Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

IAS Santosh Verma: सांसद आलोक शर्मा ने की केंद्रीय मंत्री से शिकायत, बख्शा नहीं जाएगा

MP Alok Sharma

IAS Santosh Verma MP Alok Sharma complains to Union Minister भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा दिए विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। समाज में रोष सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह को सौंपे ज्ञापन में कहा कि आईएएस संतोष वर्मा ने सार्वजनिक मंच से जाति-विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। उनके कथन से भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी समुदाय विशेष के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रत्यक्ष आघात पहुंचाती है। विभाजन को बढ़ावा सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि संतोष वर्मा ने दिए बयान में कहा था कि “जब तक एक व्यक्ति अपने बेटे को किसी विशेष समुदाय की बेटी से संबंध या दान नहीं देता, तब तक आरक्षण छोड़ने का कोई विचार नहीं होगा।” श्री शर्मा ने कहा कि यह बयान न केवल जाति और लैंगिक आधार पर भेदभावपूर्ण है, बल्कि सामाजिक तनाव और विभाजन को बढ़ावा देने वाला भी है। ऐसे बयान महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की गई ऐसी टिप्पणी जनता के बीच अविश्वास और आक्रोश पैदा करती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत घातक है।केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सीएम मोहन यादव के बेटे की शादी में सामाजिक एकता का संदेश

Mohan yadav

उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने छोटे पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी को एक यादगार और सादगी भरे अंदाज़ में आयोजित किया। शिप्रा तट पर आयोजित इस अनोखे सामूहिक विवाह सम्मेलन में 22 जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लिए। न कोई भव्य सजावट, न वीआईपी स्टेज—फिर भी यह समारोह सामाजिक समरसता और सादगी का शानदार संदेश बन गया। योग गुरु बाबा रामदेव ने वैदिक रीति से मंत्र पढ़कर जोड़ों का मंगल किया, जबकि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और जूना अखाड़ा के संतों ने सभी जोड़ों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। यह आयोजन न केवल सीएम परिवार की सरलता को दर्शाता है, बल्कि देश में सामूहिक विवाह की परंपरा को भी नया आयाम देता है। मध्य प्रदेश में सामूहिक विवाह: CM बेटे की शादी बनी मिसालएक समारोह, 22 जोड़े — सादगी, समरसता और संस्कार उज्जैन (Sanwarkhedi) — 30 नवंबर 2025 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav के पुत्र Abhimanyu Yadav ने अपनी प्रेमिका Ishita Patel के साथ सात फेरे लिए। लेकिन यह शादी सामान्य नहीं थी। उनके साथ 21 अन्य जोड़ों ने भी एक साथ विवाह किया — यानी कुल 22 दूल्हा-दुल्हन एक ही सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधे। इस प्रकार का समूहीकरण — जहां दिखावे और भारी खर्च के बजाय सादगी और सामाजिक समरसता पर जोर हो — आज के समय में बेहद चर्चा का विषय बन गया है। ये खबर भी पढ़े…महिलाओं की गरिमा पर कोर्ट सख्त, केंद्र से जवाब समारोह का स्वरूप: दिखावे नहीं, सबका साथ विवाह स्थल सांवराखेड़ी के शिप्रा नदी किनारे सजाया गया। बारात में दूल्हे घोड़ों पर सवार हुए, जबकि दुल्हनें सज-धजकर बग्घियों में आईं। समारोह आयोजन बेहद व्यवस्थित था — 22 मंडप बनाए गए, ग्रीन रूम, अतिथि व्यवस्था व अन्य सुविधाएं पूरी की गई थीं। शादी के निमंत्रण कार्ड में मेहमानों से आग्रह किया गया था कि वे कोई उपहार न लाएँ — एक साफ संदेश कि शादियों में दिखावा नहीं, संवेदनशीलता व सामूहिकता होनी चाहिए। CM ने कहा कि यह कदम ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना का प्रतीक है। उनका मानना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को भी सम्मानजनक विवाह का अवसर मिले। ये खबर भी पढ़े…धर्मेंद्र का आख़िरी सफर: बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ एक युग छोड़कर चला गया गणमान्य अतिथि और सामाजिक संदेश इस समारोह में उपस्थित थे — योग गुरु Baba Ramdev जिन्होंने पूरी रस्में करवाईं, और धर्मगुरु Dhirendra Shastri भी मौजूद थे। दोनों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज में wasteful expenditure (अनावश्यक खर्च) को रोकने व सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। राज्य के राज्यपाल Mangubhai Patel ने भी CM की इस सोच को सराहा और कहा कि सामूहिक विवाह समाज में भाई-चारे व समानता का संदेश देता है। बहुत से दूल्हा-दुल्हन — जिनके परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं थे — अब बिना भारी खर्च के, सम्मान और गरिमा के साथ अपना गृहस्थ जीवन शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि वे इस पहल से बहुत खुश हैं। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी क्यों है यह विवाह अलग और महत्वपूर्णशादी में दिखावे से बचाव: कोई महंगा होटल, कोई भव्य सजावट नहीं। सादगी का संदेश: न्यूनतम खर्च और सादे निमंत्रण कार्ड — पारिवारिक और सामाजिक बोझ को कम करना। सर्वसमावेशिता: 22 जोड़ें, अलग-अलग पृष्ठभूमि — यह दिखाता है कि विवाह सिर्फ परिवार नहीं, समाज भी है। समरसता और आर्थिक न्याय: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मान के साथ विवाह — यह सामाजिक जिम्मेदारी है। CM ने खुद कहा कि “बड़ा नहीं, छोटा नहीं; सब बराबर हैं। मेरे बेटे की शादी हो रही है, लेकिन 21 और जोड़ों की भी नई जिंदगी शुरुआत हो रही है।” सामाजिक ओर राजनीतिक प्रतिक्रिया कई लोग कह रहे हैं कि यह पहल भविष्य में अन्य राजनेताओं और बड़े परिवारों के लिए मिसाल बनेगी। धार्मिक और सामाजिक गुरु भी इस तरह की सामूहिक विवाह सभाओं को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं — इससे समाज में wasteful expenditure कम होगा और विवाह समारोहों का असली मकसद — जोड़ना, आशीर्वाद, नए जीवन की शुरुआत — सामने आएगा। विपक्षी दलों में भी इस फैसले की सराहना हुई है कि एक राजनीतिक परिवार ने निजी दिखावे से हटकर आम जनता, गरीबों और समाज को प्राथमिकता दी है। इस सामूहिक विवाह समारोह ने ये साबित कर दिया कि शादी महज एक परिवार का निजी पर्व नहीं, बल्कि समाज का उत्सव हो सकता है। जब एक मुख्यमंत्री अपने बेटे की शादी में ऐसा उदाहरण पेश करता है, तो निश्चित रूप से आगे कई लोग इसे अपनाएंगे। यह दिखावा नहीं, संवेदनशीलता, व्यर्थ खर्च नहीं, सामूहिक खुशी — इस तरह की सोच समाज में स्थायी परिवर्तन ला सकती है। FAQs Q1: यह सामूहिक विवाह क्यों किया गया?A: इस विवाह को सामूहिक रूप से इसलिए आयोजित किया गया ताकि दिखावे (lavish weddings) से बचा जा सके और गरीब-जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को भी सम्मानजनक विवाह मिल सके। इससे शादी में होने वाले व्यर्थ खर्च और सामाजिक असमानता दोनों कम होती है। Q2: इस विवाह में कितने जोड़ें शामिल हुए?A: मुख्यमंत्री के बेटे सहित कुल 22 जोड़ें — यानी 1 दूल्हा-दुल्हन + 21 अन्य जोड़े — एक ही समारोह में विवाह के बंधन में बंधे। Q3: इसमें कौन-कौन शामिल हुआ — साधु-महात्मा, राजनीतिक शख्सियतें, आम लोग?A: समारोह में योग गुरु बाबा रामदेव, धर्मगुरु धीरेंद्र शास्त्री, राज्यपाल, कई मंत्री, विधायक आदि प्रमुख लोगों के साथ साथ 21 सामान्य जोड़े भी शामिल थे। यह शादी राजनीति, धर्म और समाज के तेनातंत्र को एकत्रित करने वाला उदाहरण बनी।

