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Aastha Pandey

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RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने असिस्टेंट रिव्यु अफसर (RO) और असिस्टेंट रिव्यु अफसर (ARO) मेंस परीक्षा 2023 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित होगी। कुल 7509 कॅंडिडेट मेंस परीक्षा के लिए चयनित हुए हैं, जिनमें से कई कॅंडिडेट वर्षों की तैयारी के बाद इस इम्पोर्टेन्ट परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग ने परीक्षा का समय और पैटर्न भी स्पष्ट कर दिया है। पहली पाली में सामान्य स्टडी और दूसरी पाली में हिंदी, आलेखन और व्याकरण के पेपर होंगे। उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि आरओ और एआरओ जैसी जिम्मेदार पदों पर चयन मिलना न सिर्फ सरकारी नौकरी की दिशा में इम्पोर्टेन्ट कदम है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका भी देता है। छात्रों और कॅंडिडेट के लिए यह समय तैयारी और रणनीति का है। आयोग ने प्रवेश पत्र और परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का वादा किया है। इस परीक्षा के माध्यम से हजारों अभ्यर्थियों के करियर में नए अवसर खुलेंगे, और UPPSC राज्य की प्रशासनिक सेवा में नए चेहरे जोड़ने के लिए तैयार है। एग्जाम डेट आयोग के अनुसार परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित होगी।पहले दिन सुबह की पाली 9:30 से 11:30 बजे तक होगी।इस सत्र में सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र शामिल होगा।यह प्रश्नपत्र प्रारंभिक परीक्षा की तरह वस्तुनिष्ठ (Objective) पैटर्न पर आधारित रहेगा। दोपहर की दूसरी पाली 2:00 से 5:00 बजे तक चलेगी।इसमें दो खंड होंगे — खंड एक और खंड दो।खंड एक में दोपहर 2:00 से 4:30 बजे तक पारंपरिक सब्जेक्टिव (Subjective) पेपर होंगे।इस भाग में सामान्य हिंदी और आलेखन (Drafting) से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।खंड दो में 4:30 से 5:00 बजे तक वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी।इसमें सामान्य शब्द ज्ञान और व्याकरण से प्रश्न पूछे जाएंगे। दूसरे दिन, यानी 1 फरवरी 2026 को, एक मात्र परीक्षा होगी।यह सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक चलेगी।इस सत्र में हिंदी निबंध (Essay) का प्रश्नपत्र होगा। आयोग ने बताया कि आरओ–एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 2023 का परिणाम 16 सितंबर 2025 को घोषित किया गया था।कुल 7509 अभ्यर्थी मेंस परीक्षा के लिए सफल घोषित हुए हैं।इनमें 6093 उम्मीदवार समीक्षा अधिकारी पद के लिए चयनित हैं।1386 उम्मीदवार सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए और 30 उम्मीदवार एआरओ (लेखा) पद के लिए सफल हुए हैं। आयोग के उप सचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रयागराज समेत राज्य के विभिन्न केंद्रों पर होगी।सभी उम्मीदवारों के लिए प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर समय से पहले जारी किए जाएंगे। उम्मीदवारों से कहा गया है कि वे आयोग की वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर नियमित रूप से नज़र रखें।वहां से उन्हें परीक्षा से जुड़ी ताज़ा जानकारी, निर्देश और प्रवेश पत्र डाउनलोड लिंक मिलेगा। आयोग ने उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले अपनी तैयारी और समय प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी है।इसके साथ ही परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए दिशानिर्देश भी जल्द जारी किए जाएंगे। FAQs 1. आरओ/एआरओ मेंस परीक्षा कब होगी?आरओ/एआरओ मेंस परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। 2. परीक्षा का समय क्या रहेगा? पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। 3. मेंस परीक्षा में कितने अभ्यर्थी शामिल होंगे?कुल 7509 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 4. परीक्षा का पैटर्न क्या होगा?पहले दिन सामान्य स्टडी, हिंदी और आलेखन के पेपर होंगे। दूसरे दिन हिंदी निबंध की परीक्षा होगी। 5. प्रवेश पत्र कब जारी होंगे?प्रवेश पत्र परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे

Salary Increased Tips: जानिए तेजी से सैलरी बढ़ाने के 5 तरीके, 10 हजार से 3.5 लाख महीने तक पहुँचा इंजीनियर

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Engineer salary increased from Rs 10,000 to Rs 3.5 lakh per month एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि कैसे उसने सिर्फ 5 साल में 10 हजार रुपये महीने की नौकरी से 3.5 लाख रुपये महीने तक का सफर तय किया। जानिए वो 5 रणनीतियाँ जिनसे किसी की भी सैलरी तेजी से बढ़ सकती है। एक छोटे से टियर-3 कॉलेज से पढ़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसी कामयाबी पाई, जिसे सुनकर हर युवा प्रेरित होगा। बिना किसी बड़े कॉलेज या कनेक्शन के उसने 10 हजार रुपये से करियर शुरू किया और आज 3.5 लाख रुपये महीना कमा रहा है। उसने Reddit कम्युनिटी पर अपनी कहानी साझा की। बताया कि ये सब 5 खास तरीकों से संभव हुआ, जिन्हें कोई भी अपनाकर करियर में तेजी से आगे बढ़ सकता है। हर 12–18 महीने में जॉब स्विच करें उसका कहना है कि शुरुआती दौर में कंपनी के प्रति ज्यादा वफादारी से फायदा नहीं होता। हर बार नौकरी बदलने पर उसे 50% से 100% तक सैलरी हाइक मिली।उदाहरण के लिए, 2018 में 10 हजार से 35 हजार, फिर 2021 में 45 हजार से 80 हजार, और 2023 में 80 हजार से 3.5 लाख रुपये महीने तक पहुंच गया। उभरती टेक्नोलॉजी पर काम शुरू करें उसने 2021 में ही ब्लॉकचेन (Blockchain) पर काम शुरू कर दिया था, जब इसका बूम नहीं आया था। उसका मानना है — “नई टेक्नोलॉजी को बूम से पहले सीखो, तभी असली ग्रोथ मिलती है।” आज के समय में AI, ML, Rust, Edge Computing जैसी फील्ड्स पर ध्यान देना चाहिए। अपनी ऑनलाइन प्रोफाइल अपडेट करें नई स्किल सीखने के बाद उसने अपनी LinkedIn प्रोफाइल में “Full-Stack Developer” की जगह “Blockchain Developer” लिखा।परिणाम? पहले जहाँ कोई कॉल नहीं आती थी, अब हर हफ्ते 5–10 रिक्रूटर के मैसेज आने लगे।स्पेसिफिक (specific) बनें, जेनरिक (generic) नहीं — यही मंत्र है। ट्रेंड्स पर नज़र रखें (Keep Track of Trends) उसने बताया कि कैसे वो VC Funding Trends, Job Postings Growth Rate, और Tech Conferences Topics को देखकर अनुमान लगाता था कि अगली बड़ी स्किल कौन सी है। इससे उसे सही दिशा में मेहनत करने का मौका मिला। हमेशा सैलरी नेगोशिएट करें अच्छा ऑफर आने पर भी नेगोशिएशन (Negotiation) ज़रूर करें। उसने बताया — “मुझे 3800 USD का ऑफर मिला था, मैंने 4500 मांगे, अंत में 4200 USD और 50 हजार का बोनस मिला।”नेगोशिएशन स्किल करियर ग्रोथ का छुपा हुआ हथियार है।

