Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

MP News: सागर–दमोह मार्ग चार लेन में बदलेगा, ₹2059.85 करोड़ की परियोजना

road

Sagar-Damoh road to be converted into four lanes ₹2059.85 crore project भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद बैठक में सागर–दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने की ₹2059.85 करोड़ की परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत स्वीकृति दी गई। इसमें 40% राशि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा और शेष 60% राशि राज्य बजट से 15 वर्ष तक 6-माही एन्यूटी के रूप में वहन की जाएगी। कनेक्टिविटी बढ़ाएगा यह महत्वपूर्ण मार्ग सागर और दमोह को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूत गति मिलेगी। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण, तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बान्सा में 4 बायपास शामिल हैं। सड़क सुरक्षा के लिए 21 स्थानों पर कर्व सुधार तथा 13 बड़े जंक्शनों पर VUP प्रस्तावित हैं। विंध्य विकास पथ बता दें कि 10,300 पीसीयू वर्तमान यातायात दबाव और भविष्य में 17,000 पीसीयू की संभावना को देखते हुए 4-लेन निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग ‘विंध्य विकास पथ’ का हिस्सा है, जिससे कटनी दिशा में भविष्य का 4-लेन कॉरिडोर भी सुदृढ़ होगा। मार्ग के उन्नयन से यात्रा समय में कमी, दुर्घटनाओं में गिरावट, ईंधन की बचत और परिवहन तंत्र में व्यापक सुधार होगा। क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, दमोह के खनिज संसाधनों और कुंडलपुर सहित पर्यटन स्थलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बुंदेलखंड विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Bhopal News: किसान भाई फार्मर आईडी बनवाएं, कलेक्टर सिंह ने की अपील

Collector bhopal

Collector Singh appeals to farmers to get their Farmer IDs made भोपाल । कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील है कि सभी अपनी फार्मर आईडी बनवाएं जिससे शासन की कल्याणकारी योजनाओं का निरंतर लाभ प्राप्त हो सके। सुविधाजनक विपणन कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने उन्होंने बताया कि समस्त भू-धारियों को एक यूनिक फार्मर आई.डी. प्रदान की जाएगी, जिसके माध्यम से शासन की योजनाओं का नियोजन, लाभार्थियों का सत्यापन एवं कृषि उत्पादों का सुविधाजनक विपणन हो सकेगा। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुगम एवं पारदर्शी तरीके से प्रदान करने हेतु लक्ष्य निर्धारण एवं पहचान हो सकेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद फार्मर आईडी से फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में कृषकों के पंजीयन में सुगमता होगी। फार्मर आईडी से किसानों के लिए कृषि ऋण एवं अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए कृषि सेवाओं की सुगमता। फार्मर आईडी से विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु बार-बार सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

