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amit kumar

Writer News & Blogger

MP Police: दीपावली पर लौटाया 1450 से अधिक गुम मोबाइल फोन, लोगों के खिले चेहरे

MP Police

MP Police Over 1450 lost mobile phones returned on Diwali भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने आधुनिक तकनीक, नवाचार और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए गुम एवं चोरी गए मोबाइल फोन की बरामदगी में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। “CEIR पोर्टल”, “सिटीजन कॉप एप्लिकेशन”, “ऑपरेशन उपहार” और “ऑपरेशन विश्वास” जैसे अभियानों के माध्यम से पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों के सुपुर्द किया है।इस माह प्रदेशभर में 1450 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं। जिनकी कुल अनुमानित कीमत करोड़ रुपये है। यह उपलब्धि पुलिस की तकनीकी क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण को उजागर करती है। 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य दीवाली के पूर्व रूप चौदस के दिन मिशन मोबाइल रिकवरी” अभियान के अंतर्गत विदिशा पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पिछले 15 दिनों में पुलिस टीम द्वारा 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य के 275 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। विदिशा पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में अब तक कुल 1112 मोबाइल, कुल कीमत ₹2 करोड़ 22 लाख 16 हजार के वास्तविक मालिकों को सौंपे जा चुके हैं। भोपाल जोन-04 में CEIR पोर्टल के माध्यम से 100 से अधिक मोबाइल फोन (मूल्य ₹17 लाख) बरामद किए गए। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, DCP मयूर खंडेलवाल तथा संपूर्ण टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी है। 760 मोबाइल फोन बरामद इंदौर पुलिस ने “सिटीजन कॉप एप्लिकेशन” के माध्यम से दीपावली के अवसर पर 272 मोबाइल फोन (मूल्य ₹1 करोड़) उनके स्वामियों को लौटाकर नागरिकों को “विश्वास का उपहार” दिया। वर्ष 2025 में अब तक कुल 760 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार जैसे अन्य राज्यों से भी मोबाइल खोजकर पूरी की गई है।छतरपुर पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” के तहत दीपावली पर 91 मोबाइल फोन लौटाए, और वर्ष 2025 में अब तक 540 मोबाइल फोन वापस किए हैं। इस दौरान लवकुशनगर थाना क्षेत्र में एक मोबाइल चोर की गिरफ्तारी भी हुई। अशोकनगर जिले में सायबर सेल ने दीपावली के अवसर पर नागरिकों को धनतेरस का विशेष उपहार देते हुए ₹7 लाख मूल्य के 70 मोबाइल फोन खोजकर सुपुर्द किए। मालिकों को सुपुर्द किए सिंगरौली पुलिस ने “संचार साथी (CEIR) पोर्टल” के माध्यम से प्रभावी कार्यवाही करते हुए लगभग ₹68 लाख मूल्य के 288 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। वहीं, मंडला पुलिस ने भी “मिशन मोबाइल रिकवरी” अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करते हुए नागरिकों को उनके 100 गुम मोबाइल फोन वापस लौटाए। मंदसौर पुलिस की सायबर सेल टीम ने “ऑपरेशन उपहार” के अंतर्गत ₹18 लाख मूल्य के 104 मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए। इस अभियान में अब तक 200 से अधिक मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं।इसी प्रकार शाजापुर, अलीराजपुर, सिवनी, भोपाल जीआरपी और इंदौर जीआरपी जिलों ने भी इस माह उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज कीं। इन जिलों द्वारा कुल 193 मोबाइल फोन भी लौटाए गए — जिनमें शाजापुर में 106, अलीराजपुर में 51, सिवनी में 19, भोपाल जीआरपी में 13 और इंदौर जीआरपी में 4 शामिल हैं। स्मार्ट पुलिसिंग पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि “मध्यप्रदेश पुलिस तकनीक और सेवा के सामंजस्य से प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षा और विश्वास का भाव पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन अभियानों से यह सिद्ध हुआ है कि गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी केवल वस्तु वापस करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनविश्वास पुनर्स्थापना का सशक्त माध्यम है।” इन सभी प्रयासों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस “स्मार्ट पुलिसिंग” और “जनसेवा” के प्रति दृढ़ निष्ठा से कार्य कर रही है। डिजिटल तकनीक के अभिनव प्रयोग से प्रदेश पुलिस ने न केवल नागरिकों की खोई हुई संपत्ति लौटाई है, बल्कि जनविश्वास को भी सशक्त रूप से पुनर्स्थापित किया है।

