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Aastha Pandey

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2025 में 67 पत्रकार मारे गए: RSF रिपोर्ट बताती है पत्रकारों पर बढ़ता जोखिम और खतरनाक स्थिति

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दुनिया भर में सच लिखने और लोगों तक हकीकत पहुँचाने की कीमत कई बार जान देकर चुकानी पड़ती है—और यही बात 2025 की आरएसएफ रिपोर्ट एक बार फिर दर्दनाक तरीके से याद दिलाती है। पेरिस से जारी इस ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक साल में 67 पत्रकार अपने काम को निभाते-निभाते मारे गए, जिनमें से ज्यादातर को युद्ध, हिंसा और संगठित अपराध ने निशाना बनाया।

आरएसएफ का बयान दिल दहला देने वाला है—“पत्रकार सिर्फ़ मरते नहीं, उन्हें मारा जाता है।” यह वाक्य साफ दिखाता है कि ये मौतें किसी हादसे का परिणाम नहीं बल्कि सच बोलने और सच दिखाने की सज़ा हैं। रिपोर्ट बताती है कि 67 में से 53 पत्रकारों की हत्या युद्ध क्षेत्रों या आपराधिक गिरोहों द्वारा की गई, जो यह साबित करती है कि पत्रकारों के लिए दुनिया पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो चुकी है।

RSF रिपोर्ट 2025: 67 पत्रकार मारे गए और प्रेस फ़्रीडम ख़तरे में

Reporters Without Borders (आरएसएफ) एक अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र संस्थान है जो प्रेस फ़्रीडम, यानी समाचार के आज़ाद काम, की रक्षा करता है। इसने 2025 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि पिछले 12 महीनों में संपूर्ण दुनिया में 67 पत्रकार काम के दौरान मारे गए हैं। ये आंकड़े इस बात को उजागर करते हैं कि पत्रकारों की सुरक्षा आज भी बहुत बड़े खतरे में है और उन्हें सिर्फ़ दुर्घटना में नहीं बल्कि जानबूझकर अपना काम करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।

पत्रकारों की हत्या सिर्फ़ एक आक़ड़े की बात नहीं है, बल्कि यह उस मिशन पर हमला भी है जिसके लिए वे जनता को सच बताते हैं। इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु नीचे सरल, आसान और तथ्य-आधारित भाषा में विस्तार से दिए गए हैं:

🔹मुख्य आंकड़े और तथ्य
🔹67 पत्रकार मारे गए

पिछले एक साल में सभी दुनियाभर में 67 पत्रकारों को उनके काम के कारण मारा गया है। इनमें से अधिकांश पत्रकारों की मौत हिंसा, युद्ध या क्रिमिनल गिरोहों की गतिविधियों के कारण हुई है, न कि किसी सामान्य दुर्घटना से।

लगभग 79% हत्याएं सशस्त्र समूहों या संगठित अपराध कारण हुईं।
लगभग 43% पत्रकारों को गाज़ा में मौत का सामना करना पड़ा, वहां के संघर्ष के कारण।
🔹 सबसे अधिक खतरनाक क्षेत्र और देश
🔹 गाज़ा / इज़राइल
गाज़ा संघर्ष क्षेत्र दुनिया में सबसे खतरनाक स्थान है, जहाँ 29 से अधिक पत्रकारों की मौत हुई, जो कुल मौतों का लगभग आधा हिस्सा है।

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🔹 मैक्सिको
दुनिया में पत्रकारों के लिए दूसरा सबसे खतरनाक देश मैक्सिको है, जहाँ 9 पत्रकारों को संगठित अपराधों ने मारा।

🔹 सूडान और यूक्रेन में संघर्ष
सूडान और यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में भी पत्रकारों की जानें चली गईं। सूडान में चार और यूक्रेन में कुछ पत्रकार संघर्ष की घटनाओं के कारण मारे गए।

🔹 स्थानीय पत्रकारों को ज्यादा खतरा

रिपोर्ट यह भी बताती है कि जिन पत्रकारों को मारा गया, उनमें से केवल दो ही विदेशी पत्रकार थे — बाकी सभी अपने ही देश में स्थानीय पत्रकारों को निशाना बनाया गया।