BSNL: दिवाली पर एक महीने के लिए मुफ्त मोबाइल सेवाओं का ऑफर

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BSNL offers free mobile services on Diwali New Delhi: भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) भारत की अग्रणी सरकारी दूरसंचार प्रदाता कंपनी है। इसने दिवाली के अवसर पर नए ग्राहकों को एक महीने की अवधि के लिए केवल एक रुपए के टोकन शुल्क पर 4जी मोबाइल सेवाएं देने की पेशकश की है। यह दिवाली बोनान्हा 15 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक जारी रहेगा। योजना लाभ (दिवाली बोनान्जा योजना): असीमित वॉयस कॉल (योजना नियम व शर्तों के अनुसार)2 जीबी/दिन हाई-स्पीड डेटा100 एसएमएस/दिननिःशुल्क सिम (दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार केवाईसी) BSNL प्रस्ताव की घोषणा करते हुए बीएसएनएल के सीएमडी ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा बीएसए‌नएल ने हाल ही में देश भर में मेक इन इंडिया अत्याधुनिक 4जी मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया है, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है। दिवाली बोनाम्ग्रा प्लान पहले 30 दिनों के लिए बिल्कुल मुफ्त सेवा शुल्क ग्राहकों को हमारे स्वदेशी रूप से विकसित 4जी नेटवर्क का अनुभव करने का गौरवपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमें विश्वास है कि सेवा की गुणवत्ता, कवरेज और बीएसएनएल ब्रांड से जुड़ा विश्वास ग्राहकों की मुफ्त 30 दिनों की अवधि से भी आगे तक हमारे साथ बने रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा। दिवाली बोनान्जा योजना कैसे प्राप्त करें? 1 . निकटतम बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाएं (वैध केवाईसी दस्तावेज साथ रखें)।

बैठक में किसानों ने कलेक्टर को बताई समस्या

In the meeting, farmers told their problems to the collector. नर्मदापुरम ! बुधवार को रेवा सभाकक्ष में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल की बैठक कलेक्टर सोनिया मीना की मौजूदगी में हुई।बैठक में जिले के कृषि, सिंचाई, विद्युत, सहकारिता सहित सभी किसान हितैषी विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। संघ के संभागीय प्रचार-प्रसार प्रमुख उदयकुमार पांडेय ने बताया कि यह बैठक हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद प्रशासन के साथ पहली संयुक्त चर्चा थी। इसमें पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों से जवाब मांगा गया। संघ के प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला मंत्री शंकरसिंह पटेल ने कहा कि जिले में खाद की स्थिति अब भी ठीक नहीं है। पदाधिकारियों ने रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली देने, ट्रांसफार्मर बदलने, सोयाबीन फसल का बीमा कंपनियों से तत्काल सर्वे कराने की मांग की। सिंचाई विभाग से मांग की कि 1 नवंबर से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाए। पानी छोड़ने से पहले सभी माइनरों की सफाई कराई जाए। कलेक्टर सोनिया मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण, बिजली आपूर्ति, नहरों की सफाई और फसल नुकसान के सर्वे की कार्यवाही जल्द पूरी की जाए।बैठक में अपर कलेक्टर राजीव रंजन पांडेय, डीडीए जेआर हेडाऊ, संघ के संभागीय मंत्री देवेन्द्र पटेल, प्रचार-प्रसार प्रमुख उदय पांडेय,जिला मंत्री शंकरसिंह पटेल, सहमंत्री रजत दुबे, संभागीय मंगलसिंह प्रवक्ता शिवमोहन सिंह, राजपूत, ब्रजेश लखनलाल चौधरी, राजपूत, गुलाब लौवंशी, राजकुमार राजपूत, सूर्यांश रघुवंशी, श्यामशरण तिवारी, राजेश दीवान, गोपाल मीणा, इंद्रपुरी गोस्वामी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नोबेल शांति पुरस्कार मचादो ले गई, डोनाल्ड ट्रंप हाथ मलते रह गए

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ओस्लो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलान शुक्रवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होते ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सपना चकनाचूर हो गया। इस बार का ‘नोबेल पीस प्राइज’ वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचादो को मिला है। बता दें कि नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी हर साल इस पुरस्कार के लिए ऐसे लोगों या संस्थाओं को चुनती है, जो शांति को बढ़ावा देने, देशों के बीच भाईचारे को मजबूत करने और समाज के लिए काम करने में योगदान देते हैं। बता दें कि यह पुरस्कार हमेशा चौंकाने वाला होता है। नोबेल प्राइज के लिए काफी बेचैन थे ट्रंप? नोबेल पीस प्राइज के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कई दिनों से काफी बेचैन नजर आ रहे थे। ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की कुछ उपलब्धियों, जैसे शांति समझौतों को लेकर खुद की तारीफ की थी। लेकिन नोबेल विशेषज्ञों का पहले ही कहना था कि उनके जीतने की संभावना बहुत कम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कमेटी आमतौर पर उन लोगों या संगठनों को पुरस्कार देती है, जो लंबे समय से शांति के लिए काम कर रहे हों। कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो? मारिया कोरिना मचाडो का जन्म 7 अक्टूबर 1967 को हुआ था। वह वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और औद्योगिक इंजीनियर हैं। 2002 में उन्होंने वोट निगरानी समूह सूमाते की स्थापना की और वेंटे वेनेजुएला पार्टी की राष्ट्रीय समन्वयक हैं। 2011-2014 तक वे वेनेजुएला की नेशनल असेंबली की सदस्य रहीं। वह 2018 में बीबीसी की 100 प्रभावशाली महिलाओं और 2025 में टाइम पत्रिका की 100 प्रभावशाली व्यक्तियों में शामिल हुईं। निकोलस मादुरो सरकार ने उनके देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। 2023 में अयोग्यता के बावजूद, उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी प्राथमिक चुनाव जीता, लेकिन बाद में उनकी जगह कोरिना योरिस को उम्मीदवार बना दिया गया। इन नामों की हो रही थी चर्चा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए इस बार कई नाम सामने आए थे। पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो ने कुछ संभावित विजेताओं का जिक्र किया था, जिनमें शामिल थे: सूडान की इमरजेंसी रिस्पॉन्स रूम्स: यह एक समुदाय आधारित नेटवर्क है, जो सूडान के गृहयुद्ध के दौरान मानवीय सहायता का मजबूत आधार बना हुआ है। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट: ये दोनों संस्थाएं वैश्विक न्याय और शांति के लिए काम करती हैं। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स: यह अमेरिका आधारित संगठन प्रेस की आजादी को बढ़ावा देता है और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए काम करता है। यह संगठन उन पत्रकारों की सूची भी तैयार करता है, जो अपने काम के दौरान मारे गए। पिछले साल किसने जीता था नोबेल शांति पुरस्कार? पिछले साल 2024 में नोबेल शांति पुरस्कार जापान की संस्था निहोन हिदानक्यो को दिया गया था। यह संगठन परमाणु हथियारों के खिलाफ दशकों से काम कर रहा है और हिरोशिमा-नागासाकी बम धमाकों के पीड़ितों की आवाज को दुनिया तक पहुंचाता है। क्यों खास है नोबेल शांति पुरस्कार? नोबेल शांति पुरस्कार दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कारों में से एक है। बाकी नोबेल पुरस्कार (जैसे चिकित्सा, भौतिकी, रसायन और साहित्य) स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में दिए जाते हैं, लेकिन शांति पुरस्कार का ऐलान और समारोह ओस्लो में होता है। इस हफ्ते स्टॉकहोम में चिकित्सा, भौतिकी, रसायन और साहित्य के पुरस्कारों का ऐलान हो चुका था जिसके बाद सबकी नजर शुक्रवार के ऐलान पर टिकी थीं। इसके अलावा, अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार सोमवार को घोषित किया जाएगा।

