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समर्थन मूल्य योजना के तहत धान, ज्वार और बाजरा के पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर

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समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन हेतु पंजीयन 10 अक्टूबर तक किसान निर्धारित समय पर करायें पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 15 सितम्बर से शुरू हो चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1255 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर तथा एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोट पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

शक्ति पर्व में अमरकंटक बिजलीघर का दमदार प्रदर्शन, सीएम यादव बोले – यही है आत्मनिर्भर ऊर्जा का प्रतीक

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69 वर्ष के इतिहास में पहली बार 365 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का बना रिकार्ड भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में नई-नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। नवरात्रि के शक्ति पर्व में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट यूनिट ने पूरे एक वर्ष 365 दिन निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के 69 वर्ष के कार्यकाल में ऐसी उपलब्धि हासिल करना अपने-आप में ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिये ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं और कार्मिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये बधाई दी है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, समर्पण व शक्ति ने आज वह कमाल कर दिखाया जिसकी कल्पना मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद 69 वर्ष के इतिहास में नहीं की गई थी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने जैसे ही सतत् विद्युत उत्पादन करते हुए गत रात्रिठीक 12 बजे प्रविष्ट हुई वैसे ही पूरी यूनिट के अभियंता व तकनीकी कार्मिक खुशी से झूम उठे। चचाई की इस यूनिट ने तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल व मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल और मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 69 वर्ष के इतिहास में ऐसी प्रथम ताप विद्युत उत्पादन यूनिट होने का तमगा हासिल किया, जिसने लगातार व निर्बाध रूप से 365 दिन यानी कि एक वर्ष तक विद्युत उत्पादन किया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इस यूनिट के लगातार एक वर्ष तक निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करने से यह धारणा भी खंडित हुई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ताप विद्युत यूनिट ऐसा शानदार प्रदर्शन कर ही नहीं सकती।  ऐतिहासिक उपलब्धि गौरव की बात : ऊर्जा मंत्री  तोमर ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना अत्यंत गौरव की बात है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठता सिद्ध हुई और सकारात्मक छवि बनी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, कंपनी के एमडी सहित सभी अभियंताओं और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है। 95.43 फीसदी का शानदार पीएलएफ अमरकंटक की 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 365 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब इसने 95.43 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर, 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) और 9.15 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऑपरेशन व मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका किसी यूनिट का लगातार एक वर्ष तक लगातार व निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इस सफलता के पीछे ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों टीमों ने समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन कर इस उपलब्धि को हासिल किया। पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है यह सफलता मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यूनिट के संचालन की जटिलताओं को इतनी कुशलता से प्रबंधन करना अमरकंटक ताप विद्युत गृह के पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंता व तकनीकी कार्मिक न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के उत्कृष्टता मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।  

राज्यपाल ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

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भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विजयादशमी पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने शुभकामना संदेश में कहा है कि विजयादशमी हर्ष, उल्लास तथा विजय का पर्व है। यह अन्याय पर न्याय, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक और शौर्य की उपासक है। विजयादशमी त्यौहार भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और त्याग से हम सबको जीवन में धैर्य, संयम और सदाचार का पालन कर चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की कामना की है।  

हेलमेट नियम में बदलाव: अब पुलिसकर्मियों पर भी लागू होगा, सख्त दंड के साथ लाइसेंस रद्द होने का खतरा