Bhopal News: ब्राह्मण समाज का IAS संतोष वर्मा पर फूटा गुस्सा, थाने में की शिकायत

Brahmin community

Brahmin community angry at IAS Santosh Verma files complaint at police station भोपाल। पुलिस थाना कोलार में ब्राह्मण समाज पर विवादित टिप्पणी करने वाले आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ शिकायत की गई।ब्राह्मण महासभा ने की कोलार इकाई के सदस्यों ने वर्मा के खिलाफ गुस्सा दिखाते हुए कठोर कार्रवाई की भी मांग पुलिस प्रशासन से की। महासभा के अध्यक्ष उमेश शर्मा ने इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव से संतोष वर्मा को सेवा से मुक्त करने की मांग की. उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में ऐसे घृणित मानसिकता के लोगों को होना उचित नहीं है। शर्मा ने कहा कि संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज की बहू-बेटियों को लेकर जो बात कही है, वह माफी के लायक भी नहीं है। कठोर कार्रवाई की जाए कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने ब्राह्मण समाज के शिकायती आवेदन को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है। समाज ने मांग की है कि वर्मा के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई की जाए. समाज के लोगों ने इस मौके पर कहा कि बीते दिनों वर्मा के द्वारा दिए गए मूर्खतापूर्ण वकतव्य के विरोध में मामला दर्ज कराने के लिए सभी ने कोलार थाना प्रभारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। उग्र आंदोलन ब्राह्मण महासभा सदस्यों ने यह मांग भी की है कि यदि संतोष वर्मा के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की गई तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण कर सकता है. जिसकी जवाबदेही मप्र शासन की होगी। इस अवसर पर उमेश शर्मा प्रदेश संगठन महामंत्री, के के द्विवेदी संभाग अध्यक्ष, सुमित्रा शुक्ला महिला प्रकोष्ठ, जितेंद्र मिश्रा जिलाध्यक्ष, भैयालाल द्विवेदी वरिष्ठ सदस्य, जे पी मिश्र, रमापति शर्मा, के के मिश्र, संकटमोचन मिश्र, संतमणि शर्मा के साथ बड़ी संख्या में कोलार क्षेत्र के ब्राहमण समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

Political News: जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा

MP Politics

Political News Jitu Patwari surrounded the government issue of safety of daughters भोपाल।  मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की घिनौनी घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक बच्ची पर हुआ जघन्य अपराध नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की बहनों-बेटियों की सुरक्षा पर कड़ा प्रश्नचिन्ह है। आरोपी पकड़ से बाहर पटवारी ने कहा कि रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा के ग्राम गौहरगंज क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ निर्मम दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन घटना के 3 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह स्थिति स्वयं में मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रशासनिक अक्षमता और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की भयावह हकीकत को उजागर करती है। सरकार मूकदर्शक जीतू पटवारी ने कहा कि जिस प्रदेश में रोज़ाना लगभग 22 बेटियों के साथ बलात्कार हो, रोज़ करीब 7 मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो और 5 साल तक की नन्ही बच्चियाँ भी दरिंदों का शिकार बन रही हों,वहां यह कहना पड़ेगा कि मध्यप्रदेश आज देश में बहनों-बेटियों पर अत्याचार का मुख्य केन्द्र बन गया है। यह शर्मनाक स्थिति है कि पूरे देश में इस तरह की घटनाएँ सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हो रही हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब कानून का डर समाप्त हो चुका है, क्योंकि कानून अपना काम ईमानदारी और गंभीरता से नहीं कर रहा अपराध रोकने तथा अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की इच्छाशक्ति सरकार में नहीं दिखती, न्याय विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास है, फिर भी न्याय और सुरक्षा दोनों दम तोड़ते नज़र आ रहे हैं। घटना के 3 दिन जीतू पटवारी ने कहा कि अगर किसी भी दुष्कर्म की घटना के बाद 3 दिन के भीतर अपराधी गिरफ्तार नहीं होता, तो यह प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की नाकामी और सरकार की असंवेदनशीलता का खुला प्रमाण है। परिणामस्वरूप रोज अलग-अलग जगहों पर चक्का जाम, विरोध प्रदर्शन, और आक्रोशित जन आंदोलन देखने को मिल रहे हैं, लेकिन सरकार अब भी गहरी नींद में सोई हुई है। पटवारी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के मामले में मोहन यादव सरकार पूरी तरह विफल, गैर-जिम्मेदार और बेशर्म हो चुकी है। मासूम बेटियों की चीखों, उनके परिवारों के दर्द और आंसुओं का इस सरकार पर कोई असर नहीं होता। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार से तत्काल मांग की– रायसेन जिले की 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की जाए और उस पर सख्त से सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की नीति की स्पष्ट घोषणा कीपीड़ित मासूम बच्ची के परिवार को उचित वित्तीय सहायता, बेहतर इलाज एवं समुचित सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव इस गंभीर मामले में भी उदासीन रवैया अपनाते रहे, अपराधी खुलेआम घूमते रहे और बेटियों की सुरक्षा पर ऐसे ही खतरा बना रहा, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के साथ मिलकर तेज, उग्र और प्रदेशव्यापी जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

