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Aastha Pandey

Writer News & Blogger

BSF Constable GD Recruitment 2025: स्पोर्ट्स कोटा से भर्ती शुरू, 4 नवंबर तक आवेदन का मौका

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (Border Security Force – BSF) ने 2025 के लिए कॉन्स्टेबल जीडी (Constable GD) भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती स्पोर्ट्स कोटा (Sports Quota) के अंतर्गत की जा रही है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुकी है और 4 नवंबर तक चलेगी। इस भर्ती के तहत कुल 391 रिक्त पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। जो अभ्यर्थी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं, उनके लिए यह एक शानदार अवसर है। पात्रता उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक (10th) या समकक्ष परीक्षा पास होना चाहिए। साथ ही, उम्मीदवार ने राष्ट्रीय (National) या अंतरराष्ट्रीय (International) स्तर पर किसी खेल में भाग लिया हो। 👉 आयु सीमा (Age Limit): न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 23 वर्ष तय की गई है। एससी/एसटी वर्ग को 5 वर्ष, ओबीसी वर्ग को 3 वर्ष की आयु छूट दी जाएगी। आयु की गणना 1 अगस्त 2025 के आधार पर की जाएगी। 👉 आवेदन प्रक्रिया (Application Process): फॉर्म सबमिट करने सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rectt.bsf.gov.in पर जाएं। “Current Recruitment Openings” सेक्शन में जाएं और अप्लाई लिंक पर क्लिक करें। अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करने से पहले जांचें।के बाद एक प्रिंट कॉपी अपने पास रखें। 👉 आवेदन शुल्क जनरल (General) और ओबीसी (OBC) उम्मीदवारों को ₹159 शुल्क देना होगा।एससी/एसटी (SC/ST) उम्मीदवारों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। 👉 चयन प्रक्रिया चयन प्रक्रिया योग्यता और खेल प्रदर्शन के आधार पर होगी।शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन (Document Verification),फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), और मेडिकल एग्जामिनेशन (DME) के लिए बुलाया जाएगा।सभी चरणों के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। बीएसएफ कॉन्स्टेबल जीडी भर्ती 2025 देश की सुरक्षा में योगदान करने और खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने का सुनहरा अवसर है।जो उम्मीदवार खेल और अनुशासन के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह भर्ती एक सुनहरा मौका है।

स्वास्थ्य सुरक्षा में चूक! बच्चों की 5 खराब दवाएं उजागर, 19 दवाएं ब्लैकलिस्टेड

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भोपाल  मध्यप्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMCCL) ने घटिया गुणवत्ता के कारण इस साल अब तक 19 दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया है। इनमें से 5 दवाएं ऐसी हैं जो बच्चों को दी जाती थीं, जिससे सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। इन ब्लैकलिस्ट दवाओं में पेरासिटामोल ड्रॉप्स, जेंटामाइसिन इंजेक्शन, थायमिन टैबलेट्स, मल्टीविटामिन टैबलेट्स और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग आमतौर पर बुखार, दर्द, पोषण की कमी और संक्रमण जैसी समस्याओं में बच्चों को दिया जाता है।  मार्च 2025 में पेरासिटामोल ड्रॉप्स को गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए जाने के बाद प्रतिबंधित किया गया था। वहीं, जेंटामाइसिन इंजेक्शन (40 mg/ml), जो आंखों और बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में प्रयुक्त होती थी, को अक्टूबर 2025 में ब्लैकलिस्ट किया गया। थायमिन टैबलेट्स IP 100 mg, जो बच्चों में विटामिन B1 की कमी दूर करने के लिए दी जाती थीं, जनवरी 2025 में बाजार से हटाई गईं। मल्टीविटामिन टैबलेट्स, जिनमें बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C शामिल हैं, मई माह में गुणवत्ता जांच में फेल पाई गईं। वहीं एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C 100 mg), जो बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दी जाती थी, को मई 2025 में ही ब्लैकलिस्ट किया गया। एमपी खाद्य एवं औषधि प्रशासन  ने भी बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हाल ही में बच्चों में प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया की रिपोर्टों के बाद यह कार्रवाई की गई है।  खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि जिन दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं, उन्हें तुरंत प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति दवा नियंत्रण प्रणाली की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है। साथ ही सवाल उठाया है कि सरकार को प्रतिबंधित दवाओं वाली कंपनियों की भी जांच करने की पहल करनी चाहिए। इससे गड़बड़ियां पर रोक लगेगी। बता दें  छिंदवाड़ा की घटना के बाद दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।  

