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62 करोड़ लोगों ने देखा रामलीला का जादू: अयोध्या ने तोड़े हर रिकॉर्ड, डिजिटल दुनिया में बनी सबसे बड़ी रामलीला

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अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या ने एक बार फिर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों और मार्गदर्शन में अयोध्या की रामलीला आज विश्व की सबसे बड़ी और भव्य रामलीला बन चुकी है। डिजिटल क्रांति के दौर में यह आयोजन केवल भारत तक सीमित न रहकर विश्वव्यापी सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया है। इस वर्ष 50 से अधिक देशों में ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित हुई इस रामलीला को कुल 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने देखा। भव्य मंचन और फिल्मी कलाकारों की भागीदारी दिल्ली और मुंबई से आए 250 से अधिक फिल्मी कलाकारों ने इस रामलीला को भव्य स्वरूप दिया। थ्री-डी तकनीक और आधुनिक मंच सज्जा ने इस धार्मिक आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। न केवल मंच पर बल्कि पर्दे पर भी यह आयोजन एक नया इतिहास रच रहा है। 10 करोड़ से अधिक खर्च सिर्फ लाइव प्रसारण पर रामलीला को अधिक से अधिक रामभक्तों तक पहुँचाने के लिए लाइव प्रसारण पर ही इस वर्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया। यह प्रसारण आराधना टाटा प्ले, शेमारू मी, VI ऐप, एयरटेल, शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेजों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हुआ। अकेले शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल पर 8 करोड़ से अधिक लोगों ने इसे देखा। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दर्शक संख्या (लाइव) आराधना टाटा प्ले – 2 करोड़ शेमारू मी – 4 करोड़ VI ऐप – 5 करोड़ शेमारू भक्ति (यूट्यूब) – 8 करोड़ शेमारू भक्ति धाम (यूट्यूब) – 7 करोड़ फेसबुक पेज – 5 करोड़ अन्य यूट्यूब प्लेटफॉर्म – 5 करोड़ शेमारू आराधना टीवी – 7 करोड़ टाटा प्ले – 7 करोड़ Videocon – 5 करोड़ एयरटेल – 3 करोड़ डिश टीवी – 4 करोड़ लगातार बढ़ती लोकप्रियता गौरतलब है कि कोरोना काल से शुरू हुई अयोध्या की डिजिटल रामलीला ने हर वर्ष दर्शकों के नए कीर्तिमान बनाए हैं। 2020 – 16 करोड़ 2021 – 20 करोड़ 2022 – 25 करोड़ 2023 – 40 करोड़ 2024 – 41 करोड़ 2025 – 62 करोड़ (Google के आंकड़ों के अनुसार) योगी सरकार और संस्कृति मंत्रालय का योगदान इस सपने को साकार करने में उत्तर प्रदेश सरकार की अहम भूमिका रही। 2020 में जब रामलीला शुरू हुई थी, उस समय के पर्यटन व संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने इस भव्य आयोजन का शुभारंभ किया था, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त किया। रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक और शुभम मलिक ने इस आयोजन को डिजिटल क्रांति का प्रतीक बना दिया। अयोध्या बनी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी रामनगरी अयोध्या में मंचित यह रामलीला अब केवल भारत की नहीं रही बल्कि पूरी दुनिया की रामलीला बन चुकी है। भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, म्यांमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, यूएई, सऊदी अरब, क़तर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मॉरीशस, फ़िजी, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, केन्या, नाइजीरिया, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड्स, रूस, कनाडा, अमेरिका और ब्राज़ील जैसे देशों में करोड़ों रामभक्तों ने इसे देखा। वैश्विक स्तर पर रामभक्ति का संदेश अयोध्या की रामलीला ने साबित कर दिया कि श्रीराम की कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व को जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु है। योगी सरकार के सहयोग और डिजिटल तकनीक के संगम ने रामलीला को विश्व स्तर पर पहुँचाकर भारतीय संस्कृति की अद्भुत ध्वजा फहराई है। अयोध्या की रामलीला में सितारों का चमका जादू, अद्भुत अभिनय से बना यादगार आयोजन श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित भव्य रामलीला इस वर्ष सितारों की जगमगाहट से और भी खास बन गई। बॉलीवुड और टीवी जगत के दिग्गज कलाकारों ने अपने अद्भुत अभिनय से इस आयोजन को यादगार बना दिया। प्रमुख भूमिकाओं में दिग्गज कलाकार मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता सीता की भूमिका निभाई। विंदू दारा सिंह ने अपनी दमदार अदाकारी से हनुमानजी का किरदार जीवंत कर दिया। खलनायकी अंदाज के लिए प्रसिद्ध शाहबाज खान ने रावण की भूमिका निभाई।वरिष्ठ अभिनेता अनिल धवन ने विभीषण का किरदार निभाया। हास्य अभिनेता सुनिल पाल ने नारदमुनि बनकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा मनोज तिवारी, रवि किशन, राकेश बेदी, रजा मुराद, अशरानी, अवतार गिल, रितु शिवपुरी, शीबा और अरुण बक्शी ने भी अपने-अपने किरदारों से रामलीला को और भव्यता प्रदान की। मिस यूनिवर्स का भी विशेष योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनी इस रामलीला में मिस यूनिवर्स 2024 और 2025 ने भी विशेष प्रस्तुति देकर इस आयोजन को नई ऊँचाइयाँ दीं। प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष चिठ्ठी लिखकर अयोध्या की रामलीला समिति को अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएँ भेजते हैं। इस परंपरा ने इस आयोजन के महत्व और पवित्रता को और बढ़ा दिया हैं।

