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नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी

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महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में सजा दिलाने में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

रैंकिंग में बड़ा उलटफेर: अभिषेक का रिकॉर्ड ब्रेकिंग प्रदर्शन, पाकिस्तानी खिलाड़ी टॉप पर

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नई दिल्ली  अभिषेक शर्मा करियर के उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं, जहां इससे पहले दुनिया का कोई दूसरा क्रिकेटर नहीं पहुंच पाया था.इंडियन क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय अभिषेक शर्मा ने ICC मेंस टी20I बैटर्स रैकिंग में 931 अंक हासिल कर लिए हैं. इसी के साथ रैंकिंग में उनकी बादशाहत भी जारी है. T20I इतिहास की सर्वकालिक बेस्ट रेटिंग यह किसी भी टी20I बल्लेबाज द्वारा हासिल की गई पिछली सर्वश्रेष्ठ रेटिंग से ज्यादा है. इससे पहले इंग्लैंड के विस्फोटक ओपनर डाविड मलान साल 2020 में 919 रेटिंग पॉइंट तक पहुंचे थे. क्रिकेट के मैदान पर रोज नए रिकॉर्ड बना रहे अभिषेक के लिए ये एक अद्भुत उपलब्धि है.अभिषेक ने बड़ा इतिहास रच डाला है। वह आईसीसी टी20 रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग पॉइंट्स हासिल करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके खाते में फिलहाल 931 अंक हैं। 25 वर्षीय ओपनर ने इंग्लैंड के डेविड मलान का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है। मलान 919 अंकों तक पहुंचे थे। अभिषेक का एशिया कप में जमकर बल्ला चला। उन्होंने 7 मैचों में सर्वाधिक 314 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द टू्र्नामेंट रहे। भारत ने फाइनल में पाकिस्तान पर पांच विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की थी। श्रीलंका के खिलाफ पारी के बाद कमाल एशिया कप 2025 के सात मैच में 314 रन बनाकर अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट से नवाजा गया था. टूर्नामेंट में लगातार तीन अर्धशतक बनाने वाले इस खब्बू बल्लेबाज ने क्रमश: 30, 31, 38, 74, 75, 61 और 5 का स्कोर बनाया था. अभिषेक ने श्रीलंका के खिलाफ 61 रन की पारी खेलकर यह उपलब्धि हासिल की और टूर्नामेंट के अंत में 926 अंकों के साथ एक पड़ाव का अंत किया. दूसरे नंबर पर मौजूद फिल साल्ट काफी पीछे दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज अभिषेक के बाद दूसरे नंबर पर मौजूद इंग्लैंड के फिल साल्ट 82 अंक पीछे हैं. उन्होंने इसी सप्ताह बांग्लादेश के खिलाफ मैच विजयी 75 रन की पारी भी खेली, जिससे उनका दबदबा कायम रहा. आईसीसी रैंकिंग में तिलक वर्मा कहां? इस बीच तिलक वर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ 49 और पाकिस्तान के खिलाफ 69 रन की नाबाद पारियों के बाद 28 अंक हासिल किए, लेकिन रैंकिंग में तीसरे स्थान पर बने हुए हैं. गेंदबाजों में भारत के कुलदीप यादव फाइनल में चार विकेट लेने के बाद नौ पायदान ऊपर चढ़कर 12वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि भारत के जसप्रीत बुमराह 12 पायदान ऊपर चढ़कर 29वें स्थान पर पहुंच गए.