MP News: पुलिस स्मृति दिवस, मुख्यमंत्री मोहन से मिलेंगे शहीद पुलिस जवानों के परिजन

Police Memorial Day

Police Memorial Day Families of martyred police personnel meet Chief Minister Mohan भोपाल। मध्‍यप्रदेश पुलिस स्मृति दिवस हर साल की तरह इस साल भी 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में यहां लाल परेड ग्राउंड स्थित “नवीन शहीद स्मारक” प्रांगण में सुबह 9.50 बजे प्रदेश का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इस गरिमामयी आयोजन में पुलिस के शहीद जवानों को पारंपरिक ढंग से श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। सम्मान सूची सौंपी जाएगी इस अवसर पर संयुक्त परेड द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का अभिवादन किया जाएगा और बैंड द्वारा सलामी धुन बजाई जाएगी। इसी कड़ी में पाल बेयरर पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री को सम्मान सूची सौंपी जाएगी। साथ ही शहीद स्मारक को सलामी दी जाएगी। देश के लिए शहादत दी मुख्यमंत्री महोदय वीरगति प्राप्त पुलिस जवानों के परिजनों , परेड कमांडर व पाल बेयरर पार्टी से भेंट करेंगे। सम्पूर्ण भारत में पिछले एक साल के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों की नामावली का वाचन भी पुलिस स्मृति दिवस पर होगा। इस वर्ष हमारे मध्‍यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों ने देश के लिए अपनी शहादत दी है। शहीद जवानों में निरीक्षक स्‍व. संजय पाठक, निरीक्षक स्‍व. रमेश कुमार धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. महेश कुमार कोरी, प्रधान आरक्षक स्‍व. संतोष कुशवाह, प्रधान आरक्षक स्‍व. प्रिंस गर्ग, प्रधान आरक्षक स्‍व. अभिषेक शिंदे, प्रधान आरक्षक स्‍व. गोविंद पटेल, आरक्षक स्‍व. अनुज सिंह, आरक्षक स्‍व. सुंदर सिंह बघेल एवं आरक्षक स्‍व. अनिल यादव शामिल हैं। याद में दिवस मनाया जाता है लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में 16 हजार फीट की ऊँचाई पर 21 अक्टूबर 1959 को सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी, सब इन्सपेक्टर करम सिंह के नेतृत्व में गश्त कर रही थी तभी चीनी सेना के साथ मुठभेड़ में 10 जवान शहीद हो गये थे। उन्‍हीं की याद में देश की समस्त पुलिस इकाईयों द्वारा हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

