ

9 से 12 अक्टूबर  तक गोवा में आयोजित पर्पल फेस्ट में करेंगे योगा प्रदर्शन रायपुर, मनोविकास केन्द्र बलौदाबाजार के 5 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। यह आयोजन  9 से 12 अक्टूबर 2025 तक गोवा मे  किया जा रहा है।  फेस्ट में हिस्सा लेने  गोवा रवाना होने से पहले गुरुवार को कलेक्टर दीपक सोनी से चयनित बच्चों ने मुलाक़ात की। कलेक्टर श्री सोनी ने मनोविकास केंद्र के बच्चों का फेस्ट के लिए चयन होने पर जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्हें शुभकामनायें दी। मनोविकास केन्द्र  के नोडल अधिकारी आशा शुक्ला ने बताया कि केंद्र के छात्र  कुलदीप निर्मलकर, तुषार सेन पुष्कर कुमार साहू,लोकेश कुमार वर्मा एवं किशन यादव का चयन पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। इनके साथ  योग शिक्षक श्री ललित कुमार साहू तथा केन्द्र प्रमुख श्री दुर्गा शंकर पटनायक भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।चयनित विद्यार्थी मनोविकास केन्द्र एवं बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 मिनट का योग प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे जो दिव्यांगजनों की क्षमताओं और समावेशन की भावना को उजागर करेगा। यह भागीदारी मनोविकास पहल और  जिला प्रशासन के लिए गर्व का क्षण होग़ा तथा इन विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय  स्तर पर पहचान और अनुभव प्रदान करेगी। पर्पल फेस्ट 2025 को दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, प्रतिभा और सशक्तिकरण के एक जीवंत उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग,गोवा सरकार के राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय, तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एवं संयुक्त राष्ट्र भारत के सहयोग से किया जा रहा है।पर्पल फेस्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों के समावेशन, पहुंच और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह महोत्सव समाज में जागरूकता फैलाने, उनकी प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने और एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करता है जहां प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा और समान अवसरों के साथ जीवन जीने का अधिकार हो। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास और पुनर्वास हेतु जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार में  सीएसआर मद  से मनोविकास केंद्र संचालित किया जा रहा  है। इस केंद्र में 45 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समग्र विकास की सुविधाएं प्रदान किया जा रहा है। यह केंद्र जनवरी 2025 से शुरू हुआ है और अल्प समय मे ही बेहतर परिणाम सामने आने लगा है। विशेष शिक्षा, थेरेपी सेवाएं व्यावसायिक प्रशिक्षण,मनोवैज्ञानिक परामर्श और खेल व सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित की जा राही हैं। साथ ही बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाता है।

करवा चौथ पूजा विधि: सही दिशा में बैठकर करें आराधना, मिलेगा दांपत्य सुख और समृद्धि

सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं. महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए ये व्रत रखती हैं. इस दिन महिलाएं शिव और माता पार्वती से प्रार्थना कर उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना करती हैं. फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं. करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस साल करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाएगा. मान्यता है कि जो महिला करवा चौथ का व्रत रखती है वो अंखड सौभाग्य का आशीर्वाद पाती है. इस दिन पूजा-पाठ और चंद्रमा को अर्घ्य देते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. सही दिशा में मुख करके की जाने वाली पूजा ही सफल मानी जाती है, तो चलिए जानते हैं कि इस दिन पूजा करने, कथा सुनने और चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही दिशा क्या होती है? इस दिशा में बैठकर करनी चाहिए करवा चौथ की पूजा वास्तु शास्त्र के अनुसार, करवा चौथ की पूजा भूलकर भी दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके नहीं करनी चाहिए. कहते हैं दक्षिण दिशा की ओर मुख करके की जाने वाली करवा चौथ की पूजा कभी स्वीकार नहीं की जाती है. करवा चौथ की पूजा करते समय हमेशा मुख को उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए. उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करने से पूजा फलित होती है. इस दिशा में मुख करके देना चाहिए चंद्रमा को अर्घ्य करवा चौथ की व्रत कथा सुनते समय भी दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. करवा चौथ की व्रत कथा हमेशा पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही सुननी चाहिए. वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि करवा चौथ के दिन जब चंद्रमा को अर्घ्य दें तो मुख उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए. मतलब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके ही चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल

भगवान कृष्ण की स्मृतियों को संजोने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान-संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा में शामिल सभी संतों, तीर्थ पुरोहित महासंघ, धर्म यात्रा महासंघ और विश्व हिंदू परिषद का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज उज्जैन एक अद्भुत क्षण का साक्षी बन रहा है। यात्रा में सम्मिलित सभी सहभागी उस मार्ग पर चलकर आए हैं, जिस पर हमारे आराध्य कृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए मथुरा से उज्जैन स्थित आचार्य सांदीपनी के आश्रम पधारे थे। संतगण को उस पावन मार्ग से गुजरने का अवसर मिला, जहां कृष्ण की चरणरज पड़ी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मथुरा से आरंभ कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा के उज्जैन में आयोजित समापन समारोह को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मथुरा से 5 अक्टूबर को आरंभ हुई यात्रा जयपुर, कोटा, झालावाड़ और आगरा होते हुए उज्जैन पहुंची थी। उज्जैन के समापन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  उमेशनाथ महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री  गजेन्द्र सिंह, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रयागनाथ चतुर्वेदी उपस्थित रहे। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी आश्रम गुरू-शिष्य परम्परा की अनादि महिमा का साक्षात प्रतीक है। जहां हर कण में कृष्ण की विनम्रता, बलराम की शक्ति और सुदामा की भक्ति समाई हुई है। हमारे गुरूकुल आदि काल से भारतीय ज्ञान परम्परा का अभिन्न अंग हैं। सांदीपनी आश्रम में भगवान कृष्ण ने शिक्षा पाई और संसार को गीता का उपदेश देकर योगीराज बने। हमारी सनातन संस्कृति का परम ज्ञान परमार्थ है। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्रामवासियों की रक्षा की और कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीता के माध्यम से धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका सारा जीवन समाज और धर्म की रक्षा के लिए था। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बनेंगे वृंदावन गांव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान, संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम है। यह यात्रा नई पीढ़ी में नैतिकता, आत्मविकास और भारतीय संस्कृति का दीप प्रज्जवलित करने का प्रयास है। राज्य सरकार भगवान कृष्ण की स्मृतियों को संजोने का कार्य कर रही है। कृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, कृष्ण और सुदामा का मैत्री स्थल ग्राम नारायणा, रूक्मिणी वरण के स्थल धार जिले के अमझेरा और विनम्रता का संदेश देने वाले स्थल जानापाव (इंदौर) को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। कृष्ण पाथेय के मार्ग पर आने वाले वन, जल संरचनाओं और उद्यानों का भी संरक्षण किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में गीता जयंती भी मनाई जाएगी। सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में वेद-वेदान्त विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। अमझेरा में चित्रकला, मूर्तिकला और पारम्परिक नृत्य-संगीत कला की शिक्षा दी जाएगी तथा इसे कृष्ण-रूक्मणी लोक के नाम से जाना जाएगा। जानापाव में सुदर्शन लोक की स्थापना की जाएगी, जहां आयुध कौशल के साथ-साथ पारम्परिक और आधुनिक युद्ध शैली का ज्ञान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान कृष्ण की शिक्षा परम्परा को जीवन में आत्मसात करने का आव्हान भी किया। उज्जैन में आयोजित समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतगण की उपस्थित रही। इनमें महामण्डलेश्वर  शांतिस्वरूपानंद जी सरस्वती, महामण्डलेश्वर  आचार्य शेखर जी, महामण्डलेश्वर  शैलेषानंद जी गिरी, जूना अखाड़ा, महामण्डलेश्वर  ज्ञानदास जी महाराज निर्मोही अखाड़ा, महामण्डलेश्वर  भागवतानंद गिरी जी, अंवतिका पीठाधीश्वर,  रंगानाथाचार्य जी महाराज, महामण्डलेश्वर  मनीष महाराज ददुवा आश्रम तथा तिरूपतिधाम युवराज राघवेन्द्र जी प्रमुख है। इस अवसर पर धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रमोद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष  अशोक कोटवाणी, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  सुरेन्द्र चतुर्वेदी तथा प्रदेश अध्यक्ष  मनीष उपाध्याय और कांवड़ यात्रा संयोजक  रतनलाल अग्रवाल भी उपस्थित रहे।  