मेरी बेटी से मांगी अश्लील फोटो – अक्षय कुमार ने देवेंद्र फडणवीस से की साइबर अपराध रोकने की अपील

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मुंबई  मुंबई में साइबर जागरूकता माह अक्टूबर 2025 का शुभारंभ हुआ, जहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार को देखा गया। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय में हुआ, जहां अक्षय कुमार ने अपनी बेटी के साथ हुई साइबर क्राइम की घटना का जिक्र किया और देवेंद्र फडणवीस से विनती करते हुए कहा कि हर स्कूल में बच्चों को 'साइबर' को सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाए। अक्षय कुमार ने कार्यक्रम में कहा, "मैं आपको उस घटना के बारे में बताना चाहता हूं जो कुछ महीनों पहले मेरे घर में घटी थी। मेरी बेटी ऑनलाइन गेम खेल रही थी और उस गेम में कई लोग शामिल होते हैं जिन्हें हम नहीं जानते। वहां से मैसेज आता है, 'बहुत अच्छा खेला, वेरी गुड,' और फिर सवाल आता है कि 'तुम कहां रहती हो?' मेरी बेटी ने लोकेशन बता दी। फिर कुछ दिन सब कुछ नॉर्मल हो गया, और फिर मैसेज आता है…'मेल हो या फीमेल?' मेरी बेटी उसका भी जवाब देती है। उसके बाद वो अचानक उससे अश्लील फोटोज की डिमांड करता है और मेरी बेटी इस बारे में मेरी पत्नी को बताती है।" एक्टर आगे कहते हैं, "ये अच्छा हुआ कि मेरी बेटी ने अपनी मां से ये परेशानी शेयर की..लेकिन कुछ केस में ये नहीं हो पाता है। ये भी एक तरह का साइबर क्राइम है और ऐसे ही शुरुआत होती है… मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से रिक्वेस्ट करता हूं, जैसे स्कूलों में बच्चे हिस्ट्री सीखते हैं, मैथ्स सीखते हैं..ऐसे ही बच्चों को साइबर के बारे में पढ़ाया जाए। डिजिटल वर्ल्ड की जानकारी के लिए बच्चों को ये जानना बहुत जरूरी है।" बता दें कि अक्षय कुमार की बेटी नितारा 12 साल की हैं। एक्टर मीडिया की नजरों से अपनी बेटी को हमेशा बचाकर रखते हैं। एक्टर कभी-कभार ही सोशल मीडिया पर अपनी बेटी के साथ फोटोज पोस्ट करते हैं और ज्यादातर फोटोज में बेटी का चेहरा छिपा ही होता है।

करूर हादसा और राजनीति: HC ने CBI जांच को नकारा, रैलियों में सुरक्षा नियमों को किया जोर