स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं के नारे को जीवंत बना रहा आयोजन

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सीएम योगी के स्वदेशी अभियान को नई उड़ान दे रहे स्वदेशी मेले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हो रहे कार्यक्रम से आत्मनिर्भर भारत को मिल रही गति दीपावली पर स्थानीय उत्पादों को मिल रहा नया बाजार, कारीगरों और उद्यमियों की दीवाली होगी समृद्ध  आर्थिक मजबूती के साथ ही स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों का बढ़ रहा सामाजिक सम्मान  स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्थानीय उद्योग, कला और संस्कृति को मिल रही वैश्विक पहचान स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं के नारे को जीवंत बना रहा आयोजन   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि जब स्थानीय उत्पादों को सम्मान मिलेगा, तब आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। उनकी यही सोच अब प्रदेश के हर जिले में स्वदेशी मेलों के रूप में जमीन पर उतरती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित किए जा रहे “स्वदेशी मेले” न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सशक्त बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वदेशी मिशन को आगे बढ़ाते हुए, यह पहल दीपावली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान दोनों प्रदान कर रही है।  सीएम योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि स्वदेशी सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवनशक्ति है। उनकी नीति है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक अपने आस-पास निर्मित उत्पादों को अपनाए और राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित बनाए। यह स्वदेशी मेले“स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं”के नारे को ही जीवंत बना रहे हैं।  स्थानीय से वैश्विक पहुंच तक मिल रहा विस्तार  स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। इन मेलों में न केवल हस्तशिल्पियों और कारीगरों को बाजार मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी देशी उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता का सीधा अनुभव होगा। इसके जरिए स्वदेशी उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा, जबकि हस्तशिल्पियों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध हो रहा है। यही नहीं, उत्पादकों को उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने का भी अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं, पारंपरिक कला और शिल्प को जीवित रखने के मिशन को भी बल मिल रहा है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन भी हो रहा है।  करोड़ों रुपए का हो सकता है व्यापार मुख्यमंत्री योगी की इस पहल से जनपद स्तर पर करोड़ों रुपए का व्यापार होने की संभावना है। यूपीआईटीएस में हाल ही में इसकी झलक देखने को मिली है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नया प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे तो वहीं स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी और महिला उद्यमियों को भी नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही, युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बल मिलेगा।  सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण स्वदेशी मेला सिर्फ व्यापार का मंच नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला का उत्सव भी है। इसमें हथकरघा, खादी, ग्रामोद्योग और माटी कला जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रदर्शनियों के माध्यम से सांस्कृतिक रंगत का प्रदर्शन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर मेलों को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी आयोजित किया जाएगा। संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले का आकर्षण बढ़ाएंगी। उपभोक्ताओं को भी मिलेगा विशेष आर्थिक लाभ मेले में उपभोक्ताओं को भी विशेष लाभ मिलेगा। उन्हें जीएसटी की दरों में विशेष छूट का लाभ होगा, जबकि दीपावली ऑफर और विशेष रियायतें भी मिल रही हैं। यही नहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि सीधे उत्पादक से खरीदारी का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिससे मूल्य में पारदर्शिता रहेगी। इस पहल से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। लघु उद्योगों को प्रत्यक्ष बाजार के साथ ही निर्यात की संभावनाओं में वृद्धि होने की संभावना है।  विभागों की सक्रिय भागीदारी इन मेलों में उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, ओडीओपी, सीएम युवा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा। सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं।

जनसमस्याओं पर सीएम योगी का बयान: समाधान देना ही सरकार की प्राथमिकता

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सीएम योगी का आश्वासन: जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसमस्याओं पर सीएम योगी का बयान: समाधान देना ही सरकार की प्राथमिकता जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं अधिकारियों से बोले मुख्यमंत्री, हर पीड़ित की समस्या का हो समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण गोरखपुर  गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास करने के बाद शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से सबातचीत करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।  जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों को चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया।

लाल गोली बनी सेहत की डोरी, एक दिन में 9.04 लाख महिलाओं और बच्चियों ने खाई आयरन की गोली