IND-UK संबंधों में नया अध्याय: ₹3,884 करोड़ की मिसाइल डील पर हस्ताक्षर, PM मोदी की CEO फोरम में घोषणा

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने गुरुवार को भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को मजबूती देने की प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई. दोनों नेताओं ने मुंबई में कई नए समझौते किए जिनका मकसद आर्थिक संबंधों को गहरा करना, शिक्षा में साझेदारी बढ़ाना और रक्षा व समुद्री सहयोग को मजबूत करना है. प्रधानमंत्री स्टारमर बुधवार को मुंबई पहुंचे थे. आज राजभवन में दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पीएम मोदी और स्टारमर ने भारत–यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के शीघ्र अनुमोदन की उम्मीद भी जाहिर की. अमेरिका के साथ भारत के व्‍यापारिक रिश्‍तों में आए तनाव के बाद ब्रिटेन व्‍यापारिक दृष्टिकोण से इंडिया के लिए बहुत अहम हो गया है. कीर स्टारमर के इस दौरे के दौरान व्यापार और निवेश से संबंधित कुछ बड़े कदम भी दोनों देशों ने उठाए हैं. कीर स्‍टारमर के इस दौरे के दौरान व्यापार और निवेश से संबंधित कुछ बड़े कदम भी दोनों देशों ने उठाए हैं. भारत-यूके सीईओ फोरम की पुनर्गठित बैठक का आयोजन किया गया. संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (JETCO) को फिर से सक्रिय भी किया गया है. यह समिति भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) को लागू करने में मदद करेगी और दोनों देशों में नौकरी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी. इसके अलावा दोनों देशों ने क्लाइमेट टेक्नोलॉजी स्टार्टअप फंड में नया संयुक्त निवेश किया गया. यह पहल ब्रिटेन सरकार और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच हुए समझौते (MoU) के तहत की गई है. इसका उद्देश्य जलवायु तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में नए और इनोवेटिव उद्यमियों को सहयोग देना है. JETCO व्‍यापार समझौते में निभाएगा अहम भूमिका आज सुबह दोनों देशों ने JETCO को पुनर्स्थापित करने के लिए टर्म ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए. दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्‍स पर एक पोस्‍ट में लिखा, “JETCO को फिर से सक्रिय करने के लिए हस्ताक्षर करना एक बड़ा कदम है. यह हमारे रणनीतिक साझेदारी के ढांचे को मजबूत करेगा, भारत-यूके CETA के कार्यान्वयन को बढ़ावा देगा और दोनों देशों के व्यापार को नए स्तर तक ले जाएगा.” पीएम मोदी और ब्रिट‍िश पीएम की मौजूदगी में 3,884 करोड़ की मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री क‍ीर स्टार्मर की मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने 468 मिलियन डॉलर (करीब 3,884 करोड़ रुपये) की डिफेंस डील पर सहमत‍ि जताई है. इस समझौते के तहत ब्रिटेन इंडियन आर्मी को हल्के वजन वाली मल्टीरोल मिसाइलें (Lightweight Multirole Missiles) सप्लाई करेगा. थेल्‍स की कंपनी इन मिसाइलों का निर्माण करेगी. रॉयटर्स की‍ रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार ने इसे अपने डिफेंस इंडस्‍ट्री और भारत के साथ गहराते सामरिक रिश्तों के लिए ऐतिहासिक मोड़ बताया है. यह मिसाइलें ब्रिटिश कंपनी थेल्स (Thales) द्वारा उत्तरी आयरलैंड में बनाई जाएंगी. ब्रिट‍िश सरकार का कहना है कि इस सौदे से करीब 700 ब्रिटिश नौकरियां सुरक्षित रहेंगी, जो फिलहाल यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने वाले इसी संयंत्र में कार्यरत हैं. ब्रिटिश सरकार ने अपने बयान में कहा, यह डील भारत और ब्रिटेन के बीच कॉम्प्लेक्स वेपंस पार्टनरशिप की दिशा में बड़ा कदम है, जिस पर दोनों देश बातचीत कर रहे हैं. भारत के लिए यह डील क्यों महत्वपूर्ण     भारत के पास पहले से ही कई तरह की मिसाइलें हैं, लेकिन आधुनिक, हल्की और मल्‍टीरोल मिसाइलें इंडियन आर्मी को तुरंत जवाब देने में मदद करेंगी. ये मिसाइलें समुद्र और जमीन दोनों जगहों पर इस्तेमाल की जा सकती हैं, जिससे रणनीतिक फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है.     ब्रिटेन के साथ यह डील टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर का रास्ता खोलती है. इससे भारत को उन्नत मिसाइल तकनीक सीखने और संभवतः देश में स्थानीय निर्माण करने का अवसर मिलेगा. ब्रिटेन में इस सौदे से 700 नौकरियां सुरक्षित होंगी, और भारत के लिए भी यह रक्षा उद्योग में निवेश और उत्पादन बढ़ाने का संकेत है. दोहरी साझेदारी पर जोर मुंबई में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों की भी समीक्षा की. कुछ महीनों पहले हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद अब दोनों देश रक्षा और टेक्नोलॉजी साझेदारी पर भी फोकस कर रहे हैं. ब्रिटेन ने यह भी घोषणा की कि भारत के साथ नौसैनिक जहाज़ों के लिए इलेक्ट्रिक इंजन तकनीक पर भी एक नया समझौता हुआ है. इस प्रोजेक्ट का प्रारंभिक मूल्य 250 मिलियन पाउंड बताया गया है. ट्रंप टैरिफ की काट है भारत-ब्रिटेन ट्रेड डील भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) भारत पर अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने में मदद करेगा. इससे भारत को ब्रिटेन के सर्विस सेक्टर में अहम जगह मिलेगी. इससे भारतीय टेक कंपनियों को राहत मिलेगी, जो फिलहाल ट्रंप टैरिफ की मार झेल रही है. समझौते से भारत का टेक्‍सटाइल निर्यात भी ब्रिटेन को बढ जाएगा. भारत पर बांग्‍लादेश और वियतनाम के मुकाबले ज्‍यादा टैरिफ होने से अमेरिका को इंडिया से होने वाला टेक्‍सटाइल एक्‍सपोर्ट सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुआ है. अगले साल जुलाई तक लागू होने वाली भारत-ब्रिटेन ट्रेड डील को अपने निर्यात में विविधता लाने में भी मदद करेगी. अमेरिकी टैरिफ की वजह से भारत का 40 अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित होगा. इसकी भरपाई भारत अन्‍य बाजारों से करने में जुटा है और ब्रिटेन का साथ इसमें काफी अहम है.