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चेन्नई  मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राजनीतिक रैलियों के लिए सख्त एसओपी का सुझाव दिया। साथ ही, कोर्ट ने अभिनेता-राजनेता विजय की करूर रैली में पिछले महीने हुई भगदड़ की सीबीआई जांच का आदेश देने से इनकार कर दिया। करूर भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। एम धंदापानी और एम जोतिरमन की पीठ ने भाजपा नेता उमा आनंदन की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर कार्यवाही करने से इनकार कर दिया, लेकिन याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि यदि जांच ठीक से नहीं की जाती है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अदालत ने मामले में याचिकाकर्ता के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस अदालत को राजनीतिक अखाड़े की तरह न समझें। कोर्ट ने कहा कि यदि पीड़ित व्यक्ति इस अदालत में आते हैं, तो हम उन्हें बचाएंगे। अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि पहले वह करूर में 27 सितंबर की घटना की जांच को उसके वर्तमान प्रारंभिक चरण से आगे बढ़ने दें। भाजपा नेता ने घटना की सीबीआई से जांच कराने के लिए हाई कोर्ट से निर्देश मांगा था और दावा किया था कि ये मौतें कथित सरकारी उदासीनता के कारण हुई हैं। हाई कोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। कुछ याचिकाओं में पीड़ितों के लिए घोषित मुआवजे में वृद्धि की मांग की गई थी। पीठ ने रैलियों या बैठकों के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने और राज्य या राष्ट्रीय राजमार्गों के निकट आयोजनों की अनुमति न देने के तमिलनाडु सरकार के सुझाव पर गौर किया। अदालत ने सुझाव दिया कि भविष्य में जब ऐसी राजनीतिक रैलियां या बैठकें निर्धारित स्थानों पर आयोजित की जाएं तो सरकार और राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां पेयजल और स्वच्छता की उचित व्यवस्था हो। पीठ ने यह भी कहा कि भगदड़ की संभावना को कम करने के लिए निकास मार्ग और पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। टीवीके पार्टी की रैली में हुई भगदड़ ने राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना को लेकर पुलिस ने पार्टी के राज्य महासचिव बूसी आनंद पर मामला दर्ज किया है। विजय ने इस दुखद घटना के पीछे साजिश का आरोप लगाया, जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विरोधी दलों पर त्रासदियों का फायदा उठाकर चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाया।

खंडवा का दर्दनाक हादसा: PM ने घोषित किया मुआवजा, राहुल गांधी ने दी संवेदना, 11 मासूमों को खोने का मातम

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भोपाल मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी दुख जाहिर किया है। उन्होंनें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतक के परिजनों को दो लाख और घायल कों 50 हजार देने की घोषणा की हैं। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया हैं। PMO की ओर से जारी की गई पोस्ट में लिखा है कि ‘मध्य प्रदेश के खंडवा में हुए एक हादसे में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुःखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। राहुल गांधी ने भी जताया दुख वहीं राहुल गांधी ने भी दिख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि मध्यप्रदेश में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई दुर्घटनाओं में कई लोगों की मृत्यु, जिनमें अधिकतर बच्चे हैं, अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों और बच्चों के अभिभावकों के साथ हैं। हादसों में घायल लोगों की कुशलता और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं। CM ने भी किया मुआवजे का ऐलान वहीं आपको बता दें कि सीएम मोहन यादव ने भी शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा भी की हैं। खंडवा में दर्दनाक हादसे ने नम करदीं सभी की आंखें मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गुरुवार की खुशियों और उत्साह से भरी शोभायात्रा अब पाडलफाटा गांव के लिए असहनीय दर्द में बदल गई है। कल तक जहां गांव के बच्चे और युवा डीजे पर थिरक रहे थे, आज वही गली रोते-बिलखते परिजनों की चीखों से गूंज रही हैं। शुक्रवार सुबह प्रशासन ने 11 मृतकों के शवों को पंधाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक-एक कर एम्बुलेंस में गांव लाया। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस का भारी बल गांव में तैनात किया गया है। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान भी मौके पर मौजूद हैं। सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली कहानी है 8 साल की चंदा की। उसका शव सबसे आखिरी पानी से निकाला गया। उसकी दो छोटी बहनें उसी के पास खेल रही थीं, और उन्हें अभी तक पता नहीं कि उनकी बड़ी बहन अब इस दुनिया में नहीं रही। 

