Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

दिग्विजय सिंह का विवादित बयान: मुस्लिम आबादी पर टिप्पणी, RSS और FIR कार्रवाई पर निशाना

digvijay singh24 1.jpg

झांसी  झांसी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा- RSS दंगे भड़काती है। यह एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था है। इनके लोग दंगा कराते हैं। फिर इनकी ओर से बयान आता है कि यह हमारा मेम्बर नहीं। जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं तो मेम्बर कहां से होगा?  सरकार चाहे तो कभी दंगे न हों। दंगे सरकार और अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। इसे रोकने के लिए समय रहते कदम उठाएं। बरेली बवाल पर उन्होंने कहा कि तौकीर रजा जैसे लोग हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भाषण देकर लोगों को उकसाते हैं। दिग्विजय शुक्रवार को दतिया के पीतांबरा पीठ दर्शन के बाद सर्किट हाउस पहुंचे थे। इसके बाद वे भोपाल रवाना हो गए। आरएसएस चंदा वूसली करती है। ये पैसा जाता कहां है। बैंक खाता कहां है? हर विजयादशमी और गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपए चंदे में आते हैं। जब संघ का अकाउंट नहीं है तो पैसा जाता कहां है। इनका एक ही एजेंडा है, हिदुओं को भड़काना और संविधान के खिलाफ लोगों को बचपन से तैयार करना। ये कभी आंदोलन प्रदर्शन नहीं करते, हमेशा कानाफूसी की राजनीति करते हैं। RSS के लोग कह रहे हैं कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही। उनकी संख्या बढ़ जाएगी, जो कि संभव ही नहीं है। क्योंकि, जितनी हिंदुओं की जनसंख्या घट रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से मुसलमानों की जनसंख्या घट रही। 2001 और 2011 के बीच का जनसंख्या ग्राफ ये प्रमाणित करता है। अब 2021 की रिपोर्ट तो इन्होंने ही रोक कर रखी है। इसलिए वो बात सामने नहीं आईं। लेकिन RSS और सरकार मिलकर हिंदुओं को भ्रमित कर रहे हैं। अगर कोई 'आई लव मोहम्मद' कहता है और कोई आई लव रामजी, आई लव महादेव, आई लव कृष्ण भगवान, आई लव गांधीजी कहता है तो इसमें किसी को क्या दिक्कत? इसमें मुकदमा दर्ज करने की क्या जरूरत है। दंगे तो सरकार और सरकारी अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। अगर सरकार चाहे तो कभी दंगा नहीं हो सकता है। सरकार को ऐसे संवेदनशील मामलों में समय से कदम उठाने की जरूरत है। बरेली में मौलान तौकीर रजा पर कहा कि कुछ फितरती लोग अगर मुसलमानों में हैं तो हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भड़काऊ भाषण देने का काम करते हैं। संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर अवैधानिक निर्माण है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक व्यक्ति के अपराध पर उसके परिवार को दंड देना कहीं से भी न्याय नहीं है। सरकार ने लिस्ट जारी की है। एक भी घुसपैठिए का नाम बता दें। किस पोलिंग बूथ पर कौन सा घुसपैठिया है। उसका नाम आ गया हो। घुसपैठिए की परिभाषा क्या है? जब केंद्र में 11 साल से भाजपा की सरकार है। तो घुसपैठिया नेपाल से आया या बांग्लादेश से? ये केवल भाजपा और अमित शाह की नजर में घुसपैठिए हैं। लेकिन घुसपैठिए का नाम तो बताना होगा। कोविड के समय RSS की ओर से कहा गया कि जनता को 7 करोड़ रुपए की मदद की है। मैंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बारे में पत्र लिखा। उनसे पूछा कि नॉन रजिस्टर्ड संस्था कह रही है कि 7 करोड़ रुपए कलेक्ट करके खर्च किए हैं। तो आखिर कौन से अकाउंट से पेमेंट किया। इन पर तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलना चाहिए। नॉन रजिस्टर्ड संस्था ने बिना अकाउंट के 7 करोड़ रुपए कहां से खर्च कर दिए? मगर वित्त मंत्री जी का आज तक जवाब नहीं आया।  

कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने: मोदी पर ‘रावण’ टिप्पणी से मचा घमासान

cong1.jpg

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना दशहरे पर जलाए जाने वाले दस सिर वाले रावण से कर डाली। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उदित राज ने तंज कसते हुए कहा, 'पीएम मोदी आज के दौर के रावण हैं। जिस तरह वह अपना सोने का महल बना रहे हैं, उसमें प्रवेश करते ही वह इसे जलता हुआ देखेंगे।' इस बयान की बीजेपी ने तीखी आलोचना की है। बीजेपी ने इसे कांग्रेस की नफरत की राजनीति करार दिया है। बीजेपी का पलटवार बीजेपी ने इस बयान पर कड़ा एतराज जताया है। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस का एकमात्र मकसद पीएम मोदी और भारत के खिलाफ नफरत फैलाना है। यह उनकी पुरानी आदत बन चुकी है।' पूनावाला ने उदित राज के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि वह पहले भी माओवादियों का समर्थन और RSS को ‘आतंकी’ बताने जैसे विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विपक्षी नेताओं ने पहले PM की मां का कथित तौर पर अपमान किया था। पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा, 'कांग्रेस की असलियत यही है। एक तरफ PM मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, जो RSS के संस्कारों को दर्शाता है। दूसरी तरफ राहुल गांधी PM को लाठी से मारने की बात करते हैं और उनकी OBC जाति पर तंज कसते हैं।' ‘मोहब्बत की दुकान’ या ‘नफरत के भाईजान’? पूनावाला ने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ नारे पर चुटकी लेते हुए कहा, 'यह मोहब्बत की दुकान नहीं, बल्कि नफरत के भाईजान है। समय-समय पर ये लोग चुनाव आयोग, भारत और सनातन संस्कृति पर हमला बोलते रहते हैं।' इस बयानबाजी ने दशहरे के मौके पर सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है, जहां एक तरफ कांग्रेस अपने बयानों से हमलावर है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा बता रही है।  

