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भावांतर योजना में पंजीयन कराने लवकुशनगर में निकाली गई जागरूकता रैली

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भावांतर योजना में पंजीयन कराने लवकुशनगर में निकाली गई जागरूकता रैली जनप्रतिनिधि, व्यापारी एवं किसान हुए शामिल  लवकुशनगर     म.प्र. सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए भावांतर योजना प्रारंभ की गई है। जिसका फायदा सोयाबीन का उत्पादन करने वाले कृषकों को मिलेगा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल द्वारा जिले में अधिकारियों को योजना के प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए है। इसी क्रम में एसडीएम कौशल सिंह के नेतृत्व में लवकुशनगर में किसान जागरूकता रैली निकाली गई। जिसमें किसानों से  भावांतरा योजना में पंजीयन कराने एवं योजना के लाभ की जानकारी दी गई। किसान भाई एमपी ऑनलाइन एवं सीएससी केन्द्रों से आसानी से पंजीयन करा सकते है।

सिंगरौली में बच्चे की अनोखी शिकायत, कहा – कुरकुरे नहीं दिए, मां ने बांधा और पीटा

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सिंगरौली मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सुनने में जितनी मजेदार है, उतनी ही दिल को छूने वाली भी। एक छोटे से बच्चे ने अपनी मां और बहन की शिकायत करने के लिए पुलिस की इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल कर दिया, क्योंकि उन्होंने उसे 20 रुपये के कुरकुरे मांगने पर रस्सी से बांधकर पिटाई कर दी। बच्चे की शिकायत का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। क्या है पूरा माजरा? यह मजेदार वाकया सिंगरौली के खुटार चौकी के अंतर्गत आने वाले चितरवई कला गांव का है। मासूम बच्चे ने जब अपनी मां से 20 रुपये मांगे ताकि वह अपने पसंदीदा कुरकुरे खरीद सके, तो मां और बहन को गुस्सा आ गया। गुस्से में दोनों ने बच्चे को रस्सी से बांध दिया और उसकी पिटाई कर दी। लेकिन इस छोटे से शेर ने हार नहीं मानी और सीधे पुलिस को फोन ठोक दिया। फोन पर बच्चे की शिकायत सुनकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। बच्चा फोन पर रोने लगा, तो पुलिस ने बड़े ही प्यार से उसे ढांढस बंधाया और जल्दी पहुंचने का वादा किया। पुलिस का दिल जीतने वाला रिस्पॉन्स शिकायत मिलते ही डायल 112 के पुलिसकर्मी उमेश विश्वकर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चे और उसकी मां को बुलाकर दोनों की काउंसलिंग की। उमेश ने मां को समझाया कि बच्चे को मारना-पीटना सही नहीं है और उसे प्यार से समझाना चाहिए। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिसकर्मी ने अपने दिलदार अंदाज में बच्चे के लिए कुरकुरे खरीदकर उसे दे दिए। बस, फिर क्या था, बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और यह प्यारा सा किस्सा कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर छाया वीडियो इस घटना का वीडियो, जिसमें बच्चा अपनी शिकायत दर्ज कराता है और पुलिसकर्मी उसे प्यार से समझाते हैं अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को देखकर हंस भी रहे हैं और पुलिस की संवेदनशीलता की तारीफ भी कर रहे हैं। कोई कह रहा है, 'ये बच्चा तो बड़ा होकर कुछ बड़ा करेगा।' तो कोई पुलिस के इस प्यारे अंदाज का कायल हो गया।

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं नियम पर ब्रेक, इंदौर कलेक्टर ने कहा – जागरूकता से बनेगा असर