MP Attendance Portal: अब से लगेगी चेहरे से हाजिरी, बायोमेट्रिक बंद

Boimractrict

MP Attendance Portal भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी 413 नगर निगमों व निकायों में एक नया उपस्थिति प्रणाली लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। फिलहाल 124 निकायों में 11 हजार 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस एआई- बेस्ड प्रणाली से जुड़ चुके हैं। इस नए सिस्टम में कर्मचारियों की उपस्थिति केवल उनके चेहरे की पहचान (face recognition) और जियो-लोकेशन के द्वारा दर्ज होगी। बायोमेट्रिक अटेंडेंस को पूरी तरह बंद किया जा रहा है। ऐप का उपयोग नयी व्यवस्था के अनुसार, कर्मचारियों की उपस्थिति तभी मानी जाएगी जब वे अपने कार्यस्थल (work-place) पर हों। इसके लिए मोबाइल ऐप या डेस्कटॉप ऐप का उपयोग होगा, जिसमें जियो-लोकेशन और चेहरे की पहचान दोनों अनिवार्य होंगी। कर्मचारियों की उपस्थिति की पुष्टि उनके चेहरे के साथ-साथ आईरिस या माथे की पहचान पर आधारित होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय अंतर्गत संचालनालय में पहले ही 500 कर्मचारियों पर यह सिस्टम लागू हो चुका है। इसे राज्य-स्तरीय पोर्टल “MP Attendance Portal” से जोड़ा जाएगा। जल्द ही इसे ई-नगरपालिका 2.0 (E-Municipality 2.0) से भी लिंक किया जाएगा। इस बदलाव से कर्मचारियों की उपस्थिति सीधे उनके वेतन (salary) से जुड़ जाएगी। इससे कार्यप्रणाली (efficiency) में सुधार तथा लंबित कार्य में कमी आने की उम्मीद है। 55 हजार नियमित कर्मचारी नगरीय प्रशासन विभाग के कमिश्नर संकेत एस. भोंडवे ने बताया कि ये परिवर्तन कार्यक्षमता बढ़ाएगा और विभाग में आने वाली गड़बड़ियों को कम करेगा। वर्तमान में विभाग में लगभग 90 हजार संविदा (contractual) व नियमित (regulated) कर्मचारी और लगभग 50-55 हजार नियमित (regular) कर्मचारी कार्यरत हैं। संविदा कर्मचारियों की उपस्थिति ठेकेदार (contractor) के माध्यम से भेजी जाती थी, जो कई बार गड़बड़ी का कारण बनती थी। पिछले कुछ समय पहले बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू की गई थी, लेकिन कर्मचारियों ने इसका तोड़ निकाल लिया था। विभाग के अनुसार, लगभग 10-15 % कर्मचारी ऐसे हैं जो काम पर नहीं आते, लेकिन वेतन प्राप्त करते हैं। इसी कारण से अब इस नई, सख्त व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। क्यों यह बदलाव जरूरी है? उपस्थिति संबंधी गड़बड़ियों को रोकने के लिए। कर्मचारियों को सही समय पर कार्यस्थल पर सुनिश्चित करने के लिए। वेतन प्रक्रिया को उपस्थिति के साथ लिंक करने के लिए। विभागीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी व जिम्मेदार बनाने के लिए। नए सिस्टम की मुख्य बातें दिसंबर 2025 से पूरी तरह लागू होगी। उपस्थिति केवल चेहरे की पहचान + जियो-लोकेशन के आधार पर मानी जाएगी। मोबाइल या डेस्कटॉप ऐप द्वारा कार्यस्थल पर ऐप चलाना अनिवार्य होगा। बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम पूरी तरह बंद हो जाएगा। उपस्थिति की जानकारी सीधे वेतन से जुड़ेगी। ई-नगरपालिका 2.0 से लिंकिंग भी जल्द होगी। संभावित चुनौतियाँ लॉगिन करने हेतु ऐप-सहायता और नेटवर्क-सुविधा सुनिश्चित करना। कार्यस्थलों का सटीक मैपिंग व जियो-फेंसिंग (geo-fencing) करना। उदाहरण के लिए, Bhopal Municipal Corporation में अभी तक कई वार्ड कार्यालयों की मैपिंग बाकी है। कर्मचारियों की तकनीकी जागरूकता व प्रशिक्षण। डेटा-सुरक्षा व गोपनीयता संबंधी चिंताएँ। ऐप / डिवाइस में समस्या आने पर बैकअप व्यवस्था। 5 FAQs (प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न) 1. प्रश्न: यह नई चेहरे-पहचान तथा जियो-लोकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली कब से लागू होगी? उत्तर: इस प्रणाली को दिसंबर 2025 से राज्य के सभी नगर निगमों और निकायों में लागू किया जाने वाला है। 2. प्रश्न: इस व्यवस्था में बायोमेट्रिक अटेंडेंस (उंगली का निशान) क्यों बंद किया जा रहा है? उत्तर: क्योंकि बायोमेट्रिक प्रणाली में कर्मचारियों द्वारा उपस्थिति में गड़बड़ी पाई गई है, जैसे बिना आने-काम का वेतन लेना। इस वजह से अधिक भरोसेमंद चेहरे-आधारित प्रणाली अपनाई जा रही है। 3. प्रश्न: इस नए सिस्टम में कर्मचारियों की उपस्थिति कैसे दर्ज होगी? उत्तर: मोबाइल ऐप या डेस्कटॉप-ऐप की मदद से, जिसमें चेहरे की पहचान (face recognition) और जियो-लोकेशन (geo-location) दोनों अनिवार्य होंगे, कर्मचारी कार्यस्थल पर उपस्थित रह कर अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। 4. प्रश्न: क्या कर्मचारियों को कार्यस्थल पर होकर ही ऐप से उपस्थिति दर्ज करनी होगी? उत्तर: हाँ। उपस्थिति तभी मानी जाएगी जब कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यस्थल पर हों और ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करें। बाहर होने या स्थान-भ्रमण के दौरान उपस्थिति मानी नहीं जाएगी। 5. प्रश्न: इस नए सिस्टम से क्या लाभ होंगे और क्या चुनौतियाँ हो सकती हैं? उत्तर:……….. लाभ: उपस्थिति की पारदर्शिता बढ़ेगी। वेतन प्रक्रिया उपस्थिति से जुड़ेगी, जिससे मनमानी की संभावना कम होगी। विभागीय कार्य-प्रणाली में सुधार होगा। चुनौतियाँ: कार्यस्थलों का सटीक मैपिंग व ऐप-सहायता सुनिश्चित करना। तकनीकी परेशानियाँ जैसे नेटवर्क, ऐप त्रुटियाँ। कर्मचारियों को नए सिस्टम के हिसाब से प्रशिक्षित करना। डेटा-सुरक्षा व निजी जानकारी की रक्षा। मध्य प्रदेश द्वारा चेहरे-पहचान व जियो-लोकेशन आधारित नई उपस्थिति प्रणाली कर्मचारियों की कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का एक आधुनिक कदम है। हालांकि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी, व्यवस्थागत और मानव-प्रबंधन चुनौतियों से निपटना होगा। यदि सब कुछ सुचारू रूप से हुआ तो इस बदलाव से प्रशासनिक कार्यों में सुधार तथा उपस्थिति-घाटे पर अंकुश लगने की संभावना है।