राजनीति का नया विवाद: भाजपा ने तेजस्वी-राहुल को बताया ‘कलयुग का रावण’

rahul.jpg

पटना  बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स' हैंडल से बृहस्पतिवार को एक पोस्टर साझा किया गया, जिसमें दोनों नेताओं को ‘कलयुग का रावण' बताया गया है। पोस्टर में लिखा गया है, “मातृशक्ति के अपमान का प्रतीक रावण आज भी मौजूद है, बस चेहरा बदल गया है। जनता अपने मत से इस रावण का अंत तय करेगी।”   साझा किए गए पोस्टर में एक तरफ त्रेता युग के रावण की तस्वीर लगाई गई है और कैप्शन में लिखा गया है, “जिसने मां जानकी का अपहरण किया, उनका अपमान किया।” दूसरी ओर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तस्वीर के साथ उल्लेख किया गया है, “कलयुग के रावण। जिनके मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत मां का अपमान किया गया।” राजद ने भी अपने सोशल साइट हैंडल ‘एक्स' पर विजयादशमी के बहाने राजग सरकार पर हमला किया और लिखा है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अफसरशाही, अहंकार, भ्रष्टाचार और झूठे सरकारी प्रचार के ‘‘रावण'' का अंत हो जाएगा। पार्टी ने ‘एक्स' पर लिखा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बनने वाली सरकार राज्य में तुरंत जनकल्याण, नौकरी और रोजगार की दिशा में काम करेगी। राजद ने कहा कि ‘‘तेजस्वी की सरकार'' ही ऐसी सरकार होगी जो सचमुच जनता के सरोकारों और कल्याण के लिए समर्पित होगी।   

चिदंबरम पर कांग्रेस का हमला: वरिष्ठ नेता बोले – यूपीए सरकार विदेश दबाव में चल रही थी

chidamba.jpg

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के मुंबई आतंकवादी हमले को लेकर दिए गए बयान के बाद बवाल मच गया है। एक तरफ बीजेपी तो निशाना साध ही रही है, अब कांग्रेस के अंदर से भी उनके खिलाफ सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने चिदंबरम पर बीजेपी को मजबूत करने का आरोप लगाते हुए पूछा है कि क्या वह यह साबित करना चाहते हैं कि उस समय यूपीए सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही थी? मीडिया से बात करते हुए राशिद अल्वी ने कहा, ''इसका मतलब है कि चिदंबरम का कहना है कि अमेरिका के दबाव में काम कर रहे थे? उनके इस बयान से बीजेपी को फायदा होगा। 2008 की बात है और अब 16 साल बाद क्यों बयान दे रहे हैं। अगर वे यह बात नहीं चाहते थे तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था।'' उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के अंदर बहुत लोग कांग्रेस को कमजोर करना चाहते हैं। घर को आग लग गई, घर के चिराग से। क्यों यह साबित करना चाहते हैं कि यूपीए की सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही थी? इसका मतलब है कि आप बीजेपी को मजबूत करना चाहते हैं। कांग्रेस नेता चिदंबरम ने एक ‘पॉडकास्ट’ में कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से इस भयावह आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के पक्ष में थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने पड़ोसी देश के खिलाफ कूटनीतिक उपायों का इस्तेमाल करने के विदेश मंत्रालय के दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका समेत शक्तिशाली देश चाहते थे कि भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध न करे। 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमले के तुरंत बाद चिदंबरम को गृह मंत्री बनाया था। इससे पहले वह वित्त मंत्री थे। उनके इस बयान पर बीजेपी ने भी निशाना साधा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चिदंबरम की टिप्पणियों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि सिंह के नेतृत्व वाली सरकार कितनी कमजोर थी। प्रसाद ने कहा कि सिंह किस कदर झुक गए थे, यह चिदंबरम के बयान से साफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए क्योंकि देश जान गया है कि संप्रग सरकार के शासनकाल में देश का शासन कैसे चलता था। प्रसाद ने कहा, "हमें अपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर गर्व है। इसीलिए भारत सुरक्षित है और आर्थिक विकास भी कर रहा है। यह दुनिया के सामने नहीं झुकता।" उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के अड्डों को ध्वस्त कर पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी हमलों का हर बार बदला लिया है।  

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को स्वास्थ्य समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया

1aa 63.jpg

 बेंगलुरु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया है, जहां कम्प्लीट चेकअप के लिए उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा है. वे इलाज के लिए बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे (88) एक सीनियर सांसद और कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं. अक्टूबर 2022 से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई चुनावी मुकाबलों में पार्टी का नेतृत्व किया है और राष्ट्रीय रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं.  1942 में जन्मे खड़गे का राजनीतिक सफर दशकों लंबा है, इस दौरान उन्होंने एक सांसद, केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया है. उनके करियर की पहचान एक ज़मीनी नेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा है, जिसमें मज़बूत संगठनात्मक कौशल भी शामिल है. पार्टी अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने कांग्रेस को उसके सबसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर से उबारने का भार उठाया है.