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इंदौर क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट पहनकर गाड़ियों में पेट्रोल डलवाना जरूरी नहीं है, बल्कि हेलमेट को लेकर जागरूकता ज्यादा जरूरी है. इसी तरह के एक आदेश के बाद क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट लगाना स्वैच्छिक कर दिया गया है. बीते 1 अगस्त को इंदौर जिला प्रशासन ने दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना जरूरी किया था. इस आदेश को वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी रखने से इनकार कर दिया है. पूर्व कलेक्टर ने अनिवार्य किया था हेलमेट इंदौर में आए दिन होने वाले टू व्हीलर गाड़ियों के एक्सीडेंट में लोगों की सर पर चोट लगने से मौत एक बड़ी वजह है. लिहाजा पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने पिछले महीने एक आदेश निकालकर शहर में दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य किया था. इतना ही नहीं बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने के भी आदेश दिए थे. नए कलेक्टर ने स्वैच्छिक किया हेलमेट लगाना उस दौरान इसी आदेश के उल्लंघन के कारण कई पेट्रोल पंप को सील भी किया गया था. 1 अक्टूबर को फिर इस आदेश को सुचारू रखने के लिए नया आदेश किया जाना था, लेकिन वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने उसे सुचारू नहीं रखते हुए शहर में हेलमेट लगाना एक बार फिर स्वैच्छिक कर दिया है. इतना ही नहीं अब बिना हेलमेट के भी वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर अपने वाहनों में पेट्रोल डलवा पाएंगे. हालांकि नए कलेक्टर के इस फैसले से शहर के उन वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है जिन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था. पेट्रोल डलवाने के लिए भी पहनना पड़ता था हेलमेट वहीं, वाहनों में पेट्रोल डलवाने के लिए भी लोगों को हेलमेट लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचना पड़ता था. इधर इस आदेश को सुचारू नहीं रखने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि अधिकांश वाहन चालक पेट्रोल डलवाते समय ही हेलमेट लगा रहे थे. जबकि वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने वाले लोगों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई थी. इधर इस आदेश का स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी विरोध किया था. मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में इंदौर अव्वल लोगों को हेलमेट न लगाना पड़े इसको लेकर एक जनहित याचिका भी कोर्ट में प्रस्तुत की थी, लेकिन कोर्ट से भी हेलमेट लगाने संबंधी फैसले पर लोगों को राहत नहीं मिल पाई थी. अब जबकि खुद जिला प्रशासन ने ही अपने आदेश को सुचारू नहीं रखा तो पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल दिए जाने की पुरानी व्यवस्था फिर शुरू हो गई है. एक्सीडेंट के मामले में इंदौर पहले नंबर पर है, जहां पिछले साल ही करीब 6075 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं जो तुलनात्मक रूप से भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर से सर्वाधिक थी. इन दुर्घटनाओं में अधिकांश वाहन चालक टू व्हीलर थे, जो हेलमेट नहीं लगाए थे.  

मप्र में Coldrif सिरप प्रतिबंधित, CM का ऐलान – बच्चों की जान लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

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भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने Coldrif सिरप को पूरे प्रदेश में बैन कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि एमपी में इस सिरप की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रदेश में बैन लगाया जा रहा है। छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन से हुई बच्चों की दर्दनाक मौत पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इसे पूरे प्रदेश में बैन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट के बाद प्रदेश सरकार ने ये फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है और दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अब मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है। सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसला इस सिरप निर्माण करने वाली फैक्ट्री तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है। छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत की दुखद घटना के बाद एमपी सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था। आज सुबह प्राप्त जांच रिपोर्ट में सिरप में खतरनाक रसायनों की मौजूदगी और गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप के साथ इस कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स को भी बैन किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जानकारी दी कि स्थानीय स्तर पर जांच और कार्रवाई पहले से जारी थी और अब राज्य स्तर पर भी एक विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है। छिंदवाड़ा में सिरप से गई मासूम बच्चों की जान बता दें कि सितंबर माह में छिंदवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में कई बच्चों को सर्दी-खांसी के इलाज के लिए यही कोल्ड्रिफ सिरप दिया गया। इसके बाद बच्चों में गंभीर लक्षण जैसे उल्टी, पेट दर्द, बेहोशी सहित कई लक्षण देखे गई। प्रारंभिक जांच में सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे विषाक्त पदार्थों की मौजूदगी का संदेह जताया गया, जो किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं। अब तक इस घटना में 9 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद जांच रिपोर्ट आने पर अब मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप बैन कर दिया गया है।