अटल प्रगति पथ फिर अधर में: नाम बदला, सर्वे बदला, लेकिन काम अब भी ठप

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Atal Pragati Path once again in limbo: Name changed, survey changed, but work still stalled मुरैना। Atal Pragati Path once चंबल अंचल के मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों को उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोड़ने वाला अटल प्रगति पथ (पूर्व में चंबल एक्सप्रेस-वे) अब तक सरकारी असमंजस में उलझा हुआ है। 2018 से लेकर 2025 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना का न तो कोई ठोस स्वरूप तय हो पाया है और न ही निर्माण का काम धरातल पर उतरा है। अब तक इस परियोजना का पाँच बार नाम और तीन बार अलाइनमेंट बदला जा चुका है। सर्वे भी बदला, समाधान नहीं मिला Atal Pragati Path onceमार्च 2023 तक तीसरे चरण का भूमि अधिग्रहण सर्वे लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन किसानों के विरोध के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौखिक रूप से सर्वे रद्द करने के निर्देश दे दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि आज तक उस सर्वे को लिखित रूप से रद्द नहीं किया गया, जिससे कई कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही हैं। नया सर्वे भी अधर मेंचौथे सर्वे के आदेश 2022 के अंत में दिए गए थे, लेकिन वह कभी शुरू ही नहीं हो पाया। 03 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पहले बजट में इस परियोजना की नए सिरे से घोषणा की थी और इसे 299 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित किया गया। जबकि पूर्व प्रस्तावित लंबाई 404 किलोमीटर थी। किसानों की ज़मीन अधर में Atal Pragati Path onceमार्च 2023 के रिकार्ड के अनुसार, 214 गांवों के 26448 किसानों की लगभग 1965 हेक्टेयर भूमि इस प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित की गई थी। लेकिन सर्वे के निरस्त होने और लिखित आदेश न आने के चलते किसान न तो ज़मीन का नामांतरण करा पा रहे हैं और न ही बिक्री-रजिस्ट्री हो पा रही है। घड़ियाल सेंक्चुरी बनी बड़ी बाधाएक्सप्रेस-वे का पहला अलाइनमेंट चंबल घड़ियाल सेंक्चुरी से होकर गुजरता था, जिस कारण वन विभाग और पर्यावरण मंत्रालय ने आपत्ति जताई। दूसरा और तीसरा अलाइनमेंट भी बीहड़ों और निजी खेतों से होकर गुजरता था, जिसे लेकर भारी विरोध हुआ। चौथा सर्वे अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। प्रशासन ने दी स्थिति स्पष्टता\”मार्च 2023 में शासन से निर्देश मिलने के बाद से कोई नई दिशा नहीं आई है। परियोजना की स्थिति पूर्ववत है। जैसे ही आदेश मिलेगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी।\”— सीबी प्रसाद, अपर कलेक्टर, मुरैना Atal Pragati Path once , जिसे कभी चंबल एक्सप्रेस-वे के नाम से शुरू किया गया था, अब तक सिर्फ कागजों और घोषणाओं का प्रोजेक्ट बनकर रह गया है। ज़मीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंज़ूरी और प्रशासनिक अस्पष्टता इसकी सबसे बड़ी बाधाएँ हैं। यदि मोहन सरकार इसे गंभीरता से नहीं लेती, तो यह प्रोजेक्ट भी एक अधूरी योजना बनकर इतिहास में दर्ज हो जाएगा।

उत्साह उमंग व शिद्दत के साथ कुकिंग प्रतियोगिता में समजा की महिलाओं ने बनाये स्वादिष्ट व्यंजन

with enthusiasm and passion, the women

With enthusiasm and passion, the women of Samaja prepared delicious dishes in the cooking competition भोपाल । सिंधी मेला समिति द्वारा सिंधी व्यंजन की परंपरा को बरकरार रखने के उद्देश्य से शनिवार को राजधानी भोपाल में कुकिंग प्रतियोगिता का आगाज हो गया। राजधानी के 12 सेंटरों पर आयोजित इस प्रतियोगिता में 12 साल की बालिका से 80 साल तक की बुजुर्ग महिला ने हिस्सा लिया। संत कवरराम कॉलोनी, सिंधी कॉलोनी, विजय नगर, सुविधा विहार, कोटरा सुल्तानाबाद, एयरो सिटी, ग्रीन एकड़ में एक साथ सुरु हुआ, जसमे सिंधी समाज की 400 से अधिक महिलाओं ने इस प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। इस महिलाओं ने विशेष रूप से सिंधी व्यंजन तैयार किए थे जिनमें बीह पटाटा, साई भाजी, सेयल मानी, खोराक, सिंगर जी मिठाई आदि शामिल है। सिंधी व्यंजन प्रतियोगिता में महिलाओं का उत्साह देखने योग्य रहा, इस अवसर पर सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दयरानी ने कहा कि सिंध प्रांत में बनने वाले व्यंजनों को देखकर सिंध की यादें ताजा हो गईं। शनिवार को भोपाल के 12 स्थानों पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रविवार को यह आयोजन भोपाल में 11 सेंटरो पर आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही इस प्रतियोगिता में चयनित हुई महिलाओं को 2 अगस्त को मानस भवन में आयोजित मुख्य समारोह में बेस्ट कुकिंग अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

