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Bhopal News: गौहर महल में रानी कमलापति स्वदेशी मेले का शुभारंभ

Swadeshi Mela

Rani Kamalapati Swadeshi Mela inaugurated at Gauhar Mahal भोपाल। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत सांसद आलोक शर्मा द्वारा तीन दिवसीय रानी कमलापति ‘स्वदेशी मेला’ आयोजित किया गया है। स्वदेशी मेला में स्थानीय उत्पादकों द्वारा दैनिक जीवन में काम आने वाली अलग अलग प्रकार की वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए हैं। शुक्रवार को गौहर महल में स्वदेशी मेला का शुभारंभ प्रदेश सरकार की पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विधायक विष्णु खत्री, विधायक सुदेश राय व महापौर मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति, ग्रामीण जिलाध्यक्ष तीरथ मीणा, पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, पूर्व सांसद आलोक संजर ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। शुभारंभ में सभी मुख्य अतिथियों ने दाल बाटी भेलपुरी स्वदेशी खाना भी खाया। प्रधानमंत्री का आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान मंत्री कृष्णा गौर ने इस अवसर पर कहा कि स्वदेशी मेला का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मेले से लोगों में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की जागृति आएगी। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि तीन दिनों तक चलने वाले इस स्वदेशी मेला में ग्रामीण और स्व सहायता समूह की बहनों ने अपने हाथों से बनाए उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। स्थानीय उत्पादों की अलग अलग वैरायटीज के स्टॉल लगाए गए हैं। जिसमें कपड़े, मिट्टी के बर्तन, कलश, दिये, मूर्तियां, सजावटी सामान, रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली वस्तुएं और खाने-पीने के स्टॉल लगाए गए है। मेला को ग्रामीण थीम पर सजाया गया है। देशी व्यंजनों का लुत्फ सांसद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्वदेशी विजन स्थानीय श्रमिकों, कारीगरों, किसानों, छोटे और ग्रामीण उत्पादकों को सशक्त बनाएगा। छोटे-छोटे निर्माणकर्ताओं व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाएगा। भोपाल के लोगों में स्वदेशी को लेकर उत्साह है। लोग अपने परिवार, बच्चों के साथ आकर धनतेरस, दीपावली और अन्नकूट पर्व की खरीदारी भी स्वदेशी मेले से कर रहे हैं। देशी व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं। यही तो हमारी भारतीय संस्कृति है। हमारी परंपरा रही है कि हम अपने लोगों को सहयोग करें उन्हें मजबूती प्रदान करें। इस अवसर पर सांसद शर्मा ने उपस्थित जनों को स्वदेशी वस्तुएं अपनाने का संकल्प दिलाया। स्वदेशी मेले में मध्य प्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर व सांसद आलोक शर्मा ने स्टालों से सामग्री खरीद कर डिजिटल पेमेंट किया। स्वदेशी मेला शुभारंभ के अवसर पर सीहोर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, पूर्व बीडीए उपाध्यक्ष सुनील पांडेय, नगर निगम पूर्व अध्यक्ष कैलाश, सुरजीतसिंह चौहान, मिश्रा पाषर्दगण, मंडल अध्यक्षगण, पार्टी कार्यकर्ता मातृशक्ति और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं के नारे को जीवंत बना रहा आयोजन

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सीएम योगी के स्वदेशी अभियान को नई उड़ान दे रहे स्वदेशी मेले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हो रहे कार्यक्रम से आत्मनिर्भर भारत को मिल रही गति दीपावली पर स्थानीय उत्पादों को मिल रहा नया बाजार, कारीगरों और उद्यमियों की दीवाली होगी समृद्ध  आर्थिक मजबूती के साथ ही स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों का बढ़ रहा सामाजिक सम्मान  स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्थानीय उद्योग, कला और संस्कृति को मिल रही वैश्विक पहचान स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं के नारे को जीवंत बना रहा आयोजन   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि जब स्थानीय उत्पादों को सम्मान मिलेगा, तब आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। उनकी यही सोच अब प्रदेश के हर जिले में स्वदेशी मेलों के रूप में जमीन पर उतरती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित किए जा रहे “स्वदेशी मेले” न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सशक्त बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वदेशी मिशन को आगे बढ़ाते हुए, यह पहल दीपावली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान दोनों प्रदान कर रही है।  सीएम योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि स्वदेशी सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवनशक्ति है। उनकी नीति है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक अपने आस-पास निर्मित उत्पादों को अपनाए और राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित बनाए। यह स्वदेशी मेले“स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं”के नारे को ही जीवंत बना रहे हैं।  स्थानीय से वैश्विक पहुंच तक मिल रहा विस्तार  स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। इन मेलों में न केवल हस्तशिल्पियों और कारीगरों को बाजार मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी देशी उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता का सीधा अनुभव होगा। इसके जरिए स्वदेशी उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा, जबकि हस्तशिल्पियों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध हो रहा है। यही नहीं, उत्पादकों को उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने का भी अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं, पारंपरिक कला और शिल्प को जीवित रखने के मिशन को भी बल मिल रहा है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन भी हो रहा है।  करोड़ों रुपए का हो सकता है व्यापार मुख्यमंत्री योगी की इस पहल से जनपद स्तर पर करोड़ों रुपए का व्यापार होने की संभावना है। यूपीआईटीएस में हाल ही में इसकी झलक देखने को मिली है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नया प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे तो वहीं स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी और महिला उद्यमियों को भी नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही, युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बल मिलेगा।  सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण स्वदेशी मेला सिर्फ व्यापार का मंच नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला का उत्सव भी है। इसमें हथकरघा, खादी, ग्रामोद्योग और माटी कला जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रदर्शनियों के माध्यम से सांस्कृतिक रंगत का प्रदर्शन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर मेलों को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी आयोजित किया जाएगा। संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले का आकर्षण बढ़ाएंगी। उपभोक्ताओं को भी मिलेगा विशेष आर्थिक लाभ मेले में उपभोक्ताओं को भी विशेष लाभ मिलेगा। उन्हें जीएसटी की दरों में विशेष छूट का लाभ होगा, जबकि दीपावली ऑफर और विशेष रियायतें भी मिल रही हैं। यही नहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि सीधे उत्पादक से खरीदारी का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिससे मूल्य में पारदर्शिता रहेगी। इस पहल से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। लघु उद्योगों को प्रत्यक्ष बाजार के साथ ही निर्यात की संभावनाओं में वृद्धि होने की संभावना है।  विभागों की सक्रिय भागीदारी इन मेलों में उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, ओडीओपी, सीएम युवा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा। सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं।