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amit kumar

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DRM Bhopal: रेलवे स्टेशन के लिलेन लांड्री और बेस किचन का किया औचक निरीक्षण

DRM Bhopal

DRM Bhopal Conducted a surprise inspection of railway station भोपाल। मंडल रेल प्रसाशन भोपाल यात्री सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में लगातार सकरात्त्मक कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में डीआरएम भोपाल पंकज त्यागी ने संबंधित अधिकारियों के साथ छठ पूजा पर यात्री भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्थाओं के भोपाल रेलवे स्टेशन पर औचक निरीक्षण किया। टिकट चेकिंग, सुरक्षा एवं यात्री सुविधाओं पर विशेष फोकस करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया। यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल त्यागी ने इसके अतिरिक्त मंडल के लिलेन लांड्री, आईओएच, कोचिग डिपो आईआरसीटीसी बेस किचन का भी निरीक्षण किया। डीआरएम द्वारा लांड्री में लीलेन की स्वच्छता और गुणवत्ता युक्त बेडरोल की जाँच की गई साथ ही ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान करने के निर्देश दिए साथ ही मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री प्रक्रिया की भी जाँच की ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। जाँच संतोषजनक आईओएच डिपो में यात्री कोचों की ओवर हालिंग कार्यप्रणाली का विधिवत निरीक्षण किया साथ ही कोचिंग डिपो का भी औचक निरीक्षण किया।तत्पश्चात भोपाल में आईआरसीटीसी के बेस किचन का निरीक्षण किया एवं में गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया बेस किचन की साफ-सफाई की भी जाँच की संतोषजनक पाया। इस निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कोचिंग) आर पी खरे सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

Rojgar Mela: युवाओं को नियुक्ति पत्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

Rojgar Mela

Rojgar Mela Appointment letters to youth Prime Minister Narendra Modi congratulated भोपाल।  डाक विभाग, भारत सरकार द्वारा आज 17वें “रोजगार मेला” का आयोजन किया गया। इस मेले में विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों जैसे डाक विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, एम्स, गृह विभाग जैसे विभागों एवं केंद्र सरकार के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के लिए देशभर में चयनित 51 हज़ार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित इस मेले में विभिन्न केंद्रीय विभागों और उपक्रमों के 248 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। नियुक्ति नहीं बल्कि देश सेवा भोपाल सहित 40 शहरों में आयोजित इस मेले का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभ्यर्थियों और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि ‘यह नियुक्ति नहीं बल्कि देश सेवा करने का अवसर है। उन्होने आशा व्यक्त की कि आप ईमानदारी तथा ‘नागरिक देवो भवः’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे तथा विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत विश्व में सबसे बड़ा युवा देश है और इन मेलों के माध्यम से अब तक लगभग 11 लाख से अधिक युवाओं को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में रोजगार प्रदान किया गया है। विभाग का नाम ऊँचा करें इस अवसर पर आलोक शर्मा सांसद, भोपाल संसदीय क्षेत्र;  मालती राय महापौर नगर निगम भोपाल; रामेश्वर शर्मा विधायक, हुज़ूर भोपाल; भगवनदास सबनानी विधायक भोपाल दक्षिण पश्चिम भी उपस्थित थे। आलोक शर्मा सांसद, भोपाल संसदीय क्षेत्र ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘यह रोजगार मेला प्रधानमंत्री जी के दूरदृष्टि का परिणाम है। नवनियुक्त कर्मचारी ईमानदारी से कार्य करें और अपने विभाग का नाम ऊँचा करें। मनोयोग से जनता की सेवा इससे पूर्व सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए पोस्टमास्टर जनरल ब्रजेश कुमार ने कहा कि आज अभ्यर्थियों को जिन विभागो में सेवा हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे है वे सभी विभाग जनसेवा से सीधे जुड़े हुए विभाग है और अभ्यर्थियों को सीधे जनता की सेवा करने का अवसर मिलेगा, अतः मेरा अनुरोध है कि आप सभी पूरे मनोयोग से जनता की सेवा करें। अंत में पवन कुमार डालमिया, निदेशक डाक सेवाएं के धन्यवाद प्रस्ताव के पश्चात मेला सम्पन्न हुआ ।

मप्र में नियमों में बड़ा बदलाव: 60 साल बाद सरकारी अफसर ले सकेंगे महंगे तोहफे, विपक्ष ने उठाए सवाल