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मिशन शक्ति 5.0 : एनीमिया के खिलाफ 9 लाख बेटियों ने जीती जंग, पेश की मिसाल एनीमिया मुक्त अभियान में कानपुर ने बनाया कीर्तिमान, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिक होंगे सम्मानित लाल गोली बनी सेहत की डोरी, एक दिन में 9.04 लाख महिलाओं और बच्चियों ने खाई आयरन की गोली 4500 केंद्रों पर एक साथ चला अभियान, 14 लाख महिलाओं को कवर करने का रखा गया है लक्ष्य  इस अभियान को जनआंदोलन बनाने वाली विभागीय टीमों को भी सोमवार को किया जाएगा सम्मानित  लखनऊ/कानपुर मिशन शक्ति 5.0 के तहत एनीमिया मुक्त अभियान में कानपुर ने इतिहास रच दिया। बुधवार को जिले के 4500 से अधिक केंद्रों पर चलाए गए अभियान में 9,04,141 महिलाओं, किशोरियों और छात्राओं ने एक साथ आयरन फोलिक एसिड (लाल गोली) खाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। यह उपलब्धि न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण उदाहरण बन गई है। अब इस दिशा में जिला प्रशासन ने एक और कदम बढ़ाते हुए ऐसे केंद्रों के कार्मिकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है, जहां सर्वाधिक महिलाओं और बेटियों ने आयरन गोली गृहण की। सोमवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में यह सम्मान उन विभागीय टीमों को भी मिलेगा, जिन्होंने अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया।  स्वास्थ्य और आत्मविश्वास सशक्त करने का अभियान  जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 अब महिलाओं की सुरक्षा से आगे बढ़कर उनके स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को सशक्त करने का अभियान बन चुका है। इसी क्रम में कानपुर में इस पहल को आगे बढ़ाया गया है। यह अभियान ऐतिहासिक रूप से सफल रहा है और अब हमारा प्रयास इसे सफल बनाने वाले कार्मिकों को सम्मानित करने का है, ताकि जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसे पूरे जोश और जज्बे के साथ हासिल किया जा सके। जिलाधिकारी ने सीडीओ दीक्षा जैन, सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, जेएसआई हुदा जेहरा सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत राज और आंगनबाड़ी विभाग की टीम को इस पहल के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि टीम भावना और सामूहिक प्रयास से ही एनीमिया मुक्त कानपुर का सपना साकार होगा। महिलाओं ने दी सेहतमंद समाज की मिसाल विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के नेतृत्व में महिला कार्मिकों ने सामूहिक रूप से आयरन गोली खाई और संदेश दिया कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला है। एसीएमओ डॉ. उदयभान सिंह ने बताया कि जिले में 14 लाख महिलाओं को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है और पहले चरण में ही 9 लाख से अधिक तक पहुंच बना ली गई है। कांशीराम चिकित्सालय के डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार 15–17 वर्ष की 57% किशोरियां और 50 वर्ष से कम आयु की 60% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। यह अभियान उनके लिए राहत लेकर आया है। डफरिन हॉस्पिटल की सीएमएस डॉ. रुचि जैन ने कहा कि गर्भावस्था और प्रसव उपरांत दोनों अवस्थाओं में आयरन गोली अत्यंत आवश्यक है। यह अभियान महिलाओं को सशक्त और परिवारों को स्वस्थ बनाएगा। विद्यालयों और गांवों में दिखा उत्सव जैसा माहौल स्कूलों में छात्राओं की तालियां बजीं, तो गांव की चौपालों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मुस्कानें दिखीं। एसएन सेन कॉलेज, एचबी महिला महाविद्यालय, डीएवी कॉलेज, नरवल पीएचसी, डफरिन हॉस्पिटल, कांशीराम चिकित्सालय, बर्रा-गोविंदनगर सीएचसी, घाटमपुर-बिल्हौर पंचायत भवन और बिठूर-शिवराजपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं की भारी भागीदारी रही। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह गोली छोटी है, पर असर बड़ा है। अब हर हफ्ते इसे नियमित रूप से खाएंगी ताकि खुद और परिवार स्वस्थ रहें।

जांच तेज़: कफ सीरप कंपनी के डायरेक्टर को SIT ने परासिया थाने लाया, कोर्ट में होगा पेश

