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Niraj mishra

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Morena Police: सनसनीखेज डकैती का 6 दिन में खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार

Morena Police

Morena Police Sensational robbery solved in 6 days, 7 accused arrested मुरैना। थाना स्टेशन रोड क्षेत्र के मुडियाखेड़ा बायपास, अम्बाह रोड निवासी एक मावा व्यवसायी के घर में हुई सनसनीखेज डकैती का 6 दिन के अंदर मुरैना पुलिस ने खुलासा किया है। इस प्रकरण में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर सोने व चांदी के आभूषण, चार पहिया वाहन एवं अवैध हथियार जब्त किए हैं। घटना के बाद पुलिस महानिरीक्षक पुलिस महानिरीक्षक चंबल जोन श्री सचिन कुमार अतुलकर ने मौके का निरीक्षण कर तत्काल पुलिस टीम का गठन कर आरोपियों पर 30-30 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर उन्हें पकड़ने के निर्देश जारी किए थे। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की विभिन्‍न टीमें बनाई गईं। पुलिस अधीक्षक श्री समीर सौरभ द्वारा प्रकरण की लगातार समीक्षा की गई। वहीं पुलिस उपमहानिरीक्षक, चंबल रेंज मुरैना सुनील कुमार जैन द्वारा भी घटना स्थल का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए थे। 12 लाख रुपये की लूट राजाखेड़ा से गिरफ्तार मुखबिर सूचना पर थाना स्टेशन रोड की घटना में शामिल पांच आरोपियों को राजाखेड़ा, जिला धौलपुर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने अपने साथी अजय सविता पुत्र रामबाबू निवासी उदयपुर खालसा, जिला आगरा एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर मावा व्यापारी नवल किशोर गुप्ता के घर डकैती की घटना करना स्वीकार किया। इसके उपरांत दो और आरोपियों को भी राजाखेड़ा से गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार पुलिस ने कुल 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मोबाइल फोन जब्त आरोपियों के पास से 05 तोला सोने के आभूषण, 750 ग्राम चांदी, ₹4,53,750 नगद, घटना में प्रयुक्त हुंडई औरा कार (कीमत लगभग ₹8 लाख), 315 बोर के 02 देशी कट्टे, 04 जिंदा राउंड एवं 05 मोबाइल फोन जब्त किए गए। कुल बरामद मशरूका की कीमत लगभग ₹20 लाख है। प्रकरण में धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट का इजाफा किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के अतिरिक्त शेष तीन अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु प्रयास जारी हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में भय एवं आमजन में विश्वास की भावना उत्पन्न हुई है।

All India Police Sports Competition 2025: मध्‍यप्रदेश ने जीते स्‍वर्ण, रजत और कांस्‍य पदक

Police Sports

Madhya Pradesh Police officers won gold, silver and bronze medals in the All India Police Sports Competition 2025. भोपाल। अमरावती (आंध्र प्रदेश) में आयोजित 13 से 17 अक्‍टूबर तक पांच दिवसीय “ऑल इंडिया पुलिस गेम्स 2025” में मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। इस प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मियों ने भाग लिया था। मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से पावर लिफ्टिंग की टीम मेनेजर अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक कमला रावत के नेतृत्‍व में मंदसौर में पदस्‍थ आरक्षक भीम शंकर ने 105 किलोग्राम में उत्‍कृर्ष्‍ट प्रदर्शन करते हुए पावर लिफ्टिंग में गोल्‍ड मेडल प्राप्‍त किया। शानदार प्रदर्शन प्रतियोगिता में क्राइम ब्रांच इंदौर, DCRB शाखा में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक बबली खाकरे ने योगा चैंपियनशिप के सिंगल आर्टिस्टिक योगासन इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल तथा जीआरपी इंदौर में पदस्थ उप निरीक्षक (अ) पूनम शर्मा ने ट्रेडिशनल योगासन सिंगल इवेंट में उत्कृष्ट योग कौशल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अर्जित किया। पुलिस का मान बढ़ाया जम्‍मू कश्‍मीर में आयोजित 8 से 16 अक्‍टूबर तक ऑल इंडिया जूडो क्‍लस्‍टर 2025 प्रतियोगिता में महिला आरक्षक दीक्षा शर्मा ने पेंचक सिलेट सेनी (तुंगगल) ईवेंट में सिल्‍वर मेंडल, आरक्षक सुश्री कृष्‍णा वसुनिया ने कराते के कुमिते ईवेंट में कांस्‍य पदक, प्रधान आरक्षक श्री मनोज पहारे ने कराते के कुमिते ईवेंट में कांस्‍य पदक तथा महिला आरक्षक सुश्री तृप्‍ती पाण्‍डेय ने पेंचक सिलेट के टेंडिंग ईवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर मध्‍यप्रदेश पुलिस का मान बढ़ाया। सेवा भावना के साथ खेल इन सभी अधिकारियों की गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने हार्दिक बधाई दी और उन्हें निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इन सभी खिलाड़ियों के समर्पण, परिश्रम और अनुशासन ने न केवल मध्यप्रदेश पुलिस का सम्मान बढ़ाया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि विभाग के अधिकारी और जवान अपनी सेवा भावना के साथ-साथ खेल और फिटनेस के क्षेत्र में भी अद्वितीय प्रतिभा रखते हैं। उनके ये प्रदर्शन आगामी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और पुलिस बल की सशक्त, सकारात्मक एवं प्रेरक छवि को सुदृढ़ करते हैं।

MP Police: दीपावली पर लौटाया 1450 से अधिक गुम मोबाइल फोन, लोगों के खिले चेहरे

MP Police

MP Police Over 1450 lost mobile phones returned on Diwali भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने आधुनिक तकनीक, नवाचार और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए गुम एवं चोरी गए मोबाइल फोन की बरामदगी में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। “CEIR पोर्टल”, “सिटीजन कॉप एप्लिकेशन”, “ऑपरेशन उपहार” और “ऑपरेशन विश्वास” जैसे अभियानों के माध्यम से पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों के सुपुर्द किया है।इस माह प्रदेशभर में 1450 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं। जिनकी कुल अनुमानित कीमत करोड़ रुपये है। यह उपलब्धि पुलिस की तकनीकी क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण को उजागर करती है। 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य दीवाली के पूर्व रूप चौदस के दिन मिशन मोबाइल रिकवरी” अभियान के अंतर्गत विदिशा पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पिछले 15 दिनों में पुलिस टीम द्वारा 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य के 275 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। विदिशा पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में अब तक कुल 1112 मोबाइल, कुल कीमत ₹2 करोड़ 22 लाख 16 हजार के वास्तविक मालिकों को सौंपे जा चुके हैं। भोपाल जोन-04 में CEIR पोर्टल के माध्यम से 100 से अधिक मोबाइल फोन (मूल्य ₹17 लाख) बरामद किए गए। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, DCP मयूर खंडेलवाल तथा संपूर्ण टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी है। 760 मोबाइल फोन बरामद इंदौर पुलिस ने “सिटीजन कॉप एप्लिकेशन” के माध्यम से दीपावली के अवसर पर 272 मोबाइल फोन (मूल्य ₹1 करोड़) उनके स्वामियों को लौटाकर नागरिकों को “विश्वास का उपहार” दिया। वर्ष 2025 में अब तक कुल 760 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार जैसे अन्य राज्यों से भी मोबाइल खोजकर पूरी की गई है।छतरपुर पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” के तहत दीपावली पर 91 मोबाइल फोन लौटाए, और वर्ष 2025 में अब तक 540 मोबाइल फोन वापस किए हैं। इस दौरान लवकुशनगर थाना क्षेत्र में एक मोबाइल चोर की गिरफ्तारी भी हुई। अशोकनगर जिले में सायबर सेल ने दीपावली के अवसर पर नागरिकों को धनतेरस का विशेष उपहार देते हुए ₹7 लाख मूल्य के 70 मोबाइल फोन खोजकर सुपुर्द किए। मालिकों को सुपुर्द किए सिंगरौली पुलिस ने “संचार साथी (CEIR) पोर्टल” के माध्यम से प्रभावी कार्यवाही करते हुए लगभग ₹68 लाख मूल्य के 288 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। वहीं, मंडला पुलिस ने भी “मिशन मोबाइल रिकवरी” अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करते हुए नागरिकों को उनके 100 गुम मोबाइल फोन वापस लौटाए। मंदसौर पुलिस की सायबर सेल टीम ने “ऑपरेशन उपहार” के अंतर्गत ₹18 लाख मूल्य के 104 मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए। इस अभियान में अब तक 200 से अधिक मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं।इसी प्रकार शाजापुर, अलीराजपुर, सिवनी, भोपाल जीआरपी और इंदौर जीआरपी जिलों ने भी इस माह उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज कीं। इन जिलों द्वारा कुल 193 मोबाइल फोन भी लौटाए गए — जिनमें शाजापुर में 106, अलीराजपुर में 51, सिवनी में 19, भोपाल जीआरपी में 13 और इंदौर जीआरपी में 4 शामिल हैं। स्मार्ट पुलिसिंग पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि “मध्यप्रदेश पुलिस तकनीक और सेवा के सामंजस्य से प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षा और विश्वास का भाव पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन अभियानों से यह सिद्ध हुआ है कि गुमशुदा संपत्ति की बरामदगी केवल वस्तु वापस करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनविश्वास पुनर्स्थापना का सशक्त माध्यम है।” इन सभी प्रयासों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस “स्मार्ट पुलिसिंग” और “जनसेवा” के प्रति दृढ़ निष्ठा से कार्य कर रही है। डिजिटल तकनीक के अभिनव प्रयोग से प्रदेश पुलिस ने न केवल नागरिकों की खोई हुई संपत्ति लौटाई है, बल्कि जनविश्वास को भी सशक्त रूप से पुनर्स्थापित किया है।