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भोपाल   मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं, नियम ना मानने वालों पर बड़ी सख्ती की तैयारी की जा रही है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने हेलमेट लगाने का नियम सभी के लिए कड़ाई से पालन करना होगा। फिर भले ही वो आमजन हो या पुलिस, सभी को वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा। पुलिस विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं। मध्य प्रदेश में अब सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी या निजी काम के दौरान दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने वालों पर न केवल चालानी कार्रवाई होगी बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निरस्ती भी की जाएगी।  पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि कई बार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं। इससे सड़क हादसों में गंभीर चोटें आने के साथ कई मौतें भी हो चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है। राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर पुलिसकर्मी को हेलमेट लगाना जरूरी होगा। नियम की अवहेलना करने पर चालानी कार्रवाई को की ही जाएगी। साथ ही साथ, ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. हेलमेट पर सख्ती  कार्रवाई के बावजूद भी अगर कोई पुलिसकर्मी हेलमेट लगाए बिना टू-व्हीलर वाहन चलाते पाए जाते हैं तो ऐसे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। आपको बता दें कि, नियम का कड़ाई से पालन इसलिए भी नहीं हो पा रहा है क्योकि, कई बार देखा गया है कि, कुद पुलिसकर्मी ही वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं लगाए होते। ऐसे में आमजन के बीच ये भावना उत्पन्न होती है अगर हम हेलमेट नहीं लगाते तो चालानी कार्रवाई होती है और अगर पुलिस हेलमेट न लगाए तो कोई कारर्वाई नहीं। लोगों में बन रही ऐसी भावना से ना सिर्फ लोगों में नियम के प्रति गंभीरता नहीं दिख रही थी तो वहीं पुलिस विभाग की किरकिरी तक हो रही थी। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

हीरे की नगरी पन्ना में फिर चमकी किस्मत, मजदूर को मिला 4 कैरेट का कीमती हीरा

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पन्ना  पन्ना जिले में एक बार फिर यह कहावत सच साबित हुई कि यहां की धरती किसी को भी रंक से राजा बना सकती है। पन्ना शहर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेरा माता के दर्शन कर लौट रहे एक मजदूर को सड़क किनारे जैम्स क्वालिटी का 4.04 कैरेट का हीरा पड़ा हुआ मिला। इस हीरे की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। ​रहूंनिया गुर्जर निवासी गोविंद सिंह आदिवासी (59 वर्ष) रोज की तरह सुबह खेरा माता के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय उन्हें सड़क किनारे एक चमचमाता पत्थर दिखा, जिसे जिज्ञासावश उठाकर वह घर ले आए। परिवार को दिखाने पर उन्हें यह हीरे जैसा लगा, जिसके बाद वे इसे लेकर हीरा कार्यालय पहुंचे। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने जब पत्थर की जांच की, तो वह 4.04 कैरेट का जेम्स क्वालिटी का हीरा निकला। ​गोविंद सिंह और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। नीलामी के पैसों से घर बनवाएंगे गोविंद गोविंद सिंह ने बताया कि वे सब्जी की खेती करते हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से वे माता रानी से प्रार्थना कर रहे थे कि वे ट्रैक्टर खरीद सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नीलामी से मिलने वाले पैसों से वे पहले अपना अधूरा मकान बनवाएंगे और अगर अच्छी रकम मिली तो ट्रैक्टर भी खरीदेंगे। हीरो पार्क की अनुपम सिंह ने बताया कि यह जैम्स क्वालिटी का हीरा है जिसकी मार्केट में अच्छी डिमांड होती है इस हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा।  

अब घर बैठे बनाएं ड्राइविंग लाइसेंस, परिवहन विभाग ने फेसलेस सेवाओं का विस्तार किया

