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दिग्विजय सिंह का विवादित बयान: मुस्लिम आबादी पर टिप्पणी, RSS और FIR कार्रवाई पर निशाना

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झांसी  झांसी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा- RSS दंगे भड़काती है। यह एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था है। इनके लोग दंगा कराते हैं। फिर इनकी ओर से बयान आता है कि यह हमारा मेम्बर नहीं। जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं तो मेम्बर कहां से होगा?  सरकार चाहे तो कभी दंगे न हों। दंगे सरकार और अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। इसे रोकने के लिए समय रहते कदम उठाएं। बरेली बवाल पर उन्होंने कहा कि तौकीर रजा जैसे लोग हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भाषण देकर लोगों को उकसाते हैं। दिग्विजय शुक्रवार को दतिया के पीतांबरा पीठ दर्शन के बाद सर्किट हाउस पहुंचे थे। इसके बाद वे भोपाल रवाना हो गए। आरएसएस चंदा वूसली करती है। ये पैसा जाता कहां है। बैंक खाता कहां है? हर विजयादशमी और गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपए चंदे में आते हैं। जब संघ का अकाउंट नहीं है तो पैसा जाता कहां है। इनका एक ही एजेंडा है, हिदुओं को भड़काना और संविधान के खिलाफ लोगों को बचपन से तैयार करना। ये कभी आंदोलन प्रदर्शन नहीं करते, हमेशा कानाफूसी की राजनीति करते हैं। RSS के लोग कह रहे हैं कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही। उनकी संख्या बढ़ जाएगी, जो कि संभव ही नहीं है। क्योंकि, जितनी हिंदुओं की जनसंख्या घट रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से मुसलमानों की जनसंख्या घट रही। 2001 और 2011 के बीच का जनसंख्या ग्राफ ये प्रमाणित करता है। अब 2021 की रिपोर्ट तो इन्होंने ही रोक कर रखी है। इसलिए वो बात सामने नहीं आईं। लेकिन RSS और सरकार मिलकर हिंदुओं को भ्रमित कर रहे हैं। अगर कोई 'आई लव मोहम्मद' कहता है और कोई आई लव रामजी, आई लव महादेव, आई लव कृष्ण भगवान, आई लव गांधीजी कहता है तो इसमें किसी को क्या दिक्कत? इसमें मुकदमा दर्ज करने की क्या जरूरत है। दंगे तो सरकार और सरकारी अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। अगर सरकार चाहे तो कभी दंगा नहीं हो सकता है। सरकार को ऐसे संवेदनशील मामलों में समय से कदम उठाने की जरूरत है। बरेली में मौलान तौकीर रजा पर कहा कि कुछ फितरती लोग अगर मुसलमानों में हैं तो हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भड़काऊ भाषण देने का काम करते हैं। संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर अवैधानिक निर्माण है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक व्यक्ति के अपराध पर उसके परिवार को दंड देना कहीं से भी न्याय नहीं है। सरकार ने लिस्ट जारी की है। एक भी घुसपैठिए का नाम बता दें। किस पोलिंग बूथ पर कौन सा घुसपैठिया है। उसका नाम आ गया हो। घुसपैठिए की परिभाषा क्या है? जब केंद्र में 11 साल से भाजपा की सरकार है। तो घुसपैठिया नेपाल से आया या बांग्लादेश से? ये केवल भाजपा और अमित शाह की नजर में घुसपैठिए हैं। लेकिन घुसपैठिए का नाम तो बताना होगा। कोविड के समय RSS की ओर से कहा गया कि जनता को 7 करोड़ रुपए की मदद की है। मैंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बारे में पत्र लिखा। उनसे पूछा कि नॉन रजिस्टर्ड संस्था कह रही है कि 7 करोड़ रुपए कलेक्ट करके खर्च किए हैं। तो आखिर कौन से अकाउंट से पेमेंट किया। इन पर तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलना चाहिए। नॉन रजिस्टर्ड संस्था ने बिना अकाउंट के 7 करोड़ रुपए कहां से खर्च कर दिए? मगर वित्त मंत्री जी का आज तक जवाब नहीं आया।  