MP News: पुलिस स्मृति दिवस, मुख्यमंत्री मोहन से मिलेंगे शहीद पुलिस जवानों के परिजन

Police Memorial Day

Police Memorial Day Families of martyred police personnel meet Chief Minister Mohan भोपाल। मध्‍यप्रदेश पुलिस स्मृति दिवस हर साल की तरह इस साल भी 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में यहां लाल परेड ग्राउंड स्थित “नवीन शहीद स्मारक” प्रांगण में सुबह 9.50 बजे प्रदेश का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इस गरिमामयी आयोजन में पुलिस के शहीद जवानों को पारंपरिक ढंग से श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। सम्मान सूची सौंपी जाएगी इस अवसर पर संयुक्त परेड द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का अभिवादन किया जाएगा और बैंड द्वारा सलामी धुन बजाई जाएगी। इसी कड़ी में पाल बेयरर पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री को सम्मान सूची सौंपी जाएगी। साथ ही शहीद स्मारक को सलामी दी जाएगी। देश के लिए शहादत दी मुख्यमंत्री महोदय वीरगति प्राप्त पुलिस जवानों के परिजनों , परेड कमांडर व पाल बेयरर पार्टी से भेंट करेंगे। सम्पूर्ण भारत में पिछले एक साल के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों की नामावली का वाचन भी पुलिस स्मृति दिवस पर होगा। इस वर्ष हमारे मध्‍यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों ने देश के लिए अपनी शहादत दी है। शहीद जवानों में निरीक्षक स्‍व. संजय पाठक, निरीक्षक स्‍व. रमेश कुमार धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक स्‍व. महेश कुमार कोरी, प्रधान आरक्षक स्‍व. संतोष कुशवाह, प्रधान आरक्षक स्‍व. प्रिंस गर्ग, प्रधान आरक्षक स्‍व. अभिषेक शिंदे, प्रधान आरक्षक स्‍व. गोविंद पटेल, आरक्षक स्‍व. अनुज सिंह, आरक्षक स्‍व. सुंदर सिंह बघेल एवं आरक्षक स्‍व. अनिल यादव शामिल हैं। याद में दिवस मनाया जाता है लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में 16 हजार फीट की ऊँचाई पर 21 अक्टूबर 1959 को सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी, सब इन्सपेक्टर करम सिंह के नेतृत्व में गश्त कर रही थी तभी चीनी सेना के साथ मुठभेड़ में 10 जवान शहीद हो गये थे। उन्‍हीं की याद में देश की समस्त पुलिस इकाईयों द्वारा हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