MP Police: साइबर कार्रवाई कर ₹22 लाख की राशि पीड़ितों को लौटाई , फर्जी सिम कार्ड जब्त

MP Police

Cyber ​​crackdown: ₹22 lakh returned to victims भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता बरत रही है। हाल ही में तथा पिछले माह के दौरान राज्य में साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने तीव्र कार्रवाई कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस की इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप पीड़ित नागरिकों की लाखों रुपये की राशि तकनीकी साधनों की सहायता से सुरक्षित वापस कराई गई है। ठगी के प्रकरणों में कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के हाल ही निर्देशन में राज्य के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने साइबर ठगी के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल ₹22,34,162 की राशि पीड़ितों को वापस कराई। इनमें पन्ना जिले में ₹16,70,000, देवास जिले में ₹3,28,962, शिवपुरी जिले में ₹1,60,000, टीकमगढ़ जिले में ₹44,700 तथा उज्जैन जिले में ₹30,500 की राशि वापस दिलाई गई। इन प्रकरणों में ठगी की राशि CyberOne App सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ट्रांजैक्ट की गई थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय, ऑनलाइन ट्रेसिंग, सी-डैक प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल की सहायता से यह राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित तकनीकी दक्षता और नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पुलिस की तकनीकी निपुणता उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। ग्वालियर जिले में ₹50,00,000, बालाघाट में ₹40,00,000, देवास में ₹1,79,500 तथा खरगोन जिले में ₹5,59,441 की राशि साइबर ठगी के प्रकरणों में वापस कराई गई थी। यह सफलता पुलिस की तकनीकी निपुणता, बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम रही है। साथ ही साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने वाले फर्जी मोबाइल सिम कार्डों के विरुद्ध “ऑपरेशन फास्ट” के तहत विशेष अभियान भी संचालित किया गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल लगभग 2,204 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए, जिनमें छतरपुर से 1,220, अनूपपुर से 500, उज्जैन से 352 और कटनी से 132 सिम कार्ड शामिल हैं। इस अभियान के माध्यम से साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने तथा भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं। बैंकिंग जानकारी साझा न करें मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों को सलाह देती है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या कॉल के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा एवं डिजिटल विश्वास सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की सघन कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।