FIH Junior Hockey World Cup Trophy: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने कहा- ‘युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

Hockey World Cup

FIH Junior Hockey World Cup Trophy Inspiration for young players भोपाल। FIH हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप तमिलनाडु 2025 की प्रतिष्ठित ट्रॉफी आज मध्यप्रदेश पहुँची, जहाँ सीएम हाउस समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने इसका स्वागत किया। ट्रॉफी के इस आगमन को प्रदेश में हॉकी के प्रति बढ़ती लोकप्रियता और खेल संरचना के सुदृढ़ होने का प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने ट्रॉफी का अनावरण करते हुए इसे “युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत” बताया और कहा कि यह आयोजन भारत में हॉकी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ जूनियर हॉकी टीमों के मुकाबलों का सबसे बड़ा मंच—FIH जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025—इस वर्ष भारत में आयोजित होने जा रहा है। 28 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक चलने वाला यह महामंच चेन्नई और मदुरै (तमिलनाडु) की मेजबानी में रोमांच और प्रतिस्पर्धा के नए आयाम स्थापित करेगा। पहली बार 24 देशों की टीमें एक साथ हिस्सा लेंगी, जिससे यह टूर्नामेंट न केवल युवाओं की प्रतिभा का उत्सव बनेगा, बल्कि हॉकी के भविष्य को एक नई दिशा भी देगा। भारत के लिए यह अवसर वैश्विक खेल जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है। ट्रॉफी टूर ने जगाई नई ऊर्जा ट्रॉफी को हाथ में लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों, कोचों और खेल प्रेमियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस विश्वस्तरीय आयोजन की ट्रॉफी का मध्यप्रदेश आना प्रदेश के लिए गौरव की बात है और इससे हॉकी के प्रति युवाओं में नया उत्साह उत्पन्न होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और मध्यप्रदेश के खिलाड़ी इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। खेल मंत्री ने भी जताया उत्साह मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भी ट्रॉफी टूर को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से न सिर्फ युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण प्रणाली को और अधिक मजबूती मिलेगी। हॉकी को मिलेगी नई उड़ान ट्रॉफी टूर के मध्यप्रदेश आगमन से हॉकी अकादमियों, स्कूलों और खेल संस्थानों में नई चमक आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विश्व कप से देशभर में हॉकी की लोकप्रियता और खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह, हॉकी एसोसिएशन के पदाधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री राकेश गुप्ता, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा खेल अकादमियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