MP Police: साइबर कार्रवाई कर ₹22 लाख की राशि पीड़ितों को लौटाई , फर्जी सिम कार्ड जब्त

MP Police

Cyber ​​crackdown: ₹22 lakh returned to victims भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता बरत रही है। हाल ही में तथा पिछले माह के दौरान राज्य में साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने तीव्र कार्रवाई कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस की इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप पीड़ित नागरिकों की लाखों रुपये की राशि तकनीकी साधनों की सहायता से सुरक्षित वापस कराई गई है। ठगी के प्रकरणों में कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के हाल ही निर्देशन में राज्य के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने साइबर ठगी के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल ₹22,34,162 की राशि पीड़ितों को वापस कराई। इनमें पन्ना जिले में ₹16,70,000, देवास जिले में ₹3,28,962, शिवपुरी जिले में ₹1,60,000, टीकमगढ़ जिले में ₹44,700 तथा उज्जैन जिले में ₹30,500 की राशि वापस दिलाई गई। इन प्रकरणों में ठगी की राशि CyberOne App सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ट्रांजैक्ट की गई थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय, ऑनलाइन ट्रेसिंग, सी-डैक प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल की सहायता से यह राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित तकनीकी दक्षता और नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पुलिस की तकनीकी निपुणता उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। ग्वालियर जिले में ₹50,00,000, बालाघाट में ₹40,00,000, देवास में ₹1,79,500 तथा खरगोन जिले में ₹5,59,441 की राशि साइबर ठगी के प्रकरणों में वापस कराई गई थी। यह सफलता पुलिस की तकनीकी निपुणता, बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम रही है। साथ ही साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने वाले फर्जी मोबाइल सिम कार्डों के विरुद्ध “ऑपरेशन फास्ट” के तहत विशेष अभियान भी संचालित किया गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल लगभग 2,204 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए, जिनमें छतरपुर से 1,220, अनूपपुर से 500, उज्जैन से 352 और कटनी से 132 सिम कार्ड शामिल हैं। इस अभियान के माध्यम से साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने तथा भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं। बैंकिंग जानकारी साझा न करें मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों को सलाह देती है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या कॉल के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा एवं डिजिटल विश्वास सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की सघन कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।