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छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के मालिक रंगनाथन को एमपी पुलिस SIT टीम छिंदवाड़ा पहुंच गई है। जानकारी मिल रही है कि SIT उसे थोड़ी देर में परासिया कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले सकती है। बता दें कि रंगनाथन को एमपी पुलिस पिछले कई दिनों से तलाश रही थी। तमिलनाडु और चेन्नई में छापामारी कर रही थी। आखिरकार गुरुवार को SIT ने उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर एमपी लाया गया है। बता दें कि उसे नागपुर एयरपोर्ट से एसआईटी की आधी टीम एमपी लेकर पहुंची है। जबकि आधी टीम वहीं रह गई। मेडिकल जांच के लिए भेजा जानकारी मिल रही है कि आरोपी रंगनाथन को लेकर एमपी पुलिस की एसआईटी टीम परासिया थाने पहुंच चुकी है। यहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उसका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। टीम ने साइबर सेल के जरिए लोकेशन ट्रेस कर चेन्नई से ही गिरफ्तार कर लिया। एसआइटी ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और उत्पादन रिकार्ड भी जब्त किया है। प्रदेश में जहरीली कफ सीरप पीने के बाद हुए संक्रमण से अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। अब तक छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिलों के 21 और बैतूल के दो बच्चों की मौत हो चुकी है। तीन बच्चों का अभी नागपुर में उपचार चल रहा है। रंगनाथन गोविंदन को छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई SIT टीम गुरुवार की रात फ्लाइट से एसआईटी की टीम रंगनाथन को लेकर रवाना हुई और सुबह करीब 6 बजे नागपुर पहुंची. यहां पहुंचते ही एसआईटी रंगनाथन को दौड़ाते हुए कार की तरफ ले गई. इसके बाद टीम कार से छिंदवाड़ा के लिए रवाना हुई है. ऐसे गिरफ्तार हुआ था रंगनाथन बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस ने बुधवार तड़के लगभग 1:30 बजे चेन्नई से श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक और जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार किया गया था. दरअसल, रंगनाथन घटना के बाद से अपनी पत्नी के साथ फरार था. पुलिस ने सटीक इनपुट्स के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की थी. श्रीसन फार्मा फैक्ट्री से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त एसडीओपी परासिया के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम 5 अक्टूबर को चेन्नई पहुंची थी. हालांकि इससे एक दिन पहले सिरप कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. वहीं गिरफ्तारी के बाद रंगनाथन को कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा फैक्ट्री ले जाया गया, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए. इसके बाद पुलिस अब चेन्नई की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद आरोपी को छिंदवाड़ा लाया जाएगा.

इजरायली कैबिनेट मीटिंग बीच में रोक PM मोदी से बात की नेतन्याहू ने – क्या था इतना जरूरी?

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नई दिल्ली यरूशलम में गुरुवार रात एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. एजेंडा बेहद गंभीर था. गाजा में सीजफायर और बंधकों की रिहाई पर बड़ा फैसला होना था. लेकिन अचानक नेतन्‍याहू ने बैठक रोक दी. वजह? भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आ गया था. जी हां, नेतन्‍याहू ने अपने सारे मंत्री और अफसर कुछ मिनटों के लिए इंतजार में छोड़ दिए, ताकि वो सीधे पीएम मोदी से बात कर सकें. दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत लगभग दस मिनट चली, लेकिन उसका असर अब दोनों देशों के रिश्तों पर साफ दिख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, प्रधानमंत्री नेतन्‍याहू ने गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का फोन रिसीव किया. मोदी ने उन्हें इस समझौते पर बधाई दी और कहा कि भारत इस मानवीय प्रयास का समर्थन करता है. बयान में आगे लिखा है कि मोदी ने नेतन्‍याहू को करीबी दोस्त बताया और कहा कि भारत-इजरायल की दोस्ती हर परिस्थिति में मजबूत रहेगी. नेतन्‍याहू ने भी पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वो भारत के साथ मिलकर काम जारी रखना चाहते हैं. नेतन्याहू को दी बधाई, गाज़ा समझौते का किया स्वागत पीएम मोदी ने नेतन्याहू को फोन लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गाज़ा में शांति प्लान के तहत हुई प्रगति पर इज़रायली पीएम को बधाई दी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बंधकों की रिहाई और गाज़ा के लोगों को मानवीय सहायता बढ़ाने पर हुए समझौते का स्वागत भी किया। पीएम मोदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है। मोदी बोले-आतंकवाद कहीं भी बर्दाश्त नहीं इस बातचीत के तुरंत बाद पीएम मोदी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्‍याहू को फोन करके गाजा शांति योजना में हुई प्रगति पर बधाई दी. हमने बंधकों की रिहाई और गाज़ा के लोगों के लिए बढ़ाई जा रही मानवीय मदद का स्वागत किया. मैंने दोहराया कि आतंकवाद किसी भी रूप में और कहीं भी स्वीकार्य नहीं है. मोदी के इस ट्वीट को कुछ ही मिनटों में लाखों व्यूज़ मिले और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इसे हाथों-हाथ लिया. कई विश्लेषकों ने कहा कि यह बातचीत इस बात का संकेत है कि भारत अब पश्चिम एशिया की राजनीति में एक संतुलित लेकिन प्रभावी भूमिका निभा रहा है. सोमवार तक रिहा होंगे सभी बंधक इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि गाज़ा में हामास के कब्जे में मौजूद बंधकों को सोमवार या मंगलवार को रिहा कर दिया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि वे मिस्र में आयोजित होने वाली समझौते की हस्ताक्षर समारोह में शामिल होंगे. ट्रंप ने व्हाइट हाउस कैबिनेट बैठक में बताया कि बुधवार को बंधकों की रिहाई और गाज़ा के पुनर्निर्माण के पहले चरण पर समझौता हुआ. हामास 72 घंटे के संघर्षविराम के बाद 20 बचे बंधकों को एक साथ रिहा करेगा. ट्रंप ने इसे खुशी का दिन बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में “स्थायी शांति” की उम्मीद है. गाजा डील और नेतन्‍याहू की मुश्किलें इजरायल और हमास के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष में यह सीजफायर डील बेहद अहम मानी जा रही है. इसमें सभी बंधकों की रिहाई और गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने की बात कही गई है. इजरायल के भीतर इस समझौते को लेकर मतभेद हैं. कुछ नेता मानते हैं कि यह आतंक के आगे झुकना है, तो कुछ इसे जरूरी राहत बता रहे हैं. ऐसे वक्त में नेतन्‍याहू का मोदी से बात करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश है कि भारत न सिर्फ गाजा संकट पर नज़र रखे हुए है, बल्कि शांति के हर प्रयास का समर्थन कर रहा है. पीएम मोदी ने इजरायल को बताया भारत का मित्र प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू हमेशा से भारत के घनिष्ठ मित्र रहे हैं और दोनों देशों के बीच यह मित्रता आने वाले समय में भी और मजबूत रहेगी. मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते आपसी विश्वास, सहयोग और समान मूल्यों पर आधारित हैं और यह संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं. वहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मोदी का इजरायल के प्रति समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत और इजरायल आगे भी करीबी साझेदारी और समन्वय के साथ विभिन्न मुद्दों पर साथ काम करते रहेंगे. पीएम ने की ट्रंप से बात गुरुवार को इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की और उन्हें अमेरिका की ओर से कराए गए गाजा शांति समझौते के पहले चरण की सफलता पर बधाई दी. यह तीन हफ्तों में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच दूसरी फोन कॉल थी. प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक शांति योजना को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका की सराहना की. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, मैंने मेरे दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता पर उन्हें बधाई दी. व्यापारिक वार्ताओं में हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की. गाजा में हुआ युद्धविराम अमेरिका ने घोषणा की कि इजराइल और हमास — जो पिछले दो साल से एक-दूसरे से लड़ रहे हैं — उन्होंने गाजा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति बना ली है. इस पहले चरण में गाजा पट्टी में युद्धविराम (सीजफायर) लागू किया जाएगा और इजराइली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई की जाएगी. यह युद्ध उस समय शुरू हुआ जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइली पर हमला किया था. इस हमले में लगभग 1,200 लोगों की मौत हो गई थी और हमास ने 251 लोगों को बंधक बना लिया था, जिनमें से अब भी 50 से अधिक लोग उसकी कैद में हैं. इजराइल ने इस हमले के बाद गाजा में सैन्य अभियान शुरू किया. फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 66,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. यह शांति समझौता उस लंबे संघर्ष में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, जिसने गाजा … Read more

जनसहयोग से जल संचयन को मिलेगा बढ़ावा, भविष्य होगा सुरक्षित : सीएम साय

रायपुर : जनभागीदारी से जल संचयन कर सुरक्षित होगा हमारा भविष्य : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुजलाम भारत’ के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री  साय रायपुर “जल है तो कल है, और जल से ही कल संवरेगा। जल संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी हम अपने भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे।” मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित ओमाया गार्डन में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने जल कलश पर जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अनेक अवसरों पर जल संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जल संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता की कमी इस संकट को और गहरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने-अपने ढंग से जल संचयन के लिए प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे मंचों के माध्यम से सभी अपने अनुभव साझा कर पाएंगे, जो अंततः नीति निर्माण में भी निर्णायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने अपने राजनांदगांव प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला सरपंच ने स्वप्रेरणा से सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना केंद्र सरकार द्वारा भी की गई और इस पुनीत पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त होने वाले सुझाव और इनपुट आगामी कार्ययोजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का दिया संदेश कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का पवित्र जल अर्पित किया और जल संरक्षण एवं संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी पावन नदियाँ धरती को सींचकर जीवनदायिनी बनाती हैं। इन्हीं नदियों से हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की पहचान जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — महानदी, इंद्रावती, शिवनाथ, केलो और अन्य — प्रदेश की जीवनरेखाएँ हैं। ये नदियाँ न केवल धरती को उर्वर बनाती हैं, बल्कि कृषि, उद्योग और जीवन के हर क्षेत्र को संजीवनी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी रूपी कलश में केलो नदी का जल अर्पण इस बात का प्रतीक है कि हमें जल की हर बूंद का सम्मान करना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सहेजकर रखना चाहिए। मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण के इस संकल्प को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव हरियाली और समृद्धि से लहलहाती रहे। जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम की संकल्पना की गई है। विभिन्न विभागों को एक-एक थीम पर संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जलशक्ति मंत्रालय द्वारा जल संचयन विषय पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लगभग 300 से अधिक लोगों ने, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत हैं, अपना पंजीयन कराया है। जल संरक्षण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। पिछले एक वर्ष में जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों ने जल संचयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब तक साढ़े तीन लाख संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कार्यक्रम में पद्म मती फूलबासन बाई यादव, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र का संतुलित विकास हमारी प्राथमिकता : सीएम विष्णु देव साय

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रायपुर : छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय बेमेतरा जिले को 140.96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण और बसनी में मिडिल स्कूल की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा जिले के लिए कुल ₹140.96 करोड़ के 47 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 27 कार्यों का भूमिपूजन और 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार चहुंमुखी और समावेशी विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संकल्पबद्धता के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण, सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, तथा ग्राम बसनी में मिडिल स्कूल प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को अल्प समय में ही पूरा कर दिखाया है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है और 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का संचालन कर रही है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सांसद  विजय बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे ग्रामीण जिलों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, जिनसे आमजन को राहत और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। कार्यक्रम को विधायक  दीपेश साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांस्कृतिक मंत्री  राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, प्रहलाद रजक, विधायक  ईश्वर साहू और मती भावना बोहरा, अवधेश चंदेल,  लाभचंद बाफना, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष  जितेंद्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध

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प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में शामिल हुए मध्यप्रदेश को ₹74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष  दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष  नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी  सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक  सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक  आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब  अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष  रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है। विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं। संवाद कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 400 से अधिक शीर्ष निवेशक, उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से उन सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, व्हाईट गुड्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मा, पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स आदि। कार्यक्रम में 2 राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। पहली डिप्लोमेट्स के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज़ 2 में निवेश के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। साथ ही पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रदेश की अन्य विशेषताओं और संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। वन–टू–वन मीटिंग कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और एसोसिएशन/ संस्थानों के साथ वन-टू–वन मीटिंग की गई। इन गहन चर्चाओं में, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाईल, इलेक्ट्रानिक्स, नवकरणीय उर्जा एवं फार्मास्युीटिकल्स एवं कॉस्मेटिक्स जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने विशेष रुचि दिखाई। हमने उनकी निवेश योजनाओं को समझा और उन्हें प्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश एवं जिनके माध्यम से लगभग 7000 से अधिक रोजगार सृजित होंने की संभावना है। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु हम हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में पूंजी निवेश बढ़े और हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुंबई, … Read more