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Aastha Pandey

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RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने असिस्टेंट रिव्यु अफसर (RO) और असिस्टेंट रिव्यु अफसर (ARO) मेंस परीक्षा 2023 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित होगी। कुल 7509 कॅंडिडेट मेंस परीक्षा के लिए चयनित हुए हैं, जिनमें से कई कॅंडिडेट वर्षों की तैयारी के बाद इस इम्पोर्टेन्ट परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग ने परीक्षा का समय और पैटर्न भी स्पष्ट कर दिया है। पहली पाली में सामान्य स्टडी और दूसरी पाली में हिंदी, आलेखन और व्याकरण के पेपर होंगे। उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि आरओ और एआरओ जैसी जिम्मेदार पदों पर चयन मिलना न सिर्फ सरकारी नौकरी की दिशा में इम्पोर्टेन्ट कदम है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका भी देता है। छात्रों और कॅंडिडेट के लिए यह समय तैयारी और रणनीति का है। आयोग ने प्रवेश पत्र और परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का वादा किया है। इस परीक्षा के माध्यम से हजारों अभ्यर्थियों के करियर में नए अवसर खुलेंगे, और UPPSC राज्य की प्रशासनिक सेवा में नए चेहरे जोड़ने के लिए तैयार है। एग्जाम डेट आयोग के अनुसार परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित होगी।पहले दिन सुबह की पाली 9:30 से 11:30 बजे तक होगी।इस सत्र में सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र शामिल होगा।यह प्रश्नपत्र प्रारंभिक परीक्षा की तरह वस्तुनिष्ठ (Objective) पैटर्न पर आधारित रहेगा। दोपहर की दूसरी पाली 2:00 से 5:00 बजे तक चलेगी।इसमें दो खंड होंगे — खंड एक और खंड दो।खंड एक में दोपहर 2:00 से 4:30 बजे तक पारंपरिक सब्जेक्टिव (Subjective) पेपर होंगे।इस भाग में सामान्य हिंदी और आलेखन (Drafting) से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।खंड दो में 4:30 से 5:00 बजे तक वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी।इसमें सामान्य शब्द ज्ञान और व्याकरण से प्रश्न पूछे जाएंगे। दूसरे दिन, यानी 1 फरवरी 2026 को, एक मात्र परीक्षा होगी।यह सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक चलेगी।इस सत्र में हिंदी निबंध (Essay) का प्रश्नपत्र होगा। आयोग ने बताया कि आरओ–एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 2023 का परिणाम 16 सितंबर 2025 को घोषित किया गया था।कुल 7509 अभ्यर्थी मेंस परीक्षा के लिए सफल घोषित हुए हैं।इनमें 6093 उम्मीदवार समीक्षा अधिकारी पद के लिए चयनित हैं।1386 उम्मीदवार सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए और 30 उम्मीदवार एआरओ (लेखा) पद के लिए सफल हुए हैं। आयोग के उप सचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रयागराज समेत राज्य के विभिन्न केंद्रों पर होगी।सभी उम्मीदवारों के लिए प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर समय से पहले जारी किए जाएंगे। उम्मीदवारों से कहा गया है कि वे आयोग की वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर नियमित रूप से नज़र रखें।वहां से उन्हें परीक्षा से जुड़ी ताज़ा जानकारी, निर्देश और प्रवेश पत्र डाउनलोड लिंक मिलेगा। आयोग ने उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले अपनी तैयारी और समय प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी है।इसके साथ ही परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए दिशानिर्देश भी जल्द जारी किए जाएंगे। FAQs 1. आरओ/एआरओ मेंस परीक्षा कब होगी?आरओ/एआरओ मेंस परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। 2. परीक्षा का समय क्या रहेगा? पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। 3. मेंस परीक्षा में कितने अभ्यर्थी शामिल होंगे?कुल 7509 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 4. परीक्षा का पैटर्न क्या होगा?पहले दिन सामान्य स्टडी, हिंदी और आलेखन के पेपर होंगे। दूसरे दिन हिंदी निबंध की परीक्षा होगी। 5. प्रवेश पत्र कब जारी होंगे?प्रवेश पत्र परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे

STF Action: फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी पाने वाले 8 शिक्षकों पर केस, गैंग का भंड़ाफोड़

STF Action

STF action Case filed against 8 teachers who obtained government jobs with fake degrees gang busted भोपाल, 12 नवंबर 2025। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल की फर्जी एवं कूटरचित डी.एड. (डिप्लोमा इन एजुकेशन) अंकसूची का उपयोग कर शासकीय शिक्षक की नियुक्ति प्राप्त करने वाले शासकीय सेवकों तथा उनसे जुड़ी संगठित गैंग के विरुद्ध विशेष कार्यवाही करते हुए एसटीएफ मध्यप्रदेश द्वारा अपराध पंजीबद्ध किया गया है। नौकरी का लाभ ले रहे पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश कैलाश मकवाणा द्वारा संगठित अपराध एवं संगठित अपराधी गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए मप्र पुलिस को निर्देशित किया गया है। इसी तारतम्य में एसटीएफ मप्र को जानकरी प्राप्त हुई कि मप्र शिक्षा विभाग में कुछ व्यक्तियों द्वारा संगठित गैंग के साथ मिलकर फर्जी एवं कूटरचित डी.एड. की अंकसूचियां तैयार की जाकर शासकीय शिक्षक की नौकरी में उपयोग कर सरकारी नौकरी का लाभ ले रहे हैं। गोपनीय सत्यापन किया सूचना पर विशेष पुलिस महानिदेशक, एसटीएफ पंकज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक एसटीएफ इकाई ग्वालियर राजेश सिंह भदौरिया, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ मुख्यालय नवीन कुमार चौधरी तथा उप पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ इकाई ग्वालियर प्रवीण सिंह बघेल के नेतृत्व में 05 सदस्यीय विशेष टीम द्वारा गोपनीय सत्यापन किया गया। संबंधित शिक्षा कार्यालयों से प्राप्त रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि जिन डी.एड. अंकसूचियों के आधार पर शिक्षकों ने नौकरी प्राप्त की, वे या तो जारी नहीं की गई थीं अथवा अन्य व्यक्तियों को जारी की गई थीं। इंदौर सहित जिलों में कार्यरत गोपनीय सत्यापन के आधार पर 08 शिक्षक- गंधर्व सिंह रावत, साहब सिंह कुशवाह, बृजेश रोरिया, महेन्द्र सिंह रावत, लोकेन्द्र सिंह, रूबी कुशवाह, रविन्द्र सिंह राणा एवं. अर्जुन सिंह चौहान के विरुद्ध थाना एसटीएफ भोपाल में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। उक्त सभी शिक्षक वर्तमान में मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, इंदौर सहित विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं। साथ ही अन्य 26 संदेहियों के विरुद्ध जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत दस्तावेज सत्यापन रिपोर्ट भी कूटरचित थी। गैंग सक्रिय एसटीएफ की प्रारंभिक विवेचना में यह तथ्य उजागर हुआ कि फर्जी डी.एड. अंकसूचियों के निर्माण एवं उपयोग में एक संगठित गैंग सक्रिय है, जिसने शासकीय सेवा में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा। इस गैंग के नेटवर्क एवं सहयोगियों की पहचान हेतु विवेचना जारी है।