संघ के 100 वर्ष: समाज के सहयोग ने बनाया शताब्दी यात्रा को सशक्त और समर्पित

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नागपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य को अभी सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं. इस सौ वर्ष की यात्रा में कई लोग सहयोगी और सहभागी रहे हैं. यह यात्रा परिश्रम पूर्ण और कुछ संकटों से अवश्य घिरी रही, परंतु सामान्य जनों का समर्थन उसका सुखद पक्ष रहा. आज जब शताब्दी वर्ष में सोचते हैं तो ऐसे कई प्रसंग और लोगों का स्मरण आता है, जिन्होंने इस यात्रा की सफलता के लिए स्वयं सब कुछ समर्पित कर दिया. प्रारंभिक काल के वे युवा कार्यकर्ता एक योद्धा की तरह देश प्रेम से ओत-प्रोत होकर संघ कार्य हेतु देशभर में निकल पड़े. अप्पाजी जोशी जैसे गृहस्थ कार्यकर्ता हों या प्रचारक स्वरूप में दादाराव परमार्थ, बालासाहब व भाऊराव देवरस बंधु, यादवराव जोशी, एकनाथ रानडे आदि लोग डॉक्टर हेडगेवार जी के सान्निध्य में आकर संघ कार्य को राष्ट्र सेवा का जीवनव्रत मानकर जीवन पर्यन्त चलते रहे. संघ का कार्य लगातार समाज के समर्थन से ही आगे बढ़ता गया. संघ कार्य सामान्य जन की भावनाओं के अनुरूप होने के कारण शनैः शनैः इस कार्य की स्वीकार्यता समाज में बढ़ती चली गई. स्वामी विवेकानंद से एक बार उनके विदेश प्रवास में यह पूछा गया कि आपके देश में तो अधिकतम लोग अनपढ़ हैं, अंग्रेजी तो जानते ही नहीं हैं तो आपकी बड़ी-बड़ी बातें भारत के लोगों तक कैसे पहुंचेंगी? उन्होंने कहा कि जैसे चीटियों को शक्कर का पता लगाने के लिए अंग्रेजी सीखने की जरूरत नहीं है, वैसे ही मेरे भारत के लोग अपने आध्यात्मिक ज्ञान के चलते किसी भी कोने में चल रहे सात्विक कार्य को तुरंत समझ जाते हैं व वहीं वो चुपचाप पहुंच जाते हैं. इसलिए वे मेरी बात समझ जाएंगे. यह बात सत्य सिद्ध हुई. वैसे ही संघ के इस सात्विक कार्य को धीरे क्यों न हो, सामान्य जन से स्वीकार्यता व समर्थन लगातार मिल रहा है.   संघ कार्य के प्रारंभ से ही संपर्कित व नये-नये सामान्य परिवारों द्वारा संघ कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद व आश्रय प्राप्त होता रहा. स्वयंसेवकों के परिवार ही संघ कार्य संचालन के केंद्र रहे. सभी माता-भगिनियों के सहयोग से ही संघ कार्य को पूर्णता प्राप्त हुई. दत्तोपंत ठेंगड़ी या यशवंतराव केलकर, बालासाहेब देशपांडे तथा एकनाथ रानडे, दीनदयाल उपाध्याय या दादासाहेब आपटे जैसे लोगों ने संघ प्रेरणा से समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में संगठनों को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई. ये सभी संगठन वर्तमान समय में व्यापक विस्तार के साथ-साथ उन क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. समाज की बहनों के मध्य इसी राष्ट्र कार्य हेतु राष्ट्र सेविका समिति के माध्यम से मौसी जी केलकर से लेकर प्रमिलाताई मेढ़े जैसी मातृसमान हस्तियों की भूमिका इस यात्रा में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है. संघ द्वारा समय-समय पर राष्ट्रीय हित के कई विषयों