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राज्य मंत्री लोधी बोले – मध्यप्रदेश को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप मे होगा स्थापित

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड का भोपाल में 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजन   भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य 11 से 13 अक्टूबर 2025 तक कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2025 का आयोजन होगा। यह आयोजन घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बायर्स, सेलर्स, ट्रैवल एजेंट्स, फिल्म प्रतिनिधियों और पर्यटन जगत के सभी हितधारकों को एक ही मंच पर जोड़ेगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में 27 देशों के 80 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटरों, 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों, 355 सेलर्स, फिल्म जगत से जुड़े प्रतिनिधि और मीडिया सहित कुल 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। यह भारत का सबसे बड़ा राज्य-स्तरीय ट्रैवल मार्ट होगा, जो मध्यप्रदेश को “अतुल्य भारत का हृदय” के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि फिक्की की सहयोग से आयोजित होने वाला यह देश के सबसे बड़े राज्य-स्तरीय ट्रैवल मार्ट में से एक होगा। इससे हमारे प्रदेश के होटलियर, ट्रैवल और टूर ऑपरेटर, होमस्टे संचालक और पर्यटन हितग्राही जिन्हें सेलर्स कहा जाता है। उन्हें बायर्स कहे जाने वाले विदेश और देश के प्रमुख होटलियर, ट्रैवल और टूर ऑपरेटर से सम्पर्क में आयेगे। इससे न सिर्फ मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि साथ साथ पर्यटन क्षेत्र में आर्थिक उन्नति के द्वार खुलेंगे। पर्यटन के श्रेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे। यह आयोजन पर्यटन, आतिथ्य, फिल्म, वेडिंग और MICE सेक्टर में निवेश, साझेदारी और सहयोग का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम के दौरान 3000 से अधिक बी-टू-बी मीटिंग्स आयोजित होंगी, जो अब तक मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में होने वाला सबसे बड़ा व्यावसायिक संवाद होगा। इसके साथ ही पर्यटन और फिल्म उद्योग से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस तथा राउंडटेबल सत्र भी होंगे, जिनमें राज्य सरकारों (G2G) और वेडिंग एवं कॉर्पोरेट आयोजकों (G2B) के साथ विषयगत चर्चा की जाएगी। इस आयोजन में पर्यटन मंत्रालय के साथ–साथ विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित होंगे। मध्यप्रदेश पर्यटन को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2025 के माध्यम से प्रदेश अपने समृद्ध पर्यटन उत्पादों — धरोहर, वन्य जीवन, ग्रामीण संस्कृति, हस्तशिल्प, खानपान और फिल्म पर्यटन — को एक ही मंच पर प्रदर्शित करेगा। यहां 120 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जिसमें प्रदेश के हथकरघा एवं हस्तशिल्प के उत्पाद होंगे, गोंड आर्ट एवं चंदेरी साड़ी का लाइव डेमो होगा। हितधारकों के स्टॉल्स भी इसमें शामिल होंगे। निवेश संवर्धन, नई पर्यटन परियोजनाओं के समझौते और फिल्म नीति के अंतर्गत सहयोगात्मक घोषणाएं भी की जाएंगी। इस आयोजन में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सुप्रसिद्ध नृत्य संयोजक सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करते लगभग 40 मिनट की समूह नृत्य प्रस्तुति एवं प्रदेश की सांगीतिक पहचान का प्रतीक मैहर बैंड द्वारा विशेष प्रस्तुति के साथ–साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का परिचय कराने के लिए लोकनृत्य एवं जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक लोक संस्कृति इस आयोजन को और जीवंत बनाएंगे। मुख्यमंत्री के साथ निवेशकों की चर्चा और प्रमुख सत्र आयोजन के दौरान  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन निवेशक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटन की संभावनाओं पर केंद्रित पैनल डिस्कशन भी होंगे, जिनमें दो प्रमुख सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पहला सत्र “मध्यप्रदेश: हिडन जेम से ग्लोबल आइकन तक” राज्य की धरोहर, वन्य जीवन, इको-टूरिज्म और उत्सवों पर केंद्रित होगा। दूसरा सत्र “द फ्यूचर ऑफ द फिल्म सेक्टर इन मध्य प्रदेश : फ्रॉम रील टू रियल ग्रोथ” फिल्म निर्माण और फिल्म आधारित पर्यटन के अवसरों पर चर्चा के लिए समर्पित होगा। इन दोनों ही सत्रों में देश-विदेश के विशेषज्ञ, निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इंफ्लुएंसर मीट और फैम टूर MPTM 2025 के दौरान 9 अक्टूबर को इंफ्लुएंसर मीट आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के इंफ्लुएंसर्स हिस्सा लेंगे। 14 फैम (FAM) ट्रिप्स आयोजित होंगी, जिनमें 200 से अधिक प्रतिनिधि मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन सर्किट में वन्यजीव, धरोहर, संस्कृति और अध्यात्म का अनुभव करेंगे। आगंतुकों के लिए भोपाल में कमला पार्क से इकबाल मैदान तक हेरिटेज वॉक, योगा व वेलनेस सत्र, वन विहार नेशनल पार्क में बर्ड वॉच और बोट क्लब पर कायकिंग व सेलिंग का आयोजन किया जाएगा। प्रमुख प्रतिभागी और उद्योग सहभागिता मार्ट में भारत और विदेश के पर्यटन उद्योग से जुड़े कई प्रमुख नाम हिस्सा लेंगे। इनमें डॉ. ज्योत्सना सूरी (सीएमडी, ललित ग्रुप), श्री परवीन चंदर (एक्जीक्युटिव वाइस प्रेसिडेंट, आईएचसीएल ग्रुप), श्री राजीव मेहरा (FAITH), श्री वेद खन्ना (प्रेसिडेंट, ADTOI), मनीष पुरी (प्रेसिडेंट सेल्स, एयर इंडिया), श्री अनिरुद्ध कंडपाल (को–फाउंडर एंड सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एंड स्ट्रेटजिक डेवलपमेंट, पोस्ट कार्ड होटल्स), श्री रवि गोसाईं (प्रेसिडेंट, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स), श्री राकेश कुमार राणा (हेड–होटल्स, पार्टनरशिप एंड एफिलिएट्स, यात्रा डॉट कॉम), डॉ. सुश्रुत सुधीर बाबुलकर (सेरेन्डिपिटी लेक्स एंड रिसॉर्ट्स, तामिया) जैसे प्रतिष्ठित उद्योगपति तथा IATO, FAITH, ADTOI, TAAI जैसी शीर्ष संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। फिल्म जगत से टेलीविजन और फिल्म प्रोड्यूसर सुश्री एकता कपूर, अभिनेत्री सुश्री सुनीता रजवार, प्रसिद्ध अभिनेता श्री गजराज राव व श्री रघुवीर यादव, फिल्म डायरेक्टर श्री विशाल फुरिया, फिल्म प्रोड्यूसर मोनीशा आडवाणी, स्पेनिश फिल्म प्रोड्यूसर अन्ना साउरा, लारा मोलिना (स्पेन फिल्म कमीशन की सदस्य), अभिनेता शिवांकित सिंह परिहार जैसे प्रतिष्ठित फिल्म व्यक्तित्व भी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। साथ ही, एमपी टूरिज्म, आईआरसीटीसी, इन्क्रेडिबल इंडिया और विभिन्न राज्य पर्यटन विभागों के पेवेलियन इस आयोजन का हिस्सा होंगे। मध्यप्रदेश के पर्यटन का प्रभाव और भविष्य मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2025 का उद्देश्य राज्य को पर्यटन, फिल्म, वेडिंग और जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक निवेश और साझेदारी का केंद्र बनाना है। इस आयोजन के माध्यम से राज्य की ब्रांड पहचान 27 अंतरराष्ट्रीय बाजारों कै साथ पूरे विश्व में पहुंचेगी। यह आयोजन पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं, निवेश और सहयोग के द्वार खोलेगा। एमपीटीएम 2025, मध्यप्रदेश की पहचान को “ग्लोबल आइकन इन टूरिज्म” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल

भगवान कृष्ण की स्मृतियों को संजोने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान-संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा में शामिल सभी संतों, तीर्थ पुरोहित महासंघ, धर्म यात्रा महासंघ और विश्व हिंदू परिषद का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज उज्जैन एक अद्भुत क्षण का साक्षी बन रहा है। यात्रा में सम्मिलित सभी सहभागी उस मार्ग पर चलकर आए हैं, जिस पर हमारे आराध्य कृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए मथुरा से उज्जैन स्थित आचार्य सांदीपनी के आश्रम पधारे थे। संतगण को उस पावन मार्ग से गुजरने का अवसर मिला, जहां कृष्ण की चरणरज पड़ी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मथुरा से आरंभ कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा के उज्जैन में आयोजित समापन समारोह को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मथुरा से 5 अक्टूबर को आरंभ हुई यात्रा जयपुर, कोटा, झालावाड़ और आगरा होते हुए उज्जैन पहुंची थी। उज्जैन के समापन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  उमेशनाथ महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री  गजेन्द्र सिंह, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रयागनाथ चतुर्वेदी उपस्थित रहे। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी आश्रम गुरू-शिष्य परम्परा की अनादि महिमा का साक्षात प्रतीक है। जहां हर कण में कृष्ण की विनम्रता, बलराम की शक्ति और सुदामा की भक्ति समाई हुई है। हमारे गुरूकुल आदि काल से भारतीय ज्ञान परम्परा का अभिन्न अंग हैं। सांदीपनी आश्रम में भगवान कृष्ण ने शिक्षा पाई और संसार को गीता का उपदेश देकर योगीराज बने। हमारी सनातन संस्कृति का परम ज्ञान परमार्थ है। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्रामवासियों की रक्षा की और कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीता के माध्यम से धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका सारा जीवन समाज और धर्म की रक्षा के लिए था। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बनेंगे वृंदावन गांव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान, संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम है। यह यात्रा नई पीढ़ी में नैतिकता, आत्मविकास और भारतीय संस्कृति का दीप प्रज्जवलित करने का प्रयास है। राज्य सरकार भगवान कृष्ण की स्मृतियों को संजोने का कार्य कर रही है। कृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, कृष्ण और सुदामा का मैत्री स्थल ग्राम नारायणा, रूक्मिणी वरण के स्थल धार जिले के अमझेरा और विनम्रता का संदेश देने वाले स्थल जानापाव (इंदौर) को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। कृष्ण पाथेय के मार्ग पर आने वाले वन, जल संरचनाओं और उद्यानों का भी संरक्षण किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में गीता जयंती भी मनाई जाएगी। सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में वेद-वेदान्त विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। अमझेरा में चित्रकला, मूर्तिकला और पारम्परिक नृत्य-संगीत कला की शिक्षा दी जाएगी तथा इसे कृष्ण-रूक्मणी लोक के नाम से जाना जाएगा। जानापाव में सुदर्शन लोक की स्थापना की जाएगी, जहां आयुध कौशल के साथ-साथ पारम्परिक और आधुनिक युद्ध शैली का ज्ञान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान कृष्ण की शिक्षा परम्परा को जीवन में आत्मसात करने का आव्हान भी किया। उज्जैन में आयोजित समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतगण की उपस्थित रही। इनमें महामण्डलेश्वर  शांतिस्वरूपानंद जी सरस्वती, महामण्डलेश्वर  आचार्य शेखर जी, महामण्डलेश्वर  शैलेषानंद जी गिरी, जूना अखाड़ा, महामण्डलेश्वर  ज्ञानदास जी महाराज निर्मोही अखाड़ा, महामण्डलेश्वर  भागवतानंद गिरी जी, अंवतिका पीठाधीश्वर,  रंगानाथाचार्य जी महाराज, महामण्डलेश्वर  मनीष महाराज ददुवा आश्रम तथा तिरूपतिधाम युवराज राघवेन्द्र जी प्रमुख है। इस अवसर पर धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रमोद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष  अशोक कोटवाणी, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  सुरेन्द्र चतुर्वेदी तथा प्रदेश अध्यक्ष  मनीष उपाध्याय और कांवड़ यात्रा संयोजक  रतनलाल अग्रवाल भी उपस्थित रहे।  