MP विधानसभा मानसून सत्र 2025: अनुपूरक बजट, कांग्रेस की रणनीति और सवालों की बारिश

mp vidhansabha monsoon session 2025

भोपाल। MP Vidhansabha Monsoon Session 2025 मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और 8 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 10 बैठकें प्रस्तावित हैं। यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार जहां अनुपूरक बजट लेकर आने वाली है, वहीं कांग्रेस विपक्ष जनहित और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। नई भूमिका में हेमंत खंडेलवाल MP Vidhansabha Monsoon Session 2025बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल, जिन्हें हाल ही में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है, अब विधानसभा में पहली पंक्ति में स्थान पाएंगे। यह न सिर्फ उनकी बढ़ी हुई भूमिका का संकेत है, बल्कि पार्टी के भीतर नई राजनीतिक रणनीति का भी प्रतीक है। 3,377 प्रश्न, 191 ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्तावविधानसभा सचिवालय को इस सत्र के लिए 3,377 सवाल मिल चुके हैं, जिनमें से अनेक सवाल शासन की जवाबदेही को कठघरे में खड़ा करेंगे। 191 ध्यानाकर्षण सूचनाएं और एक स्थगन प्रस्ताव यह दर्शाते हैं कि सत्र में विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने जा रहा है। बजट की प्राथमिकता – सिर्फ जनहितमोहन सरकार अनुपूरक बजट लाने की तैयारी में है, लेकिन इस बार सरकार का रुख फिजूलखर्ची के खिलाफ सख्त और जनहित योजनाओं के पक्ष में दिख रहा है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहन जैसी गैर-ज़रूरी मांगें न भेजें। यह रुख सरकार की वित्तीय अनुशासन और छवि सुधार की मंशा को दर्शाता है। Read more: बिहार में बेलगाम अपराध पर चिराग पासवान का फूटा ग़ुस्सा; नीतीश सरकार को चेतावनी रणनीति की थाली: कांग्रेस विधायकों की डिनर बैठक MP Vidhansabha Monsoon Session 2025सत्र की पूर्व संध्या पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होटल में होगी। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, मांडू में हुए नव संकल्प शिविर में तय किए गए मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। चर्चा है कि जल जीवन मिशन घोटाले जैसे संवेदनशील मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाया जाएगा। सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे रोस्टर मंत्रीमुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि हर दिन सदन में कम से कम तीन मंत्री रोस्टर अनुसार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। ये मंत्री न केवल सवालों के जवाब सुनिश्चित करेंगे, बल्कि विधायकों की उपस्थिति भी ट्रैक करेंगे। यह पहल सरकार की तैयारियों को संगठित रूप में दर्शाती है। मानसून सत्र – बहस, बजट और भरोसे की परीक्षा MP Vidhansabha Monsoon Session 2025यह मानसून सत्र सिर्फ सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि सरकार की नीयत और विपक्ष की धार का टेस्ट बन गया है। एक ओर जहां सरकार बजट से भरोसा पैदा करना चाहती है, वहीं विपक्ष जवाबदेही से सरकार को झकझोरने की रणनीति बना रहा है। अगले दस दिन नीतियों से ज्यादा नीयत की परीक्षा साबित होंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होगा। सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी और कांग्रेस जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों पर घेराव की तैयारी में है। पढ़ें पूरी रणनीति और सत्र की प्रमुख बातें।

