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हनुमान से की तुलना, टी. राजा ने कहा – देशभर में गूंजेगी मोदी की उपलब्धियों की गाथा

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भीलवाड़ा

भीलवाड़ा का बुधवार (1 अक्टूबर) को वातावरण धार्मिक जोश और उत्साह से सराबोर रहा। अवसर था दुर्गा शक्ति अखाड़े के 9वें स्थापना दिवस का, जो हरी सेवा उदासीन आश्रम परिसर में बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर तेलंगाना से विधायक टी राजा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि “आने वाला समय भारत के लिए संघर्ष और युद्ध का समय है। इसलिए हर सनातनी बालिका को दुर्गा या काली बनना है, लेकिन कभी भी बुरखे वाली नहीं बनना।” उन्होंने आगे कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान जरूरी है। राजस्थान में बने धर्मांतरण विरोधी कानून के लिए उन्होंने राज्य सरकार को धन्यवाद दिया और इसे और प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए अलग विभाग और टास्क फोर्स बनाकर कंट्रोल रूम स्थापित करना चाहिए, ताकि धर्मांतरण की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई हो सके।

सुबह 4000 से अधिक बालिकाएं घोष की गूंज के साथ पथ संचलन करती हुई माली समाज के नोहरे से रवाना हुईं। यह संचलन बड़ा मंदिर, सूचना केंद्र होते हुए हरि सेवा आश्रम पहुंचा। पूरे मार्ग में विभिन्न हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बालिकाओं का स्वागत किया।

धर्मसभा का शुभारंभ महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन, महंत बाबू गिरी, महंत प्रकाश दास, संत मयाराम, संत गोविंद राम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, सिद्धार्थ, मिहिर, पंडित धर्मेश, सत्यनारायण और मोनू शर्मा द्वारा राम दरबार के समक्ष दीप प्रज्वलन व शस्त्र पूजन के साथ हुआ। स्वामी हंसराम ने बालिकाओं को धर्म रक्षा हेतु एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा दी।

सभा में बोलते हुए टी राजा सिंह ने कहा कि “भारत के सामने आने वाला समय संघर्ष और युद्ध का है। जिस तरह औरंगजेब के समय मंदिरों में पूजा संभव नहीं थी, उसी प्रकार धर्म पर संकट कभी भी आ सकता है। इसलिए सनातन समाज को सतर्क रहकर धर्म की रक्षा के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने चेताया कि धर्मांतरण के नाम पर आज भी बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में राजस्थान को भी यूपी की तर्ज पर कठोर कार्रवाई करनी होगी।

पत्रकारों से वार्ता के दौरान राजनीतिक सवालों पर उन्होंने कहा कि वे नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के कार्यों से प्रभावित होकर राजनीति में आए थे, लेकिन अब चुनाव लड़ने में उनकी रुचि नहीं है। विधायक के रूप में उनका कार्यकाल शेष 3 साल का है, जिसके बाद वे राजनीति छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार हनुमान जी भगवान श्रीराम के प्रचारक थे, उसी तरह मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचारक के रूप में उनके धर्महित और राष्ट्रहित के कार्यों का प्रचार करता रहूंगा।”

लद्दाख में हालिया हिंसा को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कांग्रेस समर्थित लोग हथियारों और पत्थरों के साथ तोड़फोड़ कर रहे थे। यह एक बड़ा षड्यंत्र था, जो विफल हो गया। उन्होंने कहा कि भारत की शांति और प्रगति कुछ लोगों को रास नहीं आ रही और यही लोग दंगे-फसाद की साजिशें कर रहे हैं। धर्मसभा के दौरान दुर्गा शक्ति अखाड़े की विभिन्न शाखाओं की बालिकाओं ने तलवार और अखाड़ा प्रदर्शन कर अपनी दक्षता का परिचय दिया। इस अवसर पर 5100 बालिकाओं को कटार दीक्षा दी गई और सभी को सामूहिक भोज कराया गया।

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