MP News: पुलिसकर्मी अपना आचरण रखें उत्तम: डीजीपी कैलाश मकवाणा

DGP Kailash Makwana

mp DGP Kailash Makwana भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जोनल पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्त इंदौर-भोपाल के साथ बैठक की। बैठक में एडीजी (इंटेलिजेंस) साई मनोहर, आईजी लॉ एंड ऑर्डर अंशुमान सिंह सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। धनतेरस,दीपावली, गोवर्घन पूजा,भाईदूज एवं चित्रकूट,रतनगढ़ और हिंगोट मेले के अवसर पर प्रदेश में शांति, कानून-व्यवस्था एवं सौहार्द बनाए रखने के दृष्टिगत बैठक की गई। व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए डीजीपी मकवाणा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी जिलों में त्यौहारों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस व्यवस्था पूर्णतः चाक-चौबंद रखी जाए। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में पूरे बल की समीक्षा करें और संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बीट स्तर पर इंटेलिजेंस को सक्रिय रखने और सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से नागरिकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। डीजीपी मकवाणा ने बाजारों में प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा कि अधिकारी स्वयं पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। मकवाणा ने बताया कि शहरों के बाहरी इलाकों, मार्गों एवं प्रमुख स्थानों पर सतत पेट्रोलिंग रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपावली के दौरान अवैध पटाखा विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और वैध विक्रेताओं द्वारा सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा आगजनी की घटनाओं की रोकथाम हेतु फायर ब्रिगेड, नगरीय निकाय और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया। वीडियो पर सतर्क दृष्टि डीजीपी ने कहा कि शहरों के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि धर्म, जाति या समुदाय आधारित विवादों से जुड़े व्यक्तियों और स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मकवाणा ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले संदेशों और वीडियो पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। यदि कोई भ्रामक या विवादित सामग्री प्रसारित हो रही है, तो उसका तत्काल खंडन कर सही जानकारी जनता तक पहुँचाई जाए। डीजीपी मकवाणा ने आगे बताया कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाले प्रमुख त्यौहारों और मेलों के दौरान संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धनतेरस 18 अक्टूबर को है, दीपावली 20 अक्टूबर को, गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर और भाई दूज 23 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसी क्रम में अन्य बड़े आयोजन भी संपन्न होंगे, जैसे चित्रकूट मेला सतना में 19 और 20 अक्टूबर को, हिंगोट मेला इंदौर में 22 अक्टूबर को और रतनगढ़ देवी मेला दतिया में 23 अक्टूबर को आयोजित होंगे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम अनिवार्य डीजीपी मकवाणा ने मेला व्यवस्था में तैनात बल और अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनकी ब्रीफिंग केवल सामान्य नहीं, बल्कि उनके क्षेत्र की जिम्मेदारी के अनुसार विस्तृत हो। उन्होंने कहा कि पूर्व अनुभवों के आधार पर ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहाँ भीड़ अधिक रहती है और वहाँ अधिकारी स्वयं निरीक्षण कर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए और भीड़ वाले स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों को तत्काल दिशा-निर्देश दिए जा सकें। डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं पुलिसकर्मी अपने आचरण में शालीनता, संवेदनशीलता, ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखे, ताकि नागरिकों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि सुदृढ़ हो। डीजीपी ने कहा कि पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत हो। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश के सभी नागरिक अपने त्यौहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मना सकें।

MP News: भानपुरा प्रकरण की हो निष्पक्ष जांच, अभाविप ने की मांग

ABVP

ABVP demands fair investigation Bhanpura incident मंदसौर। जिले के गरोठ भाग अंतर्गत भानपुरा स्थित शासकीय महाविद्यालय में आयोजित युवा उत्सव कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ता उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने एक कक्ष में पंखा चलता देखकर संदेहवश झाँका, क्योंकि पूर्व में भी महाविद्यालय में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ प्रकाश में आई थीं जिनका अभाविप के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। संदेहवश की गई इस सामान्य क्रिया को कुछ लोगों द्वारा गलत अर्थ में प्रस्तुत किया गया, जबकि उक्त कक्ष किसी भी प्रकार का “गर्ल्स कॉमन रूम” नहीं था। जब कुछ छात्राओं को यह भ्रम हुआ कि फोटो या वीडियो बनाए गए हैं, उन्होंने प्राचार्य को सूचना दी। तत्पश्चात प्राचार्य ने सीसीटीवी फुटेज देखकर पुलिस को अवगत कराया। मोबाइल फोन की जाँच की पुलिस द्वारा संबंधित चार छात्रों को थाने ले जाकर उनके मोबाइल फोन की जाँच की गई, परंतु किसी भी प्रकार का फोटो, वीडियो या अनुचित सामग्री नहीं मिली। पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि की कि किसी भी छात्र द्वारा कोई अवैधानिक या अनुचित कार्य नहीं किया गया है।इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया। अभाविप के प्रांत मंत्री दर्शन कहार ने कहा कि, “भानपुरा प्रकरण में लगाए गए आरोप पूरी तरह बे-बुनियाद और तथ्यहीन हैं। अभाविप सदा से नैतिकता, अनुशासन और गरिमा के सिद्धांतों पर कार्य करती आई है।हमारे कार्यकर्ताओं ने न तो किसी की निजता का उल्लंघन किया है और न ही किसी प्रकार का अनुचित कृत्य किया है। पुलिस जाँच में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सिद्ध हो चुका है।विद्यार्थी परिषद निष्पक्ष जाँच में पूर्ण सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित कार्यकर्ताओं को जांच पूर्ण होने तक सभी दायित्वों से मुक्त किया गया है। परिसर में सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना ही परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”