बिहार में बेलगाम अपराध पर चिराग पासवान का फूटा ग़ुस्सा; नीतीश सरकार को चेतावनी

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Chirag Paswan\’s Warning to Nitish Government पटना। बिहार में बढ़ते अपराध के मामलों ने सिर्फ जनता को नहीं, बल्कि सत्ता में सहयोगी दलों के नेताओं को भी चिंता में डाल दिया है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने एक कड़ा और स्पष्ट बयान देकर नीतीश सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘ऐसी सरकार का समर्थन कर दुख होता है’: चिराग पासवान Chirag Paswan\’s Warning to Nitishएक केंद्रीय मंत्री का सार्वजनिक रूप से यह कहना कि उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करना दुखद लगता है, जहां अपराध नियंत्रण से बाहर हो गया है — यह बयान मामूली नहीं, बल्कि सरकार की साख पर सीधा प्रहार है।पासवान ने कहा कि बिहार में एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं की श्रृंखला बन गई है, और प्रशासन अपराधियों के सामने नतमस्तक नजर आ रहा है। प्रशासन की नाकामी या राजनीतिक असहायता?चिराग पासवान की टिप्पणी कि “प्रशासन पूरी तरह से नाकाम हो चुका है”, राज्य में मौजूदा हालात की गंभीरता को दर्शाती है। यह सिर्फ एक नेता की व्यक्तिगत नाराज़गी नहीं, बल्कि उस राजनीतिक गठबंधन के भीतर की बेचैनी है, जो सत्ता में भागीदार होते हुए भी अपने ही सहयोगियों से असंतुष्ट है। साजिश भी हो, ज़िम्मेदारी तो प्रशासन की ही बनती है Chirag Paswan\’s Warning to Nitishपासवान ने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि अगर ये घटनाएं सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत भी हो रही हैं, तो भी प्रशासन जवाबदेह है। यह वक्तव्य प्रशासनिक तंत्र की उत्तरदायित्व से भागने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाता है। जनविश्वास पर गहराता संकटबिहार पहले ही बेरोजगारी, पलायन और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में अपराध का बेलगाम हो जाना राज्य को और पीछे धकेल सकता है। अगर सत्ता में शामिल केंद्रीय नेता ही खुद को असहाय महसूस करने लगें, तो जनता के मन में यह भरोसा कैसे बचेगा कि वे सुरक्षित हैं? यह चेतावनी है, विरोध नहीं : चिराग पासवान का बयान केवल आलोचना नहीं, एक चेतावनी है — उस सरकार के लिए, जिसका वे खुद हिस्सा हैं। यह बिहार की प्रशासनिक मशीनरी के लिए आईना है, और उस गठबंधन के लिए संकेत, जो अब भीतर से असहज दिख रहा है। बिहार की राजनीति अब उस मोड़ पर है जहां सत्ता की मजबूरी और अपराध की मजबूती के बीच संतुलन बनाना एक चुनौती है।अगर यह चुनौती स्वीकार नहीं की गई, तो यह सिर्फ राजनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था और जनविश्वास का पतन भी बन सकता है।

भोपाल के 22 सेंटरों पर आज से आयोजित होगा कुकिंग कॉम्पीटिशन

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Cooking competition will be organized at 22 centers in Bhopal from today भोपाल। सिंधी व्यंजन की परंपरा को बरकरार रखने के उद्देश्य से भोपाल की सिंधी मेला समिति द्वारा आज शनिवार 26 जुलाई एवं रविवार 27 अगस्त को राजधानी भोपाल के 21 से अधिक सेंटरो पर एक साथ इस कुकिंग कॉप्टिशन का आयोजन किया जा रहा है। समिती के अध्यक्ष मनीष दरयानी एवं महासचिव नरेश तलरेजा ने बताया कि बुधवार को यह प्रतियोगिता भोपाल के बाहर कुछ शहरों में आयोजित हुई जिसमे विदिशा, गंजबासोदा, नर्मदापुरम, हरदा, सुल्तानपुर रही, जिसमे सैकड़ो की संख्या में समाज की महिलाओं ने बढ़चड हिस्सा लिया व सिंधी व्यंजनों की इस परम्परा को बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया इस आयोजन की इस कड़ी में आज शनिवार एवं रविवार को इस यह आयोजन भोपाल के 21 स्थानों आर आयोजित किया जा रहा है जिसमे भोपाल की हजारों महिलाए इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपने लजीज व्यंजनो के साथ अपने हुनर का जलवा दिखायेगी। इस कुकिंग कॉप्टिशन कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती माया पंजवानी, सह- संयोजिका श्रीमती भावना लालवानी एवं सह संयोजक हरीश विधानी को नियुक्त किया है।