MP BJP: नई कार्यकारिणी की सूची जारी, हेमंत खंडेलवाल की टीम के महारथी तैयार

MP BJP

MP BJP New executive list released Khandelwal team ready भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के पद संभालने के करीब 3 महीने से ज्यादा समय के बाद अब उनकी टीम घोषित की गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की सहमति से पदाधिकारियों के नाम की घोषणा की गई, अब यह सूची भी जारी है। नाम शामिल प्रदेश भाजपा में उपाध्यक्ष पद के लिए रणवीर सिंह रावत, कांतदेव सिंह, प्रभुराम चौधरी, शैलेंद्र बरुआ, मनीषा सिंह, नंदिता पाठक, सुरेंद्र शर्मा, निशांत खरे, प्रभुलाल जाटव के नाम शामिल किए गए हैं। लता वानखेड़े, सुमेर सोलंकी, राहुल कोठारी जैन, गौरव रणदिवे को महामंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही मंत्री पद पर रजनीश अग्रवाल, लोकेंद्र पाराशर, जयदीप पटेल, क्षितिज भटट, संगीता सोनी, राजेंद्र सिंह, अर्चना सिंह, राजो मालवीय, बबीता परमार अपनी भूमिका निभाएंगे। प्रदेश भाजपा की कार्यकारणी में अखिलेश जैन को कोषाध्यक्ष, श्याम महाजन को कार्यालय मंत्री और आशीष उषा अग्रवाल को पुनः से मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है.। मोर्चा अध्यक्ष भाजपा में मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए भी नामों की सूची जारी है। किसान मोर्चा के लिए जयपालसिंह चावड़ा, एससी मोर्चा के लिए भगवानसिंह परमार, एसटी मोर्चा के लिए पंकज टेकाम, पिछडा मोर्चा के लिए पवन पाटीदार अब अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैय़ार हैं. बता दें कि हेमंत खंडेलवाल ने 2 जुलाई को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। प्रदेश में पार्टी की नई टीम बनाने के लिए हेमंत खंडेलवाल के साथ पार्टी के पुराने नेताओं, कार्यकर्ताओं के बीच लगाता संवाद जारी था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस पर चर्चा भी की। पार्टी के नेताओं के सुझाव के बाद ने नई कार्यकारिणी के नाम तय किए गए, जिसे केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया। इसे मंजूर कर नामों की सूची जारी की गई।

नागपुर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कफ सिरप पीड़ित बच्चों और परिजनों से की बातचीत

भोपाल/ छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 21 तक पहुंच गया है. नागपुर के अस्पताल में भर्ती पांच वर्ष के एक और बच्चे मयंक सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को नागपुर पहुंचे. वे यहां अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ उनके परिजनो से भी मुलाकात करेंगे. अस्पताल में भर्ती बच्चों का हेल्थ अपडेट लेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर में एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर (जीएमसी) में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे. साथ ही उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बात करेंगे. वर्तमान में छिंदवाड़ा के चार बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है इनमें से दो बच्चे एम्स नागपुर में, एक न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती है. इसके पहले सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में भी परिवारों से मुलाकात की थी. इस मौके पर सीएम ने पीड़ित परिवारों से कहा था कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है. आपके बच्चों का दुख मेरा भी है. वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका ध्यान रखा जाए कि ऐसी दुर्घटनाएं फिर न हों. उच्चस्तरीय जांच जारी बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दोषियों को न बख्शने की बात कही है. पीड़ित बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों- उप-औषधि नियंत्रक-नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया है. फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का ट्रांसफर कर दिया गया है. तमिलनाडू से कंपनी का मालिक गिरफ्तार मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है. इस कफ सिरप में 48 फीसदी डायएथिलीन ग्लाईकॉल मिला था. इसी जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की किडनी खराब हुई और 21 बच्चे काल के गाल में समा गए.  