सरकार में हड़बड़ी बदलाव! 50% मंत्रियों के बदलने की तैयारी, CM ने तैयार किया ब्लू प्रिंट

कर्नाटक  कांग्रेस शासित कर्नाटक में जल्द ही बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल के आसार हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कैबिनेट से करीब आधे मंत्रियों को हटाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि सिद्धारमैया ने ने 13 अक्तूबर को सभी कैबिनेट मंत्रियों के लिए रात्रिभोज पर बुलाया है। सूत्रों ने बताया है कि मुखअयमंत्री मौजूदा मंत्रियों में से 50 प्रतिशत को हटाकर नए चेहरों को लाने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि करीब 15 नए मंत्रियों के शामिल होने से आलाकमान को तत्काल बदलना मुश्किल हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, AICC यानी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी से साथ हुई चर्चा में सिद्धारमैया ने नवंबर में कैबिनेट फेरबदल के संकेत दिए थे। खास बात है कि नवंबर में सिद्धारमैया के सीएम के तौर पर ढाई साल पूरे हो रहे हैं। माना जा रहा है कि फेरबदल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद हो सकता है। इधर, डिप्टी सीएम शिवकुमार ने कहा, 'मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है। यह काम मुख्यमंत्री का है। हम सी पार्टी के लिए काम करते हैं। मैं इसमें कोई दखल नहीं दूंगा। यह मुख्यमंत्री और पार्टी पर छोड़ा गया है। मैं सिर्फ सुझाव दे सकता हूं। किसी को भी कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए।' दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया सरकार के गठन के बाद से ही कथित ढाई साल फॉर्मूले को लेकर चर्चाएं जारी थी। हालांकि, किसी भी नेता ने इसपर खुलकर बात नहीं की है। दलित नेता मिले रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन घटनाक्रमों के बीच तीन दलित मंत्रियों की मुलाकात हुई थी। इनमें जी परमेश्वरा, सतीश जरकिहोली और महादेवप्पा का नाम शामिल है। कथित तौर पर इन नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा की है कि अगर मुख्यमंत्री बदला जाता है, तो दलित नेताओं का कदम क्या होगा। कहा जा रहा है कि दलित मंत्री सीएम पद के लिए परमेश्वरा का नाम आगे बढ़ा सकते हैं।  

चिराग, मांझी, कुशवाहा की सीट तय, BJP-JDU की अगली चाल क्या होगी?

पटना  बात-मुलाकात से सीटों पर समझौता नहीं होता देख भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने सीट शेयरिंग की रणनीति बदल ली है। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के नेताओं चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को मनाने का काम भाजपा को दिया है। बीजेपी और जेडीयू की अब रणनीति है कि पहले चिराग, मांझी और कुशवाहा की सीट तय कर ली जाए और फिर बची सीटों को भाजपा और जदयू आपस में बांट ले। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों दल 100 से कम सीट लड़ना चाहते हैं। तीनों नेताओं ने कुल 75 सीटें मांगी हैं, जिन्हें समझाने-मनाने में धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय और सम्राट चौधरी मिशन मोड में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार की पार्टी ने भाजपा से कहा है कि पहले वो सहयोगी दलों के मसले सुलझा ले, फिर वो दोनों सीट बांट लेंगे। दोनों के बीच इस बात पर सहमति है कि बची हुई सीटों में दोनों आधा-आधा रख लेंगे। जदयू की चाहत है कि वो भाजपा से कम से कम एक सीट ज्यादा लड़े। चिराग, मांझी और कुशवाहा के तेवर ने नीतीश और बीजेपी को नई रणनीति बनाने के लिए मजबूर किया है। अब दोनों प्रमुख दल सहयोगियों का मामला पहले निपटा लेंगे, तब वो अपनी-अपनी देखेंगे। 20 महीने में हर परिवार को एक सरकारी नौकरी देंगे, कानून बनेगा: तेजस्वी यादव का बड़ा चुनावी वादा चिराग पासवान की लोजपा-आर 40 सीट, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को 20 सीट और जीतन राम मांझी की हम 15 सीट मांग रही है। बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान की इन नेताओं से पहले राउंड की बातचीत में कोई नीचे उतरने को तैयार नहीं है। तीनों नेता अपनी-अपनी सीटों की डिमांड पर अड़े हुए हैं जो नंबर 75 हो जाता है। सबकी बात मान ली जाए तो 168 सीटें बचती हैं, जिसमें जेडीयू या बीजेपी का गुजारा नहीं होगा। दोनों दलों ने 101-103 सीटें लड़ने का टारगेट बना रखा है। कोशिश है कि 38-40 सीट में तीनों सहयोगी दलों को मना लिया जाए।  

युवक की हिरासत में मौत: हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर लगाई चेतावनी, परिवार को मुआवजा देने का आदेश

बिलासपुर पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को मृतक के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, जहां किसी व्यक्ति की मौत पुलिस हिरासत में होती है, वहां मृत्यु का कारण स्पष्ट करना राज्य की जिम्मेदारी है। ऐसा न करना जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है। मौत के हालात यह दिखाते हैं कि मृतक को अमानवीय यातना दी गई थी और यह मामला कस्टोडियल बर्बरता का उदाहरण है। पूरा मामला धमतरी जिले के अर्जुनी थाना का है। याचिकाकर्ता दुर्गा देवी कैठोलिया ने बताया कि उनके पति दुर्गेंद्र कैठोलिया को 29 मार्च 2025 को धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 31 मार्च को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां वे पूरी तरह स्वस्थ थे। शाम 5 बजे उन्हें फिर से थाने में रखा गया, जहां कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में थर्ड डिग्री टार्चर दिया, जिससे दुर्गेंद्र की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 चोटों का है जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 पूर्व-मृत्यु चोटों का जिक्र है। मौत का कारण दम घुटने से सांस न ले पाने को बताया गया। दूसरे दिन पुलिस ने परिवार को बताया कि दुर्गेंद्र बीमार पड़ गए थे और अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। शव मिलने पर परिवार ने शरीर पर चोट के निशान देखकर हंगामा किया और उच्चाधिकारियों से शिकायत की। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सभी साक्ष्य साफ बताते हैं कि यह मौत पुलिस की यातना से हुई है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और सम्मान के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मौत के हालात यह दिखाते हैं कि मृतक को अमानवीय यातना दी गई थी। मृतक की पत्नी और माता-पिता को मुआवजा देने के निर्देश हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मृतक की पत्नी दुर्गा देवी को तीन लाख की राशि दी जाए, ताकि वह और उनके दो नाबालिग बच्चों की देखभाल कर सकें। मृतक के माता-पिता को प्रत्येक एक लाख दिए जाएं। यह भुगतान 8 हफ्ते के भीतर किया जाए अन्यथा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगेगा।

सर्जरी की सफलता: 19 वर्षीय लड़की के पेट से विशाल ट्यूमर हटाकर मिला नया जीवन

नई दिल्ली  दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों ने 19 साल की लड़की को नई जिन्दगी दी। लड़की के पेट में पांच साल से ट्यूमर बन रहा था। पेट में पल रही गांठ ने 10 किलोग्राम का आकार ग्रहण कर लिया था, जिसे सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक ऐतिहासिक सर्जरी के साथ समाप्त कर दिया। डॉक्टरों ने बताया, 30 x 20 x 20 सेमी माप और 10.1 किलोग्राम वजन वाले दुर्लभ रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर ने प्रमुख अंगों और वाहिकाओं को विस्थापित कर दिया था, जिससे सर्जिकल टीम के लिए गंभीर चुनौती पैदा हो गई थी। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी जटिलता के ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटा दिया। इस जटिल ऑपरेशन में एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, सीटीवीएस विशेषज्ञ, ओटी और आईसीयू स्टाफ, और सहायक टीमें शामिल थीं। सभी विशेषज्ञों का एक ही लक्ष्य था कि मरीज के अंग अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं और ऑपरेशन के बाद शरीर सामान्य तरह से रिकवर करने लगे। डॉक्टरों ने बताया, एचडीयू वार्ड 24 में गहन देखभाल और निरंतर सहायता के बाद, मरीज को अच्छे स्वास्थ्य में छुट्टी दे दी गई। यह जटिल मामला सफदरजंग अस्पताल की विशेषज्ञता, टीमवर्क और जीवन रक्षक देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे एक युवती और उसके परिवार को भविष्य के लिए नई उम्मीद मिली है। निदेशक डॉ. संदीप बंसल, प्रिंसिपल डॉ. गीतिका खन्ना, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु बांबा और एचओडी एनेस्थीसिया डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में, विशेषज्ञ सर्जिकल टीम—जिसका नेतृत्व सर्जरी यूनिट एस6 की प्रोफेसर डॉ. शिवानी बी परुथी ने इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाया है।  

SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में EC का रुख सख्त: नाम हटाने का दावा है तो प्रमाण दें

नई दिल्ली बिहार एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. याच‍िकाकर्ताओं की ओर से दावे क‍िए गए क‍ि एसआईआर में बहुत सारे मुस्‍ल‍िमों के नाम वोटर ल‍िस्‍ट से हटा द‍िए गए. इस पर चुनाव आयोग की ओर से जवाब द‍िया गया है. आयोग ने कहा क‍ि वे कह रहे हैं कि बहुत सारे मुस्लिमों के नाम हटाए गए हैं लेकिन जब आपके पास डेटा ही नहीं है, तो आपको कैसे पता? आप डेटा तो दीजिए. ज‍िस मह‍िला का नाम हटाने की बात आप कह रहे हैं, वो तो वोटर ल‍िस्‍ट में दर्ज है. एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में इस वक्‍त जोरदार बहस .  या‍च‍िकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, प्रशांत भूषण और वृंदा ग्रोवर समेत कई वकील पेश हुए. जबक‍ि चुनाव आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने दलील रखी. द्व‍िवेदी ने कहा, एडीआर समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से हलफनामे में किए गए वोट काटे जाने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं. गलत कहानी गढ़ी जा रही है. जिस महिला का नाम काटने का दावा किया जा रहा है. उसका मसौदा सूची और अंतिम सूची में भी नाम है. ECI के तरफ से कोर्ट को बताया गया कि गलत कहानी गढ़ी गई है कि यह व्यक्ति ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में था और बाद में उसका नाम हटा दिया गया. ECI के वकील ने कहा कि अदालत में एक व्यक्ति द्वारा दायर किया गया हलफनामा, जिसमें दावा किया गया है कि उसका नाम ड्राफ्ट रोल के बाद हटाया गया, ये गलत है. ECI ने कहा कि उस व्यक्ति द्वारा दिया गया बूथ नंबर ही गलत है, जिससे साबित होता है कि उसका दावा झूठा है. वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि एक तर्क यह था कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़ी संख्या में लोगों के नाम थे, लेकिन अचानक उनके नाम सूची से गायब हो गए. मुझे अब तक तीन हलफनामे मिले हैं. हमने इसकी जांच की है. यह हलफनामा पूरी तरह से झूठा है. कृपया पैरा एक देखें कि उन्होंने कहा है कि मैं बिहार का निवासी हूं और ड्राफ्ट मतदाता सूची में था. वह वहां नहीं थे. हकीकत ये है उन्होंने मतदाता गणना फॉर्म जमा नहीं किया था. यह झूठ है. फिर उन्होंने मतदाता पहचान पत्र संख्या दी, दिया गया मतदान केंद्र 52 है, लेकिन वास्तविक संख्या 653 है. लेकिन वह नाम भी एक महिला का है, उनका नहीं. वह ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं थे. उन्‍होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं का यह दावा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब हो गए थे, गलत है, क्योंकि संबंधित व्यक्ति ने नामांकन फॉर्म नहीं भरा था. द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति वोटर लिस्ट के पार्ट 63 में था, न कि पार्ट 52 में, और यह सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता ने पुरानी जनवरी की लिस्ट का उल्लेख किया है. राकेश द्विवेदी ने दो मिनट का समय मांगा और फिर याचिकाकर्ताओं के आरोपों को चुनौती देते हुए आगे अपनी बात रखी. ECI का पक्ष:— “वे कह रहे