MP News: पुलिसकर्मी अपना आचरण रखें उत्तम: डीजीपी कैलाश मकवाणा

DGP Kailash Makwana

mp DGP Kailash Makwana भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जोनल पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्त इंदौर-भोपाल के साथ बैठक की। बैठक में एडीजी (इंटेलिजेंस) साई मनोहर, आईजी लॉ एंड ऑर्डर अंशुमान सिंह सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। धनतेरस,दीपावली, गोवर्घन पूजा,भाईदूज एवं चित्रकूट,रतनगढ़ और हिंगोट मेले के अवसर पर प्रदेश में शांति, कानून-व्यवस्था एवं सौहार्द बनाए रखने के दृष्टिगत बैठक की गई। व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए डीजीपी मकवाणा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी जिलों में त्यौहारों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस व्यवस्था पूर्णतः चाक-चौबंद रखी जाए। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में पूरे बल की समीक्षा करें और संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बीट स्तर पर इंटेलिजेंस को सक्रिय रखने और सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से नागरिकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। डीजीपी मकवाणा ने बाजारों में प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा कि अधिकारी स्वयं पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। मकवाणा ने बताया कि शहरों के बाहरी इलाकों, मार्गों एवं प्रमुख स्थानों पर सतत पेट्रोलिंग रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपावली के दौरान अवैध पटाखा विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और वैध विक्रेताओं द्वारा सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा आगजनी की घटनाओं की रोकथाम हेतु फायर ब्रिगेड, नगरीय निकाय और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया। वीडियो पर सतर्क दृष्टि डीजीपी ने कहा कि शहरों के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि धर्म, जाति या समुदाय आधारित विवादों से जुड़े व्यक्तियों और स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मकवाणा ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले संदेशों और वीडियो पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। यदि कोई भ्रामक या विवादित सामग्री प्रसारित हो रही है, तो उसका तत्काल खंडन कर सही जानकारी जनता तक पहुँचाई जाए। डीजीपी मकवाणा ने आगे बताया कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाले प्रमुख त्यौहारों और मेलों के दौरान संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धनतेरस 18 अक्टूबर को है, दीपावली 20 अक्टूबर को, गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर और भाई दूज 23 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसी क्रम में अन्य बड़े आयोजन भी संपन्न होंगे, जैसे चित्रकूट मेला सतना में 19 और 20 अक्टूबर को, हिंगोट मेला इंदौर में 22 अक्टूबर को और रतनगढ़ देवी मेला दतिया में 23 अक्टूबर को आयोजित होंगे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम अनिवार्य डीजीपी मकवाणा ने मेला व्यवस्था में तैनात बल और अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनकी ब्रीफिंग केवल सामान्य नहीं, बल्कि उनके क्षेत्र की जिम्मेदारी के अनुसार विस्तृत हो। उन्होंने कहा कि पूर्व अनुभवों के आधार पर ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहाँ भीड़ अधिक रहती है और वहाँ अधिकारी स्वयं निरीक्षण कर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए और भीड़ वाले स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों को तत्काल दिशा-निर्देश दिए जा सकें। डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं पुलिसकर्मी अपने आचरण में शालीनता, संवेदनशीलता, ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखे, ताकि नागरिकों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि सुदृढ़ हो। डीजीपी ने कहा कि पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हो। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश के सभी नागरिक अपने त्यौहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मना सकें।

MP News: मोहन सरकार से कर्मचारियों को बोनस देने की मांग

Mohan government

Mohan government to bonus demanded the employees भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने प्रदेश के पत्र लिखकर बोनस की मांग की है. प्रदेश के कर्मचारियों को भी राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की सरकार की तर्ज पर दीपावली पर बोनस देने की मांग की गई है. मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया है कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारी को दीपावली पर बोनस देने की घोषणा कर दी है. 22 साल से बंद है व्यवस्था अशोक पांडे ने बताया कि राजस्थान सरकार ने ग्रेङ पे 4800 पाने वाले लगभग 6 लाख कर्मचारियों को 6774 रुपए का बोनस देने का निर्णय लिया है वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने मेट्रिक लेवल 8 तक के कर्मचारियों को 30 दिन की परी उपलब्धियो के आधार पर प्रति कर्मचारी 6908 रुपए तक का बोनस देने की घोषणा की है लेकिन, मध्य प्रदेश सरकार ने 22 साल से बंद कर्मचारियों को बोनस देने की प्रथा को पुन शुरू करने की घोषणा नहीं की है. उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के साढे सात लाख कर्मचारियों में असंतोष का वातावरण निर्मित हो गया है. पांडे ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को 3% ङी ए भी नहीं दिया है. दीपावली जैसे राष्ट्रीय त्योहार एवं 1 नवंबर मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है, जबकि कर्मचारी सरकार की रीढ की हड्डी है.