को उठाया गया. उन सभी को समाज के विभिन्न लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिनमें कई बार सार्वजनिक रूप से विरोधी दिखने वाले लोग भी शामिल रहे. संघ का यह भी प्रयास रहा कि व्यापक हिंदू हित के मुद्दों पर सभी का सहयोग प्राप्त किया जाए. राष्ट्र की एकात्मता, सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द तथा लोकतंत्र एवं धर्म-संस्कृति की रक्षा के कार्य में असंख्य स्वयंसेवकों ने अवर्णनीय कष्ट का सामना किया और सैकड़ों का बलिदान भी हुआ. इन सबमें समाज के संबल का हाथ हमेशा रहा है. 1981 में तमिलनाडु के मीनाक्षीपुरम में भ्रमित करते हुए कुछ हिंदुओं का मतांतरण करवाया गया. इस महत्वपूर्ण विषय पर हिंदू जागरण के क्रम में आयोजित लगभग पांच लाख की उपस्थिति वाले सम्मेलन की अध्यक्षता करने हेतु तत्कालीन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्णसिंह उपस्थित रहे. 1964 में विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना में प्रसिद्ध संन्यासी स्वामी चिन्मयानंद, मास्टर तारा सिंह व जैन मुनी सुशील कुमार जी, बौद्ध भिक्षु कुशोक बकुला व नामधारी सिख सद्गुरु जगजीत सिंह इनकी प्रमुख सहभागिता रही. हिन्दू शास्त्रों में अस्पृश्यता का कोई स्थान नहीं है यह पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से श्री गुरूजी गोलवलकर की पहल पर उडुपी में आयोजित विश्व हिंदू सम्मेलन में पूज्य धर्माचार्यों सहित सभी संतों-महंतों का आशीर्वाद व उपस्थिति रही. जैसे प्रयाग सम्मेलन में न हिंदुः पतितो भवेत् ( कोई हिन्दू पतित नहीं हो सकता) का प्रस्ताव स्वीकार हुआ था वैसे ही इस सम्मेलन का उद्घोष था- हिंदवः सोदराः सर्वे अर्थात सभी हिन्दू भारत माता के पुत्र हैं. इन सभी में तथा गौहत्या बंदी का विषय हो या राम जन्मभूमि अभियान, संतों का आशीर्वाद संघ स्वयंसेवकों को हमेशा प्राप्त होता रहा है.  स्वाधीनता के तुरंत पश्चात राजनीतिक कारणों से संघ कार्य पर तत्कालीन सरकार द्वारा जब प्रतिबंध लगाया गया, तब समाज के सामान्य जनों के साथ अत्यंत प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी संघ के पक्ष में खड़े होकर इस कार्य को संबल प्रदान किया. यही बात आपातकाल के संकट समय में भी अनुभव में आई. यही कारण है कि इतनी बाधाओं के पश्चात भी संघ कार्य अक्षुण्ण रूप से निरंतर आगे बढ़ रहा है. इन सभी परिस्थितियों में संघ कार्य एवं स्वयंसेवकों को संभालने का दायित्व हमारी माता-भगिनीयों ने बड़ी कुशलता से निभाया. यह सभी बातें संघ कार्य हेतु सर्वदा प्रेरणास्रोत बन गयी हैं. भविष्य में राष्ट्र की सेवा में समाज के सभी लोगों के सहयोग एवं सहभागिता के लिए संघ स्वयंसेवक शताब्दी वर्ष में घर-घर संपर्क के द्वारा विशेष प्रयास करेंगे. देशभर में बड़े शहरों से लेकर सुदूर गांवों के सभी जगहों तक तथा समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने का प्रमुख लक्ष्य रहेगा. समूचे सज्जन शक्ति के समन्वित प्रयासों द्वारा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की आगामी यात्रा सुगम एवं सफल होगी.