मौसम अलर्ट: यूपी में होगी जोरदार बारिश, जानें कौन-कौन से राज्य भी प्रभावित होंगे

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नई दिल्ली  देशभर में मॉनसून लगभग वापस जा चुका है, लेकिन विभिन्न वजहों से बारिश का दौर जारी है। इस बीच, उत्तर भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक देने जा रहा है, जिसकी वजह से पांच से सात अक्टूबर के बीच कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके तहत यूपी, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा समेत कई राज्यों में भारी बारिश होगी। इसके अलावा, आंतरिक ओडिशा पर दबाव का प्रभाव पड़ने के कारण तीन और चार अक्टूबर को पूर्वी भारत और पूर्वी मध्य भारत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो चार अक्टूबर को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ में तीन और चार अक्टूबर को, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम तथा बिहार में तीन से छह अक्टूबर तक, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में तीन और चार अक्टूबर को, झारखंड में तीन से पांच अक्टूबर तक अधिकांश जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में तीन अक्टूबर, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार में तीन से पांच अक्टूबर तक अलग अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में तीन से पांच अक्टूबर कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अगले पांच दिनों तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चलेंगी। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो चार अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होगी। उत्तर पश्चिम भारत में तीन और चार अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर बिखरी हुई बारिश के बाद पांच और सात अक्टूबर तक तूफान, बिजली के साथ व्यापाक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में पांच से सात अक्टूबर तक, उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर, पंजाब में पांच और छह अक्टूबर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छह और सात अक्टूबर को, पूर्वी उत्तर प्रदेश में तीन से पांच अक्टूबर तक, पूर्वी राजस्थान में छह अक्टॅबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में छह अक्टूबर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में तीन अक्टूबर को बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है।  

भारत ने पाकिस्तान को लगाई क्लास: PoK में हालात पर कड़ी चेतावनी

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नई दिल्ली  पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में शहबाज शरीफ सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। आवामी ऐक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। पीओके में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर भारत ने शहबाज सरकार पर जमकर निशाना साधा है। भारत ने साफ किया है कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान के दमनकारी रवैये का नतीजा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि हमने पीओके में विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्ट देखी हैं, जिनमें पाकिस्तानी सेना द्वारा नागरिकों पर की गई बर्बरता भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ''पीओके में पाकिस्तान की कार्रवाई उसके दमनकारी रवैये और इन क्षेत्रों से संसाधनों की व्यवस्थित लूट का स्वाभाविक परिणाम है।'' वहीं, प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की कार्रवाई पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को उसके भयानक मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।  

14 दिन की जेल में रहेंगे बाबा चैतन्यानंद, बोले– चाहिए साधु-संतों का भोजन, दवाइयां और वस्त्र

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नई दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार (3 अक्टूबर) को स्वामी चैतन्यानंद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.  दिल्ली पुलिस 5 दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे पटियाला हाउस कोर्ट लेकर पहुंची. आरोपी बाबा के वकील ने ज्यूडिशियल कस्टडी में कपड़े, दवाइयां और संन्यासी खाने की मांग की है. इस याचिका पर कोर्ट शनिवार (4 अक्टूबर) सुनवाई करेगा. बाबा की अर्जी पर पुलिस से जवाब मांगा गया आरोपी बाबा के वकील ने सीजर मेमो और केस डायरी पर जज साइन की मांग की. सीजर मेमो की अर्जी पर पुलिस से जवाब मांगा है. इस पर भी कोर्ट  कल सुनवाई करेगा. 28 अगस्त को आगरा से हुआ था गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने बाबा को न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार के समक्ष पेश किया. बाबा पर एक प्राइवेट संस्थान में 17 छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का संगीन आरोप लगा है. मामले के सामने आने के बाद बाबा फरार हो गया था. 62 साल के बाबा को पुलिस ने 28 सितंबर को यूपी के आगरा से गिरफ्तार किया था.  छात्राओं को भेजता था अश्लील मैसेज इससे पहले, पुलिस ने बाबा से जुड़े कई बैंक खातों और फिक्स डिपॉजिट्स में जमा 8 करोड़ रुपये जब्त कर लिए थे. एफआईआर के मुताबिक, साउथ-वेस्ट दिल्ली स्थित संस्थान के पूर्व अध्यक्ष सरस्वती कथित तौर पर छात्राओं को देर रात अपने क्वार्टर में आने के लिए मजबूर करता था और अश्लील मैसेज करता था. वह अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था. इस मामले में तीन महिलाएं भी गिरफ्तार गुरुवार (2 अक्टूबर) को पुलिस ने इसी मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया. ये महिलाएं उसी संस्था में काम करती हैं. एसोसिएट डीन श्वेता शर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावना कपिल और सीनियर फैकल्टी मेंबर काजल ने बाबा के निर्देशों का पालन करने, अनुशासन और समय की पाबंदी के बहाने छात्राओं पर दबाव बनाने की बात स्वीकार की. तीनों पर अपराध के लिए उकसाने, धमकाने और सबूत नष्ट करने के आरोप हैं.  

मध्यप्रदेश के 14 जिलों में सब्जी उत्पादन बना किसानों की उम्मीद, 3000 से अधिक किसानों को मिला लाभ

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प्रदेश में वाटरशेड मिशन का नवाचार मध्यप्रदेश में कलस्टर आधारित सब्जी उत्पादन से संवर रही किसानों की तकदीर 14 जिलों के 3000 किसान उठा रहे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ भोपाल परंपरागत खेती से आय में बढ़ोतरी की राह तलाश रहे किसानों के लिए वाटरशेड विकास घटक के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 14 जिलों के 3000 किसान अब कलस्टर आधारित सब्जी उत्पादन से जुड़कर ₹40 से 50 हजार तक की आय अर्जित कर रहे हैं। यह पहल न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त बना रही है, बल्कि गांवों में ग्रामीण आजीविका को भी नई दिशा दे रही है। रतलाम जिले के नौगांवाकला निवासी तेजपाल जैसे किसान जो पहले सिर्फ खाने लायक सब्जी उगाते थे, अब आधा एकड़ में टमाटर और मिर्च की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। यह बदलाव संभव हुआ है वाटरशेड विकास घटक की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के नवाचार से जिसने पहली बार जल संरक्षण को आजीविका से जोड़ा है। 100 से 150 किसानों का चयन किया गया योजना के तहत प्रत्येक परियोजना में सिंचाई की सुविधा वाले 100 से 150 किसानों का चयन किया गया। इन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए 835 लीड वेजिटेबल फार्मर चिन्हित किए गए और उन्हें मास्टर ट्रेनर बनाकर गांवों में सब्जी उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धति सिखाई गई। 30 हजार रुपये प्रति किसान दिया जा रहा अनुदान सरकार किसानों को प्रति किसान ₹30 हजार तक का अनुदान भी दे रही है, जिससे वे खाद, दवाइयों और अन्य संसाधनों की खरीद कर सकें। इतना ही नहीं 50 से 60 किसानों के बीच गांव में ही शेड नेट नर्सरी तैयार की जा रही है, जिससे उन्नत किस्म की पौध समय पर उपलब्ध हो सके। इन नर्सरियों के लिए ₹1.30 लाख तक की सहायता भी दी जा रही है। आगामी सीजन में 9000 और किसान होंगे लाभान्वित इस योजना की सफलता को देखते हुए रबी सीजन में 36 जिलों की 85 परियोजनाओं में विस्तार किया जा रहा है, जिससे लगभग 9000 और किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में धार, रतलाम, खरगोन, बड़वानी, सागर, गुना, इंदौर, श्योपुर सहित 14 जिलों में इसका सफल संचालन हो रहा है। तकनीक और योजना पर आधारित खेती से समृद्धि की ओर बढ़ रहे किसान संचालक वाटरशेड  अवि प्रसाद के अनुसार यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की इस पहल से साफ है कि अब किसान सिर्फ मौसम पर नहीं बल्कि तकनीक और योजना पर आधारित खेती से समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं।  