MPRDC: 8 दिसंबर तक हर पुल की पूरी रिपोर्ट जमा करने के निर्देश, एमडी ने ली बैठक

road

MPRDC Instructions to submit complete report of every bridge MD held a meeting भोपाल। प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी भरत यादव द्वारा निगम के अधीन संधारित सभी पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। प्रबंध संचालक यादव ने बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी 08 दिसंबर तक निगम अंतर्गत संधारित प्रत्येक पुल का निरीक्षण कर जारी किये गए प्रमुख तकनीकी व सुरक्षा मानको के अनरूप जानकारी पूर्ण कर निर्धारित प्रारूप में स्थल के जियो-टैग फोटोग्राफ्स सहित अनिवार्य रूप से प्रेषित करें, ताकि पुलों की सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिति का समय पर मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। प्रमुख तकनीकी व सुरक्षा निर्देश • मौजूदा पुलों की सीमेंट कांक्रीट वियरिंग कोट पर किसी भी स्थिति में B.T. ओवरले नहीं किया जाए; IRC:SP:59-2019 के अनुसार DPR में मैस्टिक ऐस्फाल्ट लेयर शामिल की जाए। • निर्माण एवं मरम्मत कार्य में IRC:SP:55-2014 के अनुरूप Work-Zone Safety सहित सभी सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए। • ब्रिज रेस्टोरेशन की कार्य-विधि मुख्यालय के CE एवं ब्रिज सलाहकार से अनुमोदित कराई जाए। • अत्यधिक क्षतिग्रस्त/असुरक्षित पुलों पर जिला कलेक्टर से अनुमति लेकर वैकल्पिक मार्ग बनाकर आवागमन पूर्णत: रोका जाए। • मरम्मत/सुधार कार्य हेतु केवल अनुभवी एजेंसी का चयन किया जाए तथा RFP में विशेष शर्तें जोड़ी जाएं। • जोनल एजेंसी के माध्यम से किसी भी स्थिति में मरम्मत कार्य न कराया जाए, जैसा कि बरेली ब्रिज मामले में त्रुटियाँ मिली थीं। • सभी GM/CE अपने औचक निरीक्षण में Very poor एवं poor कैटेगरी के पुलों के निरीक्षण को अनिवार्य रूप से सम्मिलित करें। • प्रत्येक पुल की मरम्मत ब्रिज विशेषज्ञ/एडवाइजर की निगरानी में कराई जाए। • पुल संधारण/पुनर्निर्माण हेतु नुक़सान के आंकलन व अनुशंसा के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किया जाएगा जो कार्य पूर्ण होने पर तकनीकी प्रमाणन करेगा। • नए एवं अच्छी स्थिति वाले पुलों पर Protective Coatings (Anti-carbonation, Steel Painting) सुनिश्चित किए जाएं। • नए पुल चालू होने के बाद पुराने क्षतिग्रस्त पुलों पर आवागमन रोका जाए। • Very poor एवं poor ब्रिज पर चेतावनी साइनबोर्ड (धीमे चलें/गति-सीमा) तथा दोनों ओर स्पीड ब्रेकर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। • जो पुल MPRDC के नहीं हैं, लेकिन Very poor/poor सूची में हैं, उनके संबंध में संबंधित विभाग को पत्र/ई-मेल द्वारा तत्काल सूचित कर मुख्यालय को भी जानकारी भेजी जाए। • सभी संभागीय प्रबंधक अपने अधीनस्थ AGM/Manager के बीच उचित कार्य-विभाजन कर इसकी सूचना मुख्यालय को दें।• मैस्टिक ऐस्फाल्ट/बिटुमिनस वियरिंग कोट बिछाते समय Expansion Joints किसी भी स्थिति में ब्लॉक/ओवरले न हों; नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। • साधारण संधारण जैसे रंगाई-पुताई, साइनज फिक्सिंग, रैलिंग/क्रैश बैरियर/सुरक्षा उपकरणों की मरम्मत जोनल एजेंसी से कराई जाए। • Deck एवं Approach Drainage System का नियमित रखरखाव आवश्यक है। • River/Nalla Training व वेजिटेशन क्लियरेंस समय-समय पर की जाए; पुलों के नीचे/आसपास प्राकृतिक बहाव बाधामुक्त रखा जाए। • High Flood Level (HFL) की सतत मॉनिटरिंग एवं वार्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। • सभी पुलियों की Barrel Cleaning एवं Wingwall/Headwall का नियमित रखरखाव किया जाए। • आवश्यकतानुसार IRC गाइडलाइन अनुसार Load Carrying Capacity व Structural Adequacy का परीक्षण कराया जाए। • Very poor/poor कैटेगरी एवं हस्तांतरित पुलों का UPV, Core Test, Carbonation, Chloride Test एवं IRC:6/IRC:78 अनुसार Seismic/Structural Vulnerability Test कराया जाए; Geo-tag आधारित फोटो दस्तावेज़ भी अनिवार्य। • Utility Lines/Pipelines हेतु संबंधित विभागों से समन्वय कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए; नुकसान पाए जाने पर वैकल्पिक उपाय सुनिश्चित कराए जाएं; MORTH व IRC:98-2013 के निर्देशों का पालन किया जाए। अतिरिक्त तकनीकी निर्देश • Strip Seal/Rubber Cascade Joints का नियमित रखरखाव, EPDM/Rubber Element की तिमाही जांच एवं आवश्यकता अनुसार परिवर्तन। • स्कॉरिंग व Structural Exposure की नियमित जांच व मरम्मत। • Bearings की Functional Condition व Substructure Defects (Crack, Honeycombing, Seepage) की जांच और सुधार। • Superstructure Underside/Girder Soffit का नियमित निरीक्षण व सुधार। • Bridge Approach, Settlement & Transition Slab का सतत निरीक्षण व सुधार। • सुधार कार्य पूर्ण होने के बाद पालन प्रतिवेदन मुख्यालय को अनिवार्य रूप से भेजा जाए। निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाये।

Political News: जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा

MP Politics

Political News Jitu Patwari surrounded the government issue of safety of daughters भोपाल।  मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की घिनौनी घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक बच्ची पर हुआ जघन्य अपराध नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की बहनों-बेटियों की सुरक्षा पर कड़ा प्रश्नचिन्ह है। आरोपी पकड़ से बाहर पटवारी ने कहा कि रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा के ग्राम गौहरगंज क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ निर्मम दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन घटना के 3 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह स्थिति स्वयं में मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रशासनिक अक्षमता और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की भयावह हकीकत को उजागर करती है। सरकार मूकदर्शक जीतू पटवारी ने कहा कि जिस प्रदेश में रोज़ाना लगभग 22 बेटियों के साथ बलात्कार हो, रोज़ करीब 7 मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो और 5 साल तक की नन्ही बच्चियाँ भी दरिंदों का शिकार बन रही हों,वहां यह कहना पड़ेगा कि मध्यप्रदेश आज देश में बहनों-बेटियों पर अत्याचार का मुख्य केन्द्र बन गया है। यह शर्मनाक स्थिति है कि पूरे देश में इस तरह की घटनाएँ सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में हो रही हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब कानून का डर समाप्त हो चुका है, क्योंकि कानून अपना काम ईमानदारी और गंभीरता से नहीं कर रहा अपराध रोकने तथा अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की इच्छाशक्ति सरकार में नहीं दिखती, न्याय विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास है, फिर भी न्याय और सुरक्षा दोनों दम तोड़ते नज़र आ रहे हैं। घटना के 3 दिन जीतू पटवारी ने कहा कि अगर किसी भी दुष्कर्म की घटना के बाद 3 दिन के भीतर अपराधी गिरफ्तार नहीं होता, तो यह प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की नाकामी और सरकार की असंवेदनशीलता का खुला प्रमाण है। परिणामस्वरूप रोज अलग-अलग जगहों पर चक्का जाम, विरोध प्रदर्शन, और आक्रोशित जन आंदोलन देखने को मिल रहे हैं, लेकिन सरकार अब भी गहरी नींद में सोई हुई है। पटवारी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के मामले में मोहन यादव सरकार पूरी तरह विफल, गैर-जिम्मेदार और बेशर्म हो चुकी है। मासूम बेटियों की चीखों, उनके परिवारों के दर्द और आंसुओं का इस सरकार पर कोई असर नहीं होता। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार से तत्काल मांग की– रायसेन जिले की 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की जाए और उस पर सख्त से सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की नीति की स्पष्ट घोषणा कीपीड़ित मासूम बच्ची के परिवार को उचित वित्तीय सहायता, बेहतर इलाज एवं समुचित सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव इस गंभीर मामले में भी उदासीन रवैया अपनाते रहे, अपराधी खुलेआम घूमते रहे और बेटियों की सुरक्षा पर ऐसे ही खतरा बना रहा, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के साथ मिलकर तेज, उग्र और प्रदेशव्यापी जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

MP Politics: नायकों का अपमान भाजपा की आदत, जीतू पटवारी ने की मंत्री की निंदा

MP Politics

MP Politics Insulting heroes is a habit of BJP Jitu Patwari condemns minister भोपाल।  मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोहन सरकार के मंत्री इंदर सिंह परमार द्वारा महान समाज-सुधारक राजा राम मोहन राय को “अंग्रेजों का दलाल” बताने वाले आपत्तिजनक बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान का सार्वजनिक अपमान, आलोचना और अवमानना करने वाली भाजपा का दुस्साहस अब इस स्तर तक पहुँच चुका है कि वह आदर्श समाज-सुधारकों और अनुकरणीय व्यक्तित्वों का भी अपमान करने से नहीं चूक रही। जागरूक जन और जागरूक मन भाजपा की इस घृणा की राजनीति को बहुत गौर और गंभीरता से देख रहा है। राष्ट्र के प्रेरक व्यक्तित्व का अपमान करने की राजनीतिक कीमत भाजपा को हर हाल में चुकानी पड़ेगी। ये भी खबर पढ़े:  http://साइबर कार्रवाई, ठगों पर लगातार प्रहार राजा राम मोहन राय जीतू पटवारी ने कहा कि राजा राम मोहन राय आधुनिक भारत के उन महानतम समाज-सुधारकों में से एक थे, जिन्होंने नारी उत्थान, सती प्रथा उन्मूलन, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ निरंतर संघर्ष किया। ऐसे युग-पुरुष को “अंग्रेजों का दलाल” कहना इतिहास के साथ घोर अन्याय है और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। नारी सम्मान और नारी सशक्तिकरण की बातें करने वाली भाजपा के मंत्री द्वारा नारी उत्थान के महानायक का इस प्रकार अपमान किया जाना भाजपा की वास्तविक सोच और मानसिकता को उजागर करता है। संविधान निर्माताओं का अपमान जीतू पटवारी ने कहा कि मोहन सरकार के मंत्री इंदर सिंह परमार का यह बयान भाजपा की उस प्रवृत्ति का प्रतीक है, जो लगातार संविधान निर्माताओं का अपमान करती रही है, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करती रही है और असहमति की हर आवाज़ को देशद्रोह की भाषा में ठुकराने की परंपरा को बढ़ावा देती रही है। जो लोग आज राजा राम मोहन राय जैसे महापुरुष को “अंग्रेजों का दलाल” कह रहे हैं, वे न केवल इतिहास से अनभिज्ञ हैं, बल्कि भारतीय समाज के संघर्षों और पीड़ाओं के प्रति भी पूरी तरह असंवेदनशील हैं। ये भी खबर पढ़े: http://सरकार में हड़बड़ी बदलाव! 50% मंत्रियों के बदलने की तैयारी, CM ने तैयार किया ब्लू प्रिंट उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को आज ही साफ करना होगा कि क्या वे अपने मंत्री के इस आपत्तिजनक बयान से सहमत हैं। यदि नहीं, तो उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करे और सार्वजनिक रूप से दूरी बनाते हुए मंत्री इंदर सिंह परमार से राजा राम मोहन राय और देशवासियों से बिना शर्त माफी दिलवानी चाहिए, अन्यथा यह माना जाएगा कि पूरी भाजपा सरकार इस मानसिकता के साथ खड़ी है। सदन तक संघर्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्र के महान समाज-सुधारकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं की गरिमा की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। भाजपा के नेताओं की यह भाषा और सोच न केवल लोकतंत्र और संविधान के लिए, बल्कि भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा के लिए भी खतरे की घंटी है। जीतू ने चेतावनी दी कि नफरत की राजनीति, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अनादर और राष्ट्र के प्रेरक व्यक्तित्वों के अपमान को अब जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। जागरूक भारत और जागरूक मध्य प्रदेश, भाजपा के हर अपमानजनक शब्द और हर घृणित बयान की लोकतांत्रिक कीमत उसे चुकवाकर ही दम लेगा।

Unclaimed Assets: वित्तीय क्षेत्र में निराकरण शिविर का आयोजन, लाभ उठाने की अपील

Unclaimed Assets

Unclaimed Assets Settlement camp organized financial sector avail benefits भोपाल। वित्तीय क्षेत्र मे अनक्लेम्ड अस्सेट्स के सुगम और त्वरित निराकरण के लिए शिविर का आयोजन वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार क्षेत्रीय निदेशक रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया सुश्री रेखा चंदानावेली की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय भोपाल मे किया गया। शिविर का आयोजन जिला अग्रणी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। जिसमें सभी बैंको के अधिकारी, एलआईसी के वरिष्ठ अधिकारी, न्यू इंडिया इंश्योरेंस एवं अन्य निजी क्षेत्र के इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी एवं हितग्राही उपस्थित रहे। स्वीकृति पत्र बांटे क्षेत्रीय निदेशक ने सभी वित्तीय संस्थानों के अनक्लेम्ड अस्सेट्स प्रकरणो को निपटान के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की एवं उनके लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी बांटे। शिविर के माध्यम से उन्होने भोपाल की जनता से भी इस अभियान का लाभ उठाने के लिए अपील की।

अपना पैसा-अपना अधिकार: अभियान के तहत भोपाल में विशेष शिविर, योजना का उठाएं लाभ

campaign

Special camp in Bhopal under the campaign “Your Money, Your Right” avail the benefits of scheme भोपाल। वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार “अपना पैसा अपना अधिकार” अभियान के अंतर्गत भोपाल जिले को चिन्हित किया गया है। यह अभियान 01 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक चलाया जा रहा है। संचालन 10 वर्षों से नहीं भोपाल कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष एक विशेष कैंप का आयोजन, प्रथम तल पर 14 नवम्बर 2025 को दोपहर 3:00 बजे किया जाएगा। सभी आमजनों से अनुरोध किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस योजना का लाभ उठाएं। इस अभियान के अंतर्गत ऐसे ग्राहकों के खाते जिनका संचालन विगत 10 वर्षों से नहीं किया गया है, तथा जिन खातों की राशि भारतीय रिज़र्व बैंक के शिक्षा जागरूकता फंड में स्थानांतरित की जा चुकी है, उन्हें पुनः सक्रिय किया जा रहा है। अभियान में ग्राहकों को उनके निष्क्रिय खातों के पुनः संचालन हेतु प्रेरित करने के साथ-साथ उनकी राशि का अंतरण कर उन्हें उनका अधिकार दिलाया जा रहा है। इस अभियान में बैंक, बीमा कंपनियां सहित अन्य सभी वित्तीय संस्थाएं भी सहभागिता निभा रही हैं।

MP News: मोहन सरकार से कर्मचारियों को बोनस देने की मांग

Mohan government

Mohan government to bonus demanded the employees भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने प्रदेश के पत्र लिखकर बोनस की मांग की है. प्रदेश के कर्मचारियों को भी राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की सरकार की तर्ज पर दीपावली पर बोनस देने की मांग की गई है. मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया है कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारी को दीपावली पर बोनस देने की घोषणा कर दी है. 22 साल से बंद है व्यवस्था अशोक पांडे ने बताया कि राजस्थान सरकार ने ग्रेङ पे 4800 पाने वाले लगभग 6 लाख कर्मचारियों को 6774 रुपए का बोनस देने का निर्णय लिया है वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने मेट्रिक लेवल 8 तक के कर्मचारियों को 30 दिन की परी उपलब्धियो के आधार पर प्रति कर्मचारी 6908 रुपए तक का बोनस देने की घोषणा की है लेकिन, मध्य प्रदेश सरकार ने 22 साल से बंद कर्मचारियों को बोनस देने की प्रथा को पुन शुरू करने की घोषणा नहीं की है. उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के साढे सात लाख कर्मचारियों में असंतोष का वातावरण निर्मित हो गया है. पांडे ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को 3% ङी ए भी नहीं दिया है. दीपावली जैसे राष्ट्रीय त्योहार एवं 1 नवंबर मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है, जबकि कर्मचारी सरकार की रीढ की हड्डी है.