MP में बारिश का नया ट्रेंड: अगले 4 दिन रहेगा अलर्ट, अक्टूबर में मौसम में उतार-चढ़ाव

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भोपाल  वर्षाकाल का सीजन भले ही 30 सितंबर को खत्म हो गया हो, लेकिन चक्रवाती संरचना के कारण मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत 10 जिलों में पानी गिरा। बैतूल में एक घंटे में आधा इंच से अधिक बारिश हुई। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की मानें तो 4 अक्टूबर तक एमपी में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं इसके बाद तेज बारिश(Heavy Rain) हो सकती है। विदाई से पहले झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, अब तक 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून लौट जाएगा। इस बार सितंबर में भी बारिश का कोटा पूरा हो गया। औसत 45.2 इंच पानी गिरा, जो सामान्य बारिश 37.3 इंच के मुकाबले 7.8 इंच अधिक है। अब बात अक्टूबर महीने की। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। ग्वालियर में पारा रिकॉर्ड 39 डिग्री तक पहुंच चुका है तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ बारिश भी हुई है। भोपाल-ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। बैतूल में डेढ़ इंच पानी गिर गया। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच, दतिया में आधा इंच से ज्यादा और ग्वालियर में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, जबलपुर, सागर, डिंडौरी, मुरैना में भी बूंदाबांदी हुई। पन्ना में आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे रूप सिंह यादव (40) की मौत हो गई। वह बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे छिपा था। भाई बुध सिंह यादव ने बताया कि रूप सिंह एक हाथ से दिव्यांग था। उसने शादी नहीं की थी। भैंसों को चराकर अपना भरण-पोषण करता था। चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। 12 जिलों से विदा हो चुका मानसून अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है। बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। यहां 65.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिर चुका है। इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है। बैरागढ़ में कम, अरेरा हिल्स में इस बार शहर में मानसून आगमन के बाद जून और जुलाई माह में अच्छी बारिश(Heavy Rain) हुई थी, लेकिन अगस्त और सितंबर में कम बारिश हुई। पिछले 122 दिनों में शहर में बैरागढ़ में 1022.2 मिमी बारिश हुई है, हांलाकि अरेरा हिल्स में 1200 मिमी से अधिक बारिश हुई है। लेकिन शहर का कोटा बैरागढ़ में हुई बारिश के आधार पर भी है। इस लिहाज से इस साल सामान्य से 2 इंच कम बारिश इस बार सीजन में हुई है। पूरे मानसूनी सीजन में बारिश 1075.2 मिमी होना चाहिए। मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में भोपाल में 32.6°C डिग्री, इंदौर में 32.8°C डिग्री, ग्वालियर में 35.6°C डिग्री, उज्जैन में 31.0°C डिग्री और जबलपुर में 33°C डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। बारिश होने के के कारण कई शहरों में दिन के तापमान में थोड़ी कमी दर्ज की गई। पचमढ़ी में दिन का तापमान 25.4 डिग्री तक आ गया। पृथ्वीपुर में 37.0 डिग्री, ग्वालियर में 35.6 डिग्री, खजुराहो में 35.2 डिग्री, श्योपुर में 35.0 डिग्री और सतना में 33.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस पृथ्वीपुर में दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश का मानसून मीटर मध्यप्रदेश में इन दिनों कहीं-कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश की औसत वार्षिक बारिश 37.2 इंच है, जबकि इस सीजन में अब तक 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह कुल लक्ष्य को पार कर चुका है यानी अबतक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। बता दें कि एमपी में अब तक 37.3 इंच पानी गिरना था। इसका मतलब है कि इस समय तक 7.8 इंच ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, पिछले मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। मध्यप्रदेश के 41 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया शामिल हैं। कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा 150 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है, जबकि श्योपुर में 213 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। मंगलवार को MP के बिछिया में 42.8 मिमी, ग्वालियर में 30.4 मिमी, मोहनगढ़ में 30.0 मिमी, रामनगर … Read more

NCRB रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम

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योगी सरकार की सख्ती से यूपी में सांप्रदायिक हिंसा पूरी तरह खत्म  यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल  NCRB रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम – 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का बन चुका है गढ़  – विभिन्न अपराध श्रेणियों में भी यूपी में दर्ज की गई उल्लेखनीय कमी  – अपराध में कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम  लखनऊ राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की है। NCRB के आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का गढ़ बन चुका है।   सांप्रदायिक दंगों पर जीरो टॉलरेंस की नीति बनी कारगर एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई, जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है।  सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम  सीएम योगी की सख्त नीतियों की वजह से राज्य में अपराध पर लगाम लगा है एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।

त्योहारी सीजन में सफर सस्ता! यूपी में AC बसों का किराया 10% तक घटाया गया

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दशहरा-दीपावली पर योगी सरकार का तोहफा, यूपीएसआरटीसी की एसी बसों में 10% तक कम होगा किराया एसी बसों में सफर होगा सस्ता, जनरथ, पिंक, शताब्दी और वोल्वो बसों पर छूट लागू अधिक यात्रियों को आकर्षित करने के लिए चालक-परिचालकों को काउंसलिंग के जरिए किया जा रहा प्रेरित यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का योगी सरकार का संकल्प लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को दशहरा और दीपावली पर तोहफ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा संचालित सभी वातानुकूलित बसों के किराए में की गई लगभग 10% की कमी को अग्रिम आदेशों तक जारी रखा जाएगा। यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का संकल्प परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि योगी सरकार जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस निर्णय से यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफ़र की सुविधा मिलेगी। यह छूट जनरथ, पिंक, शताब्दी, वोल्वो, वातानुकूलित शयनयान जैसी सेवाओं पर लागू होगी। हालांकि, 01 जनवरी 2024 के बाद पंजीकृत नई वातानुकूलित बसों पर यह छूट लागू नहीं होगी। किराया संरचना (वातानुकूलित बस सेवाएं) ▪️3*2 बस सेवा – ₹1.45 प्रति किलोमीटर ▪️2*2 बस सेवा – ₹1.60 प्रति किलोमीटर ▪️हाई एंड (वोल्वो) बसें – ₹2.30 प्रति किलोमीटर ▪️वातानुकूलित शयनयान – ₹2.10 प्रति किलोमीटर निगम की आय और सेवाओं पर ध्यान परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि निगम की सकल आय पर असर न पड़े इसके लिए बसों पर तैनात चालक-परिचालकों को प्रेरित कर अधिक यात्रियों को आकर्षित करने हेतु विशेष काउंसिलिंग की जाएगी।  

सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा हुई बेहतर, देश में अब 17वें स्थान यूपी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से यूपी में महिला सुरक्षा मजबूत NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम  सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा हुई बेहतर, देश में अब 17वें स्थान यूपी – योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई ने घटाए विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन ने यूपी को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में योगी सरकार की बेहतर कानून व्यवस्था और महिलाओं सुरक्षा को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम रही। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े 66,381 मामले दर्ज हुए, लेकिन प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर केवल 58.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 66.2 से करीब 11 प्रतिशत कम है। इस आधार पर यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर में देशभर में 17वें स्थान पर है। विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी का बेहतरीन प्रदर्शन  वहीं प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सम्मान भंग (शील भंग) से जुड़े मामलों में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में रहा। देशभर में ऐसे मामलों की संख्या 83,891 रही और अपराध दर 12.4 रही। जबकि उत्तर प्रदेश में केवल 9,453 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 8.3 रही। इस श्रेणी में यूपी अन्य राज्यों की तुलना में 19वें स्थान पर है। वहीं दुष्कर्म (IPC 376) के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति संतोषजनक रही। पूरे देश में ऐसे 29,670 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 4.4 रही। वहीं यूपी में 3,516 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 3.1 रही। इस आधार पर प्रदेश 22वें स्थान पर है, यानी राष्ट्रीय औसत से नीचे। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े POCSO एक्ट के मामलों में भी यूपी की तस्वीर बेहतर दिखी। देशभर में कुल 67,694 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 15.2 रही। वहीं उत्तर प्रदेश में 8,706 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 10.2 रही। इस श्रेणी में यूपी देश में 24वें स्थान पर है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी का क्राइम रेट 58.6 रहा, जबकि देश का औसत 66.2 था। इस लिहाज से यूपी कई बड़े राज्यों से बेहतर स्थिति में है। मिशन शक्ति, सख्त कानून व्यवस्था और कार्रवाई का दिख रहा असर महिला अपराध दर में आई कमी केवल पुलिस की सक्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति और त्वरित कानूनी कार्रवाई का भी नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आएं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित हुआ है।

शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का संबोधन: संघ में कटुता नहीं, राष्ट्र सर्वोपरि है विचार

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नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अक्टूबर को विजयादशमी के मौके पर आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. नई दिल्ली के डॉक्टर आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुए संघ के शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीएम मोदी ने विशेष रूप से तैयार किया गया स्मृति डाक टिकट और सिक्का जारी किया. पीएम मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में संघ के स्वयंसेवक रहे विजय कुमार मल्होत्रा के निधन का उल्लेख करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों को नवरात्रि की बधाई दी. पीएम मोदी ने संघ के शताब्दी वर्ष का गवाह बनने को गौरव का पल बताया और कहा कि आज जो सिक्का जारी हुआ है, उस पर पहली बार भारत माता की तस्वीर अंकित हुई है. इस पर संघ का बोधवाक्य भी लिखा हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि संघ के स्वयंसेवक 1963 में 26 जनवरी की परेड में भी शामिल हुए थे और आन-बान-शान के साथ देशभक्ति की धुन पर कदमताल किया था. इसकी झलक भी डाक टिकट में है. पीएम मोदी ने कहा कि स्वयंसेवक जिस तरह राष्ट्र निर्माण के काम में जुटे हुए हैं, उसकी झलक भी टिकट में है. उन्होंने स्मारक सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बधाई भी दी. पीएम मोदी ने कहा कि संघ ने समाज के हर आयाम को छुआ है. संघ के स्वयंसेवक समाज को समृद्ध करने में जुटे हैं. उन्होंने कहा कि यह अविरल तप का फल है, यह राष्ट्र प्रवाह प्रबल है. पीएम ने कहा कि आदिवासी कल्याण से लेकर विविध क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवक काम कर रहे हैं. धाराएं बढ़ीं, लेकिन विरोधाभास नहीं. विचार एक ही है- राष्ट्र निर्माण. संघ ने राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण की राह चुनी. इसके लिए शाखाएं शुरू हुईं. उन्होंने कहा कि संघ की शाखाएं व्यक्ति निर्माण की वेदी हैं. इन शाखाओं में त्याग पनपता रहता है. पीएम ने कहा कि अहं से वयम तक की यात्रा शाखाओं में पूरी होती है. शाखा जैसी सरल जीवन पद्धति ही संघ के सौ वर्षों के सफर का आधार बने. उन्होंने कहा कि समर्पण, सेवा और राष्ट्र निर्माण की साधना से. संघ ने जिस कालखंड में जो चुनौती आई, उसमें संघ ने खुद को झोंक दिया. आजादी के आंदोलन में संघ का बहुत योगदान- पीएम मोदी पीएम मोदी ने आजादी के आंदोलन में डॉक्टर हेडगेवार की सक्रिय भागीदारी से लेकर हैदराबाद के निजाम और दादरा नगर हवेली तक, संघ का बहुत योगदान रहा. उन्होंने कहा कि इसके बाद भी संघ को कुचलने का प्रयास हुआ. संघ को मुख्य धारा में नहीं आने देने के लिए अनगिनत साजिशें हुईं. पीएम मोदी ने कहा कि गुरु जी जब जेल से बाहर आए, तब उन्होंने बहुत सहजता से कहा था कि कभी कभी जीभ दांतों के बीच में आ जाती है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ दिया करते. जीभ भी हमारी है, दांत भी. उन्होंने कहा कि जेल में तरह-तरह की यातनाएं दी गईं, अत्याचार हुए लेकिन गुरु जी के मन में कोई भेद नहीं था. उनका व्यक्तित्व ऋषितुल्य था. पीएम मोदी ने कहा कि संघ पर चाहे प्रतिबंध लगे, लेकिन स्वयंसेवकों ने मन में कटुता को कभी स्थान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक के लोकतंत्र पर अडिग विश्वास ने मन में कटुता को जन्म नहीं लेने दिया. अनेक थपेड़े सहते हुए भी अडिग खड़ा है संघ- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि समाज के अनेक थपेड़े सहते हुए भी संघ विराट वृक्ष की तरह अडिग खड़ा है. उन्होंने कहा कि अभी एक स्वयंसेवक ने कितनी सुंदर प्रस्तुति दी- हमने देश को ही देव माना है और देह को ही दीप बनाकर जलना सीखा है. पीएम मोदी ने कहा कि शुरू से ही संघ राष्ट्रभक्ति का पर्याय रहा है. जब विभाजन की पीड़ा ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया, तब संघ के स्वयंसेवक शरणार्थियों की सेवा में अपने सीमित संसाधनों के साथ सबसे आगे खड़े थे. उन्होंने कहा कि 1956 में जब गुजरात में भुज में भूकंप आया था, तब भी स्वयंसेवक आगे थे. खुद कष्ट उठाकर दूसरों का दुख दूर करना, ये संघ के स्वयंसेवकों का परिचायक है. स्वयंसेवक कठिन घड़ी में सेना के साथ खड़े रहे. पीएम मोदी ने 1984 के सिख दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि तब अनेक सिख परिवार स्वयंसेवकों के घर आश्रय लिया था. उन्होंने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम चित्रकूट गए, नानाजी देशमुख से मिले और संघ के स्वयंसेवकों के कार्य देख हैरान रह गए थे. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी जब नागपुर गए, हैरान रह गए. आदिवासी परंपराएं सहेजने में संघ का बड़ा योगदान- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड की आपदा हो या कोई और, संघ के स्वयंसेवक आज भी हर मुश्किल समय में सबसे आगे रहता है. उन्होंने कहा कि संघ ने दुर्गम इलाकों में भी उनकी संस्कृति, भाषा और कला के संरक्षण का कार्य किया. संघ दशकों से आदिवासी परंपराओं, रीति-रिवाजों को सहेजने में बड़ी भूमिका निभाई है. पीएम मोदी ने कहा कि संघ के लाखों स्वयंसेवकों की सराहना करूंगा, जो आदिवासियों का जीवन बेहतर करने में जुटे हैं. संघ की स्थापना के समय चुनौतियां अलग थीं, आज अलग- पीएम पीएम मोदी ने छुआछूत और ऊंच-नीच की भावना को समाज के लिए बड़ी बीमारी बताया और संघ की ओर से समरसता के लिए उठाए गए कदम गिनाए. उन्होंने कहा कि सौ साल पहले जब संघ अस्तित्व में आया था, तब हमें सैकड़ों वर्षों की राजनीतिक गुलामी से मुक्ति पानी थी. अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है. पीएम मोदी ने कहा कि सौ साल बाद आज जब भारत तेजी से विकसित होने की तरफ बढ़ रहा है, तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है, देश का एक बड़ा वर्ग गरीबी को पराजित कर आगे आ रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं के लिए नए-नए अवसर आ रहे हैं, तब आज की चुनौतियां अलग हैं और संघर्ष भी. दूसरे देशों पर हमारी आर्थिक निर्भरता एक साजिश है. डेमोग्राफिक बदलाव एक चुनौती है और हमारी सरकार इन चुनौतियों से तेजी से निपट रही है. पीएम ने कहा कि एक स्वयंसेवक के रूप में मुझे यह कहते हुए खुशी है कि संघ ने इन चुनौतियों को … Read more