दमोह में सीएम हेल्पलाइन का दुरुपयोग, 29 लोगों की फर्जी शिकायतें उजागर, कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट

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दमोह दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी शिकायत करने वाले 29 शिकायतकर्ताओं को जनपद सीईओ ने चिह्नित किया है। जिसकी सूची बनाकर कलेक्टर के पास भेजी गई है। अब इन लोगों की शिकायत का सत्यापन कराया जाएगा और यदि शिकायत गलत पाई गई तो आगे कार्रवाई की जाएगी। बता दें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा यह योजन इसलिए शुरू की गई थी, ताकि आम लोगों को शासन की उस योजना का लाभ मिल सके, जिससे वह वंचित हैं। यदि अधिकारी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं कर पा रहे हैं तो वह हितग्राही अपनी समस्याओं की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर सकता है। यह योजना सार्थक हुई लोगों को न्याय मिलना शुरू हो गया, लेकिन लोग इसका गलत इस्तेमाल करने लगे। जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और झूठी शिकायत करने वाले लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मांगी जानकारी दमोह कलेक्टर ने ब्लाक स्तर के अधिकारियों से जानकारी मांगनी शुरू कर दी है। तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने 29 लोगो की सूची बनाकर दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर को भेजी है। यह वे लोग हैं जो लगातार शिकायत करते हैं। जबकि उस योजना से उनका दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है। 26 सितम्बर को दमोह कलेक्टर ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को एक पत्र जारी किया था। जिसमें पूछा था आपके यहां सीएम हेल्पलाइन में यदि कोई ऐसे व्यक्ति हैं, जो बार बार शिकायत करते हैं या फिर शिकायत दर्ज करना उन्होंने अपनी आदत बना ली है तो उनका नाम, फोन नंबर शिकायत के विवरण की जानकारी सहित दर्ज करे और उनकी सूची भेजे। जिसके बाद तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने लोगों की एक सूची तैयार की है, जिनका काम ही सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करना है। उनके नाम ओर शिकायत की दर्ज संख्या सहित पूरी जानकारी भेजी गई है। ऐसी होती है ज्यादा शिकायत तेंदूखेड़ा ब्लाक में जो शिकायत दर्ज हैं उनमें अधिकाश लोग जिले या दूसरी जनपद से है। जिनकी शिकायतें जांच में गलत पाई गई है तो कुछ शिकायतो में लेनदेन करके मामलों का निराकरण हुआ है। शिकायत का जनहित या समाज हित से कोई वास्ता नहीं है। बल्कि निर्माण कार्य और पंचायत बंद या फिर सचिव, सरपंच की झूठी शिकायतों का हवाला दिया गया था। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद उनकी जानकारी एकत्रित की गई और सूची दमोह कलेक्टर के पास भेजी जा चुकी है। तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने बताया कलेक्ट्रेट से पत्र प्राप्त हुआ था। उसके बाद अप्रैल माह से सितम्बर तक की जानकारी एकत्रित की गई थी और 29 ऐसे शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की है जो लगातार सी एम हेल्पलाइन पर शिकायत करते है। इनकी शिकायतों में फर्जी मजदूर और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी का हवाला दिया जाता है। पत्र के माध्यम से जानकारी भेजी गई है आगे जो कार्रवाई होगी दमोह कलेक्टर करेंगे। 

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा: प्रेम के पोस्टर ठीक, कट्टरता और हिंसा की सोच अस्वीकार्य

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उज्जैन  पूरे देश में आई लव मोहम्मद के पोस्टरों को लेकर विवाद हो रहा है. कई शहरों में यह पोस्टर लगाए गए थे, जिन पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं. मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रशासन ने इन पोस्टरों को हटाने की सख्त कार्रवाई भी की. इसी मुद्दे पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आई लव मोहम्मद कहना गलत नहीं है, जैसे आई लव महाकाल कहना भी बुरा नहीं है. लेकिन जो लोग सर तन से जुदा करने की धमकी देते हैं, वह कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.  उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को हिंदू त्योहारों या परंपराओं पर निशाना बनाने का हक नहीं है. आई लव मोहम्मद कहना गलत नहीं अपने बयान में धीरेंद्र शास्त्री ने पाक अधिकृत कश्मीर का भी जिक्र किया और कहा कि हम पाक अधिकृत अपनी जमीन लेकर रहेंगे. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि यह सही समय है और पाकिस्तान में चल रहे हालात को देखते हुए भगवान से बुद्धि देने की प्रार्थना करनी चाहिए. आई लव महाकाल कहना भी बुरा नहीं शास्त्री ने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान में शांति की प्रार्थना हनुमान जी से कर रहे हैं. साथ ही पाकिस्तान को संदेश दिया कि अगर देश संभल नहीं रहा है तो भारत में घर वापसी कर लो. उन्होंने हिंदुओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि पीछे से दिए जा रहे बयानों और धमकियों को गंभीरता से लेना होगा. धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान धार्मिक सद्भाव, राजनीतिक बयानबाजी और सीमाई मुद्दों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है.  

मोहन भागवत के आगमन पर सतना-मैहर बने नो-फ्लाइंग जोन, सुरक्षा में जुटे 500 से ज्यादा जवान

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सतना/मैहर   मध्य प्रदेश के सतना और मैहर जिले में आज से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के दो दिवसीय दौरे हैं, जिसे देखते हुए दोनों जिलो के कलेक्टरों ने पूरे इलाके को रेड जोन के साथ-साथ नो-फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। जारी आदेश के तहत 4 अक्टूबर शनिवार की सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून उड़ाने तक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। आपको बता दें कि, संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 4 और 5 अक्टूबर को सतना और मैहर दौरे पर हैं। उनकी सुरक्षा के लिए जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोनों जगहों पर करीब 500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इनमें सतना में 350 और मैहर में 150 जवान शामिल हैं। सुरक्षा की कमान 5 एडिशनल एसपी और 15 डीएसपी को सौंपी गई है। ऐसा रहेगा कार्यक्रम संघ प्रचार प्रमुख विनोद कुमार ने बताया कि वे 3 अक्टूबर को नागपुर से इतवारी–रीवा ट्रेन से रवाना होकर 4 अक्टूबर की सुबह मैहर पहुंचेंगे। यहां वे मां शारदा देवी के दर्शन करेंगे और फिर सतना आएंगे। 5 अक्टूबर को प्रवास के दूसरे दिन सुबह 10:30 बजे वे सिंधी कैंप स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे बीटीआई मैदान में आयोजित विशाल सभा को संबोधित करेंगे। इस सभा में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और आमजन शामिल होंगे। मोहन भागवत के दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट रीवा पुलिस जोन के साथ-साथ जबलपुर से भी अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया है। सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। भागवत के प्रवास के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 5 मेडिकल टीम बनाई हैं। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ को शामिल किया गया है। ये टीमें पूरे प्रवास के दौरान अलग-अलग जगहों पर तैनात रहेंगी। बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण 5 अक्टूबर को प्रवास के दूसरे दिन सुबह 10:30 बजे वे सिंधी कैंप स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण करेंगे। यहां से सुबह 11 बजे बीटीआई मैदान में आयोजित विशाल सभा को संबोधित करेंगे। सभा में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के साथ-साथ आम लोगों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन का अलर्ट जारी मोहन भावत के इस दो दिवसीय दौरे को लेकर सतना और मैहर के साथ साथ रीवा पुलिस जोन और जबलपुर तक से अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैयान की गई है। सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भागवत के प्रवास के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 5 मेडिकल टीमें बनाई हैं। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ को शामिल हैं। ये टीमें भागवत के पूरे प्रवास के दौरान हर जगह उनके आसपास ही तैनात रहेंगी। दूसरे दिन यानी 5 अक्टूबर को उनका दौरा सतना के सिंधी कैंप में स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब के उद्घाटन से शुरू होगा. ये दरबार साहिब सिख समुदाय का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और इसका लोकार्पण सामाजिक एकता का संदेश देगा. इसके बाद भागवत बीटीआई ग्राउंड में एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे, जिसमें हजारों स्वयंसेवक और आम लोग मौजूद होंगे. सुरक्षा व्यवस्था सख्त सुरक्षा के लिए दोनों जगह पुलिस बल तैनात किया गया है. सतना के जिला कलेक्टर ने बताया कि सभी कार्यक्रमों पर निगरानी रखी जा रही है और ट्रैफिक व पार्किंग का भी पूरा ध्यान रखा गया है. मोहन भागवत के पिछले दौरे की तरह इस बार भी उनके भाषण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन सकते हैं.

जानलेवा सिरप पर कार्रवाई: मध्यप्रदेश में बैन हुई कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो-डीएस, तमिलनाडु में पहले ही लगी थी रोक

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छिंदवाड़ा   मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत से जुड़े कफ सिरप के सैंपल में किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले कोई टॉक्सिन नहीं मिला है। यह जानकारी शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई। मामले में 3 टीमें जांच में जुटी हैं। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, द सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन सहित अन्य एजेंसियों ने बच्चों की मौत की खबर के बाद मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से कफ सिरप के सैंपल कलेक्ट किए। हालांकि जांच में पता चला कि किसी भी सेंपल में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल नहीं था। राज्य के अधिकारियों ने भी इन तीनों दूषित पदार्थों की अनुपस्थिति की पुष्टि के लिए नमूनों का परीक्षण किया। इस बीच खुलासा हुआ है कि जो सिरप सप्लाई की गई थी, उन्हें जबलपुर से भेजा गया था। हालात की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर ने COLDRIF SYRUP और Nastro- DS सिरप पर बैन लगा दिया है। छिंदवाड़ा में श्री सन फार्मा कंपनी के मैनेजर की डिमांड पर महाकौशल डीलर कटारिया फार्मास्यूटिकल से इस कफ सिरप की सप्लाई होती थी। खास बात यह है कि कोल्ड्रिफ सिरप के लिए पूरे महाकौशल में से सिर्फ छिंदवाड़ा से ही डिमांड आती थी। दूसरी ओर, मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2023 में डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर बताया था कि इस फाॅर्मूले की दवा 4 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद छिंदवाड़ा के डॉक्टरों द्वारा यह दवा लिखी गई। जिन 9 मासूमों की मौत हुई है, उनमें से 7 की उम्र 4 साल या उससे कम है। जबकि 2 अन्य बच्चे भी 5 साल के ही है। इधर, अब तक एकत्रित किए गए 19 सैंपल में से 9 की रिपोर्ट आई गई है। जांच में इन सभी को 'ओके' कैटेगरी में रखा गया है। यानी इनमें गड़बड़ी होने की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, अबतक कोल्ड्रिफ और नेक्सा-डीएस की रिपोर्ट नहीं आई है। 'दो साल से कम उम्र के बच्चों को ना दे सर्दी-खांसी की दवा' हालांकि, केंद्र ने बच्चों के लिए कफ सिरप के उपयोग को सीमित करने के लिए एक सलाह दी है। विशेष रूप से, डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस ने कहा है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए और आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी ये दवाएं सही नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी     बच्चों के लिए कफ सिरप के उपयोग को सीमित करें।     दो साल से कम उम्र के बच्चों को ना दे सर्दी-खांसी की दवा।     पांच साल से कम उम्र के बच्चों में भी दवा आम तौर पर न दें।      पांच साल से कम उम्र के बच्चों को दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।     डॉक्टर सिरप देने के बजाए पहले बिना दवा के राहत के उपायों को बताएं।      बच्चों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ, सही देखभाल और भाप लगाएं और गरम पानी पिलाएं।     बच्चों में खांसी के ज्यादातर मामले अपने आप ही ठीक होने वाली बीमारियां हैं जो बिना दवा के ठीक हो जाती हैं। किडनी फेल होने से हुई 9 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 15 दिनों के अंदर किडनी फेल होने से 9 मासूमों की मौत के बाद बड़ा खतरा उभरकर सामने आया। शुरुआती जांच से पता चला कि कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल, एक जहरीला पदार्थ, मिला हुआ था। किडनी बायोप्सी से बच्चों के शरीर में डायथिलीन ग्लाइकॉल की पुष्टि हुई। ज्यादातर पीड़ितों को कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो-डीएस सिरप दिए गए थे। घटना की जानकारी सामने आते ही छिंदवाड़ा के कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने तुरंत पूरे जिले में इन दोनों सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी और डॉक्टरों, दवा की दुकानों और माता-पिता को एडवाइजरी जारी की है। 660 सिरप मंगवाई, 594 छिंदवाड़ा भेजी गई महाकौशल डीलर कटारिया फार्मास्यूटिकल ने सितंबर माह में चेन्नई की कंपनी श्री सन फार्मा से 660 कोल्ड्रिफ सिरप मंगवाई थी। जिसमें से 594 छिंदवाड़ा की तीन अलग-अलग मेडिकल शाॅप आयुष फार्मा, न्यू अपना फार्मा और जैन मेडिकल एवं जनरल स्टोर में सप्लाई की गई। बाकी 66 सिरप डीलर ने अपने ऑफिस में रख ली थी। ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर (DI) शरद कुमार जैन ने शुक्रवार को नौदरा ब्रिज स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल ऑफिस में जांच की है। शरद कुमार जैन ने बताया कि श्री सन फार्मा कंपनी की डीलरशिप महाकौशल में सिर्फ एक ही है। इसी कंपनी की सिरप कोल्ड्रिफ मध्यप्रदेश में कहीं भी सप्लाई नहीं होती। छिंदवाड़ा में भी यह सिरप सिर्फ 3 मेडिकल शॉप पर ही भेजा जाता था। राजस्थान में भी हुई तीन बच्चों की मौत इस घटना के बाद राजस्थान में भी तीन बच्चों की मौत का कारण कफ सिरप बताया गया। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सिरप में प्रोपिलीन ग्लाइकॉल नहीं है, जो कभी-कभी डायथिलीन या एथिलीन ग्लाइकॉल संदूषण का स्रोत हो सकता है। यह सिरप डेक्सट्रोमेथॉर्फन-आधारित फॉर्मूला था जो बच्चों के लिए नहीं है। राजस्थान से लिए गए सैंपल की हो रही जांच राजस्थान से लिए गए सैंपल की जांच की जा रही है और सिरप बनाने वाली कंपनी की भी जांच की जा रही है। राज्य सरकार ने मुफ्त में बांटे जाने वाले जेनेरिक सिरप की आपूर्ति करने वाली कंपनी केसन फार्मा के सभी उत्पादों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। तीन टीमें कर रही हैं अलग-अलग जांच 9 बच्चों की मौत कैसे हुई? क्या कफ सिरप में ही गड़बड़ी थी? या फिर कुछ और वजह है, इसकी हकीकत जानने के लिए सेंट्रल से लेकर स्टेट और जिला स्तर की टीम अलग-अलग जांच कर रही है। CDSCO दिल्ली की टीम कफ सिरप की मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर जांच कर रही है। एक टीम चेन्नई में तो दूसरी छिंदवाड़ा में डेरा डाले हुए है। जबकि एक टीम स्टेट ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर बनी है। जिसमें डीआई शरद कुमार जैन (जबलपुर), देवेंद्र कुमार जैन (जबलपुर), स्वप्निल सिंह (बालाघाट), वैष्णवी तलवारे और गौरव शर्मा (छिंदवाड़ा) शामिल हैं। यह टीम 7 … Read more

अनन्त ऊर्जा के साथ आयुष गुप्ता ने शुरू किया वैश्विक शांति मिशन – हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस

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 भोपाल भारत से विश्व तक – एक समय, एक संकल्प और हज़ारों हीलर्स का विश्व शांति के लिए एकजुट होना – एक ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड। झीलों की नगरी भोपाल 5 अक्टूबर 2025 को मिंटो हॉल में एक ऐतिहासिक वैश्विक आंदोलन और विश्व रिकॉर्ड की मेज़बानी करने जा रहा है। “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस” (HFWP) शीर्षक से यह पहल, अनन्त ऊर्जा के संस्थापक आयुष गुप्ता जी और आरविका गुप्ता जी द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर हज़ारों और लाखों हीलर्स, ऊर्जा साधक, आध्यात्मिक नेता, बिज़नेस आइकॉन और सेलेब्रिटीज एक साथ जुटेंगे, सामूहिक ऊर्जा को विश्व शांति और समृद्धि के लिए समर्पित करेंगे। यह आंदोलन विश्वप्रसिद्ध रेकी ग्रैंडमास्टर, सेलिब्रिटी टैरो रीडर और इंटरनेशनल वेलनेस मेंटर आयुष गुप्ता जी के दृष्टिकोण से प्रेरित है, जो नीम करोली बाबा के आशीर्वाद से संचालित है और वर्तमान समय के वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन, इज़रायल-फिलिस्तीन, टैरिफ वॉर, नेपाल संकट, व्यापारिक संघर्ष और मानवीय संकट आदि) की पृष्ठभूमि में शांति की अत्यावश्यकता को दर्शाता है। मुख्य आकर्षण     •    विश्व रिकॉर्ड प्रयास: विश्व शांति के लिए अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक हीलिंग एनर्जी सर्कल।     •    वैश्विक सहभागिता: भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, यूएई, नेपाल और अन्य देशों से हज़ारों हीलर्स की भागीदारी। रेकी, प्राणिक हीलिंग, योग, आयुर्वेद, ध्यान और साउंड हीलिंग जैसे विविध आयामों का संगम।     •    राजनीतिक गरिमा: भारत सरकार के मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला जी और अन्य देशों व वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति।     •    प्रसिद्ध उद्योगपति: श्री दिलीप सुर्यवंशी जी (मैनेजिंग डायरेक्टर, दिलीप बिल्डकॉन), श्री संजीव अग्रवाल जी (सीएमडी, सेज ग्रुप) और अन्य प्रतिष्ठित उद्योगपतियों का सहयोग।     •    अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि: दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल से अहमद इब्राहिम जी, डॉ. बी.यू. अब्दुल्ला जी सहित कई वैश्विक प्रतिनिधियों की उपस्थिति।     •    बॉलीवुड समर्थन: प्रसिद्ध फिल्मकार राकेश रोशन जी, गायक बृजेश शांडिल्य जी, अभिनेता बलराज स्याल जी, गौरव दुबे जी, रेवा़ काराउस और अन्य फिल्म जगत की हस्तियाँ इस वैश्विक आंदोलन का समर्थन कर रही हैं।     •    सामुदायिक सहयोग: जापान से काओरी यानागी एवं शिंसुके कावाशिमा द्वारा सैकड़ों हीलर्स को ऑनलाइन जोड़ना, दुबई से अंक़ा (संस्थापक फ़ातिह और रोसा) द्वारा हीलर्स की भागीदारी, मध्य प्रदेश से मधुलिका बाजपेयी जी का हीलर्स को संगठित करना, फिफ्थवेद द्वारा सहयोग प्रबंधन आदि।     •    जन-सहभागिता: हज़ारों लोग भोपाल में और लाखों लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे – इसे सच्चे अर्थों में एक वैश्विक आयोजन बनाएंगे। सहयोगी और भागीदार इस पहल को प्रतिष्ठित भागीदारों का मज़बूत सहयोग प्राप्त है – मध्य प्रदेश पर्यटन, दिलीप बिल्डकॉन, दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल, दुबई योगा फेडरेशन, एएनजीसी, आनन्द संस्थान, ताज लेकफ्रंट भोपाल, सेज यूनिवर्सिटी, बी.यू. अब्दुल्ला ग्रुप, एमपीटी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स और अन्य संस्थाएँ। यह सहभागिता न केवल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मज़बूत करती है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर शांति और प्रगति का प्रतीक बनाती है। एकता का आह्वान आयुष गुप्ता जी ने कहा: “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस केवल एक आयोजन नहीं है – यह मानवता के लिए एक आंदोलन है। जब हज़ारों हीलर्स और शांति समर्थक एक ही संकल्प के साथ अपनी ऊर्जा को समर्पित करते हैं, तो वह कंपन पूरी दुनिया को शांति की ओर मोड़ सकती है। यह ऐतिहासिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर होगा।” आयोजक सभी हीलर्स, इन्फ्लुएंसर्स, कॉरपोरेट्स, मीडिया प्रोफेशनल्स और विश्व नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनें – चाहे भोपाल में प्रत्यक्ष या ऑनलाइन सहभागिता के माध्यम से।