आउटसोर्स कर्मचारी के परिवार को मिला आर्थिक संबल, मंत्री तोमर ने दी जानकारी

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आउटसोर्स कर्मी की मृत्यु पर परिजन को मिला ईएसआईसी और पीएफ का लाभ : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब समय पर पात्र व्यक्तियों तक पहुँच रहा है। ऊर्जा विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा जैसी योजनाओं से सुरक्षा दी जा रही है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने एक दिवंगत आउटसोर्स कर्मी के परिवार को राहत पहुँचाने के लिये संवेदनशील पहल की। उज्जैन स्थित 220 के.वी. उपकेन्द्र पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी  शेखर राठौर को हृदयाघात हुआ और अस्पताल मे इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। वे मेसर्स डेक्कन सिक्योरिटी सर्विसेस, इंदौर के माध्यम से पदस्थ थे। आश्रितों को मिला हितलाभ एम पी ट्रांसको की पहल से उनकी पत्नी मती पूजा राठौर को कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत प्रतिदिन 173.16 रूपये की दर से आश्रित हितलाभ प्रदान किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा 3,05,283 रूपये की बीमा राशि भी परिजनों के खाते में जमा की गई है। आश्रितों के लिए प्रतिमाह पेंशन की सुविधा भी स्वीकृत की गई है।  

विकसित यूपी की दिशा में बड़ा कदम, ‘समर्थ उत्तर प्रदेश @2047’ को जनता से मिले 21.5 लाख सुझाव

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विकसित यूपी @2047 समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान : प्रदेशवासियों से मिले 21.5 लाख सुझाव  ग्रामीण क्षेत्रों से आए सबसे अधिक सुझाव  संभल, महाराजगंज और जौनपुर फीडबैक में अव्वल  शिक्षा और कृषि क्षेत्र पर सबसे अधिक राय  10 लाख से ज्यादा युवाओं ने दिया अपना सुझाव  नगरीय विकास और स्वास्थ्य पर भी बड़ी संख्या में राय  कासगंज की अंगूरी देवी ने पर्यावरण संतुलन पर दिया जोर रामपुर के विकास पाण्डेय ने सुझाए कृषि सुधार के उपाय  अभियान बनेगा प्रदेश के भविष्य की विकास रूपरेखा लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान” को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों, मीडिया और आम जनता से संवाद स्थापित किया है। इस दौरान लोगों को पिछले 8 वर्षों की विकास यात्रा से अवगत कराया जा रहा है और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर बहुमूल्य सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। अभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक लगभग 21.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 16.5 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और लगभग 5 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के आधार पर देखें तो करीब 10 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 10 लाख से अधिक 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से और एक लाख से अधिक 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। क्षेत्रवार सुझावों में शिक्षा क्षेत्र से करीब 6.7 लाख, कृषि क्षेत्र से 5 लाख, नगरीय एवं ग्रामीण विकास से 3.5 लाख, स्वास्थ्य से 1.6 लाख और समाज कल्याण से 1.6 लाख सुझाव सामने आए हैं। इसके अलावा आईटी एवं टेक, उद्योग, संतुलित विकास और सुरक्षा से संबंधित हजारों सुझाव प्राप्त हुए हैं। जनपदवार फीडबैक में संभल, महाराजगंज, जौनपुर, सोनभद्र और हरदोई शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहे, जबकि फिरोजाबाद, इटावा, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर से सबसे कम सुझाव आए। इस अभियान के दौरान जनता ने अपने विचार भी साझा किए। रामपुर के विकास पाण्डेय ने कृषि सुधार के लिए जल प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। वहीं कासगंज की अंगूरी देवी ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की। बाराबंकी की तृप्ति सिंह ने सरकारी स्कूलों में संसाधनों और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस अभियान से प्राप्त सुझाव न केवल नीति निर्माण में सहायक होंगे, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होंगे।  

सीएम योगी के मार्गदर्शन में मंडल कार्यालय में हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा जनसुनवाई संवाद