इसका मतलब है कि पत्रकारों को अपने घर की मिट्टी पर भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

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🔹 503 पत्रकार हिरासत में हैं

RSF की रिपोर्ट के अनुसार, एक 1 दिसंबर 2025 तक 503 पत्रकारों को दुनिया भर में हिरासत में लिया गया है। यह संख्या प्रेस की आज़ादी पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।

🔹 चीन में सबसे अधिक 121 पत्रकार जेल में हैं।

🔹 रूस में 48, और
🔹 म्यांमार में 47 पत्रकार हिरासत में हैं।

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ देशों में पत्रकारों के खिलाफ अविश्वसनीय तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं, जैसे “देशद्रोह”, “गलत सूचना फैलाना” आदि।

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🔹 135 पत्रकार लापता और 20 बंधक

रिपोर्ट में यह भी आंकड़ा शामिल है कि लगभग 135 पत्रकार लापता हैं और 20 को बंधक बनाया गया है, जो यह दिखाता है कि संघर्ष और खतरों से पत्रकारों का सामना कितना गंभीर है।

🔹 RSF का संदेश और चेतावनी

RSF ने अपनी रिपोर्ट में कहा है:
🔹 “पत्रकार सिर्फ़ मरते नहीं — उन्हें मारा जाता है।”
यह वाक्य यह स्पष्ट करता है कि पत्रकारों के खिलाफ हिंसा दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर की जा रही है।

2025 में पत्रकारों के खिलाफ मुख्य वजहें
🔹 युद्ध और संघर्ष

युद्ध के समय पत्रकारों को स्थिति रिपोर्ट करने के लिए आगे जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।

🔹 संगठित अपराध

मैक्सिको और कुछ अन्य देशों में संगठित अपराध पत्रकारों को डराने और रोकने के लिए हिंसा का उपयोग करते हैं।

🔹 राजनैतिक एवं सरकारी दबाव

कुछ देशों में पत्रकारों को “गलत सूचना फैलाना” का आरोप लगाकर जेल में डाल दिया जाता है या प्रताड़ित किया जाता है।

🔹 डाटा से क्या समझें?

📌 यह जरूरी नहीं कि ये आंकड़े हर मौत को शामिल करें; रिपोर्ट केवल उन मौतों को गिनती में लेती है जिन्हें साक्ष्यों के साथ पत्रकारियों के काम से जोड़ा गया है।
📌 अलग-अलग संस्थान, जैसे UNESCO या IFJ, उनके आंकड़े थोड़े अलग दे सकते हैं, लेकिन RSF का तरीका पत्रकार के काम से प्रत्यक्ष जुड़े मामलों पर केंद्रित होता है।

🔹 विश्व में प्रेस आज़ादी की स्थिति

दुनिया भर में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा, गिरफ्तारी, उत्पीड़न, और लापता होने की घटनाओं ने यह दिखा दिया है कि प्रेस की आज़ादी पर आज भी भारी खतरा मंडरा रहा है। पत्रकार केवल खबरें नहीं लाते — वे सत्य, साक्ष्य और विश्वसनीय जानकारी साझा करते हैं। इसीलिए उनकी सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

🔹FAQs
🔹1. 2025 में कुल कितने पत्रकार मारे गए?

2025 में Reporters Without Borders की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में 67 पत्रकार मारे गए हैं, जो उनके काम या संघर्ष क्षेत्रों में खबर कवर करते समय हुए हमलों का परिणाम है।

  1. सबसे ज़्यादा पत्रकार किस देश या क्षेत्र में मारे गए?
    सबसे ज्यादा पत्रकारों की मौत गाज़ा (Palestine/Israel conflict) में हुई, जहाँ लगभग 29 पत्रकारों को हिंसा में मारा गया।

🔹3. कितने पत्रकार जेल में हैं और किस देश में सबसे अधिक?
RSF के अनुसार 503 पत्रकार दुनिया भर में जेलों में हैं।
🔹 चीन में सबसे ज़्यादा 121 पत्रकार जेल में हैं, उसके बाद रूस और म्यांमार का स्थान है।

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