कलकत्ता जंगल (बालाघाट) में माओवादी मुठभेड़, सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई गोलीबारी

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 बालाघाट  लांजी के युवक को पुलिस की मुखबिरी के शक में अगवा कर मौत के घाट उतारने वाले माओवादियों से 17 दिन बाद फिर पुलिस का आमना-सामना हुआ है। शुक्रवार देर रात किरनापुर थाना क्षेत्र के कलकत्ता के घने जंगल में मुठभेड़ की घटना सामने आई है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि बीती रात मलाजखंड दलम के माओवादी ने सर्चिंग कर रहे सुरक्षा जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। एक्सचेंज आफ फायर में 8-10 माओवादियों के शामिल होने की संभावना है। बता दें कि इस घटना के बाद पुलिस ने सर्चिंग तेज कर दी है। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान कलकत्ता सहित आसपास के जंगल में सघन सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच कितने राउंड फायर हुए, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। गौरतलब है कि 17 सितंबर की देर रात मलाजखंड दलम के माओवादियों ने लांजी के चौरिया निवासी देवेंद्र यादव को अगवा कर लिया था। मौके पर कुछ पर्चे भी छोड़े थे, जिसमें देवेंद्र को पुलिस का मुखबिर बताकर उसे मौत की सजा देने की बात लिखी थी। अगले दिन ग्रामीणों ने देवेंद्र का शव देखा था। इसी दिन माओवादियों ने परसवाड़ा के चीनी कुकड़ा मार्ग पर बैनर और पोस्टर टांगकर विशेष सहयोगी दस्ता भर्ती का विरोध जताया था। साथ में देवेंद्र को अगवा कर मौत की सजा देने की बात का उल्लेख किया था। पुलिस ने सर्चिंग और तेज कर दी माओवादी इन दिनों अपने संगठन की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हर साल 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक माओवादी इस वर्षगांठ पर जगह-जगह बैनर-पोस्टर टांगकर सरकार और पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों को बरगलाते हैं। मिशन 2026 को देखते हुए पुलिस ने भी सर्चिंग को और तेज कर दिया है।