सिरप से मौतों पर सख्त हुए CM मोहन यादव, ड्रग कंट्रोल अफसरों को किया सस्पेंड

 भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खांसी की सिरप कोल्ड्रिफ (Coldrif) से जुड़ी घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए डिप्टी ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित करने के आदेश दिए हैं. सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार से इस सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है. वहीं, तमिलनाडु सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए कंपनी के सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है. सीएम मोहन यादव ने कहा, 'मैं प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा हूं. कांग्रेस पार्टी के पास केवल आरोप लगाने के अलावा और कोई काम नहीं है.' उन्होंने साफ किया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद पुलिस ने वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत कर अपना पक्ष रखा था. छिंदवाड़ा ड्रग्स इंस्पेक्टर गौरव शर्मा को सस्पेंड किया गया है. जबलपुर के ड्रग्स इंस्पेक्टर शरद जैन को भी सस्पेंड किया गया है. डिप्टी डायरेक्टर खाद्य और औषधि प्रशासन को भी निलंबित किया गया है. इतना ही नहीं, डायरेक्टर शोभित कोष्टा को भी सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं खबर है कि ड्रग्स कंट्रोलर को भी हटाया जा सकता है. वहीं कफ सीरप से एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत और डॉक्टर की गिरफ्तारी पर मेडिकल टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राकेश मालवीय ने सोमवार को कहा कि अमानक, मिलावटी दवाओं के खिलाफ हम दो साल से आवाज उठा रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन ने हमारी नहीं सुनी. लैब और टेस्टिंग एजेंसी ने सीरप को पास किया था और अब डॉ प्रवीण सोनी को गलत ठहरा कर जेल भेज दिया है. इसमें डॉक्टर की कोई गलती नहीं है. उन्होंने प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज किया. डॉक्टर की सम्मान के साथ जल्द रिहाई हो. इस मामले में हम चुप नहीं बैठेंगे. आज बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी. घटना बहुत दुखद है. हम सबकी भावनाएं पीड़ित परिवारों से जुड़ी हुई हैं. डॉ. सोनी ने क्या कहा? डॉ. सोनी ने कहा कि वे कई सालों से इस कंपनी की दवाएं लिख रहे हैं और यह कहना गलत है कि डॉक्टर दवा की फॉर्मुलेशन तय करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा सील पैक और तैयार दवाएं मिलती हैं. उनका कहना था कि सिरप एक दिन की दवा नहीं है और उन्होंने दर्जनों बच्चों को इसका प्रिस्क्रिप्शन दिया था. स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने अपने निजी क्लिनिक में शिशुओं को देखना भी बंद कर दिया था. 16 बच्चों की मौत से सनसनी छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद यह मामला सामने आया. अधिकारियों के अनुसार 11 बच्चों की मौत परासिया उपखंड में, 2 की छिंदवाड़ा शहर में, 1 की चौरई तहसील में और 2 की मौत बैतूल जिले में हुई. लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) पाया गया, जो बेहद जहरीला रसायन है और किडनी फेल होने के साथ मौत तक का कारण बन सकता है. CM मोहन यादव ने की कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लेते हुए डॉ. सोनी को तत्काल निलंबित कर दिया. साथ ही पूरे प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी गई. पुलिस ने डॉ. सोनी और सिरप बनाने वाली कंपनी स्रेसुन फार्मास्यूटिकल्स के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज किया है. डॉक्टरों की चेतावनी इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की छिंदवाड़ा इकाई की अध्यक्ष कल्पना शुक्ला ने चेतावनी दी है कि यदि डॉ. सोनी को जल्द रिहा नहीं किया गया तो सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

जीप में रोमांच, हेट में स्टाइल: सीएम मोहन यादव और पत्नी की अनोखी सड़कों की सैर

भोपाल  एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव इन दिनों असम के दौरे पर हैं। वे एमपी में इन्वेस्ट करने के लिए पूर्वोत्तर भारत के निवेशकों को लुभा रहे हैं। असम प्रवास के दौरान रविवार को सीएम मोहन यादव पत्नी सीमा यादव के साथ विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान घूमने गए। यहां वे खुली जीप में हेट पहने स्टाइलिश अंदाज में नजर आए। सीएम मोहन यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों को बिल्कुल पास से देखा। उन्होंने हाथियों को स्पर्श करते हुए गन्ना खिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अजगर से भी रूबरू हुए। भ्रमण के बाद उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और असम के बीच वन्य जीव पर्यटन में साझेदारी के लिए विशेष पहल की जाएगी। सीएम मोहन यादव चाय बागान भी पहुंचे। यहां उन्होंने मजदूरों और महिलाओं से चर्चा की। चाय बागान के भ्रमण के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने चाय उत्पादन की प्रक्रिया समझी। चाय उत्पादकों और मजदूर महिलाओं से काम की बा​रीकियां जानीं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने चाय उद्योग को असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने एमपी और असम के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में परस्पर सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने के लिए पहल करने की बात कही। अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सीएम मोहन यादव अलग अंदाज में नजर आए। वे खुली जीप में हेट पहनकर घूमे और दूरबीन से भी उद्यान के प्राकृतिक सौंदर्य व वन्यजीवों को देखते रहे। उद्यान के हाथियों को सीएम मोहन यादव ने गन्ना खिलाकर दुलार किया। इस दौरान उन्होंने एक अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा।   बता दें कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का प्रमुख केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया है। यहां एक सींग वाला गैंडा पाया जाता है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में हाथियों की भी खासी संख्या है। यहां जंगली भैंसें, दलदली हिरणों भी पाए जाते हैं। अनेक अन्य प्रकार के वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी काजीरंगा विख्यात है। उद्यान में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां भी हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने विश्वविख्यात उद्यान में पूरा लुत्फ उठाया। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए उद्यान में किए गए नवाचारों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।