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भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार अपने 60 साल पुराने सिविल सेवा आचरण नियमों में बदलाव करने जा रही है. नए नियमों के तहत चपरासी से लेकर बड़े अफसर तक कोई भी कर्मचारी एक महीने की सैलरी के बराबर कीमत तक का उपहार स्वीकार कर सकेगा. साथ ही, अगर वे अपने घर के लिए कोई सामान खरीदते हैं, तो इसकी जानकारी सरकार को देने की जरूरत नहीं होगी. इस फैसले ने मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज कर दी है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच जमकर बयानबाजी शुरू हो गई है. भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कदम विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बदलाव को भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है. उनका कहना है कि यह नियम सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार का खुला लाइसेंस देगा. दूसरी ओर, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे सामान्य और सतत चलने वाली प्रक्रिया करार दिया है. बीजेपी का कहना है कि यह बदलाव नियमों को और अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए किया जा रहा है. दरअसल, मध्य प्रदेश में सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के सख्त प्रावधानों को कुछ सरल करने की दिशा में सरकार ने कदम उठाए हैं. इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर तीन दौर की चर्चा हो चुकी है और नए नियमों का मसौदा (ड्राफ्ट) भी तैयार कर लिया गया है. सरकार की कोशिश है कि दीपावली से पहले इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाए और इसे अधिसूचित (नोटिफाई) कर दिया जाए. इसके बाद 1965 के पुराने नियम 2025 में संशोधित नियमों में बदल जाएंगे. मप्र सिविल सेवा आचरण नियम नियमों में बड़ा बदलाव     मध्य प्रदेश सरकार 1965 के सिविल सेवा आचरण नियमों को 2025 में संशोधित कर सकती है। इस संशोधन के बाद सरकारी कर्मचारी महंगे गिफ्ट ले सकेंगे, और इसके लिए उन्हें सरकार को सूचना देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस बदलाव से कर्मचारियों को अपना काम बिना किसी अड़चन के करने की सुविधा मिलेगी।     सरकार की कोशिश है कि इसे दिवाली से पहले कैबिनेट से मंजूरी मिल जाए और इसके बाद नोटिफाई भी कर दिया जाए। इसके बाद 1965 के आचरण नियमों को बदलकर 2025 के संशोधित आचरण नियम लागू किए जाएंगे। शासन का मानना है कि इन बदलावों से अनावश्यक कागजी कार्रवाई को खत्म किया जा सकेगा। परिवार की नौकरी पर सूचना देना जरूरी नहीं नए नियमों में यह भी प्रावधान है कि कर्मचारी को अब अपने परिवार के किसी सदस्य के प्राइवेट नौकरी करने की जानकारी सरकार को नहीं देनी होगी। दिवाली से पहले लागू हो सकते हैं नियम सरकार की कोशिश है कि इन संशोधनों को दिवाली से पहले ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाए। इसके बाद 1965 के पुराने नियमों की जगह 2025 के संशोधित आचरण नियम लागू होंगे। गिफ्ट लेने के तीन विकल्प इस बदलाव के बाद, मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारी अपनी वेतन के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे। इसके लिए तीन विकल्प रखे गए हैं:     10 दिन के वेतन के बराबर गिफ्ट     15 दिन के वेतन के बराबर गिफ्ट     एक महीने के वेतन के बराबर गिफ्ट यह विकल्प सिर्फ एक बार मंजूरी के साथ लागू होगा। पहले के नियमों के अनुसार, किसी भी उपहार को लेकर कर्मचारियों को सरकार को एक महीने के अंदर सूचना देनी होती थी। नए नियमों में यह बाध्यता खत्म कर दी गई है। सामान खरीदने के नियमों में बदलाव अब सरकारी कर्मचारियों को कोई भी महंगा सामान खरीदने पर सरकार को सूचना देने की आवश्यकता नहीं होगी, अगर वह सामान उनके मासिक वेतन के बराबर है। इससे पहले, किसी भी सामान की खरीदारी पर, कर्मचारियों को सरकार को एक महीने के भीतर सूचित करना पड़ता था। छुट्टी लेने के नियमों में बदलाव जानकारी के अनुसार, अब सरकारी कर्मचारी आकस्मिक या मेडिकल अवकाश लेने के लिए सिर्फ एक संदेश या व्हाट्सएप के जरिए अनुमति ले सकते हैं। अन्य छुट्टियों (अर्जित या ऐच्छिक) के लिए उन्हें पहले अनुमति लेनी होगी।     पुराना नियम: किसी भी प्रकार के अवकाश (जैसे मेडिकल, आकस्मिक, अर्जित या एच्छिक) लेने से पहले सरकार को सूचित करना पड़ता था। ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग अगर कोई सरकारी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील या अन्य वीडियो बनाता है, तो इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, कर्मचारियों को हाउसिंग सोसाइटियों के अध्यक्ष या सदस्य बनने की अनुमति भी मिल सकती है, बिना किसी पूर्व स्वीकृति के। ये जानना जरूरी इस बदलाव के बाद, सरकारी कर्मचारी को अब अपने परिवार के सदस्य द्वारा किसी प्राइवेट संस्था या कंपनी में नौकरी करने की सूचना सरकार को नहीं देनी होगी।

सरकारी कर्मियों की Diwali स्पेशल बूस्ट! महंगाई भत्ता बढ़कर 58% होने की संभावना

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नई दिल्ली   केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि दिवाली से पहले केंद्र सरकार बढ़े हुए DA का ऐलान कर सकती है। आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगने की संभावना है। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो यह 1 जुलाई से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा होगा और उनकी दिवाली की खुशियां डबल हो जाएंगी। कितना बढ़ सकता है DA? यह साल 2025 के लिए दूसरा महंगाई भत्ता संशोधन होगा। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि अगर सरकार उम्मीद के मुताबिक फैसला लेती है, तो मौजूदा 55% का महंगाई भत्ता बढ़कर 58% हो जाएगा। यदि ये फैसला लागू होता है तो इससे 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ होगा। उन्हें बढ़े हुए भत्ते के साथ 3 महीने का एरियर भी मिलेगा। सैलरी पर कितना पड़ेगा असर? अगर किसी एंट्री लेवल कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो बढ़ोतरी के बाद उसकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा, आइए समझते हैं- इस बढ़ोतरी के बाद एंट्री लेवल की बेसिक सैलरी पर हर महीने ₹540 का सीधा इजाफा होगा, साथ ही एरियर भी मिलेगा। कैबिनेट में अन्य बड़े फैसले भी संभव केंद्रीय कर्मचारियों के DA Hike के अलावा पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी हो सकती हैं:     एमएसपी (MSP) में वृद्धि: रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी पर फैसला लिया जा सकता है।     इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: असम में चार लेन की राजमार्ग परियोजना को मंजूरी मिल सकती है, जिसमें ₹7,000 करोड़ की लागत वाला 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे शामिल है।     दलहन उत्पादन: दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले छह सालों के लिए ₹11,000 करोड़ की नई स्कीम को हरी झंडी दिखाई जा सकती है।