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भोपाल  अब ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, ट्रांसफर सर्टिफिकेट या बैंक कर्ज अदा होने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग ने फेसलेस सर्विस एक्सटेंशन प्रोजेक्ट के तहत सेवाओं की संख्या 51 कर दी है।इसकी शुरुआत परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा, सचिव मनीष सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा मौजूद रहे। परिवहन मंत्री सिंह ने कार्यक्रम के दौरान राहवीर योजना के तहत घायलों की मदद करने वालों को सम्मानित किया गया। ऐसे ले सकेंगे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ     आवेदन और स्वीकृति अब ‘वाहन’ और ’सारथी’ पोर्टल से।     आवेदक के मोबाइल पर ओटीपी और आपत्तियों की सूचना मिलेगी।     शादी, पार्टी या सीजनल बिजनेस के लिए बसों के अस्थाई परमिट ऑटो-अप्रूवल सिस्टम से मिलेंगे।     वाहन कर जमा करना हो या अन्य राज्यों के वाहनों का टैक्स सब कुछ ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल से होगा।     प्रदूषण जांच को पारदर्शी बनाने के लिए पीयूसी 2.0 सिस्टम लागू किया गया है।     जल्द ही प्रदेश में ई-डिटेक्शन चालान प्रणाली लागू होगी। नियम उल्लंघन पर स्वत: चालान कटेगा। 51 सेवाएं हुईं फेसलेस नई व्यवस्था में लर्निंग लाइसेंस, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, पता-नाम बदलवाना, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, कंडक्टर लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, डुप्लीकेट फिटनेस सर्टिफिकेट, कमर्शियल परमिट, अस्थाई परमिट जैसे काम ऑनलाइन होंगे। आवेदकों को सभी प्रमाणपत्र व दस्तावेज कोरियर के माध्यम से घर भेजे जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फेसलेस सेवा की शुरुआत भोपाल से हुई है। विभाग जल्द ही इसे पहले प्रदेश के बड़े शहर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में लागू करेगा, इसके बाद पूरे प्रदेश में विस्तार होगा। मंत्री बोले- विभाग के कई पद खाली पड़े उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग में कई पद खाली पद खाली पड़े हुए हैं। इन हालात में काम करना आसान नहीं है। यह विभाग प्रदेश के उन विभागों में गिना जाता है, जहां कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। आज भी केवल 1100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा पद पदोन्नति, रिटायरमेंट और अन्य कारणों से खाली पड़े हुए हैं। पहले लाइसेंस या वाहन पंजीयन जैसी साधारण सेवाओं के लिए लोगों को दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों और बिचौलियों का बोलबाला था। आने वाले समय में विभाग में 175 कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए जा रहे हैं।

वृद्धजनों की सेवा और सम्मान के लिए समाज को होना होगा संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी हों संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी प्रदेशवासियों से संकल्पित होने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवतुल्य वृद्धजन को नमन करते हुए कहा कि वृद्धजन किसी भी संस्कृति, राष्ट्र, समाज और परिवार के सशक्त आधार होते हैं, उनके विराट अनुभव, ज्ञान और संस्कार से युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा लेते रहना चाहिए। 15 लाख 75 हजार वृद्धजन को प्रतिमाह उपलब्ध कराई जा रही है पेंशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजन के मान-सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से राज्य के 15 लाख 75 हजार से अधिक वृद्धजन नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1143 करोड़ 53 लाख रुपये राशि पेंशन के रूप में अंतरित की गई।  

मतदाता सूची अपग्रेड में लापरवाही बरतने वाले चार बीएलओ को भोपाल कलेक्टर ने किया निलंबित

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भोपाल  मतदाता सूची अपग्रेड करने के काम में लापरवाही बरतने वाले चार बीएलओ को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निलंबित कर दिया है। गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने निलंबन का प्रस्ताव भेजा था। बीएलओ को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन सही जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। अब अन्य बीएलओ पर भी कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने 77 बीएलओ और 4 सुपरवाइजरों को नोटिस दिए थे। बीएलओ पर कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (विशेष गहन पुनरीक्षण-2025) के तहत भोपाल में भी पुनरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत मतदाता सूची का अपडेशन नए तरीके से किया जा रहा है। जिसमें साल 2003 की मतदाता सूची से 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। जो मतदाता 2003 की मतदाता सूची में थे। वह और उनके परिवार स्वतः ही 2025 की मतदाता सूची में शामिल हो जाएंगे। अन्य मतदाताओं का भौतिक सत्यापन बीएलओ डोर टू-डोर सर्वे के जरिए करेंगे। इस संबंध में समस्त मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज दिखाने के बाद ही उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसी काम में बीएलओ पर कार्रवाई की गई है। इन्हें किया निलंबित मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत बीएलओ शेरसिंह सिकरवार, विवेकानंद मुखर्जी, शंभू सिंह रघुवंशी और रोशनी प्रजापति पर कार्रवाई हुई है। साथ ही कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सिंह ने जिले के सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही करने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राज्यपाल पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन

राज्यपाल  पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन कन्याओं को उपहार प्रदान किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल महानवरात्रि पर्व पर राजभवन परिसर स्थित मंदिर में कन्या पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्याओं को तिलक लगाकर मिष्ठान और उपहार भेंट किए। राज्यपाल  पटेल ने माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की। प्रदेश और देश के विकास और निवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  अरविंद पुरोहित, नियंत्रक हाउसहोल्ड मती शिल्पी दिवाकर सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।                                             