सीमा पर अल्टीमेटम — सेना प्रमुख की पाकिस्तान के लिए दो टूक वार्ता

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अनूपगढ़ सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को आतंकवाद रोकने की सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि अगर पाकिस्तान दुनिया के नक्शे पर बना रहना चाहता है तो उसे हर हाल में आतंकवाद रोकना होगा, वरना हम संयम भूल जाएंगे और पाकिस्तान का नक्शे पर से नामोनिशां मिटा देंगे। उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि यह सोचना और तय करना अब पाकिस्तान का काम है कि उसे भूगोल और इतिहास में रहना है या नहीं? उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि पश्चिमी पड़ोसी को हर हाल में राज्य प्रायोजित आतंकवाद रोकना ही होगा। राजस्थान के अनूपगढ़ में एक सैन्य चौकी पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना इस बार कोई संयम नहीं दिखाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि अगर इस्लामाबाद आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाता है और आतंकियों की सप्लाई बंद नहीं करता है, तो 'ऑपरेशन सिंदूर-2.0' दूर नहीं होगा और उस दौरान हम संयम भूल जाएंगे। ऑपरेशन सिंदूर-2.0 के लिए तैयार रहें जवान: सेना प्रमुख सेना प्रमुख ने कहा, "इस बार हम ऑपरेशन सिंदूर 1.0 जैसा संयम नहीं बरतेंगे। इस बार हम कुछ ऐसा करेंगे जिससे पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि वह भूगोल में अपनी जगह बनाए रखना चाहता है या नहीं। अगर पाकिस्तान भूगोल में अपनी जगह बनाए रखना चाहता है, तो उसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद रोकना होगा।" इसके साथ ही उन्होंने जवानों से भी तैयार रहने को कहा। सेना प्रमुख ने कहा, “अगर ईश्वर ने चाहा, तो आपको जल्द ही मौका मिलेगा। शुभकामनाएँ।” 5 पाक लड़ाकू विमानों को मार गिराने का एयर चीफ का दावा सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी की यह चेतावनी एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें सिंह ने कहा था कि भारतीय सेना ने मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका निर्मित एफ-16 और चीन के जेएफ-17 सहित चार से पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। वायु सेना प्रमुख ने कहा कि आतंकवादी पाकिस्तान में अपने ठिकाने भले ही कितनी दूर और कहीं भी बना लें भारतीय वायु सेना के पास उन्हें नष्ट करने की क्षमता है। एयर चीफ मार्शल सिंह ने वायु सेना दिवस से पहले शुक्रवार को अपने सालाना संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में यह बात कही।  

मंत्री नेताम बोले – आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक होगा संग्रहालय

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जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह के दृश्य भी होगा जीवंत राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर, आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने आज नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय-सह स्मारक के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मंत्री नेताम ने इस अवसर पर कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक संग्रहालय-सह स्मारक धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए नई पीढ़ियों को पुरखों की याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणास्पद होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का यह पहला संग्रहालय है, जो कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उच्च शौर्य एवं बलिदान को समर्पित है अतः इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मंत्री  नेताम ने संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन और सभी वर्गों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य के जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से कई अभिनव योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे जनजातीय वर्ग के जीवन स्तर में तेजी से बदलाव आ रहा है। मंत्री नेताम ने इस मौके पर संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, दिव्यांगजनों हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि संग्रहालय का लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से राज्योत्सव के समय किया जाना है। संग्रहालय के निर्माण कार्यों में लगने वाली मूर्तियां, कैनवास वर्क, डिजिटल वर्क का बारीकी के साथ परीक्षण किया जा रहा है। संग्रहालय का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। मूर्तियों की स्थापना, लाईट, बिजली आदि का टेस्टिंग कार्य जारी है। प्रमुख सचिव बोरा ने इस मौके पर संग्रहालय में प्रवेश से पूर्ण टिकट काउंटर पर लगे स्कैनिंग कार्य तथा प्रवेश द्वार में कुछ सुधार करने के संबंध में निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विकास विभाग संयुक्त सचिव बीएस राजपूत, टीआरटीआई संचालक हिना अनिमेष नेताम, उपायुक्त गायत्री नेताम, निर्माण एजेंसी के अधिकारी, ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स, आर्ट कलाकार एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।    वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है जीवंत संग्रहालय संग्रहालय निर्माण में लगे क्यूरेटर प्रबल घोष ने बताया कि यह संग्रहालय-सह स्मारक आदिवासियों स्वतंत्रता संग्र्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारीकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत झांकी के सामने स्कैनर लगाए गए स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है।   16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा।