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BJP Office Bhopal: SIR समीक्षा बैठक, जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने की चर्चा

BJP Office

BJP Office Bhopal SIR review meeting District President Ravindra Yeti discussed भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के भोपाल जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने बुधवार को भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में आयोजित एसआईआर समीक्षा बैठक को संबोधित किया। यति ने कहा कि जिले की टोली, मंडल अध्यक्ष, एसआईआर टोली के सदस्य तथा भोपाल जिले के सभी बूथ अध्यक्ष एवं बूथ समितियां मिलकर मतदाता सूची से संबंधित फॉर्म भरने की गति में और अधिक तेजी लाएँ। उन्‍होंने बैठक में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) समिति की जिला टोली के साथ विस्तृत चर्चा की। समय-सीमा में लक्ष्य जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने एसआईआर से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कार्य की गति बढ़ाने और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में इंदौर के पूर्व विधायक एवं S.I.R. भोपाल जिला प्रभारी गोपीकृष्ण नेमा तथा जिलाध्यक्ष रविंद्र यति ने सभी विधानसभाओं में नियुक्त BLA-1, मंडल अध्यक्षों एवं एसआईआर टोली के मंडल संयोजकों के साथ पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। अभियान सफल बनाने का संकल्प पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने बूथों पर अधिक सक्रियता के साथ कार्य करते हुए अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर भोपाल जिला महामंत्री जगदीश यादव, जिला उपाध्यक्ष मनोज राठौर, राम बंसल रेनवाल, राजकुमार विश्वकर्मा, नवल प्रजापति, शंकर मकोरिया, इंद्रजीत राजपूत, योगेंद्र मुखरैया, मंडल अध्यक्ष एवं टोली सदस्य सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

BJP Office: SIR में समाज के साधु-संतों का सहयोग, प्रतिनिधियों की बैठक

BJP Office

BJP Office Support of the saints and sages of the society in SIR meeting of representatives भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के भोपाल जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति के नेतृत्व में शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में एसआईआर को लेकर भोपाल जिले के विभिन्न समाजों के साधु संत एवं समाज के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित किया। धर्मगुरु अनिलानंद महाराज, मध्यप्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया, हिंदू उत्सव समिति भोपाल के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी सहित विभिन्न समाजों के प्रमुखजन मंचासीन रहे। बैठक को एसआईआर समिति के संयोजक व विधायक भगवानदास सबनानी भोपाल के नवनियुक्त संभाग प्रभारी नागदा विधायक तेजबहादुर सिंह चौहान एवं सह संयोजक प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने भी बैठक में संबोधित किया। पात्र लोगों को लाभ भाजपा जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। कार्यकर्ता घर-घर लोगों से संपर्क कर उन्हें भाजपा सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं और पात्र लोगों को लाभ दिलाएं। एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों द्वारा जनता को भ्रामक जानकारी देकर भ्रमित करने का कार्य भी किया जा रहा है। रविन्द्र यति ने कहा हमें जनता को यह बताना होगा कि एसआईआर किसी भी मतदाता का नाम काटने के लिए नहीं है। एसआईआर सिर्फ मतदाता सूची के सटीक शुद्धिकरण के लिए चलाया जाने वाला अभियान है। पार्टी के सभी कार्यकर्ता 4 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान में पूर्ण समर्पण के साथ जुट जाएं। श्री यति ने कहा कि सभी समाज के प्रमुखों का सहयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाएगा और मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को गति प्रदान करेगा। बाहरी मतदाता एसआईआर समिति के संयोजक व विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि एसआईआर के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता प्रतिदिन समय निकालकर अपने वार्ड के प्रत्येक बूथ पर जाएं। यह देखें कि उनके क्षेत्र के कौन-कौन से मतदाता काम के सिलसिले में बाहर गए हैं, किसकी मृत्यु हो चुकी है और कौन सा मतदाता बाहरी है। किसी एक व्यक्ति का नाम अनेक जगहों पर मतदाता सूची में दर्ज है, तो ऐसे प्रकरण आते हैं इस बात को निर्वाचन आयोग की जानकारी में लाएं और यह सुनिश्चित कराएं कि उस मतदाता का नाम एक ही स्थान पर रहें। बैठक में सिंधी, ब्राहम्ण, राठौड, माझी, स्वर्णकार, जोगी, साहू, विश्वकर्मा, नामदेव, कलार, यादव, पाल, चौरसिया, सेन एवं राजपूत समाजों के साधु संत, प्रतिनिधिगण विशेष रूप से शामिल हुए।

Collaector Bhopal: मतदान केंद्रों पर बीएलओ कर रहे मैपिंग, पोर्टल अपडेट की समीक्षा

Collector Bhopal

Collector Bhopal BLOs are mapping polling stations reviewing portal updates भोपाल। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बुधवार को भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र (क्रमांक 150) पुतलीघर स्थित विभिन्न मतदान केंद्र क्रमांक-91 एवं 151 का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के अंतर्गत बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। सर्वेक्षण पारदर्शी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सिंह ने बीएलओ द्वारा मतदाता सूची अद्यतन के लिए घर-घर जाकर वितरित किए जा रहे गणना पत्रकों की मैपिंग और मिलान प्रक्रिया को देखा तथा निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जा रही प्रविष्टियों की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मतदान केंद्र का क्षेत्रवार सर्वेक्षण पारदर्शी एवं त्रुटिरहित तरीके से किया जाए ताकि मतदाता सूची का अद्यतन पूर्णतः सही और अद्यतन हो। फील्ड वेरिफिकेशन कलेक्टर सिंह ने इसके पश्चात भोपाल उत्तर विधानसभा (क्रमांक 150) के विभिन्न मतदान केंद्रों जैसे क्रमांक -95, 101, 111, 115, 119, 121, 129, 131 एवं 136 पर विशेष पुनरीक्षण कार्य की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने बीएलओ शेख नजीर (केंद्र 95) एवं श्री ऐजाज अहमद (केंद्र 138) से BLO ऐप के संचालन, डाटा एंट्री एवं फील्ड वेरिफिकेशन की बारीकियों पर चर्चा की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निर्धारित समयसीमा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सिंह के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता, ए.आर.ओ. दिनकर चतुर्वेदी, के.के. पंडोले तथा सुपरवाइजर मनीष तिवारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के साथ-साथ बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, ताकि आगामी मतदाता सूची प्रकाशन से पूर्व सभी सुधार और अद्यतन कार्य संतोषजनक रूप से पूरे हो सकें।

SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में EC का रुख सख्त: नाम हटाने का दावा है तो प्रमाण दें

नई दिल्ली बिहार एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. याच‍िकाकर्ताओं की ओर से दावे क‍िए गए क‍ि एसआईआर में बहुत सारे मुस्‍ल‍िमों के नाम वोटर ल‍िस्‍ट से हटा द‍िए गए. इस पर चुनाव आयोग की ओर से जवाब द‍िया गया है. आयोग ने कहा क‍ि वे कह रहे हैं कि बहुत सारे मुस्लिमों के नाम हटाए गए हैं लेकिन जब आपके पास डेटा ही नहीं है, तो आपको कैसे पता? आप डेटा तो दीजिए. ज‍िस मह‍िला का नाम हटाने की बात आप कह रहे हैं, वो तो वोटर ल‍िस्‍ट में दर्ज है. एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में इस वक्‍त जोरदार बहस .  या‍च‍िकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, प्रशांत भूषण और वृंदा ग्रोवर समेत कई वकील पेश हुए. जबक‍ि चुनाव आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने दलील रखी. द्व‍िवेदी ने कहा, एडीआर समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से हलफनामे में किए गए वोट काटे जाने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं. गलत कहानी गढ़ी जा रही है. जिस महिला का नाम काटने का दावा किया जा रहा है. उसका मसौदा सूची और अंतिम सूची में भी नाम है. ECI के तरफ से कोर्ट को बताया गया कि गलत कहानी गढ़ी गई है कि यह व्यक्ति ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में था और बाद में उसका नाम हटा दिया गया. ECI के वकील ने कहा कि अदालत में एक व्यक्ति द्वारा दायर किया गया हलफनामा, जिसमें दावा किया गया है कि उसका नाम ड्राफ्ट रोल के बाद हटाया गया, ये गलत है. ECI ने कहा कि उस व्यक्ति द्वारा दिया गया बूथ नंबर ही गलत है, जिससे साबित होता है कि उसका दावा झूठा है. वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि एक तर्क यह था कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़ी संख्या में लोगों के नाम थे, लेकिन अचानक उनके नाम सूची से गायब हो गए. मुझे अब तक तीन हलफनामे मिले हैं. हमने इसकी जांच की है. यह हलफनामा पूरी तरह से झूठा है. कृपया पैरा एक देखें कि उन्होंने कहा है कि मैं बिहार का निवासी हूं और ड्राफ्ट मतदाता सूची में था. वह वहां नहीं थे. हकीकत ये है उन्होंने मतदाता गणना फॉर्म जमा नहीं किया था. यह झूठ है. फिर उन्होंने मतदाता पहचान पत्र संख्या दी, दिया गया मतदान केंद्र 52 है, लेकिन वास्तविक संख्या 653 है. लेकिन वह नाम भी एक महिला का है, उनका नहीं. वह ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं थे. उन्‍होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं का यह दावा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब हो गए थे, गलत है, क्योंकि संबंधित व्यक्ति ने नामांकन फॉर्म नहीं भरा था. द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति वोटर लिस्ट के पार्ट 63 में था, न कि पार्ट 52 में, और यह सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता ने पुरानी जनवरी की लिस्ट का उल्लेख किया है. राकेश द्विवेदी ने दो मिनट का समय मांगा और फिर याचिकाकर्ताओं के आरोपों को चुनौती देते हुए आगे अपनी बात रखी. ECI का पक्ष:— “वे कह रहे हैं कि बहुत सारे मुस्लिमों के नाम हटाए गए हैं — लेकिन जब आपके पास डेटा ही नहीं है, तो आपको कैसे पता?” “मैं इस अदालत से आदेश चाहता हूं कि जिन लोगों को अपना नाम जोड़वाना है, वे अगले 5 दिनों में आवेदन करें, क्योंकि उसके बाद दरवाजे बंद हो जाएंगे.” “यह हलफनामा 6 तारीख का है — अगर उसे अपना नाम शामिल करवाना था, तो उसे आवेदन करना चाहिए था.” अदालत ने कहा:— “पहले सही जानकारी दी जानी चाहिए — गलत जानकारी हमें भी स्वीकार्य नहीं है.” ECI ने आगे कहा:— “यह किसी व्यक्ति का मुद्दा नहीं है, ADR ने यह दस्तावेज अदालत में रखे हैं. संगठन को अदालत में कुछ भी पेश करने से पहले उसकी सच्चाई सुनिश्चित करनी चाहिए.” अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा:—“आपको ज़िम्मेदारी लेनी होगी.” वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा:– “अदालत लीगल सर्विस अथॉरिटी को निर्देश दे सकती है कि जाकर जांच करे कि क्या उस व्यक्ति ने वास्तव में हलफनामा दाखिल किया है.” अदालत ने कहा: “लेकिन दी गई जानकारी गलत है.” प्रशांत भूषण ने जवाब दिया:—“वे ऐसा कह रहे हैं, अदालत लीगल सर्विस अथॉरिटी से जांच करवा सकती है.” अदालत ने टिप्पणी की:— “हम इस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता अभी कैसे जानें? हम जांच एजेंसी नहीं हैं! वे दिखा रहे हैं कि तथ्य गलत हैं.” वकील प्रशांत भूषण ने कहा: “वे केवल एक दावा कर रहे हैं, ये तथ्य नहीं हैं.” अदालत ने कहा: “देखना यह है कि क्या उस व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट रोल में था या नहीं — अगर नहीं था तो आप ऐसा हलफनामा कैसे दे सकते हैं?” जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि —आपसे संपर्क करने वाले सभी लोग लीगल सर्विस अथॉरिटी से संपर्क क्यों नहीं कर सकते? मुफ़्त कानूनी सलाह भी दी जा सकती है. वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि— वे कहते हैं कि या तो हमारा नाम ड्राफ्ट रोल से हटा दिया गया था, फिर फॉर्म 6 भरा और फिर भी नाम फाइनल रोल में नहीं था और दूसरे कहते हैं कि उनके नाम हटा दिए गए हैं और उन्हें कभी नोटिस ही नहीं मिला. अदालत की बड़ी महत्वपूर्ण टिप्पणी:– “अगर आप (याचिकाकर्ता) अदालत के सामने यह कहते कि आपकी अपील पर अब तक फैसला नहीं हुआ है, तो हम आपके साथ होते — लेकिन मामला ऐसा नहीं है.” प्रशांत भूषण ने कहा कि— आइए हम चुनाव आयोग द्वारा अपनाए गए दिशानिर्देशों को देखें. इसमें बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है. उनके पास सब कुछ कंप्यूटराइज्ड रूप में है. लेकिन अभी भी इस बारे में कोई डेटा नहीं है कि ड्राफ्ट सूची से किसे बाहर रखा गया है और इसलिए हम हर चीज़ की जाँच और पता लगाने में सैकड़ों घंटे लगा रहे हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि पहले भूषण हलफनामा दाखिल करें फिर अदालत हमारा पक्ष सुने. एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कहा कि— धारा 23(3) के अनुसार, 17 अक्टूबर को, यानी आज से 9 दिन बाद रोल फ्रीज हो जाएँगे. मुझे यह क्यों बताना चाहिए कि मैं कब तक अपील दायर कर सकती हूँ. जस्टिस बागची ने कहा कि— अपील सिर्फ़ यह कहकर की जा सकती है कि मेरा नाम हटा दिया गया है और कोई आधार नहीं … Read more