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"मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" से महिलाओं और बेटियों के सपनों को लगेंगे पंख – मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिये शुरू की गई अनूठी पहल  – सीएम योगी के मार्गदर्शन में मंडल कार्यालय में हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा जनसुनवाई संवाद  –  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम को तीन मुख्य हिस्सों में किया गया विभाजित, महिला अधिकारी और कर्मचारी समस्याओं का करेंगी निस्तारण –  पहला जनसुनवाई, दूसरा सम्मान और तीसरा सशक्तिकरण के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा – बेटियों और महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए किया जाएगा सम्मानित, विकसित देवीपाटन मंडल-2047 की बनेंगी ब्रांड एंबेसडर  – सीएम योगी ने पहल की सराहना की, देवीपाटन मंडलायुक्त बोले, मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे तक महिलाओं एवं बेटियों की होगी सुनवाई  लखनऊ योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बनाने एवं सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीएम योगी के मार्गदर्शन में देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण उत्थान एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अनूठी पहल "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत राम नवमी के अवसर पर बेटियों के साथ संवाद से हुई। वहीं, हर सोमवार को देवीपाटन मंडल कार्यालय में विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम में सुनवाई की जाएगी। इतना ही नहीं उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए एक विशेष टीम बनायी गयी है, जिसमें महिला अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्याओं को निस्तारण करेंगी। इस पहल की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सराहना की। बता दें कि पूरे प्रदेश में देवीपाटन मंडल पहला मंडल है, जहां पर महिलाओं के लिए विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा रामनवमी के अवसर पर कार्यक्रम के तहत बेटियों को मंडलायुक्त ने अपने आवास पर पत्नी के साथ कन्या पूजन किया और उनका आर्शीवाद प्राप्त किया।  महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू की गई मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद की पहल देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मंडल की बेटियों और महिलाओं को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने, योगी सरकार की योजनाअों का लाभ देने, उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं सर्वांगीण विकास के लिए ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम की पहल की गयी है। इसके तहत हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इन दौरान प्राथमिकता के अाधार पर उनके सर्वांगीण विकास के साथ हर समस्या के समाधान पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को तीन भागों में विभाजित किया गया है। इसका पहला मुख्य अंग जनसुनवाई है। इसके तहत मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे महिलाओं एवं बच्चों की समस्याओं पर महिला अधिकारी के साथ कर्मचारी की उपस्थिति में विशेष सुनवाई की जाएगी। वहीं मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए यथासंभव महिला अधिकारी एवं कर्मचारी को नामित किया जाएगा। साथ ही आवश्यकता होने पर समस्या के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारी और जांच टीमें उसी दिन स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजी जाएगी। इसके अलावा समस्या के निराकरण के लिए महिला हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। महिला हेल्प डेस्क पर मोबाइल फोन कॉल एवं व्हाट्सएप मैसेज के जरिये भी शिकायतें प्राप्त की जाएंगी।    विकसित उत्तर प्रदेश-2047 पर सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाओं को किया जाएगा पुरस्कृत कार्यक्रम का दूसरा अंग सम्मान है। इसमें विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के उद्​देश्य से बनायी गयी 3 थीम और 12 सेक्टरों के संबंध में https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर मंडल में सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाअों और बेटियों को मंडल स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही चिन्हित 12 सेक्टर्स में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को विकसित देवीपाटन मंडल-2047 के ब्रांड एंबेसडर के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्हे पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम का तीसरा अंग सशक्तिकरण है। इसमें मंडल स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं द्वारा मंडल में महिला जागरूकता एवं सशक्तिकरण के लिए योगदान दिया जाएगा। मंडल प्रशासन की ओर से पात्र महिलाअों एवं बेटियों को प्राथमिकता के आधार पर शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। उन्हे विधिसम्मत अधिकार दिलाने के लिए कार्य किये जाएंगे। महिलाओं को कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह, जीरो पावर्टी अभियान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान समेत विभिन्न योगी सरकार की योजनाओं से स्वावलंबी बनाया जाएगा।  20 से अधिक छात्राओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर की शुरुआत मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ रामनवमी के अवसर पर किया गया, जिसमें मंडल कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों की  20 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने नारी सशक्तिकरण तथा विकसित भारत 2047 को लेकर अपने विचार और सुझाव आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। कई छात्राओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा में समान अवसर, तकनीकी कौशल विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में कैरियर मार्गदर्शन केंद्र तथा बेटियों के लिए विशेष प्रतिभा प्रोत्साहन योजनाओं जैसे नवोन्मेषी प्रस्ताव रखे। उनके इन सुझावों पर आयुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में श्रेष्ठ विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। आयुक्त और उनकी पत्नी गरिमा भूषण ने विजेता बालिकाओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए। एससीपीएम कॉलेज की नंदिनी को प्रथम पुरस्कार 5000 रुपये, भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की आकांक्षा द्विवेदी को द्वितीय पुरस्कार 3000 रुपये तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की रूपा, कंपोजिट विद्यालय पथवालिया की महक और भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की हुनैजा को दो-दो हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागी छात्राओं को आकांक्षा समिति की ओर से एक-एक हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं के पखारे पांव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाली बेटियों का मंडलायुक्त आवास पर कन्या पूजन किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं … Read more

7500 बालिकाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य, पहले दिन 3000 से अधिक ने कराया पंजीकरण

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मिशन शक्ति 5.0 ड्राइविंग माय ड्रीम्स से बेटियों को स्वावलंबन की नई उड़ान दे रही योगी सरकार ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम  7500 बालिकाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य, पहले दिन 3000 से अधिक ने कराया पंजीकरण – प्रदेश भर में अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की हुई शुरुआत, 11 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन – नारी सुरक्षा से स्वाभिमान तक, योगी सरकार की पहल बनी महिला सशक्तीकरण का प्रेरक मॉडल – बालिकाओं की प्रगति, परिवार की समृद्धि और प्रदेश की उन्नति की नई राह पर योगी सरकार  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की शुरुआत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' कार्यक्रम के साथ हुई। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में आयोजित इस अभिनव पहल ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नया आयाम दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम में पहले दिन 3,000 से अधिक बालिकाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बेटियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभाग का लक्ष्य पूरे महीने में 7,500 बालिकाओं को निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस दिलाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' पहल 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' केवल वाहन चलाने का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है। प्रत्येक जनपद में दूरस्थ क्षेत्रों से चयनित 100-100 बालिकाओं और महिलाओं को न्यूनतम एक माह का ड्राइविंग कोर्स प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक संकेत, आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण और महिला सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यह पहल बालिकाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ दैनिक जीवन में स्वतंत्रता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार संभाली स्टीयरिंग  प्रदेश के विभिन्न जनपदों से ड्राइविंग प्रशिक्षण की प्रेरक झलकियां भी सामने आईं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार स्टीयरिंग संभालकर आत्मविश्वास की नई अनुभूति की तो वहीं महाविद्यालयों की छात्राओं ने इसे अपने करियर के लिए गेम-चेंजर बताया। कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षकों ने बताया कि बालिकाओं में सीखने की ललक और उत्साह देखकर यह स्पष्ट होता है कि वे इस पहल से अपने जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का एक क्रांतिकारी कदम है। यह कार्यक्रम केवल ड्राइविंग सिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि बेटियों को उनके सपनों की उड़ान देने का संकल्प है। वहीं विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि आज पूरे प्रदेश में जिस तरह बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया, उससे यह संदेश गया है कि उत्तर प्रदेश में अब बेटियाँ हर राह पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगी। मिशन शक्ति 5.0 ने 22 सितंबर से 3  अक्टूबर तक 13.50 लाख लोगों तक पहुंच बनाकर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया है। कन्या पूजन, नुक्कड़ नाटक और अब ड्राइविंग प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों ने बेटियों को सम्मान और स्वावलंबन की नई राह दिखाई है। यह पहल न केवल बेटियों की व्यक्तिगत प्रगति को बल दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को सामाजिक और आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रणी बना रही है। 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' यूपी की बेटियों की नई उड़ान का प्रतीक है, जो मिशन शक्ति के विजन को साकार कर रहा है।

छत्तीसगढ़ की लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, हजारों महिलाओं को दिखा रहीं राह: CM साय

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रायपुर महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। तकनीक ने पूरी दुनिया के उत्पादों को फिंगरटिप्स पर ला दिया है और अब डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँचना संभव हो गया है। इसी उद्देश्य से बिहान की दीदियों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के उत्पाद देश और दुनिया के बाजारों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पॉलिसी वॉच द्वारा आयोजित बिहान दीदियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमारी संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान और पूजन का प्रतीक है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं इतिहास रच रही हैं। बिहान की बहनों की कामयाबी हमें गर्व से भर देती है। छत्तीसगढ़ की दीदियां अब आत्मनिर्भरता की ब्रांड एम्बेसडर  बन रही हैं। लखपति दीदियां सपनों को नए पंख दे रही हैं और आज उन्हें डिजिटली सक्षम बनाकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यदि हम संकल्प लेकर आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वर्ष 2027 तक देशभर में 3 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर जैसे जिलों

खंडवा हादसे से देश स्तब्ध, PM मोदी दुखी, 11 परिवारों की एक साथ बुझी जिंदगी

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खंडवा मुख्यमंत्री मोहन यादव खंडवा के पंधाना पहुंचे और यहां हादसे में हताहत हुए परिवारों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक-एक कर सभी पीड़ित परिवारों से बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता के चेक भी दिए। इस पूरी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह हादसा बहुत ही हृदयविदारक है।  “इस दुख की घड़ी में मैं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हूं। मैं उनका दुख साझा करने के लिए स्वयं यहां आया हूं। हमने सरकार की ओर से सभी मृतकों के परिवारों की मदद करने की पूरी कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि घटना में मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपए और कम घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, जिन्होंने इस घटना में लोगों को बचाने का काम किया, उन्हें 26 जनवरी को पुरस्कार दिया जाएगा और 51,000 रुपए के साथ उन्हें सम्मानित किया जाएगा।  सीएम ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 3.40 बजे खंडवा के पाडलफाटा गांव पहुंचे। यहां प्रशासन ने एक टेंट के नीचे सभी पीड़ित परिवारों को बुलवा लिया था। सीएम ने करीब 25 मिनट तक पीड़ित परिवारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी गई हैं। घायलों को 50 हजार रुपए और गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। साथ ही जामली के जिन ग्रामीणों ने लोगों की जान बचाई हैं, उन युवाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। एक ही वक्त जली 11 चिताएं खंडवा में विसर्जन के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुरुवार को जहां शोभायात्रा में सभी डीजे पर डांस कर रहे थे, आज वहीं परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिस 8 साल की चंदा का शव सबसे आखिरी में पानी से निकाला गया था, उसकी दो छोटी बहनें हैं। दोनों बहनें चंदा के शव के आसपास खेलती रहीं। वे इस बात से अनजान हैं कि उनकी बड़ी बहन चंदा की मौत हो चुकी है। बता दें, खंडवा में गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान डैम के बैकवाटर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से 11 लोगों की जान चली गई थी। ट्रॉली में दुर्गा प्रतिमा के साथ करीब 30 लोग सवार थे। जान गंवाने वालों में 8 साल की बच्ची से लेकर 25 साल तक की महिला शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर खंडवा और उज्जैन जिले में घटित अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में विजयदशमी के दिन एक बड़ा हादसा हो गया था. माता की प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे ग्रामीणों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में गिर गई थी, यह हादसा पंधाना थाना क्षेत्र के जामली गांव के पास आबना में हुआ था. गांव में भारी पुलिस बल तैनात पंधाना सिविल अस्पताल से शवों को एक-एक कर एम्बुलेंस से गांव लाया गया। संवेदनशील हालात को देखते हुए प्रशासन ने पाडला फाटा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान मौके पर मौजूद रहे। मंत्री विजय शाह और पटवारी गांव पहुंचे मंत्री विजय शाह ने पाडलफाटा में मृतकों के परिजन से घर-घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। हर संभव मदद की जाएगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी भी गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इन मृतकों की हुई पहचान  इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में शर्मिला (16 वर्ष), आरती (18 वर्ष), दिनेश (16 वर्ष), उर्मिला (16 वर्ष), गणेश (16 वर्ष), किरण (14 वर्ष), पातलीबाई (22 वर्ष), रेव सिंह (12 वर्ष), आयुष (10 वर्ष), संगीता (16 वर्ष), और चंदा (8 वर्ष) शामिल हैं. सीएम मोहन ने मदद का किया ऐलान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास में दोनों जिले की घटनाओं की जानकारी प्राप्त होते ही उज्जैन और खंडवा कलेक्टर को इन घटनाओं में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए. इसके साथ ही इन घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने पोस्‍ट में आगे लिखा, "मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को नजदीकी अस्पताल में समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. देवी मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शोक संतप्त परिजनों को संबल हेतु प्रार्थना है." यह दर्दनाक हादसा उस समय हुई जब ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया पार कर रही थी. अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में जा गिरी. ट्रॉली में महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने का प्रयास किया. ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब तक ले जाने को लेकर दो अलग-अलग बातें 1. कोटवार ने रोका, ट्रैक्टर ड्राइवर नहीं माना… जामली गांव के लोगों ने बताया कि तालाब तक जाने वाली पुरानी सड़क पर एक पुलिया है। तालाब में ज्यादा पानी होने पर यह पुलिया डूब जाती है। इन दिनाें तालाब में पानी कम है, तो पुराने रोड पर तालाब के पास एक कोटवार लोकेंद्र बारे की ड्यूटी भी लगी थी। कोटवार ने ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब के अंदर जाने से रोका भी था, लेकिन वो नहीं माना। पुलिया पर हल्का पानी था। पुलिया पार करते समय ट्रैक्टर का पहिया नीचे उतर गया। ट्राली में ही ग्रामीणों के साथ दुर्गा प्रतिमा भी रखी हुई थी। लोग मूर्ति और ट्रॉली के नीचे दब गए। लोकेंद्र बारे ने बताया कि ड्राइवर नशे में लग रहा था। 2. तैरना जानते थे फिर भी जान नहीं बची… प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि ड्राइवर दीपक किराड़े ट्रैक्टर … Read more

राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 1077 करोड़ की लागत से बनेंगे 3 मेडिकल कॉलेज

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रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। राज्य में तीन नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग को 1077 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री का आभार जताया है। राज्य सरकार ने जांजगीर-चांपा, कबीरधाम और मनेन्द्रगढ़ में नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए बड़ी घोषणा की है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांजगीर-चांपा मेडिकल कालेज के लिए 357.25 करोड़ रूपए, कबीरधाम मेडिकल कालेज के लिए 357.25 करोड़ रुपए और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कालेज के लिए 362.57 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति मेडिकल कॉलेजों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए प्रदान की गई है। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा तथा आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न सिर्फ चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नए कॉलेजों के निर्माण से डॉक्टरों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और विशेषज्ञ इलाज की पहुंच आम नागरिकों तक और आसान (Chhattisgarh Medical Colleges) हो जाएगी। सरकार का यह कदम प्रदेश में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा, साथ ही मरीजों को लंबी दूरी तय किए बिना इलाज मिल पाएगा।  

पीला मोजेक से नुकसान झेल रहे किसानों को राहत, 13 जिलों में ₹653 करोड़ की मदद

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भोपाल  मध्य प्रदेश में पहली बार किसानों को सोयाबीन की फसल में पीला मोजेक रोग लगने से खराब हुई फसलों का भी मुआवजा मिला है. सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 13 जिलों के किसानों को 653 करोड़ रुपए की राहत राशि ट्रांसफर की है, इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज से राज्य में सोयाबीन भावांतर योजना भी शुरू हो गई है जिसका पैसा भी जल्द ही किसानों को मिलेगा, इसलिए सभी किसानों से उन्होंने भावांतर योजना के लिए पंजीयन कराने की सलाह दी है, वहीं उन्होंने राहत राशि ट्रांसफर करने के साथ ही प्रदेश के किसानों से संवाद भी किया है इससे पहले मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित किसानों के खातों में 653.34 करोड़ रुपए की राहत राशि जमा कराई। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद भी किया। सीएम यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सरकार हमेशा प्राथमिकता देती है। उन्होंने किसानों को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि जैसे सीमाओं पर जवान देश की रक्षा करते हैं, वैसे ही खेतों में किसान देशवासियों के लिए अनवरत मेहनत करते हैं। 13 जिलों के किसानों को दी राशि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 13 जिलों की 52 तहसीलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसान अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत राशि जिन जिलों के किसानों को दी गई है उनमें मंदसौर, विदिशा, सिवनी, बड़वानी, नीमच, रतलाम, दमोह, बुरहानपुर, मंडला, उज्जैन, खंडवा और शहडोल शामिल हैं। किसानों के लिए हमने वार-त्योहार नहीं देखा सीएम यादव ने कहा कि जो कहा है वह किया है और जो कहते हैं वह करते हैं। 6 जिलों में 322 करोड़ की राशि सोयाबीन फसल प्रभावित किसानों को बांटी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हमने वार देखा न त्योहार लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। मंदसौर के किसान बोले- दीवाली से पहले सरकार ने कराई दीवाली मंदसौर जिले के किसान रामदास बैरागी ने कहा कि सोयाबीन पीला मोजेक पर पहली बार चिंता की गई और राहत राशि सरकार और प्रशासन ने दिलाई है। सरकार ने ऐसा करके दीवाली से पहले दीवाली कराई है। रेखा देवी ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए दरियादिली दिखाई है। दीवाली के पहले सरकार ने किसानों की बल्ले बल्ले कर दी है। गरोठ निवासी ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार ने बुरे वक्त में मदद की है। 63 हजार रुपए मिले हैं। सुनीता शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए जो सोचा है, उसके लिए वे सीएम मोहन यादव का धन्यवाद करती हैं। रतलाम के किसानों को 171 करोड़ दिए, दस अक्टूबर को किसान सम्मेलन में जाएंगे सीएम रतलाम जिले के किसानों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 171 करोड़ रुपए रतलाम के किसानों को बांटे गए हैं। राजस्व मंत्री करन सिंह वर्मा ने कहा कि किसी भी जिले को एक बार में इतनी राशि पहली बार दी गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि वे 10 अक्टूबर को रतलाम आएंगे और वहां के किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। भाजपा विधायक राजेंद्र पांडेय ने कहा कि बीमा कंपनियों से भी किसानों को राशि सीएम दिला रहे हैं, इसलिए किसान खुश हैं। किसान प्रहलाद पाटीदार ने कहा कि दो बार सोयाबीन की फसल लगाई थी जो बारिश के कारण नष्ट हो गई है। अगले साल सोयाबीन के बीज के लिए भी पैसे नहीं हैं। इस पर सीएम यादव ने कहा कि फसल काटकर आने के पहले किसानों के पास पैसा भेजा है। किसान चरणदास ने कहा कि दीवाली के पहले राहत राशि दे दी है, इसके लिए वे सीएम का धन्यवाद करते हैं। कांग्रेस विरोध करने की तैयारी में थी, उनका मुंह बंद हो गया नीमच जिले के किसानों के साथ चर्चा के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस विरोध करने की तैयारी में थी, लेकिन सरकार ने समय पर राहत देकर कांग्रेसियों का मुंह बंद कर दिया है। अनावारी के आधार पर बीमा कंपनियों से राहत राशि दिलानी की मांग की गई। नीमच जिले को 119 करोड़ रुपए देने की जानकारी इस दौरान सीएम यादव ने दी। राकेश पाटीदार ने कहा कि किसानों को नई फसल के लिए सरकार ने राहत राशि देकर सहयोग किया है। शंभूलाल ने कहा कि राहत राशि देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर दे रहे हैं, इसके लिए किसानों की ट्रेक्टर के साथ रैली निकाली जाए। मंदसौर रतलाम संसदीय करोड़ को 600 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। बुरहानपुर में केले की फसल पर दिया मुआवजा विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर के एक किसान को 3.60 लाख रुपए मिला है। एक माह में ही मुआवजा प्राप्त हो गया है। किसान ने सीएम यादव का धन्यवाद किया। सीएम यादव ने कहा कि केले की फसल नहीं आ पा रही है तो केले के तने, शाखों का उपयोग कपड़े की फैक्ट्री में होगा। उज्जैन, विदिशा के किसान बोले, दशहरे पर मुख्यमंत्री ने दिवाली मनवाई उज्जैन जिले के किसान पवन सिंह और अन्य ने कहा कि दशहरे पर मुख्यमंत्री ने दिवाली मनवा दी। भावांतर के लिए आज से शुरू हुए पंजीयन को लेकर भी सीएम की कार्यशैली की सराहना की। विदिशा जिले के किसानों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बीजेपी की सरकार सदा ही किसानों का ध्यान रखती है। किसान भारत सिंह ने कहा कि किसान खुश हैं। सीएम ने पूछा कितने रुपए मिले, इस पर भारत सिंह ने कहा कि 90 हजार मिले हैं। मनोज सिंह ने कहा कि धान के 40 हजार रुपए मिले हैं। ऐसा लगता है कि सरकार साथ है और हाथ पकड़कर आगे लेकर जा रही है। सीएम यादव ने दमोह, अलीराजपुर, शहडोल, मंडला, बड़वानी समेत अन्य प्रभावित जिलों के किसानों से भी बात की।

अंतिम घंटे में आई तेजी की लहर, शेयर बाजार हुआ बमबम — Netweb चमका सितारे की तरह

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मुंबई  शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, लेकिन सुस्ती के साथ कारोबार कर रहे सेंसेक्स-निफ्टी की चाल अचानक आखिरी कारोबारी घंटे में बदल गई. मार्केट क्लोज होने पर जहां एक ओर बॉम्बे स्टॉक एंक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 223 अंक उछलकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी ग्रीन जोन में 24,500 के बिल्कुल करीब बंद हुआ. सबसे तेज भागने वाले शेयरों में NetWeb Tech से लेकर Tata Steel तक के शेयर टॉप पर रहे.  पहले बुरी तरह फिसला, फिर बना रॉकेट शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,983.31 की तुलना में तेज गिरावट लेकर 80,684.14 पर ओपन हुआ और लगातार गिरावट में ट्रेड करता हुआ नजर आया. लेकिन बाजार बंद होने से ऐन पहले अचानक से बाजी पलटी हुई नजर आई, क्योंकि रेड जोन में ट्रेड करता सेंसेक्स ग्रीन जोन में आ गया और फिर तेज रफ्तार से दौड़ लगाने लगा. अंत में ये 223.86 अंक की उछाल भरकर 81,207.17 पर क्लोज हुआ.  बात निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसकी भी चाल सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई और अपने पिछले बंद 24,836.30 की तुलना में गिरावट लेकर 24,759.55 पर खुलने के बाद इसने में गिरावट के साथ ही कारोबार किया. लेकिन फिर ये अंत में 57.95 अंक की तेजी लेकर 24,894.25 पर क्लोज हुआ.  इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल  शुक्रवार को सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स की लिस्ट में शामिल टॉप-10 शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Tata Steel (3.40%), PowerGrid (3.15%), Axis Bank (2.16%) की तेजी लेकर बंद हुआ. तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से Aegis Vopak (8.54%), Lloyd Share (6.14%), Kalyan Jewellers (5.71%), Indian Bank (3.94%), Tata Tech (2.50%) और Tata Elexi (2.47%) चढ़कर बंद हुआ. वहीं NetWeb Tech के शेयरों ने जबर्दस्त गदर मचाया और 6.30% उछलकर 4318 रुपये पर बंद हुआ.  कोई 20%, तो 10% की तेजी के साथ बंद   मिडकैप इंडेक्स 352 अंकों की बढ़त में रहा, तो स्मॉलकैप इंडेक्स में जोरदार 576.77 अंक की उछाल दर्ज की गई. इस कैटेगरी में कोई शेयर 20, तो कोई 10 फीसदी तक उछलकर बंद हुआ. सबसे ज्यादा KIOCL (20%), Orient Tech (19.99%), kala Mandir (18.29%), VMart (16.56%), Astra Micro (10.87%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में अन्य उछलने वाले शेयरों में क्रिसिल शेयर (3.57%) और नेशनल एल्युमिनियम शेयर (3.10%) की बढ़त के साथ बंद हुआ.