नागपुर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कफ सिरप पीड़ित बच्चों और परिजनों से की बातचीत

भोपाल/ छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 21 तक पहुंच गया है. नागपुर के अस्पताल में भर्ती पांच वर्ष के एक और बच्चे मयंक सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को नागपुर पहुंचे. वे यहां अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ उनके परिजनो से भी मुलाकात करेंगे. अस्पताल में भर्ती बच्चों का हेल्थ अपडेट लेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर में एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर (जीएमसी) में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे. साथ ही उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बात करेंगे. वर्तमान में छिंदवाड़ा के चार बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है इनमें से दो बच्चे एम्स नागपुर में, एक न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती है. इसके पहले सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में भी परिवारों से मुलाकात की थी. इस मौके पर सीएम ने पीड़ित परिवारों से कहा था कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है. आपके बच्चों का दुख मेरा भी है. वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका ध्यान रखा जाए कि ऐसी दुर्घटनाएं फिर न हों. उच्चस्तरीय जांच जारी बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दोषियों को न बख्शने की बात कही है. पीड़ित बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों- उप-औषधि नियंत्रक-नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया है. फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का ट्रांसफर कर दिया गया है. तमिलनाडू से कंपनी का मालिक गिरफ्तार मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है. इस कफ सिरप में 48 फीसदी डायएथिलीन ग्लाईकॉल मिला था. इसी जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की किडनी खराब हुई और 21 बच्चे काल के गाल में समा गए.  

TI को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाली ASI पर गिरी गाज, विभागीय जांच में दोषी पाकर हुई बर्खास्त

इंदौर  चर्चित टीआई हाकमसिंह पंवार शूट एंड सुसाइड केस में फंसी महिला एएसआई रंजना खांडे को आखिरकार पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में रंजना के खिलाफ गंभीर आरोप साबित हुए हैं। एएसआई पर तत्कालीन टीआई हाकमसिंह का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप था। मामले में रंजना के खिलाफ छोटी ग्वालटोली थाने में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज है। आत्महत्या से पहले टीआई ने की थी फायरिंग मामला जून 2022 का है, जब भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में पदस्थ टीआई हाकमसिंह पंवार ने इंदौर के पुलिस कंट्रोल रूम में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एएसआई रंजना खांडे पर फायर किया था, हालांकि वह बाल-बाल बच गईं थी। टीआई के परिजनों ने रंजना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह हाकमसिंह को अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रही थीं। इसके बाद तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित कर जांच के आदेश दिए थे। एसआईटी की जांच में तीन और नाम आए सामने एसआईटी जांच के दौरान रंजना खांडे के अलावा उसके भाई कमलेश खांडे, टीआई की तीसरी पत्नी रेशमा शेख उर्फ जग्गू, और कपड़ा व्यवसायी गोविंद जायसवाल का नाम भी सामने आया। जांच रिपोर्ट में चारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की सिफारिश की गई। घटना के कुछ ही दिनों बाद रंजना के भाई कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने रंजना और रेशमा को गिरफ्तार किया, जबकि गोविंद जायसवाल ने कोर्ट में सरेंडर किया था। विभागीय जांच में दोषी पाई गईं रंजना मामले में डीसीपी (मुख्यालय) प्रकाश सिंह परिहार ने प्रारंभिक विभागीय जांच की थी। उस समय केवल वेतन वृद्धि रोकने की सजा देकर मामला शांत कर दिया गया था। हालांकि, वर्तमान पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मामले की फिर से जांच करवाई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह ने बुधवार को रंजना को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि रंजना ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल विभाग की छवि धूमिल की, बल्कि अश्लील वीडियो के माध्यम से टीआई को ब्लैकमेल करने जैसी गंभीर हरकत में भी शामिल थीं। पहले भी विवादों में रही एएसआई रंजना खांडे यह पहली बार नहीं है जब एएसआई रंजना खांडे किसी विवाद में फंसी हों। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नवंबर 2013 में उनकी पहली पोस्टिंग डीपीओ धार में हुई थी। वहां उन्होंने अपने ही विभाग के एक कर्मचारी को पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी थी, बाद में मामला समझौते से सुलझा लिया गया। खूब आती रहीं शिकायतें इसके बाद भी उनके खिलाफ कई शिकायतें हुईं। एक शिकायत के चलते जब उसे भोपाल ट्रांसफर किया जा रहा था, तब रंजना ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर इंदौर में पोस्टिंग ले ली। दिसंबर 2021 में रंजना ने रिटायर्ड एसआई यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन वह मामला भी चुपचाप निपटा दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रंजना पहले भी बुरहानपुर में पदस्थ एक पुलिसकर्मी पर आरोप लगा चुकी हैं। लगातार विवादों में रहने के बावजूद वह कई वर्षों तक पुलिस सेवा में बनी रहीं।  

किसानों को राहत, बेघरों को सौगात: MSP पर दाल खरीदी की योजना लाए शिवराज सिंह

जबलपुर  देश के किसानों के लिए खुशखबरी है. दिवाली से पहले उन्हें बड़ा तोहफा मिलने वाला है. दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत दलहन को मिनिमम सपोर्ट प्राइज पर खरीदा जाएगा. यह कहना है केंद्र सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का. उन्होंने बताया, ''भारत दालों के मामले में अभी भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं है और हमें विदेशों से दाल का आयात करना पड़ता है. भले ही हम दाल के दुनिया में सबसे बड़े उत्पादक देश हैं लेकिन हमारी जरूरतें भी ज्यादा हैं.'' 11 अक्टूबर को दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का ऐलान शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''वे किसानों की दाल का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदने को तैयार हैं.'' दिल्ली स्थित पूसा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को "दलहन आत्मनिर्भरता मिशन" ऐलान करेंगे. 47 हजार करोड़ रुपये की दाल को विदेशों में इंपोर्ट किया जाएगा. इससे देश के लगभग 2 करोड़ किसानों को फायदा होगा. शिवराज सिंह चौहान ने बताया दलहन प्लान के बारे में  वहीं प्रधानमंत्री आवास से वंचित लोगों के लिए शिवराज सिंह चौहान ने एक खुशखबरी दी है. उन्होंने कहा, जल्द ही नया सर्वे होगा और जिन लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास से छूट गए हैं उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास दिया जाएगा.'' मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को जबलपुर पहुंचे थे. समर्थन मूल्य में दलहन खरीदी शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''भारत दलहन के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है. दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक देश भी हम ही हैं और दुनिया के सबसे बड़े आयातक देश भी हम ही हैं. मतलब भारत के लोग सबसे ज्यादा दाल का इस्तेमाल करते हैं.'' शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''किसानों के लिए ऐसी स्कीम बनाई जा रही हैं जिसमें पूरी दलहन की फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद सके. इससे किसान ज्यादा से ज्यादा दालों की फसलों का उत्पादन करेंगे और हमारी विदेश से निर्भरता कम होगी.'' भारत में सबसे ज्यादा अरहर की दाल उत्पादित होती है, लेकिन इसके बावजूद हमें दक्षिण अफ्रीका से दाल का आयात करना पड़ता है. तब जाकर हमारी घरेलू जरूरत पूरी हो पाती है. शिवराज सिंह का कहना है, ''वे पहले लगातार जबलपुर आते थे लेकिन इस बार उनका दौरा लंबे अंतराल बाद हुआ है. वह भी मध्य प्रदेश के लोगों से मिलना जुलना चाहते हैं, लेकिन अब उनकी मजबूरियां हैं.'' शिवराज सिंह चौहान जबलपुर से होते हुए गोटेगांव गए जहां उन्होंने मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात की. प्रधानमंत्री आवास को लेकर घोषणा शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ''पिछले सवा साल में मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 19 लाख लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता दी गई है. लेकिन इसके बावजूद लोगों का कहना है कि उनके नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में शामिल नहीं हुए हैं. इसलिए सरकार ने एक बार फिर से सर्वे करवाया है इस सर्वे में छूटे हुए लोगों के नाम जोड़े गए हैं. इन सभी का एक बार वेरीफिकेशन होगा और यदि वेरिफिकेशन में लोग पात्र पाए जाएंगे तो इन्हें नए सिरे से प्रधानमंत्री आवास दिया जाएगा.''  

स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा: मंत्री विजयवर्गीय ने अपनाया जोहो मेल, जनता के लिए आसान संवाद

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने आम नागरिकों की सुविधा के लिये अपना स्वदेशी ई-मेल जोहो अकाउंट जारी किया है। इसके लिये उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी मेल अपनाकर उनसे जुड़ने का अनुरोध किया है। इसके लिये उन्होंने एक अपील भी जारी की है। प्रिय साथियों, हम रिश्तों के धागों से बंधे हैं। आपसे जुड़ाव ने हमेशा मुझे ताकत दी है। आपके विचार, सुझाव और शुभकामनाएं मेरे काम को दिशा देते रहे हैं। अब इस संवाद को और सहज बनाए रखने के लिए मैंने zoho mail अपनाया है। आप मुझसे सीधे ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मेरा नया ई-मेल अकाउंट kailashvijayvargiya@zohomail.in है। आपके भरोसे और साथ के लिए मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूं।  

ओबीसी कोटे पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई नवंबर में, सरकार ने फिर समय मांगा