सीएम मोहन यादव ने किए मार्कंडेय मंदिर के दर्शन, भावांतर योजना पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू करने का निर्णय

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उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के मार्कंडेय मंदिर में दर्शन, पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों के लिए घोषणा करते हुए बताया कि भावांतर योजना के तहत पंजीयन की तारीख 10 अक्टूबर से घटाकर 3 अक्टूबर कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय किया है। जानकारी के मुताबिक 3 अक्टूबर 2025 से किसानों का पंजीयन शुरू होगा, जो 24 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।सरकार का कहना है कि इस योजना से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और उन्हें बाजार की अस्थिरता से राहत मिलेगी। पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाएं। भावांतर योजना को लेकर किसान संगठनों ने भी संतोष जताया है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में अलग-अलग गरबा पंडालों और माता मंदिरों में पूजा-अर्चना की और रात में वहीं विश्राम किया। बुधवार सुबह वे फिर से माता मंदिरों के दर्शन के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा, हमें गर्व है कि हम भी संघ से जुड़े रहे हैं। गुवाहाटी में निवेशकों से करेंगे मुलाकात मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में निवेशकों से मुलाकात होगी। वहीं, किसानों के संबंध में उन्होंने कहा, मुझे बताया गया कि फसल तैयार है, इसलिए भावांतर योजना के पंजीयन की तारीख आगे बढ़ाने के बजाय अब 3 अक्टूबर से ही शुरू कर रहे हैं। किसान 24 अक्टूबर से माल मंडियों में फसल विक्रय कर सकेंगे। सीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है, और यदि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी भाव में अंतर आता है तो वह अंतर सरकार किसानों को देगी।

हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन

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योगी सरकार का किसानों के पंजीकरण पर जोर, सभी जनपदों में 50% कार्य पूर्ण योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योगी सरकार किसानों के पंजीकरण कार्य पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेशभर में किसानों का पंजीकरण तेजी से कराया जा रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में 50 प्रतिशत तक फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया होगा। ऐसे में योगी सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के किसानों के रजिस्ट्रेशन प जोर दे रही है।  हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए 16 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रतिदिन शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक गांव में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। यहां पर किसानों को मौके पर पंजीकरण और विवरण अपडेट करने की सुविधा दी जाएगी। कई जिलों ने 55% से अधिक पंजीकरण कार्य पूरा किया प्रदेश में अब तक 50% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें कई जिले उल्लेखनीय प्रगति कर चुके है। रामपुर – 61.37% बिजनौर – 58.92% हरदोई – 58.31% श्रावस्ती – 58.01% पीलीभीत – 57.58% अंबेडकरनगर – 57.46% मुरादाबाद – 57.17% बरेली – 56.80% गाजियाबाद – 56.79% कौशाम्बी – 56.09% किसानों से की गई अपील योगी सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।