MP में बारिश का नया ट्रेंड: अगले 4 दिन रहेगा अलर्ट, अक्टूबर में मौसम में उतार-चढ़ाव

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भोपाल  वर्षाकाल का सीजन भले ही 30 सितंबर को खत्म हो गया हो, लेकिन चक्रवाती संरचना के कारण मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत 10 जिलों में पानी गिरा। बैतूल में एक घंटे में आधा इंच से अधिक बारिश हुई। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की मानें तो 4 अक्टूबर तक एमपी में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं इसके बाद तेज बारिश(Heavy Rain) हो सकती है। विदाई से पहले झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, अब तक 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून लौट जाएगा। इस बार सितंबर में भी बारिश का कोटा पूरा हो गया। औसत 45.2 इंच पानी गिरा, जो सामान्य बारिश 37.3 इंच के मुकाबले 7.8 इंच अधिक है। अब बात अक्टूबर महीने की। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। ग्वालियर में पारा रिकॉर्ड 39 डिग्री तक पहुंच चुका है तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ बारिश भी हुई है। भोपाल-ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। बैतूल में डेढ़ इंच पानी गिर गया। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच, दतिया में आधा इंच से ज्यादा और ग्वालियर में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, जबलपुर, सागर, डिंडौरी, मुरैना में भी बूंदाबांदी हुई। पन्ना में आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे रूप सिंह यादव (40) की मौत हो गई। वह बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे छिपा था। भाई बुध सिंह यादव ने बताया कि रूप सिंह एक हाथ से दिव्यांग था। उसने शादी नहीं की थी। भैंसों को चराकर अपना भरण-पोषण करता था। चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। 12 जिलों से विदा हो चुका मानसून अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है। बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। यहां 65.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिर चुका है। इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है। बैरागढ़ में कम, अरेरा हिल्स में इस बार शहर में मानसून आगमन के बाद जून और जुलाई माह में अच्छी बारिश(Heavy Rain) हुई थी, लेकिन अगस्त और सितंबर में कम बारिश हुई। पिछले 122 दिनों में शहर में बैरागढ़ में 1022.2 मिमी बारिश हुई है, हांलाकि अरेरा हिल्स में 1200 मिमी से अधिक बारिश हुई है। लेकिन शहर का कोटा बैरागढ़ में हुई बारिश के आधार पर भी है। इस लिहाज से इस साल सामान्य से 2 इंच कम बारिश इस बार सीजन में हुई है। पूरे मानसूनी सीजन में बारिश 1075.2 मिमी होना चाहिए। मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में भोपाल में 32.6°C डिग्री, इंदौर में 32.8°C डिग्री, ग्वालियर में 35.6°C डिग्री, उज्जैन में 31.0°C डिग्री और जबलपुर में 33°C डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। बारिश होने के के कारण कई शहरों में दिन के तापमान में थोड़ी कमी दर्ज की गई। पचमढ़ी में दिन का तापमान 25.4 डिग्री तक आ गया। पृथ्वीपुर में 37.0 डिग्री, ग्वालियर में 35.6 डिग्री, खजुराहो में 35.2 डिग्री, श्योपुर में 35.0 डिग्री और सतना में 33.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस पृथ्वीपुर में दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश का मानसून मीटर मध्यप्रदेश में इन दिनों कहीं-कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश की औसत वार्षिक बारिश 37.2 इंच है, जबकि इस सीजन में अब तक 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह कुल लक्ष्य को पार कर चुका है यानी अबतक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। बता दें कि एमपी में अब तक 37.3 इंच पानी गिरना था। इसका मतलब है कि इस समय तक 7.8 इंच ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, पिछले मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। मध्यप्रदेश के 41 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया शामिल हैं। कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा 150 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है, जबकि श्योपुर में 213 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। मंगलवार को MP के बिछिया में 42.8 मिमी, ग्वालियर में 30.4 मिमी, मोहनगढ़ में 30.0 मिमी, रामनगर … Read more