भोपाल   एक बार फिर मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण दिए जाने के मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई टाल दी गई है. पहले इस मुद्दे पर 8 अक्टूबर से नियमित सुनवाई होने वाली थी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी. MP सरकार की तरफ से तुषार मेहता ने इस मामले की सुनवाई को 9 अक्टूबर से  किए जाने का आग्रह किया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था. लेकिन एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से इस सुनवाई के लिए वक्त मांगा है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर पहले ही नोटिस जारी कर चुका है. वहीं कांग्रेस इस मामले में लगातार सरकार की मंशा पर सवाल उठाती आयी है. शुरू होते ही मांग ली तारीख सुनवाई के लिए सुबह 10.30 बजे जैसे ही बेंच शुरू हुई, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसमें समय देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभी कुछ मुद्दों पर आपस में चर्चा करना है, इसलिए छुट्टियों के बाद इसमें समय दे सकें। अनारक्षित पक्ष ने कहा कि बेहतर होगा इसे खत्म किया जाए। इस पर ओबीसी वेलफेयर कमेटी की ओर से कहा गया कि इसे सुना जाए। इस पर मेहता ने कहा कि आगे बढ़ा दिया जाए। अब इस तारीख को होगी सुनवाई सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में जज के सामने ओबीसी आरक्षण के मामले में और वक्त देने की मांग रखते हुए कहा कि "इसमें कई तकनीकी पक्ष हैं, जिनको समझने के लिए थोड़े और वक्त की जरूरत है. वहीं अब इस मामले की सुनवाई अगले महीने (नवंबर) के पहले हफ्ते में होगी." ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा फाइनल हियरिंग होगी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस पर कहा कि ठीक है, अभी छुट्टियां लग जाएंगी तो आप बताइए क्या संभावित समय बताएं। मेहता ने कहा कि नवंबर पहले या दूसरे सप्ताह में। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दूसरे सप्ताह नवंबर रख रहे हैं लेकिन यह फाइनल हियरिंग होगी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में केस वापस करने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। दो मिनट की सुनवाई में डेट आगे बढ़ गई। ओबीसी कमेटी ने कहा कि हाईकोर्ट के स्टे हटा दीजिए इस पर ओबीसी वेलफेयर कमेटी के अधिवक्ता वरूण ठाकुर ने कहा कि कम से कम हाईकोर्ट के स्टे को हटा दीजिए, एक्ट कहीं भी चैलेंज नहीं है। स्टे हटा दीजिए ताकि एक्ट के तहत भर्ती हो सके। लेकिन इस पर बेंच ने कोई जवाब नहीं दिया। 87 और 13 फीसदी का मामला उलझा मध्यप्रदेश की सियासत में कहा जाता है कि OBC समुदाय जिसके साथ रहेगा सत्ता की चाबी उसके पास रहेगी. यही वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों पिछड़ा वर्ग का हितैषी बनने की कोशिश करती हैं. विपक्ष का आरोप है सरकार गुमराह कर रही है, और सरकार कहती है — हम तो OBC के साथ हैं. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ऐसे आरोपों को सिरे नकारते हैं. वे कहते हैं कि हमारी सरकार का रुख साफ है. हम ओबीसी को 27℅ आरक्षण देने के स्टैंड पर हम कायम हैं.  मध्यप्रदेश में OBC की आबादी 50 फीसदी से अधिक है, लेकिन ओबीसी वर्ग 27% आरक्षण के पेंच में उलझ गया है.यही आरक्षण युवाओं की गले की फांस बनता जा रहा है.दरअसल मध्यप्रदेश में हो रही भर्ती परीक्षाओं में 87:13 का फॉर्मूला लागू है, इसके तहत 87% रिजल्ट जारी हो रहे हैं जबकि 13% रिजल्ट होल्ड पर हैं आलम ये है कि कई युवा सरकारी नौकरी की राह देखते-देखते ओवर एज हो चुके हैं तो कुछ ने पढ़ाई ही छोड़ दी है. एमपी हाईकोर्ट जाएगा या नहीं यह तय नहीं यह केस अब हाईकोर्ट में वापस जाएगा या नहीं यह तय नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर गुरुवार को कोई बात नहीं हुई। इसके पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि क्यों ना केस को हाईकोर्ट भेज दें, क्योंकि आरक्षण स्थानीय मुद्दे, टोपोग्राफी, जनसंख्या इन सभी से जुड़ा होता है और यह हाईकोर्ट बेहतर समझ सकता है। इस पर बात आई थी कि हाईकोर्ट ने कई याचिकाओं में स्टे दे दिया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम स्टे वेकेट करके इसे रिवर्ट कर देते हैं। इस पर अनारक्षित पक्ष को आपत्ति थी क्योंकि स्टे हटने का मतलब था कि मप्र में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण (27 percent OBC reservation case) लागू हो जाएगा। पांच मिनट की सुनवाई के बाद तय हुआ कि इस मुद्दे को प्रैक्टिकली देखा जाएगा और 9 अक्टूबर को सुनेंगे, लेकिन फिर सरकार ने समय मांग लिया। सरकार लगातार समय मांग रही है मध्य प्रदेश सरकार इस मामले में लगातार समय मांग रही है। यह मामला साल 2019 से चल रहा है। पहले हाईकोर्ट ने इसमें ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण (27 percent OBC reservation) देने पर रोक लगाई और फिर इसमें सुनवाई की जगह शासन ने ट्रांसफर याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर कर दी। इसके बाद इन्हें खारिज किया गया और हाईकोर्ट फिर भेजा गया लेकिन फिर वहां से सुप्रीम कोर्ट में दूसरी ट्रांसफर याचिकाएं लगाई गई। हाईकोर्ट में हर बार शासन ने यह कहा कि एपेक्स कोर्ट में केस है, इसलिए सुनवाई नहीं हो सकती है। इसके बाद मामला फिर सुप्रीम कोर्ट में सुना गया और सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती से कहा कि सरकार 6 साल से सो रही थी, अब अंतरिम राहत नहीं देंगे अंतिम फैसला देंगे। लेकिन 8 अक्टूबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अचानक कहा कि क्यों ना इसे हाईकोर्ट भेज दिया। लेकिन 9 अक्टूबर को हाईकोर्ट भेजने पर कोई चर्चा नहीं हुई। ओबीसी कमेटी के आरोप: चुनाव के कारण राजनीति हुई ओबीसी वेलफेयर कमेटी की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर ने मीडिया से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कल कहा था कि स्टे वेकेट करते हुए केस हाईकोर्ट को रिमांड करेंगे। आज (9 अक्टूबर)  सुनवाई के दौरान उम्मीद थी कि स्टे हटकर हाईकोर्ट में केस जाएगा, लेकिन सुबह सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहताजी ने मेंशन लेकर मामले की फाइनल सुनवाई का निवेदन किया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने इसे मानते हुए दूसरे सप्ताह नवंबर में रखा गया है, फाइनल सुनवाई के लिए कहा है। अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि … Read more