MP Election Commission: निकायों में नाम जोड़ने के दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि अब 24 अक्टूबर तक बढ़ी

mp election commission

claims and objections for adding names to bodies भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल द्वारा 01 जनवरी 2025 की स्थिति में नगरीय निकाय तथा ग्राम पंचायतों (जिन ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य उप निर्वाचन 2025 (पूर्वार्द्ध) हेतु किया जा चुका है उन ग्राम पंचायतों को छोड़कर शेष ग्राम पंचायतों) की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण 2025 हेतु कार्यक्रम प्रचलित है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम अनुसा 08 अक्टूबर 2025 से 24 अक्टूबर 2025 को अपरान्ह 03:00 बजे तक दावे-आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं। दावे-आपत्ति आवेदन पत्रों के निराकरण की अंतिम तिथि 04 नबंवर 2025 निर्धारित है। आईएएस को प्रेक्षक नियुक्त किया गया म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा भोपाल जिले में नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण 2025 की कार्यवाही के पर्यवेक्षण कार्य के लिए राजेश जैन रिटायर आईएएस को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। प्रेक्षक जैन 08 अक्टूबर 2025 से 24 अक्टूबर 2025 तक जिले के भ्रमण पर है। जैन द्वारा नगरीय निकाय एवं जिले की अलग- अलग ग्राम पंचायतों में दावे आपत्ति स्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति को मतदाता सूची से संबंधित शिकायत हो तो वह प्रेक्षक को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

Hemant Khandelwal: भारत को आत्मनिर्भर बनाने खरीदें स्वदेशी उत्पाद, हेमंत खण्डेलवाल ने की अपील

Hemant Khandelwal

Hemant Khandelwal appeals to buy indigenous products बैतूल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने गुरुवार को जिले के मुलताई में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत विधानसभा सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने दीपावली पर्व पर स्वदेशी वस्तुओं को खरीदने की अपील करते हुए कहा कि अपने दैनिक जीवन में भी उन वस्तुओं का प्रयोग करें, जो स्वदेशी हों। सम्मेलन को केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने भी संबोधित किया। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल एवं केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित स्पर्श मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों द्वारा निर्मित उत्पाद खरीदे एवं बच्चों का उत्साहवर्धन किया। स्वदेशी सामान ही खरीदें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि स्वदेशी केवल नारा नहीं, बल्कि अपनाने योग्य संस्कार है। ऐसा नेतृत्व गर्व का विषय है, जो शब्दों से नहीं, कर्मों से प्रेरणा देता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी के अभियान को घर-घर तक पहुंचाना है। अपने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी को बढ़ावा देना है। हम जब भारत में बना सामान खरीदेंगे, तभी निर्यात कम होगा और भारत की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। आप जब सामान खरीदने जाएं तो एक बार जरूर विचार करें कि जो सामान आप खरीदकर अपने घर ले जा रहे हैं, क्या उसे बनाने में किसी भारतीय का पसीना बहा है या नहीं। अगर आप रेहड़ी-पटरी वाले, लघु और कुटीर उद्योगों में बनने वाले स्वदेशी सामानों को खरीदेंगे तो निश्चित रूप से भारत बहुत जल्दी ही आत्मनिर्भर बन जाएगा। स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि हम जो भी खरीदें वह पूर्णतः स्वदेशी होना चाहिए। ऐसी वस्तुएं खरीदें, जिनमें हमारे मजदूरों का पसीना हो और भारत की मिट्टी की महक हो। अगर हम इस मंत्र को अपने जीवन में उतार लेते हैं, तो हमारे इस महत्वपूर्ण कदम से न सिर्फ बहुत जल्द हमारा भारत आर्थिक रूप से सशक्त होगा, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भी बनेगा। उन्होंने उपस्थित नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि हम सभी प्रधानमंत्री के इस अभियान से जुड़कर स्वदेशी अपनायें और अपने आसपास के छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करें। आगे बढ़ रहे हैं दिव्यांग बच्चे हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के ये आकर्षक उत्पाद उनके हुनर, बुद्धिमत्ता और आत्मबल का प्रतीक हैं। अपनी कमी को ताकत बनाकर ये बच्चे हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उत्पादों के विक्रय मूल्य से ज्यादा में खरीदारी की। उन्होंने कहा कि इस दीपोत्सव पर स्वदेशी और दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को खरीदकर उन्हें प्रोत्साहित करें, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में आत्मविश्वास से आगे बढ़ें। भाजपा सरकार की पहल पर आयोजित स्पर्श मेले में शासकीय शालाओं सहित अन्य संस्थाओं के दिव्यांग बच्चों द्वारा स्वनिर्मित वस्तुओं, उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। यह अनुकरणीय कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अपनाओं के आह्वान को साकार कर आत्मनिर्भर भारत निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा गढ़ेकर, पूर्व विधायक अशोक कड़वे सहित जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, व्यापारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

MP News: भानपुरा प्रकरण की हो निष्पक्ष जांच, अभाविप ने की मांग

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ABVP demands fair investigation Bhanpura incident मंदसौर। जिले के गरोठ भाग अंतर्गत भानपुरा स्थित शासकीय महाविद्यालय में आयोजित युवा उत्सव कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ता उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने एक कक्ष में पंखा चलता देखकर संदेहवश झाँका, क्योंकि पूर्व में भी महाविद्यालय में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ प्रकाश में आई थीं जिनका अभाविप के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। संदेहवश की गई इस सामान्य क्रिया को कुछ लोगों द्वारा गलत अर्थ में प्रस्तुत किया गया, जबकि उक्त कक्ष किसी भी प्रकार का “गर्ल्स कॉमन रूम” नहीं था। जब कुछ छात्राओं को यह भ्रम हुआ कि फोटो या वीडियो बनाए गए हैं, उन्होंने प्राचार्य को सूचना दी। तत्पश्चात प्राचार्य ने सीसीटीवी फुटेज देखकर पुलिस को अवगत कराया। मोबाइल फोन की जाँच की पुलिस द्वारा संबंधित चार छात्रों को थाने ले जाकर उनके मोबाइल फोन की जाँच की गई, परंतु किसी भी प्रकार का फोटो, वीडियो या अनुचित सामग्री नहीं मिली। पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि की कि किसी भी छात्र द्वारा कोई अवैधानिक या अनुचित कार्य नहीं किया गया है।इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया। अभाविप के प्रांत मंत्री दर्शन कहार ने कहा कि, “भानपुरा प्रकरण में लगाए गए आरोप पूरी तरह बे-बुनियाद और तथ्यहीन हैं। अभाविप सदा से नैतिकता, अनुशासन और गरिमा के सिद्धांतों पर कार्य करती आई है।हमारे कार्यकर्ताओं ने न तो किसी की निजता का उल्लंघन किया है और न ही किसी प्रकार का अनुचित कृत्य किया है। पुलिस जाँच में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सिद्ध हो चुका है।विद्यार्थी परिषद निष्पक्ष जाँच में पूर्ण सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित कार्यकर्ताओं को जांच पूर्ण होने तक सभी दायित्वों से मुक्त किया गया है। परिसर में सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना ही परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

बैठक में किसानों ने कलेक्टर को बताई समस्या

नर्मदापुरम ! बुधवार को रेवा सभाकक्ष में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल की बैठक कलेक्टर सोनिया मीना की मौजूदगी में हुई।बैठक में जिले के कृषि, सिंचाई, विद्युत, सहकारिता सहित सभी किसान हितैषी विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। संघ के संभागीय प्रचार-प्रसार प्रमुख उदयकुमार पांडेय ने बताया कि यह बैठक हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद प्रशासन के साथ पहली संयुक्त चर्चा थी। इसमें पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों से जवाब मांगा गया। संघ के प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला मंत्री शंकरसिंह पटेल ने कहा कि जिले में खाद की स्थिति अब भी ठीक नहीं है। पदाधिकारियों ने रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली देने, ट्रांसफार्मर बदलने, सोयाबीन फसल का बीमा कंपनियों से तत्काल सर्वे कराने की मांग की। सिंचाई विभाग से मांग की कि 1 नवंबर से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाए। पानी छोड़ने से पहले सभी माइनरों की सफाई कराई जाए। कलेक्टर सोनिया मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण, बिजली आपूर्ति, नहरों की सफाई और फसल नुकसान के सर्वे की कार्यवाही जल्द पूरी की जाए।बैठक में अपर कलेक्टर राजीव रंजन पांडेय, डीडीए जेआर हेडाऊ, संघ के संभागीय मंत्री देवेन्द्र पटेल, प्रचार-प्रसार प्रमुख उदय पांडेय,जिला मंत्री शंकरसिंह पटेल, सहमंत्री रजत दुबे, संभागीय मंगलसिंह प्रवक्ता शिवमोहन सिंह, राजपूत, ब्रजेश लखनलाल चौधरी, राजपूत, गुलाब लौवंशी, राजकुमार राजपूत, सूर्यांश रघुवंशी, श्यामशरण तिवारी, राजेश दीवान, गोपाल मीणा, इंद्रपुरी गोस्वामी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।