हैं कि बहुत सारे मुस्लिमों के नाम हटाए गए हैं — लेकिन जब आपके पास डेटा ही नहीं है, तो आपको कैसे पता?” “मैं इस अदालत से आदेश चाहता हूं कि जिन लोगों को अपना नाम जोड़वाना है, वे अगले 5 दिनों में आवेदन करें, क्योंकि उसके बाद दरवाजे बंद हो जाएंगे.” “यह हलफनामा 6 तारीख का है — अगर उसे अपना नाम शामिल करवाना था, तो उसे आवेदन करना चाहिए था.” अदालत ने कहा:— “पहले सही जानकारी दी जानी चाहिए — गलत जानकारी हमें भी स्वीकार्य नहीं है.” ECI ने आगे कहा:— “यह किसी व्यक्ति का मुद्दा नहीं है, ADR ने यह दस्तावेज अदालत में रखे हैं. संगठन को अदालत में कुछ भी पेश करने से पहले उसकी सच्चाई सुनिश्चित करनी चाहिए.” अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा:—“आपको ज़िम्मेदारी लेनी होगी.” वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा:– “अदालत लीगल सर्विस अथॉरिटी को निर्देश दे सकती है कि जाकर जांच करे कि क्या उस व्यक्ति ने वास्तव में हलफनामा दाखिल किया है.” अदालत ने कहा: “लेकिन दी गई जानकारी गलत है.” प्रशांत भूषण ने जवाब दिया:—“वे ऐसा कह रहे हैं, अदालत लीगल सर्विस अथॉरिटी से जांच करवा सकती है.” अदालत ने टिप्पणी की:— “हम इस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता अभी कैसे जानें? हम जांच एजेंसी नहीं हैं! वे दिखा रहे हैं कि तथ्य गलत हैं.” वकील प्रशांत भूषण ने कहा: “वे केवल एक दावा कर रहे हैं, ये तथ्य नहीं हैं.” अदालत ने कहा: “देखना यह है कि क्या उस व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट रोल में था या नहीं — अगर नहीं था तो आप ऐसा हलफनामा कैसे दे सकते हैं?” जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि —आपसे संपर्क करने वाले सभी लोग लीगल सर्विस अथॉरिटी से संपर्क क्यों नहीं कर सकते? मुफ़्त कानूनी सलाह भी दी जा सकती है. वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि— वे कहते हैं कि या तो हमारा नाम ड्राफ्ट रोल से हटा दिया गया था, फिर फॉर्म 6 भरा और फिर भी नाम फाइनल रोल में नहीं था और दूसरे कहते हैं कि उनके नाम हटा दिए गए हैं और उन्हें कभी नोटिस ही नहीं मिला. अदालत की बड़ी महत्वपूर्ण टिप्पणी:– “अगर आप (याचिकाकर्ता) अदालत के सामने यह कहते कि आपकी अपील पर अब तक फैसला नहीं हुआ है, तो हम आपके साथ होते — लेकिन मामला ऐसा नहीं है.” प्रशांत भूषण ने कहा कि— आइए हम चुनाव आयोग द्वारा अपनाए गए दिशानिर्देशों को देखें. इसमें बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है. उनके पास सब कुछ कंप्यूटराइज्ड रूप में है. लेकिन अभी भी इस बारे में कोई डेटा नहीं है कि ड्राफ्ट सूची से किसे बाहर रखा गया है और इसलिए हम हर चीज़ की जाँच और पता लगाने में सैकड़ों घंटे लगा रहे हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि पहले भूषण हलफनामा दाखिल करें फिर अदालत हमारा पक्ष सुने. एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कहा कि— धारा 23(3) के अनुसार, 17 अक्टूबर को, यानी आज से 9 दिन बाद रोल फ्रीज हो जाएँगे. मुझे यह क्यों बताना चाहिए कि मैं कब तक अपील दायर कर सकती हूँ. जस्टिस बागची ने कहा कि— अपील सिर्फ़ यह कहकर की जा सकती है कि मेरा नाम हटा दिया गया है और कोई आधार नहीं … Read more