मौत का कफ सिरप? मासूमों की जान जाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कल होगी अहम सुनवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट सहमत हो गया। अदालत ने दवा सुरक्षा तंत्र में जांच और व्यवस्थागत सुधार की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अधिवक्ता और याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है और तत्काल सुनवाई योग्य है।  राष्ट्रीय स्तर पर जांच और सुधार की मांग याचिका में इन घटनाओं की अदालत की निगरानी में जांच और एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति के गठन का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, याचिका में कहा गया है कि जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत से जुड़े सभी FIRs और जांचों को CBI को ट्रांसफर किया जाए, ताकि पूरे देश में जांच एक समान और निष्पक्ष रूप से की जा सके। राज्यों में जांच बिखरी याचिकाकर्ता ने कहा है कि अलग-अलग राज्यों में जांच होने से जवाबदेही बिखर जाती है, जिससे बार-बार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और खतरनाक दवाएं बाजार में पहुंच जाती हैं। इसलिए एक केंद्रीकृत जांच की जरूरत है जो पूरे सिस्टम में सुधार सुनिश्चित करे। बिक्री से पहले मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं हो परीक्षण याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह यह पता लगाए कि दवा सुरक्षा और गुणवत्ता जांच प्रणाली में कौन सी चूक हुई, जिनकी वजह से निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं बाजार में पहुंचीं। इसमें अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि आगे किसी भी बिक्री या निर्यात की अनुमति देने से पहले सभी संदिग्ध उत्पादों का एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से विष विज्ञान परीक्षण अनिवार्य किया जाए।  