बिहार में सरकारी नौकरी की बड़ी खबर: 4654 पदों पर भर्ती, आवेदन की तारीख सामने

पटना बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने वर्ष 2025 में 4654 पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत उम्मीदवारों का चयन विभिन्न महत्वपूर्ण पदों के लिए किया जाएगा, जिनमें जूनियर इंजीनियर (Junior Engineers), होस्टल मैनेजर (Hostel Manager), कार्य निरीक्षक (Work Inspector), और दन्त स्वास्थ्य विज्ञानी (Dental Health Specialist) शामिल हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 2747 पदों पर भर्ती बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल विषयों में जूनियर इंजीनियरों के 2747 रिक्त पदों के लिए BTSC JE भर्ती अधिसूचना 2025 आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत जूनियर इंजीनियर पदों के लिए कुल 2747 रिक्तियां उपलब्ध हैं, जिनमें सिविल विभाग के लिए 2591, मैकेनिकल विभाग के लिए 70, और इलेक्ट्रिकल विभाग के लिए 86 रिक्तियां शामिल हैं। बीटीएससी जेई के लिए ऑनलाइन आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.btsc.bihar.gov.in पर 15 अक्तूबर 2025 से शुरू होंगे, और उम्मीदवारों को अपने आवेदन 15 नवंबर 2025 तक जमा करने होंगे। BTSC JE (Electrical) Notification 2025 BTSC JE (Mechanical) Notification 2025 BTSC JE (Civil) Notification 2025 कार्य निरीक्षक के 1,114 पदों पर भर्ती बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में 1,114 कार्य निरीक्षक (कार्य सहायक) पदों पर भर्ती के संबंध में अधिसूचना जारी की है। फिलहाल केवल रिक्तियों की कुल संख्या और पंजीकरण तिथियां घोषित की गई हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 10 अक्तूबर 2025 से 10 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार BTSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। छात्रावास प्रबंधक की 91 नौकरियां बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में छात्रावास प्रबंधक (Hostel Manager) के 91 पदों पर भर्ती के संबंध में संक्षिप्त अधिसूचना जारी की है। बीटीएससी छात्रावास प्रबंधक भर्ती 2025 के लिए विस्तृत अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार 10 अक्तूबर 2025 से www.btsc.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और आवेदन 10 नवंबर 2025 से पहले जमा करना होगा। दन्त स्वास्थ्य विज्ञानी के 702 पद बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग, पटना ने दन्त स्वास्थ्य विज्ञानी के पदों पर भी भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए उम्मीदवार 10 अक्तूबर से आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट btsc.bihar.gov.in के माध्यम से 10 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान का लक्ष्य कुल 702 रिक्त पदों को भरना है। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा सहित विस्तृत पात्रता मानदंड विस्तृत अधिसूचना में किए जाएंगे।

सरकारी नौकरी में बच्चों की सीमा खत्म, मध्य प्रदेश में तीसरी संतान भी होगी मान्य!

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी में दो बच्चों की पाबंदी की शर्त 24 साल बाद खत्म होने जा रही है। यह पाबंदी 26 जनवरी 2001 को लागू की गई थी। अब जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाकर शर्त को समाप्त किया जाएगा। इसके बाद नौकरी कर रहे किसी अधिकारी या कर्मचारी का तीसरा बच्चा होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जा सकेगा। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार उच्च स्तर से मिले निर्देशों के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई और तमाम परिस्थितियों का आंकलन करने के बाद उच्च स्तर पर सहमति बन गई। तीसरी संतान से जुड़े केस समाप्त होंगे नई व्यवस्था के लागू होने के बाद तीसरी संतान से जुड़े जितने भी मामले न्यायालयों या विभागीय जांचों में लंबित हैं, उन्हें स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा। अब उन मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। वर्ष 2001 के बाद जिन सरकारी कर्मचारियों पर तीसरी संतान के आधार पर कार्रवाई हो चुकी है या वे नौकरी से बाहर किए जा चुके हैं, उन मामलों पर सुनवाई नहीं होगी। तीसरी संतान से जुड़े केस होंगे समाप्त नई व्यवस्था के तहत, तीसरी संतान से संबंधित जितने भी केस न्यायालयों या विभागीय जांचों में लंबित हैं, उन्हें अब स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा। ऐसे मामलों पर अब कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, पुराने मामलों में जिन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी थी, उन्हें पुनः नहीं खोला जाएगा। कौन से विभाग होंगे प्रभावित? इस बदलाव से सबसे ज्यादा असर चिकित्सा शिक्षा (Medical Education), स्वास्थ्य (Health), स्कूल शिक्षा (School Education), और उच्च शिक्षा (Higher Education) विभागों पर पड़ेगा। अनुमान है कि इस पाबंदी के कारण इन विभागों में करीब 8 से 10 हजार मामले लंबित हो सकते हैं। चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी लगभग 12 शिकायतें सामान्य प्रशासन विभाग तक पहुंची हैं, जिन पर जल्द फैसला लिया जाएगा। पड़ोसी राज्यों में पहले ही हटाई गई पाबंदी मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही इस पाबंदी को हटा चुके हैं। राजस्थान ने 11 मई 2016 को, और छत्तीसगढ़ ने 14 जुलाई 2017 को यह पाबंदी समाप्त कर दी थी। इन राज्यों में अब तीसरी संतान वाले लोग सरकारी नौकरी में काम कर रहे हैं। प्रजनन दर पर ध्यान मध्य प्रदेश की प्रजनन दर (fertility rate) 2.9 है, जो राष्ट्रीय औसत (2.1) से ज्यादा है। शहरी इलाकों में यह दर 2.1 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.8 के करीब है। इसके अलावा, बिहार राज्य में सबसे अधिक प्रजनन दर (3.0) है, जिसका मतलब है कि यहां एक महिला औसतन 3 बच्चों को जन्म देती है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की प्रजनन दर 2.0 भोपाल की प्रजनन दर 2.0 है, जो राज्य के बाकी हिस्सों से कम है। राज्य के कुछ अन्य जिलों में जैसे पन्ना (4.1), शिवपुरी (4.0), और बड़वानी (3.9) में उच्च प्रजनन दर देखी जाती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख का बयान हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की जनसंख्या नीति पर विचार करते हुए कहा था कि औसतन तीन बच्चों का होना चाहिए। उनका मानना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे संसाधनों पर दबाव नहीं बढ़ेगा। उनके इस बयान के बाद ही मध्य प्रदेश में दो बच्चों की सीमा हटाने की प्रक्रिया को गति मिली, और इस नीति में बदलाव के लिए तैयारी शुरू हो गई। कौन से विभाग प्रभावित होंगे सबसे ज्यादा शिकायतें मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी हैं। अनुमान है कि ऐसे मामलों की संख्या आठ से दस हजार के बीच हो सकती है। मेडिकल एजुकेशन की करीब 12 शिकायतें सामान्य प्रशासन विभाग तक पहुंच चुकी हैं, जिन पर फैसला होना है। पहले एक जज तक की नौकरी दो संतान की पाबंदी की वजह से चली गई थी। अन्य राज्यों का उदाहरण राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही यह पाबंदी हटा चुके हैं। राजस्थान ने 11 मई 2016 और छत्तीसगढ़ ने 14 जुलाई 2017 को इसे खत्म किया। वहां अब तीन बच्चों वाले कर्मचारी भी सरकारी नौकरी में काम कर रहे हैं। मप्र की प्रजनन दर और राष्ट्रीय तुलना राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS 2019-20) के अनुसार, मध्य प्रदेश की प्रजनन दर 2.9 है। शहरी क्षेत्रों में यह 2.1 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.8 के करीब है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.1 है। देश में सबसे अधिक प्रजनन दर बिहार में है, जहां औसतन एक महिला 3 बच्चे को जन्म देती है। मप्र के अन्य राज्य जैसे मेघालय, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी प्रजनन दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। भोपाल में प्रजनन दर 2.0 है, जो राज्य में सबसे कम है, जबकि पन्ना, शिवपुरी और बड़वानी में यह क्रमशः 4.1, 4.0 और 3.9 है। मोहन भागवत के बयान का असर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में कहा कि भारत की औसत जनसंख्या नीति 2.1 के अनुसार औसतन तीन बच्चे होना चाहिए। इसके बाद दो बच्चों की सीमा हटाने की प्रक्रिया को गति मिली और नीति में बदलाव की तैयारी शुरू हुई।