गुलाबी ठंड की दस्तक: एमपी में बदला मौसम का मिजाज, दो दिन पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में दिन में तेज धूप खिलेगी और रात में गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा। मौसम विभाग ने 2 से 3 दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई के संकेत दिए हैं। पूर्वी हिस्से में 3 दिन तक बूंदाबांदी के आसार जरूर है।  मध्य प्रदेश से पूरी तरह से मानसून की विदाई के पहले ही गुलाबी ठंड का अकर दिखने लगा है. शरद पूर्णिमा के अगले दिन से ही प्रदेश के कई जिलों में हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है. इस दौरान कई शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है. मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात इंदौर और राजगढ़ जिले का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया. वहीं कुछ जगहों पर लोकल सिस्टम के चलते हल्की बूंदाबांदी भी देखी जा रही है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंच रहा है. ऐसे में हवा का रुख भी धीरे-धीरे बदल रहा है, जिसके कारण बादल छाने के बावजूद रात के तापमान में गिरावट हो रही है. सामान्यतः इन दिनों जब बादल छाते हैं तब रात के तापमान में गिरावट नहीं होती. वहीं अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों से मानसून की विदाई हो सकती है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में दक्षिण पश्चिम मानसून अगले 2 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से वापसी कर सकता है. वहीं बीते दिन एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन शक्ति आज सुबह एक निम्न दबाव के क्षेत्र में बदला है. साथ ही एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा के इलाके में बना हुआ है. ऐसे में अगले 5 दिनों के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में तेज बारिश की संभावना नहीं बनी है. अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 3 दिन धूप-छाव और बूंदाबांदी वाला मौसम रहेगा। पूर्वी हिस्से के जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में दिन में तेज धूप खिली रहेगी। इधर, कई शहरों में रात का पारा 18 डिग्री तक पहुंच गया है। 8-9 सितंबर की बात करें तो धार, इंदौर, राजगढ़ में तापमान 17.6 से 17.7 डिग्री के बीच रहा। भोपाल में 19.6 डिग्री, उज्जैन में 19 डिग्री, ग्वालियर में 22.1 डिग्री और जबलपुर में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापlमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: सतना – 33.6°C (सबसे ज्यादा), खजुराहो (छतरपुर) – 33°C, नर्मदापुरम/मंडला – 32.8°C, उमरिया – 32.5°C, जबलपुर – 32.2°C, न्यूनतम तापमान: इंदौर/राजगढ़ – 17.6°C (सबसे कम), धार – 17.7°C, गिरवर (शाजपुर) – 18.6°C, सीहोर – 18.8°C, उज्जैन/खंडवा – 19°C कैसा रहा बड़े शहरों का पारा जबलपुर – 32.2°C ग्वालियर – 31.4°C उज्जैन – 31°C भोपाल – 30.7°C इंदौर – 30.5°C  

भ्रष्टाचार के संदेह में लोकायुक्त की कार्रवाई, जेपी मेहरा के ठिकानों पर तलाशी

भोपाल  Bhopal में लोकायुक्त (Lokayukta ) की टीम ने गुरुवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर जेपी मेहरा के घर पर छापा मारा। ये छापा भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत मारा गया था, जिसमें कहा जा रहा है कि मेहरा ने विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां की थीं। छापे की वजह लोकायुक्त की टीम ने इस छापे को गोपनीय सूचना के आधार पर मारा। जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त की टीम ने पुलिस बल के साथ जेपी मेहरा के भोपाल स्थित मणिपुरम आवास पर तलाशी शुरू की। जेपी मेहरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पीडब्ल्यूडी में विभागीय ठेकों और निर्माण कार्यों में गड़बड़ियां कीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने जांच की प्रक्रिया शुरू की, और अब तक की कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जो भ्रष्टाचार के मामलों को और ज्यादा मजबूत कर सकते हैं। बता दें मेहरा इसी साल रिटायर हुए हैं। छापे में मिली संपत्ति से जुड़ी जानकारी छापे (Lokayukta raid in MP) के दौरान अधिकारियों को बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले, जिनमें केस और प्रॉपर्टी से संबंधित कागजात शामिल थे। जेपी मेहरा के घर लोकायुक्त का छापा में मुंबई में खरीदी गई संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है, और इससे जुड़ी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक हो सकती है। केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले जानकारी के अनुसार, छापे के दौरान लोकायुक्त की टीम को बड़ी संख्या में केस और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें मुंबई में खरीदी गई संपत्ति से जुड़े प्रमाण भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह छापा गोपनीय सूचना के आधार पर मारा गया है। मेहरा इसी साल फरवरी में रिटायर हुए थे। फिलहाल मणिपुरम स्थित उनके आवास में लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।